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"AI समिट को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने इन्फ्लुएंसर्स को दिए पैसे के ऑफर्स", साजिश के कई VIDEO आए सामने: INDIA TV का रहस्योघाटन

                                       कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने जारी किए वीडियो
मोदी को बदनाम करने का कांग्रेस का हर हतकण्डा ऐसे औंधे मुंह जमीन पर गिर कांग्रेस को बेनकाब कर रही है। जिससे कांग्रेस अपनी बची-कूची औकात को खो रही है। इसकी जिम्मेदार गाँधी परिवार और इसके अंधभक्त हैं। नरेंद्र मोदी को बदनाम करते-करते देश को बदनाम करने के घिनौने खेल खेले जा रहे हैं।   

देश में आयोजित हालिया AI समिट को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बीजेपी ने दावा किया है कि कांग्रेस ने एक सोची-समझी साजिश के तहत AI समिट को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पैसे ऑफर किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को AI समिट का निगेटिव वीडियो बनाने के लिए पैसों का ऑफर दिया था।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की पोस्ट

10 से लेकर 40 हजार रुपये का ऑफर

बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की PR टीम ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से कॉन्टैक्ट किया और उनसे समिट के खिलाफ निगेटिव वीडियो बनाने की पेशकश की। बीजेपी के मुताबिक, इसके लिए 10 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का रेट कार्ड तय किया गया था। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर यह कहलवाना चाहती थी कि समिट फ्लॉप रही।

इन्फ्लुएंसर्स ने ही खोल दी पोल

बीजेपी के दावों को उस समय और बल मिला जब कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने खुद सामने आकर वीडियो जारी किए। इन इन्फ्लुएंसर्स का दावा है कि उन्हें कांग्रेस समर्थित लोगों की ओर से स्क्रिप्टेड वीडियो बनाने के लिए पैसों का ऑफर दिया गया था। उन्होंने इस पूरे 'पेड प्रोपेगैंडा' का पर्दाफाश करते हुए वे चैट्स और ऑडियो साक्ष्य होने की बात कही है, जिनमें पैसों की डील की जा रही थी।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया था।

बीजेपी ने कांग्रेस को एंटी इंडिया कांग्रेस बताया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी हर मंच से सिर्फ देश को बदनाम करने की कोशिश करती है। 

देश जानता है आप(कांग्रेस) पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की क्या जरूरत थी?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को मेरठ से कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मौका था मेरठ में ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेट्रो सेवा के ऐतिहासिक उद्घाटन का, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के निशाने पर रही दिल्ली की वो घटना, जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिल्ली के ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब वैचारिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और देश के लिए बोझ बन गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को मेरठ से कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मौका था मेरठ में ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेट्रो सेवा के ऐतिहासिक उद्घाटन का, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के निशाने पर रही दिल्ली की वो घटना, जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिल्ली के ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब वैचारिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और देश के लिए बोझ बन गई है।

उन्होंने कहा कि हम उस संस्कृति से आते हैं जहां गांव की शादी में भी पूरा गांव मेहमानों की खातिरदारी में जुट जाता है, लेकिन कांग्रेस अपने ही देश को बदनाम करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि जहां पूरा देश मेहमानों के स्वागत में जुटा था, वहीं कांग्रेस देश को बदनाम करने की साजिश रच रही थी।

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष के अन्य दलों और मीडिया को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस हरकत से उनके साथी दल भी हैरान हैं और उन्होंने इससे किनारा कर लिया है। पीएम ने मीडिया से आग्रह किया कि ‘मोदी ने विपक्ष को धो डाला’ जैसी हेडलाइन न बनाएं, बल्कि सीधे कांग्रेस का नाम लें। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ऐसी हरकतें करती है, तो हेडलाइन ‘विपक्ष’ के नाम से नहीं बल्कि ‘कांग्रेस’ के नाम से बननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘विपक्ष’ शब्द का इस्तेमाल कर मीडिया अनजाने में कांग्रेस के पापों पर पर्दा डाल देता है।

