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‘F*cking Old Man तुम्हें थप्पड़ पड़ेगा’: कौन है PM मोदी को गाली देने और मारने की बात करने वाली CEO मुग्धा प्रधान

      मुग्धा प्रधान, जो पीएम मोदी को थप्पड़ मारने की इच्छा रखती है (फोटो साभार : ithrive & thenewsminute)
विश्व में भारत एक ऐसा अनूठा देश है जहाँ प्रधानमंत्री गाली देना शायद आम बात हो गयी है। जितनी गालियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली है विश्व में किसी भी प्रधानमंत्री को नहीं। यदि विदेश में किसी प्रधानमंत्री को मिल रही होती जितने भी गालीबाज है जेलों में होते। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर iThrive की CEO और फाउंडर मुग्धा प्रधान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यह महिला पीएम मोदी और केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर काफी गुस्से में नजर आती दिखाई दे रही है। इसी दौरान मुग्धा प्रधान वीडियो में कहती हैं कि अगर वह पीएम मोदी से मिलेंगी तो उन्हें ‘एक थप्पड़’ देंगी। बता दें कि जंतर-मंतर पर हुई उग्र प्रदर्शन और हिंसा को मुग्धा प्रदान सपोर्ट करती नजर आती है और गालीबाजों पर कार्रवाई को लेकर ये भड़क जाती है, जिसके बाद इनकी भड़ास वीडियो में साफ दिखाई देती है।

वीडियो में मुग्धा प्रधान अन्य मुद्दों को भी कहती नजर आती है। इसके अलावा, वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मुग्धा प्रधान पर नेटीजन्स का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इस महिला की आलोचना कर रहे हैं। मुग्धा प्रधान कोई सामान्य सोशल मीडिया यूजर नहीं हैं। वह हेल्थ और वेलनेस कंपनी iThrive की फाउंडर और CEO हैं। वह फंक्शनल न्यूट्रिशन के क्षेत्र में काम करती हैं। उनके पास फूड साइंस और न्यूट्रिशन में मास्टर डिग्री है। इतनी पढ़ी-लिखी होने के बावजूद भी गाली देने वालों को ये सपोर्ट करती है और भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करती है। आईए जानते हैं, मुग्धा प्रधान ने क्या-क्या कहा है।

वीडियो में क्या भड़ास निकाल रही है मुग्धा प्रधान?

Viral Video में मुग्धा प्रधान काफी गुस्से में नजर आ रही है, ऐसा लग रहा है कि वीडियो से बाहर निकलते ही किसी ना किसी को लपेट ही देंगी। वीडियों में मुग्धा प्रधान कहती हैं, मैं उन सभी बूढ़े आदमियों को थप्पड़ मारना चाहती हूँ जो सोचते हैं कि उन्हें औरतों और बच्चों के गुस्से को दबाने का हक है। जरा देखिए लोग क्या-क्या कर जाते हैं। आपको गाली गंदी लगती है, पर इस देश की सड़कें देखिए, जिन्हें मिसाल बनना चाहिए। मैं प्रकृति के बीच टहलने गई थी और एक पेड़ के नीचे कचरे के ढेर लगे थे। आप उस गंदगी को साफ़ क्यों नहीं कर सकते? आपको वह गंदगी क्यों नहीं दिखती? बेवकूफ लोग।”
इससे आगे मुग्धा प्रधान कहती है, “आपके अंदर ही गंदगी है तो आपको बाहर की गंदगी कैसे दिखेगी? प्रकृति में जो कुछ भी दिख रहा है, उसे एक गंदा शब्द कहा जा रहा है और मुझे लगता है कि आख़िरकार कोई आपको वह सच कह रहा है जिसके आप हकदार हैं और इसीलिए आपको इतना बुरा लग रहा है कि देश के PM होकर आप बैठकर कह रहे हैं कि आप माफ कर रहे हैं। अगर मैं आपसे मिली तो मैं आपको एक ‘माफ करने वाला’ थप्पड़ जरूर मारूँगी। एक बूढ़ा आदमी जिसे वहाँ नहीं होना चाहिए, निकल जाओ, मेरे देश से निकल जाओ, अपनी सत्ता से हट जाओ, निकल जाओ, अब समय आ गया है कि युवा लोग जिम्मेदारी संभालें।”
मुग्धा प्रधान ने पहले भी पीएम मोदी को लेकर एक वीडियो जारी किया था। इसमें ये बार-बार गाली देने वालों को सपोर्ट करती नजर आ रही है और पीएम मोदी के खिलाफ अपनी भड़ास निकालती दिख रही है।

कौन हैं PM मोदी को ‘थप्पड़’ मारने की इच्छा रखने वाली मुग्धा प्रधान?

मोदी को ‘थप्पड़’ मारने की इच्छा रखने वाली मुग्धा प्रधान पुणे से जुड़ी फंक्शनल न्यूट्रिशनिस्ट हैं। वह हेल्थ और वेलनेस के क्षेत्र में काम करती हैं। मुग्धा प्रधान ने iThrive नाम की कंपनी शुरू की। आज वह इसी कंपनी की CEO भी हैं।
iThrive का काम हेल्थ, न्यूट्रिशन और वेलनेस से जुड़ा है। कंपनी लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर फंक्शनल न्यूट्रिशन का तरीका अपनाने की बात करती है। इसमें सिर्फ बीमारी के लक्षणों पर ध्यान देने के बजाय उसके पीछे के कारणों को समझने की कोशिश की जाती है। लेकिन मुग्धा की इस वीडियो को देखकर लगता है कि उन्हें खुद ट्रीटमेंट की जरूरत है।
iThrive की वेबसाइट के मुताबिक, मुग्धा प्रधान के पास MSc फ़ूड साइंस और न्यूट्रिशन की डिग्री है। उन्होंने 2001 में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर में भी काम किया। वह Flipkart की शुरुआती HR टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। बाद में उन्होंने हेल्थ और न्यूट्रिशन के क्षेत्र में काम शुरू किया।
मुग्धा प्रधान साल 2017 में तीन बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ चुकी है। मुग्धा ने क्लिनिकल डिप्रेशन, मोटापे और Hashimoto’s thyroiditis यानी एक ऑटोइम्यून बीमारी का जिक्र भी किया है।
मुग्धा प्रधान की प्रोफाइल में उन्हें दो बार TEDx स्पीकर बताया गया है। वह ‘Health, Inc.’ नाम की किताब की लेखिका भी हैं। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह किताब ग्लोबल हेल्थकेयर सिस्टम और उसके काम करने के तरीके पर आधारित है।

 मोदी पर टिप्पणी करने वाली मुग्धा प्रधान पर नेटीजन्स का फूटा गुस्सा

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सिर्फ मुग्धा प्रधान के बयान पर ही सवाल नहीं उठाए। कुछ लोगों ने iThrive के कारोबार और उसकी छवि को भी चर्चा में ला दिया। कुछ यूजर्स का कहना है कि हेल्थ और वेलनेस कंपनी के प्रमुख व्यक्ति का सार्वजनिक व्यवहार कंपनी की छवि पर असर डाल सकता है। कुछ पोस्ट में लोगों से पूछा गया कि क्या वे ऐसी कंपनी के उत्पाद खरीदना चाहेंगे जिसकी CEO इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती हैं।
एक यूजर लिखते हैं, iThrive कंपनी की सीईओ PM मोदी को बुरा-भला कहने में लगी हुई हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें खुद ही बेहतर सप्लीमेंट्स की ज़रूरत है। सोचने वाली बात यह है कि जब कंपनी की सबसे बड़ी अधिकारी सबके सामने इतनी ज़्यादा नफ़रत और संयम की कमी दिखाती हैं, तो इससे उस ब्रांड की समझदारी और विश्वसनीयता के बारे में क्या पता चलता है?”
अभिजीत मजूमदार लिखते हैं, ” पीएम मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाली मुग्धा प्रदान को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद की बहुत जरूरत है। वह बहुत परेशान और अस्थिर लग रही हैं। क्या कोई उनके ब्रांड और उसके प्रोडक्ट्स पर भरोसा कर सकता है?”
राकेश कृष्णन सिंहा लिखते हैं, “एक और पाखंडी से मिलिए। हेल्थ और वेलनेस कंपनी ‘iThrive’ की CEO और फाउंडर मुग्धा प्रधान, जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह रही हैं। इस गंदी ज़बान वाली महिला को देखकर ऐसा लगता है जैसे वह किसी गटर में ही पैदा हुई हो। ये सभी नकली लोग FCRA की वजह से बहुत हताश हैं। FCRA जैसे जवाबदेही कानूनों के कारण, बकवास करने और भोले-भाले लोगों को ठगने के उनके सपने पूरे करना मुश्किल होता जा रहा है। उनकी स्पीच, उनकी बेकाबू हताशा भरी बकवास और उनकी साइट पर लिखी बातों को देखिए – सब कुछ एक-दूसरे के बिल्कुल उलट है। ‘सत्-चित्-आनंद’ तो कुछ ही सेकंड में फुस्स हो गया।”
एक यूजर ने फंडिंग को लेकर भी आरोप लगाया है, जिसमें दावा किया है, “iThrive की इस महिला को हांगकांग स्थित ‘फंग स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स’ से निवेश मिला है। यही वजह है कि वह हमारे माननीय प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसा लगता है कि वह चीन की एक ‘एसेट’ (मोहरा) हैं। कृपया उचित कानूनी कार्रवाई करें।”
‘iThrive’ की सीईओ मुग्धा प्रधान की कंपनी को हांगकांग की एक फर्म ‘फंग स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स’ से पैसा मिलता है। जाँच करने पर पता चलता है कि ‘फंग स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स’ (जिसे फंग इन्वेस्टमेंट्स भी कहते हैं) कोई आम कंपनी नहीं है। यह हांगकांग के बहुत अमीर फंग परिवार का निजी पारिवारिक निवेश दफ्तर है, जो उनके विशाल ‘फंग ग्रुप’ के लिए काम करता है। इस पूरी संस्था के मुख्य मालिक और फैसले लेने वाले डॉक्टर विक्टर के फंग (चेयरमैन) और डॉक्टर विलियम फंग (डिप्टी चेयरमैन) हैं, जो दोनों आपस में भाई हैं। यह फंग ग्रुप मुख्य रूप से सामान सप्लाई करने के व्यापार से जुड़ा हुआ है।

CJP के प्रदर्शन में PM मोदी को दी गई गालियाँ, उन्होंने किया था माफ

हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान कुछ नाबालिग बच्चों और युवाओं द्वारा PM मोदी और उनकी दिवंगत माता को गालियाँ तक दी गई थीं।

गाली गलौज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी विवाद हुआ और एक नाबालिग लड़की के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। विवाद बढ़ने और बच्ची द्वारा अपनी गलती पर रोते हुए देश से माफी माँगने के बाद, PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने इन युवाओं को माफ करने का ऐलान किया था।

उन्होंने कहा था, “एक कल्चरल शौक है कि हमारी बेटियाँ इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती है? लेकिन समय है इन बच्चों को गले लगा के राह दिखाने का। एक गुमराह बच्चे हैं। उनको राह दिखाना हमारा काम है। मेरे मन में एक ही भाव है। कभी-कभी दाँतों तले हमारी जीभ आ जाती है। खून निकल आता है। लेकिन हम दाँत तोड़ते नहीं है। क्योंकि दाँत भी हमारे हैं। जीभ भी हमारी है। बच्चे भी हमारे हैं। उन्हें राह दिखाना हमारा काम है।”

दुरंतो एक्सप्रेस में टॉयलेट सीट पर रखे दिखे बर्तन, Video हुआ वायरल

                                                    दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन की टॉयलेट सीट पर दिखे बर्तन

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद भेजा गया है जिसमें ट्रेन नंबर 12223, मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस के अंदर कैटरिंग स्टाफ को ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धोते हुए नजर आए थे।

सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो ने लोगों में काफी नाराजगी पैदा कर दी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मुंबई-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी कोच H1 में रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में कैटरिंग/कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी टॉयलेट के अंदर प्लेट, कटोरी और कटलरी (खाने के बर्तन) कथित तौर पर धोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में प्लास्टिक की एक क्रेट (टोकरा) में रखी चीनी मिट्टी की प्लेटें और कटोरियाँ टॉयलेट सीट पर रखी नजर आती हैं।

फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री ने यह देखने के बाद स्टाफ से बहस की और उसका वीडियो बना लिया। वीडियो क्लिप में यात्री कर्मचारी से टॉयलेट में बर्तन धोने और उन्हीं बर्तनों में खाना परोसने को लेकर सवाल करता दिखाई देता है। हालाँकि, कर्मचारी ने कहा कि वह अभी-अभी वहाँ आया है और उसने कैटरिंग स्टाफ को टॉयलेट में बर्तनों के साथ नहीं देखा।

IRCTC के ठेकेदार के तहत काम करने वाला कैटरिंग कर्मचारी यह नहीं बता पाया कि वह वहाँ क्या कर रहा था। उसने केवल अपना नाम सुरेश बताया। वीडियो से ऐसा लग रहा था कि कैटरिंग स्टाफ ने टॉयलेट के अंदर बर्तन धोए और फिर उन्हें टॉयलेट सीट पर रखी क्रेट में रख दिया।

यह वीडियो X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद खासकर प्रीमियम और महँगे किराए वाली ट्रेन में सफाई और खानपान के मानकों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। यात्री ने इस मामले में IRCTC, रेल मदद (Rail Madad) और रेलवे मंत्रालय में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई।

FSSAI के नोटिस के अनुसार, यह तरीका खाद्य सुरक्षा और मानक (फूड बिजनेस लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) नियम, 2011 के शेड्यूल-4 का उल्लंघन है। इन नियमों के तहत खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थानों को भोजन बनाने, संभालने, धोने और सफाई के दौरान पूरी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी होता है ताकि खाने और खाने के संपर्क में आने वाली चीजों में किसी तरह की गंदगी या संक्रमण न फैले।

FSSAI ने कहा कि यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उसके ध्यान में आया। इसके बाद IRCTC को निर्देश दिया गया है कि वह इस घटना को लेकर तथ्यात्मक जानकारी और विस्तृत जवाब पेश करे जिसमें ऑनबोर्ड कैटरिंग स्टाफ की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जाए।

