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खरगोन : जिन घरों से पत्थर और पेट्रोल आए हैं, उन घरों को पत्थर का ढेर बनाएँगे : मध्य प्रदेश गृह मंत्री

रामनवमी पर हिंसा के बाद इलाके में पसरा सन्नाटा और तैनात पुलिसकर्मी (फोटो साभार: ANI)
रामनवमी के मौके पर निकली शोभायात्रा को देश में कई जगहों पर निशाना बनाया गया। गुजरात, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश तक से हिंसा की घटनाएँ सामने आई। मध्य प्रदेश के खरगोन में रविवार (10 अप्रैल 2022) को रामनवमी जुलूस पर पथराव किया गया। 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की 

मुस्लिम भीड़ को रामनवमी जुलूस में बज रहे डीजे से आपत्ति थी। हालाँकि दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना अचानक नहीं घटी। यह पूर्व नियोजित हमला था। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे। एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। शाम में हुए हमले के बाद शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके बाद रात के लगभग 12 बजे एक बार फिर से हिंसा भड़की और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों में लूटपाट की गई। इसके बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के मुताबिक हिंसा में 10 पुलिसकर्मी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। टीआई बनवारी मंडलोई, SP सिद्धार्थ चौधरी के अलावा 6 और पुलिसकर्मी के भी घायल होने की खबर है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 77 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, “खरगोन के गुनहगारों से सख्ती से निबटा जाएगा। वहाँ जिन घरों से पत्थर आए हैं, उन घरों को पत्थर का ढेर बनाएँगे। मध्य प्रदेश में कानून का राज है और सांप्रदायिक सौहार्द को किसी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहाँ पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद हैं। फिलहाल शांति है। दंगाइयों को लगातार चिन्हित किया जा रहा है। 77 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कर्फ्यू अभी भी लगा हुआ है।”

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “रामनवमी पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाई गई। लेकिन खरगोन में दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। दंगाई छोड़े नहीं जाएँगे। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मध्यप्रदेश की धरती पर दंगाइयों के लिए कोई स्थान नहीं है। कार्रवाई का मतलब केवल जेल भेजना नहीं है। जिन्होंने पत्थर चलाए है, संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया है उनको दंडित तो किया ही जाएगा, साथ ही नुकसान का आकलन कर उसकी वसूली भी उनसे की जाएगी। हम किसी भी दंगाई को छोड़ेंगे नहीं।”

गौरतलब है कि खरगोन में हर साल रामनवमी के मौके पर तालाब क्षेत्र से शोभा यात्रा निकाले जाने की परंपरा रही है। इस साल भी बड़ी तैयारी के साथ दोपहर 3 बजे ये शुरू हुआ। मुख्य झाँकी को दांगी मोहल्ले में ही खड़ा कर रामनवमी की शोभा यात्रा रोकनी पड़ी। फायर फाइटर का कांच तोड़ दिया गया। बिजली ट्रांसफर्मरों को आग के हवाले किया गया। बताया जा रहा है कि 7 साल पहले खरगोन में हुए दंगे में भी इसी तरह से भारी संख्या में घरों की छतों पर पत्थर मिले थे।


मध्य प्रदेश के जीवाजी यूनिवर्सिटी ने क्रांतिकारियों को बताया ‘आतंकवादी’

