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उत्तर प्रदेश : कांग्रेस नेता जलालुद्दीन ने दिव्याँग हिंदू की पत्नी को पार्टी ऑफिस में ले जाकर किया रेप, धर्मांतरण का डाला दबाव; घर भी कब्जाया: पहले से दर्ज हैं 1 दर्जन मामले, FIR के बाद गिरफ्तार

           कांग्रेस नेता जलालुद्दीन और पीड़िता की प्रतीकात्मक पोटो (फाइल फोटो, साभार- अमर उजाला, Dall-E)
आगरा में कांग्रेस पार्टी के महानगर उपाध्यक्ष जलालुद्दीन को पुलिस ने गुरुवार (10 जुलाई 2025) को गिरफ्तार किया है। उस पर एक हिंदू महिला के साथ 3 साल तक रेप करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है।

पीड़ित महिला ने जलालुद्दीन के खिलाफ रेप, धर्मांतरण और जानलेवा हमला करना के लिए शिकायत दर्ज करवाई है। आरोपित सगीर फातिमा गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर का रहने वाला है। इस समय वह ताजगंज के बगीची बिंदा भगत में रहता है।

पीड़िता ने 4 जुलाई 2025 को आगरा के शाहगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उसने अपने ऊपर हुए चाकू के हमले का वीडियो फुटेज भी दिखलाया है। शिकायत में महिला ने बताया कि पेशे से वकील जलालुद्दीन से उसकी मुलाकात 2019 में दीवानी कोर्ट में हुई थी। जान-पहचान बढ़ाकर मदद के बहाने वह महिला के घर आने लगा। महिला का पति दिव्यांग है।

2019 में ही सितंबर में जलालुद्दीन महिला को दवा दिलाने के लिए लेकर गया। इस दौरान वह उसे एमजी रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय लेकर गया। वहाँ उसने महिला के साथ रेप किया। इसके बाद शिकायत करने पर बदनाम करने की धमकी दी और बार-बार उत्पीड़न किया।

यही नहीं, जलालुद्दीन ने महिला पर धर्म बदलने और निकाह करने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने बताया कि उसकी माँ की मौत के बाद जलालुद्दीन ने उसके घर पर कब्जा कर लिया। घर में रखे पूजा के सामान और देवी-देवताओं के सामान फेंक दिए। उसे नमाज अदा करने और रोजे रखने का दबाव बनाया।

नेता के डर से महिला मार्च में पति के साथ गुजरात के राजकोट चली गई। कांग्रेस नेता ने इसके बाद उस पर ताजगंज थाने में चोरी का मुकदमा लिखवा दिया। मुकदमे की जानकारी मिलने पर महिला वापस आगरा आई।

इसके बाद महिला ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से अपनी कहानी बताई और शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने जलालुद्दीन के खिलाप जाँच शुरू की। उसे पुलिस ने गुरुवार को जीआईसी ग्राउंड के पास से गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जलालुद्दीन पर 1 दर्जन से भी अधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। इनमें 2016 में बंधक बनाकर रेप करने के साथ 1989 में भी चोरी, बलवा, जानलेवा हमला, छेड़छाड़ और डकैती तक के मामले शामिल हैं।

अवलोकन करें:-

‘गजवा-ए-हिंद’ के बारूद से देश में चल रही कितनी हथियार फैक्ट्री, कितने सलाऊद्दीन ‘हकीम’ बन घरों म
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जलालुद्दीन ने पीड़ित महिला के साथ का अपने निकाहनामा से जुड़े कागज भी वायरल किए हैं। पीड़िता ने इसे फर्जी बताया है। इस मामले में पुलिस ने अपनी जाँच तेज कर दी है। पीड़िता और उसके पति के बयान कोर्ट में दर्ज करवाया जाएगा।

NEET पेपर लीक में अब पत्रकार जमालुद्दीन गिरफ्तार: स्कूल प्रिंसिपल एहसान उल हक से था लगातार संपर्क; विपक्ष की बढ़ती परेशानी

NEET पेपर लीक मामले में महामहिम के भाषण पर चर्चा होने से पहले विपक्ष द्वारा संसद में हंगामा करना एक बहुत गहरा षड़यंत्र है। विपक्ष की कोशिश है कि सरकार का इधर-उधर ध्यान भटकाकर दोषियों तक सरकार के हाथ न पहुँचने पाएं। जब तक राजनीतिक संरक्षण नहीं होगा पेपर लीक नहीं हो सकता। मोदी सरकार अच्छी तरह जानती है, इसीलिए सदन शुरू होने से पहले ही इस उलझन के सूत्रधारों तक कानून कदम बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख ने विपक्ष की नींद हराम कर दी। अब उनके पास हंगामा करने के अलावा कोई और काम नहीं। सदन का नियम है कि पहले महामहिम के भाषण पर चर्चा और उसके बाद ान गतिविधियां। लेकिन विपक्ष अपनी हेकड़ी दिखा अपने अनुसार सदन चलाना जा रहा है, जो लोक/राज्य सभा नियम के विरुद्ध है।   

