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केरल : ‘कम्युनिस्ट नेताओं की शह पर उठाई जा रहीं मुस्लिम लड़कियाँ, गैर-मुस्लिमों से करवा रहे शादी’: मौलाना नासर, सचिव, सुन्नी युवजन सभा

                                             मौलाना नासर (चित्र साभार: Indian Express & TV9)
बीते कुछ समय से केरल में मुस्लिमों द्वारा हिंसा और ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आए हैं, जिससे यहाँ गैर-मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी रहती हैं। इन सब के बीच केरल के मौलाना का कहना है कि मुस्लिम लड़कियाँ गैर मुस्लिमों द्वारा जान बूझ कर फँसाई जा रही हैं और उनका मजहब परिवर्तन करवाया जा रहा है।

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा की सुन्नी युवजन सभा के सचिव मौलाना नासर फैजी कूडथई ने 6 दिसम्बर, 2023 को कोझिकोड में यह बयान दिया है। उसने केरल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार पर मुस्लिम लड़कियों की दूसरे धर्मों में शादी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं।

मौलाना नासर ने कहा है कि मुस्लिम लड़कियाँ उठाई जा रही हैं और गैर-मुस्लिमों से ब्याही जा रही हैं। उसने मुस्लिम समुदाय को इससे बचने और सेक्युलरिज्म के नाम पर चलाई जाने वाली सीपीएम की चालों से सावधान रहने को कहा। मौलाना नासर ने कहा, “बीते दिनों में हमने अंतरधार्मिक शादियों को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक रणनीति को देखा है। संविधान यह अधिकार देता है कि मुस्लिम, मुस्लिम से और हिन्दू, हिन्दू से विवाह करे। लेकिन कुछ मूर्खों को यह लगता है कि भारतीय संस्कृति को तभी बढ़ावा मिलेगा जब हिन्दू-मुस्लिम विवाह हो।”

आगे मौलाना नासर ने कहा, “मुस्लिम लड़कियाँ पार्टी और अखबार के दफ्तरों, CPM, DYFI और SFI के नेताओं की शह पर उठाई जा रही हैं और उनका विवाह गैर मुस्लिमों से किया जा रहा है। मह्ल्लू (मस्जिद) कमेटियों को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।”

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा के केरल की पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ सम्बन्ध हैं। यह पार्टी केरल में कांग्रेस के UDF गठबंधन में शामिल है। केरल में वर्ष 2016 से ही कांग्रेस सत्ता से बाहर है और कम्युनिस्ट सरकार के विपक्ष में है।

यह पहली बार देखा गया है कि किसी मुस्लिम मौलाना ने अंतरधार्मिक विवाहों के विरोध में आवाज उठाई हो। यह बात ध्यान देने वाली है कि केरल में लगातार हिन्दू महिलाओं के साथ ‘लव जिहाद‘ के मामले सामने आते रहे हैं। सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि केरल के ईसाई समुदाय के लोगों ने भी ईसाई लड़कियों के मुस्लिम लड़कों द्वारा फँसाए जाने को लेकर आवाज उठाई है।

ऐसे मामलों में मुस्लिम युवक हिन्दू लड़कियों को झूठी पहचान के आधार पर प्यार के नाम पर फंसाते हैं और बाद में उनका इस्लाम में परिवर्तन करवाते हैं। ऐसा करने पर उन्हें आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। इस काम में कई इस्लामिक संस्थाएँ और कई मुस्लिम देश लगे हुए हैं।

बीते दिंनों जब केंद्र सरकार ने संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया था तब भी हिन्दू लड़कियों को धर्मान्तरित करने के ऐसे ही कई मामले प्रकाश में आए थे। PFI लगातार मुल्सिम युवाओं से आह्वान करती थी कि वह हिन्दू लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित करें। PFI ने ऐसा करने वाले लड़कों के लिए 2 लाख रूपए नकद, एक दुकान और एक घर का पुरस्कार रखा हुआ था। इन सबके पीछे केरल में अंदर तक पहुँच चुका इस्लामिक कट्टरपंथ है। इसको मुख्यधारा की मीडिया द्वारा इतना प्रकाश में नहीं लाया जाता।