जीवाजी विश्वविद्यालय
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
एक कहावत है "चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए", कांग्रेस पर शत-प्रतिशत चरितार्थ होती है। केन्द्र में शासित रहते हुए भी क्रान्तिकारियों को आतंकवादी कहने का दुस्साहस करने के साथ-साथ "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से हिन्दुओं को अपमानित करती रही। और अब मध्य प्रदेश में 15 वर्ष बाद वापस आने पर फिर क्रांतिकारियों को आतंकवादियों से तुलना करने का दुस्साहस किया है। आखिर किस दबाव में कांग्रेस क्रांतिकारियों की तुलना आतंकवादियों से करती है? अगर क्रन्तिकारी आतंकवादी थे, फिर क्यों स्वतन्त्रता और गणतन्त्र दिवस मनाकर जनता को भ्रमित करती है? कांग्रेसियों को नहीं मालूम की आज महापौर से लेकर राष्ट्रपति भी क्रांतिकारियों की क़ुरबानी के कारण बनते हैं। आज हर भारतवासी इन राष्ट्रीय पर्वों को मनाता है, इन क्रांतिकारियों की क़ुरबानी के कारण। जिन्होंने देश की खातिर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। लगता है कांग्रेस में शर्म नाम की कोई चीज नहीं। 
मध्यप्रदेश के ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी मे परीक्षा के दौरान राजनीति शास्त्र के प्रश्न पत्र में क्रांतिकारियों की तुलना आतंकवादियो से किए जाने का शर्मनाक वाकया सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। जिसके बाद इसपर प्रदेश के शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने खुद संज्ञान लिया है और विश्वविद्यालय से सवाल पूछा गया है कि इसे पूछे जाने के पीछे आखिर क्या उद्देश्य था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा ये व्यवस्था बेहद गोपनीय होती है। ऐसा सवाल कैसे पूछा गया? इसके पीछे किसी का षडयंत्र था और उनकी क्या व्यवस्था थी। इन सब पर जाँच की जा रही है। साथ ही शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है कि, क्योंकि ये मामला विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए इसकी बेहद सतर्कता के साथ जाँच होगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने पूरे मामले के मद्देनजर प्रमुख सचिव को अपने निवास पर बुलाया। साथ ही मामले को लेकर 3 सदस्यीय जाँच कमेटी भी गठित की गई। अब ये जाँच कमेटी 3 दिन के भीतर पूरे मामले की जाँच रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी।
रिपोर्ट आने के बाद मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। जीतू पटवारी के मुताबिक ये मात्र एक चूक नहीं है, बल्कि बहुत बड़ी गलती है। इसलिए जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई होगी ताकि आगे विश्वविद्यालयों में इस तरह की चूक ना हो।
यह प्रश्न कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन क्षेत्र गुना के सरकारी कॉलेज में एमए राजनीति शास्त्र की 20 दिसंबर को हुई परीक्षा के दौरान पूछा गया था। जिसके प्रकाश में आने के बाद न सिर्फ छात्र संगठन बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए।

इस मामले पर मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर गैरजिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। शिवराज सिंह चौहान ने भी इस घटना को शर्मनाक और दुखदायी बताते हुए कहा, “जिनके बलिदान के कारण हम खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं, उन्हें कोई कैसे आंतकवादी कह सकता है। मध्य प्रदेश सरकार से मेरी माँग है कि तुरंत ऐसे गैरजिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।”
वहीं, प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार होने के बाद भी कॉन्ग्रेस के उपाध्यक्ष ने इस घटना पर कहा– “प्रदेश के शिक्षा संस्थानों में संघी मानसिकता के लोग घुस गए हैं। इसीलिए इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जीवाजी विश्वविद्यालय में पेपर किसने सेट किया, इसकी जाँच कराएँगे और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

