दिल्ली चुनाव के नतीजे आने से पहले आम आदमी पार्टी एक नए विवाद में फँसती दिख रही हैं। ये मामला विधायकों की खरीद-फरोख्त वाले आरोप की जाँच से जुड़ा है। आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मुकेश अहलावत के घर पूछताछ करने पहुँची।
पिछले दिनों AAP नेताओं ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वो 15-15 करोड़ का ऑफर देकर उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। केजरीवाल और आतिशी पहले भी ऐसे आरोप लगाते रहे हैं, जिसकी शिकायत भी हुई लेकिन आज तक उन आरोपों को सिद्ध नहीं कर पाए। अब ये नया आरोप।
हालाँकि केजरीवाल ने अपने ट्वीट में बीजेपी का नाम नहीं दिया है, बल्कि आपत्तिजनक शब्द प्रयोग कर जिसकी 55 सीटें आ रही है। अगर तुम्हारे विधायकों के पास फोन आ रहे हैं तो पुलिस में रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई? फिर जिस पार्टी की 55 सीटें आ रही हों केजरीवाल पार्टी के विधायकों को क्यों खरीदेगा? यह निश्चित है कल(फरवरी 8) को अगर दिल्ली से केजरीवाल सरकार जाती है तो पंजाब सरकार की भी उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। जैसा पहले भी कहा कि केजरीवाल सरकार जाने पर भगवंत सिंह मान उस बिभव को पंजाब को भगाएगा जिसने स्वाति मालीवाल की पिटाई की थी। गोपाल राय को छोड़, आतिशी-सिसोदिया, राघव चड्डा, स्वाति मालीवाल और मान आदि अपनी-अपनी डपली बजाने लगेंगे। फिर अरविन्द और संजय गुट क्या करेगा? हाँ, अगर सत्ता में आ गयी INDI गठबंधन राहुल को बहुत पीछे कर देगा।
इस आरोप के बाद बीजेपी ने AAP के खिलाफ उपराज्यपाल को पत्र लिखकर इस मामले में FIR दर्ज करने और विस्तृत जाँच की माँग की थी जिसके बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को जाँच करने के निर्देश दिए और टीमें AAP नेताओं के घर पहुँचीं।
संजय सिंह के वीडियो में दिखने वाला फिरोज (दाएँ) एक शराबी है (फोटो साभार: Delhi Police & Business Standard) दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग से पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसमें भाजपा से जुड़े लोगों पर वोटरों के स्याही लगाने का आरोप लगाया गया। एक वीडियो भी संजय सिंह ने एक्स (पहले ट्विटर) पर डाल दी। बाद में इस मामले की सच्चाई दिल्ली पुलिस ने बयान कर दी।
मंगलवार (4 फरवरी, 2025) को AAP सांसद ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो डाल कर लिखा, “भाइयों गाँधी नगर में शुरू हो गया खेल “बिना वोट डाले वोट पड़ गया” BJP के गुंडों ने उँगली में स्याही लगा दी। क्या चुनाव आयोग को ये सब कुछ नहीं दिख रहा।”
इस वीडियो में दिखता है कि कुछ लोग खड़े हैं। इनमें से एक आदमी ने ट्रैकसूट पहन रखा है और वह एक खाकी वर्दी पहने एक आदमी को कुछ डीटेल्स बता रहा है। ट्रैकसूट पहने हुए आदमी बताता है कि कुछ लोगों की झुग्गी में एक आदमी आके ₹500 देकर साइन करवाए और उंगली पर स्याही लगवाई। AAP ने इस वीडियो को लेकर भाजपा में चुनावी गड़बड़ी का आरोप जड़ा।
भाइयों गाँधी नगर में शुरू हो गया खेल “बिना वोट डाले वोट पड़ गया” BJP के गुंडों ने उँगली में स्याही लगा दी। क्या @ECISVEEP को ये सब कुछ नहीं दिख रहा। pic.twitter.com/Y4zS2HK1es
संजय सिंह के इस दावे पर पुलिस ने इस मामले की जाँच की। इसके बाद इस पूरे वीडियो की हकीकत सामने आई। पता चला कि वीडियो में पैसे बाँट कर स्याही लगाने का दावा करने वाला एक शराबी है और उसने नशे में ही यह दावे किए थे। वह हिस्ट्रीशीटर भी है।
दिल्ली पुलिस के शाहदरा DCP ने इस मामले में संजय सिंह को जवाब दिया। DCP शाहदरा ने लिखा, “04 फरवरी को शाम 5 बज कर 58 मिनट पर पुलिस स्टेशन गांधी नगर में एक मतदाता की उंगली पर स्याही लगाने के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली थी।”
आगे उन्होंने बताया, “पूछताछ करने पर पता चला कि जिस व्यक्ति ने यह दावा किया कि उस की उंगली पर स्याही लगी है उसका नाम फिरोज खान उम्र 40 वर्ष है और वह हिस्ट्रीशीटर है। वह एक कुख्यात अपराधी है, उसके खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह नशे की हालत में पाया गया था। इसके अलावा, उसकी उंगलियों पर स्याही नहीं लगी हुई पाई गई।”
SHAHDARA DISTRICT
PS GANDHI NAGAR
On 04.02.25 at 1758 Hrs, a PCR callwas recieved at PS Gandhi Nagar regarding inking of the finger of a voter.
