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‘निकालो राम को… तुम्हारी सीता मैया को ले जाएँगे’: खरगोन में रेप की धमकी दे रहे थे दंगाई, CCTV में चेहरा ढके-हथियार लिए दिखे

             खरगोन में रामनवमी पर हुई हिंसा में हिन्दू महिलाओं को मिली थी रेप की धमकी (चित्र साभार - न्यूज़ नेशन)
मध्य प्रदेश के खरगोन (Khargone, Madhya Pradesh) में रामनवमी की शोभा यात्रा पर हमला किया गया था। पत्थरबाजों ने न सिर्फ शोभा यात्रा में शामिल लोगों पर हमला किया था, बल्कि स्थानीय हिन्दू निवासियों और उनके घरों को भी निशाना बनाया। यहाँ तक की जिले के SP को भी गोली मार दी थी। इस दंगे के पीड़ितों ने बताया कि दंगाइयों ने हमले के दौरान के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी और महिलाओं को रेप की धमकी दी थी। पीड़ित अब इन इलाकों से पलायन कर रहे हैं।

दंगाइयों के हमले से जो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए उनमें तवड़ी मोहल्ला, काजीपुरा, संजय नगर, सर्राफा बाजार, भटवाड़ी और भावसार मोहल्ला शामिल हैं। न्यूज़ नेशन की ग्राउंड रिपोर्ट में एक महिला ने बताया, “वो (दंगाई) हमारा दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस गए। हमारा बहुत नुकसान भी कर दिया। मुझे बचाने आए मेरे बेटे का पैर तोड़ दिया। हम जान बचा कर अपने बच्चों के साथ भाग निकले।” एक अन्य महिला ने कहा, “राम हैं तो निकालो बाहर। हम रावण आ गए हैं। तुम्हारी सीता मैया को ले जाएँगे। तुम्हारे घर की औरतों को भी ले जाएँगे।” तीसरी महिला ने कहा, “मैं गर्भवती थी। मैं दरवाजा बंद कर रही थी, इसके बावजूद भी उन्होंने पत्थर चलाए। हम बहुत डर रहे थे।”

घटना को याद करते हुए एक पीड़ित बुजुर्ग ने कहा, “मैंने शाम को 7 बजे के बाद पत्थरबाजी देखी। एक घंटे तक पथराव हुआ। गेहूँ के मेरे डेढ़ लाख पैसे और सोने-चाँदी की चीजें वो ले गए।” इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले एक शीतला माता के मंदिर को भी दंगाइयों ने तहस-नहस कर दिया। एक स्थानीय युवक के मुताबिक, “इंसान तो दूर उन्होंने (दंगाइयों) जानवरों पर भी पेट्रोल बम फेंके। इसमें 4 जानवर जल गए और 2 जानवर लापता हैं।”

हिंदू पर हुए हमलों के बाद इन इलाकों के कुछ घरों पर ‘बिकाऊ है’ के बोर्ड लगे दिखाई दे रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “मोदी सरकार और शिवराज सिंह चौहान से निवेदन है कि इन दंगाइयों को आतंकवादी घोषित करें।” एक अन्य पीड़ित ने कहा, “हम दशकर्म (श्राद्ध) से लौट रहे थे, तभी पथराव हुआ। हमने घर की कई लेडीज को बाहर निकाला। इतने में बहुत सारे मोहमडन लोग आ गए। उन्होंने हमारे दरवाजे तोड़ डाले और छत पर चढ़ गए।” कुछ अन्य महिलाओं ने बताया, “दंगाई माँ-बहन की इज़्ज़त लूटने की धमकी देते थे। उन्होंने हमारा जेवर और पैसा भी लूट लिया।”

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‘हमला हमारे ही त्योहारों पर क्यों’: राजदीप सरदेसाई को मध्य प्रदेश गृहमंत्री की लताड़

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‘हमला हमारे ही त्योहारों पर क्यों’: राजदीप सरदेसाई को मध्य प्रदेश गृहमंत्री की लताड़

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के CCTV फुटेज में दंगाइयों के हाथों में पत्थर और तलवार दिखाई दे रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने अपने चेहरों को ढँक रखा था। फुटेज खरगोन के वार्ड नंबर 13 के बताए गए हैं। गौरतलब है कि खरगोन हिंसा के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई करनी शुरू की है। इसमें आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाना भी शामिल है। हिंसा में मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल थीं। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था।