भाजपाई गजनवी के भी ग्रैंडफादर, 15 साल में मध्य प्रदेश को खूब लूटा : डॉ. गोविंद सिंह,सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
किसी भी पार्टी के कार्यकलाप केवल सत्ता मुक्त होने पर उजागर होते हैं। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि अमुक पार्टी दूध की धुली है। फिर अब एक नयी प्रक्रिया चालू हो गयी है कि नेता से अधिक उसकी गृहणी के पास चुनाव नामांकन में दर्शायी जाती है। पिछले ही माह अपने इसी ब्लॉग पर लिखा था कि भाजपा के उम्मीदवार ही अपने विपक्ष के हाथों बिक दोनों हाथों से माल लूटते हैं। इतना ही नहीं, दिल्ली में चुनाव सिर पर हैं, लेकिन हारा हुआ उम्मीदवार द्वारा पार्टी में ही रहकर व्हाट्सअप के माध्यम से विपक्ष को वोट देने का प्रचार किया जा रहा है और पार्टी के किसी भी नेता को संज्ञान लेने की फुर्सत नहीं, जो दर्शाता है, कि पार्टी अपने जनाधार को बढ़ाने में व्यस्त है, लेकिन पार्टी में लग रहे घुन अथवा दीमक की ओर ध्यान नहीं।  
मध्य प्रदेश के सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि पिछले 15 साल (वर्ष 2003 से वर्ष 2018 तक) के भाजपा शासनकाल में मध्य प्रदेश में जमकर लूट हुई। इस लूट में भाजपा नेताओं ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी तक को पीछे छोड़ दिया और उससे कई गुना ज्यादा लूट की गई। उन्होंने कहा कि इस लूट में भाजपाई गजनवी के भी 'ग्रैंडफादर' निकले और अब कांग्रेस सरकार ने इन सभी अवैध कामों पर रोक लगाई है। कांग्रेस के नेताओं के लगातार बयान देने पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस जिंदा लोगों की पार्टी है और सभी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है।
Image result for डॉ. गोविंद सिंहसिंह ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, 'भाजपा की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में पूरे मध्य प्रदेश की इस प्रकार लूट की गई है, जिस प्रकार मोहम्मद गजनवी ने की थी। कोई विभाग नहीं बचा, जिसे लूटा न गया हो। आज प्रदेश कर्ज के गर्त में है, पूरा प्रदेश खोखला है। एक-एक समस्या के लिए कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री कमलनाथजी को परेशानी खड़ी हो रही है।'
उन्होंने आगे कहा कि मेरा तो यह भी अनुभव है कि मोहम्मद गजनवी जब हिंदुस्तान को लूटने आया था, उसने सोमनाथ मंदिर भी लूटा था, तो रहम करके कुछ छोड़ गया था। लेकिन भाजपा ने कहीं कुछ नहीं छोड़ा।' सिंह ने आरोप लगाया कि (लूट में) भाजपाई गजनवी के भी ग्रैंडफादर निकले।
सत्ता गलियारों में चर्चा है कि यदि यह आरोप सत्य है, फिर किस आधार पर कार्यवाही में देरी की जा रही है? जब केन्द्र में भाजपा सरकार कांग्रेस और अन्य विरोधियों के घोटालों को उजागर कर कार्यवाही कर विपक्ष को कमजोर करने में व्यस्त है, फिर मध्य प्रदेश सरकार देरी क्यों कर रही है?
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अभी दो ही दिन पूर्व दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने जो दर्द बयां किया, वास्तव मे.....

उन्होंने कहा कि 15 साल के भाजपा शासनकाल में पूरा मध्य प्रदेश खोखला हो गया। ऐसी लूट तो गजनवी ने की थी, लेकिन भाजपा ने उसको भी पीछे छोड़ दिया। सिंह ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में प्रदेश में कांग्रेस सरकार आई और अब कांग्रेस की सरकार लगातार अवैध काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल से इसकी शुरुआत हुई और पूरे प्रदेश में प्रभावी कार्रवाई की गई।

"हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" की शिकार प्रज्ञा ठाकुर चुनावी मैदान में

Sadhvi Pragya to contest from bhopalमालेगांव बम धमाके में आरोपी रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार होंगी। इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल में बीजेपी कार्यालय पहुंचीं और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, प्रभात झा और रामलाल से बंद कमरे में मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वो भाजपा की प्राथमिक सदस्यता अप्रैल 16 को ही ले चुकी हैं। अब इस भाजपा की तरफ से उनकी उम्मीदवारी का औपचारिक ऐलान होना बाकी है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम पर संघ ने भी भाजपा पर दबाव बनाया है। वो एबीवीपी और दुर्गावाहिनी जैसे भाजपा के अनुषांगिक संगठनों से जुड़ी रह चुकी हैं और मालेगांव धमाके में नाम आने के बाद कई सालों तक जेल में बंद रहीं थी।


