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उत्तर प्रदेश : चित्रकूट में ईसाई धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़, बजरंग दल की सूचना पर 2 गिरफ्तार, तीसरा फरार: लालच में धर्म परिवर्तन करने वाले हिन्दुओं का सामाजिक बहिष्कार हो

    जबरन धर्मांतरण की जाँच के दौरान चित्रकूट पुलिस ने घुनुवा गाँव में छापा मारा और ईसाई धार्मिक साहित्य जब्त किया (साभार - दैनिक भास्कर)
जब तक बिकाऊ और लालची हिन्दुओं का सामाजिक बहिष्कार होगा हिन्दू समाज का भला नहीं हो सकता। ये लालची ही सनातन को संकट डालते हैं। आर्थिक तंगहाली का रोने वाले शराब के ठेकों पर भीड़ लगाए होते हैं। इस कटु सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। ये नंगा सच है। जब तक इन लालचियों का सामाजिक बहिष्कार नहीं होगा मजहब बदलने वाला समाज भी कुछ समय बाद इनको दुत्कारेगा। इस बात को वो भी समझते हैं जो अपने धर्म का नहीं हुआ किसी का नहीं हो सकता। दूसरे, कोई मजहब ज़िंदगी भर का ठेका नहीं लेता। लोहे को लोहा ही काटता है।  

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में शनिवार (11 अक्टूबर 2025) को पुलिस ने रायपुरा थाना क्षेत्र के घुनुवा गाँव में एक ईसाई धर्मांतरण रैकेट को नाकाम किया। यह कार्रवाई तब हुई जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इलाके में हो रहे जबरन धर्मांतरण की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने दो पुरुषों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपित फरार हो गया। मौके से ईसाई धार्मिक साहित्य भी जब्त किया गया। बजरंग दल के जिला सह-समन्वयक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि इलाके में करीब 40% गरीब हिंदू पहले ही ईसाई मजहब में परिवर्तित हो चुके हैं।

घुनुवा गाँव में धर्मांतरण गतिविधि की सूचना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बजरंग दल के जिला सह-समन्वयक शिवेंद्र प्रताप सिंह को जानकारी मिली कि घुनुवा गाँव में एक भारत वर्मा के घर पर धर्मांतरण बैठकें हो रही हैं। शिवेंद्र और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ गाँव पहुँचकर रायपुरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत घर पर छापा मारा, जिससे कई लोग मौके से भाग गए।

शुरुआत में पुलिस ने पूछताछ के लिए सात लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ के बाद चार ग्रामीणों को छोड़ दिया गया। तीन लोगों पर स्थानीय लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए पैसे देने का आरोप लगा। मौके से पुलिस ने कई नोटबुक और ईसाई मजहब से संबंधित धार्मिक सामग्री जब्त की।

ग्रामीणों ने आर्थिक प्रलोभन और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाया

छापे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने घुनुवा गाँव के भारत वर्मा और रामविशाल तथा मौ थाना क्षेत्र के हटवा गाँव के महेश पर आरोप लगाया कि वे करीब एक साल से उन्हें जबरन ईसाई मजहब अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। आरोपितों ने पैसे देने के साथ-साथ हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ भी कीं। आरोपित गरीब हिंदू परिवारों को प्रभावित करने के लिए प्रार्थना बैठकें और बाइबल की कहानियाँ सुनाने के कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे।

बजरंग दल के शिवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं, ‘40% गरीब हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन किया।’

बजरंग दल के शिवेंद्र सिंह और अश्विनी तिवारी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई, जिसे ऑपइंडिया ने देखा। शिकायत में उन्होंने बताया कि भारत वर्मा रामविशाल और महेश की मदद से एक साल से अधिक समय से प्रार्थना बैठकें आयोजित कर रहा था। आरोप है कि उन्होंने गरीब हिंदू परिवारों को पैसे देकर ईसाई मजहब में परिवर्तित किया। बैठकों के दौरान वे हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते और ईसा मसीह की तारीफ करते थे।
ऑपइंडिया से खास बातचीत में शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चित्रकूट में कई ईसाई और इस्लामिक समूह धर्मांतरण रैकेट में शामिल हैं। उन्होंने बताया की “स्थानीय गरीब हिंदू आबादी का लगभग 40% हिस्सा पहले ही ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुका है। हम उनके लिए घर वापसी का प्रयास कर रहे हैं,”
शिवेंद्र ने कहा, “बजरंग दल इन समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जब हमें सूचना मिलती है, तो हम पहले पुष्टि करते हैं कि हिंदुओं को ईसाई मत में बदलने के लिए प्रार्थना बैठकें हो रही हैं। पुष्टि होने पर हम तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर इन रैकेट को बंद कर देती है। केवल ईसाई समूह ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समूह भी हिंदुओं को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि केवल बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ही फर्क नहीं कर सकते। “हम धर्मांतरण रोकने के लिए व्यापक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अकेले हम सबको रोक नहीं सकते। यह हर स्थानीय हिंदू का कर्तव्य है कि वे मिलकर इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाएँ।” शिवेंद्र ने पुष्टि की कि मामले में रविवार (12 अक्तूबर 2025) की सुबह FIR दर्ज की गई है और तीसरे आरोपित की तलाश जारी है।

पुलिस जाँच जारी

मीडिया से बात करते हुए रायपुरा थाना के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला ने पुष्टि की कि दो आरोपितों भारत वर्मा और रामविशाल सविता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। तीसरा आरोपित महेश फरार हो गया है और उसे पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है। जब्त किए गए मजहबी साहित्य की जाँच की जा रही है और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है और दक्षिणपंथी समूह जिले में गैरकानूनी धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश : मुस्लिम नाबालिग ने बजरंग बली की प्रतिमा को तोड़कर जमीन में गाड़ा: जबलपुर में तनाव, भड़के लोगों ने अखाड़े पर लिखी चेतावनी- गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित; मानसिक रूप से अस्थिर जेहादी अपने इस्लाम को क्यों नहीं अपमानित करता?

