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पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने पूरी ट्रेन को कर लिया अगवा, महिलाओं-बच्चों को छोड़ा-100 को बनाया बंधक: 6 पाकिस्तानी फौजियों को मार भी गिराया


पाकिस्तान के बलोचिस्तान में मंगलवार (11 मार्च 2025) को बलोच राष्ट्रवादी लड़ाकों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना के 100 से ज्यादा सैनिकों और अधिकारियों को बंधक बना लिया है। इसमें एंटी टेररिस्ट फोर्स और ISI के लोग भी शामिल हैं।

बलोच लिबरेशन आर्मी का कहना है कि इस हमले में 6 सैनिक मारे गए। ये हमला बोलन जिले के मशकाफ, धादर में हुआ, जहाँ लड़ाकों ने रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया और ट्रेन को रोककर कब्जा कर लिया। ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी और इसमें 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। हमले में ट्रेन ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया।

                                    BLA द्वारा जारी प्रेस रिलीज, फोटो साभार: X_AdityaRajKaul

बलोचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेरू कनरी और गुदालार इलाके में भारी गोलीबारी हुई। वहीं बलोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई हुई, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। हालाँकि उन्होंने महिलाओं, बच्चों और बलोच यात्रियों को रिहा कर दिया।

क्या सच में मर गया आतंकी मसूद अजहर? या फिर कोई गहरा षड़यंत्र ?

मर गया आतंकी मसूद अजहर?  (साभार: PTI)
भारत में सोशल मीडिया पर एक बार फिर से ‘अज्ञात लोग (Unknown Men)’ ट्रेंड हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि आतंकवादी मसूद अजहर मारा गया है। दावा है कि ‘अज्ञात’ ने उसी तरह मसूद अजहर को भी निपटाया है जैसे हाल में पाकिस्तान में कई आतंकी मारे गए हैं।

इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है। आपको बता दें कि दिसंबर 1999 में भारत के विमान को हाईजैक कर कंधार ले जाया गया है, उस दौरान यात्रियों के बदले जिन 3 आतंकियों को छोड़ा गया था – उनमें मसूद अजहर भी शामिल था।

कुछ समय से पाकिस्तान में अज्ञात लोगों द्वारा आतंकियों के मारे जाने से भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में सनसनी फैल रही है। हमें इस बात पर चिंतन करने की जरुरत है कि 'आखिर ये अज्ञात लोगों में ये चेतना कैसे जागी? कहीं इन हत्याओं के पीछे कोई षड़यंत्र तो नहीं? जो आतंकवादी ISI के संरक्षण में हो, उनकी हत्या? संभावनाएं व्यक्त जा रही हैं कि कंगाल पाकिस्तान को चीन भी मदद करने से पीछे हट रहा है, IMF का भी दबाव। 

और अब पाकिस्तान में चुनाव होने वाले वाले हैं और चुनावों में धन की जरुरत होती है। दूसरे, इमरान खान के नामांकन रद्द होना और नवाज़ शरीफ का सियासत में सक्रीय होना, क्योकि सभी जानते हैं कि शरीफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाने की क्षमता रखता है। शरीफ को प्रधानमंत्री बना दिया जाए ताकि भारत के पास जमा 650 बिलियन रुपयों से कुछ अंश लेकर पाकिस्तान को सुचारु रूप से चलाया जा सके। इस विश्व के साथ-साथ भारत को अज्ञात लोगों द्वारा आतंकियों को मारे जाने की ख़बरों से अँधेरे में रख आर्थिक सहायता प्राप्त की जा सके। क्योकि जब तक आतंकी पाकिस्तान में रहेंगे, कोई मुस्लिम मुल्क भी खुलकर पाकिस्तान की मदद करने वाला नहीं। अब तक जितने भी आतंकवादी मारे गए हैं, उन्हें कब और कहाँ दफनाया गया, किसी पाकिस्तानी मीडिया ने पुष्टि नहीं की। क्या इन तथाकथित हत्याओं के पीछे कोई षड़यंत्र नहीं?

मसूद अजहर के मरने की खबरें सोशल मीडिया पर तैरने के बाद भले इसको लेकर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। भले यूजर्स ‘अज्ञात’ को धन्यवाद दे रहे हैं। लेकिन उसकी मौत पर अभी तक पाकिस्तान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तान की मीडिया की ओर से भी इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है। सोशल मीडिया पर सक्रिय पाकिस्तान के पत्रकारों ने भी इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है।

