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तेलंगाना : अम्मी दावत दे दो 18 बार हो चुका है मेरा निकाह… जब हैदराबाद की लड़की(16 साल) का आया कॉल, नरेंद्र मोदी ने कहा सब देखें यह इंटरव्यू

                                                 माधवी लता की बेबाकी के मुरीद हुए मोदी
माधवी लता (Maadhavi Latha) हैदराबाद से बीजेपी की उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी से है। इंडिया टीवी के रजत शर्मा की ‘आप की अदालत’ को दिया माधवी लता का इंटरव्यू चर्चा में है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से यह इंटरव्यू देखने की अपील की है।

कल(6अप्रैल) हैदराबाद आने पर बड़ी चौकाने वाली बात देख हैरान हो गया, जिसकी किसी भी चैनल पर नाम तक नहीं। काश! यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के वजह से हो गया होता, सभी चैनलों पर अपनी TRP बढ़ाने की होड़ लगी होती। विपक्ष सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग का इल्जाम लगा रहे होते, चुनाव आयोग में शिकायत करने की होड़ लग गयी होती। चौकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस रैली होने के कारण तेलंगाना के सारे टोल फ्री थे। 

इसी तरह हैदराबाद बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता द्वारा हैदराबाद में लड़कियों की खरीद का मामला कोई नया नहीं है, कई बार उठा, और जिस तरह उठा उसी तरह ढप हो गया, देखना यह है कि 2024 में वापसी पर मोदी सरकार क्या कार्यवाही करती है? कितने दलालों और नेताओं को गिरफ्तार करती है? क्या हैदराबाद लड़की केवल गल्फ वालों की वासना के लिए है? शर्म उन सभी को आनी चाहिए जो इतनी गंभीर समस्या को नज़रअंदाज़ कर ओवैसी जैसों को वोट देते हैं। 

बेबाकी से जवाब देने के लिए माधवी लता की सराहना करते ही पीएम मोदी ने एक्स/ट्विटर पर लिखा है, “माधवी लता जी, आपका ‘आप की अदालत’ एपिसोड असाधारण है। आपने बेहद तार्किक तरीके से काफी ठोस मुद्दे उठाए हैं। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं। मैं सभी से आज (7 अप्रैल 2024) सुबह 10 बजे या रात 10 बजे इस कार्यक्रम का दोबारा प्रसारण देखने का भी आग्रह करता हूँ। आप सभी को इससे काफी उपयोगी जानकारी मिलेगी।”

रजत शर्मा ने माधवी लता से पूछा कि आप पर आरोप लगते हैं कि आप हैदराबाद को बदनाम करती हैं। आप कहती हैं कि यहाँ लड़कियाँ बेची जाती हैं। जवाब में 15 दिन पुरानी एक घटना का जिक्र करते हुए बीजेपी उम्मीदवार ने कहा, “15 दिन पहले की बात है। एक लड़की ने मिडिल ईस्ट से अपनी वालिदा (अम्मी) को कॉल कर कहा कि यदि आपके पास पैसे हैं तो वहाँ (हैदराबाद) में दावत दे दीजिए। आपकी बेटी की 18 बार शादी हुई है।” उन्होंने आगे बताया कि 16 साल की एक लड़की की शादी अरब के 70 साल के आदमी से होती है। खुद को 2 बेटियों की माँ बताते हुए माधवी लता ने कहा, “लड़की तो लड़की होती है। इसमें मजहब कहाँ से आया?”

माधवी लता ने हैदराबाद की गलियों में ऐसे कई पसमांदा मुस्लिमों के घरों का जिक्र किया जिनकी आवाज उनकी चारदीवारी से बाहर नहीं निकलती है। इन घरों हालात बयाँ करते हुए उन्होंने बताया, “वे गरीबी के दलदल से बाहर निकलने के लिए बेटियों की 3-4 बार शादियाँ करवा देते हैं, क्योंकि उन पैसों से पीछे 7-8 बच्चों को खाना मिलता है। कई लड़कियाँ बिक जातीं हैं अपने घर में खाना लाने के लिए।”

मुस्लिम महिलाओं को भड़काने के आरोपों पर भी माधवी लता से सवाल पूछा गया। रजत शर्मा ने कहा कि आप पर आरोप लगते हैं कि आप जिन मुस्लिम महिलाओं से बार-बार मिलने जाती हैं उनको भड़काती हैं। उनको कहती हैं कि घरों से बाहर निकलो। कुछ काम करो। बच्चे पैदा नहीं करो।

जवाब में माधवी लता ने कहा, “मदरसों को मैं मदद भिजवाती हूँ, मेडिकल कैंप्स फ्री में लगवाती हूँ, फ्री में दवाइयाँ हमलोग देते हैं। रोजा-इफ्तार के टाइम पर खाना भिजवाते हैं। कपड़े और अन्य मदद भी देते हैं। लेकिन ये लोग हमसे कहते हैं कि अम्मा आप ये सब कर रहे हैं लेकिन कहीं भी नहीं बताना कि हमारे मदरसे का नाम क्या है। हम कैसे दिखते हैं और क्या करते हैं, क्योंकि हमें धमकी दी जाती है। मौलाना हमारे टीम मेंबर्स को कहते हैं कि आप आएँगे तो टाँग तोड़ देंगे। चुपचाप आना है और चुपचाप चले जाना है।”