                                   जबलपुर में अखाड़े पर लिखी चेतावनी (फोटो साभार: लल्लूराम)
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन तहसील के जय बजरंग अखाड़े में बजरंगबली की प्रतिमा को तोड़ कर जमीन में गाड़ दिया गया। इसके बाद अखाड़े की दीवारों पर “मुस्लिमों का प्रवेश पूर्णतः मना है, अंजाम कुछ भी हो सकता है” लिखकर हिंदुओं ने चेतावनी जारी की है, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाटन तहसील के जय बजरंग बली अखाड़े में घुसकर 14 साल के नाबालिग मुस्लिम लड़के ने बजरंगबली की प्रतिमा को खंडित कर जमीन में गाड़ दिया। आरोप है कि उसने प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ के अलावा अखाड़े में रखे डंबल इत्यादि उपकरणों को भी इधर-उधर फेंक दिया। इस कृत्य की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने मौके पर पहुँचकर प्रदर्शन किया और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।

पुलिस ने आरोपित नाबालिग को तुरंत हिरासत में ले लिया। जाँच में यह पता चला है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है, जिसके चलते उसके इलाज की भी व्यवस्था की जा रही है। हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने वाला अगर मानसिक रूप से अस्थिर होता है तो अपने इस्लाम पर क्यों नहीं अपमानित करता? क्या कोई मानसिक पीड़ित इतना उपद्रव कर सकता है, पुलिस जवाब दे? किसके इशारे पर पुलिस जेहादी को बचा रही है? इस गहरी साज़िश को बेनकाब करना होगा। पुलिस सख्ती से इस तथाकथित मानसिक पीड़ित से पूछे कि किसके इशारे पर उसने यह काम किया और इस काम के लिए कितना पैसा मिला? बिना किसी संरक्षण के कोई ऐसा काम नहीं कर सकता। जब इन जैसों को सख्त सजा नहीं मिलेगी बच्चों का इस्तेमाल कर जेहादी सनातन पर हमला करते रहेंगे।       

हिन्दुओं रोज रामभक्त हनुमान से विनती करे कि सिर्फ यही जेहादी ही नहीं, इसके पूरे परिवार और समर्थकों को वास्तव में मानसिक पीड़ित करें। और जब तक बजरंगबली की शरण में आकर ये उपद्रवी माफ़ी नहीं मांगे मानसिक पीड़ित बनाए रखे।  

इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अखाड़े की दीवारों पर चेतावनी लिखवाई। संगठन के जिला संयोजक राजा ठाकुर ने इसे धार्मिक भावनाओं पर हमला बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रखंड अध्यक्ष दिलीप श्रीवास ने भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले किसी भी कृत्य के खिलाफ सख्त कदम उठाने की माँग की।

एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद पाटन थाना क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से धार्मिक सौहार्द्र प्रभावित होता है। वहीं, हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि यह उनकी आस्था पर सीधा हमला है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

तेलंगाना : भगवान की पवित्र भूमि से खिलवाड़ नहीं करेंगे बर्दाश्त: चिलकूर बालाजी मंदिर के पास बन रही थी अवैध मस्जिद, बजरंग दल के विरोध के बाद निर्माण रुका

                                                                    तेलंगाना में प्रदर्शन
तेलंगाना के चिलकुर बालाजी मंदिर के पास एक जमीन को वक्फ जमीन बताकर वहाँ मस्जिद बनाया जा रहा है। अब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसी का विरोध करते हुए कॉन्ग्रेस प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि मंदिर की पवित्रता के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने निर्माण हो रहे मस्जिद को गिराने की माँग की है।

चिलकुर बालाजी देवस्थानम के अर्चक सीएस रंगराजन ने कहा, “चिलकुर बालाजी मंदिर के आसपास की जमीन पवित्र है और बहुत लंबे समय से मौजूद है। जिस तरह तिरुपति बालाजी मंदिर के आसपास की जमीन पूजनीय है, उसी तरह चिलकुर बालाजी मंदिर के आसपास का इलाका भी उतना ही पवित्र है और भगवान इसके असली मालिक हैं क्योंकि भगवान वेंकटेश्वर ने खुद को उन्हें सिलकुर में प्रकट किया है। यह अन्य धर्मों के पूजा स्थलों के लिए जगह नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि मंदिर की पवित्रता को सुनिश्चित करना पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों की जिम्मेदारी है। वह बोले, “मंदिर के दो किलोमीटर के भीतर एक नई मस्जिद बनाई जा रही है। वे भी हमारे भाई हैं और हम उनसे प्यार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार और मस्जिद बनाने वालों से यह अनुरोध है कि भूमि की पवित्रता और स्वामित्व को बरकरार रखा जाए। यह प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय से हमारी सम्मानजनक अपील है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यहाँ किसी अन्य धर्म के लिए कोई नया पूजा स्थल न बनाया जाए।”

बजरंग दल के राज्य संयोजक शिवरामुलु ने माँग की कि स्थानीय तहसीलदार जिन्होंने निजी भूमि को वक्फ भूमि बताने वाली रिपोर्ट बनाई, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुस्लिम एमएलसी की बात सुनी गई, साइट पर बोरवेल खोदने का काम हुआ। उनके मुताबिक इन सबसे दौरान पुलिस मौके पर थी और निर्माण कार्य करते समय स्थानीय लोगों को आतंकित कर रही थी। इसी के बाद बजरंग दल ने चेतावनी दी कि हिंदू समुदाय अपने खिलाफ साजिश का जवाब देगा।

इस मामले में ताजा अपडेट के अनुसार हिंदू कार्यकर्ताओं और सीएस रंगराजन द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद, जिला कलेक्टर ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और मस्जिद के निर्माण को रोक दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर निर्माण जारी रहा तो प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

गुजरात : ‘एक और गोधरा की साजिश’: कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने श्रद्धालुओं से भरी बस को रोका, कहा – हमारे इलाके में नहीं चलेगा ‘जय श्री राम’

