Showing posts with label #Vaishali Yadav. Show all posts
Showing posts with label #Vaishali Yadav. Show all posts

यूक्रेन से प्रधानी चलाने वाली सपा नेता की बेटी वैशाली यादव लौटीं देश

भारत लौटी वैशाली यादव को करना होगा कार्रवाई का सामना
 (फोटो साभार: NBT)
यूक्रेन (Ukraine) में MBBS की पढ़ाई करने वाली यूपी में ग्राम प्रधान वैशाली यादव (Vaishali Yadav) भारत पहुँचते ही प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ गई हैं। दरअसल ग्राम प्रधान बनने के बाद वैशाली बिना सूचना दिए विदेश जाकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही थीं। इसको लेकर उनके खिलाफ अधिकारियों ने जाँच शुरू कर दी है। हरदोई के पंचायती राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने ADO पंचायत को प्राथमिकता के आधार पर मामले की जाँच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

प्रधान बनने के बाद चली गईं थी यूक्रेन, अब होगी कार्रवाई

गिरीश चंद्र ने कहा, “हरदोई के ग्राम तेरा पुरसौली की प्रधान वैशाली यादव अपनी ड्यूटी से नदारद हैं। पता चला है कि वह यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई करने गई हैं। हमने ADO पंचायत से रिपोर्ट माँगी है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
इधर वैशाली ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए News18 से कहा, “पिछले दिनों जब मैं यूक्रेन में फँसी हुई थी तो मैंने मदद के लिए एक वीडियो बनाया था। इस पर लोगों ने मुझे बहुत ट्रोल किया, उसे राजनीति से जोड़ दिया। मैं ये वीडियो सिर्फ ये बताने के लिए बना रही हूँ कि मैं सुरक्षित हूँ, अपने घर वापस आ गई हूँ। और मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसको मैं तब क्लियर कर दूँगी, जब अधिकारी मेरे यहाँ नोटिस भेजेंगे।” 
उन्होंने आगे कहा, “भारत सरकार का नारा है- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ तो अगर बेटी पढ़ रही है तो लोग उस पर इतना ऑब्जेक्शन क्यों कर रहे हैं? आजकल तो लोग हर काम डिजिटली कर रहे हैं, वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो मैं अगर यूक्रेन में रहते हुए अपने गाँव की कमान सँभाल रही हूँ तो उसमें ऑब्जेक्शन की कोई बात ही नहीं है। हमारे गाँव के लोग मेरे काम से खुश हैं। उन्होंने आज तक हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो आप लोग मुझ पर बेबुनियाद आरोप ना लगाएँ।”
वहीं, वैशाली के पिता और समाजवादी पार्टी के नेता का कहना है कि यूक्रेन में रहने के बावजूद वह इंटरनेट एवं व्हाट्सएप के जरिए अपने क्षेत्र के लोगों के साथ संपर्क में रही हैं। वह साल में दो बार आती हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती है, जो कि प्रधान के लिए आवश्यक है।
पिछले साल हरदोई के तेरा पुरसौली की प्रधान निर्वाचित होते ही वैशाली यादव एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन चली गई थीं। वो वहीं रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। उनका वीडियो वायरल होने के बाद उनकी पोल खुल गई। जिला प्रशासन ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।
पिछले दिनों वैशाली के इस तरह गाँव छोड़कर विदेश में रहने को लेकर पंचायती राज विभाग ने कथित तौर पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा था। यह बात भी सामने आई थी कि वैशाली के यूक्रेन में रहने के बावजूद उनका काम हुआ और इस दौरान कुछ धन का भी इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पंचायती राज विभाग उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा उपयोग किए गए धन की जाँच करेगी।
पिछले दिनों वैशाली के इस तरह गाँव छोड़कर विदेश में रहने को लेकर पंचायती राज विभाग ने कथित तौर पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा था। यह बात भी सामने आई थी कि वैशाली के यूक्रेन में रहने के बावजूद उनका काम हुआ और इस दौरान कुछ धन का भी इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पंचायती राज विभाग उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा उपयोग किए गए धन की जाँच करेगी।
अवलोकन करें:-
रूसी हमले में फँसी उत्तर प्रदेश की ग्राम प्रधान वैशाली यादव की कुर्सी पर खतरा
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
रूसी हमले में फँसी उत्तर प्रदेश की ग्राम प्रधान वैशाली यादव की कुर्सी पर खतरा

