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आफताब ने श्रद्धा का मर्डर किया… क्योंकि इंटरनेट पर सब कुछ आसानी से मिलता है: दीपांकर दत्ता, चीफ जस्टिस, बॉम्बे हाई कोर्ट

श्रद्धा मर्डर केस पर बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का बयान (फाइल फोटो)
बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के बयान से यकायक माध्यमिक स्तर पर रामधारी सिंह दिनकर की कविता "अभिनव मानव" की वह पंक्तियाँ 'विज्ञानं जितनी प्रगति करेगी, उतनी विनाशकारी होगी..." स्मरण हो गयी। श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Murder Case) पर बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता (Chief Justice Dipankar Datta) का भी बयान आया है। 19 नवम्बर 2022 को उन्होंने भारत में बढ़ रहे साइबर अपराध पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर हर चीज आसानी से मिल जाने के सकारात्मक के साथ नकारात्मक परिणाम भी होते हैं।

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दत्ता ने यह बयान पुणे में टेलीकॉम डिस्प्यूट स्टेटमेंट अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) के ‘टेलीकॉम, ब्रॉडकास्टिंग, आईटी और साइबर सेक्टर्स में डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन मैकेनिज्म’ सेमिनार को संबोधित करते हुए दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेमिनार में बोलते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि लोगों ने श्रद्धा मर्डर केस के बारे में अख़बारों में पढ़ा होगा। उन्होंने इसे मुंबई में प्रेम और दिल्ली में खौफ की संज्ञा दी। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह से अपराधों में बढ़ोत्तरी इसलिए हो रही है क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से लोगों को वो तमाम चीजें आसानी से मिल जाती हैं, जिसकी तो तलाश करते हैं।

जस्टिस दत्ता के मुताबिक उन्हें आशा है कि भारत सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर के मुताबिक हालॉंकि भारत में दूरसंचार विधेयक मौजूद है लेकिन भविष्य की चुनौतियों के लिए एक मजबूत कानून जरूरी होगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने निजी सम्मान की रक्षा करते हुए समाज में सभी को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास करना होगा। न्यायाधीश ने लोगों से इसे एक टारगेट के तौर पर लेने की अपील की है। NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मुद्दे पर बोलते हुए जस्टिस दत्ता ने कहा कि इसकी क्षेत्र के हिसाब से बेंच होनी चाहिए। अंत में उन्होंने लोगों से संवैधनिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।

भारत की साइबर दुनिया में तेजी से हो रहे बदलाव पर जस्टिस दत्ता ने पिछले दिनों की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि 1989 में लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं थे लेकिन 2-3 वर्षों के अंदर उनके पास पेजर आ गए। पहले मोटोरोला के बड़े हैंडसेट की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बाद में छोटे हैंडसेट आ गए।

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता के मुताबिक अब आ रहे फोन में ऐसी चीजें उपब्लध हैं, जो पहले सोच से भी परे थीं। न्यायाधीश ने इस नए सिस्टम में हैकिंग के खतरे बढ़ने से सतर्क करते हुए इसे लोगों की निजता पर हमला बताया है।

श्रद्धा के कातिल आफताब के समर्थन कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद

आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा नाम की हिन्दू लड़की की हत्या कर के शव के 35 टुकड़े किए और उन्हें अपने फ्रिज में डाल रखा था। अब इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी व भाजपा में वाक् युद्ध छिड़ गया है। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगाह किया था कि अगर देश में एक मजबूत नेता नहीं होगा तो हर शहर में आफताब जैसे हत्यारे पैदा होंगे और हम अपने समाज की रक्षा करने में समर्थ नहीं हो पाएँगे।

उन्होंने गुजरात के कच्छ में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि आफ़ताब जैसे हत्यारे हर शहर में पैदा न हों, इसके लिए देश में एक मजबूत नेता का होना आवश्यक हैं। उन्होंने आगे कहा था कि इन्हीं कारणों से 2024 में नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना अति आवश्यक है। अब इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी एक तरह से आफताब के बचाव में उतर आई है। पार्टी नेता सलमान ख़ुर्शीद के बयान से विवाद पैदा हो गया है।

‘रिपब्लिक’ की खबर के अनुसार, पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पूछा है कि क्या सीएम सरमा ‘आफ़ताब’ शब्द का अर्थ जानते हैं? फिर उन्होंने समझाया कि ‘आफताब’ का मतलब सूर्य होता है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए ये कहा। आखिर सलमान को आफताब का मतलब बताने की जरुरत पड़ी, जबकि हर कोई जानता है कि आफताब का मतलब क्या होता है। बता दें कि श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में पुलिस को अब आफताब के परिवार की तलाश है, जो लापता है। यह भी शंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं उनके(परिवार) किसी बयान से आफताब की मुसीबतें बढ़ सकती है। आखिर किस बिल में छिपा है परिवार? कौन दे रहा है उन्हें संरक्षण और क्यों? क्या यह सुनोयोचित हत्या है? क्या परिवार भी इस हत्या खेल में शामिल है? मुंबई के मीरा रोड स्थित उसका फ़्लैट खाली है। दीवाली के आसपास परिवार यहाँ रहने आया था।

श्रद्धा जिस कंपनी में काम करती थी, उसके मैनेजर करण बारी का बयान भी पुलिस दर्ज करेगी। उन्होंने जानकारी दी है कि नवंबर 2020 में श्रद्धा ने उन्हें आफताब द्वारा पीटे जाने की बात बताई थी। करण ने अपने एक परिचित को श्रद्धा की मदद के लिए भी भेजा था। आफताब का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें वो अपने घर से कुछ लेकर जाता दिख रहा है। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद होने की बात कही जा रही है।