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मुस्लिम भीड़ चुन-चुनकर ढूँढ रही थी तुलसी के पौधे वाले घर, देवी-देवताओं की मूर्ति देख आग लगा रही थी: नागपुर हिंसा के बाद हिंदू पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

                     नागपुर हिंसा में हिंदू प्रतीकों को निशाना बनाकर किए गए हमले (फोटो साभार: ZeeNews)
नागपुर में सोमवार (17 मार्च 2025) को हुई हिंदू विरोधी हिंसा ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। मुस्लिम भीड़ ने हिंदू घरों और गाड़ियों को निशाना बनाया, जिससे लोगों में डर और गुस्सा फैल गया। स्थानीय हिंदुओं ने बताया कि मुस्लिमों की भीड़ ने तुलसी के पौधे को तोड़ा और गाड़ियों में रखी भगवान की मूर्तियों को देखकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।

टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए एक हिंदू महिला ने कहा, “उन्होंने तुलसी की कुंडी को फेंक दिया, गालियाँ दीं और भड़काऊँ नारे लगाए।” एक दूसरी महिला ने बताया, “वे चिल्ला रहे थे कि हिंदुओं को नागपुर में रहने नहीं देंगे।” ऑटो रिक्शा चालक को भी धमकी दी गई कि अंदर घुसा तो काट डालेंगे।

हिंदुओं ने खुलासा किया कि हमलावरों ने गाड़ियों पर स्वास्तिक और मूर्तियाँ देखकर उन्हें जलाया, जबकि मुस्लिम घरों और गाड़ियों को छुआ तक नहीं। गवाहों ने बताया कि नकाबपोश हमलावर पेट्रोल बम, पत्थर और हथियारों से लैस थे। एक चश्मदीद ने कहा, “उन्होंने बच्चों पर भी पत्थर फेंके, दो पुलिस गाड़ियों और सड़क निर्माण के क्रेन को आग लगा दी।”

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, भीड़ ने हिंदू पुलिस वालों को गालियाँ दीं और पेट्रोल बम से हमला किया। घायलों में ज्यादातर 24 से 40 साल के पुरुष हैं, जिनके सिर पर चोटें आईं। कई को सर्जरी की जरूरत पड़ी।

महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठे। एक महिला ने कहा, “अगर वे किसी को पकड़ लेते तो क्या होता?” भीड़ में ज्यादातर किशोर थे। फिलहाल अब तक पुलिस ने 84 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान भी शामिल है। माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के नागपुर शहर अध्यक्ष फहीम पर 500 से ज्यादा लोगों को भड़काने का आरोप है। डीसीपी लोहित मतानी ने बताया कि चार FIR दर्ज हुईं, जिसमें फहीम पर देशद्रोह का केस भी है। उसका भड़काऊ भाषण का वीडियो भी सामने आया है।

नागपुर हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन भी उजागर हुआ। साइबर सेल ने 97 सोशल मीडिया अकाउंट्स पकड़े, जो अफवाह फैला रहे थे। इनमें से ज्यादातर बांग्लादेशी IP से चल रहे थे। एक पोस्ट में धमकी दी गई कि “सोमवार की हिंसा छोटी थी, आगे बड़ी होगी।” इसके बाद पुलिस की तरफ से 34 अकाउंट्स पर कार्रवाई हुई और 10 FIR दर्ज की गईं।

उधर, कॉन्ग्रेस ने हिंसा की जाँच के लिए कमेटी बनाई, जिसमें माणिकराव ठाकरे, हुसैन दलवाई, नितिन राउत, यशोमति ठाकुर और साजिद पठान जैसे नेता शामिल हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कॉन्ग्रेस सच ढूँढेगी या हमलावरों को बचाएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा, “पुलिस पर हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।” स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सुनियोजित हमला था, जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया।

तमिलनाडु : गवर्नर हाउस पर फेंका बम, बमबाजी में समय से पहले रिहाई नहीं होने पर था नाराज

करुक्का विनोद , हिस्ट्रीशीटर ने राजभवन के गेट पर 2 पेट्रोल बम फेंके (फोटो साभार : the news minute)
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित राजभवन के मुख्य द्वार पर एक शख्स ने दो पेट्रोल बम फेंक दिए। यह शख्स एक हिस्ट्रीशीटर है और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बुधवार (25 अक्टूबर 2023) को दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने राजभवन के विपरीत दिशा से पेट्रोल बम फेंके।

