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भ्रष्टाचार करे AAP, शिकायत करे कांग्रेस और कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को- प्रधानमंत्री मोदी, राज्य सभा में; केजरीवाल का एक और महाघोटाला, इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा, वकीलों की फ़ीस कौन दे रहा है?देखिए वीडियो

 
3 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दशकों बाद एक सरकार को लगातार तीसरी बार सेवा करने का मौका मिला लेकिन कुछ लोगों को यह जनादेश समझ में नहीं आया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 60 साल के बाद हुआ है कि 10 साल के बाद, कोई एक सरकार उसकी वापसी हुई है। भारत के लोकतंत्र की 6 दशक के बाद यह असमान्य घटना है। कुछ लोग जानबूझकर उससे अपना मुंह फेर कर बैठे रहे। कुछ लोगों को समझ नहीं आया। जिन्हें समझ आया उन्होंने हल्ला इस वजह से किया कि जनता के निर्णय पर कैसे छाया कर दी जाए। कैसे उसे ब्लैकआउट किया जाए।

विपक्ष पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र की जांच एजेंसियों पर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का सरकार दुरुपयोग कर रही है, ऐसा कहा ​गया है। शराब घोटाला करे AAP, भ्रष्टाचार करे AAP, बच्चों के क्लासरूम बनाने में घोटाला करे AAP, पानी तक में घोटाला करे AAP… AAP की शिकायत करे कांग्रेस, AAP को कोर्ट तक घसीट कर ले जाए कांग्रेस और कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को। जवाब मांगे। कांग्रेस देश को बताए कि कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करके AAP के घोटालों के इतने सारे सबूत देश के सामने रखे थे, वो सबूत सच्चे थे या झूठे थे?

एक और महाघोटाला, जिस ओर कोई गंभीरता से नहीं देख रहा, केजरीवाल की पैरवी करने वाले वकीलों की फ़ीस सरकार की जेब से जा रही है। इसीलिए केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दे रहा। इस ओर बीजेपी समेत जितने भी केजरीवाल है सभी को कोर्ट पर केजरीवाल को इस्तीफा देने के लिए जोर देना चाहिए। देखिए चर्चित YouTuber सुभाष चन्द्र का वीडियो:

कालचक्र कब किसकी तरफ मूड जाए, किसी को नहीं पता होता, लेकिन मोदी विरोध में मोदी को दुश्मन समझ अपने ही दुश्मनों की गोदी में बैठ गयी पार्टी। ये वही आम आदमी पार्टी है जो दिल्ली विधान सभा चुनावों में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार के 370 सबूत रैलियों में लहराकर जेल भेजने का दावा करती थी, शीला को तो अरविन्द केजरीवाल जेल नहीं पहुंचा पाए, परन्तु शीला की पार्टी कांग्रेस ने केजरीवाल को जेल भेज दिया।  

प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हमारे लिए मिशन है। ये हमारे लिए चुनाव में हार-जीत का विषय नहीं है। हमने 2014 में जब सरकार बनाई तब हमने कहा था कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए काम करेगी। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करेगी, कालेधन पर वार करेगी। मैं बिना लाग-लपेट के कह रहा हूं, हमने एजेंसियों को भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट दे रखी है। हां, वो ईमानदारी से ईमानदारी के लिए काम करे। कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएगा, ये मोदी की गारंटी है।

उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि संवेदनशील मामलों में जब राजनीति होती है, तो देशवासियों को और खासकर महिलाओं को अकल्प पीड़ा होती है। ये जो महिलाओं के साथ होते अत्याचार में विपक्ष का सेलेक्टिव रवैया है, ये सेलेक्टिव रवैया चिंताजनक है। मैं किसी राज्य के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं और न ही कोई राजनीतिक स्कोर करने के लिए बोल रहा हूं। कुछ समय पहले, मैंने बंगाल से आई कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया पर देखा। एक महिला को वहां सरेआम सड़क पर पीटा जा रहा है, वो बहन चीख रही है। वहां खड़े हुए लोग उसकी मदद के लिए नहीं आ रहे है, वीडियो बना रहे हैं। जो घटना संदेशखाली में हुई, जिसकी तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं, लेकिन बड़े बड़े दिग्गज जिनको मैं कल से सुन रहा हूं, पीड़ा उनके शब्दों में भी नहीं झलक रही है। इससे बड़ा शर्मिंदगी का चित्र क्या हो सकता है? जो लोग खुद को प्रगतिशील नारी नेता मानते हैं, वो भी मुंह पर ताले लगाकर बैठ गए हैं। क्योंकि घटना का संबंध उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े दल से या राज्य से है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने जी भरकर समर्थन और आशीर्वाद दिए हैं। उन्होंने भरोसे की राजनीति पर मुहर लगाई है। नतीजे आए तब से हमारे एक साथी की ओर से बार-बार ढोल पीटा गया था कि एक तिहाई सरकार…इससे बड़ा सत्य क्या हो सकता है कि हमारे 10 साल हुए हैं, 20 और बाकी हैं। एक तिहाई हुआ है, दो तिहाई और बाकी है और इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर।

उन्होंने कहा कि इस चुनाव नतीजों से कैपिटल मार्केट में तो उछाल नजर ही आ रहा है, लेकिन दुनिया में भी उमंग और आनंद का माहौल है। इस बीच हमारे कांग्रेस के लोग भी खुशी में मग्न हैं, लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि इस खुशी का कारण क्या है? क्या ये खुशी हार की हैट्रिक पर है? क्या ये खुशी नर्वस 90 का शिकार होने की है? क्या ये खुशी एक और असफल लॉन्च की है?

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोकसभा में जब हमारी सरकार की तरफ से कहा गया कि हम 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाएंगे तो मैं हैरान हूं कि जो आज संविधान की प्रति लेकर घूमते रहते हैं, दुनिया में लहराते रहते हैं, उन्होंने विरोध किया था कि 26 जनवरी तो है, फिर संविधान दिवस क्यों लाएं? आज संविधान दिवस के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों ​को संविधान की भावना को, संविधान की रचना में क्या भूमिका रही है, देश के गणमान्य महापुरुषों ने संविधान के निर्माण में किन कारणों से कुछ चीजों को छोड़ने का निर्णय किया और किन कारणों से कुछ चीजों को स्वीकार करने का निर्णय किया इसके विषय में विस्तार से चर्चा हो। एक व्यापक रूप से संविधान के प्रति आस्था का भाव जगे और संविधान के प्रति समझ विकसित हो। संविधान हमारी प्रेरणा रहे इसके लिए हम कोशिश करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो ये मानते हैं कि इसमें क्या है, ये तो होने ही वाला है, ये तो अपने आप हो ही जाएगा… ऐसे विद्वान हैं। ये लोग ऐसे हैं, जो ऑटो पायलट मोड में, रिमोट कंट्रोल सरकार चलाने के आदी हैं। ये कुछ करने धरने में विश्वास नहीं रखते, ये इंतजार करना जानते हैं। लेकिन हम परिश्रम में कोई कमी नहीं रखते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं किसानों को लेकर सभी सदस्यों का और उनकी भावनाओं का आदर करता हूं। बीते 10 वर्षों में हमारी खेती लाभकारी हो, किसान को लाभकारी हो, इस पर हमने हमारा ध्यान केंद्रित किया है और अनेक योजनाओं से उसको ताकत देने का प्रयास किया है। एक प्रकार से बीज से बाजार तक हमने किसानों के लिए हर व्यवस्था को बहुत माइक्रो प्लानिंग के साथ मजबूती देने का भरसक प्रयास किया है और व्यवस्था को हमने चाक चौबंद किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों की वजह से कुछ समस्याएं उत्पन्न हुईं, लेकिन हमने 12 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया। हमने कांग्रेस के मुकाबले कहीं अधिक पैसा किसानों तक पहुंचाया। अन्न भंडारण का विश्व का सबसे बड़ा अभियान हमने हाथ में लिया और इस दिशा में काम चल पड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने पिछले पांच साल में जितना काम किया है, उतना काम करना होता तो कांग्रेस को 20 साल लग जाते। नॉर्थईस्ट में स्थायी शांति के लिए 10 साल निरंतर प्रयास किए गए हैं। बिना रुके, बिना थके प्रयास किए गए हैं। उसकी चर्चा देश में कम हुई है, लेकिन परिणाम व्यापक रहे हैं। राज्यों के बीच सीमा विवाद संघर्षों को जन्म देता रहा है और आजादी के बाद से ये निरंतर चलता रहा है। हम राज्यों के साथ इसे हल करते जा रहे हैं। ये नॉर्थईस्ट की बहुत बड़ी सेवा है। हिंसा से जुड़े संगठन, जो हथियारबंद गिरोह थे जो लड़ाई लड़ते रहते थे, आज उनको साथ लेकर स्थायी समझौते हो रहे हैं। जिनके खिलाफ गंभीर मामले हैं, वे अदालत में जाने के लिए तैयार हो रहे हैं। न्यायतंत्र में भरोसा बढ़ना महत्वपूर्ण बात है।

राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। वहां जो घटनाएं घटीं, 11 हजार से ज्यादा FIR ​की गईं हैं, 500 से ज्यादा लोग अरेस्ट हुए हैं। इस बात को भी हमें स्वीकार करना होगा कि मणिपुर में लगातार हिंसा की घटनाएं कम होती जा रही हैं। मणिपुर में भी स्कूल-कॉलेज संस्थान खुले हुए हैं। जैसे देश में परीक्षाएं हुईं, वहां भी परीक्षाएं हुई हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी से बातचीत करके सौहार्द का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है। छोटे-छोटे ग्रुपों से बात की जा रही है। गृहमंत्री वहां जाकर कई दिन रहे हैं। अधिकारी भी लगातार जा रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए हर प्रकार से प्रयास किया जा रहा है। जो भी तत्व मणिपुर की आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें आगाह करना चाहता हूं कि ये हरकतें बंद करें। एक समय आएगा जब मणिपुर ही रिजेक्ट करेगा उन लोगों को।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग ये ना भूलें कि इन्हीं हालातों की वजह से इस छोटे से राज्य में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा है। ये हमारे कार्यकाल में नहीं हुआ है। कुछ तो वजह होगी। लेकिन फिर भी राजनीतिक फायदा उठाने के लिए वहां हरकतें हो रही हैं। हमें समझदारी के साथ स्थितियों को ठीक करने के लिए प्रयास करना है।

मै कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं… बालकबुद्धि तुमसे न हो पाएगा; सीएए को लेकर जो अराजकता फैलाई गई, देश के लोगों को गुमराह करने का जो खेल खेला गया : प्रधानमंत्री मोदी


लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मै कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बाद भी उनकी घोर पराजय हुई। विश्व के सबसे बड़े चुनाव अभियान में भारत की जनता ने हमें लगातार तीसरी बार देश की सेवा करने का अवसर दिया है। ये अपने आपमें बहुत ही गौरवपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास का ये पहला मौका है, जब लगातार तीन बार कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। कांग्रेस के इतिहास में ये सबसे बड़ी हार है। तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि हमें हर कसौटी पर कसने के बाद देश की जनता ने ये जनादेश दिया है। जनता ने हमारे 10 साल के ट्रैक रिकॉर्ड को देखा है। जनता ने देखा है कि गरीबों के कल्याण के लिए हमने समर्पण भाव से ‘जनसेवा ही प्रभुसेवा’ के मंत्र को चरितार्थ करते हुए कार्य किए हैं। हमने जो कार्य किया है उसके कारण दस साल में 25 करोड़ गरीब गरीबी बाहर निकले हैं। जनता ने देखा है कि हमने गरीबों के कल्याण के लिए समर्पण भाव से ‘जनसेवा ही प्रभुसेवा’ के मंत्र को चरितार्थ किया है।

