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क्या अरविन्द केजरीवाल दिल्ली को वुहान बनाना चाहते हैं?


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दिल्ली में कोरोना संक्रमण की हालत भयावह हो चुकी है। देश की राजधानी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 8 हजार के पार पहुंच चुका है, पिछले चौबीस घंटे में ही दिल्ली में 472 कोरोना के केस आए हैं। ऐसे में कोई भी सरकार सबसे पहले संक्रमण को रोकेगी, मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराएगी। लेकिन दिल्ली में उल्टी गंगा बह रही है। यहां के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में बाजार, मार्केट कॉम्प्लेक्स, दफ्तर, मॉल, मेट्रो, बस सब कुछ खोलने पर आमादा हो गए हैं।
वैसे तो दफ्तर और दुकान पर जाने के लिए कर्मचारियों और मजदूरों को यातायात साधन की जरुरत है, बिना यातायात के दफ्तर और दुकान पहुंचना सबके लिए संभव नहीं। 
केंद्र सरकार पर दबाब बनाने में लगी केजरीवाल सरकार
अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन-4 के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है और इसमें बाजारों को खोलने, सार्वजनिक परिवहन को सड़क पर उतारने व मजदूरों की आवाजाही पूरी दिल्ली में सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार ने केंद्र को यह प्रस्ताव भेजकर दबाब बनाया है कि17 मई के बाद बाजारों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल में दुकानों को ऑड-ईवन आधार पर खोलने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा बसों, मेट्रो, ऑटो, टैक्सियों को पूरे शहर में चलाया जाए। दिल्ली में निर्माण कार्यों और सरकारी दफ्तर खोलने की अनुमति पहले से है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र पर दबाब बनाने के लिए कहा है कि उसने इन सबके लिए 5 लाख से अधिक दिल्लीवालों की राय मांगी थी और उसी के आधार पर यह प्रस्ताव तैयार किया है। 

सूत्रों के अनुसार जनता से राय मांगना एक ड्रामा है, हकीकत यह है कि केजरीवाल अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए तुष्टिकरण कर रहे हैं। ईद सिर पर है। क्या किसी मुख्यमंत्री ने जनता से राय मांगी है, फिर केजरीवाल ने क्यों मांगी? 
दिल्ली में तेजी से पैर पसारता कोरोना
केजरीवाल सरकार के निकम्मेपन की वजह से दिल्ली कोरोना कैपिटल में तब्दील होती जा रही है। बीते चार दिनों की बात करें तो दिल्ली में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। महज चार दिनों में ही करीब चार सौ रोजाना की औसत से कोरोना के साढ़े पन्द्रह सौ से ज्यादा नए संक्रमित मरीज पाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में तो स्थिति और भी भयावह हो गई, जब लगभग पांच सौ लोग कोरोना महामारी के संक्रमण के शिकार पाए गए। कुल संक्रमितों की संख्या 8500 हो गई है।

दिल्ली में कोरोना 115 की मौत, आंकड़े छिपाने में लगे केजरीवाल
दिल्ली में कोरोना से मरने वालों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली में 15 मई तक सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना से मरने वालों की संख्या 115 के हो चुकी है। लेकिन बताया जा रहा है कि केजरीवाल सरकार कोरोना से मरने वालों के सही आंकड़े सामने नहीं आने दे रही है। कई अस्पतालों में कोरोना से मरने वालों की संख्या 30 से पचास तक पहुंच चुकी है, लेकिन केजरीवाल सरकार की तरफ से दबाब बनाया जा रहा है कि सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएं। इतना ही नहीं दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या भी सौ से ज्यादा हो चुकी है और यह लगातार बढ़ती ही जा रही है।