             अहमदाबाद में मुस्लिम भीड़ ने रोकी हिंदू बस, धमकाया (फोटो साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब)
गुजरात के अहमदाबाद से इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ की नापाक हरकत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इसमें कई कट्टरपंथी मुस्लिम हिंदू कार्यकर्ताओं से भरी एक बस को बीच सड़क पर घेरकर धमकाते नजर आ रहे हैं।

बजरंग दल ने 8 अक्टूबर, 2023 को अहमदाबाद के रिवरफ्रंट पर ‘शौर्य यात्रा’ का आयोजन किया था। यात्रा समाप्त होने के बाद हिंदू कार्यकर्ता अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान यह घटना सामने आई। शुरुआत में यह वीडियो जमालपुर का बताया जा रहा था। लेकिन, ऑपइंडिया की पड़ताल में सामने आया कि वीडियो डानिलिमडा के चंदोला इलाके का है।  

बताया जा रहा है कि हिंदू यात्री बस में बैठकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए रामधुन गा रहे थे। बस जैसे ही डानिलिमडा के चंदोला पहुँची, वहाँ मौजूद मुस्लिम भीड़ ने बस को रोक लिया। इसके बाद उन कट्टरपंथियों ने हिंदुओं से ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने को लेकर सवाल करना शुरू कर दिया। वीडियो में मुस्लिमों को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “तुम हमारे क्षेत्र में (‘जय श्री राम’ के) नारे क्यों लगा रहे हो? अगर नारे लगाना चाहते हो तो अपने क्षेत्र में जाओ वहाँ लगाओ।” बता दें कि चंदोला मुस्लिम बाहुल्य इलाका है।

वहीं, वीडियो में एक अन्य मुस्लिम धमकी भरे लहजे में हिंदुओं से सवाल करता नजर आ रहा है। वह कहता है, “अगर हम तुमलोगों के इलाके में नारा-ए-तकबीर और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाएँ तो क्या होगा?” इस वीडियो में पुलिसकर्मी भी खड़े दिखाई दे रहे हैं। लेकिन, इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ के आगे वे भी बेबस नजर आए।”

इस मामले में ऑपइंडिया ने ‘विश्व हिंदू परिषद’ (VHP) गुजरात के प्रवक्ता हितेंद्र सिंह राजपूत से बात की। इसमें उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। क्या अब गुजरात में हिंदुओं के ‘जय श्री राम’ बोलने पर प्रतिबंध है? मुस्लिम भीड़ का हिंदू तीर्थयात्रियों की बस रोकने के पीछे आखिर क्या मकसद था?”

साल 2002 में हिंदू कारसेवकों से भरी साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की कोच में आगे लगाने की घटना को याद करते हुए हितेंद्र ने आगे कहा, “हिंदू तीर्थयात्री अपने घर लौट रहे थे। इसको रोकने का क्या मतलब था? इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है? कहीं ये लोग एक और गोधरा कांड को तो अंजाम नहीं देना चाहते थे?”

इसके अलावा उन्होंने गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी और गुजरात पुलिस के डीजीपी से मामले की गहराई से जाँच करने का अनुरोध किया है। उन्होंने वायरल वीडियो के आधार पर इसमें दिख रहे इस्लामी कट्टरपंथियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। बता दें कि इस मामले में अब तक किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन, इसको लेकर सोशल मीडिया में हिंदू अपना गुस्सा दिखाते नजर आ रहे हैं।

झारखंड : मस्जिद के पास हिन्दुओं पर हमला, राम मंदिर वाली ‘शौर्य जागरण यात्रा’ से लौट रहे थे श्रद्धालु

झारखंड के हजारीबाग में हिन्दू श्रद्धालुओं की बस पर मस्जिद के पास हमला
झारखंड के हजारीबाग में हिन्दुओं पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। राज्य की राजधानी राँची में आयोजित ‘शौर्य जागरण यात्रा’ से लौट रहे हिन्दू कार्यकर्ताओं पर पेलावल इलाके में पत्थर बरसाए गए। इसमें एक महिला समेत 10 लोग घायल हो गए हैं। ये घटना एक मस्जिद के पास रविवार (8 अक्टूबर, 2023) को रात पौने 9 के करीब हुई। स्थानीय पुलिस अधीक्षक (SP) का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है और इस आधार पर गिरफ्तारियाँ की जाएँगी।

वहीं ‘अमर उजाला’ की खबर में बताया गया है कि पत्थरबाजी करने वाले समुदाय के लोगों का कहना है कि मस्जिद के सामने हिन्दू श्रद्धालुओं की बस रुकी थी और वहाँ धार्मिक नारे लगाए गए। SP ने दावा किया कि समय पर पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुँच गए, जिस कारण एक बड़ी घटना होने से बच गई। हिंसा कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा, जिसके बाद बस को जहाँ जाना था वहाँ के लिए रवाना किया गया। पुलिस का कहना है कि पत्थरबाजों की पहचान कर ली गई है।

साथ ही जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया है। बता दें कि जनवरी 2024 में राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है और इसके लिए देश के लाखों गाँवों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना चल रही है। ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ की युवा शाखा ‘बजरंग दल’ ने राँची में ‘शौर्य जागरण’ नाम से 4 यात्राएँ निकाली हैं। हजारों कार्यकर्ता इन यात्राओं का हिस्सा बने। इस घटना के बाद ‘झारखंड मानवाधिकार महासभा’ ने पुलिस से अपील की है कि इन रैलियों पर कड़ी नज़र रखी जाए।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हज़ारीबाग में ‘बजरंग दल’ और ‘विश्व हिंदू परिषद’ के कार्यकर्ताओं पर जो हमला हुआ है उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी हेमंत सोरेन सरकार में एक ख़ास समुदाय के गुंडों को गुंडागर्दी करने की खुली छूट मिल चुकी है। अभी तक राँची में हुए उत्पात में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है और अब हज़ारीबाग़ में ये हमला हो गया।”