उन्होंने कहा किआज दुनियाभर में भारत की साख बढ़ी है। इसलिए विश्व में भारत का गौरवगान हो रहा है। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी जो जीरो टॉलरेंस की नीति है, उसके लिए देश ने हमें आशीर्वाद दिया है। हमारा एकमात्र लक्ष्य Nation First है। हमारी हर नीति, हर निर्णय और हर कार्य का एक ही तराजू रहा है- भारत प्रथम।

सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश ने लंबे अरसे तक तुष्टिकरण की राजनीति भी देखी है। देश ने लंबे अरसे तक तुष्टिकरण का गवर्नेंस मॉडल भी देखा है। लेकिन हम तुष्टिकरण नहीं बल्कि सन्तुष्टिकरण के विचार को लेकर चले हैं। जब हम सन्तुष्टिकरण की बात करते हैं तो इसका मतलब है हर योजना का सैचुरेशन। जब हम सैचुरेशन के सिद्धांत को लेकर चलते हैं, तब सैचुरेशन सच्चे अर्थ में सामाजिक न्याय होता है, सैचुरेशन सच्चे अर्थ में सेक्युलरिज्म होता है। इसी के आधार पर देश की जनता ने हमें समर्थन देकर मुहर लगा दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनाव ने इस बात को सिद्ध किया है कि भारत की जनता कितनी परिपक्व है, भारत की जनता कितने विवेकपूर्ण रूप से और कितने उच्च आदर्शों को लेकर अपने विवेक का सद्बुद्धि से उपयोग करती है और इसी का नतीजा है कि आज तीसरी बार हम देश की जनता के सामने नम्रतापूर्वक सेवा करने के लिए उपस्थित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इस चुनाव में हम जनता के बीच एक बड़े संकल्प के साथ आशीर्वाद मांगने गए थे। हमने आशीर्वाद मांगा था, विकसित भारत के हमारे संकल्प के लिए। हम विकसित भारत के निर्माण के लिए एक प्रतिबद्धता और शुभ निष्ठा के साथ, जन सामान्य का कल्याण करने के इरादे से जनता के बीच गए थे। मैं आज आपके माध्यम से देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि विकसित भारत के जिस संकल्प को लेकर हम चले हैं, उस संकल्प की पूर्ति के लिए हम भरसक प्रयास करेंगे, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे। समय का पल-पल और शरीर का कण-कण विकसित भारत के सपने को पूरा करने में लगाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 2014 में देश की जनता ने हमें सेवा करने के लिए चुना और वो पल देश के परिवर्तित युग का प्रारंभ था। आज 10 साल में मेरी सरकार की अनेक सफलताएं और सिद्धियां हैं। लेकिन एक सिद्धि जिसने सभी सिद्धियों में ताकत भर दी, वो थी, देश निराशा की गर्त से निकलकर आशा और विश्वास के साथ खड़ा हो गया। देश में आत्मविश्वास बुलंदी पर पहुंचा।