अब तक IRCTC ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। हालाँकि, X पर घटना साझा करने वाली एक पोस्ट पर जवाब देते हुए IRCTC ने सामान्य प्रक्रिया के तहत यात्री से PNR नंबर और फोन नंबर माँगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेन का कैटरिंग ठेका वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स कंपनी के पास है जो RK ग्रुप का हिस्सा है। यह कंपनी रेलवे की कई प्रीमियम ट्रेनों में खानपान सेवा देने वाली सबसे बड़ी ठेकेदार कंपनियों में गिनी जाती है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कैटरिंग ठेकेदार पर 50,000 रूपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, जिस कर्मचारी ने यह हरकत की उसे ड्यूटी से हटाने का आदेश दिया गया है। ट्रेन के पैंट्री कार मैनेजर को भी कड़ी चेतावनी दी गई है।

तुर्की के बॉयकॉट के सवाल पर पत्रकारों को टरकाते और माइक सरकाते नजर आए कांग्रेस नेता, वीडियो हो रहा वायरल; मुसलमान #boycottChina क्यों नहीं करते? चीन के आगे कट्टरपंथियों ने क्यों घुटने टेक दिए?


आखिर पाकिस्तान के खिलाफ कांग्रेस क्यों नहीं बोल सकती? मुंबई हमले होने पर पाकिस्तान पर कार्यवाही करने की बजाए "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" कहकर पाकिस्तान के बचाव में लगी रही और अब जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने जिस तरह से पाकिस्तान की मदद की, उसको लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल है। लोग तुर्की के बॉयकॉट का अभियान चला रहे हैं। इसी बीच बुधवार, 14 मई को कांग्रेस की और से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब सीनियर लीडर जयराम रमेश और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा से तुर्की के बॉयकॉट को लेकर सवाल पूछे गए तो वे जवाब देने से कतराते नजर आए। जयराम रमेश और पवन खेड़ा पत्रकारों को टरकाने के साथ माइक को एक-दूसरे के पास सरकाते दिखे।

जहाँ तक बॉयकॉट की बात है समस्त मुस्लिम देशों को चीन के हर उत्पादन का बॉयकॉट करना चाहिए था। लेकिन भारत तो क्या हर मुस्लिम देश उस चीन को गले लगाए हुए है जहाँ रोजे रखना तो दूर नमाज तक पर पाबन्दी लगा रखी है। भारत में कट्टरपंथी मुसलमानों को कभी तीन तलाक, कभी बुर्का तो कभी हिजाब के नाम पर भड़काता रहता है लेकिन चीन में मुस्लिम महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर #boycottChina क्यों नहीं करते? कट्टरपंथी तो क्या कांग्रेस भी खामोश है, क्यों? राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कार्यकाल में सीक्यांग जैसे इलाकों में उइगर मुसलमानों पर काफी सख्ती बरती गई है बीजिंग उइगर मुसलमानों के अलगावादी और चरमपंथी गतिविधियों में लिप्त होने का संदेह जताता रहा है

गौरतलब है कि चीन मे करीब दो करोड़ मुसलमान हैं चीन में इस्लाम सहित कुल पांच धर्मों को मान्यता दी गई जिनमें ताओ, कैथोलिक और बौद्ध धर्म भी शामिल हैं चीन की इस बात के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना का शिकार होना पड़ा है कि उसने 10 लाख से से ज्यादा उइगर मुसलमानों को सीक्यांग के इनडॉक्ट्र‍िनेशन शिविरों में रखा है, जहां उनमें कथित देशभक्ति के बारे में ब्रेनवाश किया जाता है 

दोनों नेताओं के एक-दूसरे की ओर माइक पास करते हुए सवाल को टालने की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को शेयर कर कांग्रेस को ट्रोल करने के साथ तंज कस रहे हैं। आप भी देखिए लोग किस तरह से कांग्रेस का मजाक उड़ा रहे हैं…

 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद टट्टू वाला अयाज गिरफ्तार, महिला पर्यटक के सामने कर रहा था इस्लाम, कुरान और बंदूक की बात; शोभायात्राओं पर पत्थरबाज़ी करने वालो पर भी इसी सख्ती से पेश आना चाहिए


जम्मू-कश्मीर पहलगाम हमले के बाद पुलिस ने उस टट्टू वाले गिरफ्तार कर लिया है जिसकी तस्वीर दिखाकर एक महिला पर्यटक ने चौंकाने वाले दावे किए थे। टट्टू वाले की पहचान अयाज अहमद जंगल के तौर पर हुई है। वह गोहिपोरा रायजान का रहने वाला है।

पुलिस उसे पकड़कर अपनी छानबीन कर रही है। पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि उसका पहलगाम आतंकी हमले से क्या लेना-देना है।

पहलगाम हमले के बाद एकता तिवारी नामक महिला पर्यटक का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वो अयाज की तस्वीर दिखाते हुए कह रहीं थीं कि इसी टट्टू वाले ने उनसे पूछा था कि उनके साथ आए लोग हिन्दू हैं या मुस्लिम, महिला ने उसके इरादे भाँप लिए थे इसीलिए उसे बता दिया कि वो सब मुस्लिम हैं।

साथ ही वो ये भी कह रहा था कि अभी अमरनाथ आइए तो वो बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करा देगा। महिला ने उसकी तस्वीर दिखाते हुए बताया कि उसने फोन निकाला, वो 35 बंदूकों की बात भी कर रहा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आतंकवादियों के समर्थकों को मिट्टी में मिलाने के डर से भारत में पल रहे sleeper cells दहशत में आ गए हैं। अगर शोभायात्राओं पर हो रही पत्थरबाज़ी पर ही राज्य और केंद्र सरकारों ने सख्ती की होती शायद ये घटना नहीं होती।  खैर, अब पत्थरबाज़ी करने वालों पर इसी सख्ती से पेश आया जाएगा, आतंकवादियों के ये sleeper cells सब बता देंगे कि किसने इस काम करने के लिए उन्हें कितने पैसे दिए। इतना ही नेताओं, उनकी पार्टियों और कोर्ट तक को सख्त निर्देश देने होंगे।

क्या कश्मीर में घर-घर आतंकी है? क्या इन्ही हत्याओं के लिए सुप्रीम कोर्ट कश्मीर में चुनाव करवाने के लिए कहा था? पहलगाम में रिपोर्टिंग करने गईं चित्रा त्रिपाठी पर टूटी इस्लामी भीड़, सब Video में कैद: पत्रकार ने कहा- 24 घंटे में उतर गया इनका नकाब

चित्रा त्रिपाठी के साथ कश्मीर में बदसलूकी (वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट)
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद वहाँ रिपोर्टिंग करने गईं ABP न्यूज की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल है। इसमें स्थानीय भीड़ चित्रा त्रिपाठी पर भड़कती दिख रही है। पत्रकार बार-बार चिल्लाकर बता रहीं हैं कि वो बस अपना काम करने आई हैं लेकिन भीड़ बिलकुल उनकी नहीं सुन रही और उन्हें घेरकर खड़ी है। क्या कश्मीर बंद करने का नाटक किया था? क्या आतंकी हमले पर घरियाली आंसू बहे गए थे? यदि नहीं फिर क्यों महिला पत्रकार की मॉब लिंचिंग करने की कोशिश की?    

