Showing posts with label Bengaluru. Show all posts
Showing posts with label Bengaluru. Show all posts

विपक्ष की बारात से ‘फूफा’ बन निकले नीतीश कुमार

नीतीश कुमार को लगता है कि कांग्रेस उनका सारा क्रेडिट खा गई, (फोटो: बैठक में सोनिया गाँधी से मिलते नीतीश)
विपक्षी नेताओं ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार (18 जुलाई, 2023) को बैठक कर अपने नए गठबंधन का नाम ‘INDIA’ रखा। विपक्षी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ी-बड़ी बातें की और ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाते हुए अगली विपक्षी बैठक मुंबई में होने की बात कही। इसी बीच खबर आई कि नीतीश कुमार नाराज़ हो गए हैं। इन अटकलों को हवा तब मिली जब नीतीश कुमार बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस अटेंड किए ही पटना के लिए निकल गए।

ज्ञात हो, जब देश में आपातकाल के बाद 1977 में चुनाव होने थे, तब संघ प्रचारक नानाजी देशमुख ने समस्त विपक्ष को एकजुट करने में जो परिश्रम किया था, उसे नकारा नहीं जा सकता। वामपंथियों को छोड़, समस्त पार्टियां अपने भेदभाव भूल और पार्टी की साख को ताक पर रख एकजुट हुए थे, तब नानाजी ने किसी पद की लालसा नहीं थी और न ही चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। परन्तु ये जितने भी भाजपा विरोधी एकजुट हुए हैं किसी ने अपना नाम नहीं छोड़ा, पद के अभिलाषी सभी हैं, जिसे देख यह सम्भावना व्यक्त की जा रही कि चुनाव आते-आते गठबंधन धराशायी हो सकता है। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालू यादव और तेजस्वी यादव भी नहीं दिखाई दिए। राजद ने ‘INDIA’ को लेकर जो ट्वीट किया था, उसे भी डिलीट कर लिया। इसके बाद चर्चा चलने लगी कि आखिर नीतीश कुमार और लालू यादव किस बात से नाराज हैं? सबसे पहली बात तो ये छन कर सामने आई कि गठबंधन का नया नाम रखने को लेकर नीतीश कुमार की सलाह को दरकिनार कर दिया गया। वो नहीं चाहते थे कि ‘INDIA’ इस गठबंधन का नाम हो, वो हिंदी में कुछ नाम रखना चाहते थे।

ANI ने भी अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि नीतीश कुमार ने अंत में जब अन्य नेताओं को उनकी सलाह को दरकिनार करते हुए देखा तो कह दिया कि ठीक है, अगर आप लोगों की यही इच्छा है तो कोई दिक्कत नहीं। लेकिन, सबको पता है कि नीतीश कुमार जैसे नेता के लिए ये एक ‘अपमानजनक’ बात हो गई। नीतीश कुमार 2005 से ही बिहार की सत्ता पर काबिज हैं और 2025 के विधानसभा चुनाव तक सत्ता में उनके 2 दशक हो जाएँगे। उससे पहले वो केंद्र सरकार में मंत्री थे।

आपको ये तो याद ही होगा कि नीतीश कुमार पिछले 11 महीनों से विपक्षी गठबंधन बनाने के लिए पहल कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने दिल्ली से लेकर लखनऊ, भुवनेश्वर और चेन्नई तक का दौरा किया था। उन्होंने 11 महीने तक दौरा कर-कर के माहौल बनाया, लेकिन अंत में उन्हें ही किनारे कर दिया गया। पटना में विपक्ष की जो पहली बैठक हुई थी, उसकी मेजबानी भी नीतीश कुमार ने ही की थी। साथ ही उसमें विपक्षी नेता काफी हँसी-ख़ुशी वाले माहौल में मिलते हुए दिखे थे।

लेकिन, बेंगलुरु में हुई दूसरी बैठक में ये नजारा नहीं दिखा। यहाँ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी अधिकतर नेता मुँह बनाए हुए दिखे। ऊपर से नीतीश कुमार की गैर-मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा। गठबंधन के नाम में सहमति न होने वाली तो एक बात है, दूसरी और सबसे बड़ी बात ये है कि विपक्षी गठबंधन का संयोजक कौन होगा, इस पर कोई एकमत नहीं बन पाया। नीतीश कुमार की इच्छा थी कि वो संयोजक बनाए जाएँ, लेकिन इसके लिए सभी दल राजी नहीं हुए।

बताया जाता है कि अंत में भारत के 4 अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हुए 4 संयोजक बनाए जाने की चर्चा चली, लेकिन छोटे विपक्षी दलों ने इस पर भी ऐतराज जताया। अंत में घोषणा कर दी गई कि 11 सदस्यों की एक समिति बनेगी जो ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ का ड्राफ्ट तैयार करेगी और साथ ही संयोजक के नाम का ऐलान भी मुंबई की बैठक में किया जाएगा। साफ़ है, ‘संयोजक’ बनने के लिए ही नीतीश कुमार ‘नाराज फूफा’ बन कर मुँह फुलाए हुए हैं।

भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर का इस संबंध में बयान देखिए। उनका कहना है कि कांग्रेस  की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने नीतीश कुमार की सारी मेहनत को कांग्रेस पार्टी के खाते में डाल दिया। जिस तरह से बेंगलुरु में KC वेणुगोपाल सक्रिय दिखे और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी बड़े पैमाने पर रही, उससे साफ़ है कि नीतीश कुमार को ऐसा लग रहा है कि उनके हिस्से का एटेंशन किसी को मिल रहा है। नीतीश कुमार की बेचैनी के और भी कारण हैं।

उन्हें पता है कि वो मुख्यमंत्री हैं और पुराने नेता हैं, लेकिन ये सच्चाई भी उन्हें मन ही मन पता ही है कि बिहार में उनकी पार्टी तीसरे नंबर की है और सांसदों या विधायकों की संख्या गिनी जाए तो उनका कोई खास महत्व नहीं बनता। हालाँकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश पूरी की। गठबंधन तोड़ कर फिर से राजद के साथ जा मिलने के बाद से ही वो लगातार उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ मिल कर राज्य-राज्य घूमते रहे।

कुछ नेताओं ने कहा है कि नीतीश कुमार की फ्लाइट का समय हो गया था, इसीलिए वो चले गए थे। इस पर भी सवाल उठ सकते हैं कि ये नेता तो चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु गए थे, फिर कैसा शेड्यूल? चार्टर्ड प्लेन का शेड्यूल तो फिर से तय किया जा सकता है। क्या ऐसे नेताओं के लिए पैसा कोई समस्या है? बिलकुल नहीं। चार्टर्ड प्लेन भी हो तो ये दिन भर में 20 बार टिकट बुक कर सकते हैं। इसीलिए, कांग्रेस पार्टी का ये बयान बिलकुल ही बचकाना लगता है कि नीतीश कुमार की फ्लाइट का समय हो गया था।