उन्होंने माँग की कि झारखंड पुलिस जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ़्तार करके क़ानून का राज स्थापित करे। बता दें कि इसी तरह जुलाई 2023 के अंत में हरियाणा के मेवात स्थित नूँह में भी हिन्दुओं की यात्रा पर न सिर्फ पत्थरबाजी की गई थी, बल्कि इसके बाद बड़े स्तर पर हिंसा भड़क गई थी और अस्पतालों तक में घुस तक तोड़फोड़ मचाई गई थी। कॉन्ग्रेस नेता मामन खान को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब उन्हें जमानत मिल चुकी है।

नूँह दंगों में AAP नेता जावेद को बचाने में जुटी पार्टी: स्थानीय कह रहे – ‘सोहना में दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर’


हरियाणा के मेवात के नूँह में हुए दंगों में एक नाम जो सामना आया है, वो है AAP नेता जावेद अहमद का। आपको याद होगा कि दिल्ली दंगों के मुख्य अभियुक्तों में भी AAP का ही तत्कालीन पार्षद रहा ताहिर हुसैन शामिल था। उसने अपने घर को हिन्दुओं पर हमले के लिए लॉन्चपैड बना दिया था और सशस्त्र दंगाइयों की भीड़ का नेतृत्व किया था। उस समय भी AAP शुरू में उसके बचाव में थी। ठीक उसी तरह, अब पार्टी अपने नेता जावेद अहमद को बचाने में लग गई है। इसके लिए FIR तक को झुठला रही है।

जावेद अहमद हरियाणा में ‘आम आदमी पार्टी’ का स्टेट कोऑर्डिनेटर है। 31 जुलाई, 2023 को सोहना में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार की हत्या के मामले में उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालाँकि, जावेद अहमद का दावा है कि वो घटना के वक्त वहाँ से 100 किलोमीटर दूर था, इसीलिए इस वारदात में उसकी संलिप्तता का सवाल ही नहीं उठता है। अगर आप याद करेंगे तो पाएँगे कि एक वीडियो बना कर ताहिर हुसैन ने भी दावा किया था कि वो खुद पीड़ित है और बार-बार पुलिस को कॉल कर रहा था।

कई विश्लेषकों ने उसके इस वीडियो को फर्जी और एडिट किया हुआ भी बताया था। अब आते हैं वापस नूँह दंगे पर, जिसमें नल्हड स्थित प्राचीन शिव मंदिर को चारों तरफ से निशाना बना कर गोलीबारी की गई। ये हमला ‘ब्रिजमंडल जलाभिषेक यात्रा’ के दौरान किया गया था। स्थिति ये हुई कि भीड़ अस्पताल तक में घुस गई और मरीजों को मारा-पीटा। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने भी इसे सुनियोजित साजिश के तहत हुआ हमला माना। आखिर भीड़ के पास इतने अत्याधुनिक हथियार आए कहाँ से, ये अभी तक चर्चा का विषय है।

