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कोरोना पर भी अरविन्द केजरीवाल द्वारा निचले स्तर की राजनीति ; Live कर दी मीटिंग

                                                 पीएम के साथ मीटिंग का वर्जन केजरीवाल ने करवाया प्रसारित!
देश में कोरोना महामारी के कारण हर जगह हालत बिगड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र ने इसी स्थिति को देखते हुए शुक्रवार (अप्रैल 23, 2021) को सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस बैठक में महाराष्ट्र, उतर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

बैठक में ऑक्सीजन आपूर्ति, रमेडेसिविर जैसी आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता पर बात हुई। इससे पहले पीएम अधिकारियों से मीटिंग कर स्थिति के बाबत उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट माँग चुके थे। बैठक में शामिल सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने सुझाव दिए। 

मसलन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम मोदी के साथ चल रही बैठक में कहा कि केंद्र और राज्य को मिलने वाली वैक्सीन की कीमत एक होनी चाहिए। वहीं एक मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लगने वाली वैक्सीन के लिए कोरोना के टीके की उपलब्धता को लेकर केंद्र राज्य सरकारों को एक्शन प्लान जारी करे।

लेकिन, इस बैठक के बाद जो बात चर्चा में आई, वह अरविंद केजरीवाल और हर मामले में राजनीति करने वाली उनकी आदत थी। दरअसल, इस बैठक में केजरीवाल ने लाचारों की तरह पहले पीएम मोदी से ऑक्सीजन को लेकर अपील की और बाद में क्लोज डोर मीटिंग की बातचीत पब्लिक कर दी।

इस हरकत के बाद सरकारी सूत्रों ने केजरीवाल पर राजनीति करने का आरोप मढ़ा। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने पीएम से हुई अपनी बातचीत का प्रसारण कर दिया, जो कि नहीं होना था। बाकी लोगों को भी इसकी जानकारी नहीं थी कि अरविंद केजरीवाल क्या कर रहे हैं। किसी को सूचना दिए बगैर पीएम के साथ हुई बैठक में अपनी बात का सीएम ने प्रसारण किया।

पिछले 1 वर्ष से भी अधिक समय से लगातार कोरोना पर योजनाएँ बन रही हैं और उसे लागू किया जा रहा है, तभी देश पहली लहर से भी बाहर निकला था और अब तक 13.54 करोड़ लोगों का टीकाकरण भी हो चुका है। बैठक में अरविंद केजरीवाल कोरोना के कारण दिवंगत आत्माओं की शांति की बातें कर रहे थे। जबकि वो खुद PM के साथ बैठक के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे थे।

स्थिति ये आ गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें टोकना पड़ा। पीएम ने AAP सुप्रीमो को याद दिलाया कि अब तक की जो परंपरा रही है, प्रोटोकॉल रहा है – ये उसके बिलकुल ही खिलाफ हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई मुख्यमंत्री इस तरह की ‘इन हाउस मीटिंग’ का लाइव प्रसारण कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सब को संयम का पालन करना चाहिए। उन्होंने इस हरकत को अनुचित बताया।

इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस बैठक का ‘शोक सभा’ की तरह प्रयोग करते हुए कोरोना से मृत लोगों की आत्माओं की शांति से लेकर उनके परिजनों को दुःख सहने की क्षमता देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की बातें करने लगे। केजरीवाल ने कहा, “अगर मेरी तरफ से कोई गुस्ताखी हो गई है, अगर मैंने कुछ कठोर बोल दिया हो या मेरे आचरण में कोई गलती हो तो मैं उसके लिए आपसे माफ़ी चाहता हूँ।”

इसके अलावा केजरीवाल की स्पीच भी पूर्णत: राजनीति से प्रेरित थी। ऐसा पहली बार हुआ है कि पीएम के साथ हुई ऐसी निजी बातचीच को प्रसारित कर दिया गया हो। टेलीविजन वाले भी नहीं समझ पाए कि आखिर ये फुटेज आ कहाँ से रही है। लेकिन केजरीवाल को मालूम था कि उनकी स्पीच सार्वजनिक हो रही है। 

केजरीवाल द्वारा की गई इस हरकत के बाद इसे विश्वास के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल को एक आपदा कहा है। मालवीय के अनुसार, केजरीवाल बिना तैयारी के पीएम के साथ बैठक में बैठते हैं। उन्हें चीजों की कोई जानकारी नहीं है कि राजधानी में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पहले ही चीजें की जा रही हैं और टीकों की कीमत से भी वह बेखबर हैं। मालवीय का पूछना है कि आखिर ये शख्स दिल्ली को कैसे बचाएगा।

केजरीवाल ने इस बैठक में दिल्ली में हो रही ऑक्सीजन की कमी को उजागर कर राजनीति करनी चाही और इस तरह से ये दर्शाया कि उन्हें मदद नहीं मिल रही। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, केजरीवाल ने एक जगह कहा, “दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी है। क्या अगर यहाँ कोई ऑक्सीजन प्रोड्यूसिंग प्लांट नहीं होगा तो दिल्ली को ऑक्सीजन नहीं मिलेगी। कृपया मुझे बताएँ कि जब दिल्ली आने वाला ऑक्सीजन सिलिंडर दूसरे राज्य में रोका जाए तो केंद्र सरकार से इस संबंध में किससे बात करें।”

केजरीवाल की इस नासमझी पर सरकारी सूत्रों ने उन पर निशाना साधा। सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल ने जानबूझकर वैक्सीन की कीमत पर झूठ बोला। सीएम केजरीवाल ने एयरलिफ्ट की बात कही लेकिन वो नहीं जानते कि ये पहले से हो रहा है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल एकदम निचले स्तर पर गिर गए हैं। उनका पूरा भाषण किसी समाधान के लिए नहीं बल्कि राजनीति खेलने और जिम्मेदारी से बचने के लिए था।

भाजपा नेता संबित पात्रा ने केजरीवाल की इस हरकत को घटिया राजनीति कहा। उन्होंने कहा कि क्लोज डोर मीटिंग को सार्वजनिक करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए। ताकि राजीनित में नंबर बढ़ाए जा सकें।

दिल्ली के हालात अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत बदतर हो रहे हैं। गुरुवार को यहाँ 26 हजार से ज्यादा केस आए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या अब बढ़कर 956,348 हो गई और सबसे चिंताजनक बात ये है कि यहाँ संक्रमण दर रिकॉर्ड भी 36 प्रतिशत हो गया है, जिसके बाद कल राजधानी में 306 मृत्यु हुई।