सोशल मीडिया के दावों पर कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट की है, लेकिन इनमें भी उसकी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में ‘अज्ञातों’ ने एक बम ब्लास्ट को अंजाम दिया है, जिसमें मसूद अजहर की मौत हो गई। सोशल मीडिया में कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिस पर लोग मजेदार कमेंट्स भी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार (1 जनवरी, 2024) को तड़के सुबह 5 बजे हुए बम ब्लास्ट में वो मारा गया। बताया गया कि वो उस समय बहावलपुर मस्जिद में जा रहा था। मसूद अज़हर जैश-ए-मुहम्मद का मुखिया था।

‘टाइम्स अलजेब्रा’ नामक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल ने कुछ तस्वीरें भी शेयर की। इनमें से एक तस्वीर में एक कार के परखच्चे उड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में बम ब्लास्ट के बीच लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है, साथ ही वहाँ पुलिस भी दिख रही है। एक अन्य हैंडल ने तो वीडियो तक शेयर कर दिया, जिसमें एक व्यस्त ट्रैफिक वाले इलाके में बम ब्लास्ट होता है। साथ ही ऑक्सीजन मास्क पहले एक मरीज की तस्वीर डाली गई, जिसे मसूद अजहर बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर तो यूजरों ने ‘अज्ञात लोगों’ को धन्यवाद देना भी शुरू कर दिया और कहने लगे कि नए साल पर भी ये ‘Unknown Men’ छुट्टी नहीं ले रहे हैं और अपना काम कर के खुशखबरी दे रहे हैं। वहीं कुछ बॉलीवुड के मीम्स भी शेयर हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि मोहम्मद ज़ुबैर, राना अय्यूब और अरफ़ा खानम शेरवानी जैसे भारत के कथित ‘पत्रकारों’ को बहुत दुःख हुआ होगा। वहीं कई लोगों ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की तस्वीर भी शेयर की।


मर गया ‘मानवता का मसीहा’ दाऊद इब्राहिम, पाकिस्तानी PM ने किया ट्वीट : सोशल मीडिया पर वायरल खबर की सच्चाई

  दाऊद इब्राहिम (बाएँ) और अनवार उल हक काकड़ (दाएँ) (चित्र साभार: India Today & Anwaar_Kaakar/X)
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के कराची में रह रहे अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को जहर दे दिया गया है। इससे उसकी मौत हो गई है। दाऊद की मौत को लेकर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ का एक ट्वीट भी वायरल हो रहा है।

दरअसल, 17 दिसम्बर 2023 की रात से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि दाऊद इब्राहिम को जहर दे दिया गया है। उसे गंभीर हालात में पाकिस्तान के कराची में स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

इसके कुछ देर बाद ये दावे किए गए कि जहर देने के कारण दाऊद इब्राहिम की मौत हो गई है। इसी सम्बन्ध में यह भी दावा किया गया कि दाऊद इब्राहिम की मौत पर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ ने ट्वीट किया है। इस ट्वीट में काकड़ के हवाले से दावा किया गया कि दाऊद की मौत जहर देने के कारण हो गई है।

इस ट्वीट में लिखा है, “मानवता का मसीहा, हर पाकिस्तानी के दिलअजीज हमारे प्यारे महान दाऊद इब्राहिम की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जहर दिए जाने से मौत हो गई है। उन्होंने कराची में आखिरी साँस ली। अल्लाह उन्हें जन्नत में सबसे ऊँचा मुकाम दे। इन्ना लिल्लाही वा इन्ना इलाही राजि’उन।”

हालाँकि, यह दावा कितना सच और कितना झूठ है, इसका फैक्ट चेक ऑपइंडिया ने किया है। पहली नजर में यह ट्वीट एकदम सच नजर आता है। अनवार उल काकड़ की वही तस्वीर, नाम और ट्विटर हैंडल भी एक जैसा ही दिखता है, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह ट्वीट फर्जी है।

दरअसल, जिस ट्विटर हैंडल से यह ट्वीट किया गया है, वह @Anwaar_Kakkar है, यानी काकड़ की स्पेलिंग में इसमें दो K है। वहीं, अनवार उल हक काकड़ के असली अकाउंट देखने पर पता चलता है कि यह ट्विटर हैंडल @Anwaar_Kakar है और इसमें एक ही K है।

अनवार उल हक काकड़ के असली ट्विटर हैंडल को खंगालने पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला। उनकी ट्विटर टाइमलाइन पर आखिरी ट्वीट 16 दिसम्बर 2023 का है। इसमें वह कुवैत के अमीर की मौत पर दुःख जता रहे हैं और श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

जिस फर्जी अकाउंट से यह ट्वीट किया गया है, उसे खंगालने पर पता चला कि अब इसके नाम में अनवार उल हक काकड़ के साथ ही ‘फैन्स’ शब्द भी जोड़ दिया गया है। इसी के साथ ही अनवार उल काकड़ के प्रधानमंत्री बनने के अलावा और कोई ट्वीट नहीं है।