‘हमला हमारे ही त्योहारों पर क्यों’: राजदीप सरदेसाई को मध्य प्रदेश गृहमंत्री की लताड़

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के मौके पर हिंदुओं की शोभा यात्रा को जान-बूझकर निशाना बनाए जाने के बाद जो हिंसा भड़की, उसमें उपद्रवियों द्वारा कई दुकानों, मकानों को आग लगाया गया। इसके बाद मंदिरों में जो तोड़फोड़ हुई वो अलग और जो आधा दर्जन पुलिसकर्मी समेत 24 से ज्यादा लोग घायल हुए वो अलग…। छानबीन में सामने आया कि ये कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थी बल्कि इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी। छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम इकट्ठा थे ताकि शोभा यात्रा पर फेंके जा सकें। जो इस बात को साबित करता है कि उपद्रवियों की मंशा देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने की थी। वरना पत्थर और पेट्रोल बम जमा करने का क्या मतलब था। जब तक उत्तर प्रदेश की तरह अन्य राज्यों में भी उपद्रवियों से सख्ती से निपटा नहीं जायेगा तब तक देश में बेगुनाह अकाल मौत के गाल में जाते रहेंगे। 

देश में उपद्रवियों पर कार्यवाही 2014 में सत्ता होने के बाद से शुरू हुई है, उससे पूर्व उपद्रवी ऐश करते थे और पीड़ित हिन्दू ही प्रताड़ित होता था। उसी को कसूरवार ठहराया जाता था। सरकार को केवल उपद्रवियों पर ही कार्यवाही नहीं, बल्कि इन्हे उकसाने वालों पर भी नकेल डालनी चाहिए। इनके बैंक खाते सील कर देने चाहिए। हर सरकारी सुविधा से वंचित कर देना चाहिए। 

प्रशासन को भी जब तथ्यों को पता चला तो उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और उपद्रवियों के घर बुलडोजर चलाया गया। अब पूरे घटनाक्रम को देखें तो मामला हिंदुओं पर हमला किए जाने से शुरू हुआ। मगर, जो वामपंथी लिबरल खेमा है उसे दिक्कत इस बात से नहीं है कि आखिर कैसे हिंसा को भड़काया गया। उन्हें मलाल इस बात का है कि प्रशासन आखिर उन उपद्रवियों की संपत्तियों पर कैसे बुलडोजर चला सकती है जो इस देश के अल्पसंख्यकों में आते हैं।

द वायर की आरफा खानुम शेरवानी को पढ़िए। उपद्रवियों के घर पर चलाए गए बुलडोजर से नाराज आरफा लिखती हैं कि ये बुलडोजर सिर्फ मुस्लिमों के घर तक नहीं रुकेगा बल्कि सबका नंबर आएगा। आरफा पूछती हैं, “किस कानून के तहत मुस्लिमों के घर खरगोन में गिराए जा रहे हैं? किस कानून ने ऐसा करने का अधिकार दिया है? क्या कोर्ट अब इस भारत में काम कर रहे हैं?”

सबा नकवी इस एक्शन से आहत होकर लिखती हैं, “तो संक्षेप में भारत में कानून की स्थिति ये है कि अगर मेरे पड़ोस में या इमारत में एक व्यक्ति या समूह दुर्व्यवहार करता है और वहाँ मुसलमान रहते हैं तो पूरे ब्लॉक को नीचे गिरा दिया जाएगा।” वह एनडीटीवी से बातचीत में कहती हैं, “ जब अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणा से भरे भाषण दिए जाते हैं, तब तो कोई गिरफ्तारी नहीं होती।”

उपद्रवियों से हमदर्दी रखने वालों की लिस्ट में आरफा-सबा जैसे कई सेकुलरवादी हैं। स्वाति चतुर्वेदी ने भी अपने ट्वीट में शिवराज सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए लिखा है- मोदी और उनके मुख्यमंत्री अब कानून पर, प्रक्रिया पर और लोकतंत्र पर बुलडोजर चला रहे हैं।

दिलचस्प बात ये है कि अगर आप इन सेकुलरवादी, कट्टर विचारों वाले, या वामपंथी स्वभाव के लोगों के ट्विटर हैंडल खंगालेंगें तो आपको पता चलेगा कि इनके सवाल ये कहीं नहीं है कि आखिर हिंदुओं की यात्रा पर पथराव करके माहौल बिगाड़ने का क्या मतलब था बल्कि इनकी चिंता तो ये है कि आखिर कैसे प्रशासन उपद्रवियों के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई कर रहा है।