नीतीश कुमार की नाराजगी का तीसरा कारण – बेंगलुरु में ‘The Unstable Prime Ministerial Candidate’ बताते हुए उनके नामों के साथ पोस्टर लगाए गए। साथ ही इन पोस्टरों में बिहार में ध्वस्त हुए पुलों के बारे में भी बताया गया। बता दें कि बिहार में हाल ही में सुल्तानगंज और सहरसा समेत कई इलाकों में पुल ध्वस्त हुए हैं। कांग्रेस की सरकार के रहते इस तरह के पोस्टर्स का लग्न नीतीश कुमार को रास नहीं आया।

अब राजद और जदयू के नेता डैमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने नीतीश कुमार को विपक्षी एकता का सूत्रधार बताते हुए कह दिया कि जिस व्यक्ति ने सबको साथ लाया हो वो नाराज़ नहीं हो सकता। उन्होंने ‘INDIA’ नाम के पीछे भी सबकी सहमति होने की बात कही। इसी तरह राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने विपक्षी बैठक की सफलता की बात करते हुए कहा कि भाजपा 2024 में साफ़ हो जाएगी। इन पार्टियों के नेता लगातार साबित करने में लगे हुए हैं कि कोई मनमुटाव नहीं है।

यहाँ सवाल ये भी उठता है कि नीतीश कुमार के साथ-साथ लालू यादव और तेजस्वी यादव भी बैठक से क्यों चले गए? असल में लालू यादव की भी यही इच्छा है कि विपक्षी एकता गठबंधन का संयोजक नीतीश कुमार को बनाया जाए। वो चाहते हैं कि इसके बाद नीतीश कुमार CM की कुर्सी तेजस्वी यादव को दे दें। अपने बेटे के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी सुनिश्चित करने में ही लालू का सारा ध्यान है। खुद नीतीश कुमार भी तेजस्वी को भविष्य बता चुके हैं।

अंत में सवाल ये भी उठ सकता है कि क्या नीतीश कुमार ‘संयोजक’ का पद पाने और विपक्षी बैठकों में अटेंशन के लिए इस तरह की पैंतरेबाजी कर रहे हैं? ऐसे नेताओं द्वारा इस तरह के तिकड़म आजमाए जाते हैं, ताकि उनकी महत्ता बनी रहे। इससे मीडिया में चर्चा मिलती है और मनाने की कोशिशें की जाती हैं बाकियों द्वारा। अब नीतीश कुमार को भी मनाने की कोशिश की जाएगी। हो सकता है वो गठबंधन के पक्ष में कोई बयान भी दे दें, लेकिन देखना ये है कि उनकी नाराजगी रहती है या वो संयोजक बनाए जाते हैं।

‘मुझे बोला पोटैशियम ऑक्साइड… रमजान में घर पर पोर्क भेजा’ : AltNews वाले मोहम्मद जुबैर ने 16 ट्विटर यूजर्स पर कराई FIR, शिकायत में अजीत भारती का भी नाम

                                           मोहम्मद जुबैर ने 16 ट्विटर अकॉउंट के खिलाफ की शिकायत
ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बेंगलुरु में 16 ट्विटर अकॉउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जुबैर का कहना है कि इन ट्विटर अकॉउंट्स के कारण उसे हत्या की धमकियाँ आ रही हैं। इन 16 यूजर्स में से एक अजीत भारती का अकॉउंट भी है।

जुबैर की शिकायत है कि अजीत भारती ने उसे पोटैशियम ऑक्साइड कहा जिसका फॉर्मूला (K2O) होता है। जुबैर के अनुसार ऐसा कहकर उसे मजहब के आधार पर गाली दी गई है। इसका संबंध खतने होता है।

अजीत भारती के अलावा उसने @Cyber_Huntss नाम के ट्विटर यूजर के विरुद्ध शिकायत दी। जुबैर ने कहा कि @Cyber_Huntss ने उसे पेट फूड वेबसाइट (Pet Food Website) के जरिए रमजान के वक्त पोर्क भेजा और उसकी लोकेशन डिस्कलोज की।

दरअसल, 9 अप्रैल को @Cyber_Huntss ने एक ट्वीट किया था जिसमें बताया गया था कि जुबैर के घर पोर्क जाने के लिए डिस्पैच हो गया है। इस ट्वीट से कथिततौर पर जुबैर का अड्रेस रिवील हो रहा था। इसीलिए उस ट्वीट को प्लेटफॉर्ट से बाद में हटा दिया गया। अब जुबैर ट्विटर यूजर पर कार्रवाई चाहता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर ने शिकायत कहा, “पोर्क भेजने की हरकत से मेरी पहचान को निशाना बनाना साफ है, ये मुसलमानों के लिए स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से रमजान के दौरान प्रतिबंधित मीट भेजना मेरी मजहबी पहचान पर हमला और मेरी गरिमा का अपमान है।”

उसने शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया पर उसके बारे में झूठ और फर्जी बातें फैलाकर, उसकी मुस्लिम पहचान पर हमला करके, लोकेशन की जानकारी देकर… केवल भीड़ को उसके खिलाफ उकसाया गया है। उसकी एफआईआर में अजीत भारती समेत कई लोगों के नाम है।

जुबैर ने कहा है कि इन ट्विटर यूजर्स की हरकतें सिर्फ उसका नुकसान नहीं कराएँगी बल्कि दो समुदायों में नफरत भी बढ़ाएँगी। इस केस को डीजे हल्ली पुलिस थाने में 17 अप्रैल को दर्ज कराया गया था। हालाँकि ये मामला प्रकाश में 4 मई को आया है। केस को आईपीसी की धारा 505, 153ए, 506, 504 के तहत दर्ज किया गया है।

जुबैर ने शिकायत में अजीत भारती के 6 मार्च 2023 के एक पोस्ट का उल्लेख किया है। उसने कहा है कि इसमें उसकी मजहबी पहचान को निशाना बनाकर, ‘जिसका कटा हुआ है’ कहा गया। जुबैर के अनुसार वो एक मुस्लिम है और ऐसा कहने से उसकी मजहबी पहचान को ठेस पहुँची है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसे जो पोटैशियम ऑक्साइड कहा गया वो भी उसके लिए अपमानजनक है क्योंकि इसका फॉर्मूला K2O होता है जिसका प्रयोग मुस्लिम पुरुषों को गाली देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

16 ट्विटर यूजर्स के विरुद्ध शिकायत देने वाला मोहम्मद जुबैर अकसर अपने अकॉउंट पर झूठ बताते और नफरत फैलाते पकड़ा जा चुका है। उसी ने नुपूर शर्मा केस में एक टीवी डिबेट से एक छोटी क्लिप लेकर अपने ट्विटर पर शेयर किया था और उसके बाद देश में कितना बवाल हुआ ये किसी से छिपा नहीं है। कन्हैयालाल से लेकर उमेश कोल्हे को शर्मा का समर्थन करने पर मारा गया। जुबैर एक लोनी के एक मामले पर ट्विटर पर झूठ फैला चुका है।(साभार)

एशिया के सबसे बड़े एयर शो में लड़ाकू विमानों पर बजरंग बली

कर्नाटक की राजधानी में आज सोमवार (13 फरवरी, 2023) से एशिया का सबसे बड़ा एयर शो शुरू हुआ है। Aero India (एयरो इंडिया) 2023 नाम के इस शो का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। भारत की बढ़ रही आत्मनिर्भरता और स्वदेशी ताकत को दिखाने वाले इस शो में 29 देशों के वायुसेना अध्यक्ष सहित दुनिया भर के लगभग 5 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसका समापन इसी माह 17 फरवरी को होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 5 दिनों तक चलने वाले इस शो में शुरुआत के 3 दिन बिजनेस डील और अंतिम 2 दिन जनता दर्शन के लिए रखे गए हैं। शो में 29 देशों के वायुसेना अध्यक्षो के साथ 73 बड़ी कंपनियों के CEO भी शामिल हो रहे हैं। डेमो के तौर पर विमानों का फ्लाई पास्ट भी करवाया जाएगा। इसमें जहाजों को उड़ा कर दिखाया जाता है। इस एयरो इंडिया के 14 वें भाग में भारत स्वदेशी लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हथियारों का प्रदर्शन करेगा। यह शो हर 2 साल में एक बार आयोजित होता है।

लड़ाकू विमान पर बजरंग बली

स्वदेशी संस्थान HAL का नया फाइटर प्लेन HLFT-42 इस शो का मुख्य आकर्षण है। इसे 5वीं पीढ़ी का एडवांस युद्धक विमान माना जाता है। इसकी टेल (पूँछ) पर हवा में उड़ते बजरंग बली का चित्र छपा हुआ है। जिस स्थान पर इस विमान को खड़ा किया गया है वहाँ संदेश के तौर पर लिखा है, “तूफ़ान आ रहा है।” यह विमान लड़ाकू पायलटों को ट्रेनिंग देने के काम आएगा।

उड़ने वाली टैक्सी भी

IIT मद्रास द्वारा साल 2017 में बनी उड़ने वाली टैक्सी भी इस शो में रखी गई है। 2 सीटों वाली इस टैक्सी का वजह 2 क्विंटल है, जो एक बार फुल चार्जिंग के बाद 200 किलोमीटर उड़ सकती है। 2 सीटों वाली इस टैक्सी को उड़ाने में बहुत जगह की भी जरूरत नहीं। इन सभी के अलावा LCA मार्क 2 और नेवल ट्विन इंजन डेस्क बेस लड़ाकू विमान भी इस शो में प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

मोदी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शो का उद्घाटन सुबह लगभग 10:30 पर इस शो का उद्घाटन किया। इस अवर पर उन्होंने इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि कभी भारत में या तो सिर्फ शो होते थे या इसे सिर्फ सेल टू इंडिया की विंडो माना जाता था।
मोदी ने कहा कि अपनी रक्षा के लिए सामान बनाने की सोच रखने वाले देश अब भारत को एक मजबूत साझीदार के दौर पर देख भी रखे हैं। भारत के स्वदेशी सामानों को मोदी ने कम खर्चीला होने के साथ टिकाऊ और भरोसेमंद भी बताया। अपने सम्बोधन में मोदी ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण के उदाहरण में तेजस और नौसेना के युद्धपोत INS विक्रांत का नाम लिया। आँकड़ों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा सामानों का खरीदार भारत अब 75 देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है।

हिंदू के साथ बाइक पर जा रही मुस्लिम महिला के साथ बदसलूकी, बाइक वाले पर भी हमला!

तेलंगाना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेंगलुरू का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम भीड़ ने बाइक पर सवार एक हिंदू युवक को रोका और धमकाया क्योंकि वो एक मुस्लिम महिला के साथ घूम रहा था।

हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है, क्योंकि इसमें तारीख नहीं है, लेकिन हेट पैट्रोल स्क्वॉड (Hate Patrol Squad) नाम के अकाउंट से ट्विटर पर शेयर किए गए वीडियो में भीड़ में शामिल लोग हिंदू पुरुष को धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं और मुस्लिम महिला के साथ फिर से सवारी नहीं करने के लिए कहा। इसके साथ ही मुस्लिम महिला को अपने परिवार का फोन नंबर देने के लिए मजबूर किया गया।

जब हिंदू व्यक्ति ने अपनी पहचान बताई, तो मुस्लिम व्यक्ति ने उसे बार-बार थप्पड़ मारा फिर उसने उस महिला का नाम पूछा, और जब उसने अपना नाम बताया, तो उस आदमी ने कहा, “क्या तुम्हें हिंदू पुरुष के साथ सवारी करने में शर्म नहीं आती है? क्या तुम नहीं जानते कि इन दिनों कैसी स्थिति है? मैं आप सभी से निवेदन करता हूँ कि आप इन motherf**ers के साथ बाहर न जाएँ, लेकिन तुम अभी भी उसके साथ ऐसे ही बाइक पर बैठ कर घूम रही हो। हमें तुम्हारी चिंता नहीं है। मैं बुर्के को लेकर चिंतित हूँ। बुर्के में एक महिला को इस तरह से सवार देखकर लोग क्या कहेंगे?”

अब #intolerance और #mob lynching गैंग क्यों खामोश है? कोई छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और पार्टी भी नहीं बोल रहा, क्यों? क्योकि हिन्दू को प्रताड़ित करने वाला कोई और नहीं बल्कि इनका मुस्लिम वोट बैंक हैं।  

महिला ने अपना बचाव करने की कोशिश की, लेकिन पुरुष ने फिर कहा, “इतना क्या जरूरी था कि तुम्हें इसके साथ सवारी करनी पड़ी? मुझे अपने परिवार का नंबर दो।” महिला ने फोन किया और अपने घर पर किसी को बताया कि उसे एक हिंदू पुरुष के साथ सवारी करने के लिए रोका गया है। पता चला कि महिला शादीशुदा है और फिर लोगों ने उसके शौहर का नंबर माँगा। मुस्लिम युवकों ने बाइक सवार हिंदू युवक को फिर से मारा और महिला को बाइक से उतरने को कहा।

महिला ने उससे पूछा कि उसे क्या समस्या है, लेकिन वह उसके शौहर का नंबर माँगता रहा। इसके बाद महिला ने उस चिल्लाने वाले व्यक्ति को फोन करने के लिए एक नंबर दिया। उस व्यक्ति ने नंबर पर कॉल किया और अपनी बीवी को किसी अन्य पुरुष के साथ सवारी करने देने के लिए उसके शौहर को जलील करना शुरू कर दिया। 

उसने कहा, “आप जैसी नपुंसक लोगों के कारण पूरे कौम का मजाक बन रहा है। क्या आपको अपने किए कर्मों पर शर्म नहीं आती?” उस व्यक्ति ने उसके शौहर से पता पूछा, लेकिन ऐसा लगता है कि उसने पता बताने से इनकार कर दिया। फिर उसने उसकी बीवी को एक हिंदू के साथ सवारी करने देने के लिए उस पर फिर से चिल्लाया और कहा, “क्या आप उनके इरादे नहीं जानते? मेरे साथ बहस मत करो।” फिर उसने महिला को ऑटो में यात्रा करने के लिए मजबूर किया और कहा, “कोई भी तुम्हारे बारे में बात नहीं कर रहा है। हम बुर्के को लेकर चिंतित हैं।

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बताया कि मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म की महिला के साथ यात्रा कर रहे बाइक सवार पर मारपीट के मामले में बेंगलुरु सिटी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने ट्वीट किया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निपटती है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने यह भी बताया कि महिला और व्यक्ति दोनों एक बैंक में साथ काम करते है। 17 सितंबर की शाम को देर हो जाने की वजह से व्यक्ति महिला को उसके घर छोड़ने जा रहा था। यह काम वो कोई पहली बार नहीं कर रहा था. लेकिन उसके ऊपर अचानक से हमला हुआ। 

तेलंगाना भी घटित हुई थी ऐसी ही घटना 

तेलंगाना के निजामाबाद जिले में मुस्लिम भीड़ ने सिर्फ इसीलिए एक हिंदू युवक की पिटाई कर दी, क्योंकि वो एक मुस्लिम महिला के साथ घूम रहा था। वो जोर-जबरदस्ती से ऐसा नहीं कर रहा था बल्कि हिंदू युवक व मुस्लिम महिला स्वेच्छा से एक-दूसरे के साथ घूम रहे थे। युवक बाइक चला रहा था और महिला उसके पीछे बैठी थी। उक्त हिंदू युवक का मुस्लिम गुंडों ने अपहरण भी कर लिया और उसकी पिटाई की।

Sun Halo के कारण बेंगलुरु में सूर्य के चारों ओर इंद्रधनुषी गोला

बेंगलुरु के लोगों ने जब सोमवार (24 मई) सुबह आसमान की ओर देखा तो वह सूरज के चारों ओर एक इंद्रधनुषी रिंग या गोला देखकर आश्चर्यचकित से रह गए। इस इंद्रधनुषी रिंग से सूरज एक अलग ही अंदाज में नजर आया।

फिर क्या था लोगों ने सूरज की मनमोहक तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

क्या है Sun Halo

इस घटना को 22-डिग्री halo के रूप में जाना जाता है क्योंकि सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर बनने वाले इस गोले की त्रिज्या लगभग 22 डिग्री होती है।

22-डिग्री halo एक प्रकाशीय घटना है जो आइस-क्रिस्टल halo के परिवार से संबंधित है। सूर्य या कभी-कभी चंद्रमा का halo (प्रभामंडल) (जिसे मून रिंग या विंटर halo भी कहा जाता है), तब बनता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें सिरस (cirrus) क्लाउड में मौजूद हेक्सागोनल (षट्कोण) आइस क्रिस्टल के माध्यम से विक्षेपित/अपवर्तित हो जाती हैं। इन बादलों में लाखों छोटे बर्फ के क्रिस्टल होते हैं, जो एक गोलाकार इंद्रधनुषी रिंग का आभास देने के लिए प्रकाश को अपवर्तित, विभाजित और यहां तक कि परावर्तित करते हैं। halo के प्रकट होने के लिए, क्रिस्टल को आपकी आंख के संबंध में चमकदार और सही अवस्था में होना चाहिए।

एक और ऐसी घटना है जिसके परिणामस्वरूप सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर एक रिंग या गोले का निर्माण होता है और कभी-कभी इसके भी 22-डिग्री helo होने का भ्रम होता है। इस घटना का नाम कोरोना है। हालाँकि 22-डिग्री helo के विपरीत, यह बर्फ के क्रिस्टल के बजाय पानी की बूंदों द्वारा निर्मित होता है और यह बहुत छोटा और अधिक रंगीन होता है।

भले ही यह एक दुर्लभ ब्रह्मांडीय घटना लगे, लेकिन Google सर्च करने से पता चलता है कि helo सामान्य घटनाएँ हैं जो दुनिया भर में नियमित रूप से नजर आती हैं। ठंडे देशों में helo का दिखना बहुत आम बात है लेकिन उष्णकटिबंधीय देश होने के कारण भारत में यह दुर्लभ और अप्रत्याशित घटना है।

गर्ल्स हॉस्टल में नहाती लड़कियों का न्यूड वीडियो बनाकर नर्स भेजती थी बॉयफ्रेंड को










                                                आरोपित नर्स का बॉयफ्रेंड (साभार: टाइम्स ऑफ इंडिया)

बेंगलुरु में अजीब प्रेम का मामला सामने आया है। खबर है कि एक 25 साल की अश्विन नाम की महिला अपने 35 साल के बॉयफ्रेंड प्रभु को इम्प्रेस करने के लिए अपनी साथियों की न्यूड वीडियो बना कर उसे भेजती थी। अपनी इस गलती के पीछे महिला का तर्क है कि वो ये सब इसलिए करती थी ताकि प्रभु उससे शादी करने के लिए मान जाए।                                 

प्राइवेट अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर काम करने वाली अश्विन और उसका बॉयफ्रेंड प्रभु अब पुलिस हिरासत में हैं। हॉस्टल के बाथरूम में एक महिला की वीडियो बनाते हुए सेक्योरिटी गार्ड ने अश्विन को पकड़ा था। इसके बाद 5 दिसंबर को उसे पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ हुई।