जावेद अहमद को लेकर ऑपइंडिया का स्टिंग, जानिए स्थानीय लोगों ने क्या बताया

ऑपइंडिया की टीम नूँह में ग्राउंड पर पहुँची थी, जहाँ उसने ये स्टिंग किया। इस स्टिंग में स्थानीय लोगों ने बताया कि जावेद का यहाँ बहुत दहशत है। इस दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि जावेद की उम्र 50 के आसपास है, लेकिन वो खुद को मेंटेन (फिट) रखता है। उन्होंने बताया कि जावेद युवाओं को जिम कराने से लेकर उनका पूरा सर्कल बना रखा है। उन्होंने बताया कि भाजपा से पहले कॉन्ग्रेस की सरकार थी, उस दौरान ‘सोनिया गाँधी के किसी करीबी अहमद’ से उसकी अच्छी-खासी जान-पहचान थी।
इस दौरान इन लोगों ने बताया कि पूरे सोहना में जावेद के खिलाफ कोई नहीं बोलेगा, क्योंकि उसका खौफ है। उन्होंने ये भी बताया कि निकिता तोमर हत्याकांड में भी इसका कुछ न कुछ हाथ था, इसका भतीजा इसमें शामिल था। बता दें कि बता दें कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में कॉलेज के सामने निकिता तोमर की तौसीफ और रहमान की हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने कुछ साल पहले एक अन्य दंगे में भी जावेद का हाथ होने की बात कही और कहा कि अरावली की पहाड़ियों पर से पत्थर चलता था।
उन्होंने बताया कि कई डम्फर चलते थे। लोगों ने बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी से रिश्ते के कारण जावेद अहमद बचता रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि नूँह से कॉन्ग्रेस का विधायक चौधरी आफताब अहमद, जावेद अहमद का चाचा है। उन्होंने बताया कि चाचा-भतीजे की कॉन्ग्रेस आलाकमान से सीधी बातचीत थी। उन्होंने बताया कि 2009-10 में तहसील को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान आया था। उन्होंने इलाके में अवैध खनन की बात भी स्वीकारी। नूँह में ही जुलाई 2022 में अवैध खनन की जाँच करने गए डीएसपी सुरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी।
उन्हें ट्रक से कुचल कर मार डाला गया था। उन्होंने ये भी इंगित किया कि अवैध खनन के मामले में भी जावेद अहमद का हाथ है, लेकिन फिर भी वो नहीं पकड़ा जाता। उन्होंने बताया कि जो भी अपराधी चोरी-चकारी वगैरह में पकड़ा जाता है, उन सबको जावेद छुड़वाता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि किसी को फँसाना हो तो जावेद अहमद सुंदर लड़कियों को भी प्रशिक्षित कर के भेजता है और फिर केस करवा देता है। उन्होंने बताया कि सोहना में हमेशा से बाहर का ही विधायक बनता रहा है।
उन्होंने बताया कि गुज्जर यहाँ से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन उन्हें वोट नहीं पड़ते। इस दौरान उन्होंने एक गुज्जर नेता रोहतास की बात करते हुए कहा कि रिठोस गाँव में वो रहते हैं और 350 करोड़ रुपए की उनकी संपत्ति है, वो जीत सकते हैं लेकिन वो खड़े नहीं होते। उन्होंने ये स्वीकार किया कि इलाके में हिन्दुओं में एकता नहीं है। एक व्यक्ति ने बताया कि जावेद उस समय पुन्हाना में होने की बात कह रहा है, लेकिन मुंबई हाइवे से कहा कि 20-25 मिनट में उस टोल तक पहुँचा जा सकता है, जिस टोल का वीडियो सामने आया है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अगर आम आदमी पर हत्या का आरोप होता तो उन्हें न सिर्फ उठा लिया जाता, बल्कि टॉर्चर भी किया जाता। उन्होंने बताया कि उस दिन कोई आम आदमी दंगों की सुन कर आता ही नहीं, फिर भी जावेद अहमद आया। उन्होंने बताया कि इलाके के लोग खुल कर नहीं कह रहे, लेकिन इसका (जावेद अहमद का) कहीं न कहीं इस दंगे में हाथ है। उन्होंने कहा कि AAP ऐसे लोगों को ही टिकट देती है, जावेद अहमद भी 2024 के विधानसभा चुनाव में ‘आम आदमी पार्टी’ से खड़ा होगा और जीतेगा।
जावेद इससे पहले दूसरे-तीसरे नंबर पर आता रहा है, ऐसे में बिखरे वोटों को इकट्ठा करने के लिए ये साजिश रची गई – ये भी स्थानीय व्यक्ति ने बताया। साथ ही कहा कि डर के कारण कुछ हिन्दू भी जावेद अहमद की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि AAP के कुछ नेता सोहना आए थे, दिल्ली से। इस दौरान उन्होंने सोहना के ‘चाइल्ड पॉइंट’ में एक गुज्जर समुदाय के लड़के की हत्या का मामला बताया, जो 8-10 साल पहले का है। उन्होंने बड़ा खुलासा किया कि जेल से निकल कर आने के बाद जावेद को कंधे पर उठा कर लाया गया था और उसका स्वागत किया गया था।
लोगों का सवाल है कि इतनी जल्दी छतों पर पत्थर कैसे आ गए, हथियार कैसे जुटा लिए गए? उन्होंने बताया कि ये सामान्य हथियार नहीं थे, 100-200 मीटर की रेंज में लड़कों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि जिधर दंगे हुए, उस तरफ जाने से पहले सोचना पड़ेगा, कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए – इसका डर रहेगा। उन्होंने इसे एक बहुत बड़ी घटना बताते हुए कहा कि जान-माल के साथ कारोबार का भी नुकसान हुआ है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि बाहर के लोगों को भी इन्हीं लोगों ने बुलाया।
उन्होंने बताया कि किसी भी टोल तक 35-40 मिनट में पहुँचा जा सकता है, ऐसे में ये दावा सही नहीं है कि ये वहाँ से दूर था। साथ ही कहा कि सोहना में हुए दंगों में अधिकतर जावेद अहमद के लड़के थे, जो इसकी मर्जी के बिना पत्थर चलाना तो दूर, ये सड़क भी पार न करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जो हिंसा वगैरह हुई है, उसमें जावेद अहमद का हाथ था। साथ ही इलाके में 5-7000 रोहिंग्या मुस्लिमों के होने की बात भी कही गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मम्मन खान, आफताब अहमद और जावेद अहमद का एक गिरोह है, जिसने ये दिखाने के लिए ये सब किया कि अभी भी हमारा दबदबा है और आपलोग खुल कर नहीं जी सकते। ये बात भी सामने आई है कि ‘जावेद कॉलोनी’ इसने खुद के नाम पर बसाई थी। स्थानीय लोगों ने ये भी बताया कि जंगल की जमीनों पर भी अवैध बस्तियाँ बसाई जा रही हैं। साथ ही उनका ये भी दावा है कि इन कॉलनियों में अधिकतर अपराधी किस्म के युवक ही रहते हैं।

सोहने में दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर

इस दौरान ऑटो में यात्रा कर रहे कुछ लोगों से भी ऑपइंडिया की टीम ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर। उन्होंने बताया कि जावेद का नाम इन दंगों में पक्का आ रहा है, सोहना में जब भी कोई हिंसा होती है तो जावेद का हाथ होता ही होता है। उन्होंने बताया कि जावेद का नाम भले ही राजनीति के कारण छिपाया जा रहा हो, लेकिन सोहना में कोई भी दंगा होता है तो जावेद का नाम एक नंबर पर आता ही आता है।
स्थानीय व्यक्ति ने ये भी बताया कि बाईपास के उधर उसने ‘जावेद कॉलोनी’ बसा रखी है, जहाँ मकान और कोठियाँ हैं, जहाँ सारी साजिश रची जाती है। उसने बताया कि 2-3 साल पहले एक लड़के की हत्या हुई थी और सड़कों पर पत्थर बिछा दिए गए थे। उसने कहा कि जावेद अहमद उस समय कहीं और जाने की बात कह रहा है। उसने जावेद के खतरनाक व्यक्ति होने की भी पुष्टि की। उसने कहा कि यहाँ दंगा होगा तो वही करवाएगा – ये निश्चित है। उक्त व्यक्ति लखवा गाँव का है।

AAP नेता जावेद अहमद का दावा – हत्याकांड के समय वो घटनास्थल से दूर था

जावेद अहमद ने ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार हत्याकांड में संलिप्तता से इनकार करते हुए दावा किया कि वो उस समय घटनास्थल से 100 किलोमीटर की दूरी पर था। निरंकारी चौक थाने में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। कुछ CCTV फुटेज दिखा कर दावा किया कि वो टोल प्लाजा से गुजरा था। उसने कहा कि उसके गुजरने के 3 घंटे बाद ये घटना हुई और वो अगले दिन लौटा। उसने कहा कि उसे और पार्टी को बदनाम करने के लिए ये राजनीतिक प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है।
AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में पार्टी ने अपने कई नेता उतार दिए। AAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने जावेद अहमद पर दर्ज FIR पर सफाई देते हुए उल्टा बीजेपी पर ही पलटवार किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी को हरियाणा के लोग सिरे से खारिज करने लगे हैं। इसलिए बीजेपी अब षड्यंत्र रचना चाहती है और समाज को बाँटने का काम कर रही है। आज पूरा देश जानता है कि कौन दंगे भड़काता है और उसके बाद झूठी FIR कर दूसरे पार्टी के नेताओं को फँसाने का काम करते हैं।”