राजदीप को MP गृहमंत्री ने लताड़ा

राजदीप सरदेसाई, जो वामपंथी खेमे के वरिष्ठ माने जाते हैं उन्होंने हाल में अपने शो में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री से इस बाबत सवाल-जवाब करके अपनी खूब फजीहत कराई है। जैसे उनका सवाल देखिए- शिवराज सरकार मुस्लिम दंगाइयों को निशाना बना रही है पर हिंदू या हिंदुत्व दंगाइयों को कोई कुछ नहीं कह रहा?
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री से लताड़ लगने के बाद राजदीप ने फिर अगला सवाल ओवैसी के कंधे पर रखकर पूछा। उन्होंने कहा “आप धर्म का इस्तेमाल करके राम नवमी पर नफरत फैलाना चाहते हैं, हिंदुत्व का राज करना चाहते हैं।” इस सवाल को सुन मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा, “ओवैसी जैसे लोगों के मन में हम प्रेम भी पैदा नहीं करना चाहते। हमने उनका प्रेम देखा है कैसा है। ये मैंने बताया न कि ये क्रोनोलॉजी है जो देश में चल रही है और आप जैसी चर्चाओं से कभी कभी गलत दिशा में चली जाती है। राम नवमी साल में एक दिन आती है और 12 जगह देश में दंगा हो जाता है। ये सब हमारे त्योहारों पर ही होता है न उनके त्योहारों पर नहीं होता कभी।”
राजदीप ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आखिर क्यों कुछ नहीं किया जबकि अगर पुलिस चाहे तो कोई दंगा नहीं हो सकता। राजदीप का सवाल सुन नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “पुलिस अगर नहीं होती तो एसपी को गोली कैसे लगती, टाआई का सिर कैसे फटता, जवान घायल कैसे होते। मगर, ये लोग पहले से तैयारी किए हुए थे। उनके पास पत्थर थे, असला था, बंदूक थी, कट्टे थे। तभी तो गोली चली है।”
राजदीप ने प्रशासन कार्रवाई से आहत होकर कहा कि आखिर उनकी सरकार भाईचारा कैसे फैलाएगी अगर बार-बार इसी तरह डर बनाने का काम करेगी। इस पर राज्य गृहमंत्री ने कहा, “जब तक दंगाइयों के फन नहीं कुचले जाएँगे तब तक भाईचारा नहीं फैल पाएगा। इसलिए इन्हें सबक सिखाना जरूरी है।”
राजदीप ने गृहमंत्री के सामने ये मुद्दा उठाया कि बिहार में जैसे लोग मस्जिद के सामने जाकर नारेबाजी कर रहे हैं क्या आप धार्मिक जुलूस से अपनी ताकत का प्रदर्शन चाहते थे? यह सवाल सुन नरोत्तम मिश्रा भड़क गए। उन्होंने राजदीप की फजीहत करते हुए कहा, “आपको तो यही लगेगा।” उन्होंने पूछा कि आखिर धार्मिक जुलूस में कहाँ भाजपा या कॉन्ग्रेस का झंडा दिखाई दिया जो राजदीप को वो जूलूस राजनैतिक लग गया। नरोत्तम मिश्रा ने ये पूछे जाने पर कि क्या बुलडोजर पॉलिटिक्स का थोड़ा भी दुख है या नहीं, वह बोले जो गलती करेगा वो सजा को भुगतेगा।