प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने पाया कि अश्विन सिर्फ उसी दिन व उसी महिला की वीडियो नहीं बना रही थी, बल्कि अन्य महिलाओं की वीडियो भी बनाती थी और बाद में उन्हें प्रभु के साथ साझा करती थी। उसका कहना है कि वह सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करती थी लेकिन प्रभु उन वीडियो का क्या करता था, ये उसे नहीं मालूम।

डिप्टी पुलिस कमिशनर डी देवराज का कहना है, “ये बेहद गंभीर स्थिति है। हमें जल्दी एक्शन लेना होगा और पता लगाना होगा कि वीडियोज कहीं सोशल मीडिया पर अपलोड तो नहीं हुई या फिर महिलाओं को ब्लैकमेल करने के लिए तो इसका इस्तेमाल नहीं किया गया।”

अश्विन से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रभु को तमिलनाडु से हिरासत में लिया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड जब्त किए। जाँच के बाद पुलिस ने कहा कि अभी प्रभु ने वीडियोज को कहीं सर्कुलेट नहीं किया है।

पुलिस कमिश्नर बताते हैं, “अश्विन तलाकशुदा है। वह प्रभु से शादी करना चाहती थी और इसलिए उसकी डिमांड पर साथियों की वीडियो रिकॉर्ड करके उसे इम्प्रेस करती थी।” पुलिस ने इस मामले में प्रभु पर अश्विन को वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 354 सी के तहत केस रजिस्टर किया गया है। पुलिस का मानना है कि वीडियो बेचने के लिहाज से बनवाई गई थी।

रॉंग नंबर से शुरू हुआ था अफेयर 

अश्विन और प्रभु एक दूसरे से साल 2017 में एक रॉन्ग नंबर डायल होने के कारण संपर्क में आए थे। बाद में दोनों दोस्त बने और अश्विन उससे शादी करने की इच्छा जाहिर करने लगी। शुरुआत में प्रभु भी शादी को तैयार हुआ, मगर जब उसे तलाक के बारे में पता चला तो वह पीछे हटने लगा। 

इसके बाद अश्विन ने प्रभु से कहा कि वह उसके लिए कुछ करना चाहती है, जिस पर प्रभु ने उसे वीडियो रिकॉर्ड करके उसे भेजने को कहा। समय बीतने के साथ उसकी डिमांड अधिक बढ़ गई। प्रभु ने शुरुआती बयान में कहा है कि वह सिर्फ वीडियो देख कर आनंद लेता था और बाद में उन्हें डिलीट कर देता था।

बेंगलुरु दंगे : आरोपितों की ‘बेगुनाह’ छोड़ने की माँग के लिए जज को भेजा विस्फोटक से भरा पार्सल

कर्नाटक में फिल्मी शख्सियतों से जुड़े ड्रग्स के एक मामले और बेंगलुरु दंगों की सुनवाई कर रहे एक एनडीपीएस विशेष न्यायाधीश को बेंगलुरु में सोमवार (अक्टूबर 19, 2020) को दो धमकी भरे पत्रों के साथ एक विस्फोटक सामग्री वाला पार्सल मिला। इस पार्सल के साथ आए पत्रों में सैंडलवुड ड्रग केस की आरोपित रागिनी द्विवेदी और संजना गरलानी की रिहाई की माँग की गई है। इसमें बेंगलुरु में दंगा करने वाले लोगों को ‘बेगुनाह’ कहकर छोड़ने की बात भी कही गई।

पत्र में जज से कहा गया कि वह आरोपितों को बेल दें और जेसीपी संदीप पाटिल को कहा गया कि वह इस केस दूर रहें। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धमकी भरा पत्र भेजने के सिलसिले में दो व्यक्तियों को राज्य के तुमकुरु जिले में हिरासत में लिया गया है।

पत्र लिखने वाले व्यक्ति ने चेतावनी दी थी कि माँगे पूरी नहीं होने पर एक विस्फोट किया जाएगा। बाद में जाँच से पता चला कि पार्सल में कोई विस्फोटक नहीं बल्कि डराने के लिए मात्र कुछ तारें थीं जिससे ऐसा लगा कि यह एक डेटोनेटर है। 

रिपोर्ट के अनुसार, सिटी सिविल कोर्ट के हॉल नंबर 37 के बाहर पार्सल छोड़ा गया था। जब कोर्ट स्टाफ ने पार्सल खोला तो उन्हें विस्फोटक जैसा पदार्थ मिला। उन्होंने हलासुरुगेट पुलिस को फोन किया और बॉम्ब स्क्वॉयड भी वहाँ पहुँची। ज्वाइंट कमिश्नर संदीप पाटिल ने कहा कि इस केस में अज्ञात के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने अपनी जाँच भी शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि आखिर पत्र आया कहाँ से?

हलासुरुगेट (Halasurugate) के पुलिस अधिकारी अब सीसीटीवी कैमरा फुटेज की जाँच कर रहे हैं और हाउसकीपिंग स्टाफ व मुख्य सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। इस बीच, पुलिस बम के खतरों के मद्देनजर उक्त मजिस्ट्रेट की सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।

बेंगलुरु दंगों में कांग्रेस की भूमिका

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ कांग्रेस पार्टी बेंगलुरु दंगों में अपनी किसी भी प्रकार की भूमिका से इंकार कर रही है वहीं समाचार चैनल ‘टाइम्स नाउ’ ने इस पूरे केस में पार्टी के लिंक निकाले हैं। रिपोर्ट बताती है कि दंगों के मुख्य आरोपित और कांग्रेस के पूर्व मेयर संपथ राय के बीच हुई बातचीत के कॉल रिकॉर्ड सामने आए हैं जिसे टाइम्स नाउ ने एक्सेस किया है।

इनसे मालूम पड़ता है कि दंगाइयों व कांग्रेस नेता के बीच काफी गहरी बातचीत थी। रिपोर्ट की मानें तो इन कॉल डिटेल्स के सामने आने से स्पष्ट हो रहा है कि दंगों में संपथ रॉय की कुछ न कुछ भूमिका थी। उनके कई करीबियों के नंबर से भी ऐसे लोगों को फोन किया गया जो हिंसा के समय घटनास्थल पर थे।

बेंगलुरु में अभी हाल में एक फेसबुक पोस्ट के कारण आगजनी का भीषण नजारा देखने को मिला था। इस पूरे हमले में केजी हल्ली, डीजे हल्ली और पुल्केशी नगर सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। सैंकड़ों की तादाद में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर कर तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया।