प्रदीप कुमार की हत्या में जावेद अहमद का हाथ: FIR

शिकायतकर्ता पवन कुमार ने एफआईआर में कहा है कि 31 जुलाई की रात लगभग 10.30 बजे प्रदीप कुमार और बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वह स्विफ्ट डिजायर कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान इस्लामवादियों की भीड़ ने उनकी कार पर जानलेवा हमला कर दिया। उनकी कार के पीछे बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं की दो कारें और एक पुलिस वैन साथ चल रही थी। उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी कार सोहना रोड पर पहुँची तो पुलिस ने बजरंग दल के सदस्यों को खुद ही आगे बढ़ने के लिए कहा।
पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि सोहना क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों ने सभी आवश्यक सुरक्षा जाँच कर ली है और रास्ता साफ है। पवन कुमार ने आगे कहा कि कुछ ही सेकंड में लगभग 150 इस्लामवादियों की भीड़ वहाँ आ गई और उनकी कार पर पथराव शुरू कर दिया। इसके कारण कार पर से उनका नियंत्रण हट गया और कार डिवाइडर से टकरा गई। जब कार रुकी तो उन्हें कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भीड़ का नेतृत्व कर रहा जावेद अहमद चिल्लाया, “उन सभी को मार डालो, जो होगा मैं संभाल लूँगा।”
अवलोकन करें:-
पवन कुमार ने एफआईआर में कहा, “जावेद अहमद की शह पर लोहे की रॉड, पत्थर, बंदूकों और अन्य हथियारों से लैस 20-25 इस्लामवादी हमारी ओर बढ़े और हमें पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने प्रदीप के सिर पर रॉड मार दी और वह नीचे गिर गए। वहाँ पर गोलियाँ चलने लगी। तभी पुलिस की गाड़ी वहाँ आ गई।” शिकायतकर्ता ने एफआईआर में आगे कहा कि पुलिस ने उन्हें भीड़ से बचाया और अस्पताल लेकर जाने लगी तो उन्होंने देखा कि देखा कि इस्लामवादी प्रदीप कुमार को लगातार लोहे की छड़ों और लाठियों से पीट रहे थे।

दिल्ली से लेकर हरियाणा तक दंगों में आम आदमी पार्टी नेता ही क्यों आरोपित?

ताहिर हुसैन के बाद अब नूँह दंगों में हत्यारोपित जावेद अहमद 
हरियाणा के नूँह और गुरुग्राम के इलाकों में हुई हिंसा में बजरंग दल के नेता प्रदीप कुमार की मौत हो गई थी। सोहना में प्रदीप की हत्या के मामले में AAP नेता जावेद अहमद के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी निकलकर सामने आ रही हैं कि जावेद का भतीजा तौसीफ फरीदाबाद के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में दोषी पाया गया था। उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आप नेता जावेद अहमद का नूँह दंगों में नाम आते ही आम आदमी पार्टी उसके बचाव में उतर गई है ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों में AAP ने मुख्य साजिशकर्ता ताहिर हुसैन के बचाव में किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, AAP नेता जावेद अहमद के सोहना इलाके में लगे पोस्टर में उसे अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बताया गया है। वहीं, नूँह दंगे में हत्या और मुस्लिम दंगाई भीड़ का नेतृत्व करने के मामले में आप नेता पर FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ट्वीट किया और अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा है। सचदेव ने लिखा, “दिल्ली में ताहिर हुसैन और अब हरियाणा में जावेद अहमद… जगह अलग हो सकती है, पर पार्टी एक ही है।”

सचदेव ने AAP सुप्रीमों अरविन्द केजरीवाल से सवाल पूछा है, “क्या दंगा करना और मासूमों की हत्या करना ही है AAP की अलग तरह की राजनीति है?” वहीं उन्होंने आगे AAP के दंगाई और हिंदू-विरोधी चेहरे की बात करते हुए केजरीवाल को लताड़ लगाई है। 

AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में उतरी पार्टी 

AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में पार्टी ने अपने कई नेता उतार दिए हैं। AAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा (Anurag Dhanda) ने जावेद अहमद पर दर्ज FIR पर सफाई देते हुए उल्टा बीजेपी पर ही पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “बीजेपी को हरियाणा के लोग सिरे से खारिज करने लगे हैं। इसलिए बीजेपी अब षड्यंत्र रचना चाहती है और समाज को बाँटने का काम कर रही है। आज पूरा देश जानता है कि कौन दंगे भड़काता है और उसके बाद झूठी FIR कर दूसरे पार्टी के नेताओं को फँसाने का काम करते हैं।”
AAP नेता अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि जावेद अहमद जो हमारी पार्टी के नेता है उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज करवाई गई है। उन्होंने दावा किया कि जहाँ पर ये घटना हुई उस दौरान जावेद उस जगह से करीबन 100-150 किलोमीटर दूर थे।