Madhya Pradesh: Sadhvi Pragya Singh Thakur has arrived at the BJP office in Bhopal and is currently meeting senior BJP leaders Shivraj Singh Chouhan, Ramlal, and Prabhat Jha.
साध्वी प्रज्ञा के बीजेपी के जुड़ने और भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं, जिस पर अप्रैल 17 को अंतत: मुहर लग गई। साध्‍वी प्रज्ञा मालेगांव विस्‍फोट मामले में आरोपी रही हैं, जिस मामले में वह नौ साल तक जेल में भी रहीं। हालांकि कोर्ट ने बाद में उन्‍हें बरी कर दिया। भोपाल से दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारने के कांग्रेस के ऐलान के बाद से ही साध्‍वी प्रज्ञा कई मौकों पर 'दिग्‍गी राजा' को चुनौती देने की इच्‍छा जता चुकी थीं। इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने यह भी कहा था कि वह 'धर्म-युद्ध' के लिए तैयार हैं।
इस बीच साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अप्रैल 17 को चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर साफ कहा था कि अगर भाजपा उन्हें भोपाल से टिकट देगी तो वो चुनाव लड़ने को तैयार हैं। वहीं दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा था कि दिग्विजय सिंह न तो मेरे लिए और न ही भाजपा के लिए चुनौती हैं। धर्म पर चलने वाले लोग, राष्ट्र के लिए जीने-मरने वाले लोग जहां खड़े होते हैं। वहां अधर्म का कोई अस्तित्व नहीं है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिग्विजय सिंह पर उन्हें मालेगांव धमाके में फंसाने का आरोप भी लगाया। 
प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए कहा कि आज मुझे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा माननीय शिवराज सिंह चौहान जी, प्रदेश अध्यक्ष जी, प्रभात जी और यहां के सभी पार्टी पदाधिकारियों ने मुझे जिम्मेदारी दी है कि मैं लोकसभा की प्रत्याशी बनूं। लेकिन आप भी जानते हैं मेरा प्रत्यक्ष तौर पर राजनीति में अनुभव नहीं है लेकिन एक बहुत बड़ी शक्ति है हमारे पास, वह है माननीय शिवराज जी 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप यहां रहे। उन्होंने जो प्रदेश के लिए किया है। उससे वह जनता के ध्यान में पुन: आ जाएगा। जनता ये समझ जाएगी जो कुछ भी अभी दूसरे लोगों का छलावा है। किन्तु यहां जो किया गया है वही बोला जाएगा।
इससे पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने कहा, मित्रों इंतजार की घड़ी समाप्त हुई। काफी दिनों से आप लोगों के बीच उत्सुकता थी भोपाल से बीजेपी के उम्मीदवार कौन होंगे? उसके बाद उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार होंगी। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह का जन्म देश की सेवा के लिए हुआ है। देश की सुरक्षा के लिए हुआ है और जनता की सेवा के लिए हुआ है। अब इस सेवा में वह राजनीति के माध्यम से भी अपने जीवन को लगाएंगी।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के भोपाल से लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा सिंह का भोपाल में स्वागत करता हूं। भोपाल में आपको शांत शिक्षित और सभ्य वातावरण पसंद आएगा। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल संसदीय सीट से लड़ने के लिए बीजेपी ने कट्टर हिन्दुत्वादी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम औपचारिक घोषणा बुधवार को की गई। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए व्यापमं मामले की जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए व्यापमं मामले की जांच के निर्देश,पीड़ित छात्र पहुंचे थे मिलने
युवा विधायक कुणाल चौधरी ने छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल
को मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलवाया।
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही व्यापमं मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। व्यापमं पीड़ित छात्रों द्वारा इस घोटाले की जांच की मांग मानते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को जांच कराने के निर्देश दिए।
अक्सर अपने लेखों के माध्यम से भाजपा पदाधिकारियों को व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का आग्रह करता रहता हूँ, लेकिन कभी गम्भीरता से नहीं लिया। विपक्ष के जिन घोटालों को उजागर करने में भाजपा भूमिका ही बनाती रही। लेकिन कांग्रेस भाजपा शासन में हुए घोटालों को उजागर करने में तनिक भी देर नहीं करने वाली। लोकसभा चुनाव होने से पूर्व कांग्रेस उन्हें जगजाहिर कर विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा चुनावों में भाजपा को मात देगी। 
यही स्थिति दिल्ली नगर निगम में होने वाली है, जहाँ लेशमात्र भी भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ। जिसकी किसी भी पदाधिकारी को चिन्ता नहीं। बस निकल आएंगे हाथ में झाड़ू लेकर, नगर निगमों में सत्ताधीन भाजपा और सफाई विभाग नगर निगम के अधीन। अभी भी समय है, सत्ता में बैठी भाजपा को होश में आना होगा। पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को पार्टी धारा से जोड़ना होगा।पीछे हुए नगर निगम चुनावों में क्या हुआ, किसी अधिकारी ने चिंतन करने का प्रयास किया, बस सत्ता में आ गए, मोदी-अमित को कर दिया खुश।अब न वोटर लिस्ट की जाँच तक नहीं होती। यदि मोदी-योगी-अमित का परिश्रम नहीं होता, इन राज्यों में इतनी सीटें भी नहीं आती। तीनो राज्यों में हार दीवारों पर लिखी हुई थी। एक अध्यापिका मंत्री से कोई प्रश्न करती है, उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है, इस सत्ता के नशे को तोड़ने की बिसात तभी से बिछनी शुरू हो गयी थी, जिसे सत्ता के नशे में चूर भाजपाई अनदेखा करते रहे। 
दूसरे, तेलंगाना में चुनाव के दौरान वहां प्रवास पर होने पर देखा कि टीआरएस और तेलुगु देशम द्वारा तो घर-घर जाकर मतदाताओं से सम्पर्क किया जा रहा था, लेकिन भाजपा द्वारा केवल प्रचार हुआ गाड़ियों पर लाउड स्पीकर से। जब उम्मीदवार एक बार भी मतदाता के पास नहीं जा सकता, फिर क्यों दे भाजपा को वोट? जनता से बातचीत के दौरान भाजपा को कोई किसी गिनती में ले ही नहीं रहा था। चुनाव के बाद किसी भाजपाई नेता की शक्ल तक नहीं दिखती। 
मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल के चिनार पार्क में व्यापमं पीड़ित युवा और छात्र प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कालापीपल से युवा विधायक कुणाल चौधरी को निर्देश देकर छात्रों से मिलने भेजा। चौधरी से मुलाकात के दौरान व्यापमं की परीक्षा दे चुके युवाओं और छात्र ने रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। साथ ही छात्रों ने उनके साथ हुए अन्याय के लिए भी गुहार लगाई।
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इस वेबसाइट का परिचय
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व्यापमं मामले में स्थानीय अदालत के आदेश पर पुलिस ने सितम्बर 27 को यहां कांग्रेस के तीन दिग्गज नेताओं कमलनाथ, ज्योति....