रामनवमी पर अलग-अलग जगह हुआ माहौल बिगाड़ने का प्रयास

जानकर हैरानी होगी कि लिबरल और वामपंथियों में जितनी सुगबुगाहट उपद्रवियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलता देखकर हुई उतना उन्हें उस राम नवमी वाले दिन भी नहीं हुई जब केवल खरगोन में ही नहीं देश के विभिन्न राज्यों में राम नवमी की शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया। आप देखें चाहे राजस्थान का करौली, बंगाल का हावड़ा, गुजरात का हिम्मतनगर, झारखंड का लोहारगढ़ या कर्नाटक का मुलबगल हो… हर जगह शोभा यात्रा को निशाना बनाकर यह सबूत दिया गया कि हिंदू त्योंहारों के लिए कितनी घृणा लोगों के मन में हैं मगर, इन सबके बाद भी लिबरलों की आँख बंद रही। ये नींद टूटी जब दंगाइयों पर कार्रवाई होनी शुरू हुई।
अब भी इन लोगों के जरिए या इनके अकॉउंट पर अगर संबंधित घटना या कार्रवाई पर बात हो रही है तो वो या तो मोदी सरकार की आलोचना के एंगल से हो रही है या फिर प्रशासन के एक्शन पर हो रही है। इनके लिए वो राजस्थान का करौली चर्चा का कारण नहीं है जहाँ 10-12 किलो के पत्थर छतों से हिंदुओं की शोभा यात्रा पर फेंके गए, मगर प्रशासन ने दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की जगह हिंदू त्योहार के समय जगह-जगह धारा 144 लगा दी और वहीं दूसरी ओर रमजान के समय में दूसरे समुुदाय को पूरी-पूरी बिजली देने का वादा कर दिया।
ऐसे दोहरे रवैये वाले सेकुलरों के बीच रहते हुए मध्य प्रदेश के गृहमंत्री की तरह सवाल पूछना जरूरी हो जाता है कि हमारे ही धार्मिक आयोजनों पर हमले क्यों होते हैं? क्यों हिंदुओं की शोभा यात्रा को निशाना बनाया जाता है? क्यों वामपंथी ये मानते हैं कि हिंदुओं पर हमला हिंदुओं की गलती है कि आखिर वह मुस्लिम इलाके में अपना जुलूस लेकर गए कैसे?

खरगोन का पुराना वीडियो वायरल : 'कर देंगे तड़ी पार, बुलाऊँ क्या अली को…’: मंदिर के बाहर तमंचे और हरे झंडे के साथ नजर आई मुस्लिम भीड़

                                 मंदिर के बाहर तमंचे और हरे झंडे के साथ नजर आई मुस्लिम भीड़, पुराना वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के मौके पर निकली शोभायात्रा पर रविवार (10 अप्रैल 2022) को जमकर पथराव किया गया। बताया गया कि मस्जिद के बाहर डीजे को लेकर मुस्लिमों ने आपत्ति जताई थी वहीं राम भक्तों पर पथराव के साथ 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई थी। वहीं कई पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें मुस्लिम भीड़ इस्लामी गाने पर कट्टा और हथियार लहराते हुए मंदिर के बाहर डांस करती नजर आ रही है।

स्वराज की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने एक पुराना वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है, “ये है खरगोन, जहाँ एक मस्जिद के बाहर संगीत बजाने पर रामनवमी के जुलूस पर पथराव किया गया है। जबकि यह ठीक एक मंदिर के सामने हो रहा है। हाथ में पिस्तौल लिए भीड़ को देखिए।”

उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में वीडियो को संभवतः 2018 का बताते हुए लिखा है, “मध्य प्रदेश के खरगोन में एक मंदिर के पास से हरे झंडे और डीजे के साथ जुलूस, जहाँ रामनवमी के जुलूस पर पत्थरों से हमला किया गया था।” उन्होंने अपने उसी ट्वीट में गाबे के बोल भी शेयर किए हैं जो कि भड़काऊ हैं।

इस्लामी गाने के बोल है-

कर देंगे तड़ी पार
बुलाऊँ क्या अली को
एक बार में मिट जाएगा हर बार का झगड़ा
बुलाऊँ क्या अली को

वहीं स्वाति गोयल शर्मा ने ओवैसी को टैग करते हुए एक और वीडियो शेयर किया है जिसमें मुस्लिम भीड़ इस्लामी गाने पर मंदिर के बाहर नाचती-कूदती नजर आ रही है। उत्तराखंड के इस वीडियो में भी गाने के बोल भड़काऊं हैं।

जहाँ खरगोन में इतने भड़काऊ इस्लामी गीत पर मुस्लिम भीड़ खुलेआम हथियार लहराते हुए मंदिर के बाहर डीजे बजाकर उछल रही है जबकि पूरे इलाके में हिन्दुओं द्वारा कोई उपद्रव पैदा नहीं किया गया। वहीं रामनवमी पर हिन्दुओं की शोभायात्रा को बस इसलिए निशाना बनाया गया, पत्थरबाजी की गई, दुकानें जलाई गईं कि शोभायत्रा में डीजे बज रहा था।

