नौकरी चाहिए है? तो पहले नमाज पढ़ो… सैलरी हाइक या प्रमोशन चाहिए है? तो पहले बीफ खाओ… महाराष्ट्र के नासिक में मुस्लिम कट्टरपंथियों के ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का शिकार बनी हिंदू युवतियों और महिलाओं ने ऐसे आरोप लगाए थे। आइए समझते हैं कि विवाद क्या था और इसी क्षेत्र में काम करते हुए मेरा क्या अनुभव रहा।
हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का मामला सामने आया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक BPO ऑफिस में हिंदू महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें किस तरह इस्लामी जिहाद में फँसाया जा रहा था और इसको लेकर चर्चा हो रही है। सभी आरोपि मुस्लिम हैं और कंपनी में अच्छी और प्रभावशाली पोस्ट पर काम कर रहे थे। इस विवाद के सामने आने के बाद से BPO और KPO की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने का मेरा अनुभव भी शायद समाज के लिए उपयोगी हो सकता है।
मेरा अनुभव
जब पूरा शहर रात के अँधेरे में सो रहा होता है, तब इन चमकती हुई काँच की इमारतों में हजारों युवा जाग रहे होते हैं। आज मैं यह खुलासा करूँगा कि कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल और आधुनिकता के नाम पर यहाँ क्या चल रहा है। आज ऑपइंडिया पर मैं अपना निजी अनुभव साझा कर रहा हूँ।
मैंने BPO और KPO सेक्टर में सालों तक काम किया है। मैंने वहाँ का माहौल देखा है, नेटवर्क देखा है और वहाँ की मानसिकता को करीब से अनुभव किया है। नासिक में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 मुस्लिम टीम लीडर तो बस शुरुआत भर हैं। आज मैं इस बारे में बात करूँगा कि इन दफ्तरों के अंदर असली खेल कैसे खेला जाता है।
BPO-KPO सेक्टर के अंदर की सच्चाई
इस सेक्टर में नौकरी पाने के लिए आपको किसी बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं होती। थोड़ी-बहुत अंग्रेजी जानने भर से ही आपको 20-30 हजार रुपए की नौकरी मिल जाती है। यहाँ मुख्य रूप से दो तरह के लोग काम करते हैं। एक तरफ वे लोग होते हैं जो बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते और एक ही जगह पर लंबे समय तक टिके रहना चाहते हैं। दूसरी तरफ कॉलेज जाने वाले हिंदू युवक-युवतियाँ होते हैं जो अपने खर्च निकालने के लिए रात में काम करते हैं।
मैं भी अपने कॉलेज के दिनों में अपने खर्च निकालने के लिए ऐसे ही एक BPO में रात की शिफ्ट में काम किया करता था। मैंने अपनी आँखों से देखा है कि जब कोई मुस्लिम व्यक्ति टीम लीडर (TL), ट्रेनर या HR जैसी किसी ऊँची पोस्ट पर पहुँच जाता है तो वह वहाँ के पूरे माहौल (ecosystem) को ही बदल देता है। वह बड़ी आसानी से अपने मजहब के युवाओं को इंटरव्यू पास करवाकर उन्हें इस सिस्टम के अंदर ले आता है।
हिंदू युवा आमतौर पर 2-3 साल में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करके दूसरे क्षेत्रों में चले जाते हैं। लेकिन ये लोग सालों तक एक ही जगह पर टिके रहते हैं, क्योंकि इन्हें आगे और पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होती। इसका नतीजा यह होता है कि वे ट्रेनिंग से लेकर मैनेजमेंट तक की सभी अहम कुर्सियों पर काबिज हो जाते हैं और जब सत्ता उनके हाथों में आ जाती है तो उनका असली खेल शुरू होता है। और तब उनका असली निशाना होती हैं- नई-नई आई हुईं हिंदू लड़कियाँ।
सीक्रेट मुस्लिम वॉट्सऐप ग्रुप