‘इन्हें मार दो बाकी मैं देख लूँगा’: जावेद अहमद 

बजरंग दल नेता प्रदीप की हत्या के मामले में पुलिस को एक फुटेज भी हाथ लगा है, जिस सीसीटीवी फुटेज में बजरंग दल के नेता प्रदीप को घायल अवस्था में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। बता दें कि 31 जुलाई को हुई हिंसा में बजरंग दल के नेता प्रदीप शर्मा को गाँव रायसीना के समीप गंभीर रूप से हमला किया गया था, जिसके 1 दिन बाद ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में आप नेता जावेद अहमद पर FIR दर्ज हुई है। 
दर्ज FIR में चश्मदीद पवन ने बताया, “नूहं के नल्हड़ मंदिर से प्रदीप कुमार और मुझे रेस्क्यू कराने के बाद नूहं की पुलिस लाइन लाया गया। वहाँ से रात 10:30 बजे वो अपनी तीन गाड़ियों में घर के लिए निकले। उन्हें एक पुलिस वैन एस्कॉर्ट कर रही थी, लेकिन सोहना के पास पुलिस वैन के पुलिसकर्मी ये कहते हुए चले गए कि आगे रूट क्लीयर है। इसके बाद एक स्कॉर्पियो कार ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। इसके बाद केएमपी पर उनकी गाड़ी को कार ने ओवरटेक करके रुकवा लिया। पवन के मुताबिक, “भीड़ में मौजूद जावेद अहमद ने कहा कि इन्हें मार दो बाकी मैं देख लूँगा।”
प्रत्यक्षदर्शी पवन के अनुसार, दंगाई मुस्लिम भीड़ ने दोनों को कार से निकाल कर बुरी तरह पीटा। पवन के मुताबिक उसे तो किसी तरह पुलिस भीड़ के चंगुल से निकाल कर ले गई, लेकिन प्रदीप नहीं निकल सके क्योंकि उनके सिर पर दंगाइयों ने रॉड मार दी थी। वहीं बाद में प्रदीप की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। पवन ने एफआईआर में लिखाया कि वो जावेद अहमद को अच्छी तरह पहचानते हैं। इसी बीच सोहना चौक पर 200 लोगों की भीड़ मिली जिसे जावेद अहमद लीड कर रहा था।
इससे पहले दिल्ली दंगों के समय भी तमाम वीडियो सबूत मिलने के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी अंत तक बचाती रही थी वही एक बार फिर दोहराया जा रहा है। AAP ने तब उलटा ताहिर हुसैन को ही पीड़ित बताते हुए कहा था कि भीड़ उसके घर में घुस गई। बता दें कि नूहं दंगा मामले में अब तक कुल 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है तथा 104 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। 

बजरंग पूनिया की इंस्टा स्टोरी में ‘बजरंग बली’ को देख भड़के वामपंथी-इस्लामी कट्टरपंथी, पहलवान ने डर से डिलीट किया पोस्ट

बजरंग दल का समर्थन करने पर बजरंग पूनिया का विरोध
जंतर-मंतर पर बैठकर WFI चीफ बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की माँग करने वाले पहलवान बजरंग पूनिया से रविवार (7 मई 2023) को वामपंथी-कट्टरपंथी नाराज हो गए। दरअसल, 7 मई 2023 को पूनिया ने इंस्टा स्टोरी पर बजरंग दल के समर्थन में ‘हनुममान जी’ की फोटो लगाई थी। इस फोटो के नीचे लिखा था- “मैं बजरंगी हूँ। बजरंग दल का समर्थन करता हूँ। जय श्रीराम।”

यही फोटो देखने के बाद वामपंथी-कट्टरपंथी गिरोह के कई लोग उनपर भड़क गए। उन्हें ‘धर्मांध’ कहा जाने लगा। उनकी स्टोरी के स्क्रीनशॉट शेयर कर करके लिखा जाने लगा कि वह लोग जिसे सपोर्ट कर रहे हैं, वह बजरंग दल का समर्थक है। बजरंग पूनिया को एक पोस्ट के चलते इतना ट्रोल किया गया कि बाद में उन्होंने अपनी स्टोरी डिलीट कर दी।

बजरंग पूनिया जंतर-मंतर पर बैठे उन नामी पहलवानों में से एक हैं जो इस समसय बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी से लेकर कॉन्ग्रेसियों का समर्थन मिला हुआ है। इस बीच पूनिया का एक पोस्ट देखते ही सब बिदक गए। बड़े-बड़े ट्विटर अकॉउंट ने उन्हें इस स्टोरी लगाने पर पाठ पढ़ाया।

रेडियो मिर्ची आरजे सायमा ने कहा, “सच में! तुमको सच में निर्णय लेना होगा बजरंग पूनिया कि तुम ऐसा मारकाट वाला समाज चाहते हो या फिर शांति वाला।”

शिरीन खान ने तो बजरंग पूनिया के लिए लिखा- ऐसे सांपों को समर्थन देने वालों को भी शर्म आनी चाहिए।

डॉ निमो यादव ने लिखा कि भले ही बजरंग पूनिया ने अपने इंस्टा से इस स्टोरी को हटा दिया है लेकिन उन्हें सामने आकर माफी माँगनी चाहिए। निमो यादव ने लोगों से अपील की कि जब बजरंग पूनिया के हैशटैग में बिलकुल भी उसका साथ न दें।

इतना ही नहीं निमो यादव के ट्वीट में कहा गया, “बजरंग पूनिया अपने आकाओं को खुश करने के लिए 2020 से पहले सांप्रदायिक पोस्ट करता था। 2 दिन पहले आकर रोने लगा कि भाजपा सांसद ने यौन उत्पीड़न किया। आज वो फिर बजरंग दल की फोटो लगा रहा है और भाजपा समर्थित पोस्ट शेयर कर रहा है। मैंने पहले ही कहा था एक धर्मांध, हमेशा धर्मांध रहता है।”

मोहम्मद आसिफ ने बजरंग पूनिया का पुराने ट्वीट दिखाया जो साल 2020 में किया गया था। इसमें लिखा है- “एक कुत्ता भी एक दिन रोटी खाकर आपका वफादारा बन जाता है लेकिन कुछ इंसान देश का अनाज जन्म से खा सके हैं फिर भी वफादार नहीं हो पाए।”

मोहम्मद आसिफ ने पुराने ट्वीट दिखाते हुए कहा, “ये सारे ट्वीट उनके लिए हैं जो जंतर-मंतर पर बैठे संघी पहलवानों को समर्थन कर रहे हैं।”

