अलीगढ़ के एक मौलाना ने वक्फ संशोधन कानून के पास होने पर देश के विभाजन की धमकी दी है। उसका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मौलाना ने कहा है कि वक्फ कानून के चलते 1947 वाला हाल होगा। बताया जा रहा है कि वह जमीयत उलेमा का महानगर अध्यक्ष है। उसका नाम मुफ़्ती अकबर कासमी है।
वक्फ कानून पर बोलते हुए मौलाना कासमी ने कहा, “अगर दोबारा इस मुल्क को खूबसूरत बनाना है तो इस कानून को वापस लेना होगा। वरना कहीं ऐसा ना हो कि मुस्लिम सड़कों पर आ जाए और फिर दोबारा 1947 वाला वाकया दोहराया जाए।” मौलाना का यह बयान आप नीचे लगे वीडियो में 0:38 सेकंड से 2:36 सेकंड के बीच सुन सकते हैं।
मौलाना ने कहा कि वह इस कानून के विरोध में सिर कटा लेंगे लेकिन झुकाएंगे नहीं। मौलाना ने कहा कि वह इस कानून के लिए पीढ़ियों तक लड़ाई रखेंगे। गौरलतब है कि मुस्लिमों ने 1947 हिन्दुओं का नरसंहार कर अपने लिए अलग मुल्क पाकिस्तान लिया था।
इस बयान का विश्व हिन्दू परिषद ने विरोध किया है। VHP के बृज प्रांत के मीडिया प्रभारी प्रतीक रघुवंशी ने मौलाना पर कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा है कि मौलाना ने देश तोड़ने वाली बात की है।
पीड़ित हिन्दू विकास (बाएँ) के आई चोटें उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ईद पर शराब पी रहे मुस्लिमों ने एक विश्व हिन्दू परिषद (VHP) कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला किया। हिन्दू व्यक्ति ने मुस्लिम युवकों को शराब पीने से रोका था। मुस्लिमों ने पूरे शरीर पर चाकू मारे और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित हिन्दू का इलाज चल रहा है। मामले में FIR दर्ज करवाई गई है।
यह घटना अलीगढ़ के छर्रा थाना क्षेत्र के सलगवाँ गाँव में हुई है। इस मामले में पीड़ित विकास सिंह के मामा ने बताया है कि उनका भांजा ईद (31 मार्च, 2025) के दिन काम निपटा कर गाँव आ रहा था। गाँव के ही मोड़ पर उसे 3-4 लोग शराब पीते हुए दिखाई दिए।
विकास ने उन्हें सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने से मना किया। इसके बाद मुस्लिम भड़क गए। उनमें से एक अमन ने विकास का नाम पूछा। विकास ने जब अपना नाम बताया तो अमन ने कहा कि यह व्यक्ति हिन्दू है और इसे मारो। इसके बाद अमन ने अपने साथी फरहत और अरबाज के साथ मिलाकर हमला कर दिया।
उन्होंने विकास को पकड़ कर चाकू मारे। इससे विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। विकास इसके बाद किसी तरह यहाँ से बच कर निकला। उसके मामा ने बताया है कि मुस्लिम विकास को जान से मार देना चाहते थे। इसके बाद विकास को अस्पताल ले जाया गया। विकास को इस हमले में गंभीर चोटें आई हैं।
मामले में छर्रा थाने में FIR लिखवाई गई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है। पीड़ित विकास को गंभीर चोटों के चलते अलीगढ़ के एक अस्पताल रेफर किया गया है। मामले में अब पुलिस कार्रवाई कर रही है। उसने 2 मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।
मामले में छर्रा थाना CO धनंजय कुमार ने बताया है कि इस संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और 2 मुख्य आरोपितों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने बताया है कि वह अब आगे की कार्रवाई कर रही है।
थाना छर्रा- दि0 31.03.25 को शाम 07:00 बजे सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सलगवां में एक व्यक्ति विकास पर कुछ लोगों द्वारा मारपीट की घटना कारित की गई है, पीडित को उपचार हेतु भेजा गया और प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया और 02 मुख्य आरोपियों को हिरासत… pic.twitter.com/tIXvatUhq1