प्रधानमंत्री ने कहा आज देश का एक-एक नागरिक जानता है कि अपनी सुरक्षा के लिए भारत कुछ भी कर सकता है। अनुच्छेद 370 की पूजा करने वाले लोगों ने, वोटबैंक की राजनीति को हथियार बनाने वालों ने, जम्मू-कश्मीर के ऐसे हालात कर दिए थे कि भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता था। 370 के जमाने में सेनाओं पर पत्थर चलते थे और लोग निराशा में डूबकर कहते थे कि अब जम्मू-कश्मीर में कुछ नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि वो भी एक वक्त था कि जब आतंकी आ करके जी चाहे वहां, जब चाहे वहां हमला कर सकते थे। 2014 के पहले निर्दोष मारे जाते थे, हिन्दुस्तान के कोने-कोने को टारगेट किया जाता था और सरकारें चुपचाप बैठी रहती थी, मुंह तक खोलने को तैयार नहीं थी। 2014 के बाद का हिन्दुस्तान घर में घुस कर मारता है, सर्जिकल स्ट्राइक करता है, एयर स्ट्राइक करता है और आतंकवाद के आकाओं को भी सबक सिखाने का सामर्थ्य दिखा दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता ने हमें स्थिरता और निरंतरता के लिए जनादेश दिया है। लोकसभा चुनाव के साथ ही लोगों की नजर से कुछ चीजें ओझल हो गई हैं। लोकसभा चुनाव के साथ-साथ हमारे देश में 4 राज्यों के भी चुनाव हुए हैं। इन चारों ही राज्यों में NDA ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। हमने शानदार विजय प्राप्त की है। बीजेपी ने केरल में इस बार खाता खोला है और बड़े गर्व के साथ केरल से हमारे सांसद हमारे साथ बैठते हैं। तमिलनाडु में कई सीटों पर भाजपा ने दमदार उपस्थिति दर्ज की है। कर्नाटक, यूपी और राजस्थान में पिछली बार की तुलना में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है।

लोकसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छा होता कि कांग्रेस अपनी हार स्वीकारती, जनता-जनार्दन के आदेश को सिर-आंखों पर चढ़ाती, आत्म-मंथन करती। लेकिन ये तो शीर्षासन करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम दिन-रात हिंदुस्तान के नागरिकों के मन में ये प्रस्थापित करने की कोशिश कर रहा है कि उन्होंने हमें हरा दिया है। ऐसा लग रहा है कि आजकल कांग्रेस में छोटे बच्चे का मन बहलाने का काम चल रहा है।

धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे एक किस्सा याद आ रहा है। 99 मार्क्स लेकर एक बालक घमंड में घूम रहा था और सबको दिखाता था कि देखो कितने मार्क्स आए हैं। लोग भी 99 सुनकर उसे शाबाशी देते थे और हौंसला बढ़ाते थे। फिर उनके टीचर ने बताया कि ये 100 में से नहीं 543 में से 99 लाया है। अब उस बालक बुद्धि को कौन समझाए कि तुमने फेल होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की बयानबाजी ने ‘शोले’ फ़िल्म को भी पीछे छोड़ दिया है। उसमें एक मौसी जी थीं… तीसरी बार ही तो हारे हैं, पर मौसी मोरल विक्ट्री तो है ना। अरे मौसी 13 राज्यों में 0 सीटें आई हैं, पर हीरो तो है ना। अरे पार्टी की लुटिया तो डुबोई है, पार्टी अभी भी सांसें तो ले रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी। 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को ही खाता है। कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है। यह मैं तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं। आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं। जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है। लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है। कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि ये परजीवी कांग्रेस है।