उन्होंने कहा, “हम औरतों से यह नहीं कहते कि आप बच्चे पैदा न करिए। हम उनसे कहते हैं कि कितने भी बच्चे पैदा करिए पांडवों को पैदा करिए, कौरवों को पैदा मत करिए। हम उनसे ये कहते हैं कि आप बच्चों को भी पैदा कर रहे हैं लेकिन उन्हें खाना, कपड़ा, पढ़ाई नहीं दे रहे हैं तो देश को क्या दे रहे हैं। देश को ऐसे बच्चे दीजिए जिन पर नाज हो।”


केरल : ‘कम्युनिस्ट नेताओं की शह पर उठाई जा रहीं मुस्लिम लड़कियाँ, गैर-मुस्लिमों से करवा रहे शादी’: मौलाना नासर, सचिव, सुन्नी युवजन सभा

                                             मौलाना नासर (चित्र साभार: Indian Express & TV9)
बीते कुछ समय से केरल में मुस्लिमों द्वारा हिंसा और ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आए हैं, जिससे यहाँ गैर-मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी रहती हैं। इन सब के बीच केरल के मौलाना का कहना है कि मुस्लिम लड़कियाँ गैर मुस्लिमों द्वारा जान बूझ कर फँसाई जा रही हैं और उनका मजहब परिवर्तन करवाया जा रहा है।

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा की सुन्नी युवजन सभा के सचिव मौलाना नासर फैजी कूडथई ने 6 दिसम्बर, 2023 को कोझिकोड में यह बयान दिया है। उसने केरल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार पर मुस्लिम लड़कियों की दूसरे धर्मों में शादी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं।

मौलाना नासर ने कहा है कि मुस्लिम लड़कियाँ उठाई जा रही हैं और गैर-मुस्लिमों से ब्याही जा रही हैं। उसने मुस्लिम समुदाय को इससे बचने और सेक्युलरिज्म के नाम पर चलाई जाने वाली सीपीएम की चालों से सावधान रहने को कहा। मौलाना नासर ने कहा, “बीते दिनों में हमने अंतरधार्मिक शादियों को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक रणनीति को देखा है। संविधान यह अधिकार देता है कि मुस्लिम, मुस्लिम से और हिन्दू, हिन्दू से विवाह करे। लेकिन कुछ मूर्खों को यह लगता है कि भारतीय संस्कृति को तभी बढ़ावा मिलेगा जब हिन्दू-मुस्लिम विवाह हो।”

आगे मौलाना नासर ने कहा, “मुस्लिम लड़कियाँ पार्टी और अखबार के दफ्तरों, CPM, DYFI और SFI के नेताओं की शह पर उठाई जा रही हैं और उनका विवाह गैर मुस्लिमों से किया जा रहा है। मह्ल्लू (मस्जिद) कमेटियों को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।”

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा के केरल की पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ सम्बन्ध हैं। यह पार्टी केरल में कांग्रेस के UDF गठबंधन में शामिल है। केरल में वर्ष 2016 से ही कांग्रेस सत्ता से बाहर है और कम्युनिस्ट सरकार के विपक्ष में है।

यह पहली बार देखा गया है कि किसी मुस्लिम मौलाना ने अंतरधार्मिक विवाहों के विरोध में आवाज उठाई हो। यह बात ध्यान देने वाली है कि केरल में लगातार हिन्दू महिलाओं के साथ ‘लव जिहाद‘ के मामले सामने आते रहे हैं। सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि केरल के ईसाई समुदाय के लोगों ने भी ईसाई लड़कियों के मुस्लिम लड़कों द्वारा फँसाए जाने को लेकर आवाज उठाई है।

ऐसे मामलों में मुस्लिम युवक हिन्दू लड़कियों को झूठी पहचान के आधार पर प्यार के नाम पर फंसाते हैं और बाद में उनका इस्लाम में परिवर्तन करवाते हैं। ऐसा करने पर उन्हें आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। इस काम में कई इस्लामिक संस्थाएँ और कई मुस्लिम देश लगे हुए हैं।

बीते दिंनों जब केंद्र सरकार ने संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया था तब भी हिन्दू लड़कियों को धर्मान्तरित करने के ऐसे ही कई मामले प्रकाश में आए थे। PFI लगातार मुल्सिम युवाओं से आह्वान करती थी कि वह हिन्दू लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित करें। PFI ने ऐसा करने वाले लड़कों के लिए 2 लाख रूपए नकद, एक दुकान और एक घर का पुरस्कार रखा हुआ था। इन सबके पीछे केरल में अंदर तक पहुँच चुका इस्लामिक कट्टरपंथ है। इसको मुख्यधारा की मीडिया द्वारा इतना प्रकाश में नहीं लाया जाता।