ऑपइंडिया ने इस विषय में विश्व हिन्दू परिषद के बृज प्रांत के मीडिया प्रभारी प्रतीक रघुवंशी से भी बात की। उन्होंने बताया कि पीड़ित विश्व हिन्दू परिषद का कार्यकर्ता है और उस पर हमला करने वाले मुस्लिम उसे पहले से जानते रहे हैं। प्रतीक रघुवंशी ने बताया कि पीड़ित ड्राइवर का काम करता है और मुस्लिम उस पर शराब पीने से रोके जाने के चलते हमला किया।
प्रतीक रघुवंशी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग की है। उन्होंने कहा है कि विश्व हिन्दू परिषद इस मामले में कार्रवाई ना होने पर सड़कों पर भी उतरेगा।
मंदिर में पेशाब करने वाले सोहिल और इरफ़ान अलीगढ़ में गिरफ्तार, घटनास्थल दिखाते हिन्दू संगठन के सदस्य (चित्र- FB/अलीगढ़ खबर) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हिन्दू भावनाओं को आहत करने का मामला सामने आया है। यहाँ सोहिल और इरफ़ान नाम के 2 युवकों पर मंदिर में पेशाब करने का आरोप लगा है। नाराज हिन्दू संगठनों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (26 जून, 2024) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अलीगढ़ के थाना क्षेत्र अकराबाद की है। यहाँ हिन्दू संगठन के सदस्य प्रशांत कुमार ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में प्रशांत ने बताया कि अकराबाद कस्बे के ही अंदर हिन्दुओं का भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में आसपास के अलावा काफी दूर के श्रद्धालु पूजा करने आते है। आरोप है कि बुधवार (26 जून) को सोहिल और इरफ़ान ने मंदिर परिसर में घुस कर पेशाब किया। स्थानीय हिन्दू संगठन पदाधिकारी विशाल शर्मा ने इस दोनों को लगभग 22 वर्ष का बताते हुए ‘जेहादी’ शब्द से सम्बोधित किया है।
हिन्दू संगठनों का आरोप है कि सोहिल और इरफ़ान ने यह हरकत जानबूझकर हिन्दू भावनाओं को आहत करने के लिए की है। दोनों का घर मंदिर के पीछे ही बताया गया है। दावा किया गया है कि हिन्दू संगठनों का आरोप है कि सोहिल और इरफ़ान ने यह हरकत जानबूझकर हिन्दू भावनाओं को आहत करने के लिए की है। दोनों का घर मंदिर के पीछे ही बताया गया है। इस घटना की सूचना पर पुलिस फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। तहरीर ले कर सोहिल और इरफ़ान को FIR में नामजद आरोपित बना लिया गया है।
इस घटना पर डिप्टी एसपी राजेश द्विवेदी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि दोनों नामजद आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने नाराज लोगों को समझाबुझा कर शाँत करवाया। मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल अकराबाद में हालत शांतिपूर्ण हैं।
सैम पित्रोदा (बाएँ) और राहुल गाँधी (दाएँ ) (चित्र साभार: Mint & India Today) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अप्रैल 2024 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘कांग्रेस और इंडी गठबंधन की नजर, अब आपकी कमाई और आपकी संपत्ति पर है। कांग्रेस का कहना है कि उनकी सरकार आई तो कौन कितना कमाता है, किसके पास कितनी प्रॉपर्टी है, किसके पास कितना धन है। किसके पास कितने मकान हैं। उसकी जांच कराएंगे। इतना ही नहीं वो आगे कहते हैं, ये जो संपत्ति है, उनको सरकार अपने कब्जे में लेकर उसको सबको बांट देगी। आपकी मेहनत की कमाई, आपकी संपत्ति पर कांग्रेस अपना पंजा मारना चाहती है। आपका स्त्री धन लूटना चाहती है। माताओं-बहनों का मंगलसूत्र अब सलामत नहीं रहेगा।’
फिरोज जहांगीर खान की पोती प्रियंका हिन्दू कब से हो गयी? कब हिन्दुत्व अपनाया, जो कह रही है कि 'मेरी माँ ने देश की खातिर मंगलसूत्र न्यौछावर कर दिया'? क्या मुस्लिम समाज में सुहागन मंगलसूत्र पहनती है?