बजरंग पूनिया का यह पोस्ट कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र जारी होने के बाद ‘बजरंग दल’ के समर्थन में आया था। लेकिन जैसे ही वामपंथी-कट्टरपंथी इसका विरोध करने लगे तो इसे हटा लिया गया। अब ये लोग कह रहे हैं कि बजरंग पूनिया के पोस्ट डिलीट करने से काम नहीं चलेगा उन्हें इस पर माफी भी माँगनी चाहिए।


उत्तर प्रदेश : आजमगढ़ में जन्मदिन की पार्टी के बहाने ईसाई धर्मांतरण का खेल

        जन्मदिन की पार्टी के बहाने ईसाई धर्मांतरण का खेल, आजमगढ़ पुलिस ने किया भंडाफोड़ (तस्वीर- News 18)
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की दलित बस्ती में भूत-प्रेत बाधा व पैसों का लालच देकर ईसाई धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। ताजा मामला आजमगढ़ जिले के महराजगंज कस्बे के विष्णु नगर वार्ड का है, जहाँ जन्मदिन पार्टी के बहाने धर्मांतरण की कोशिश की जा रही थी। हालाँकि, पुलिस की मुस्तैदी ने इस प्रयास को नाकाम कर दिया। यहाँ धर्मांतरण करवाने वालों में लगभग सभी महिलाएँ ही थीं। वहीं बजरंग दल की सूचना पर पुलिस ने मौके से सभी 6 आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महराजगंज कस्बे के विष्णु नगर वार्ड की अनुसूचित जाति बस्ती में किराए के मकान में रहने वाली कप्तानगंज के पिपरी गाँव की इंद्रकला ने अपने बेटे के जन्मदिन पर 30 जुलाई को एक पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें आसपास के गाँवों के 100 से ज्यादा लोगों को बुलाया गया था। आरोप है कि आयोजक की रजामंदी से पहले यहाँ के लोगों में मिठाई बाँटी गई और फिर खाने से पहले एक किताब पढ़ने को दिया गया। यहाँ भूत-प्रेत बाधा को दूर करने व पैसों का लालच भी दिया गया। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचित किया कि इस कार्यक्रम में ईसाई धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वहीं कहा जा रहा है कि बजरंग दल की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने ईसाई धर्मांतरण के इस खेल का भंडाफोड़ कर दिया। जहाँ पुलिस को देखते ही कुछ लोग वहाँ से भाग खड़े हुए। वहीं तलाशी के दौरान पुलिस ने उन लोगों के पास से कुछ धार्मिक पुस्तकें और रफ कापियाँ बरामद की। जिन पर मज़हबी बातें लिखी हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कुमार ने कहा, “महराजगंज थाने में तैनात उप निरीक्षक कमलेश यादव स्टाफ के साथ क्षेत्र में थे, उसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि कुछ महिलाओं द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए गरीब लोगों को उकसाया जा रहा है और स्थानीय लोगों के विरोध करने पर उन्हें धमकी दी जा रही है। सूचना पाकर पुलिस महराजगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 की दलित बस्ती में पहुँची, जहाँ जन्मदिन पार्टी के बहाने लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था। फिलहाल मौके से 6 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूरे मामले में अग्रिम विधिक कर्रवाई की जा रही है।”

यहाँ धर्म परिवर्तन का खेल खेल रहे लोगों ने ऐसी साजिश रची कि किसी को शक न हो और उनका मकसद भी पूरा हो जाए। इसके लिए बर्थडे पार्टी को आयोजन का जरिया बनाया गया। और इसकी कमान 6 महिलाओं को सौंपी गई थी। इन आरोपितों में इन्द्रकला, सुभागी देवी, साधना, समता, अनीता, सुनीता को धर्मान्तरण के मामले में संलिप्त पाया, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

वॉल स्ट्रीट जर्नल तथा राहुल गांधी माफी मांगें: विहिप

दिसम्बर 18, 2020। विश्व हिंदू परिषद ने आज कहा है कि बजरंग दल के विषय में वॉल स्ट्रीट जर्नल की मिथ्या रिपोर्ट के आधार पर राहुल गांधी ने जिस प्रकार फेसबुक की आड़ में बजरंग दल को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा उससे उनकी मानसिकता की कलई खुल गई है। विहिप महासचिव श्री मिलिंद परांडे ने आज कहा कि टुकड़े टुकड़े गैंगसीएए विरोधियों तथा दिल्ली के दंगाइयों सहित अनेक राष्ट्र विरोधियों के साथ खड़े होकर उनकी पैरवी करने वाले राहुल गांधी को बजरंग दल जैसा राष्ट्रवादी संगठन आंखों में खटक रहा है। चीन के साथ उनके रिश्ते जगजाहिर हैं। उन्हें अमेरिकी जर्नल पर तो विश्वास है किंतु एक राष्ट्रव्यापी राष्ट्रवादी युवा संगठन पर नहीं!

विहिप महा सचिव ने वॉल स्ट्रीट जनरल से भी उसके इस अक्षम्य अपराध के लिए माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि उसने बजरंग दल की आड़ में भारत को बदनाम करने का जो दुस्साहस किया हैउसे हम कदापि स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि इससे पहले विक्की लीक के माध्यम से मीडिया में आई खबरों से स्पष्ट होता है कि श्रीमती सोनिया गांधी भी बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के अनेक षड्यंत्र रच चुकी हैं जिनमेंवे सफल नहीं हो पाईं। अब फेसबुक ने वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए जो सच्चाई बताई हैवह इन्हें पच नहीं पा रही। इससे इनकी विद्वेष पूर्ण हिन्दू विरोधी मानसिकता स्पष्ट परिलक्षित होती है।

श्री परांडे ने कहा कि राहुल गांधी तथा वाल स्ट्रीट जर्नल को बजरंग दल सहित देश के हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।

जारीकर्ता:

विनोद बंसल

राष्ट्रीय प्रवक्ता,