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस द्वारा संसद में महिला सांसदों को आगे कर विरोध प्रदर्शन करवाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि क्या आप इतने खोखले हो गए हैं कि माताओं-बहनों को इस तरह आगे करना पड़ रहा है? उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर प्रधानमंत्री बनना है, तो जनता का दिल जीतना पड़ता है, इस तरह की ओछी हरकतों से कोई नेता नहीं बनता। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अब देश के लिए एक ‘बोझ’ बन चुकी है।

सियासी हमले के बाद तकनीकी उपलब्धि का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत में पहली बार एक ही प्लेटफॉर्म और एक ही ट्रैक पर ‘नमो भारत’ और ‘मेट्रो’ दोनों चलेंगी। इससे दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी कम हो जाएगी। इससे दिल्ली-मेरठ के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को दिल्ली में महंगे किराए के कमरे लेकर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले देश के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो थी, जबकि आज 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो का जाल बिछ चुका है, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है।
मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, कैंची उद्योग और मुरादाबाद के पीतल उद्योग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने MSMEs के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष फंड की व्यवस्था की है। अब छोटे कारीगर बिना किसी सीमा के अपना सामान विदेशों में कूरियर कर सकेंगे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह जी को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों और छोटे उद्यमियों के विजन को धरातल पर उतार रही है।
उन्होंने कहा कि 10 साल पहले पश्चिमी यूपी की पहचान दंगों, गुंडों और खराब सड़कों से होती थी। सपा राज में अपराधी बेखौफ थे, लेकिन आज योगी जी के राज में वही अपराधी जेलों में दिन काट रहे हैं। आज मेरठ की पहचान ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल और अत्याधुनिक मेट्रो से हो रही है। पीएम मोदी ने दोहराया कि जब तक उत्तर प्रदेश विकसित नहीं होगा, भारत विकसित नहीं हो सकता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर फैक्ट्री जैसे प्रोजेक्ट्स यहां के युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।




AI समिट में नंगों ने देश को किया बदनाम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 फरवरी 2025) को मेरठ में विकास की नई मिसाल पेश की। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल के पूरे 82 किलोमीटर लंबे फुल स्ट्रेच का भव्य उद्घाटन किया और मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री खुद ट्रेन में सवार होकर शताब्दी नगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक सफर किया और वहाँ स्कूली बच्चों तथा दिव्यांग बच्चों से गर्मजोशी से बातचीत की। इस पूरे कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ पूरी तरह मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद मेरठ साउथ स्टेशन पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य फोकस कांग्रेस पर रखते हुए तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसे होगी इसका शानदार उदाहरण मेरठ मेट्रो और नमो भारत का एक साथ संचालन है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली और भाजपा की कार्यशैली में जमीन-आसमान का अंतर है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “नमो भारत और मेरठ मेट्रो के एक साथ लोकार्पण में भाजपा की कार्यशैली की झलक है। हमारी कार्यसंस्कृति है कि जिस काम को शुरू किया जाए उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाए। इसीलिए अब की परियोजनाएँ पहले की तरह लटकती-भटकती नहीं हैं।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस के राज में परियोजनाएँ फाइलों में गुम हो जाती थीं।

मोदी ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि आज भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। यूपी में मेरठ समेत कई शहरों में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन कांग्रेस-सपा के राज में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट फाइलों में ही गुम जाते थे। मशीनें विदेश से लाई जाती थीं और घोटालों का सिलसिला चलता रहता था। हमने न सिर्फ घोटाले बंद किए बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को सबसे ज्यादा घेरा। उन्होंने हाल के दिल्ली एआई समिट का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर के नेता और तकनीकी कंपनियाँ दिल्ली के एआई सम्मेलन में जुटीं। यह भारत का गौरव का पल था लेकिन कॉन्ग्रेस ने इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कॉन्ग्रेस के नेता कपड़े उतार कर पहुंच गए।

मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा, “मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूँ कि सारा देश जानता है कि आप नंगे हो फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी? यह दर्शाता है कि कांग्रेस पूरी तरह वैचारिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भारत की सफलता पच नहीं रही है। कांग्रेस ने देश के एक वैश्विक आयोजन को अपनी राजनीति का मैदान बना दिया जिससे पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब हुई।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है। ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं। मेरी माँ को गाली देने से उन्हें परहेज नहीं। उन्हें भाजपा से विरोध है एनडीए से विरोध है। अगर आपकी राजनीति यही है तो हम इसको भी सहन कर लेंगे लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था कि एआई सम्मेलन भाजपा का कार्यक्रम नहीं था। यह देश का कार्यक्रम था फिर भी कांग्रेस ने सारी मर्यादाएँ तोड़ दीं। अब पूरे देश में लोग कांग्रेस पर थू-थू कर रहे हैं।

मोदी ने कांग्रेस पर हमले को और तेज करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग देश की बेईज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं। राहुल गाँधी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है तो पहले जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला सांसदों को आगे करके सीट पर कब्जा करने से प्रधानमंत्री नहीं बन जाते। कांग्रेस अब देश के लिए बोझ बन गई है।

उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की घटना में कांग्रेस के सभी सहयोगी दलों ने भी कांग्रेस की आलोचना करने की हिम्मत की। मैं उन सभी दलों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूँ। यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस की राजनीति अब उसके अपने सहयोगियों को भी पसंद नहीं आ रही। कांग्रेस पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुकी है।

इस पूरे भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कांग्रेस की विफलताओं और नकारात्मक राजनीति को उजागर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की प्रगति नहीं देखना चाहती। जहाँ भाजपा विकास के काम कर रही है वहीं कांग्रेस नंगी राजनीति और बेईज्जती कर रही है।

उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले मेरठ और यूपी अपराध के लिए जाना जाता था। आज यूपी विकास और ब्रह्मोस मिसाइल के लिए जाना जाता है। सपा राज में अपराधी बेखौफ घूमते थे आज योगी सरकार में वे जेल में हैं। कानून व्यवस्था सुधरने से व्यापार बढ़ा है। कल ही सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। डबल इंजन सरकार यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही है।

उद्घाटन के बाद अब सराय काले खाँ से मोदीपुरम तक की यात्रा सिर्फ 55 मिनट में पूरी हो सकेगी। यह भारत की सबसे तेज सेमी हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रेन है जो 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इस परियोजना में महिला सशक्तिकरण को विशेष जगह दी गई है। करीब 80 प्रतिशत ड्राइवर महिलाएँ होंगी।

अभी कुछ ही दिन पहले IndiaTV पर पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने भी राहुल गाँधी की जमकर धुलाई करते हुए कहा कि "राहुल एक समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए समस्या बन चुके हैं . .."

‘मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन’: AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लोगों ने पीटा


दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर हंगामा हो रहा है। BJP से लेकर आम लोग और नेटिजन्स तक यूथ कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर भड़के हुए हैं। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुछ वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आम लोगों ने भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लिया है।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस हंगामा

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता AI समिट में प्रवेश करने में सफल रहे। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुँच गए। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर अंदर आए थे, जिससे उन पर किसी का विशेष ध्यान नहीं गया।

हाल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट हटाकर अचानक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया, प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और हालात को सामान्य कर दिया।

हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस के नेता

यूथ कांग्रेस के इस हंगामे के बाद संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य लोगों को पहचान की जा रही है। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के 35 वर्षीय कृष्णा शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उनके साथ बिहार के ही 33 वर्षीय कुंदन यादव, जो प्रदेश सचिव हैं, को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अजय कुमार, जो प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, और तेलंगाना के महबूब नगर से नरसिम्हा यादव, जो राष्ट्रीय समन्वयक हैं, भी हिरासत में लिए गए हैं।