नासिक के TCS केस में पुलिस जाँच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन जिहादियों ने ऑफिस के अंदर एक सीक्रेट मुस्लिम वॉट्सऐप ग्रुप बनाया हुआ था। इस ग्रुप में ऑफिस की हिंदू लड़कियों की तस्वीरें शेयर की जाती थीं। वहाँ इस तरह की चर्चाएँ होती थीं कि ‘आज किसका नंबर है?’, ‘कौन-सी लड़की कमजोर है जो जल्दी जाल में फँस जाएगी?’, ‘किसे किस तरह ब्लैकमेल करना है?’।
जो लड़की अपने टीम लीडर को अपना रक्षक मानती थी, वही टीम लीडर डिजिटल ग्रुप में उसी लड़की की बोली लगा रहा था। यह एक ‘डिजिटल मंडी’ थी, जहाँ हिंदू बेटियों की अस्मिता के सौदे हो रहे थे।
टीम आउटिंग और ब्लैकमेलिंग की रणनीति
मुझे याद है कि जब मैं काम करता था, तब ये लोग ‘टीम आउटिंग’ या ‘टीम डिनर’ के नाम पर बहुत जोर देते थे। नासिक के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। ये जिहादी पूरी टीम को आउटिंग पर ले जाते, जहाँ हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण किया जाता, उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए जाते और फिर धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी जाती।
नासिक के अंबड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में ऐसी बातें सामने आई हैं जिन्हें सुनकर खून खौल उठता है। कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और मैनेजर्स ने जैसे एक नियम बना दिया था कि अगर सैलरी हाइक या प्रमोशन चाहिए तो नमाज पढ़नी होगी और गौमांस खाना होगा।
हिंदू पुरुष भी टारगेट
ये लोग सिर्फ लड़कियों को ही नहीं बल्कि हिंदू लड़कों को भी निशाना बनाते हैं। उन्हें नशे की आदत में धकेलना, उनकी आस्था को तोड़ना और धीरे-धीरे उन्हें इस्लामी विचारधारा की ओर मोड़ना, यह सब ऑफिस के AC केबिन में बैठकर किया जाता है।
रात के समय जब कोई निगरानी करने वाला नहीं होता, तब ये जिहादी ऑफिस को अपने प्रचार का केंद्र बना देते हैं। नाइट शिफ्ट का सबसे बड़ा फायदा इन्हें यह मिलता है कि रात में पूरी दुनिया सो रही होती है। ब्रेक के नाम पर लड़कियों को बाहर ले जाना, होटलों में जाना तो यह सब आम बात बना दी जाती है। CCTV भले ही ऑफिस के फ्लोर पर लगे होते हैं लेकिन पार्किंग या बाहर क्या हो रहा है, इसकी कोई परवाह नहीं करता।
पूरे देश में फैला है नेटवर्क
नासिक पुलिस की कार्रवाई से यह साफ होता है कि यह कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। महाराष्ट्र पुलिस ने फिलहाल 6 लोगों को पकड़ा है लेकिन क्या इतना ही काफी है? गुजरात से लेकर दिल्ली तक कई कंपनियों में ऐसे मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
असल में ऐसी कंपनियों के HR और मैनेजमेंट की भी जाँच होनी चाहिए। हर कंपनी की Prevention of Sexual Harassment (POSH) कमेटी में संतुलित और जवाबदेह प्रतिनिधित्व होना चाहिए ताकि पीड़ित महिलाओं को सही न्याय मिल सके।
माता-पिता से भी अपील है कि वे इस बात पर ध्यान दें कि उनके बेटे-बेटियाँ किस कंपनी में काम कर रहे हैं, उनका टीम लीडर कौन है और कार्यस्थल का माहौल कैसा है। कॉर्पोरेट कल्चर के नाम पर किसी भी तरह के शोषण या दबाव को नजरअंदाज न करें। अगर किसी के पास ऐसी कोई जानकारी हो, तो संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुँचाएँ क्योंकि समय पर उठाई गई आवाज किसी की जिंदगी बचा सकती है।
(साभार :यह खबर मूल रूप से गुजराती में लिखी गई है ; લિંકન સોખડિયા
Young and enthusiastic journalist, having modern vision though bound with roots. Shares deep interests in subjects like Politics, history, literature, spititual science etc.)