मोदी के इस बयान पर विपक्ष हंगामा कर रहा है कि मोदी भड़काऊ बयानबाज़ी कर मुद्दों से भटका रहे हैं। चुनाव आयोग में शिकायत की जा रही है, जो इस बात को साबित करता है कि कांग्रेस को ही नहीं मालूम की मेनिफेस्टों में क्या लिखा है और कांग्रेस का बंटाधार करने वाला राहुल अपने भाषण में इस बात को कह रहा है। यानि परिवार भक्ति में डूबी कांग्रेस को भी न मैनिफेस्टो की चिंता और न ही राहुल के भाषणों की।
देखिए वीडियो:-
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने मृत्यु के बाद लोगों की आधी सम्पत्ति जब्त करने के कानून की वकालत की है। उन्होंने इसके लिए अमेरिकी कानून का हवाला दिया है। पित्रोदा का बयान राहुल गाँधी के सम्पत्ति के सर्वे और उसे दोबारा बाँटने के वादों के बीच आया है।
#WATCH | Chicago, US: Chairman of Indian Overseas Congress, Sam Pitroda says, "...In America, there is an inheritance tax. If one has $100 million worth of wealth and when he dies he can only transfer probably 45% to his children, 55% is grabbed by the government. That's an… pic.twitter.com/DTJrseebFk
ओवरसीज कांग्रेस के मुखिया सैम पित्रोदा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अमेरिका में एक विरासत कर (इनहेरिटेंस टैक्स) है। अगर किसी व्यक्ति के पास 100 मिलियन डॉलर है और जब वह मरता है तो वह केवल इसका 45% ही अपने बच्चों को दे सकता है, 55% सरकार के खजाने में जाता है। इस कानून के अनुसार, आपने अपने समय में सम्पत्ति बनाई और अब इसे जनता के लिए छोड़ दीजिए। पूरी नहीं तो कम से कम आधी तो जनता के लिए छोड़ ही दें। मुझे ये एकदम सही लगता है।”
इसके बाद सैम पित्रोदा ने इस कानून की वकालत में कहा, “भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है, भारत में अगर किसी के पास 10 बिलियन डॉलर (लगभग 82,000 करोड़ रूपए) हैं और वह मरता है तो उसके बच्चों को पूरे 10 बिलियन डॉलर मिलते हैं। जनता को उसमे से कुछ नहीं मिलता। यह कुछ मामले हैं जिन पर बहस और विचार होगा। जब हम सम्पत्ति दोबारा से बाँटने के बारे में बात करेंगे तो इसका मतलब नए कानून और नीतियों पर बात करना होगा।”
सैम पित्रोदा ने आरोप लगाया कि भारत के लोग अपने नौकरों को पैसा नहीं बांटते बल्कि उस पैसे से दुबई और विदेश घूमने टहलने जाते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस यदि सत्ता में आती है तो वह नौकरों और घर में काम करने वालों को कितना पैसा दिया जाए इसके लिए भी नियम बनाएगी।
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी लगातार देश के लोगों के सम्पत्ति के सर्वे की बात कर रहे हैं। कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी सर्वे की बात की गई है। राहुल गाँधी ने यह भी कहा है कि सर्वे के बाद सम्पत्ति का दोबारा से बँटवारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के इस चुनावी एजेंडे को लेकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस महिलाओं का मंगलसूत्र छीनना चाहती है। कांग्रेस के सम्पत्ति बँटवारे की योजना को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘जनता के धन को लूटना कांग्रेस अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझती है। सेना की हर खरीद में घोटाले करने वाली कांग्रेस कभी यहां डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनवा सकती थी। बीजेपी की वजह से अब हमारा यूपी आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर सेना का बहुत बड़ा हब बनने जा रहा है। कुछ दिन पहले ही हमने ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप फिलिपींस को निर्यात की है। आने वाले दिनों में ये घातक ब्रह्मोस मिसाइल भी यूपी में बनेंगी।’
अलीगढ़ की विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘अलीगढ़, हाथरस और आसपास के छोटे, लघु और कुटीर उद्योग ये सभी विकसित भारत की ऊर्जा हैं। आपके काम को बढ़ावा मिले, इसलिए भाजपा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर बल दे रही है। अलीगढ़ के ताले हों, हाथरस का हींग हो, मेटल उद्योग हो, गारमेंट उद्योग हो, गुलाल उद्योग हो, भाजपा सरकार हर उद्योग की ताकत बढ़ा रही है।’
उन्होंने ये भी कहा कि ‘आजकल जब मैं कहता हूं कि 10 साल में जो किया वो ट्रेलर है, अभी तो बहुत सारा काम करना है। और जब मैं इतनी सारी बातें बताता हूं न तो सपा-कांग्रेस वाले को समझ ही नहीं आता ये मोदी कहां ले जा रहा है। वो मोदी के साथ कदम ही नहीं मिला पा रहे हैं। ये मोदी है, आपके लिए जीता है, वो रुकना जानता नहीं है। और इसीलिए क्योंकि मैंने तय किया है, आपका सपना ही मेरा संकल्प है।’
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऐसा लगता है मानो जैसे-जैसे समय बीत रहा है, CAA-NRC का विरोध अब शाहीन बाग़ से होते हुए अपने असल....
