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फोटो क्रेडिट-(ABP/News on air) |
लेकिन मुग़लों की आतताई की पैरवी करना ये मौलाना कभी नहीं भूलता। इस तरह का जहर जब इसी मौलाना ने करवाचौथ(2022) के दिन News18 पर एंकर अमिश देवगन के शो 'आर पार' में हिन्दुओं की उस धार्मिक ग्रन्थ ऋग्वेद को आधार बनाकर सनातन धर्म पर प्रहार करने का प्रयास किया था, जिसकी इसने पन्नी तक नहीं उतारी, लेकिन इसे नहीं मालूम था कि एक शेरनी भी पैनल में बैठी है, शेरनी जब इस पर दहाड़ रही थी, मानो माँ जगदम्बा साक्षात धरती पर अवतरित हो गयीं हैं। "मैं तेरे को बोल रही हूँ श्लोक पढ़ ...पृष्ठ संख्या बता... ", संक्षेप में इतना ही कह सकता है कि उस शेरनी ने इसे जरुरत से ज्यादा बेइज्जत किया, उस पुरे कार्यकम को कई लेखो में डाल चूका हूँ।
ये मौलाना झूठे इतिहास का महिमामंडन कर मुग़ल आक्रांताओं का बचाव कर सनातन धर्म पर प्रहार करता रहेगा, लेकिन क्या Quran Petition पर भी बोलने का साहस दिखाएगा? क्या 31 जुलाई 1986 को तीस हज़ारी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट Z.S. Lohat द्वारा दिए विवादित आयतों पर दिए निर्णय पर भी बोलने का हिम्मत दिखाएगा? इन मुद्दों पर न ही रशीदी जैसा कोई मौलाना बोलेगा और न ही कोई साम्प्रदायिकता के खिलाफ बोलने वाला, ये गैंग तो सनातन के विरुद्ध बोल 'हिन्दू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' चिल्ला-चिल्लाकर हिन्दुओं को भ्रमित करते रहेंगे। परन्तु समस्त हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं को एकजुट होकर पिछली सरकारों द्वारा मुस्लिम प्रेम को दर्शाते इन मुद्दों को दफ़न कर दिया था, ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए इन मुद्दों को जीवित कर जनमानस को जाग्रत करना होगा। हर मुसलमान जेहादी नहीं है, उन्हें रशीदी जैसे मौलानाओं ने बदनाम कर रखा है। 'सर तन से जुदा' करने और इस काम के लिए प्रेरित करने वालों के विरुद्ध गृह मंत्रालय को कठोरता से पेश आना होगा।
इस जैसे जेहादी मौलानों द्वारा जहर उगलने पर संविधान की बात करने वाले, गंगा-जमुना तहजीब की बात करने वाले, विदेशी चंदे पर सनातन धर्म को अपमानित करने वाले हिन्दुओं आंखे खोलो, होश में आओ, क्यों नहीं इस जैसे मौलानाओ के खिलाफ कब बोलोगे? क्या तुम्हारी अंतरआत्मा मर गयी है? कब तक सनातन धर्म सहन करते रहोगे?
इसके साथ ही उसने इतिहास की उल्टी गंगा बहाते हुए मुगल आक्रांताओं पर ज्ञान दिया। उसने कहा, ”यह सच है कि मुगल एक काल था। मुगल जितने भी बादशाह हुए हैं, उनका एक दौर था, जमाना था। मुगलों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं था। इन 800 सालों में जितने भी मुगल बादशाह हुए हैं या दूसरे और बादशाह रहे हों। आप अगर उनकी हिस्ट्री को पढ़ेंगे तो उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं था।”
रशीदी ने आगे कहा, ”उन्होंने धर्म के नाम पर किसी भी तरह का काम किया भी नहीं। इस तरह के बहुत सारे उदाहरण हैं। जैसे गजनवी के बारे में लोग कहते हैं कि उसने सोमनाथ मंदिर तोड़ा है। जबकि हिस्ट्री ये है कि वहाँ के लोगों ने गजनवी को बताया कि वहाँ आस्था के नाम पर क्या हो रहा है। देवी-देवता के नाम पर क्या हो रहा है। कैसे वहाँ लड़कियों को लापता कर दिया जाता है।”
गजनवी ने सोमनाथ मंदिर तोड़कर गलत नहीं किया- साजिद रशीदी#Somnath pic.twitter.com/VgHtYWeRG9
— TV9 Bharatvarsh (@TV9Bharatvarsh) January 22, 2023
मोदी जी इनका विश्वास जीतना चाह रहे है तो कीमत तो देनी होगी 🙏🙏
— ░A░T░U░L░ 🇮🇳 (@atul_91) January 22, 2023
इस मौलाना पर तुरन्त कार्रवाई की मांग करता हूं!इस समय इसके द्वारा बोले गये बोल नफरत पैदा करते हैं!
— Nawab Ali (@NawabAli_Dr) January 22, 2023
मौलाना यहीं नहीं रुका, उसने आगे कहा, ”इसके बाद गजनवी ने वहाँ बकायदा मुआयना करवाया। जब पता चला कि वहाँ ऐसा है, तब जाके उसने सोमनाथ के मंदिर पर चढ़ाई की। सोमनाथ मंदिर को उसने तोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि वहाँ जो गलत हो रहा था, उसे रोकने का काम किया।”
ऐसा नहीं है कि मौलाना ने हिंदू धर्म के खिलाफ पहली बार जहर उगला है। इससे पहले वह राम मंदिर को तोड़ने की धमकी दे चुका है। उसने कहा था कि 50-100 साल बाद मुस्लिम शासक के आने पर अयोध्या के राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई जा सकती है। मुस्लिमों की आने वाली नस्लें इसको लेकर खामोश नहीं रहेंगी।
मौलाना रशीदी ने कहा था , ”आज मुसलमान खामोश है। मेरी आने वाली नस्ल… मेरा बेटा, उसका बेटा, उसका पोता…. 50-100 साल के बाद एक हिस्ट्री उनके सामने आएगी कि हमारी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बना दिया गया। उस वक्त हो सकता है कि कोई मुस्लिम शासक हो, कोई मुस्लिम जज हो या मुस्लिम शासन आ जाए… कुछ नहीं कहा जा सकता है कि क्या फेरबदल हो जाए… तो क्या उस हिस्ट्री की बुनियाद पर इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जाएगी? बिल्कुल बनाई जाएगी।”
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