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एशिया के सबसे बड़े एयर शो में लड़ाकू विमानों पर बजरंग बली

कर्नाटक की राजधानी में आज सोमवार (13 फरवरी, 2023) से एशिया का सबसे बड़ा एयर शो शुरू हुआ है। Aero India (एयरो इंडिया) 2023 नाम के इस शो का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। भारत की बढ़ रही आत्मनिर्भरता और स्वदेशी ताकत को दिखाने वाले इस शो में 29 देशों के वायुसेना अध्यक्ष सहित दुनिया भर के लगभग 5 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसका समापन इसी माह 17 फरवरी को होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 5 दिनों तक चलने वाले इस शो में शुरुआत के 3 दिन बिजनेस डील और अंतिम 2 दिन जनता दर्शन के लिए रखे गए हैं। शो में 29 देशों के वायुसेना अध्यक्षो के साथ 73 बड़ी कंपनियों के CEO भी शामिल हो रहे हैं। डेमो के तौर पर विमानों का फ्लाई पास्ट भी करवाया जाएगा। इसमें जहाजों को उड़ा कर दिखाया जाता है। इस एयरो इंडिया के 14 वें भाग में भारत स्वदेशी लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हथियारों का प्रदर्शन करेगा। यह शो हर 2 साल में एक बार आयोजित होता है।

लड़ाकू विमान पर बजरंग बली

स्वदेशी संस्थान HAL का नया फाइटर प्लेन HLFT-42 इस शो का मुख्य आकर्षण है। इसे 5वीं पीढ़ी का एडवांस युद्धक विमान माना जाता है। इसकी टेल (पूँछ) पर हवा में उड़ते बजरंग बली का चित्र छपा हुआ है। जिस स्थान पर इस विमान को खड़ा किया गया है वहाँ संदेश के तौर पर लिखा है, “तूफ़ान आ रहा है।” यह विमान लड़ाकू पायलटों को ट्रेनिंग देने के काम आएगा।

उड़ने वाली टैक्सी भी

IIT मद्रास द्वारा साल 2017 में बनी उड़ने वाली टैक्सी भी इस शो में रखी गई है। 2 सीटों वाली इस टैक्सी का वजह 2 क्विंटल है, जो एक बार फुल चार्जिंग के बाद 200 किलोमीटर उड़ सकती है। 2 सीटों वाली इस टैक्सी को उड़ाने में बहुत जगह की भी जरूरत नहीं। इन सभी के अलावा LCA मार्क 2 और नेवल ट्विन इंजन डेस्क बेस लड़ाकू विमान भी इस शो में प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

मोदी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शो का उद्घाटन सुबह लगभग 10:30 पर इस शो का उद्घाटन किया। इस अवर पर उन्होंने इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि कभी भारत में या तो सिर्फ शो होते थे या इसे सिर्फ सेल टू इंडिया की विंडो माना जाता था।
मोदी ने कहा कि अपनी रक्षा के लिए सामान बनाने की सोच रखने वाले देश अब भारत को एक मजबूत साझीदार के दौर पर देख भी रखे हैं। भारत के स्वदेशी सामानों को मोदी ने कम खर्चीला होने के साथ टिकाऊ और भरोसेमंद भी बताया। अपने सम्बोधन में मोदी ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण के उदाहरण में तेजस और नौसेना के युद्धपोत INS विक्रांत का नाम लिया। आँकड़ों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा सामानों का खरीदार भारत अब 75 देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है।