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दाऊद इब्राहिम को ‘अज्ञात’ ने जहर देकर नहीं मारा, अनाम रिश्तेदार द्वारा मौत की खबरों को गलत बताना एक गहरा षड़यंत्र, जबकि ट्वीट प्रधानमंत्री का था

इस्लामी आतंकी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को कराची में अज्ञात व्यक्ति द्वारा जहर दिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे सही नहीं हैं। यह उसके एक रिश्तेदार ने बताया है। इससे पहले 17 दिसम्बर 2023 को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था कि दाऊद को जहर दिया गया है और अस्पताल में उसकी मौत हो गई है।

रिश्तेदार द्वारा दाऊद की मौत का खंडन करना, लेकिन प्रधानमंत्री के ट्वीट को फेक बताना, क्या कोई गहरा षड़यंत्र है? कोई न कोई तो राज है? क्योकि बिना चिंगारी के कभी धुआँ नहीं होता। शंका व्यक्त की जा रही है, कि एक, समाचार में वजन है या फिर अज्ञात हत्यारों का डर इतना है कि दाऊद को अज्ञातवास में गुमनामी की मौत करने के छुपा दिया है।  जिस तरह भारत के most wanted आतंकियों की आए दिन अज्ञात लोगों द्वारा हत्या होने के डर से उनके सरगनाओं को ISI संरक्षण में रखे हुए है, क्या उसी तरह दाऊद को किसी अज्ञात जगह पर छिपाया गया है? दाल में कुछ काला तो जरूर है। प्रधानमंत्री द्वारा ट्वीट करना, सरकारी स्तर पर उसका खंडन नहीं होना और ये कहना कि fake account है, यदि fake account है तो किसने किया? क्योकि किसी देश के प्रधानमंत्री के twitter account से कुख्यात तस्कर के मौत की खबर आना अपने आपमें बहुत कुछ स्पष्ट कर रहा है।  

इन दावों में कहा गया था कि दाऊद इब्राहिम को जहर किसी अज्ञात आदमी ने दिया और इसके बाद उसे कराची स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहाँ गंभीर हालत में दो दिन रहने के बाद उसकी मौत हो गई। हालाँकि, ना ही दाऊद के परिवार ने और ना ही किसी अन्य आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि हुई थी।

दरअसल, वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाके करवाने वाला दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान के कराची के बेहद पॉश एवं सुरक्षित क्लिफ्टन इलाके में रहता है। भारतीय एजेंसियाँ लंबे समय से इसकी बारे में कहती रही हैं। हालाँकि, 1993 के बाद से उसकी कोई भी फोटो बाहर तक नहीं आई है।

अब सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों को लेकर समाचार वेबसाइट रिपब्लिक ने एक रिश्तेदार के हवाले से कहा है कि दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की खबर सही नहीं है। रिपब्लिक ने दाऊद के रिश्तेदार का नाम स्पष्ट नहीं किया है। उसने रिश्तेदार के हवाले से बताया है कि दाऊद को जहर देने की बात अफवाह है।

उस कथित रिश्तेदार ने यह भी बताया कि दाऊद अभी कहाँ है, इसके बारे में उसे जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में यह भी कहा गया था कि दाऊद की मौत के चलते पाकिस्तान में इन्टरनेट भी बंद कर दिया गया था। दाऊद की मौत पर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ के नाम से एक ट्वीट भी वायरल हुआ था।

हालाँकि, सामने आया था कि पाकिस्तान में इन्टरनेट में आ रही समस्याओं का सम्बन्ध 18 दिसम्बर 2023 को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की ‘तहरीक-ए-इन्साफ'(PTI) की एक वर्चुअल रैली से था। PTI का कहना था कि सरकार उनकी रैली को रोकने के लिए इन्टरनेट में रुकावट डाल रही है।

अवलोकन करें:-

मर गया ‘मानवता का मसीहा’ दाऊद इब्राहिम, पाकिस्तानी PM ने किया ट्वीट : सोशल मीडिया पर वायरल खबर की

वही, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ के नाम पर वायरल किए गए ट्वीट की जाँच करने पर पता चला था कि यह ट्वीट एक फर्जी अकाउंट से किया गया था। यह पाकिस्तान के कार्यवाही प्रधानमंत्री के नाम पर बनाया गया था। बाद में इस अकाउंट का नाम भी बदल दिया गया।


मर गया ‘मानवता का मसीहा’ दाऊद इब्राहिम, पाकिस्तानी PM ने किया ट्वीट : सोशल मीडिया पर वायरल खबर की सच्चाई