हालाँकि, ये दोनों बम नहीं फटे और मुख्य द्वार के सामने लोहे के बैरिकेड के पास सड़क पर गिर गए। राजभवन पर पेट्रोल बम फेंकने के बाद हमलावर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिसकर्मियों ने पीछा करके गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान करुक्का विनोद के रूप में हुई है। उसके पास से दो जिंदा बम भी बरामद हुए हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण) प्रेम आनंद सिन्हा ने बताया, “कोई आग नहीं लगी… केवल बत्ती पर कुछ लौ थी। पेट्रोल की बोतल गिरकर टूट गई। उसे पकड़ लिया गया है और उसके पास कुछ और बोतलें मिलीं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। घटना को अंजाम देने से विनोद ने शराब पी थी।” सिन्हा ने बताया कि हमले के मकसद के बारे में पता लगाया जा रहा है।

राज्यपाल के फैसले से खफा था विनोद

रिपोर्ट के मुताबिक, करुक्का विनोद तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि से खफा था। दरअसल, जेल में रहते हुए विनोद ने समय से पहले रिहाई की माँग करते हुए राज्यपाल के पास एक याचिका भेजी थी। इस याचिका को राज्यपाल ने खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, राज्यपाल द्वारा मुस्लिम कैदियों को रिहा नहीं करने से भी वह नाराज था।
उसने बताया कि इन दोनों कारणों से वह राज्यपाल से बदला लेना चाहता था और उसने इसी वजह से बम फेंका। दरअसल, विनोद तीन दिन पहले ही जेल से बाहर आया है और मौका पाते ही राज्यपाल को निशाना बनाने के लिए राजभवन पर हमला कर दिया। उसके पास कुल 4 बम थे। इसमें से दो बम फेंक दिए। बाकी दो बम बरामद हो गए हैं।

राजभवन ने की हमले की निंदा

घटना के बाद से पूरे इलाके की सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जा रही है, ताकि किसी अन्य संदिग्ध की पहचान की जा सके। तमिलनाडु राजभवन ने हमले की निंदा की है और कहा है कि यह एक ‘गंभीर सुरक्षा उल्लंघन’ है। राजभवन ने घटना की भी जाँच और सभी अपराधियों की गिरफ्तारी की माँग की है।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर के यहाँ इस हमले की शिकायत दर्ज कराई गई है। राज्यपाल के उप सचिव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि लगातार गंदी-गंदी गालियाँ देकर और जान से मारने की धमकी देते हुए राज्यपाल पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इसके लिए तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में कहा गया है, “माननीय राज्यपाल पर ये मौखिक हमले और धमकियाँ ज्यादातर डीएमके और उसके सहयोगियों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक बैठकों में और उनके सोशल मीडिया के माध्यम से की गई हैं।” शिकायत में राज्यपाल पर पिछले हमलों का भी विवरण दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इन सब मामलों में राजभवन ने शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कभी भी FIR दर्ज नहीं की गई और ना ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
राजभवन पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना पर तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष अन्नामलाई ने तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजभवन पर पेट्रोल बम फेंका जाना तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। भाजपा नेता ने कहा कि डीएमके सरकार में राज्य भर के अपराधी सड़कों पर उतर आए हैं।

भाजपा दफ्तर से लेकर पुलिस स्टेशन तक पर फेंक चुका है बम

तेनाम्पेट के रहने वाले 42 साल के विनोद का आपराधिक इतिहास है। उसने फरवरी 2022 में चेन्नई स्थित भाजपा कार्यालय पर भी पेट्रोल बम फेंका था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह NEET परीक्षा को लेकर भाजपा के स्टैंड से दुखी था। इसके विरोध में उसने भाजपा ऑफिस पर बम फेंका था।
इतना ही नहीं, विनोद ने साल 2015 में सरकार द्वारा संचालित TASMAC शराब की दुकान पर भी बम फेंका था। इसी साल 2017 में तेन्नमपेट पुलिस स्टेशन के सामने पेट्रोल बम फेंके थे। जानकारी के मुताबिक, करुक्का विनोद आदतन अपराधी है। उस पर 14 केस दर्ज हैं, जिसमें 4 हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामले भी हैं।