Showing posts with label #Gau Rashtra Mata. Show all posts
Showing posts with label #Gau Rashtra Mata. Show all posts

उत्तर प्रदेश : किस ‘शर्त’ पर चुनावों में सपा के समर्थन को तैयार हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, क्यों हिंदू विरोधी अतीत को दे रहे हैं ‘क्लीनचिट’?

      स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आरती करतीं डिंपल यादव और अखिलेश यादव (फोटो साभार: X/Dimple Yadav)
जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव निकट आ रहे हैं, सनातन को अपमानित करने वाली समाजवादी पार्टी ने कालनेमि बन हिन्दुओं को गुमराह करने साधु-संतों की शरण में जाना शुरू कर दिया है। हिन्दू यह भी नहीं भुला कि किस तरह समाजवादी नेता रामायण के पृष्ठ फाड़ रहे थे, सनातन के विरुद्ध बयानबाज़ी कर रहे थे और आज सत्ता पाने उसी सनातन की शरण में जा रही है। लेकिन हिन्दुओं को इन सनातन विरोधियों से बंगाल की तरह दूरी बनानी होगी।       
गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और गौहत्या पर प्रतिबंध की माँग को लेकर निकाली जा रही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गविष्ठी यात्रा’ लगातार चर्चाओं में है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा को लेकर यह सवाल उठ रहे थे कि इसे समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने हाईजैक तो नहीं कर लिया है। अब अखिलेश यादव के एक बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है।

दरअसल, अखिलेश यादव ने शुक्रवार (12 जून 2026) को एटा में कहा कि शंकराचार्य भी PDA हो गए हैं। विधानसभा चुनाव 2026 में टिकट बँटवारे को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “पूजनीय शंकराचार्य जी भी पीड़ित, दुखी, अपमानित हो रहे हैं इस सरकार में। वह भी PDA हो गए हैं, इसलिए हम उनके साथ हैं।” अखिलेश यादव के इस बयान और यात्रा में सपा नेताओं के शामिल होने पर उठ रहे सवालों को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने ऑपइंडिया से बात की है।

गलफहमी ना पालें अखिलेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष

3 मई 2026 से शुरू हुई इस 81 दिवसीय यात्रा को लेकर संजय पांडेय ने कहा कि यात्रा को लेकर जनता का रुख सकारात्मक है और यात्रा के बाद से मुस्लिम और ईसाई भी समर्थन में आ गए हैं। वहीं, अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कुछ भी अखिलेश जी ने बयान दिया है कि महाराज जी PDA का हिस्सा हो गए हैं, तो ये उनकी गलतफहमी है। महाराज जी सिर्फ सनातन धर्म के हैं। वो किसी राजनीतिक दल के नहीं हैं।”

हालाँकि, उन्होंने कहा, “अगर PDA अभी यह घोषणा कर दे कि सरकार बनने पर गाय को ‘राज्य माता’ घोषित किया जाएगा और गौकशी पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी, तो उन्हें शंकराचार्य जी का समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा। वे और उनके समर्थक PDA के साथ खड़े होंगे। लेकिन अगर ऐसा नहीं किया गया तो शंकराचार्य जी का समर्थन उन्हें नहीं मिलेगा।”

संजय पांडेय ने कहा, “यह किसी विशेष दल का समर्थन करने का मामला नहीं है। अगर बीजेपी, कॉन्ग्रेस या PDA कोई भी दल अपने घोषणा पत्र में गाय को राज्य माता घोषित करने और गोकशी बंद कराने का लिखित व सार्वजनिक वादा करेगा तो उन्हें समर्थन दिया जाएगा। यह मुद्दा किसी पार्टी का नहीं बल्कि गौ माता के प्राणों की रक्षा का है।”

सपा-कांग्रेस के नेताओं के यात्रा में शामिल होने पर क्या बोले अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा को लेकर यह सवाल पूछा जा रहा है कि कहीं उनकी यात्रा को उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों ने हाईजैक तो नहीं कर लिया है। दरअसल, उनकी यात्रा के मंचों पर सपा और कांग्रेस के नेता खूब नजर आ रहे हैं और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रुख सरकार को लेकर गोरक्षा के विषय से आगे बढ़कर आक्रामक नजर आ रहा है।

कुछ दिनों पहले उनकी यात्रा जब इटावा के सैफई पहुँची तो उनके मंच पर अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव नजर आए थे। इस दौरान उन्होंने मुलायम सिंह यादव के परिवार की न सिर्फ जमकर तारीफ की बल्कि मुलायम सिंह को ‘संतों का सम्मान करने वाला’ और ‘दशकों पुराना सच्चा हितैषी’ तक करार दे दिया।

उन्होंने अखिलेश यादव और डिंपल यादव को ‘बड़े दिल वाला’ बताते हुए मुलायम सिंह यादव द्वारा पूर्व में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की गिरफ्तारी का भी एक तरह से बचाव कर डाला था। इस बारे में भी संजय पांडेय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रुख स्पष्ट किया है।

संजय पांडेय ने कहा, “किसी भी राजनीतिक दल वाले आ रहे हैं तो वो सनातनी ही हैं। जब मुस्लिम समर्थन कर रहे हैं, गौ माता को राष्ट्र माता बोल रहे हैं जबकि उनके धर्म में पशु माना जाता है। तो जब वो तैयार हो गए हैं, किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिंदू अगर आ रहा है, तो उसका स्वागत है। उसमें भाजपा के भी लोग आएँ, उनके लिए भी कोई रोक नहीं है।”

‘सपा के हिंदू विरोधी अतीत’ से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा, “शंकराचार्य जी महाराज, परंपरा से जुड़े हुए हैं और सपा की सच्चाई भी इनको मालूम है। सपा जहाँ गड़बड़ है, सपा जो गलत कर रही है धर्म विरोधी, तो सपा का भी विरोध रहेगा। अभी जब राजकुमार भाटी ने बयान दिया था ब्राह्मणों और धर्म के खिलाफ तो महाराज श्री ने उनकी भी निंदा की थी और कहा था कि समाजवादी पार्टी को जनता ठीक कर देगी।”

उन्होंने कहा, “जितना धर्म के अंश में वह काम करेंगे, उतना ही शंकराचार्य जी का उनके साथ समर्थन रहेगा, आशीर्वाद रहेगा। जो भी अधर्म करेगा, यहाँ तक कि हम शिष्य भी अगर अधर्म करेंगे तो हम लोग को वह मार के भगा देंगे। शंकराचार्य जी को केवल शास्त्र और धर्म से मतलब है और किसी से कोई उनका और मतलब नहीं है। अगर कोई ऐसा सोचता है तो उसकी मूर्खता है।”

वहीं, मजहबी आधार पर आरक्षण की माँग करने वाली पार्टियों को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने हर तरह के आरक्षण का विरोध करने की बात कही हैं। उन्होंने कहा, “हम लोग तो किसी आधार पर आरक्षण नहीं चाहते हैं। किसी भी मजहब या किसी भी तरह से, आरक्षण से हम लोग का देश नष्ट ही हो जाएगा। शंकराचार्य जी का मानना है कि आरक्षण नहीं होना चाहिए।”