  दाऊद इब्राहिम (बाएँ) और अनवार उल हक काकड़ (दाएँ) (चित्र साभार: India Today & Anwaar_Kaakar/X)
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के कराची में रह रहे अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को जहर दे दिया गया है। इससे उसकी मौत हो गई है। दाऊद की मौत को लेकर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ का एक ट्वीट भी वायरल हो रहा है।

दरअसल, 17 दिसम्बर 2023 की रात से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि दाऊद इब्राहिम को जहर दे दिया गया है। उसे गंभीर हालात में पाकिस्तान के कराची में स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

इसके कुछ देर बाद ये दावे किए गए कि जहर देने के कारण दाऊद इब्राहिम की मौत हो गई है। इसी सम्बन्ध में यह भी दावा किया गया कि दाऊद इब्राहिम की मौत पर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ ने ट्वीट किया है। इस ट्वीट में काकड़ के हवाले से दावा किया गया कि दाऊद की मौत जहर देने के कारण हो गई है।

इस ट्वीट में लिखा है, “मानवता का मसीहा, हर पाकिस्तानी के दिलअजीज हमारे प्यारे महान दाऊद इब्राहिम की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जहर दिए जाने से मौत हो गई है। उन्होंने कराची में आखिरी साँस ली। अल्लाह उन्हें जन्नत में सबसे ऊँचा मुकाम दे। इन्ना लिल्लाही वा इन्ना इलाही राजि’उन।”

हालाँकि, यह दावा कितना सच और कितना झूठ है, इसका फैक्ट चेक ऑपइंडिया ने किया है। पहली नजर में यह ट्वीट एकदम सच नजर आता है। अनवार उल काकड़ की वही तस्वीर, नाम और ट्विटर हैंडल भी एक जैसा ही दिखता है, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह ट्वीट फर्जी है।

दरअसल, जिस ट्विटर हैंडल से यह ट्वीट किया गया है, वह @Anwaar_Kakkar है, यानी काकड़ की स्पेलिंग में इसमें दो K है। वहीं, अनवार उल हक काकड़ के असली अकाउंट देखने पर पता चलता है कि यह ट्विटर हैंडल @Anwaar_Kakar है और इसमें एक ही K है।

अनवार उल हक काकड़ के असली ट्विटर हैंडल को खंगालने पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला। उनकी ट्विटर टाइमलाइन पर आखिरी ट्वीट 16 दिसम्बर 2023 का है। इसमें वह कुवैत के अमीर की मौत पर दुःख जता रहे हैं और श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

जिस फर्जी अकाउंट से यह ट्वीट किया गया है, उसे खंगालने पर पता चला कि अब इसके नाम में अनवार उल हक काकड़ के साथ ही ‘फैन्स’ शब्द भी जोड़ दिया गया है। इसी के साथ ही अनवार उल काकड़ के प्रधानमंत्री बनने के अलावा और कोई ट्वीट नहीं है।


यदि दाऊद को जहर दिए जाने और उसके मरने की खबर सही भी है तो पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर इसे नहीं मानेगा। दरअसल, भारत लम्बे समय से कहता आया है कि दाऊद इब्राहिम कराची के ‘क्लिफ्टन’ क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच रह रहा है। पाकिस्तान की सेना और ISI उसकी सुरक्षा करती है। हालाँकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा यह ट्वीट करने की गुंजाइश नहीं है।

इसके साथ ही इन्टरनेट पर यह भी दावा किया जा रहा है कि दाऊद इब्राहिम की मौत के कारण पाकिस्तान में इन्टरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। दावा किया गया कि पाकिस्तान के लोग अब फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसी वेबसाइट नहीं चला पा रहे।

इस बात का भी सच थोड़ा अलग है। यह बात सही है कि पाकिस्तान में 17 दिसम्बर 2023 को इन्टरनेट सेवाएँ प्रभावित हुई थीं, लेकिन इसका कारण दाऊद इब्राहिम की मौत नहीं है।

इंटरनेट डाउन होने के पीछे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ‘तहरीक-ए-इन्साफ’ की एक वर्चुअल रैली थी। तहरीक-ए-इन्साफ ने खुद भी यह साफ़ किया है कि पाकिस्तान की सरकार उन्हें दबाने और उनकी आवाज जनता तक पहुँचने से रोकने के लिए ऐसा कर रही है।

ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में जहाँ दाऊद की कथित मौत पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ का ट्वीट फर्जी निकला, वहीं पाकिस्तान में दाऊद की मौत पर इन्टरनेट बंद किए जाने का दावा भी अर्धसत्य निकला। दाऊद की मौत को लेकर स्थिति अभी साफ़ नहीं हो पाई है।