इस मामले में पुलिस ने 5 ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए थे जिन्होंने भीड़ का नेतृत्व किया। उस दिन भड़की हिंसा में 3 लोगों की मौत हुई थी और 60 से अधिक घायल हुए थे। दंगाई भीड़ ने 10 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था और डीजे हल्ली थाने के सामने उनमें आग लगा दी थी।

मीम ने भीम को क्या लुटा, लिबरल्स का फेसबुक से भागना शुरू

मीम और भीम जुगलबंदी की असलियत 
बेंगलुरु में उग्र मुस्लिम भीड़ ने 11 अगस्त 2020 को दलित कांग्रेस विधायक के घर तोड़-फोड़ की और 3 करोड़ रूपए का सामान लूटे। पुलिस थाने और पुलिसकर्मी भी हिंसा और दंगों का शिकार हुए। दंगाइयों ने 250 गाड़ियाँ फूँक दीं और लगभग 60 पुलिसकर्मी घायल हुए। इन सबके पीछे की वजह पैगंबर मोहम्मद के संबंध में कथित फेसबुक टिप्पणी रही। 
लेकिन पैगम्बर पर हुई टिप्पणी का कारण सामने आना शुरू ही हुआ है, लेकिन हिन्दुओं में आक्रोश न हो इस कारण पत्रकारिता के नियमों का पालन करते उसे प्रकाशित नहीं किया जा रहा। परन्तु किसी कारण असली कारण जगजाहिर होने के डर से लिबरल्स का एक बड़ा समूह फेसबुक को अलविदा कह रहा है। अब फेसबुक पर ही इस घटना की प्रतिक्रिया भी नज़र आ रही है। मीम-भीम का मिलाप, #not in my name, #mob lynching,  #intolerance,  #award vapasi, #freedom of speech और गंगा-जमुनी तहजीब आदि गैंग चलाने वाला यही लिबरल गैंग फेसबुक से भागने की कहानी गढ़ क्या अब कोई और तरीका अपनाएगा? इतना बड़ा दर्दनाक हादसा होने पर भी ये गैंग बिल्कुल खामोश है, क्यों? क्यों, अब इनके मुंह जमा दही जम गया? ये लिबरल इतनी जल्दी मैदान छोड़कर भागने वाले हैं, लगता नहीं। सरकार को अब इनकी गतिविधियों पर गिद्ध की नज़र रखनी पड़ेगी।
लगता है, कोई नया षड़यंत्र रचा जा रहा हो? शंका इसलिए हो रही है कि कल तक जो विधायक FIR दर्ज करने की बजाए कहता हो कि "भगवान देगा फल", और अब वही विधायक FIR दर्ज करवाने के साथ सीबीआई जाँच तक की कहे, कांग्रेस, लिबरल्स, मीम और भीम गैंग के बीच कुछ पक रहा है। दूसरे, शंका यह भी व्यक्त की जा रही है कि इस हादसे को इतना दर्दनाक बनाने में रोहिंग्यों का हाथ हो। ऐसे में प्रश्न यह खड़ा होता है कि उन्हें पेट्रोल बम, हथियार किसने मोइय्या करवाए? यह जाँच का विषय है, अन्यथा विधायक मूर्ति द्वारा अपनी, अपने परिवार की सुरक्षा और सीबीआई जाँच की मांग नहीं होती।  
बेंगलुरु में हुए दंगों के बाद कई लिबरल्स ने ऐलान किया है कि वह अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर देंगे। इस कड़ी में एनडीटीवी की पूर्व पत्रकार निधि राजदान ने अपना फेसबुक एकाउंट बंद करने का ऐलान किया। निधि ऐसा करने वाले शुरुआती लोगों में एक हैं।




  
वहीं स्वाति चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी कि उन्होंने सालों पहले फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया था।