क्या है वायरल वीडियो में

वीडियो में दिख रहा है कि चित्रा त्रिपाठी स्थानीय महिलाओं को समझाने का प्रयास कर रही हैं कि वो सिर्फ अपने काम से यहाँ हैं, मगर पीछे खड़ी भीड़ उन्हें वहाँ रुकने नहीं देती। वो फिर कहती हैं- “मैं जर्नलिस्ट हूँ लेकिन आप मेरे साथ गाली-गलौच कर रहे हैं- ये बेहद गलत बात है… मारना है तो मार दो।”
इसके बाद कुछ लोग चित्रा से बात करने लगते हैं और पीछे से एक समूह जोर-जोर से गोदी मीडिया हाय-हाय के नारे लगाते रहता है। वीडियो में कुछ मुस्लिम युवकों का ‘गुलिस्तां हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं’ जैसे नारे लगाते भी देखा गया। इसके अलावा – कश्मीर से आवाज आई- ‘हिंदू मुस्लिम भाई-भाई भी चिल्लाते लोगों को देखा गया।’

‘कश्मीर की यही हकीकत’

वीडियो को सोशल मीडिया पर असम के मंत्री अशोक सिंघल ने भी साझा किया है। उन्होंने लिखा, “चित्रा त्रिपाठी की लगभग लिंचिंग हो गई थी। यही कश्मीर और कश्मीरियत की हकीकत है। आप आप उन लोगों के साथ शांति वार्ता नहीं कर सकते जिनका अस्तित्व आपके विनाश पर निर्भर करता है।”

‘पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर दिखाओ’

वीडियो को सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने साझा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- “24 घंटे से कम समय में ही नकाब उतर गए! कल हिंदुओं को उनका नाम पूछ कर, उनका धर्म जान कर मार दिया गया। आज श्रीनगर में जो पत्रकार हिंदुओं को निशाना बनाने पर रिपोर्टिंग कर रहे थे उन्हें स्थानीय लोगों ने निशाना बनाया। रिपब्लिक टीवी और एबीपी की महिला पत्रकारों को घेर कर हूटिंग की गई और ‘गोदी मीडिया हाय हाय’ के नारे लगाए गए।”
उन्होंने चित्रा त्रिपाठी को घेरकर की गई इस तरह की हूटिंग को शर्मनाक करार देते हुए नारा लगाने वालों से पूछा कि गुर्दा है तो पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगा कर दिखाओ।”
बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद एक तरफ जहाँ चित्रा त्रिपाठी को लोग मजबूत रहने के लिए हौंसला दे रहे हैं। वहीं एक धड़ा ऐसा है जो उन्हें घेरकर प्रताड़ित किए जाने को सही ठहरा रहा है। इन समूह के हिसाब से हर गोदी मीडिया के साथ ऐसा ही होना चाहिए। उनका कहना है कि गोदी मीडिया ये क्यों दिखा रहा है कि इस्लामी आतंकियों ने हिंदुओं को निशाना बना दिया जबकि आपको बता दें कि हकीकत ही यही है कि ये बातें खुद चश्मदीदों और पीड़ितों ने बताई हैं।
पीड़ितों ने खुद कहा है कि आतंकी आए, नाम पूछा, पैंट उतरवाकर खतना देखा और हिंदू निकलने पर लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। बावजूद इसके ये धड़ा इस हमले को ऐसे दिखाने पर जुटा है जैसे इसमें सारी गलती मीडिया कि है कि वो क्यों इस्लामी कट्टरपंथियों का चेहरा उजागर कर रही हैं।


 

ए सिपाही! एक गाना बजाएँगे उस पर तुमको ठुमका लगाना होगा: सोफे पर पसर बिहार पुलिस के जवान को लालू यादव के बेटे ने नचवाया, सस्पेंड करने की धमकी दी; Video वायरल

भारतीय सिनेमा के बहुचर्चित शो-मैन राजकपूर जैसी होली मनाने की कोशिश तो कई लोगों ने की, लेकिन कोई कर पाया। राजकपूर अपने आर के स्टूडियो में तालाब में रंग खोलकर आने वाले हर मेहमान को आते ही उसमे डुबकी लगा कर बाहर आकर जश्न में शामिल होने की विनती करते थे। राजकपूर की इसी रस्म को अपने मुख्यमंत्री रहते लालू यादव ने अपनाया, लेकिन अश्लीलता के साथ यानि रंग के तालाब में कपडे उतार कर। जिसकी शिकायत लेकर कुछ नेता जब राज्यपाल के पास पहुँचने पर तत्कालीन राज्यपाल ने कहा, हाँ रास्ते में मुझे भी जब मालूम हुआ वापस आ गया, यानि तुम भी मत जाओ। लालू की चारो और खूब आलोचना भी हुई थी। फिर बाप की हरकत को बेटा क्यों न अपनाये। तेजप्रताप ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी को नाचने को कहा दिया। नहीं तो सस्पैंड करने की धमकी।      
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें वह होली समारोह में एक पुलिसवाले से नाचने को कह रहे हैं। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी अंत में नाचता भी है। 

वह इस वीडियो में कहते हैं, “ए सिपाही! ए दीपक! अभी एक गाना बजेगा ठुमका लगाओगे।” वह पुलिसकर्मी कहते हैं कि अगर वह होली के दिन नहीं नाचता तो उसको सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसके बाद वह स्वयं एक गाना गाते हैं।

यह वीडियो तेजप्रताप यादव के आवास का बताया जा रहा है जहाँ होली समारोह चल रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब तेजप्रताप यादव की आलोचना हो रही है। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि लालू यादव के परिवार का सरकारी कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार सामने आया हो। 

इससे पहले भाजपा आरोप लगा चुकी है कि लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए बड़े-बड़े IAS अफसर खैनी मलते थे। 

नीतीश के MLA गोपाल मंडल ने कर दी होली पवित्र : महिला के गाल पर नोट चिपकाया, कहा- रोज लेते हैं चुम्मा, गाया- पानी में बुनका बुनकै छै…

                                               जदयू विधायक गोपाल मंडल (साभार: हिंदुस्तान)
पूरे देश में फगुआ की बयार चल रही है, लेकिन बिहार के सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक गोपाल मंडल पर इसकी खुमारी कुछ ज्यादा ही है। गोपाल मंडल ने होली मिलन समारोह में माइक लेकर ऐसा जोगीरा गा दिया कि लोगों को त्योहार का नशा ही उतर गया। इसके बाद तो उन्होंने सफाई में ऐसा बयान दे दिया कि राजनीतिक गलियारे से लेकर सोशल मीडिया तक में उनकी थू-थू होने लगी।

भागलपुर के गोपालपुर से विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल का होली मिलन दौरान के वीडियो वायरल हो रहे हैं। दरअसल, नवगछिया हाईस्कूल में 10 मार्च को एनडीए के होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान लोक गायक छैला बिहारी को बुलाया गया था। छैला बिहारी फागुन के माहौल को देखकर गानों से लोगों को सराबोर कर रहे थे।