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The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal
Jawahar Lal Nehru Moti Lal Nehru SOMETIME back I used to receive a pamphlet titled “ SHAKTI SANDESH ” published from Calcutta a...
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कांग्रेस-सपा जैसी पार्टियों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की और मुसलमानों के राजनीतिक-सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं किया। और जब मैं पसमांदा मुसलमानों की मुसीबत की चर्चा करता हूं, तो इनके बाल खड़े हो जाते हैं, क्योंकि ये उपर के लोगों ने मलाई खाई है और पसमांदा मुसलमानों को भी उसी हालत में जीने के लिए इन लोगों ने मजबूर कर दिया है।’
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले का नाम बदल कर हरिगढ़ करने की कवायद शुरू हो चुकी है। जिले के सभी पार्षदों ने इस बदलाव के लिए अपनी सहमति दे दी है। महापौर के माध्यम से अब यह प्रस्ताव शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। अलीगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने इसे सनातन परम्परा को आगे बढ़ाने का प्रयास बताया है। यह निर्णय सोमवार (6 नवम्बर, 2023) को लिया गया है।
अलीगढ़ के महापौर प्रशांत सिंघल ने ANI से इस बावत बात की है। उन्होंने बताया कि इस माँग को सोमवार को हुई मीटिंग में पार्षद संजय पंडित ने उठाया था। संजय ने इसका एक प्रस्ताव भी बैठक में पेश किया। अलीगढ़ को हरिगढ़ करने की माँग वाले इस प्रस्ताव को सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से स्वीकार भी कर लिया। महापौर के मुताबिक, अब इस प्रस्ताव पर शासन के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है। साथ ही उन्होंने सकारात्मकता से आशा जताई कि शासन इस माँग को स्वीकार कर के अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ रखेगा।
#WATCH अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: नगर निगम की बैठक में अलीगढ़ का नाम बदल कर हरिगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा, "कल बैठक में एक पार्षद संजय पंडित द्वारा एक प्रस्ताव अलीगढ़ को हरिगढ़ करने का रखा गया। जिसको सर्वसम्मति से सभी पार्षदों ने पास करा दिया।… pic.twitter.com/1qW6vnskoY
अलीगढ़ के महापौर प्रशांत सिंघल ने आगे कहा, “हमारी पुरानी सभ्यता, संस्कृति और सनातन धर्म की परम्परा रही है उसको ही आगे बढ़ाते हुए हम सब जनप्रतिनधियों ने यह माँग उठाई है।” बताते चलें कि अगस्त माह 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM केशव प्रसद मौर्य ने भी अलीगढ़ को हरिगढ़ कह कर सम्बोधित किया था। तब उन्होंने लोगों से नारे लगवाने के दौरान कहा था, “आप दोनों हाथ उठाकर बोलिए जय श्री राम, अरे हरिगढ़ वालों और जोर से बोलिए जय श्री राम।”
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस से पहले भी कई महत्वपूर्ण स्थानों का नामकरण उनके प्राचीन वैदिक नामों से कर चुकी है। इसमें इलाहाबाद को प्रयागराज और फैज़ाबाद को अयोध्या का दिया गया नाम प्रमुख है। हिन्दू संगठन लम्बे समय से अलीगढ़ नाम नाम बदल कर हरिगढ़ करने की माँग उठाते रहे हैं।
सरगना सईद अंसारी और बरामद की गई लड़कियाँ (फोटो साभार: Zee news) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 26 जुलाई 2022 को हिंदू लड़कियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ। झारखंड से लड़कियों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला है। तीन हिंदू लड़कियों को बरामद भी किया गया है। सभी लड़कियाँ झारखंड की हैं। गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से पकड़ा गया। इस गैंग के पीछे निश्चित रूप से कोई न कोई ताकत होगी, जिनके बुते यह काम किया जा रहा था, उसे भी गिरफ्तार कर उसके बैंक खातों सील करने चाहिए।
यह गिरोह नौकरी का झाँसा देकर झारखंड से लड़कियाँ लाता था। इस गिरोह पर शादी के नाम पर लड़कियों को बेचने का भी आरोप है। फिलहाल, थाना गाँधी पार्क पुलिस मामले की जाँच-पड़ताल में जुट गई है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में शामिल मुस्लिम युवक हिंदू नाम से आधार कार्ड बनाकर काम कर रहे था। गिरोह के सरगना सईद अंसारी के पास से दो आधार कार्ड बरामद मिले हैं। इनमें से एक पर उसका असली नाम है, जबकि दूसरे पर उसका नाम राहुल गुप्ता है। गिरोह के सारे सदस्य मुस्लिम हैं। लेकिन हरेक ने हिंदू नाम से भी आधार कार्ड बनवा रखा है। इनका इस्तेमाल वे जरूरत के हिसाब से करते थे।
ऐसे में प्रश्न यह होता है कि आखिर ये फेक आधार कार्ड और वोटर कार्ड कौन बनाता है और किस तरह बनते हैं? क्यों नहीं सरकार ऐसे लोगों पर कोई सख्त कार्यवाही करती? ऐसे लोगों की समस्त सरकारी सुविधाएं समाप्त की जाती?
गिरफ्तार आरोपितों में नफीसा बीबी (उम्र- 30 साल, शौहर-रहीम अंसारी), रहीम अंसारी (उम्र- 35 साल, अब्बा-जहमू), कलाम खान (उम्र- 38 साल, अब्बा- इरदीश खान), सईद अंसारी (उम्र- 43 साल, अब्बा- जमाल अंसारी) और लक्ष्मण लोहरा (उम्र-45 साल, पिता- उदी लोहरा) का नाम शामिल है।
जानकारी के मुताबिक ज्यादातर पीड़ित महिलाएँ हिंदू हैं, जिनको नौकरी के नाम पर बहला-फुसला कर अलीगढ़ के आसपास क्षेत्र में बेचा जाता था। बताया जा रहा है कि ट्रेन के जरिए यह गिरोह अलीगढ़ आया हुआ था। वहीं एक व्यक्ति की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों की मदद से गाँधी पार्क बस स्टैंड पर इन सबको पुलिस ने गिरफ्तार किया।
कैसे हुआ मामले का खुलासा
अलीगढ़ के अतरौली के रहने वाले राजेश शादी के लिए इदरीश नाम के व्यक्ति के साथ झारखंड गया था। वहाँ गिरोह के सदस्यों ने राजेश से मारपीट कर 80 हजार रुपए छीन लिए और उसे पुलिस से पकड़वा दिया। राजेश किसी तरीके से झारखंड से बचकर अलीगढ़ पहुँचा। चार महीने बाद इदरीश ने एक बार फिर राजेश से शादी के लिए संपर्क किया और इस बार शादी के लिए ढाई लाख रुपए माँगे। इस बार राजेश सतर्क था और उसने झारखंड जाने की बजाय उन लोगों को ही अलीगढ़ बुला लिया।
इसके बाद इदरीश चार लड़कियों के साथ गाँधी पार्क बस स्टैंड पहुँचा। इदरीश ने राजेश को भरोसा दिलाया कि उसकी शादी करवा देगा। इसके बाद उसने राजेश से रुपए माँगे। राजेश ने रुपए देने से मना कर दिया। रुपए देने से इनकार करने पर इदरीश ने मारपीट की और पुलिस से फँसवा देने की धमकी दी।
राजेश मुश्किल से जान बचाकर भागा और हिंदूवादी नेता सीटू चौधरी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोग पुलिस को लेकर गिरोह के पास पहुँचे। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी शादी कराने वाले गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से धर दबोचा। राजेश ने बताया कि शादी के नाम पर यह गिरोह लोगों से रुपए लूटने का काम करता है। राजेश ने बताया कि हिंदू नाम रख कर यह लोग गिरोह चला रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University- AMU) एक फिर गलत कारणों से चर्चा में है। यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने अपने लेक्चर में हिंदू देवी-देवताओं (Hindu God) को बलात्कारी साबित करने की कोशिश की। बवाल होने के बाद यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। वहीं, हिंदू संगठनों ने प्रोफेसर पर रासुका लगाने की माँग की है।
निलंबन पत्र को ट्विटर पर शेयर करते हुए AMU ने कहा, “एएमयू ने डॉ जितेंद्र कुमार को किया निलंबित। प्रथम दृष्टया मिसकंडक्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ जितेंद्र को जाँच पूरी होने तक सेवा से निलंबित कर दिया गया है। डॉ कुमार को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
एएमयू ने डॉ जितेंद्र कुमार को किया निलंबित प्रथम दृष्टया मिसकंडक्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए डा जितेंद्र को जांच पूरी होने तक सेवा से निलंबित कर दिया है डा कुमार को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी @PIBHRD@dpradhanbjp@ProfTariqManso1@ANIpic.twitter.com/nSjresfllb
— Aligarh Muslim University (@AMUofficialPRO) April 6, 2022
Intention of Muslims were clear from the beginning but the Maya mentality of Hindus and Buddhists brought India to this point pic.twitter.com/Gs6ZA37Q9z
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि बलात्कार के संदर्भ में पौराणिक घटनाओं की जिक्र प्रोफेसर ने अपने स्लाइड के कंटेंट में किया, जिसकी यूनिवर्सिटी प्रशासन और मेडिसिन विभाग निंदा करता है। छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों और जनता की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले में मेडिसिन विभाग के डीन राकेश भार्गव के निर्देशन में दो सदस्यीय जाँच समिति बनाई गई है। मामला बढ़ने और चारों तरफ आलोचना होने के बाद प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने बिना शर्त माफी माँगी है। हालाँकि, माफी माँगने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है। यूपी पुलिस के क्षेत्राधिकारी ने कहा कि AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ जितेंद्र से संबंधित विवादित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की जानकारी सामने आई है।
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ जितेंद्र से संबंधित विवादित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रकरण में क्षेत्राधिकारी तृतीय की बाइट । @Uppolicepic.twitter.com/kIe60FDFu7
वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने हिंदुओं के लिए न्याय की माँग करते हुए कहा कि प्रो जितेंद्र का अस्थायी निलम्बन कर AMU अपने कुकर्मों पर पर्दा डाल रहा है। उन्होंने VC और आरोपित के निलंबन के साथ-साथ रासुका लगाकर अविलंब गिरफ्तारी की माँग की।
बंसल ने कहा कि हिंदू देवी देवताओं को बलात्कारी बताने वाले AMU के प्रोफेसर उसके उसके सभी षड्यंत्रकारियों पर रासुका लगा कर कठोरतम कार्यवाही जरूरी है। उन्होंने कहा, “जिहादी व कम्युनिस्टों के इन जहरीले फनों को अविलंब कुचलना जरूरी है।”
हिंदू देवी देवताओं को बलात्कारी बताने वाले #AMU प्रोफेसर व उसके सभी षड्यंत्रकारीयों पर रासुका लगा कर कठोरतम कार्यवाही जरूरी है। जिहादी व कम्यूनिष्टों के इन जहरीले फानों को आबिल्म्ब कुचलना जरूरी है।
— विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal) April 6, 2022
क्या हुई माफीनामा है बस... कोई क़ानूनी कार्यवाही नहीं हुई है .....
— 🇮🇳🚩शिवान्शु शर्मा 🇮🇳🚩 (@shivanshu9911) April 6, 2022
— Dr Narain Rupani ( surgeon ) (@DrRupani) April 6, 2022
डॉ. जितेंद्र कुमार AMU से संबद्ध जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वह मंगलवार (5 अप्रैल 2022) को सेक्सुअल ऑफेंस पर लेक्चर के दौरान हिंदू पौराणिक घटनाओं का संदर्भ लेते हुए एक स्लाइड शो शेयर किया। इसमें उन्होंने ब्रह्मा, इंद्र और भगवान विष्णु के चरित्र पर सवाल उठाया।
लेक्चर के दौरान प्रोफेसर जितेंद्र ने कहा कि ब्रह्मा ने अपनी पुत्री के साथ रेप किया। इंद्र ने गौतम ऋषि को धोखा देते हुए उनकी पत्नी के साथ संबंध बनाए। दैत्यराज जलंधर की पत्नी के साथ विष्णु ने संबंध जोड़ा। लेक्चर के दौरान इन संदर्भों को देखकर विद्यार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। टिप्पणी के बाद बुधवार (6 अप्रैल) को भी यूनिवर्सिटी में माहौल गरमाया हुआ है।
इससे पहले बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भी हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा पर हंगामा मचा था। BHU में एक पेटिंग प्रदर्शनी के दौरान भगवान श्रीराम की पेंटिंग के ऊपर प्रोफेसर ने अपनी और माता सीता की पेटिंग पर अपनी पत्नी की तस्वीर लगा दिया था। इसको लेकर भी भारी बवाल हुआ था।
अलीगढ़ में प्रशासन ने 2 मस्जिदों को ढ़ंका (चित्र साभार - @AshrafFem) साम्प्रदायिक रूप से अतिसंवेदनशील माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh, Uttar Pradesh) में प्रशासन ने होली को देखते हुए 2 मस्जिदों को कपड़े से ढंक दिया है। प्रशासन के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि एक साथ पड़ रही होली और शब–ए–बारात में कोई साम्प्रदायिक तनाव न फैले। वहीं, लखनऊ में 22 मस्जिदों ने होली के कारण अपने जुमे की नमाज के समय को बदल दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन मस्जिदों को कपड़े से ढंका गया है, उनके नाम शीशे वाली मस्जिद और बाबरी मंडी की मस्जिद है। अलीगढ़ के एसपी सिटी कुलदीप सिंह के मुताबिक, “ऐसा कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि कोई शरारती तत्व मस्जिद पर रंग न डाल पाए। होली और शब-ए-बारात साथ पड़ने के चलते पुलिस अतिरिक्त सावधानी बरत रही है। होलिका दहन में कोई साम्प्रदायिक तनाव न फैले इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल मिश्रित आबादी वाले इलाकों में तैनात किया गया है। पुलिस द्वारा ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी।”
अलीगढ़ में स्थित एक मस्जिद को होली के मद्देनजर प्रशासन द्वारा पर्दे से ढंक दिया गया है। बताया जा रहा है कि होली के दौरान शांति और सौहार्द बनाये रखने के लिए अलीगढ़ जिला प्रशासन ने ये कदम उठाये हैं… pic.twitter.com/SSI8rCXEy3
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि ऐसा पिछले 5 सालों से होता आ रहा है। यह कदम मस्जिद को गंदगी और रंगों से बचाने के लिए उठाया जाता है। इसमें मस्जिद को कपड़े और पन्नी से ढंका जाता है।
उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ में स्थित एक मस्जिद को सुरक्षा कारणों से प्रशासन की ओर से कपड़े और पन्नी से ढक दिया गया है।
एक व्यक्ति ने बताया, "होली के त्योहार पर रंगों और गंदगी से बचाने के लिए इस मस्जिद को पिछले 5 सालों से प्रशासन की ओर से ढक दिया जाता है।" pic.twitter.com/nf38qlXN6k
10 मार्च 2020 को भी अलीगढ़ के अति संवेदनशील अब्दुल करीम चौराहे की हलवाईयाँ मस्जिद को शामियाने से ढंक दिया गया था। तब भी पुलिस ने इसे मस्जिद पर रंग न गिरने के लिए उठाया गया कदम बताया था। उस समय CAA-NRC में हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती थी।
लखनऊ में जुमे की नमाज का समय बदला
वहीं, होली, शब-ए-बारात और जुमा एक ही दिन पड़ने के कारण 22 मस्जिदों ने नमाज के समय में बदलाव कर दिया है। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के सुन्नी मौलवी और लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने मुस्लिमों से होली के दिन दूसरी मस्जिदों में जाने के बजाए अपने-अपने इलाके की मस्जिदों में नमाज अता करने को भी कहा। साथ ही 5 बजे होली खेलने का वक्त समाप्त होने के बाद ही मस्जिदों और अपने लोगों की कब्रों पर जाएँ।
नमाज का समय बदलने वाले मस्जिदों में जामा मस्जिद ईदगाह, मस्जिद ऐशबाग, अकबरी गेट पर एक मीनारा मस्जिद, मस्जिद शाहमीना शाह और मस्जिद चौक प्रमुख हैं। इन 22 मस्जिदों में जुमे की नमाज का दोपहर 1.30 बजे के बाद कर दिया है। वहीं, ईदगाह स्थित जामा मस्जिद में नमाज दो बजे पढ़ी जाएगी। बता दें कि जुमे की दिन ‘खुतबा’ के साथ नमाज दोपहर 12.30 बजे के बाद की जाती है। अब यह 1:30 बजे के बाद की जाएगी।