BJP ने बोला तीखा हमला

इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। कई केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी प्रवक्ताओं ने यूथ कांग्रेस से लेकर राहुल गाँधी तक को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूँ।”

 केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में सिर्फ अपनी शर्ट ही नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस देश के खिलाफ सोच रखती है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोनिया गाँधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या उनके लिए राजनीति देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की प्रतिष्ठा से खेलने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है? जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।”

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े देशद्रोही हैं। जब भी देश आगे बढ़ता है, जब भी देश में खुशी का माहौल होता है, ये उसे बिगाड़ने का काम करते हैं। ये लोग देश के गद्दार हैं। कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं – टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस।” उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की साजिश राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी की मौजूदगी में, राहुल गाँधी के निवास स्थान पर रची गई थी।

मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन: कुमार विश्वास

कवि कुमार विश्वास ने इस प्रदर्शन पर कांग्रेस पर हमला बोला है। कुमार विश्वास ने X पर लिखा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहाँ विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहाँ देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कांग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है, आपसे न हो पाएगा भाई।”

आम लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पीटा

इस दौरान समिट में मौजूद लोगों से भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है।

सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई करते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

नेटिजन्स और लोगों ने भी लगाई कांग्रेस की क्लास

नेटिजन्स ने भी कांग्रेस के इस हरकत पर जमकर गुस्सा निकाला है। X यूजर्स ने इस हरकत को बेशर्म और वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने की कोशिश बताया है। एक X यूजर ने लिखा, “ऋषियों की यज्ञ अग्नि में मांस फेंकते राक्षस”। एक अन्य ने लिखा, “देश के युवाओं को तकनीक, नवाचार और अवसर चाहिए न कि राजनीतिक स्टंट। भारत AI में आगे बढ़ रहा है और यही भविष्य है। यूथ कांग्रेस एक देशद्रोही संगठन है, नीचता की हद होती है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम जैसे गद्दारों को शर्म आनी चाहिए। देश को बदनाम करने की राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हर मंच पर भारत की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, दुनिया के सामने अपने ही देश की छवि खराब करना। ये स्वस्थ विपक्ष नहीं, राष्ट्र के साथ अन्याय है। इतना अहंकार? शर्म आनी चाहिए।”
कार्यक्रम में शामिल और प्रदर्शन के प्रत्यक्षदर्शी रहे लोगों ने भी यूथ कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “एक विजिटर के रूप में मुझे लगता है कि इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए यह सही जगह नहीं है। इससे देश की छवि खराब होती है। जहाँ भारत एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा हो और AI जैसे विषय पर चर्चा हो रही हो, वहाँ विरोध करना ठीक नहीं है। ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”
एक अन्य ने कहा, “यह विरोध करने का मंच नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहाँ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। उन्हें इस मंच की गरिमा को समझना चाहिए।”

विरोध का हक लेकिन क्या ये तरीका सही?

AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन कई मायनों में गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे पहली बात यह कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल का नहीं था बल्कि देश और दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों और प्रतिनिधियों का मंच था। ऐसे मंच पर हंगामा करना न सिर्फ आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डालता है।
लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन विरोध का भी एक तरीका और स्थान होता है। यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, शांतिपूर्ण धरना या ज्ञापन जैसे कई वैधानिक और सभ्य रास्ते उपलब्ध हैं। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच अचानक इस तरह प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
इस घटना से सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जब कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोग अंदर जाकर प्रदर्शन कर दें तो यह चिंता की बात है। इससे आगे होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। राजनीति में मतभेद होना सामान्य बात है। अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन हर मंच राजनीति के लिए नहीं होता। AI समिट जैसे कार्यक्रम देश की तरक्की और दुनिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए होते हैं। ऐसे मौके पर विरोध करना अच्छा संदेश नहीं देता।