इसी दौरान गोपाल मंडल स्टेज के पास आए और उस पर चढ़ गए। छैला बिहारी फाग ‘पानी में बुनका बुनकेय छेय भौजी…’ नाम का फाग गा रहे थे। उस दौरान गोपाल मंडल अपनी कमर लचका कर नाचने लगे। इस दौरान आए लोगों ने जमकर सीटियाँ बजाईं तो वे पूरे जोश में आ गए और छैला बिहारी से माइक लेकर जोगीरा गाने लगे। यह जोगीर पूरी तरह अश्लील था। वहाँ मंच महिलाएँ भी थीं।

गोपाल मंडल ने गाया, “भौजी च$$$$ ले भसुरा से….।” इस अश्लील जोगीरा सुनकर मंच में मौजूद महिला डांसर शर्म से पानी-पानी हो गईं। वहीं, पुरुष भी शर्मा गए और उनके समर्थक हँस-हँस कर उनका जोश बढ़ाने लगे। वहीं, एक वीडियो में दिख रहा है कि महिला डांसर स्टेज पर होली गाने पर डांस कर रही होती है। उसके बाद गोपाल मंडल उसका हाथ पकड़कर कमर हिलाने लगते हैं।

इसके बाद उसके कंधे पर अपने दोनों हाथ रखकर जोश में नाचते हैं। इससे पहले जोश में आए गोपाल मंडल का एक महिला डांसर को नोट देने के बजाय उसके गाल पर नोट चिपकाते नजर आए। मीडिया रिपोर्ट में चुम्मा लेने की बात भी सामने आ रही है। जोगारी गाकर और नाचकर मन नहीं भरा तो गोपाल मंडल ने मस्ती में चूर होकर कह दिया, “हम रोज डांस करते हैं और रोज चुम्मा लेते हैं।”

गोपाल मंडल स्टेज पर अपनी नेतागिरी की झलकियाँ पेश कर रहे थे और लोग अपने फोन के कैमरे में इसे कैद कर रहे थे। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर आया तो लोगों ने उसकी जमकर खिंचाई करनी शुरू कर दी। राजनीतिक गलियारे में भी उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। उन पर बिहार के साथ-साथ राजनीतिक मर्यादा को भी तार-तार करने के आरोप लगने लगे, लेकिन मंडल को फर्क नहीं पड़ा।

अपना बचाव करते हुए गोपाल मंडल ने कहा, “मैं एक कलाकार हूँ। नेता के साथ-साथ अभिनेता भी हूँ। मैं रोज चुम्मा लेता हूँ। बच्ची को आगे बढ़ाने के लिए चुम्मा ले लिया तो क्या हुआ? हम चुम्मा लेते रहते हैं। कभी इसको तो कभी उसको। मैंने बच्ची को चुम्मा दिया और उसका उत्साह बढ़ाया है।” उन्होंने कहा कि जिसको जितना वीडियो वायरल करना है, कर दे। उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।

गोपाल मंडल के पुराने करनामे

नाचने और अश्लीलता फैलाने का गोपाल मंडल पर आरोप बहुत पुराना है। तीन साल पहले भी उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे डांसर के साथ ‘दिलबर-दिलबर’ और ‘बुलेट पर जीजा’ गाने पर नाच करते हुए दिखे थे। भोजपुरी गाने पर डांसर को नाच करते देख वे अपने आपको रोक नहीं सके और कुर्ता उठाकर नाचने लगे थे। वे बार-बालाओं का हाथ पकड़कर और उन्हें फ्लाइंग किस देकर डांस करते रहे।
वे वही गोपाल मंडल हैं, जो साल 2021 में एक ट्रेन की बोगी में चड्डी और गंजी पहनकर टहलते नजर आए थे। विरोधियों ने आरोप लगाया था कि वे नशे में चूर होकर बदतमीजी कर रहे थे, जबकि गोपाल मंडल का कहना था कि उनका पेट खराब था, इसलिए वे बाथरूम की ओर जल्दी से भाग रहे थे। इसको लेकर एक शख्स ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
गोपाल मंडल पर आरोप लगा था कि चलती ट्रेन में उनकी इस हरकत पर आपत्ति जताने वाले एक यात्री से उन्‍होंने गाली-गलौज भी की थी। हालात बिगड़ने पर RPF को हस्‍तक्षेप करना पड़ा था। यात्रियों के साथ इस दौरान धक्‍का-मुक्‍की भी की थी। बाद में विधायक ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि उनका पेट खराब था और जल्‍दबाजी में शौचालय जाने के दौरान वे तौलिया नहीं लपेट सके। 
गोपाल मंडल नाच-गान में ही नहीं, रंगबाजी में भी अव्वल हैं। अक्टूबर 2023 में वे अस्पताल में रिवॉल्वर लेकर घूमते नजर आए थे। इसको लेकर जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो वो भड़क गए। उन्होंने कहा था, “अरे पिस्तौल तो अभियो है मेरे पास। दिखावे। दिखावे पिस्टल… क्या कहना चाहते हो… रखते हैं पिस्टल… तुम लोग हमारे बाप हो?… भक्क साला, भागो।” गोपाल मंडल के ऐसे कई कारनामे हैं।

अश्लील गानों को लेकर बिहार पुलिस का निर्देश

जदयू विधायक गोपाल मंडल का स्टेज से खुलेआम अश्लील जोगीरा गाना, हाल में जारी किए गए निर्देश की धज्जियाँ उड़ाने वाला है। दरअसल 4 मार्च को बिहार पुलिस मुख्यालय ने द्विअर्थी या अश्लील भोजपुरी गानों को सार्वजनिक रूप से बजाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। अश्लील गाना बजाने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय IG और DIG को दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा था कि आमतौर पर ये देखने में आता है कि सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक या निजी समारोहों में और बस, ट्रक, वैन, ऑटो रिक्शा आदि वाहनों में दोहरे अर्थ वाले अश्लील भोजपुरी गानों को धड़ल्ले से बजाया जाता है। इसका समाज पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। इससे छोटे-छोटे बच्चे गलत दिशा में जाने के लिए प्रेरित होते हैं।
ऐसे अश्लील गानों का सबसे अधिक प्रभाव महिला पर पड़ता है। उनका सार्वजनिक स्थानों पर चलना मुश्किल हो जाता है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से आगे कहा गया था कि इस तरह के गीतों को बजाने से महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा प्रभावित होती है। महिलाएँ लज्जा के साथ-साथ असुरक्षा महसूस करती हैं। इसलिए विशेष अभियान चलाकर ऐसे गाने रोके जाएँ।
इस तरह का बिहार पुलिस की ओर से निर्देश जारी होने के दो दिन बाद ही सत्ताधारी पार्टी के विधायक गोपाल मंडल ने स्टेज पर चढ़कर ना सिर्फ अश्लील गाने गाए, बल्कि अश्लील हरकत की। जिस दौरान गोपाल मंडल ने ऐसी हरकत की, उस समय वहाँ महिलाएँ एवं बुजुर्ग भी शामिल थे। इतना ही नहीं, बच्चे भी थे। अब विपक्षी दल गोपाल मंडल पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

गोपाल मंडल पर होगी कार्रवाई?