इस्लामी कट्टरपंथियों ने साल 2025 का मुहर्रम में जमकर हिंसा की है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूरे देशभर में कहीं इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं पर हमला किया। तो कहीं मंदिर पर पत्थर चलाए। कहीं रास्ते को लेकर तो कहीं झंडे को लेकर उत्पात मचाया। ऑपइंडिया ऐसी ही सारी घटनाओं को एक साथ संकलित कर रहा है। पाकिस्तान, चीन और तुर्की आदि को शिकस्त देने के लिए भारत में पल रहे उनके sleeper cells का फन कुचलना बहुत जरुरी है। ये दुश्मन इन्ही sleeper cells के दम ही भारत पर खुर्राते हैं। आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा था कि भारत को ढाई मोर्चे पर लड़ाई लड़नी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इंडो-पाक युद्ध के दौरान ढाई मोर्चे पर ही युद्ध किया था।
सरकार को इन सभी sleeper cells को ब्लैकलिस्ट कर सारी सरकारी सुविधाएं छीन लेनी चाहिए। Victim Card खेल चीखचील्ली करने वाले इनके आकाओं पर भी कार्यवाही करनी चाहिए। जिस तरह पाकिस्तान में आतंकियों को पाल रहा है उसी तरह ये इनको पाल रहे हैं। जिस दिन सरकार ने इनके फन कुचल दिए पाकिस्तान, चीन और तुर्की घुटने के बल आकर भारत के आगे नाक रगड़ेंगे। इस गंभीर समस्या में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट और सारी बार एसोसिएशन को सरकार के साथ खड़ा होगा।
मोतिहारी में अजय यादव की तलवार से गला रेतकर हत्या
बिहार के मोतिहारी जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान अजय यादव की तलवार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस्लामी कट्टरपंथियों ने अजय यादव के दो भाइयों पर भी हमला बोला। धनंजय यादव और नवल किशोर यादव बुरी तरह घायल हुए हैं। पुलिस मामले में 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
दरभंगा में ASI अमित कुमार पर चाकू से हमला
बिहार के दरभंगा में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम भीड़ ने बवाल मचाया। फिर शांत करने पहुँची पुलिस पर भी हमला किया। ASI अमित कुमार पर मोहम्मद रब्बानी ने चाकू से वार किया। ASI को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपित मोहम्मद रब्बानी को गरिफ्तार कर लिया गया है।
बिहार के अररिया में इस्लामी कट्टरपंथियों ने थानेदार का सिर फोड़ दिया
बिहार के अररिया जिले में मुहर्रम जुलूस में शामिल मुस्लिम भीड़ ने पुलिस पर हमला किया। पुलिस बिना अनुमति निकाले जा रहे जुलूस को रोकने पहुँची थी। यहाँ हथियार से लैस इस्लामी कट्टरपंथियों ने वीडियोग्राफी कर रहे ड्रोन कैमरा के ऑपरेटर की पिटाई कर कैमरा और मोबाइल छीन लिया था। बीच-बचाव में लगी पुलिस से मारपीट की गई।
घटना में थानेदार मिथिलेश कुमार का सिर फट गया। वहीं, कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंदू ई-रिक्शा चालक से मारपीट
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मुहर्रम का चंदा न देने पर हिंदू ई-रिक्शा चालक बेदन घोष की बेरहमी से पिटाई की गई। दरअसल, एक दिन पहले बेदन घोष चंदा दे चुका था। लेकिन दोबारा चंदा देने पर उसने इनकार किया था। जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने बेदन घोष पर पत्थर से हमला कर दिया। बंगाल पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दे दिया।
रतलाम में ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखे बैनर को जलाया
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिमों ने मुँह में पेट्रोल डाल आग लगाकर ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखा बैनर जलाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने विरोध जताते हुए हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हिंदू दुकान मालिक से मारपीट
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मुहर्रम पर ताजिया का जुलूस निकाल रही मुस्लिम भीड़ ने हिंदू दुकान मालिक बेचेलाल संग मारपीट की। विवाद ईंट हटाने को लेकर शुरू हुआ था। दरअसल, ताजिया जुलूस बेचेलाल की दुकान तक पहुँचा। मुस्लिम भीड़ने ईंट हटाने को कहा, बेचेलाल के इनकार करने पर लाठी-डंडे से हमला किया। मौके पर पुलिस पहुँचते ही इस्लामी भाग निकले।