सोशल मीडिया पर शेयर किया था वीडियो

युद्ध के हालात के बीच वैशाली ने यूक्रेन से वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। हालाँकि, यूजर्स ने इसको लेकर वैशाली को ट्रोल करना शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि सपा नेता की बेटी होने के कारण वह सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि वैशाली पर कार्रवाई हुई और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है। हालाँकि, प्रशासन ने इस तरह की खबरों का खंडन किया।

रूसी हमले में फँसी उत्तर प्रदेश की ग्राम प्रधान वैशाली यादव की कुर्सी पर खतरा

                   यूपी की ग्राम प्रधान वैशाली यादव यूक्रेन में कर रही एमबीबीएस की पढ़ाई (फोटा साभार: न्यूज 18)
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युुद्ध (Russia Ukraine War) ने उत्तर प्रदेश की एक ग्राम प्रधान की कुर्सी पर खतरा पैदा कर दिया है। दरअसल, पिछले साल ग्राम प्रधान चुनी गई 24 साल की वैशाली यादव यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही हैं। यह बात तब सामने आई जब 24 फरवरी को उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह फँसे छात्रों की मदद के लिए सरकार से गुहार लगा रही थी। वैशाली फिलवक्त इवानो फ्रैंकिव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हरदोई के सांडी ब्लॉक के तेरापुरसेली की रहने वाली वैशाली यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र यादव की बेटी हैं। पिछले साल उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनावों में वैशाली यादव गाँव आई। उन्होंने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा और इसमें जीत भी दर्ज कर ली। प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद वह अपनी पढ़ाई के लिए वापस यूक्रेन चली गई। इस बात जानकारी गाँव में किसी को नहीं थी। जब यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह बात सामने आई तो गाँव के लोग हैरान रह गए।

वैशाली के इस तरह गाँव छोड़कर विदेश में रहने को लेकर पंचायती राज विभाग ने कथित तौर पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा है। यह बात भी सामने आई है कि वैशाली के यूक्रेन में रहने के बावजूद उनके काम हुआ और इस दौरान कुछ धन का भी इस्तेमाल किया गया। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंचायती राज विभाग उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा उपयोग किए गए धन की जाँच करेगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए वैशाली ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहाँ गोलीबारी में फँस जाऊँगी। मैंने MBBS के लिए यूक्रेन को इसलिए चुना क्योंकि इसकी डिग्री यूरोपीय संघ में कहीं भी प्रैक्टिस के लिए स्वीकार्य है। मुझे अभी घर वापस जाने के लिए फ्लाइट चाहिए।”

वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग करना

दिसंबर 2021 मे, अमर उजाला ने वीडियो कॉल के माध्यम से ग्राम पंचायत की बैठकों में भाग लेने के लिए वैशाली की ‘तारीफ’ की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि यादव अपने गाँव तेरा पुरसाली को यूक्रेन के गाँवों की तर्ज पर विकसित करना चाहती हैं। हरदोई जिले और लखनऊ से स्कूली पढ़ाई करने वाली वैशाली पिछले तीन साल से यूक्रेन में MBBS कर रही हैं।
पिछले साल उन्होंने अपने पिता और पूर्व ब्लॉक प्रसिडेंट महेंद्र सिंह यादव के सामने ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। हालाँकि उनके पिता इस बात से सहमत नहीं थे, क्योंकि वह चाहते थे कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करे। इसके लिए वैशाली को वापस यूक्रेन लौटना था। मगर वैशाली ने जोर देकर कहा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम पंचायत की बैठकों में भाग ले सकती है और यूक्रेन में अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है।
हालाँकि अमर उजाला की रिपोर्ट में कहा गया कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस आना चाहती थी और अपने गाँव की बेहतरी के लिए काम करना चाहती थी, लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो वैशाली ने यूक्रेन को इसलिए चुना क्योंकि इसकी डिग्री यूरोपीय संघ में स्वीकार्य है।