पुलिस ने बताया कि फिरोज खान चुनाव के समय मीडिया में चर्चा बटोरने के लिए यह मनगढ़ंत कहानी बनाई। दिल्ली पुलिस ने उसका एक वीडियो भी जारी किया। इस वीडियो में कहता है कि पुलिस को फोन उसने नहीं बल्कि आसपड़ोस वालों ने की थी। फिरोज खान ने कहा कि दोस्तों में आपस बात करते समय यह सब बात की थी और किसी ने पुलिस बुला ली।
फिरोज खान ने बताया कि उसके हाथ कोई स्याही भी नहीं लिखी और खाली का आरोप कोई लगा रहा है। पुलिस के इस खुलासे के बाद संजय सिंह का दावा फर्जी साबित हो गया। हालाँकि, पुलिस के खुलासे के बाद भी अपना ट्वीट नहीं हटाया और ना ही माफ़ी माँगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने पूर्व सचिव बिभव कुमार के साथ राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमले के बाद मौजूद थे। यह जानकारी दिल्ली पुलिस की चार्जशीट से निकल कर आई है। बिभव कुमार ने दिल्ली मुख्यमंत्री आवास में AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमला किया था।
आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच करके पता लगा रही है कि क्या स्वाति मालीवाल पर हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। दिल्ली पुलिस ने मामले के सभी एंगल को जाँचते हुए हाई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि जब बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को पीट दिया, उसके बाद CM केजरीवाल भी घटनास्थल पर आ गए। चार्जशीट में बिभव पर स्वाति मालीवाल को 7-8 चांटे मारने का आरोप लगा है।
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद AAP नेताओं ने अपने बयान बदले। दिल्ली पुलिस ने कहा कि AAP राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने पहले बिभव कुमार की निंदा की लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान अपने पुराने बयान को नहीं दोहराया और बिभव कुमार को बचाने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस इसी कारण से इस मामले में बड़ी साजिश का एंगल तलाश रही है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि जहाँ मारपीट हुई, वहाँ के कुछ CCTV फुटेज मीडिया में जानबूझ कर लीक किए गए। दिल्ली पुलिस ने इसी के साथ उस ऑटो ड्राईवर का बयान भी इस घटना के विषय में लिया है, जिसने मारपीट के बाद स्वाति मालीवाल को CM आवास से उनके घर तक पहुँचाया था।
इससे पहले बिभव कुमार के CM आवास में मौजूद होने को लेकर कोर्ट ने भी प्रश्न उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बिभव कुमार की इस मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि एक गुंडे की CM आवास में क्या जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वाति मालीवाल पर हमले को लेकर बिभव कुमार से शर्म करने को कहा था और जमानत याचिका ठुकरा दी थी।
बिभव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने 13 मई, 2024 को CM केजरीवाल से मिलने आई AAP की राज्यसभा सांसद से मारपीट की। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उन पर बिभव कुमार ने हमला किया और उनको जमीन पर गिरा कर मारा। स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनकी पिटाई के दौरान CM केजरीवाल के आवास में मौजूद लोगों ने उनकी मदद नहीं की।
संजय सिंह और राघव चड्ढा की कार घेर कर मुस्लिम महिलाओं ने माँगे पैसे (फोटो साभार: रिपब्लिक भारत) लोकसभा चुनाव आ गए, कल(जून 9) नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने पर लालची मतदाताओं को छाती पीटनी के लिए विवश कर दिया है। इन लालचियों ने साबित कर दिया है कि इन्हें किसी विकास और सुविधा से मतलब नहीं, इनके आगे पैसा फेंकों कुछ भी करवा लो। ब्रिटिशर्स और गाज़ी(मुग़ल) अपने साथ कोई लम्बी चौड़ी फौज लेकर नहीं आये थे, उनको मालूम था कि भारत जयचन्द और मीर ज़ाफ़र जैसे लालची मौजूद है। जयचन्द और मीर ज़ाफ़र के वंशज आज भी जीवित है, जो इस चुनाव में सामने आ गया है। भारत विरोधी विदेशी ताकतें पागल नहीं थीं, जो मोदी को सत्ता से हटाने अरबों रूपए जयचन्द और मीर ज़ाफ़र के वारिसों पर खर्च कर रहे थे।
चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I. गठबंधन ने बड़े-बड़े वादे किए थे और लालच दिया था, जो अब उसकी ही गले की फाँस बन रहे हैं। मुस्लिम महिलाओं ने विपक्षी दलों के इन नेताओं से रुपयों की माँग करते हुए अब हंगामा शुरू कर दिया है। अब AAP (आम आदमी पार्टी) के राज्यसभा सांसदों संजय सिंह और राघव चड्ढा के कार को घेर कर महिलाओं ने पैसों की माँग की है। विपक्षी दलों ने मुस्लिमों से ‘खटाखट पैसे भेजने’ का वादा किया था।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में संजय सिंह और राघव चड्ढा से महिलाओं ने चुनावी वादे के एक-एक लाख रुपए माँगे। इन महिलाओं का कहना था कि उन्हें जो खटाखट-खटाखट पैसे दिए जाने के वादे किए गए थे, अब वो पैसे कहाँ हैं? बता दें कि इस चुनाव में विपक्षी दलों ने जम कर मुफ्त रेवड़ियाँ बाँटने का लालच देने की योजना पर काम किया। कांग्रेस अपने ही घोषणा-पत्र और आम लोगों में बाँटे गए गारंटी कार्ड में फँस गई हैं। कांग्रेस दफ्तरों पर भी महिलाएँ पहुँच रही है।
असल में कांग्रेस ने इन महिलाओं से वादा किया था कि 5 जून, 2024 से ही महिलाओं के खाते में पैसे पहुँचने शुरू हो जाएँगे। संजय सिंह और राघव चड्ढा को घेर कर ये महिलाएँ कह रही थीं आप हमसे दुआ लेकर ही जाना। हालाँकि, इस दौरान दोनों ही AAP नेता इन महिलाओं से बच कर निकलते हुए नज़र आए। कांग्रेस ने इन महिलाओं को हर साल एक लाख रुपए देने का वादा किया था। बेरोजगार युवाओं को भी नियमित वेतन देने का वादा किया गया था।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मुस्लिम महिलाओं की लंबी कतार लग गई थी। ये सभी 1 लाख रुपए की माँग कर रही थीं, साथ ही कह रही थीं कि उन्हें वित्तीय लाभ दिया जाए। मुस्लिम महिलाएँ अपना-अपना पहचान-पत्र समेत अन्य दस्तावेज लेकर कांग्रेस के दफ्तर पहुँची थीं। इन महिलाओं ने अपने हाथों में कांग्रेस का ‘गारंटी कार्ड’ भी थाम रखा था, जिसमें एक लाख रुपए के वेतन के अलावा हर शिक्षित युवा को पक्की नौकरी देने का वादा किया गया है। ‘इस गारंटी कार्ड’ में कर्जमाफी का भी वादा है। मुस्लिम महिलाओं ने इन कार्ड्स को भर भी रखा था।
स्वाति मालीवाल पर हुए हमले को लेकर AAP सांसद संजय सिंह ने जो प्रतिक्रिया दी है उसे स्वाति के पू्र्व पति नवीन जिंदर ने एक्टिंग करार दिया है। संजय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है, आम आदमी पार्टी ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करती है। विभव कुमार को विजिलेंस डिपार्टमेंट ने हटा दिया था, उससे शराब घोटाले में भी ED पूछताछ कर चुकी है। 2007 में उस पर सरकारी कर्मचारी से मारपीट का भी आरोप लगा था।
यह कहना कि मुख्यमंत्री कार्यवाही करेंगे, मामले पर खाक डालने का ड्रामा है। कार्यवाही का मतलब है केजरीवाल द्वारा कानून के हाथों में अपनी गर्दन देना। घसीट-घसीट कर मारने में एक ही आदमी का हाथ नहीं हो सकता।
केजरीवाल को criminal offender कहने वाली सुप्रीम कोर्ट पीठ और मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ को केजरीवाल के crimes जानने के लिए निम्न वीडियो देखनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि केजरीवाल के जाने के बाद मालीवाल निष्क्रिय थीं और अमेरिका चली गई थीं, इसीलिए उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया और ये घटना हुई। उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया है कि स्वाति पर जो हमला हुआ उसके बारे में संजय सिंह को जानकारी दी थी। उन्होंने ये भी दावा किया कि स्वाति की जान को खतरा है।
संजय की बात कितनी हास्यप्रद है कि मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है, जबकि उसी के इशारे पर कांड हुआ है, वरना किसी के घर पर कोई बाहरी ऐसा कर नहीं सकता, संजय को मालूम होना चाहिए।
क्यों एक्टिंग कर रहा mp संजय सिंह
तुम्हें पता है ना सारी घटना का
तुम्हें पता था पहले ही क्या होना है हमला साज़िश से हुआ है स्वाति की जान को ख़तरा है तुम्हें पता है ना
अब तुम उसको डरा धमका के चुप करा रहे हो तुम्हें पता है
अपने हैंडल पर उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कहा, “क्यों एक्टिंग कर रहा सांसद संजय सिंह, तुम्हें पता है ना सारी घटना का, तुम्हें पता था पहले ही क्या होना है। हमला साज़िश से हुआ है। स्वाति की जान को ख़तरा है, तुम्हें पता है ना। अब तुम उसको डरा धमका के चुप करा रहे हो तुम्हें पता है। आत्मा बची हुई है या वो भी बेच खाइ शर्म करो सांसद।”
नवीन जयहिंद वीडियो में जहाँ सांसद संजय सिंह को एक्टिंग बंद करने को कहते हैं। वहीं स्वाति मालीवाल से कहते हैं कि उन्हें अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने लाखों महिलाओं की आवाज उठाई है। अब उन्हें खुद के लिए भी आवाज उठानी चाहिए।
नवीन जयहिंद की यह वीडियो संजय सिंह की उस प्रतिक्रिया पर आई है जहाँ उन्होंने कहा था कि स्वाति के साथ हुई घटना पर AAP उनके साथ है और आरोपित पर कार्रवाई होगी। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय घटना बताते हुए कहा कि सुबह अरविंद केजरीवाल के आवास पर स्वाति मालीवाल मिलने के लिए पहुँची थीं और ड्राइंग रूम में इंतज़ार कर रही थीं, इस बीच विभव कुमार वहाँ पर पहुँचे और उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ बहुत बदतमीजी की, अभद्रता की।
संजय सिंह ने वीडियो में बताया कि इसके बाद स्वाति मालीवाल ने 112 नंबर पर फोन कॉल कर के पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। संजय सिंह का ये भी कहना है कि AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को संज्ञान में लिया है और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। संजय सिंह ने स्वाति मालीवाल को देश-समाज के लिए बड़ा कार्य करने वाली महिला बताते हुए कहा कि वो पार्टी की वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं, हम सब उनके साथ हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) से सांसद संजय सिंह 2 दिन पहले कई शर्तों पर 6 महीने बाद जेल से रिहा हुए थे। उन शर्तों में एक शर्त यह भी थी कि उन्हें शराब घोटाला मामले में कोई बयान नहीं देना। हालाँकि, जेल से निकलते ही उन्होंने अपनी बयानबाजी शुरू कर दी। उन्होंने आज (5 अप्रैल 2024) प्रेस कॉन्फ्रेंस करके शराब घोटाले का सारा ठीकरा भारतीय जनता पार्टी पर फोड़ा।
संजय सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दिल्ली शराब घोटाले में जिन लोगों को आरोपितों के रूप में को पकड़ा गया था, उन्होंने जब तक केजरीवाल का नाम नहीं लिया, ईडी ने उनके बयान को भरोसे लायक नहीं माना लेकिन जैसे ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल का नाम ले लिया उस बयान को मान लिया गया।
संजय सिंह के अनुसार, ऐसे ही लोगों के बयान के आधार पर केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है। आगे संजय सिंह ने दावा किया कि भाजपा नेता मगुंटा रेड्डी और उसके बेटे राघव मगुंटा इसमें शामिल हैं। इन्होंने दबाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया। इनके नौ बयानों में कहीं कुछ नहीं था जबकि दसवें बयान में अरविंद केजरीवाल का नाम आ जाता है।
फिर हो रही गिरफ्तारी की माँग
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने पर या उसमें जो उन्होंने किसी नेता पर इल्जाम लगाए हैं उसकी चर्चा से ज्यादा इस बात पर चर्चा हो रही है कि आखिर उन्होंने जेल से रिहा होने के बाद ये बयान दिए कैसे।
वॉयस ऑफ असम ने अपने ट्वीट में संजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस की क्लिप को शेयर करते हुए लिखा कि संजय सिंह खुलेआम कोर्ट के ऑर्डर की अवहेलना कर रहे हैं। ऐसा करके ये सिर्फ अपना पक्ष कमजोर कर रहे हैं। क्या ऐसी हरकत करने पर इनकी बेल कैंसिल नहीं होनी चाहिए।
Sanjay Singh openly defying the bail order of the court. Doing this, he’s even weakening the case of his counterparts. Could his bail be cancelled for this?#AAP leader #SanjaySingh (@SanjayAzadSln) said at a press briefing in New Delhi. “A big conspiracy has taken place to… pic.twitter.com/MiJmdHIAYv
इसी तरह अक्षत देउरा ने ईडी को टैग करते हुए लिखा, “संजय सिंह ने सिर्फ अपनी बेल की शर्तों का उल्लंघन किया। अगर अब आप इन्हें गिरफ्तार नहीं करते तो हमें मानना होगा कि ये आपके मुखबिर हैं।”
Dear @dir_ed Sanjay Singh just violated his bail conditions Now if you don't arrest him, we will have to assume he is your informer and mole. pic.twitter.com/MUTEnWLn7A
सुप्रीम कोर्ट ने जिन शर्तों पर संजय सिंह को बेल दी उनमें मीडिया में बयान न देने के अलावा, कुछ और शर्तें थीं। जैसे उन्हें साफ-साफ कहा गया कि वह सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश न करें। इसके अलावा जाँच में पूरा सहयोग दें। इसके अतिरिक्त उन्हें कहा गया कि अगर वह दिल्ली-एनसीआर से बाहर आते-जाते हैं तो उन्हें इसकी सूचना कोर्ट को दें। बिना अदालत के इजाजत के वो विदेश यात्रा भी न करें। कोर्ट ने कहा था कि संजय सिंह जहाँ भी जाएँगे उन्हें जाँच अधिकारी को गूगल लोकेशन देनी होगी। इस दौरान वह अपना फोन नंबर नहीं बदल सकते हैं।
दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बार-बार ED पूछताछ से क्यों भाग रहे हैं, उसका कारण है, केजरीवाल ही नहीं पूरी आम आदमी पार्टी और विपक्ष सभी जानते हैं कि ED के पास शराब घोटाले के अतिरिक्त अन्य घोटालों में भी केजरीवाल के खिलाफ इतने सबूत है कि संजय सिंह की तरह एक ही झटके में गिरफ्तार। और केजरीवाल के गिरफ्तार होते ही झाड़ू का एक-एक तिनका बुरी तरह तूफान में उड़ जायेगा। औरों के तो जेल से बाहर आने की संभावनाएं हो सकती है लेकिन केजरीवाल नहीं। यह भी सम्भावना है कि स्वाति मालीवाल भी लपेटे में आ सकती हैं, दोनों बाहर जाते हैं और वापस आते ही स्वाति को राज्य सभा भेज दिया जाता है। राज बहुत गहरा है। अब तो संभावनाएं केजरीवाल के बेटे पुनीत की भी बन रही हैं। शंकाएं यह भी व्यक्त हो रही है कहीं केजरीवाल की पूरी फैमिली को और आधे से अधिक मंत्रिमंडल को भी जेल न जाना पड़ जाये। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP सांसद संजय सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि केस के इस स्टेज पर आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है। अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि संजय सिंह दिल्ली की शराब नीति बनवाने में शामिल थे। इसमें उन्हें मोटा कमीशन मिला। संजय सिंह ने कोर्ट में कहा था कि शराब घोटाले में उनकी कोई भूमिका नहीं है इसीलिए जमानत दिया जाए। वहीं ED के मुताबिक शराब घोटाले से जो आर्थिक लाभ हुआ, उसे पाने, रखने, छुपाने और इस्तेमाल करने में सिंह शामिल थे। ED ने कहा कि दिनेश अरोड़ा के अलावा कई और लोग भी है जिन्होंने संजय सिंह का नाम लिया है। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने संजय सिंह की भूमिका के बारे में मुहर लगा दी है। 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किए गए संजय सिंह तीन महीने से अधिक समय से हिरासत में हैं।
शराब नीति बनाने में शामिल थे संजय सिंह दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने 43-पृष्ठ के फैसले में कहा, “प्रथम दृष्टया, यह स्पष्ट है कि संजय सिंह पुरानी आबाकारी नीति की तैयारी का हिस्सा थे और उसके बाद, नई आबकारी नीति शराब घोटाले के आरोपियों को फायदा पहुंचाने के अनुरूप बनाई गई थी, इसके लिए उन्हें मोटा पैसा मिला था।
संजय सिंह के लिए सर्वेश मिश्रा ने लिए 2 करोड़ रुपये अदालत ने कहा, “ऐसे बयान हैं कि संजय सिंह के लिए सर्वेश मिश्रा को उनके आधिकारिक आवास पर 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। संजय सिंह ने नई आबकारी नीति बनाने में भूमिका रही और कुछ निश्चित लोगों को लाभ पहुंचाया गया जिसके बदले रिश्वत दी गई। आवेदक की इस स्तर पर भूमिका पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता”।
दिनेश अरोड़ा, विवेक त्यागी, सर्वेश मिश्रा, विजय नायर, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह के बीच बैठकें हुईं हाईकोर्ट ने कहा कि सह-आरोपी दिनेश अरोड़ा, विवेक त्यागी, सर्वेश मिश्रा, विजय नायर, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह आदि के बीच बैठकें और बातचीत के समय, स्थान और तरीके के बारे में निश्चित आरोप हैं और केस के इस स्टेज पर उसकी उपेक्षा नहीं जा सकती। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर, इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है।”