हाजीपुर में मुस्लिम भीड़ ने बस में लगाई आग
बिहार के हाजीपुर जिले में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में भीड़ को हटाने के लिए बस ने हॉर्न बजाया। तो इस्लामी कट्टरपंथी ने गुंडागर्दी पर उतर आए। बस में से सवारियाँ को उतारा और बस को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
पुणे में मुहर्रम पर खामेनेई के लगे पोस्टर
महाराष्ट्र के पुणे के लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बैनर लगाए गए। हिंदू संगठन ने शिकायत पर पुलिस ने बैनर हटवाए। पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति के बैनर लगाए गए थे, इसीलिए संबंध लोगों को नोटिस भेजा गया।
बरेली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के लगाए नारे
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर में ताजिया रखने के दौरान मुस्लिम भीड़ ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस्लामी कट्टरपंथियों ने मोहल्ले के दुकानों को तोड़ने के साथ व्यापारियों को जान से मारने और लूटने की भी धमकी दी। मामले में पुलिस ने मोबीना, अनस और नाजिम को गिरफ्तार किया है।
बिहार के जमुई में पाकिस्तान और फिलिस्तान का झंडा फहराया
बिहार के जमुई जिले के पैरामटिहाना गाँव में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में पाकिस्तान का झंडा लहराया। वहीं, जमुई के ही भछियार मोहल्ले में मुहर्रम जुलूस में फिलिस्तीन का झंडा फहराया गया। दोनों मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद हिंदू संगठन ने विरोध-प्रदर्शन किया।
बिलासपुर में मंदिर की छत पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया ‘शेर नाच’
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान शेर की वेशभूषा में इस्लामी कट्टरपंथी ने मंदिर में उत्पात मचाया। मंदिर की छत पर चढ़कर नाचने लगे। वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठन ने विरोध जाहिर किया। इसके बाद पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बिहार के कटिहार में महावीर मंदिर पर हमला, हिंदू-पुलिस पर पथराव
बिहार के कटिहार जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव किया। घटना का वीडियो भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। वीडियो में इस्लामी कट्टरपंथी मंदिर पत्थर फेंक रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कट्टरपंथी हिंदू घरों और सड़क किनारे खड़ी गाड़ी पर ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े फेंके जा रहे हैं।
घटना के बाद तनाव के माहौल को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। घटना में पुलिसकर्मी समेत 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
उज्जैन में मस्जिद के पास हंगामा
मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
लखीमपुर खीरी में हिंदू घरों पर फेंका सफेद पाउडर, विरोध पर पथराव
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में विवाद हो गया। जुलूस में शामिल मुस्लिम भीड़ ने हिंदू परिवार के घर पर सफेद पाउडर फेंक दिया। परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो भीड़ ने हिंदू परिवार के बाकी घरों में पथराव किया।
पुलिस ने पीड़ित पंकज की तहरीर के आधार पर 4 लोग तालिब, जाहिद, सुलेमान और नूरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ऑप इंडिया के पास इस FIR की कॉपी भी मौजूद है।
रायबरेली में मुस्लिम भीड़ ने की तोड़फोड़
उत्तर प्रदेश के रायबरेली के कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति से निकाले गए मुहर्रम के जुलूस के दौरान जमकर विवाद हुआ था। जुलूस में शामिल लोगों ने आपत्तिजनक नारेबाजी की। लोगों ने विरोध किया तो मुस्लिम लोग उग्र हो गए और हिंसा शुरू कर दी।
उन्होंने लाठी-डंडों और हथियारों से हमला किया। उपद्रवियों ने 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ डाले। पुलिस ने पूरे फाजिल गाँव निवासी साजिद अली, सोनू, फूलबाबू, अट्टू, अमरोज, शब्बीर समेत 150 लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