हालाँकि दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव और खरगोन में हिंसा की घटना अचानक नहीं घटी। यह पूर्व नियोजित हमला था। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे। एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। यहाँ तक कि शाम में हुए हमले के बाद शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था। इसके बाद रात के लगभग 12 बजे एक बार फिर से हिंसा भड़की और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों में लूटपाट की गई। जिस पर बाद में शिवराज सरकार ने बुलडोजर चलाकर एक्शन भी लिया।

खरगोन में हर साल रामनवमी के मौके पर तालाब क्षेत्र से शोभा यात्रा निकाले जाने की परंपरा रही है। इस साल भी बड़ी तैयारी के साथ दोपहर 3 बजे ये शुरू हुआ। मुख्य झाँकी को दांगी मोहल्ले में ही खड़ा कर रामनवमी की शोभा यात्रा रोकनी पड़ी थी। फायर फाइटर का कांच तोड़ दिया गया था। बिजली ट्रांसफर्मरों को आग के हवाले किया गया। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि 7 साल पहले भी जब खरगोन में दंगे हुए थे तो इसी तरह से भारी संख्या में घरों की छतों पर पत्थर मिले थे।

सब जला दो, काटो, मारो, छोड़ो मत… खरगोन में जिस धन्नालाल के घर में घुसे थे दंगाई, उन्होंने बताया किसके पास थे कैसे हथियार

        खरगोन में हिंसा के बाद मंदिर के बाहर पड़े पत्थर और शहर में पसरा सन्नाटा (फोटो साभार- दैनिक भास्कर)
रामनवमी के मौके पर रविवार (10 अप्रैल 2022) को कई राज्यों में हिंसा की घटना सामने आई। ऐसी ही एक घटना मध्य प्रदेश से भी सामने आई। राज्य के खरगोन में रामनवमी जुलूस पर पथराव और आगजनी की घटनाओं के बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस मौजूद है। हालाँकि लोगों ने जिस तरह के दहशत को झेला, वह उनसे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

कुछ चश्मदीदों के हवाले से दैनिक भास्कर ने बताया है कि उस दिन हिंसा कैसे भड़की। इन्हीं लोगों में से एक हैं धन्नालाल पंवार। वह शीतला माता मंदिर के पास रहते हैं। उस दिन उपद्रवी उनके घर में भी घुस आए थे। रिपोर्ट में धन्नालाल के हवाले से बताया गया है कि 300-400 लोगों की भीड़ अचानक से आ गई थी। वे चिल्ला रहे थे- सब जला दो। काटो, मारो, छोड़ो मत…

उन्होंने बताया कि पहले मस्जिद में नमाज पढ़कर लोग शोभा यात्रा के मार्ग से निकले। फिर अचानक पथराव शुरू हुआ और देखते ही देखते यह हिंसक हो गया। इसमें मस्जिद में नमाज पढ़ रहे लोग भी इसमें शामिल हो गए। किसी के हाथ में पत्थर, किसी के हाथ में फरसे तो किसी के पास अन्य हथियार थे। भीड़ ने उनके घर में भी घुस कर तांडव मचाया। गाड़ी में आग लगा दी और पेट्रोल बम फेंके। यह सब देख उनकी 10 साल की बेटी बेहोश हो गई। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला।

त्रिलोक जाधव नाम के अन्य चश्मदीद ने बताया कि मंदिर में काफी तोड़फोड़ की गई। भगवान श्रीराम के पोस्टर को फेंक दिया गया। बच्चों को भी नहीं छोड़ा। दंगाइयों को जो भी दिखा सब पर पत्थरबाजी की। गाड़ियों में आग लगा दी। त्रिलोक ने बताया कि दंगाई यह कहते हुए हमला कर रहे थे कि जो भी दिखे, उसे मार डालो।

इसी तरह खरगोन के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ चौधरी ने बताया था कि एक दंगाई तलवार लेकर हिंदुओं की ओर दौड़ा था। उसे पकड़ने के दौरान उन्हें किसी ने पीछे से गोली मार दी, जो उनके बाएँ पैर में लगी थी। उन्होंने भी बताया था कि झाँकी निकलने के दौरान ही नमाज का समय हो गया था, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।

10 अप्रैल को खरगोन के तालाब चौक इलाके में रामनवमी की शोभा यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया। 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार यह घटना अचानक नहीं घटी। यह पूर्व नियोजित हमला था। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे।