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‘जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते’: केजरीवाल के चुनावी वादों पर बरसे सिद्धू

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस फेहरिस्त में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सबसे आगे हैं। दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में कितनी महिलाओं को एक हजार रुपए महीना दिया जा रहा है। सिद्धू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने लिखा, ”जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। अरविंद केजरीवाल जी आप महिला सशक्तिकरण, नौकरी और शिक्षकों की बात करते हैं। हालाँकि, आपके मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं है। शीला दीक्षित जी द्वारा छोड़े गए राजस्व अधिशेष के बावजूद दिल्ली में कितनी महिलाओं को 1000 रूपए मिलते हैं।”

प्रदुषण एवं अन्य मदों के लिए मिले धन को विज्ञापन पर खर्च करने के लिए कभी किसी विभाग का तो कभी किसी विभाग का वेतन रोकने वाले क्या महिलाओं को 1000 रूपए महीना दे सकता है। आज दिल्ली में प्रदुषण की दयनीय स्थिति के लिए कौन ज़िम्मेदार है, और पंजाब को दोष देते हो?

सिद्धू ने आगे लिखा, ”महिला सशक्तिकरण का अर्थ है चुनावी प्रक्रिया के हर चरण में महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल करना है, जिस तरह से कांग्रेस पंजाब में कर रही है। सच्चा नेतृत्व 1000 रुपए का लॉलीपॉप देने में नहीं है, बल्कि स्वरोजगार और महिला उद्यमियों को कौशल प्रदान करके उनके भविष्य को बेहतर बनाने में है। पंजाब मॉडल में ये सब शामिल है।”

शिक्षकों और नौकरियों को लेकर कांग्रेस नेता ने अरविंद केजरीवाल को आड़े ​हाथों लेते हुए कहा, ”2015 में दिल्ली में शिक्षकों की 12,515 रिक्तियाँ थीं और 2021 में दिल्ली में शिक्षकों की 19,907 रिक्तियाँ हैं और आप ज्यादातर रिक्त पदों को सिर्फ guest lecturers से भर रहे हैं।”

केजरीवाल पर बरसते हुए सिद्धू ने उनसे कई और सवाल पूछे। उन्होंने कहा, ”अपने 2015 के घोषणापत्र में ‘आप’ ने दिल्ली में 8 लाख नई नौकरियों और 20 नए कॉलेजों का वादा किया था। नौकरियाँ और कॉलेज कहाँ हैं? आपकी असफल गारंटियों के विपरीत, पिछले 5 वर्षों में दिल्ली की बेरोजगारी दर लगभग 5 गुना बढ़ गई है।

27 नवंबर को अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मोहाली में कहा था कि एक तरफ पंजाब सरकार दावा करती है कि वह अध्यापकों को नौकरियाँ दे रहे हैं। 36 हजार कर्मचारियों को पक्का कर दिया है, लेकिन बेरोजगार अध्यापक छह महीने पानी की टंकियों पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार झूठ बोलने की आदी है। इसका प्रमाण खुद भुक्तभोगी लोग हैं। पंजाब में पढ़े-लिखे लोगों के साथ शोषण हो रहा है।