कोलकाता में सियालदह रेलवे स्टेशन पर खूनी संघर्ष
कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन पर मुहर्रम से पहले कई मुस्लिम युवक तलवारों से लैस होकर लोकल ट्रेन में चढ़ गए। उन्होंने हथियार लहराते हुए एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के वीडियो में व्यक्ति को खून से लथपथ देखा जा सकता है। वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी जगह-जगह खून पड़ा दिखा।
महाराजगंज में बीजेपी नेता से मारपीट
यूपी के महाराजगंज में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। घर लौटते समय जुलूस की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज कर हाथापाई की।
सूचना पर पहुँची पुलिस ने बीजेपी नेता को सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
नागपुर में क्रेन को भी लगाई आग (फोटो साभार: X_ANI) नागपुर में 17 मार्च 2025 की शाम को हुई हिंसा सुनियोजित थी। यह बात बीजेपी विधायक प्रवीण दटके और हिंसा के पीड़ितों ने बताई है। इनके मुताबिक करीब 1000 कट्टरपंथियों की भीड़ इसमें शामिल थे। चेहरे ढक रखे थे। इनके हाथों में हथियार थे।
पत्थरबाजी करने वाली भीड़ ने चुन-चुनकर हिंदुओं की संपत्तियों को निशाना बनाया। तलवारों से दरवाजों को काटने की कोशिश की। गाड़ियों को फूँक दिया। आगजनी-पत्थरबाजी के बाद भीड़ पूरी तरह गायब हो गई। दावा किया जा रहा है कि भीड़ में शामिल लोग बाहर से लाए गए थे।
नागपुर (मध्य) के बीजेपी विधायक प्रवीण दटके ने कहा, “मैं आज सुबह यहाँ पहुँचा। ये सब पहले से तय था। कल सुबह एक आंदोलन के बाद गणेश पेठ पुलिस स्टेशन में कुछ हुआ, फिर सब ठीक था। लेकिन बाद में भीड़ सिर्फ हिंदुओं के घरों और दुकानों में घुसी। हमलावरों ने मुस्लिमों के घरों, दुकानों, गाड़ियों को छुआ तक नहीं। उन्होंने पहले सारे कैमरे तोड़े गए, फिर हथियारों के साथ प्लानिंग से हिंसा की गई। हमलावरों की तस्वीरें डीवीआर में हैं, हम पुलिस को देंगे।”
प्रवीण दटके ने साफ कहा कि हमलावर आसपास के इलाकों से थे और वो स्थानीय नहीं थे। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर हिंदुओं की रक्षा न कर पाने का आरोप लगाया, साथ ही कहा कि घटना के समय स्थानीय पुलिस थाने के इंस्पेक्टर का फोन तक बंद था। उन्होंने बताया कि किस तरह से पहले सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा गया और फिर हिंसा की गई। उन्होंने टूटे और जले हुए सीसीटीवी भी मीडिया को दिखाए। उन्होंने कहा कि हंसापुरी में हिंदू-मुस्लिमों की गाड़ियाँ साथ में खड़ी होती हैं, लेकिन हिंसा वाले दिन एक भी मुस्लिम की गाड़ी वहाँ खड़ी नहीं थी, न ही उन्हें कोई नुकसान पहुँचा। ये सब प्लानिंग नहीं तो और क्या है?
#WATCH | Maharashtra | Nagpur violence | BJP MLA (Nagpur Central) Pravin Datke says, "I have reached here this early morning. This entire thing was preplanned. After an agitation yesterday morning, an incident took place at Ganesh Peth police station, then everything was… pic.twitter.com/pnhEGomViZ
एक पीड़ित महिला ने अपने घर के दरवाजे को दिखाते हुए कहा कि हमलावरों ने तलवारों से हमले किए। उसने दरवाजों के काटे जाने की भी जानकारी दी।
#WATCH | Nagpur (Maharashtra) violence: A local, Madhuri Peshne says, "They were running around with stones. They pelted stones at our house, even at children on the upper floor. They damaged our doors and windows. They torched our car...There were around 1000 people in the… pic.twitter.com/eCrAjkAKGk
एक पीड़ित व्यक्ति ने बतााया, “करीब 1000 लोगों की भीड़ रात 8.30 के आसपास आई। उसने पत्थरबाजी शुरू कर दी। तीसरी मंजिल पर बच्चे थे, वहाँ तक पत्थर फेंके गए। करीब 25-30 गाड़ियों को तोड़फोड़ करके आग के हवाले कर दिया गया।”
एक स्थानीय महिला ने कहा, “भीड़ अचानक आई। चेहरे ढके थे, हाथों में हथियार थे। वो चिल्ला रहे थे, पत्थर फेंक रहे थे। दुकानें तोड़ीं, गाड़ियाँ जलाईं। हमारे घर की खिड़कियाँ टूट गईं। सब बाहरी लोग थे, प्लानिंग साफ थी।”