गोपाल मंडल जिस समय स्टेज से अश्लील गाने गा रहे थे, उस समय वहाँ एनडीए के जिला स्तर के तमाम महिला-पुरुष नेता मौजूद थे। हालाँकि, किसी ने गोपाल मंडल के इस कारनामे का विरोध नहीं किया। बिहार अश्लील गाने के लेकर पूरे देश में बदनाम है। हालाँकि, अश्लील एवं द्विअर्थी गाने बॉलीवुड से लेकर तमाम फिल्म इंडस्ट्री में बजते हैं, लेकिन भोजपुरी विशेष रूप से बदनाम है।
ऐसे में जब गोपाल मंडल स्टेज से द्विअर्थी और अश्लीलता की सीमा को पार करते हुए पूरी नग्नता पर उतर कर जोगीरा गाया है, तो क्या बिहार पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। विपक्ष से लेकर सोशल मीडिया तक पर बिहार से लेकर पूरे देश के लोग इस तरह के सवाल उठा रहे हैं। क्योंकि, चलती ट्रेन में चड्ढी गंजी पहनकर गाली-गलौज करने पर भी उनके खिलाफ FIR हुई, लेकिन आगे क्या हुआ किसी को पता नहींं।
सोशल मीडिया पर कुछ राष्ट्रवादी एवं दक्षिणपंथी समूह के लोग सवाल ये भी उठा रहे हैं कि होली से दो दिन पहले बिहार पुलिस द्विअर्थी एवं अश्लीलता के नाम पर डीजे एवं वाहनों में भोजपुरी गीतों को क्यों रोक रही है? अगर सरकार/पुलिस को अश्लीलता के खिलाफ कार्रवाई करनी ही थी तो होली से बहुत पहले या होली के कुछ दिन बाद भी ये निर्देश दिए जा सकते थे।
सोशल मीडिया के लोगों का कहना है कि दरअसल होली में डीजे पर गाने को रोकने के लिए बिहार पुलिस इस तरह का आदेश जारी की है, जो कि जदयू की मुस्लिम राजनीति से मेल खाती है। कुछ लोगों का यह भी सवाल है कि होली के दौरान बजने वाले गानों को द्विअर्थी कैसे निर्धारित किया जाएगा? उसके लिए बिहार पुलिस क्या मानदंड अपनाएगी, इसको लेकर स्पष्टता नहीं है।
साफ है कि ये पुलिस कर्मी पर निर्भर करेगा कि कौन सा गाना उसे द्विअर्थी या अश्लील लगता है और कौन सही। खैर, जो भी हो अश्लीलता के खिलाफ बिहार सरकार एवं पुलिस का यह कार्य बेहद प्रशंसनीय है, लेकिन लागू करे के समय को लेकर लोगों के मन में आशंका है। वहीं, गोपाल मंडल जैसे विधायक खुले मंच से अश्लील जोगीरा गाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करके बिहार पुलिस संदेश दे सकती है कि ये आदेश आम लोगों के लागू किया गया है, ना कि किसी राजनीतिक लाभ को देखते हुए।
बिहार पुलिस को यह भी चाहिए कि गाने को बजाने वालों पर कार्रवाई करने के बजाए गानों को लिखने वाले, उसे गाने वाले और उसे रिकॉर्ड करने वाले स्टूडियो के खिलाफ कार्रवाई करे, ताकि बिहार में महिलाओं की गरिमा को सुरक्षित किया जा सके। इससे बिहार पुलिस को अपने संसाधनों का कम-से-कम उपयोग करना पड़ेगा और द्विअर्थी एवं अश्लील गानों पर आसानी से अंकुश भी लग जाएगा।

उत्तराखंड : मौलाना को नहीं कबूल UCC, क्योंकि मामू की बेटी को नहीं बना सकते बेगम: कहा- इस्लाम हमारी रगों में घुसा है, इसे हम नहीं छोड़ सकते…

                   UCC के बाद चचेरी-ममेरी बहन से निकाह नहीं हो सकता है (फोटो साभार: Grok AI)
उत्तराखंड के मौलाना समान नागरिक संहिता (UCC) कानून से नाखुश हैं। सगे रिश्तों में निकाह करने पर UCC में लगाई गई पाबंदी को लेकर मौलाना गुस्सा हैं। मौलानाओं का कहना है कि यह मुस्लिमों की हैसियत कम करने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया है कि UCC उन पर लादा जा रहा है।

पत्रकार अदिति त्यागी से बातचीत करते हुए मौलानाओं ने यह बातें कही हैं। इसका वीडियो अब वायरल है। इस वीडियो में मौलाना कहता है, “UCC लागू करने से पहले उलेमा से राय ली गई थी, अलग जगह-जगह पर मीटिंग हुई थी। हमने इन बैठक में साफ़ कर दिया था कि इस्लाम हमारी रगों में घुसा है और इसे हम नहीं छोड़ सकते।”

आगे मौलाना ने कहा, “उसमे एक कानून बनाया है कि मामू की लड़की और फूफी की लड़की से निकाह नहीं कर सकते लेकिन हमारी शरीयत में इसकी इजाजत है। किसी ने अपनी बीवी को तलाक दिया है तो उसे (महिला) 3 महीने इद्दत करनी है, इसमें यह खत्म कर दिया गया है… यह शरीयत के भीतर दखल है। हम ये नहीं बर्दाश्त कर सकते।”

मौलाना ने कहा कि अगर राय ली गई तो मानी क्यों नहीं गई। मौलाना ने दावा किया UCC कानून उन पर लादा गया है और यही करना था तो राय लिए जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। मौलाना ने दावा किया कि इस्लाम पूरा मजहब है और इसमें कोई शक नहीं बचा है।

उत्तराखंड में पास किए गए UCC कानून में शादी, तलाक और विरासत को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। इनमें विशेष तौर पर शादी को लेकर स्पष्ट नियम हैं कि किस रिश्ते में शादी हो सकती है और किसके अंतर्गत शादी मानी नहीं जाएगी।

किन रिश्तों में नहीं हो सकता निकाह

UCC के अंतर्गत किन रिश्तों में निकाह को कानूनी रूप से निषिद्ध किया गया है, इसे आप नीचे दी गई सूची से समझ सकते हैं। ये सूची बताती है कि UCC लागू होने के बाद पुरुष किन महिलाओं और महिलाएँ किन पुरुषों से विवाह नहीं कर सकेंगी।
कोई भी पुरुष इन महिलाओं से विवाह नहीं कर सकेगाकोई भी महिला इन पुरुषों से विवाह नहीं कर सकेगी
बहनभाई
भांजीभांजा
भतीजीभतीजा
मांचाचा/ताऊ
मामीससुर
चाचीसाला/साडू
चचेरी बहनसौतेला भाई
फुफेरी बहनसौतेला भाई
मौसेरी बहनमौसेरा भाई
पत्नी की बहनपत्नी का भाई
सौतेली मांसौतेला पिता
सौतेली बहनसौतेला भाई
नानीदादा
सौतेली नानीसौतेला दादा
पत्नीपतिव्रता
सौतेली पत्नीसौतेला पतिव्रता
माता की बहनपत्नी का पिता (ससुर)
माता की सौतेली बहनसौतेला ससुर
दादीनाना
सौतेली दादीसौतेला नाना
पिता की सौतेली नानीसौतेला पतिव्रता (माता का सौतेला पतिव्रता)
नाती की नानीमाता का दादा
पिता की सौतेली पत्नीमाता का सौतेला दादा
पत्नी की सौतेली बहनसौतेला बेटा
पत्नी की पत्नीपोता
बहू (विधवा)बेटा का ससुर
नातिननाती
पोतीबेटी का ससुर
पोते की सौतेली बहूपोते का ससुर
बेटे की सासबेटी का ससुर
पत्नी की विधवासास का ससुर
बेटे की विधवाबेटी का ससुर
पत्नी की विधवानाती का ससुर
नाती की विधवानाना का नाना