शराब की दुकानों पर नहीं किया गया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
पिछले दिनों जब केजरीवाल सरकार के कहने पर ही शराब की दुकाने खोलने का आदेश दिया गया था, तब भी दिल्ली प्रशासन की नाकामी सामने आई थी। दिल्ली में हर जगह शराब के ठेकों के बाहर हजारों लोग की भीड़ जमा हो गई थी। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कोई पालन नहीं किया गया। पूरे देश ने उन तस्वीरों को देखा था कि केजरीवाल सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और कोरोना का प्रसार रोकने के लिए उसने कुछ नहीं किया। इतना ही मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में तो सोशल डिस्टन्सिंग की धज्जियां उड़ते देखा जाता है।  

मजदूरों के पलायन पर भी चुप है केजरीवाल सरकार
दिल्ली से लाखों की संख्या में मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए पलायन कर चुके हैं। पलायन का यह सिलसिला आज भी जारी है, लेकिन केजरीवाल अपने गाल बजाने के सिवा और कुछ नहीं कर रहे हैं। जब भी केजरीवाल मीडिया के सामने आते हैं तो मजदूरों को राहत देने के तमाम दावे करते हैं, लेकिन धरातर पर ये दावे झूठे साबित होते हैं। यहां तक कि केंद्र सरकार की तरफ से मजदूरों के लिए जो राशन और आर्थिक मदद दी जा रही है, उसे भी वे उन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जिन्हे जरुरत है, बल्कि उनको वितरित किया जा रहा है जिनके घर में राशन भरा पड़ा है। जिसे सिद्ध कर रहे हैं पलायन करते मजदूर। मजदूरों का पलायन कोरोना संक्रमण को बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।

बिहार BJP अध्यक्ष ने केजरीवाल को बताया कमीना, कहा-साजिश के तहत गरीब मजदूरों को भगाया जा रहा है

जीवन में मैंने बहुत सारे कमीने इंसानों को देखा है। पर अरविंद केजरीवाल जैसे किसी राक्षसी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को मैंने नहीं देखा । कल रात योगी जी ने मानवता के आधार पर जो लोग रास्ते में फंसे हुए थे उनको घर पहुंचाने का प्रयास किया। वे वैसे भी शहर छोड़ कर निकल ही गए थे।
एक साजिश के तहत यह बताया गया कि आनंद विहार से 1000 बसें उत्तर प्रदेश चलेंगी। आप पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा झुग्गी झोपड़ी वासियों को यह समझाया गया कि आनंद विहार और गाजीपुर से आप घर जा सकते हो ।। खाना खिलाने की जिम्मेदारी से बचने के लिए इतनी बड़ा नीच हरकत केजरीवाल ने किया है।
इस देश के 133 करोड़ 56 लाख जनता मोदी जी के कहने और इस उम्मीद से कि 21 दिन बाद सब कुछ सही हो जाएगा हर कुर्बानी दे रही है ।पर केजरीवाल के और इस तरह के लोगों के दिल्ली में भड़काने से आज दिल्ली से लगभग एक लाख लोग विभिन्न जगहों पर जाने के लिए बेताब हो गए हैं। इसका नतीजा यह निकलेगा कि अगर दिल्ली में इन्फेक्शन जहां भी फैला हो वह इन व्यक्तियों द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के हर गांव में पहुंच जाएगा।
केजरीवाल और प्रियंका गांधी जैसे घटिया इंसान यह बोलेंगे कि मोदी जी के लॉक डाउन से क्या फायदा हुआ आखिर बीमारी तो सब जगह फैल ही गई। करोना बीमारी से देश के बचाव की इतनी बढ़िया योजना का पूरा कचरा करके बीमारी फैलाने का काम जो अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी जैसे तत्वों ने किया है उसके लिए ईश्वर इन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
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विश्व में करोना वायरस से मृत्यु की दर 5% चल रही है। अगर भारत में यह फैल गया तो ना जंगल में लकड़ियां बचेंगी और ना किसी के लिए 2 गज जमीन।   -Sanjay Jaiswal, MP, BJP(facebook) 
                                                      साभार : https://thedailybihar.com/(March 30, 2020)