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कौन है हमास का ‘मुस्लिम विक्टिम कार्ड’ ऑनलाइन बेचने वाला ‘Mr. Fafo’ : कभी डॉक्टर, कभी मरीज, कभी घायल बच्चे का बाप…

Mr. Fafo के लगातार प्रोपगैंडा कर रहा है (चित्र साभार: Twitter)
इस्लामी आतंकी संगठन हमास और इजरायल के युद्ध के बीच हमास और फिलीस्तीन के प्रोपगेंडा की पोल खुल रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही वीडियो क्रिएटर की कलई खुली है जो कि एक दिन आतंकी, दूसरे दिन पीड़ित और तीसरे दिन डॉक्टर बन लेता है। उसे सोशल मीडिया ने ‘Mr. Fafo’ की संज्ञा दी है।

7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के तुरंत बाद आतंकियों की करतूतों को मिटाने और फिलिस्तीनियों के लिए सहानुभूति बटोरने का दौर चालू हो गया था। इसी कड़ी में सालेह अलजफारवी नाम के एक व्यक्ति जो कि गाजा का रहने वाला है, ने कई वीडियो सोशल मीडिया पर डाले।

सालेह पैलीवुड (Pallywood) का अभिनेता है। Pallywood दरअसल, फिलीस्तीन और हॉलीवुड के वुड शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। इस Pallywood का मुख्य कार्य इजरायल के विरुद्ध प्रोपगेंडा कंटेंट बनाना है।

सालेह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें वह एक में गंभीर रूप से घायल मरीज बना हुआ है और उसे मरते हुए दिखाया गया है। दूसरे वीडियो में वह एक घायल बच्चे का बाप बन लेता है, तीसरे में एक डॉक्टर और चौथे में एक गायक बन लेता है।

सबसे पहले सालेह की एक ऐसी वीडियो वायरल हुई जिसमें वह इजरायल पर हुए आतंकी हमले के बाद जश्न मना रहा था। इसके बाद दूसरी वीडियो में वह इजरायल के हवाई हमलों से भागता हुआ दिखा। इसी के चलते लोगों ने एक्स (पहले ट्विटर) पर उसका मजाक उड़ाना चालू किया।

उसकी इन हरकतों के चलते उसे Mr. FAFO नाम दिया गया है। दरअसल, FAFO एक अंग्रेजी चलताऊ कहावत F@*k Around, Find Out के पहले अक्षरों को मिलाकर बनाया गया है इसका अर्थ होता है कि गड़बड़ करो और नतीजा देखो।

सालेह की सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रही हैं। डॉ एली डेविड नाम के एक अकाउंट ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इसी कड़ी में सालेह का एक वीडियो डाला जिसमें उन्होंने लिखा कि Mr. Fafo जो कि सुबह तक एक रेडियोलाजिस्ट था,अब गायक बन गया है।

किंगडम ऑफ़ इजरायल नाम के एक अकाउंट ने सालेह के कुछ फोटो वीडियो डाले जिसमें एक में वह हमास का आतंकी बनते हुए गाना गाता है, एक में किसी मरीज का एक्सरे मशीन पर इलाज करते हुए दिखता है जबकि दूसरी फोटो में उसका वही मीम है जिसने उसे Mr. Fafo के तौर पर ‘ख्याति’ दिलाई है।

एक्स पर ही याकोव कापलान द्वारा डाले गए एक वीडियो में सालेह मीडिया रिपोर्टर बना हुआ है। एक वीडियो में वह गाजा में अपने फिल्म स्टाफ के साथ भी दिखता है, जिसमें कुछ लोग उसके साथ किसी शूटिंग के लिए जा रहे हैं।