NEET पेपर लीक मामले में CBI की कार्रवाई जारी है। सीबीआई ने शुक्रवार (28 जून) की शाम को शुक्रवार (28 जून) को झारखंड के हजारीबाग से ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम और पत्रकार जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया है। इसके पहले चार और आरोपित पकड़े गए हैं। सभी आरोपितों को CBI प्लेन से दिल्ली लाने की तैयारी में है।

जाँच के दौरान सीबीआई ने एहसान उल हक और इम्तियाज आलम के साथ-साथ हजारीबाग के दो पत्रकारों- मोहम्मद जमालुद्दीन और मोहम्मद सलाउद्दीन को भी ट्रैक किया था। इसमें एक पत्रकार जमालुद्दीन को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। जमालुद्दीन झारखंड के एक हिंदी दैनिक अखबार से जुड़ा है। पेपर लीक मामले पर एहसान की जमालुद्दीन और सलाउद्दीन से लगातार बातचीत होती रहती थी।

सीबीआइ को जानकारी मिली कि नीट परीक्षा के तत्काल बाद एहसान उल हक विदेश घूमने गया था और करीब एक सप्ताह तक इंडोनेशिया के बाली में था। परीक्षा के पहले और बाद के उसके फोन डिटेल में बिहार से भी कनेक्शन मिला है। पेपर लीक कराने वाले गिरोह ने हजारीबाग में कई कोचिंग संचालकों से मोटी रकम लेकर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे। इनमें एक प्रोफेसर की भूमिका भी संदिग्ध है।

CBI और पुलिस के मुताबिक, 3 मई को NEET के प्रश्न पत्र कूरियर एजेंसी ब्लू डार्ट के हजारीबाग नूतन नगर सेंटर से बैंक ले जाने की बजाय पहले ओएसिस स्कूल लाए गए। इसके बाद यहाँ से बैंक भेजे गए थे। माना जाता है कि ओएसिस स्कूल में ही पेपर का पैकेट खोला गया था। ये सभी सरगना संजीव मुखिया से जुड़े बताए जा रहे हैं। मुखिया का गैंग पेपर के बॉक्स का सील तोड़ने में माहिर है।

ओएसिस स्कूल भी NEET परीक्षा का एक सेंटर था। इस सेंटर का प्रश्न पत्र और बुकलेट पटना में अधजला बरामद हुआ था। इस मामले का यह सबसे बड़ा सबूत है। इससे पहले 27 जून को सीबीआई ने पटना से मनीष प्रकाश और उसके दोस्त आशुतोष को गिरफ्तार किया था। उससे पहले दो अन्य आरोपित चिंटू और मुकेश को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।

NEET के अलावा, UGC-NET की परीक्षा भी इस ओएसिस स्कूल में आयोजित हुई थी। इसी स्कूल से ही यूजीसी-नेट के प्रश्नपत्र भी लीक होने का शक है। सीबीआई की टीम ने स्कूल के वाइस प्रिंसिपल सह सेंटर सुपरिंटेंडेंट इम्तियाज आलम का एक मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है। इसके अलावा, जाँच एजेंसी ने अन्य कई सामानों को जब्त किया है।

पटना में 28 जून को CBI की टीम आरोपित चिंटू और मुकेश को लेकर उनके दोस्त रॉकी के घर पहुँची। बताया जा रहा है कि पटना के कंकड़बाग में रॉकी के घर से कई सबूत हाथ लगे हैं। चिंटू की देवघर में गिरफ्तारी के बाद रॉकी फरार हो गया था। CBI ने चिंटू, मुकेश, आशुतोष और मनीष के मोबाइल की जाँच की। ये सभी आरोपित 6 महीने से आपस में संपर्क में थे।

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार मनीष प्रकाश ने अपने दोस्त आशुतोष से कहकर परीक्षार्थियों के लिए ‘लर्न एंड प्ले स्कूल’ को बुक कराया था। पटना के खेमनी चक स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल में NEET का जला हुआ प्रश्न पत्र मिला था, जो इस घटना का प्रमुख सबूत है। इस पेपर पर दी गई जानकारी से पता चला था कि ये प्रश्न पत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था।

मनीष प्रकाश ने इस स्कूल में 20 से 25 NEET परीक्षार्थियों को रुकवाकर उन्हें प्रश्न पत्र दिया था और उन्हें आंसर शीट रटवाया था। कहा जा रहा है कि मनीष प्रकाश ने संजीव मुखिया के कहने पर परीक्षार्थियों के लिए इसका इंतजाम किया था। मनीष नालंदा का रहने वाला है। उसका परिवार पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर इलाके में रहता है। चिंटू संजीव मुखिया का रिश्तेदार है।

वहीं, बिहार पुलिस की EOU टीम से पेपर लीक जाँच की रिपोर्ट और सबूत हासिल करने के बाद अब CBI पेपर लीक के मुख्य आरोपित संजीव मुखिया को दबोचने की दिशा में काम कर रही है। संजीव मुखिया यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपित रवि अत्री भी संजीव मुखिया से जुड़ा है। इसके अलावा, कई परीक्षाओं के पेपर लीक से भी मुखिया जुड़ा हो सकता है।