विजय नायर ने दिनेश अरोड़ा को दी थी धमकी अदालत ने सरकारी गवाह बन चुके दिनेश अरोड़ा के बयान पर भी ध्यान दिया, जो पीएलएमए धारा 50 के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें अगस्त 2022 में लंदन में AAP के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर ने धमकी दी थी कि डिप्टी सीएम या सिंह या अन्य बड़े राजनीतिक नेताओं के खिलाफ बोलने पर उन्हें बहुत परेशानी होगी।
हाईकोर्ट ने अरोड़ा के पीएमएलए बयान पर गौर किया हाईकोर्ट ने जुलाई 2023 में मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए अरोड़ा के बयान पर भी गौर किया, जहां उन्होंने कहा था कि उन्हें नायर ने किसी भी राजनीतिक नेता का नाम न लेने की धमकी दी थी; इसलिए उन्होंने उनके नामों का खुलासा नहीं किया था, जिसका खुलासा उन्होंने अगस्त 2023 में दर्ज अपने पीएमएलए बयान में किया।
संजय सिंह शराब घोटाले में मिले पैसे पाने, रखने, छुपाने में शामिल संजय सिंह ने जमानत का अनुरोध करते हुए कोर्ट में आधार दिया था कि वह पिछले तीन महीने से हिरासत में हैं। जिस अपराध का आरोप उन पर मढ़ा जा रहा है, उसमें उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। दूसरी ओर, जांच एजेंसी ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि 2021-22 की विवादित नीति से जुड़े कथित शराब घोटाले से जो आर्थिक लाभ हुआ, उसे पाने, रखने, छुपाने और इस्तेमाल करने में सिंह शामिल थे।
शराब घोटाले का पैसा AAP ने गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया दिल्ली शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 फरवरी को चार्जशीट में कहा कि दिल्ली की रद्द की गई आबकारी नीति में कथित रूप से ली गई 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के एक हिस्से का इस्तेमाल AAP ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया था। इस मामले में संजय सिंह के अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कई समन दिए गए हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2014 में खुद को अराजक व्यक्ति कहा था और आज वह खुद इसे चरितार्थ कर रहे हैं। केजरीवाल अपनी आदत के अनुसार बिना किसी सबूत के गंभीर लगाते रहे। यह उनकी अराजक राजनीति का उदाहरण था। यही नहीं उन्होंने अपनी पार्टी नेताओं को भी अराजक बना दिया। AAP नेता संजय सिंह ने 8 अगस्त 2021 को लखनऊ में एक प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के तत्कालीन जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। महेंद्र सिंह ने आरोप को लेकर आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। अब लखनऊ कोर्ट ने संजय सिंह को एक लाख रुपए हर्जाना देने का निर्देश दिया। वहीं केजरीवाल अराजकता का उदाहरण पेश करते हुए ईडी के तीसरे समन पर पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। पहले वह कहते थे कि आरोप लग जाए तो पद छोड़ देना चाहिए। पहले वह कहते थे कि ईडी-सीबीआई ठीक से काम नहीं कर रही है। अब ईडी-सीबीआई काम कर रही है और खुद की बारी आई तो वे तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं।मानहानि के मामले में संजय सिंह को एक लाख हर्जाना देने का आदेश
AAP नेतासंजय सिंहने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 से पहले 8 अगस्त 2021 को लखनऊ में एक प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के तत्कालीन जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। बाद में महेंद्र सिंह ने राज्य सरकार की जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। महेंद्र सिंह ने 21 लाख रुपए का हर्जाना मांगा था। अब मानहानि के इस मामले में लखनऊ की कोर्ट ने 3 जनवरी को संजय सिंह को पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह को एक लाख रुपए देने का आदेश दिया है। संजय सिंह को दो महीने के भीतर हर्जाना देने का निर्देश दिया, जिसके बाद उन्हें भुगतान की तारीख तक इस राशि पर छह प्रतिशत ब्याज देना होगा।
बिना किसी सबूत के मानहानिकारक बयान दिया
मानहानि मामलेमें अदालत ने फैसले में कहा, ‘भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक की बोलने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, लेकिन यह अधिकार के उपयोग पर उचित प्रतिबंध भी लगाता है।’अदालत ने फैसले में कहा कि संजय सिंह ने बिना किसी सबूत और आधार के महेंद्र के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिया है।
केजरीवाल ने कहा था- अगर मैं चोरी करूंगा तो मुझे भी जेल जाना पड़ेगा अरविंद केजरीवाल ने एक समय कहा था- कल को अगर मनीष सिसोदिया चोरी करेंगे तो मनीष सिसोदिया केजरीवाल का कुछ नहीं लगता, उसको जेल जाना पड़ेगा। कल को अगर हमारा मंत्री चोरी करेगा, ये मेरे कोई सगे नहीं लगते इनको जेल जाना पड़ेग। कल को कोई हमारा विधायक चोरी करेगा, कोई हमारा सगा नहीं लगता, उसको जेल जाना पड़ेगा। और मनीष, कल को अगर मैं चोरी करूंगा तो मैं भी तुम्हारा सगा नहीं लगता, मुझे भी जेल जाना पड़ेगा।
ईडी समन की अनदेखी, केजरीवाल की जल्द होगी गिरफ्तारी?
दिल्ली शराब घोटाले मामले में ईडी के समन पर तीसर बार भी पेश नहीं होने के बाद अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती है। आम आदमी पार्टी तो दावा कर रही है कि ईडी केजरीवाल के ठिकानों पर छापेमारी करेगी और उन्हें गिरफ्तार करेगी। इस बीच, 4 जनवरी 2024 को सुबह से ही दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के बाहर हलचल रही। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आम आदमी पार्टी को केजरीवाल की गिरफ्तारी का डर क्यों सता रहा है?
आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने कहा- केजरीवाल की हो सकती है गिरफ्तारी 4 जनवरी को दिल्ली में हचलच और केजीरवाल की गिरफ्तारी की संभावनाएं जहां जोर पकड़ती रही वहीं AAP नेताओं ने 3 जनवरी को केजरीवाल की गिरफ्तारी की संभावनाओं पर ट्वीट करना शुरू कर दिया था। आम आदमी पार्टी के मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने 3 जनवरी को देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था- खबर आ रही है कि केजरीवाल के आवास पर कल सुबह ED की रेड पड़ेगी। गिरफ्तारी की संभावना भी है। आतिशी और सौरभ भारद्वाज के ट्वीट नीचे देख सकते हैं।
News coming in that ED is going to raid @ArvindKejriwal’s residence tmrw morning. Arrest likely.
केजरीवाल ने समन को गैरकानूनी बताया इसके बाद 4 जनवरी को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाले मामले में ED (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) के समन को फिर से गैर कानूनी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मकसद जांच कराना नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना है। अरविंद केजरीवाल ने 4 मिनट 10 सेकेंड के वीडियो के जरिए अपनी बात रखी। आप भी सुनिए केजरीवाल की जुबानी…
केजरीवाल ने कहा था- हां मैं अराजक हूं केजरीवाल सरकार के काम करने के तौर-तरीक़ों पर कुछ लोगों की आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ”वे कहते हैं कि मैं अराजक हूं। हां मैं मानता हूं कि मैं अराजक हूं। आज महंगाई ने हर घर में अराजकता फैला रखी है। मैं गृहमंत्री के घर में अव्यवस्था फैला दूंगा।”
केजरीवाल सरकार ने “भ्रष्टाचार का एक मानक” स्थापित किया दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने “भ्रष्टाचार का एक मानक” स्थापित किया है, जो पहले के कांग्रेस शासन की तुलना में ‘‘कई गुना’’ अधिक है, और यह “अराजकता और मुफ्तखोरी” की राजनीति पर फल-फूल रहा है।
केजरीवाल ने कहा था- जांच करानी है सोनिया गांधी को गिरफ्तार करो केजरीवाल ने कहा था- धोखा हो गया इस देश के साथ बहुत बड़ा। बंद कर दो सीबीआई, बंद कर दो एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट, बंद कर दो सारी जांच एजेंसियां, बंद कर दो एसीबी अगर तुमसे जांच नहीं होती तो। जांच करानी है सोनिया गांधी को गिरफ्तार करो। दो दिन उसका इंटैरोगेशन करोगे देखोगे पता चल जाएगा कि किस-किस ने रिश्वत ली है।
अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो इतने करोड़ों रुपए गए कहां? केजरीवाल ने कहा, नमस्कार- शराब घोटाला… पिछले 2 साल से यह शब्द आपने कई बार सुना होगा। दो साल से बीजेपी की कई सारी एजेंसी, कई रेड मार चुकी हैं। कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। लेकिन अब तक एक भी पैसे का हेरफेर नहीं मिला है। कहीं से भी एक पैसा नहीं मिला है। अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो इतने करोड़ों रुपए गए कहां? इतना पैसा हवा में गायब हो गया।
AAP नेताओं के खिलाफ कोई सबूत नहीं सच्चाई यह है कि किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं। अगर हुआ होता तो पैसा भी मिलता। ऐसे फर्जी केस में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को इन्होंने जेल में रखा है। किसी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। कुछ साबित नहीं हो रहा। खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है। किसी को भी पकड़कर जेल में डाल दो।
मेरे वकीलों ने बताया, ये समन गैरकानूनी हैं अब बीजेपी मुझे गिरफ्तार करना चाहती है। मेरी सबसे बड़ी संपत्ति और ताकत मेरी ईमानदारी है। झूठे आरोप लगाकर और फर्जी समन भेजकर ये मुझे बदनाम करना चाहते हैं। मेरी ईमानदारी पर चोट करना चाहते हैं। इन्होंने मुझे समन भेजे हैं। मेरे वकीलों ने बताया कि ये समन गैरकानूनी हैं।
जांच एजेंसी मुझे गैरकानूनी समन का जवाब नहीं दे रही जांच एजेंसी मुझे इन गैरकानूनी समन का जवाब नहीं दे रही हैं। दरअसल, भाजपा का मकसद जांच करना नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना है। मेरे शरीर की एक-एक बूंद देश के लिए है।
केजरीवाल से सीबीआई कर चुकी है 9 घंटे की पूछताछ केजरीवाल से 17 अप्रैल 2023 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आबकारी नीति (Liquor Policy Case) के संबंध में पूछताछ की थी जिसमें 56 सवाल पूछे गए थे। केजरीवाल सुबह 11.05 बजे सीबीआई मुख्यालय में जांच में शामिल हुए और लगभग शाम 8.15 बजे समाप्त होने से पहले पूछताछ 9 घंटे तक चली। उन्होंने अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडियाकर्मियों से कहा कि उनसे 56 सवाल पूछे गए और उन्होंने सभी के जवाब दिए। केजरीवाल ने कहा, ‘आप एक कट्टर ईमानदार पार्टी है। हमने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने मुझसे 56 सवाल पूछे।
मोहल्ला क्लीनिक में फर्जीवाड़े के आरोपों की CBI जांच होगी
अरविंद केजरीवाल के दिल्ली की सर्दी में भी जांच की आंच से पसीने छूट रहे हैं।
तथाकथित मोहल्ला क्लीनिक के अंदर इन्होंने जांच (पैथोलॉजिकल टेस्टिंग) की व्यवस्था की थी।
इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं कि एक दिन में 500 मरीज देखे गए हैं, जबकि मोहल्ला क्लीनिक का औपचारिक समय सुबह 9 बजे… pic.twitter.com/rpCOUrE57P