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान में जैसे-जैसे चुनावों के दिन नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों में बेचैनी और एक-.....

चर्चा के बाद युवा विधायक कुणाल चौधरी ने छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलवाया। छात्रों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके साथ हुई नाइंसाफी के बारे में बताया। प्रदेश के लाखों छात्रों के साथ हुए धोखे का हवाला देकर छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इस पर कमलनाथ ने मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि मामले पर संज्ञान लेकर इसकी पड़ताल कराएं।
विधायक का वीडियो वायरल, जिन्होंने शिवराज को हराया वे एक महीने में रोएंगेजिन लोगों ने शिवराजसिंह को हराया है वो एक महीने में नहीं रोएं  तो बहादुरसिंह चौहान मत कहना--विधायक बहादुरसिंह चौहान 
महिदपुर के भाजपा विधायक बहादुरसिंह चौहान का एक और वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में चौहान अपने समर्थकों के बीच भाषण देते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने शिवराजसिंह को हराया है वो एक महीने में नहीं रोएं तो मुझे बहादुरसिंह चौहान मत कहना। वीडियो के संबंध में विधायक का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है।
मगर ऐसा कहा भी, तो क्या गलत कहा। बता दें कि विधायक बहादुरसिंह चौहान के पूर्व में भी कई वीडियो वायरल हो चुके हैं। चुनाव के दौरान सौंधिया समाज को समाज के ही प्रत्याशियों को वोट देने संबंधित वीडियो पर उन्हें नोटिस भी मिला था। इसके बाद एक और वीडियो भी वायरल हुआ। ताजा वीडियो महिदपुर रोड का बताया जा रहा है, जिसमें वे अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए ये बातें कह रहे हैं।
जहां कांग्रेस का विधायक, वहां गुंडागर्दी चालू हो जाएगी
वीडियो में विधायक कांग्रेस विधायकों के खिलाफ बोलते भी नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि जहां भी कांग्रेस के विधायक बने हैं, वहां गुंडागर्दी, बेईमान और हफ्ता वसूली चालू हो जाएगी। सोमवार(दिसंबर 17) को ये वीडियो सोशल मीडिया पर चलता रहा।