 
ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है कि लिबरल्स ने यह कदम बेंगलुरु में हुई हिंसा के बाद उठाया है। लेकिन अफ़सोस ऐसा नहीं है! लिबरल्स ने अपना फेसबुक एकाउंट इस वजह से नहीं बंद किया। बल्कि लिबरल्स ने अपना एकाउंट इसलिए बंद किया क्योंकि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में कुछ दावा किया था। दावे के मुताबिक़ फेसबुक के एक (बेनाम) शीर्ष अधिकारी ने ऐसा कहा कि एंटी मुस्लिम (मुस्लिम विरोधी) पोस्ट को ‘हेट स्पीच’ के दायरे में नहीं रखा जाएगा। 
लिबरल्स इस बात से निराश हैं कि फेसबुक की शीर्ष अधिकारी अंखी दास कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करती हैं। इसलिए लिबरल्स का मानना है कि फेसबुक मुस्लिम विरोधी पोस्ट को हेट स्पीच के दायरे में नहीं रखता है।
कुल मिला कर लिबरल्स ने बेनामी ‘पूर्व या वर्तमान’ फेसबुक कर्मचारी के आधार पर ऐसा अनुमान लगा लिया। साथ ही घोषित भी कर दिया कि अंखी दास मोदी समर्थक हो सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम भीड़ ने जिस तरह शहर में दंगा भड़काया और आम लोगों को नुकसान पहुँचाया, वह कांग्रेस विधायक के भतीजे को कोसने का एक सटीक ज़रिया बन गया। वह जिसके कथित फेसबुक पोस्ट या कॉमेंट के कारण बेंगलुरु को दंगा देखना पड़ा।
इसके बाद भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी निशाने पर लिया गया, जिन्होंने रोहिंग्या और मुस्लिमों पर पोस्ट किया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में इसका ज़िक्र है। रिपोर्ट में फेसबुक के एक कर्मचारी ने टी राजा को खतरनाक व्यक्ति बताया।
यह भी कहा गया कि अंखी दास ने टी राजा के मुस्लिम विरोधी पोस्ट हेट स्पीच के दायरे में रखने का विरोध किया। क्योंकि ऐसा करने से भारत में फेसबुक का व्यावसायिक प्रभाव कम होगा। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसा सिर्फ टी राजा ही नहीं बल्कि 3 और हिंदूवादी नेताओं के मामले में किया गया है। उनके भड़काऊ भाषणों को हेट स्पीच के दायरे में नहीं रखा गया है। 
वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट में इसके अलावा भी कई और दावे किए गए हैं। फेसबुक की कम्युनिकेशन एग्जीक्यूटिव एंडी स्टोन ने बताया कि अंखी दास ने सिर्फ अपने डर के आधार पर टी राजा का एकाउंट बंद नहीं किया। इसके अलावा फेसबुक ने ऐसे कई कदम उठाए हैं, जो कथित तौर पर भाजपा के हित में हैं।
फेसबुक ने 2019 के आम चुनावों के दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी के तमाम पेज भी निष्क्रिय कर दिए थे। इसके अलावा फेसबुक पर यह आरोप भी लगाया गया कि समूह ने भाजपा विरोधी ख़बरों को प्रतिबंधित कर दिया था। 
हैरानी की बात यह कि जब एक मुस्लिम व्यक्ति ने सितंबर में एक दलित लड़की के साथ बलात्कार किया था, तब फेसबुक ने उल्टा मुस्लिम व्यक्ति का बचाव किया था तब इनमें से किसी लिबरल ने अपना फेसबुक एकाउंट नहीं डिलीट किया था। बल्कि फेसबुक ने इस घटना से जुड़े लेख और ख़बरें ही हटा दी थीं।
फेसबुक ने ऐसे व्यक्ति को अब्यूजिव ट्रोल एज़ पॉलिसी हेड नियुक्त किया था, जो पहले प्रशांत किशोर के लिए काम करता था। इतना ही नहीं बेंगलुरु दंगों के मामले में भी लिबरल मीडिया ने भुक्तभोगी को ही आरोपित बना कर दिखाया। लिबरल मीडिया उन्हें ही भीड़ के सामने रख देना चाहता था, जिन्होंने इस घटना की सबसे महँगी कीमत चुकाई। यहाँ तक कि फेसबुक पर भी तमाम लोगों ने उनके (कांग्रेस विधायक और उसके भतीजे) को धमकियाँ दी। लेकिन फेसबुक ने इसे हेट स्पीच के दायरे में नहीं रखा।
मुस्लिम समुदाय के तमाम लोगों ने कांग्रेस विधायक के भतीजे को फेसबुक पर जान से मारने की धमकी तक दी। इस बात पर लिबरल्स ने गुस्सा नहीं जताया लेकिन एक ‘बेनाम फेसबुक कर्मचारी’ ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को कई बातें बताई, जिसके आधार पर उन्होंने फेसबुक पर भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगा दिया। इससे लिबरल्स में गुस्सा और आक्रोश भर गया। जबकि फेसबुक पर खुद न जाने कितनी ऐसी ख़बरें और लेख मौजूद हैं, जो सीधे शब्दों में भाजपा की आलोचना करते हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने पर भी ऐसी ही बातें सामने आई थीं। जैसे ही दोनों चुनाव जीत कर आए थे उन पर तैयार की गई रिपोर्ट ऐसी नज़र आ रही थी जैसे लोगों के घावों पर नमक छिड़क दिया गया हो। अब उन्हें एक नियंत्रण के लिए कुछ कारणों की ज़रूरत पड़ सकती है।
इससे पहले आकार पटेल ने भी ब्राह्मणों पर होने वाली हिंसा को सामान्य बताया था। उनके हिसाब से यह बुद्धिजीवी है। लेकिन जैसे ही ब्राह्मण शब्द की जगह मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल होता है वैसे ही यह हेट स्पीच बन जाती है। यहाँ किसी भी तरह के सिद्धांत काम नहीं करते हैं।



 
अवलोकन करें:-
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति अपने जले और लूट लिए गए घर को दिखाते हुए बेंगलुरु में हुई दंगों की घटनाओं मे .....
एक फेसबुक पोस्ट के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर में आंतक का तांडव मचा दिया। मुस्लिम दंगाइयों ने दो थानों, कांग्रेसी विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर के साथ सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा थी। आखिर क्यों अपने दलित विधायक के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेसी आलाकमान की चुप्पी का मतलब कहीं कांग्रेस अपने दलित विधायक के साथ खड़े होने की जगह टोपी वाले उन्मादियों के साथ खुद को दिखाना चाहती है या फिर दंगों से पार्टी का कोई कनेक्शन है?

फेसबुक विवाद : पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास ने दर्ज कराई धमकी की शिकायत, विपक्ष हमलावर

फेसबुक विवाद के बीच अंखी दास ने दर्ज कराई शिकायत
अंखी दास
जब चोर शोर मचाए समझ जाना चाहिए कि अब तक जिस सोशल मीडिया पर जहर फ़ैलाने को ईंट का जवाब पत्थर मिलने से घबरा रहा है। फेसबुक पर शोर मचाने का समय देखिए, जब बेंगलुरु में इसी फेसबुक पर हुई टिप्पणी के ही कारण आग लगी थी, और अब जब सुनने में आ रहा है कि लोगों ने उस आरोप को सार्वजनिक करने पर जोर दिया जा रहा है, जिसने नवीन को पलटवार करने को मजबूर किया। अब साम्प्रदायिक तत्वों को डर सता है कि कहीं सच्चाई सामने आ गयी, कोई बचाने वाला नहीं। उस सच्चाई पर पर्दा डालने के लिए विपक्ष और देश से बाहर इनके समर्थक फेसबुक पर मोदी समर्थक होने का आरोप लगाने लगे हैं। उस सच्चाई को छुपाने के लिए सारे साम्प्रदायिक एकजुट होकर दंगाइयों को बचाने पर काम कर रहे हैं। 
जो पीड़ित विधायक पहले FIR दर्ज करने की बजाए "भगवान फल देगा" कह रहा था, हादसे के चार दिन बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाता है, वो भी 3 करोड़ की लूटपाट के आरोप के साथ, क्या षड़यंत्र नज़र नहीं आता? इसका अर्थ यह भी निकाला जा सकता है कि "'जय मीम' ने 'जय भीम' पर इतना खतरनाक हमला कैसे कर दिया" पर अंदरूनी हो रही खींचतान से ध्यान हटाने के फैसला हुआ होगा कि "चलो फेसबुक पर हमला बोलो"? 
हेट स्पीच को लेकर सरकार के साथ मिलीभगत के आरोपों का सामने कर रही फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखी दास ने धमकी देने के मामले में दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। अंखी दास ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है अंखी दास उन सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर चाहती हैं जिन्होंने उन्हें धमकी दी है। साउथ दिल्ली के डीसीपी ने फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखी दास की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, डीसीपी ने बताया कि इस मामले में अभी FIR दर्ज नहीं गई है
अंखी दास का कहना है कि ऑनलाइन पोस्टिंग/कंटेंट के जरिये उनके जीवन पर और उनके साथ हिंसा होने का खतरा है अंखी दास ने पुलिस में दर्ज की शिकायत में कुछ ट्विटर और फेसबुक हैंडल का जिक्र किया गया है, जहां से उन्हें धमकी मिली है गौरतलब है कि अंखी दास ने उस वक्त शिकायत दर्ज की है जब अमेरिकी अखबार की एक रिपोर्ट से भारत में सियासी भूचाल आया हुआ है दरअसल अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में फेसबुक हेट-स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स हेडिंग नाम से एक रिपोर्ट पब्लिश की है जिसमें कहा गया है कि फेसबुक भारत में बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच के मामलों में नियम में ढील बरतता है
रिपोर्ट में कहा गया है कि तेलंगाना से बीजेपी नेता टी राजा सिंह की एक पोस्‍ट को लेकर फेसबुक कर्मचारियों ने भारत में बीजेपी नेता की हेट स्पीच के बारे में सोशल मीडिया कंपनी के शीर्ष अधिकारी को बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई टी राजा सिंह की एक फेसबुक पोस्‍ट में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने का दावा है इस रिपोर्ट के आधार पर विपक्ष अब सरकार से सवाल पूछ रहा हैकांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर लगे आरोपों पर ट्वीट कर कहा है कि मार्क जकरबर्ग कृपया इस पर बात करें प्रधानमंत्री मोदी की समर्थक अंखी दास को फेसबुक में नियुक्त किया गया जो खुशी-खुशी मुस्लिम विरोधी पोस्ट को सोशल मीडिया पर अप्रूव करती हैं आपने साबित कर दिया कि आप जो उपदेश देते हैं उसका पालन नहीं करते वहीं राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि फेसबुक और वॉट्सऐप इनके कब्जे में हैं जिसके जरिये ये नफरत और फेक न्यूज फैलाते हैं