उन्होंने कहा कि 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वहां उसका वोट शेयर गिर चुका है। गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और वहां 64 में से सिर्फ 2 सीट जीत पाई है। इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है। कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, अगर वो न खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीटें जीत पाना भी बहुत मुश्किल था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने विकास के रास्ते को चुना है, देश को समृद्धि का एक नया सफर शुरू करना है। ऐसे समय में ये देश का दुर्भाग्य है कि हिन्दुस्तान पर छह दशक तक राज करने वाली कांग्रेस पार्टी अराजकता फैलाने में जुटी हुई है। ये दक्षिण में जाकर उत्तर के लोगों के खिलाफ बोलते हैं, ये उत्तर में जाकर पश्चिम के खिलाफ जहर उगलते हैं। इन्होंने भाषा के आधार पर बांटने की हर कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के एक हिस्से के लोगों को दूसरे हिस्से के लोगों से हीन बताकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस आर्थिक आधार पर भी राज्यों में अराजकता फैलाने का काम कर रही है। जिस तरह से उनके राज्यों में कदम उठा रहे हैं, वह रास्ता आर्थिक अराजकता की ओर जाने वाला है। इनके मंचों से घोषणा की गई कि चार जून को अगर इनके मनमुताबिक परिणाम नहीं आए तो आग लगा दी जाएगी, ये इनका मकसद है। सीएए को लेकर जो अराजकता फैलाई गई, देश के लोगों को गुमराह करने का जो खेल खेला गया, पूरा इकोसिस्टम इस बात पर बल देता रहा ताकि उनके राजनीतिक मकसद पूरे हों। देश को दंगों में झोकने के कुत्सित प्रयास पूरे देश ने देखे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सहानुभूति हासिल करने के लिए ये नया ड्रामा चलाया गया है। लेकिन देश ये सच्चाई जानता है कि ये हजारों-करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर बाहर हैं। ये ओबीसी वर्ग के लोगों को चोर बताने के मामले में सजा पा चुके हैं। इनको देश की सर्वोच्च अदालत पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के बाद माफी मांगनी पड़ी है। इन पर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर जैसे महान व्यक्तित्व का अपमान करने का मुकदमा है। इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है और न ही बालक बुद्धि में व्यवहार का कोई ठिकाना होता है। जब ये बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है, तो सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं। ये बालक बुद्धि अपनी सीमाएं खो देती है, तो सदन के अंदर बैठकर आंखें मारते हैं। इनकी सच्चाई अब पूरा देश समझ गया है। इसलिए आज देश इनसे कह रहा है – तुमसे न हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी कह गए हैं- झूठई लेना, झूठई देना, झूठई भोजन, झूठ चबेना। कांग्रेस ने झूठ को राजनीति का हथियार बनाया। कांग्रेस के मुंह झूठ लग गया है, जैसे वो आदमखोर एनिमल होता है न, जिसके मुंह पर लहू लग जाता है, वैसे ही कांग्रेस के मुंह झूठ का खून लग गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश हो रही है, गंभीर षड्यंत्र हो रहा है। ये कहा गया कि हिंदू हिंसक होते है। ये हैं आपके संस्कार, ये है आपका चरित्र, ये है आपकी सोच, ये है आपकी नफरत। इस देश के हिंदुओं के साथ ये कारनामे। ये देश शताब्दियों तक इसे भूलने वाला नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये वो लोग हैं जिन्होंने हिंदू आतंकवाद ये शब्द गढ़ने की कोशिश की थी। इनके साथी हिंदू धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया ऐसे शब्दों से करें, ये देश कभी माफ नहीं करेगा। एक सोची-समझी साजिश के तहत इनके पूरे इकोसिस्टम ने हिंदू परंपरा को नीचा दिखाने, अपमानित करने और मजाक उड़ाने का फैशन बना दिया है। हम बचपन से सीखते हुए आए हैं, गांव का हो शहर का हो, अमीर हो गरीब हो, ईश्वर का हर रूप दर्शन के लिए होता है। ईश्वर का कोई भी रूप निजी स्वार्थ के लिए, प्रदर्शन के लिए नहीं होता, जिसके दर्शन होते हैं, उनके प्रदर्शन नहीं होते। हमारे देवी-देवताओं का अपमान 140 करोड़ देशवासियों के हृदय को गहरी चोट पहुंचा रहा है। निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए ईश्वर के रूपों का इस तरह से खेल, ये देश कैसे माफ़ कर सकता है। सदन में कल का दृश्य देखकर अब हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा कि क्या ये अपमानजनक बयान कोई संयोग है या बड़े प्रयोग की तैयारी है।