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गुजरात में FIR : ‘सोमनाथ मंदिर गलत कामों का अड्डा’ बोलने वाला मौलाना साजिद रशीदी अब माँग रहा माफी

पिछले माह जनवरी 2023 में एक टीवी इंटरव्यू के दौरान गुजरात के सोमनाथ मंदिर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। यह केस श्री सोमनाथ ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजय सिंह चावड़ा की शिकायत पर दर्ज हुआ है।

हिन्दुओं को रशीदी पर करवाचौथ(2022) वाले दिन News18 पार ऋग्वेद पर गलत बयानबाज़ी करने पर ही हो जानी चाहिए थी। उस दिन पैनल में मौजूद महिला ने ऐसी बेइज्जती की थी, उसके बावजूद ये कट्टरपंथी ने सोमनाथ मंदिर पर गलत बयानबाज़ी करने से बाज़ नहीं आया। इसने जिस रोमिला थापर की किताब के हवाले से कहा है, राज्य एवं केंद्र सरकार को रोमिला थापर सहित उन अन्य इतिहासकारों की किताबों को बैन कर देना चाहिए। इन्ही तथाकथित इतिहासकारों ने चंद चांदी के सिक्कों के लालच में भारत के गौरवशाली हिन्दू इतिहास को कलंकित किया है।  

शिकायत में रशीदी पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और 2 समुदायों के बीच शत्रुता फैलाने का आरोप है। यह केस गुरुवार (9 जनवरी 2023) को दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने के बाद मौलाना साजिद रशीदी अब माफी माँग रहे हैं।

मौलाना रशीदी ऑल इंडिया इमाम एसोशिएशन के अध्यक्ष भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह केस गिर सोमनाथ जिले में दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता के मुताबिक सोमनाथ मौलाना साजिश रशीदी की टिप्पणी से मंदिर से जुड़े भक्तों की भावनाएँ आहत हुई हैं। अपनी शिकायत में विजय सिंह ने पुलिस से साजिश रशीदी पर कार्रवाई की माँग की है।

अक्सर बहस के दौरान हिन्दू आस्थाओं और प्रतीकों पर नकारात्मक टिप्पणी करने वाले रशीदी पर IPC 153- A और 295- A के तहत कार्रवाई हुई है। इस मामले में गिर सोमनाथ जिले के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह जडेजा ने जाँच किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि साजिद रशीद पहले भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करते रहे हैं।

रशीदी ने कहा था 

जनवरी 2023 में मौलाना साजिश रशीदी ने ANI से बात करते हुए विदेशी आक्रांता महमूद ग़ज़नवी की शान में कसीदे गढ़े थे। तब उन्होंने कहा, “जैसे गज़नवी को लोग कहते हैं कि उसने सोमनाथ का मंदिर तोड़ा। जबकि इतिहास ये है कि वहाँ के लोगों ने जाकर ग़ज़नवी को बताया था कि वहाँ आस्था और देवी-देवताओं के नाम पर क्या हो रहा है। वहाँ लड़कियों को कैसे लापता कर दिया जाता है। और उसके बाद भी गजनवी ने वहाँ बाकायदा पता करवाया और CID भेजी। तब जाकर सोमनाथ के मंदिर पर चढ़ाई की। उन्होंने सोमनाथ के मंदिर को तोड़ने का काम नहीं किया बल्कि वहाँ जो गलत कार्य हो रहे थे उसको खत्म करने का काम किया।”

सोमनाथ मंदिर कर इतिहास 

सोमनाथ मंदिर न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी मौजूद हिन्दुओं की आस्था का प्राचीन समय से मुख्य केंद्र रहा है। इतिहासकारों के मुताबिक 11वीं सदी में विदेशी आक्रांता महमूद गज़नी ने यहाँ हमला करके लूटपाट की थी। बताया जाता है कि जाते-जाते गज़नी ने मंदिर को तोड़ डाला था और यहाँ के सेवादारों व पुजारियों की हत्या कर दी थी। स्वतंत्रता के बाद इसका पुनर्निर्माण तत्कालीन गृहमंत्री सरदार बल्लभभाई पटेल के प्रयासों से हो पाया था।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने गज़नी के समकालीन उदबू की लिखी किताब तारीख उल यामिनी का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उदबू के अनुसार मंदिर लूटने के बाद गज़नवी से मूर्तियों को न तोड़ने की अपील की गई थी। इस पर गज़नवी का जवाब था कि वो मंदिर जरूर तोड़ेगा, ताकि क़यामत के दिन वो बुत फरोश के तौर पर जाना जाए।

मौलाना साजिद रशीदी का ज़हर : ‘सोमनाथ मंदिर में होता था गलत काम, इसीलिए गजनवी ने तोड़ दिया’: राम मंदिर ध्वस्त करने की भी दी थी धमकी

फोटो क्रेडिट-(ABP/News on air)
अखिल भारतीय इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 22 जनवरी 2023 को एक बार फिर हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगला है। रशीदी ने कहा है कि गुजरात के सोमनाथ मंदिर में गलत काम होता था और इसी वजह से मोहम्मद गजनवी ने मंदिर को तोड़ने का काम किया था। साथ ही उसने कहा कि मुगलों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं था।

लेकिन मुग़लों की आतताई की पैरवी करना ये मौलाना कभी नहीं भूलता। इस तरह का जहर जब इसी मौलाना ने करवाचौथ(2022) के दिन News18 पर एंकर अमिश देवगन के शो 'आर पार' में हिन्दुओं की उस धार्मिक ग्रन्थ ऋग्वेद को आधार बनाकर सनातन धर्म पर प्रहार करने का प्रयास किया था, जिसकी इसने पन्नी तक नहीं उतारी, लेकिन इसे नहीं मालूम था कि एक शेरनी भी पैनल में बैठी है, शेरनी जब इस पर दहाड़ रही थी, मानो माँ जगदम्बा साक्षात धरती पर अवतरित हो गयीं हैं। "मैं तेरे को बोल रही हूँ श्लोक पढ़ ...पृष्ठ संख्या बता... ", संक्षेप में इतना ही कह सकता है कि उस शेरनी ने इसे जरुरत से ज्यादा बेइज्जत किया, उस पुरे कार्यकम को कई लेखो में डाल चूका हूँ। 

ये मौलाना झूठे इतिहास का महिमामंडन कर मुग़ल आक्रांताओं का बचाव कर सनातन धर्म पर प्रहार करता रहेगा, लेकिन क्या Quran Petition पर भी बोलने का साहस दिखाएगा? क्या 31 जुलाई 1986 को तीस हज़ारी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट Z.S. Lohat द्वारा दिए विवादित आयतों पर दिए निर्णय पर भी बोलने का हिम्मत दिखाएगा? इन मुद्दों पर न ही रशीदी जैसा कोई मौलाना बोलेगा और न ही कोई साम्प्रदायिकता के खिलाफ बोलने वाला, ये गैंग तो सनातन के विरुद्ध बोल 'हिन्दू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' चिल्ला-चिल्लाकर हिन्दुओं को भ्रमित करते रहेंगे। परन्तु समस्त हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं को एकजुट होकर पिछली सरकारों द्वारा मुस्लिम प्रेम को दर्शाते इन मुद्दों को दफ़न कर दिया था, ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए इन मुद्दों को जीवित कर जनमानस को जाग्रत करना होगा। हर मुसलमान जेहादी नहीं है, उन्हें रशीदी जैसे मौलानाओं ने बदनाम कर रखा है। 'सर तन से जुदा' करने और इस काम के लिए प्रेरित करने वालों के विरुद्ध गृह मंत्रालय को कठोरता से पेश आना होगा। 

Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts
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Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts

इस जैसे जेहादी मौलानों द्वारा जहर उगलने पर संविधान की बात करने वाले, गंगा-जमुना तहजीब की बात करने वाले, विदेशी चंदे पर सनातन धर्म को अपमानित करने वाले हिन्दुओं आंखे खोलो, होश में आओ, क्यों नहीं इस जैसे मौलानाओ के खिलाफ कब बोलोगे? क्या तुम्हारी अंतरआत्मा मर गयी है? कब तक सनातन धर्म सहन करते रहोगे?       

इसके साथ ही उसने इतिहास की उल्टी गंगा बहाते हुए मुगल आक्रांताओं पर ज्ञान दिया। उसने कहा, ”यह सच है कि मुगल एक काल था। मुगल जितने भी बादशाह हुए हैं, उनका एक दौर था, जमाना था। मुगलों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं था। इन 800 सालों में जितने भी मुगल बादशाह हुए हैं या दूसरे और बादशाह रहे हों। आप अगर उनकी हिस्ट्री को पढ़ेंगे तो उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं था।”

रशीदी ने आगे कहा, ”उन्होंने धर्म के नाम पर किसी भी तरह का काम किया भी नहीं। इस तरह के बहुत सारे उदाहरण हैं। जैसे गजनवी के बारे में लोग कहते हैं कि उसने सोमनाथ मंदिर तोड़ा है। जबकि हिस्ट्री ये है कि वहाँ के लोगों ने गजनवी को बताया कि वहाँ आस्था के नाम पर क्या हो रहा है। देवी-देवता के नाम पर क्या हो रहा है। कैसे वहाँ लड़कियों को लापता कर दिया जाता है।”

मौलाना यहीं नहीं रुका, उसने आगे कहा, ”इसके बाद गजनवी ने वहाँ बकायदा मुआयना करवाया। जब पता चला कि वहाँ ऐसा है, तब जाके उसने सोमनाथ के मंदिर पर चढ़ाई की। सोमनाथ मंदिर को उसने तोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि वहाँ जो गलत हो रहा था, उसे रोकने का काम किया।”

ऐसा नहीं है कि मौलाना ने हिंदू धर्म के खिलाफ पहली बार जहर उगला है। इससे पहले वह राम मंदिर को तोड़ने की धमकी दे चुका है। उसने कहा था कि 50-100 साल बाद मुस्लिम शासक के आने पर अयोध्या के राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई जा सकती है। मुस्लिमों की आने वाली नस्लें इसको लेकर खामोश नहीं रहेंगी।

मौलाना रशीदी ने कहा था , ”आज मुसलमान खामोश है। मेरी आने वाली नस्ल… मेरा बेटा, उसका बेटा, उसका पोता…. 50-100 साल के बाद एक हिस्ट्री उनके सामने आएगी कि हमारी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बना दिया गया। उस वक्त हो सकता है कि कोई मुस्लिम शासक हो, कोई मुस्लिम जज हो या मुस्लिम शासन आ जाए… कुछ नहीं कहा जा सकता है कि क्या फेरबदल हो जाए… तो क्या उस हिस्ट्री की बुनियाद पर इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जाएगी? बिल्कुल बनाई जाएगी।”