ओली लन्दन द्वारा डाले गए एक वीडियो में सालेह हँसता हुआ दिखता है जबकि वह कई ऐसे वीडियो बना चुका है जिसमें वह खुद को इजरायली हवाई हमलों में मारे गए बच्चों का बाप बताता है या फिर हवाई हमले में बर्बाद इमारतों पर क्रन्दन करता है। उसके प्रोपगेंडा के चलते मेटा ने उसका इन्स्टाग्राम अकाउंट उड़ा दिया था लकिन उसने अपने बैकअप अकाउंट से स्टोरी दुबारा डालनी चालू कर दी हैं।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर फिलीस्तीन के लोगों द्वारा इस तरह का प्रोपगेंडा कोई नई बात नहीं है। लगातार इजरायल को एक दमनकारी शक्ति दिखाने के लिए ऐसी कई फोटो वीडियो वायरल की जाती रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया था कि गाजा से एक बच्ची का फोटो वायरल किया जा रहा है जो कुछ ही दिनों के अंतर पर तीन अलग-अलग हवाई हमलों में घायल हुई।


Fabindia : दिवाली का उर्दूकरण करने के कारण कंपनी को 20 सालों में पहली बार 116 करोड़ रूपए का नुकसान

                                                              प्रतीकात्मक तस्वीर
छद्दम सेक्युलरिस्टों की राह पर चलते 
20 सालों के इतिहास में पहली बार फैब इंडिया को घाटा हुआ है। फैब इंडिया की बिक्री में करीब एक तिहाई की कमी आई है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन को ही माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान कई ब्रांड रिटेलरों को कई हफ्तों तक शोरूम बंद रखने पर गए थे। हालाँकि ज्यादातर लोगों का कुछ और ही कहना है। लोगों का मानना है कि दिवाली के ठीक पहले फैब इंडिया के विज्ञापन के कारण ऐसा हुआ है।

सोशल मीडिया में लोग इसके मजे भी ले रहे हैं और तरह तरह के मीम्स बनाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक टैग ट्रेंड कराए जा रहे हैं। इनमें #जश्नएक़िल्लत, #MahauleMaatam, #जश्नऐदिवालिया#Fabindia, #KalejaeThandai, #JashneKutai और #Jashn_e_Kangaal आदि शामिल हैं।

20 वर्षों में पहली बार हुआ है घाटा 

जानकारी के मुताबिक, 2020-21 में फैब इंडिया का रिवेन्यू 30% तक कम हो गया और यह 1059 करोड़ रुपए रह गया है। 2021 के मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में इस कंपनी को 116 करोड़ रुपए का नुकसान सहना पड़ा है। ग्रामीण इलाकों से गारमेंट्स और फैब्रिक्स जैसे प्रोडक्ट्स शहरों तक पहुँचाने वाली इस कंपनी की बिक्री पिछले दो दशक में पहली बार कम हुई है।

क्यों हुआ था विवाद 

दिवाली के मौके पर फैब इंडिया के एक विज्ञापन कर जमकर विवाद हुआ था। दरअसल उस दौरान अपने कपड़ों के लिए कंपनी ने एक विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन में दिवाली के मौके पर जश्न-ए-रिवाज का नाम दिया गया था। इसी शब्द पर भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद सोशल मीडिया में बवाल हो गया और लोगों ने इसके बहिष्कार करने की माँग शुरू कर दी थी। फैब इंडिया ने लोगों के भारी विरोध को देखते हुए यह विज्ञापन हटा लिया था। फैब इंडिया ने लिखा था, “जैसा कि हम प्यार और प्रकाश के त्योहार का स्वागत कर रहे हैं। जश्न-ए-रिवाज फैबइंडिया का कलेक्शन है जो बेहद खूबसूरती से अपना सम्मान भारतीय परंपरा को देता है।”

इस ट्वीट में जश्न-ए-रिवाज शब्द को देख यूजर्स भड़क गए। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने मामले को उठाते हुए लिखा था  कि दीपावली कोई जश्न-ए-रिवाज नहीं है। हिंदू त्योहार का इब्राहिमीकरण, ऐसी मॉडलों का प्रदर्शन जिन्होंने हिंदू परिधान न पहने हों, सबका बहिष्कार होना चाहिए और फैब इंडिया न्यूज जैसे ब्रांड को ऐसी हरकत के लिए आर्थिक हर्जाना चुकाना चाहिए। मालूम हो कि फैब इंडिया की शुरुआत 1960 में जॉन बिस्सेल ने की थी। वह फोर्ड फाउंडेशन ग्रांट पर कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम के सलाहकार के रूप में भारत आए थे।