 इन सभी रिश्तों में किए गए विवाह को UCC के अंतर्गत वैध रिश्ते नहीं माना जाएगा। गौरतलब है कि हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत यह बंदिशें पहले से देश की बहुसंख्यक आबादी पर लागू थीं। अब यह उत्तराखंड के भीतर पूरी जनता पर और हर समुदाय पर लागू होंगी।

मैं कोई तिरंगा-विरंगा नहीं… राजदीप सरदेसाई ने इस बार किया राष्ट्रीय ध्वज का अपमान: क्या ऐसे होते हैं वरिष्ठ पत्रकार?

                               सौरभ द्विवेदी और राजदीप सरदेसाई (फोटो साभार: द लल्लनटॉप)
इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई अपने मुँह से अनाप-शनाप निकालने की वजह से अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल होते हैं। इस बार भी वह इसी कारण से गाली खा रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो में तिरंगे को लेकर अपने मन की बात रखी और वही बात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

 देख सकते हैं कि ‘द लल्लनटॉप’ के सौरभ द्विवेदी के साथ उनकी बातचीत क्रिकेट मैच देखने पर चल रही थी। इसी दौरान सौरभ बताने लगे कि वो स्टेडियम में बैठकर मैच देखने को लेकर इतने उत्साहित हैं कि उन्होंने निर्णय लिया है कि वो कलाई पर तिरंगा भी बनवाएँगे। इसके बाद उन्होंने कैमरे पर दिखाया कि वो अपने डेस्क पर भी हमेशा तिरंगा रखते हैं जिसे भारतीय सेना के बलिदानियों की विधवा (वार विडोज) द्वारा बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि ये तिरंगा उनके दोस्तों ने उन्हें दिया था इसलिए वो हमेशा मेज पर रहता है।

इसे सुन राजदीप सरदेसाई बड़ी हैरानी के साथ आँख निकालकर पूछते हैं- तो इसे आप लेकर जा रहे हो? इस पर सौरभ कहते हैं कि वो बस बात बता रहे हैं क्योंकि उन्हें याद आ गया है।तुरंत बाद राजदीप सरदेसाई कहना शुरू करते हैं, “मैं कोई तिरंगा-विरंगा नहीं रखता। तिरंगा मेरे दिल में है।”

सौरभ उनकी बात सुन नाराज होते हैं और उन्हें उनकी इस भाषा के लिए टोंकते हैं। वह समझाते हैं, :आप हमेशा कहते हो कि हिंदी आपकी पहली भाषा नहीं और उसके बाद आप ऐसी बात कहते हो। तिरंगा-विरंगा मत कहो।”

इस पर राजदीप बात को संभालते हुए कहते हैं, “मैं तिरंगे को अपने दिल में रखता हूँ और मैं इंडिया की शर्ट पहनूँगा लेकिन तिरंगा हाथ पर नहीं बनवाऊँगा।” इस पर सौरभ चुटकी लेते हुए कहते हैं- “अब आपकी ये सब करने की उम्र भी नहीं है।”

राजदीप सरदेसाई की यही क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग इसे देखने के बाद राजदीप पर भड़क रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिसके मन में तिरंगे के प्रति सम्मान नहीं होता वही इस तरह की बातें करता है।

कुछ यूजर्स इसे सीधे तौर पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बता रहे हैं। राजदीप के बड़बोलेपन पर कार्रवाई करने की बातें हो रही हैं।

सवाल खड़ा किया जा रहा है कि जो व्यक्ति खुद को वरिष्ठ पत्रकार कहता है उसे ये भी नहीं पता क्या कि वो शब्द कैसे इस्तेमाल कर रहा है।

किसी का राजदीप सरदेसाई की वीडियो देख कहना है कि ये लोग कॉन्ग्रेसी पत्रकार हैं भारत का अपमान तो करेंगे ही।

उत्तर प्रदेश : नौकरानी रीना अपने पेशाब से गूथती थी आटा; पूरे परिवार का लीवर खराब; वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक रियल एस्टेट कारोबारी के घर में काम करने वाली एक नौकरानी खाने में पेशाब मिलाती थी। उसने कई बार पेशाब मिलाकर आटा गूंथा और पूरे परिवार को खिलाया। परिवार के चुपके से कैमरा मिलाने पर इस करतूत का खुलासा हुआ।

यह नौकरानी गाजियाबाद के क्रासिंग रिपब्लिक इलाके में एक घर में काम करती थी। परिवार ने बार-बार चोरी और बीमरी होने पर चुपके से वीडियो बनाया जिससे यह वारदात खुली। आरोपित नौकरानी का नाम रीना है, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से पूछताछ में रीना ने बताया है कि वह परिवार पर गुस्सा रहती थी इसलिए वह खाने में पेशाब मिलाने लगी। उसने ऐसा कई मौकों पर किया है। वह आठ साल से कारोबारी के घर में काम कर रही थी। अब उसे गिरफ्तार कर लिया है।

झारखंड : राजधानी राँची में बकरीद पर खुलेआम गोवंश को काटा, देख रहीं थी औरतें-बच्चे: Video वायरल, अमानुल्लाह और हकीम खान फरार

गौहत्या का वायरल वीडियो (चित्र साभार: Yourbabulal/X)
झारखंड की राजधानी राँची में बकरीद पर एक गोवंश की कुर्बानी के लिए हत्या कर दी गई। गोवंश को सार्वजनिक स्थान पर काटा गया, इसका एक वीडियो भी वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच चालू कर दी है और दो लोगों की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, राँची शहर के रमजान कॉलोनी थाना क्षेत्र में सोमवार (17 जून, 2024) को यह घटना हुई। यहाँ कुछ लोगों ने एक गोवंश की खुले मैदान में हत्या कर दी। यह हत्या बकरीद में क़ुरबानी के लिए की गई। पास में मौजूद एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया।

यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक जानवर को जमीन पर डालते दिखते हैं। आसपास में भी कई लोग खड़े हैं जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी हैं। वीडियो में कुछ लोग टोपी लगाए हुए भी दिखते हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद राँची में इस पर बवाल हो गया और कार्रवाई की माँग की गई। गोवंश काटने के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और इसे काटने वाले दो लोगों की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस इन दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

राँची शहर के डिप्टी एसपी केवी रमन ने इस मामले में ऑपइंडिया को बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची थी। यहाँ से उसे मांस बरामद हुआ है जिसे जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। उन्होंने बताया है कि प्रारम्भिक जाँच में मामला गौवंश की हत्या का बनता है।