एक तरफ शराब घोटाले में केजरीवाल के खिलाफ गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है वहीं अब मोहल्ला क्लीनिक फर्जी मरीजों के फर्जी लैब टेस्ट का खुलासा हुआ है। दिल्ली में केजरीवाल सरकार की ओर से चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक में फर्जीवाड़े के आरोपों की CBI जांच का उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने आदेश दे दिया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि यहां ऐसे मरीजों को लैब टेस्ट कराए जा रहे थे जो वास्तव में थे ही नहीं। इन्हें ‘घोस्ट पेशेंट’ कहा जाता है। ऐसा प्राइवेट लैब को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। यही नहीं आरोप है कि चार घंटे की शिफ्ट में एक डॉक्टर ने एक दिन में यहां 500 पेशेंट का इलाज किया। आखिर यह कैसे संभव है। पिछले महीने ही राज्यपाल ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में नकली दवाएं होने के आरोप पर चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार को जांच का निर्देश दिया था। 23 दिसंबर को लिखे पत्र में उन्होंने मामले की जांच CBI कराने को कहा था।
भारत में एक मुख्यमंत्री ऐसा है जिसने रंग बदलने में गिरगिट को भी फेल कर रखा है, वह है दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल। जो आरोप लगाकर ऐसे पलटी मारता है पलटीमार सर्प भी क्या पलटी मारेगा। फिर भी जनता क्यों इसकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर वोट दे आते हैं। आज तक इस मुख्यमंत्री जितने भी अपने विरोधियों पर आरोप लगाए हैं अधिकतर में माफ़ी मांगी हैं। आखिर बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, एक दिन तो उसे भी छुरे से दो-चार होना पड़ता है। ठीक वही स्थिति अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर विवाद खड़ा करने पर केजरीवाल की हो गयी है। देखना यह ऊंट किस करवट बैठता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर सवाल उठाने वाले आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फँसते नजर आ रहे हैं। इस मामले में आपराधिक मानहानि का मुकदमा झेल रहे केजरीवाल और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अहमदाबाद सत्र न्यायालय में अपना जवाब दाखिल किया।
अपने जवाब में आम आदमी पार्टी ने नेताओं ने तर्क दिया कि सरकार या इसके किसी अंग द्वारा नागरिकों पर मानहानि का मुकदमा नहीं किया जा सकता है। इस तरह केजरीवाल ने खुद को आम नागरिक बताकर मुकदम से बचने की कोशिश की। वहीं, कोर्ट की ओर से तलब किए जाने के फैसले को चुनौैती देते हुए AAP नेताओं ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।
अरविंद केजरीवाल की ओर पेश वकील सोमनाथ वत्स ने कोर्ट में दलील दी कि गुजरात यूनिवर्सिटी सरकार का एक अंग है और इसकी ओर से मानहानि का मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सकता है।
वहीं, संजय सिंह की ओर से पेश वकील फारूख खान ने कहा कि मजिस्ट्रेट को गुमराह किया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि सरकार नागरिकों पर मानहानि का मुकदमा नहीं कर सकती है, क्योंकि ऐसा हुआ तो रोज मानहानि के मुकदमे होंगे।
खान ने अपने तर्क में आगे कहा कि शिकायतकर्ता पटेल ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक बढ़त के लिए टिप्पणियाँ की गई थीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए गुजरात यूनिवर्सिटी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं है। इसलिए दलील ठीक नहीं है।
फारूख खान ने कहा, “अगर मुझे किसी बात को लेकर आशंका है, भले मैं सही हूँ या नहीं, तो क्या मैं सवाल उठाने का हकदार नहीं हूँ? अगर मेरा दोस्त दिल्ली यूनिवर्सिटी, गुजरात यूनिवर्सिटी, बनारस यूनिवर्सिटी से डिग्री फोटोशॉप करता है तो उसने फर्जीवाड़ा किया है, यूनिवर्सिटी ने नहीं।”
2 सितंबर 2023 को मुख्य जिला एवं सत्र न्यायधीश ने इस याचिका को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेएम ब्रह्मभट्ट को सौंप दिया था। दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने 10 दिन के भीतर इस पर फैसला लेने को कहा है। इसके बाद ऐसा किया गया है।
दरअसल, गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल ने अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ अहमदाबाद के मजिस्ट्रेट कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में पीयूष पटेल ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने पीएम मोदी के डिग्री के बहाने गुजरात यूनिवर्सिटी पर अपमानजनक टिप्पणी कीं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केजरीवाल के करीबी और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर सवाल उठाकर मानहानि के मामले में बुरी तरह फंस गए हैं। दोनों नेताओं पर गुजरात विश्वविद्यालय ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। विश्वविद्यालय ने इन दोनों नेताओं पर संस्थान की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। दोनों नेताओं ने मानहानि केस में सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने के लिए गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था लेकिन हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। अब केजरीवाल और संजय सिंह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इस बीच अहमदाबाद की एक अदालत ने 22 अगस्त को केजरीवाल और संजय सिंह की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने आवेदन दायर करके तेजी से सुनवाई का अनुरोध किया था। दरअसल, निचली अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े मानहानि मामले में दोनों नेताओं को समन जारी किया है और चूंकि दोनों के खिलाफ मामले निचली अदालत और हाई कोर्ट में चल रहे हैं तो इसके खिलाफ उन्होंने मामले की तेजी से सुनवाई का अनुरोध किया था।मोदी की डिग्री को लेकर दिया था ‘व्यंग्यात्मक’ बयान
आप के दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री के सिलसिले में ‘व्यंग्यात्मक’ एवं ‘अपमानजनक’ बयान दिया था जिसे लेकर गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि मामले का सामना कर रहे हैं। केजरीवाल और सिंह ने इस मामले की त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया क्योंकि अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की। उनके वकील ओम कोतवाल ने अदालत से अनुरोध किया कि गुजरात हाई कोर्ट में 29 अगस्त और मेट्रोपोलिटन अदालत में 31 अगस्त को संबंधित मामलों की सुनवाई होने से पहले वह इस विषय पर आगे बढे़। लेकिन निचली अदालत ने 22 अगस्त को त्वरित सुनवाई की अर्जी खारिज कर दी। इस बीच मेट्रोपोलिटन अदालत ने इन दोनों को समन को लेकर 30 अगस्त को उसके सामने पेश होने का समय दिया।
हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार
केजरीवाल और संजय सिंह ने सत्र अदालत में अपने पुनरीक्षण आवेदन का निस्तारण होने तक अपने विरूद्ध आपराधिक मानहानि सुनवाई पर स्थगन का अनुरोध करते हुए गुजरात हाई कोर्ट का रूख किया था। हाई कोर्ट ने 11 अगस्त को राज्य सरकार और गुजराज विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल को नोटिस जारी कर 29 अगस्त तक जवाब मांगा था। साथ ही, उसने केजरीवाल और सिंह को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
केजरीवाल और संजय के खिलाफ पहले भी जारी हुए थे समन गुजरात यूनिवर्सिटी की मानहानि से जुड़े मामले में केजरीवाल और संजय सिंह को निचली अदालत से एक बार पहले समन जारी किए जा चुके हैं। जिस पर दोनों बार नेताओं ने पेशी से छूट ली थी। गुजरात यूनिवर्सिटी ने पिछली सुनवाई पर दोनों नेताओं को वारंट जारी करने की मांग की थी। तब मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने इस पर सुनवाई करने के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित की थी। मानहानि केस में कानूनी दांवपेंच का सामना कर रहे अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने निचली कोर्ट मानहानि की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। 11 अगस्त की सुनवाई में हाई कोर्ट ने दोनों नेताओं के रोक लगाने की मांग से इनकार कर दिया और सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख रखी थी।
केजरीवाल और संजय सिंह 26 जुलाई को सुनवाई में पेश नहीं हुए गुजरात यूनिवर्सिटी मानहानि मामले में केजरीवाल और संजय सिंह 26 जुलाई की सुनवाई में विभिन्न कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। तब मेट्रो कोर्ट ने उनके वकीलों से शपथ पत्र लिया कि अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह 11 अगस्त को अदालत में उपस्थित होंगे। 11 अगस्त को दोनों नेता पेश हीं हुए थे। गुजरात यूनिवर्सिटी के वकील ने दोनों आरोपियों के पेश नहीं होने पर वारंट जारी करने की मांगी की है। इस पर 31 अगस्त को सुनवाई होगी।
सात साल पुराना है यह केस, केजरीवाल पर लग चुका 25 हजार जुर्माना पीएम मोदी की डिग्री से जुड़ा यह पूरा मामला सात साल पुराना है। अप्रैल, 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग ने केजरीवाल से उनके चुनावी फोटो पहचान पत्र के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा था कि वह सीआईसी को जानकारी देने के लिए तैयार हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री का खुलासा करने के लिए कहा जाना चाहिए। केजरीवाल के जवाब को आरटीआई का आवेदन मानते हुए सीआईसी ने एक ऑर्डर पास किया था। इसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को पीएम मोदी की डिग्री का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। इस ऑर्डर के खिलाफ गुजरात यूनिवसिर्टी हाई कोर्ट चली गई थी। हाई कोर्ट ने इस 31 मार्च, 2023 को फैसला सुनाते हुए सीआईसी को ऑर्डर को रद्द कर दिया था और केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया था। केजरीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। गुजरात यूनिवर्सिटी का आरोप है कि इसमें केजरीवाल ने विश्वविद्यालय की मानहानि की। इसके बाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की तरफ से केस दाखिल किया गया, जिसमें केजरीवाल के साथ-साथ संजय सिंह मानहानि के आरोपी हैं।
दिल्ली के अरविंद केजरीवाल के करीबी संजय सिंह को आज एक बार फिर सोशल मीडिया पर यूजर्स की फटकार सुननी पड़ी। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने अमेरिका के संसद भवन कैपिटल बिल्डिंग के भीतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के हंगामा पर ट्वीट करते हुए कहा कि हिंदुस्तान को भी नफ़रत फैलाने वाले बंदरों से बचाना होगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘नफ़रत की सोंच आपको इंसान से जानवर बना देती है ट्रम्प के इन बंदरों ने अमेरिका की संसद में फ़ायरिंग की देश का झण्डा उखाड़ कर ट्रम्प का झण्डा लगा दिया हिंदुस्तान को भी नफ़रत फैलाने वाले बंदरों से बचाना होगा।’
नफ़रत की सोंच आपको इंसान से जानवर बना देती है ट्रम्प के इन बंदरों ने अमेरिका की संसद में फ़ायरिंग की देश का झण्डा उखाड़ कर ट्रम्प का झण्डा लगा दिया हिंदुस्तान को भी नफ़रत फैलाने वाले बंदरों से बचाना होगा। #USCapitolpic.twitter.com/4a8Orxi0xL
Apse bara bander dusra koi nahi jo Tahir Hussain ko danga ke vakt apne sath bataea tha vo papi ho tumm jo Delhi dange ke lie bhagidar ho...Aesa bander ho ki bahar ho jail me nahi ho...Bharat me satta ka transfer button se ho jata hai goli se nahi ..
@SanjayAzadSln@ArvindKejriwal नफ़रत की सोंच आपको इंसान से जानवर और हैवान बना देती है केजरीवाल के बंदरो ने भी साठ साल पुराना हनुमान जी का मंदिर तोड़ कर हिन्दुओं के आस्था पर कड़ा प्रहार किया है कभी केजरीवाल के बंदर हिंदुओ का दिल्ली में दंगा में हत्या कर ते है ऐसे दोगले लोगो से बच
— भूषण (कायस्थ) - मोदी भक्त (@bhartiyabhushan) January 7, 2021
दिल्ली जलाने वाला सड़क छाप टिकट ब्लेकिया आज लोकशाही पर ज्ञान बांट रहा है जो खुद स्पीकर का माइक तोड़ के संसद में गुंडागर्दी करता है@SanjayAzadSlnpic.twitter.com/vHtqvCxM0g
संजय सिंह के बंदर वाले रिमार्क पर यूजर्स भड़क उठे और उन्होंने संसद भवन में हंगामे वाले फोटो को ट्वीट करते हुए केजरीवाल के इस सांसद को औकात दिखा दी। यूजर्स ट्विटर पर पूछने लगे बंदर कौन, ट्रंप के समर्थक या संजय सिंह।