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राजस्थान : सरकारी स्कूल में रेप, पोर्न देख शोषण करता था हेडमास्टर

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित हेडमास्टर रमेशचंद्र कटारा (फोटो साभार: Bhaskar)
राजस्थान के डूंगरपुर के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से रेप के मामले की राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) भी जाँच कर रही है। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने जाँच टीम को स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने की बात कही है।

स्कूल के हेडमास्टर रमेशचंद्र कटारा पर ही छात्राओं से रेप का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार पोर्न मूवी देखकर वह स्कूल की 8 से 12 साल की बच्चियों के साथ दरिंदगी करता था। उन्हें डराता-धमकाता था। यह मामला 31 मई 2023 को तब सामने आया, जब ग्रामीणों ने सदर थाने में हेडमास्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद 3 जून को कटारा को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले को लेकर कानूनगो ने 8 जून को ट्वीट कर बताया, “राजस्थान के डूंगरपुर जिले में सरकारी स्कूल में 6 लड़कियों के बलात्कार के मामले में जाँच के लिए एनसीपीसीआर की टीम राजस्थान पहुँच चुकी है। कल (9 जून) डूंगरपुर में जाँच करेगी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिला प्रशासन का यथेष्ट सहयोग नहीं मिल रहा है।”

रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि हेडमास्टर छुट्टियों के दिन भी कार्यक्रम, पौधों को पानी देने और खेल-कूद के नाम पर उन्हें स्कूल बुलाता था। इस दौरान वह उन्हें स्कूल के ही कमरे में ले जाता। अश्लील फ़िल्म दिखाकर उनका यौन शोषण करता था। जब दर्द होने पर लड़कियाँ रोने लगतीं तो वह उन्हें फेल करने और तालाब में डूबा कर मारने की धमकी देता था।

एक पीड़ित छात्रा की माँ ने दैनिक भास्कर को बताया कि गर्मी छुट्टी होने के बाद भी हेडमास्टर लड़कियों को स्कूल बुलाता था। 29 मई 2023 को स्कूल से घर आने के बाद उनकी बेटी ने पेट में दर्द होने की शिकायत की। वह पहले भी ऐसा कह चुकी थी। इसलिए उसे हर बार की तरह दर्द की दवा दे दी। लेकिन अगले दिन उसने स्कूल जाने से मना कर दिया। जब इसका कारण पूछा तो उसने कहा कि यूरिन वाली जगह पर दर्द हो रहा है। वहाँ चोट जैसे निशान थे। पूछने पर उन्हें बेटी ने बताया कि हेडमास्टर ने उसकी ऐसी हालत की है। वह स्कूल की अन्य लड़कियों के साथ भी ऐसा ही करता है।

एक पीड़िता ने हेडमास्टर की करतूतें बताते हुए कहा है कि पढ़ाई के नाम पर हेडमास्टर आए दिन गंदी हरकतें करता था। एक बार वह स्कूल की लड़कियों को घुमाने के बहाने डूंगरपुर के तालाब ले गया था। वहाँ उसने कहा कि इसमें मगरमच्छ रहता है। तुम लोगों के साथ जो रहा है वह किसी से बताया तो इसी में फेंक दूँगा। मगर तुम लोगों को जिंदा खा जाएगा। हेडमास्टर की धमकियों के बाद सब लड़कियाँ बुरी तरह डर गई।

हेडमास्टर की घिनौनी हरकत का शिकार हुई एक पीड़िता के परिजनों का कहना है कि सर्दियों की छुट्टियों में हेडमास्टर स्कूल आता था। इसके बाद वह लड़कियों को अपनी कार में बैठाकर घर ले जाता और वहाँ उनका यौन शोषण करता। हेडमास्टर रमेशचंद्र कटारा गाँव वालों के सामने अच्छा बनने का नाटक करता था। वह गाँव के लोगों की मदद भी करता था। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों को कभी भी उस पर शक नहीं हुआ। इसका ही फायदा उठाकर वह लड़कियों का यौन शोषण करता रहा। एक पीड़िता की माँ ने कहा है कि हेडमास्टर ने 6 नहीं, बल्कि 10 लड़कियों का यौन शोषण किया है।

इस पूरे मामले में एसपी कुंदन कवरिया का कहना है कि हेडमास्टर को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है। अब तक 6 लड़कियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। कुछ और मामले सामने आ सकते हैं। पीड़ित छात्राएँ 8 से 12 साल की हैं।

कर्नाटक : 5000 रुपए का ईनाम रख पैगंबर मुहम्मद पर निबंध प्रतियोगिता करा रहा था हेडमास्टर अब्दुल मुनाफ

साभार ANI 

कर्नाटक के धरवाड़ क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में गुप्त रूप से इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने के कारण कार्रवाई की गई है। गडक जिले में स्थित सरकारी स्कूल के हेडमास्टर अब्दुल मुनाफ को निलंबित कर दिया गया है।

कर्नाटक सरकार की ओर इसे इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करने का किसी तरह का निर्देश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद हेडमास्टर ने पैगंबर पर गुप्त रूप से प्रतियोगिता आयोजित की। लोक निर्देश के अतिरिक्त आयुक्त सिद्रमप्पा एस. बिरादर ने बताया, “प्रारंभिक जाँच के दौरान हेडमास्टर के खिलाफ आरोप सही साबित हुए। यही वजह है कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है।”

घटना नागवी के सरकारी हाईस्कूल की है। मामले का खुलासा हिंदू संगठन श्रीराम सेना के सदस्यों द्वारा प्रधानाध्यापक के विरोध के बाद हुई। इसके बाद बुधवार (28 सितंबर 2022) को घटना की जाँच शुरू की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक शिकायत दर्ज की गई थी और वह शिकायत की एक प्रति राज्य शिक्षा विभाग के उप-निदेशक को भेजेंगे।

जाँच में पाया गया कि प्रधानाध्यापक मुनाफ ने अन्य शिक्षकों या विभाग को बताए बिना कक्षा 8 के 43 छात्रों को पैगंबर मुहम्मद पर एक पुस्तक देकर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया था। प्रधानाध्यापक अब्दुल मुनाफ ने कथित तौर पर बच्चों को किताबें दीं और इस प्रतियोगिता के लिए 5,000 रुपए के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की।

एक अभिभावक शरणप्पा गौड़ा हापलाद ने कहा, “मुझे पता चला कि स्कूल के प्रधानाध्यापक निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित करके और 5,000 रुपए का नकद पुरस्कार घोषित कर छात्रों के दिमाग में इस्लाम थोपने की कोशिश कर रहे थे। लड़के और लड़कियों को 5,000 रुपए जीतने की उम्मीद में निबंध लिखने के लिए कहा गया था।”

उन्होंने छात्रों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए आगे बताया, “हेडमास्टर अब्दुल मुनाफ का इरादा छात्रों का धर्म परिवर्तन कराना था। इसलिए मैंने श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं को सूचित किया। मैं जानना चाहता हूँ कि पैगंबर मुहम्मद पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने के पीछे और क्या इरादा हो सकता है।”