केवी रमन ने ऑपइंडिया को बताया कि इस मामले में गौवंश की हत्या में शामिल मोहम्मद अमानुल्लाह और हकीम खान की पहचान कर ली गई है। यह दोनों राँची के रहने वाले हैं। यह घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे। इनकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जाँच हो रही है, यदि किसी और का नाम आता है तो उसे भी जोड़ा जाएगा। गौरलतब है कि झारखंड में 2005 से ही गौवध निषेध क़ानून लागू है। इसके अंतर्गत गौवंश की हत्या गैर जमानती अपराध है और इसके लिए 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

इस मामले को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो-कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा है। बाबूलाल मरांडी ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पाकुड़ के बाद आज राजधानी रांची के बीचोबीच स्थित पीस रोड वाले इलाके में खुलेआम गौहत्या कर दी गई। झामुमो-कॉन्ग्रेस द्वारा किया जा रहा मुस्लिम तुष्टिकरण बेहद खतरनाक संकेत है। घुसपैठियों को राजनीतिक प्रश्रय देकर बंगाल जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश हो रही है।”

पाकुड़ में भी गौवंश काटने का आरोप

इससे पहले बकरीद के ही पाकुड़ के गोपीनाथपुर थाना क्षेत्र में गौवंश काटने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था। ग्रामीणों के इस क़ुरबानी का विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया गया था। उनके घरों पर पत्थरबाजी और बम चलाए गए थे। कई लोगों को मारा पीटा भी गया था।

हैदराबाद : ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ ‘काटते रहो’: असदुद्दीन ओवैसी का वीडियो वायरल; दलित हिन्दुओं आंखे खोलो, और ओवैसी से पूछो : "क्या हिन्दू दलित बीफ खाता है?"

'रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद' कहकर वोट माँगते दिखे ओवैसी (फोटो साभार : X_SVishnuReddy)
हैदराबाद वाकई hot Lok Sabha सीट बन गयी है। तेलंगाना में हैदराबाद लोक सभा सीट का परिणाम चाहे कुछ भी हो, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता के प्रचार और ओवैसी पर नितरोज हमलों से अपना दिमागी संतुलन खोते जा रहे हैं। अगर ओवैसी जीत भी जाता है, तो इसने अपनी जीत का आधार भी बौखलाहट में बता दिया है, और इस गंभीर बात पर केंद्र में मोदी सरकार द्वारा वापस आने पर हैदराबाद में रह रहे रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को देश से निकालना होगा। जो शायद इन दोनों भाइयों को वोट देकर इनको जितवाते हैं। लता जो लगभग 8 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही है, उनको भी और अधिक सक्रिय होकर उन अधिकारियों और नेताओं पर कार्यवाही करवाने के लिए संघर्ष करने होगा, जिन्होंने रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को सरकारी सुविधाएं दिलवाने में मदद की। 
ये दोनों ओवैसी भाई मुस्लिम क्षेत्रों में मुसलमानों को भड़काने और हिन्दू क्षेत्रों में दलित कार्ड खेल हिन्दुओं को विभाजित करने की गन्दी सियासत करते हैं। उम्मीदवार लता, गोशामहल से विधायक टी राजा सिंह और केंद्रीय गृह मंत्रालय को ओवैसी द्वारा बौखलाहट में दिए जा बयानों का संज्ञान लेना होगा। यदि हैदराबाद ही नहीं तेलंगाना राज्य से रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को खदेड़ने में राज्य और केंद्र सरकारें सफल होती है, तुष्टिकरण पर जबरदस्त प्रहार होगा।   
दूसरे, जब छद्दम सेक्युलरिस्ट्स हिन्दुओं को विभाजित कर रहे हैं, फिर सेक्युलरिस्ट्स ईसाई और मुस्लिम समाज में जाति भेदभाव को क्यों नहीं उछालते? क्यों एक जाति का ईसाई दूसरी जाति के चर्च और कब्रिस्तान में क्यों नहीं जा सकता? ठीक यही स्थिति मुस्लिम समाज में। हिन्दुओं जागो और इन तुष्टिकरण करने वालों को इन्हीं की भाषा में जवाब दो। सनातन को अपमानित करने और 'सर तन से जुदा' के लिए उकसाने वालों के विरुद्ध भी सड़क पर आना होगा।

 

 

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक मीट शॉप पर पहुँचते हैं और ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ कहते हैं। इस वीडियो में वो माँस काटने वाले लोगों के साथ हाथ मिलाते हैं और फिर कहते हैं ‘काट ते रहो।’ ये वीडियो असदुद्दीन ओवैसी के चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब वो हैदराबाद के अंदरुनी इलाकों में पैदल ही चुनाव प्रचार कर रहे थे और लोगों से मिल रहे थे। उनका ये वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति का यही स्टाइल है। 

ओवैसी का ‘काट ते रहो’ वीडियो वायरल

असदुद्दीन ओवैसी वायरल हो रहे वीडियो में कहते दिख रहे हैं, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद, खैरियत है भाई? सलाम अलैकुम। काटते रहो।”
इस वीडियो को शेयर करते हुए विष्णु वर्धन रेड्डी नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विभाजनकारी बयानबाजी का एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है। वो बेशर्मी से हिंदू भावनाओं को भड़काने और अपमानित करने वाले शब्दों और भाषा का इस्तेमाल करता है। इस वीडियों में वो ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ बोल कर बीफ का समर्थन कर रहा है और हिंसा की वकालत कर रहा है। इस तरह की जानबूझकर की गई हरकतें केवल नफरत को बढ़ावा देती हैं और हमारे समाज में खाईं को बढ़ाती हैं।”
इस वीडियो को शेयर करते हुए शीतल कुमार नेहरा ने लिखा, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद. देखें-कैसे ओवैसी जानबूझकर हिंदुओं का मजाक उड़ा रहा है।”
इस घटना को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओवैसी पर तंज कसा है। निर्मला सीतारमण ने अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “असदुद्दीन ओवैसी अभद्र राजनीतिक बयान देते हैं। उनके ऐसे बयानों से मुझे आश्चर्य नहीं होता। सांसद असदुद्दीन ओवैसी और विधायक व उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ऐसे ही एक्सट्रीम बयान देने में माहिर हैं। इसलिए मुझे ऐसे बयान पर आश्चर्य नहीं होता।”

बीफ के नाम पर पहले भी वोट माँग चुके हैं ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी पहले भी बीफ के नाम पर वोट माँग चुके हैं। साल 2016 में उन्होंने कहा था, “अगर ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसपल कॉरपोरेशन के आगामी चुनावों में एमआइएम हारी तो इस शहर में बीफ खाने और उसकी बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी।”
तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से 4 बार के सांसद असदुद्दीन ओवैसी चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने बीजेपी ने सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू शेरनी के तौर पर पहचान रखने वालीं माधवी लता को टिकट दिया है। इन दोनों नेताओं के बीच लगातार जुबानी जंग छिड़ी हुई है। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों पर 13 मई को चौथे चरण में वोटिंग होनी है।