यदि दाऊद को जहर दिए जाने और उसके मरने की खबर सही भी है तो पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर इसे नहीं मानेगा। दरअसल, भारत लम्बे समय से कहता आया है कि दाऊद इब्राहिम कराची के ‘क्लिफ्टन’ क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच रह रहा है। पाकिस्तान की सेना और ISI उसकी सुरक्षा करती है। हालाँकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा यह ट्वीट करने की गुंजाइश नहीं है।

इसके साथ ही इन्टरनेट पर यह भी दावा किया जा रहा है कि दाऊद इब्राहिम की मौत के कारण पाकिस्तान में इन्टरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। दावा किया गया कि पाकिस्तान के लोग अब फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसी वेबसाइट नहीं चला पा रहे।

इस बात का भी सच थोड़ा अलग है। यह बात सही है कि पाकिस्तान में 17 दिसम्बर 2023 को इन्टरनेट सेवाएँ प्रभावित हुई थीं, लेकिन इसका कारण दाऊद इब्राहिम की मौत नहीं है।

इंटरनेट डाउन होने के पीछे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ‘तहरीक-ए-इन्साफ’ की एक वर्चुअल रैली थी। तहरीक-ए-इन्साफ ने खुद भी यह साफ़ किया है कि पाकिस्तान की सरकार उन्हें दबाने और उनकी आवाज जनता तक पहुँचने से रोकने के लिए ऐसा कर रही है।

ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में जहाँ दाऊद की कथित मौत पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकड़ का ट्वीट फर्जी निकला, वहीं पाकिस्तान में दाऊद की मौत पर इन्टरनेट बंद किए जाने का दावा भी अर्धसत्य निकला। दाऊद की मौत को लेकर स्थिति अभी साफ़ नहीं हो पाई है।

केरल : मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन के ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ खोला मोर्चा, अपने ही घर में मृत मिले RTI एक्टिविस्ट

   विजयन की बेटी वीणा और आरटीआई एक्टिविस्ट गिरीश बाबू (फोटो साभार: इंडिया पोस्ट द न्यू इंडियन एक्सप्रेस)
केरल में 47 साल के आरटीआई एक्टिविस्ट गिरीश बाबू की संदिग्ध मौत हो गई है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा के कथित भ्रष्टाचार की विजिलेंस जाँच को लेकर याचिका दायर कर रखी थी। इस पर कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले उनकी मौत की खबर आई।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गिरीश बाबू कोच्चि के कलमस्सेरी में अपने परिवार के साथ रहते थे। 18 सितंबर 2023 की सुबह बेडरूम में पत्नी ने उन्हें मृत पाया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जाँच से ऐसा लगता है कि उनकी मौत का दिल का दौरा पड़ने से हुई है। हालाँकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

यह भी बताया जा रहा है कि गिरीश बाबू को कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी थी। पिछले महीने के एक फेसबुक पोस्ट से पता चलता है कि वे इसका उपचार भी करवा रहे थे।

आरटीआई के जरिए केरल में भ्रष्टाचार की लगातार पोल खोलने के कारण गिरीश बाबू सुर्खियों में रहते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री समेत कई ‘बड़े’ लोगों के खिलाफ खुलासे किए थे। उन्होंने पलारीवट्टोम फ्लाईओवर घोटाले का खुलासा किया था।

हाल ही में मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन पर बिना काम के एक प्राइवेट कंपनी से तीन साल तक पैसे लेने का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयकर जाँच से यह बात सामने आई थी कि वीणा और उनकी कंपनी को हर महीने कुल 8 लाख रुपए बिना काम के मिलते थे। इस तरह से 3 साल तक वीणा और उनकी कंपनी एक्जॉलॉजिक सॉल्यूशंस ने 1.72 करोड़ रुपए कथित तौर पर कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड नाम की कंपनी से लिए थे।

वीणा विजयन के खिलाफ मामले को गिरीश बाबू मुवत्तुपुझा की अदालत में लेकर गए थे। लेकिन ये मामला खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने ऊपरी अदालत में अर्जी लगाई थी। इस मामले में गिरीश ने आयकर अंतरिम बोर्ड ऑफ सेटलमेंट, नई दिल्ली की रिपोर्ट के आधार पर जाँच की माँग की थी। उन्होंने याचिका में सीएम पिनराई विजयन के साथ ही यूडीएफ नेताओं रमेश चेन्निथला, पीके कुन्हालीकुट्टी और वीके इब्राहिमकुंजु का नाम भी शामिल किया था। आरोप लगाया कि इनलोगों को भी रिश्वत मिली थी। इस याचिका पर 18 सितंबर को ही सुनवाई होनी थी। लेकिन 18 सितंबर 2023 की सुबह उनकी मौत का पता चला।