#WATCH | Nagpur (Maharashtra) violence: A local, Madhuri Peshne says, "They were running around with stones. They pelted stones at our house, even at children on the upper floor. They damaged our doors and windows. They torched our car...There were around 1000 people in the… pic.twitter.com/eCrAjkAKGk
हिंसा प्रभावित हंसापुर के स्थानीय दुकानदार ने भयावह आपबीती साझा की। दुकानदार ने कहा, “मैं 10.30 बजे रात में घर पहुँचा। तभी बहुत सारे लोग आए। उन्होंने घर में आग लगाने की कोशिश की। पत्थर मारे, मैं घायल हो गया। गाड़ियों को उन्होंने तोड़ा और फिर आग के हवाले कर दिया।”
#WATCH | Maharashtra | A local shopkeeper from Nagpur's violence-hit Hansapuri area says, "At 10.30 pm, I closed my shop. Suddenly, I saw people torching vehicles. When I tried to douse the fire, I was hit with a stone. My two vehicles and a few other vehicles parked nearby were… pic.twitter.com/tisqTd87d2
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार की सुबह महाल इलाके में शिव जयंती का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके बाद दोपहर 12 बजे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने औरंगजेब की कब्र हटाने की माँग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने औरंगजेब का पुतला जलाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फिर अफवाह फैली कि कुरान जला दी गई। पुलिस ने इसे झूठ बताया, पर मुस्लिम भीड़ ने इसे बहाना बनाकर शाम 5 बजे से हिंसा शुरू कर दी। महाल, कोतवाली, गणेशपेठ और चितनवीस पार्क में नकाबपोश लोग सड़कों पर उतरे। उनके पास लाठियाँ, पत्थर, बोतलें और पेट्रोल बम थे।
#WATCH | Maharashtra: Efforts underway to douse fire in vehicles that have been torched in Mahal area of Nagpur.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम 7:30 बजे के बाद हिंसा ने जोर पकड़ा, जो आधी रात के बाद तक जारी रहा। चितनवीस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड तक 40 से ज्यादा गाड़ियाँ जला दी गईं। कारें, बाइक, यहाँ तक कि एक क्रेन भी जल गई। दुकानों में तोड़फोड़ हुई, घरों पर पत्थर फेंके गए। पुलिस पर भी हमला हुआ। डीसीपी निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, उनके हाथ में गहरी चोट लगी।
#WATCH | Nagpur (Maharashtra) violence: A JCB machine set ablaze during violence in Mahal area of Nagpur. Tensions have broken out here following a dispute between two groups.
#WATCH | Nagpur (Maharashtra) violence: Police undertake combing operation in Mahal. Tensions broke out in Mahal area of Nagpur following a dispute between two groups.
Those involved are being identified and arrested. Section 144 has been imposed. Police have directed people… pic.twitter.com/PLg0HQRPjf
पुलिस ने लाठीचार्ज और आँसू गैस का इस्तेमाल किया, पर भीड़ नहीं रुकी। अब तक 50 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं। सीसीटीवी और वीडियो से पहचान चल रही है। साइबर पुलिस 100 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स की जाँच कर रही है, जहाँ से अफवाह फैली। शहर में कर्फ्यू लगा है, इंटरनेट कुछ घंटों के लिए बंद रहा, अब बहाल हो गया है।
#WATCH | Mumbai | On Nagpur violence, Maharashtra MoS Home Yogesh Kadam says, "The reason behind the violence has not been found yet. 47 people have been detained so far. 12-14 police personnel were injured in the incident. 2-3 civilians also received injuries. We will find the… pic.twitter.com/Kkp9a2gpjT
महाराष्ट्र सरकार के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम का भी बयान आया है। उन्होंने कहा, “हिंसा के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। अब तक 47 लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना में 12-14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 2-3 नागरिक भी घायल हुए हैं। हम घटना के पीछे की वजह का पता लगाएँगे। कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”