बेंगलुरु दंगा : सिर्फ घर ही नहीं जलाया, 3 करोड़ रुपए के सोने-चाँदी भी लूटे

बेंगलुरु दंगा कॉन्ग्रेस MLA
कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति अपने जले
और लूट लिए गए घर को दिखाते हुए
बेंगलुरु में हुई दंगों की घटनाओं मे हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं।अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक़ 11 अगस्त 2020 के दिन हुए दंगों में पुलिस की गाड़ियाँ जलाई गई थीं। कांग्रेस विधायक के घर तोड़-फोड़ हुई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। लेकिन बेंगलुरु पुलिस ने कुछ और बड़े खुलासे किए हैं। बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक़ उस दिन भीड़ ने लगभग 3 करोड़ के सामान भी लूटे। चर्चा है कि पहले FIR दर्ज करने से मना करने वाले कांग्रेस के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति ने अब क्यों FIR करवाई? क्या पहले हाई कमांड से इजाजत नहीं मिली थी? या फिर इनका मीम भाईचारा रोक रहा था? मूर्ति द्वारा सीबीआई जाँच की मांग सिद्ध करती है कि ये FIR और CBI के लिए जरूर ऊपर से दबाव है।  कमाल है कि जय मीम ने जय भीम को ही लूट लिया।    
बेंगलुरु पुलिस की जाँच में एक और हैरान कर देने वाली बात सामने आ रही है। दंगों के संबंध में 12 अगस्त को सैयद नदीम नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कुछ समय बाद नदीम ने सीने और पेट में दर्द की बात कही। जिसके बाद उसे बोरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस पर ट्विटर पर लोगों की आती प्रतिक्रियाओं में यह भी बात हो रही है कि एक दलित के पास 3 करोड़ (नकद, सोना अथवा चांदी) घर पर था, फिर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं में कितना होगा, वाकई जाँच का विषय है। इसकी जाँच सीबीआई ही नहीं आयकर विभाग को भी करनी चाहिए।   
इस दौरान नदीम पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। शनिवार(अगस्त 15) के दिन नदीम की मृत्यु हो गई। कुछ ही समय बाद उसकी कोरोना जाँच की रिपोर्ट भी सामने आई। जिसमें यह पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव था। क्षेत्र के अतिरिक्त मंडलायुक्त हेमंत निम्बलकर ने भी इस घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सैयद नदीम को कई तरह की परेशानियाँ थी, जब उसकी हालत पर संदेह हुआ, तब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ कुछ ही समय बाद उसकी मृत्यु हो गई। 
घटना के संबंध में कांग्रेस विधायक ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें दंगों से जुड़ी कई अहम बातें आई हैं। बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक़ कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर में लगभग 3 हज़ार लोगों ने तोड़-फोड़ मचाई और गाड़ियों को आग के हवाले किया। इतना ही नहीं घर में मौजूद सोना, चाँदी और नकदी मिला कर लगभग 3 करोड़ का सामान भी लूटा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है और अभी तक कुल 206 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।  
इसके पहले कांग्रेस विधायक इस घटना पर अपना पक्ष रख चुके हैं। कांग्रेस विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति ने पत्रकारों से बात करते हुए दुखी मन से कहा था, “मैं मुसलमानों को अपना भाई मानता था। कम से कम 25 साल से हम मिल-जुलकर रह रहे थे। फिर भी आज मैंने अपना 50 साल पुराना घर खो दिया।”
दिल दहला देने वाली घटना को याद करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा कि उनके घर पर 2000-3000 मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ पहुँची, पथराव किया, पेट्रोल डाला, टायर जलाए और घर में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि उग्र दंगाइयों ने तलवार, कुल्हाड़ी, लाठी से हमला किया और उनके आवास पर पेट्रोल बम भी फेंके। इसके अलावा कांग्रेस MLA ने कहा, “सवाल यह उठता है कि अगर कानून बनाने वाले को यह भुगतना पड़े तो मैं आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे कर सकता हूँ?”
उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपने परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। साथ ही मामले की जाँच सीबीआई या सीआईडी ​​को सौंपने की अपील की है। उन्होंने कहा, “एक विधायक होने और कर्नाटक में सबसे बड़े मार्जिन से जीतने के बावजूद आज मेरी यह हालत है। अन्य विधायकों की क्या स्थिति हो सकती है?”
अवलोकन करें:-
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
नवीन की 'प्रोफाइल' के साथ, इंडिया टुडे बेंगलुरु को जलाने वाली कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ का हिस्सा बन गया आर.बी.एल.निगम, ....
बेंगलुरु के जीडे हल्ली इलाके में अगस्त 11 की रात करीब 9.30 बजे उपद्रवियों ने कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के घर को निशाना बनाया था। इस दौरान विधायक के घर का एक हिस्सा आग के हवाले कर दिया गया था। दरअसल, विधायक श्रीनिवास के भतीजे ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ़ आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसके बाद मुस्लिमों ने जमकर बवाल मचाया था। करीब 250 गाड़ियाँ फ़ूँक दी गई। वहीं हिंसा के दौरान हमले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर समेत 60 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं थीं।