Showing posts with label Ashraf. Show all posts
Showing posts with label Ashraf. Show all posts

आतंकी संगठन अलकायदा की धमकी ; माफिया अतीक-अशरफ को बताया ‘शहीद’, कहा- भारत से बदला लेकर रहेंगे: टारगेट पर नरेंद्र मोदी भी

उत्तर प्रदेश में हुई माफिया भाइयों की हत्या पर आतंकी संगठन अलकायदा ने भारत से बदला लेने की धमकी जारी की है। 7 पृष्ठों की मैग्जीन में अलकायदा ने अतीक अहमद और अशरफ अहमद को ‘शहीद’ बताया और लिखा कि मुस्लिमों को टीवी पर पुलिस के सामने गोली मारी जा रही है। इस मैग्जीन में आतंकी संगठन ने कहा है कि वह भारत से बदला लेकर रहेगा।

सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि अगर अलकायदा मुस्लिम देशों की तरह भारत को समझ रहा है, तो यह उसकी भयंकर भूल होगी। यदि मुस्लिम देशों ने इस पर नकेल कसी होती, यह आतंकी संगठन उभर ही नहीं सकता था। सबने गीदड़ भबकी में आकर इसके घुटने टेक दिए, लेकिन ये भारत है। यह भी संभावनाएं व्यक्त की जा रही है कि अलकायदा आतंकियों के साथ-साथ इनको प्रयत्क्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन देने वालों को भी आतंकवादियों की तरह बक्शा नहीं जाएगा।  जो समस्त मुस्लिम देशों को भी यह सोंचने को मजबूर कर देगा कि हमने भी भारत की तरह इस आतंकियों और इनके समर्थकों को 72 हूरों के पास क्यों नहीं पहुँचाया। 

ईद के मौके पर जारी की गई इस मैग्जीन में यहूदियों द्वारा अल अक्सा मस्जिद पर हमले का जिक्र, चीन के शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ होते बर्ताव की चर्चा करते हुए भारत में घटित घटनाओं का उल्लेख है।

इसमें पहले दिखाया गया कि कैसे दुनिया भर में जगह-जगह मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। इसके बाद कहा गया है कि भारत में मुस्लिमों की हालत कोई अलग नहीं है। बिहार में कुरान और मदरिस की कॉपियाँ जलाई जा रही हैं, उत्तर प्रदेश में मु्स्लिमों को लाइव टीवी के आगे गोली मारकर मुस्लिमों को शहीद किया जा रहा है, राजस्थान में मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा लहराया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी मैग्जीन में अलकायदा ने कहा है कि अतीक-अशरफ की हत्या का बदला लेने के लिए अगर उसको अपनी औलादों की भी कुर्बानी देनी पड़ी तो वह देने के लिए तैयार हैं। उसने भारत को धमकी देते हुए कहा, “हम इस नरसंहार का बदला लेंगे।” 

आतंकी संगठन ने भारत के अलावा चीन, बांग्लादेश, अमेरिका में भी आत्मघाती हमला करने की धमकी दी है। इसके अलावा अलयकादा की इस चिट्ठी में पीएम मोदी और उनके दफ्तर को भी टारगेट करने की धमकी दी गई है। उसने कहा है कि वह बदला लेकर रहेगा चाहे उसे अपने निशाने पर अमेरिका के व्हॉइट हाउस या भारत के वजीरे ए आजम के दफ्तर को ही निशाने में क्यों नहीं लेना पड़े।

पैगंबर पर टिप्पणी केस में जारी की धमकी

इससे पहले भी अलकायदा अपनी मैग्जीन में भारत को धमकियाँ जारी कर चुका है। नुपूर शर्मा केस में भी अलकायदा ने भारत को धमकी दी थी। आतंकी संगठन ने कहा था कि पैगंबर की शान के लिए वो लड़ने को तैयार है और दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश में हमला करेगा। इसके अलावा अलकायदा ने पीएम मोदी को निशाना बनाने की बात भी कही थी।

पाकिस्तान से नाराज चल रहा अलकायदा

कुछ समय पहले उसने अपनी मैग्जीन में पाकिस्तान पर गुस्सा जाहिर किया था। अलकायदा ने कहा था कि पाकिस्तानी फ़ौज केवल उन आतंकियों को मार रही है जो कश्मीर के लिए लड़ रहे थे। पाकिस्तान आर्मी को डरपोक बताते हए अलकायदा ने कहा कि वो कश्मीर में आतंकियों की इंट्री करवाने में भी नाकाम साबित हो रही है। अलकायदा ने कश्मीर में कम होते जा रहे आतंकी हमलों पर नाराजगी जताई थी। उसने मुस्लिमों से एकजुट हो कर कश्मीर के लिए लड़ने का आह्वान भी किया था।

 


क्या गुड्डू मुस्लिम ने करवाई अतीक-अशरफ की हत्या? मीडिया में भाटी से लेकर बिश्नोई गैंग कनेक्शन तक की बातें

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद अब सुंदर भाटी गैंग भी चर्चा में है। हमला करने वाले तीन शूटरों में से एक सनी सिंह के इस गैंग से जुड़े होने की बात कही जा रही है। सनी पर पहले से ही 17 मुकदमे दर्ज हैं। कहा जा रहा है कि अतीक की हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्टल भाटी गैंग ने ही सनी को दी थी। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स इस हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भी मिलीभगत की तरफ इशारा कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या में जिगाना पिस्टल का प्रयोग हुआ है। जिगाना पिस्टल तुर्की में बनती है। लगभग 6 लाख रुपए कीमत की यह पिस्टल भारत में बैन है। यह पिस्टल सुंदर भाटी गैंग द्वारा सनी सिंह को देने की आशंका जताई जा रही है। मूल रूप से हमीरपुर के रहने वाले सनी सिंह के सुंदर भाटी से सम्पर्क जेल में होने की बात कही जा रही है। जिगाना पिस्टल आरोपितों के पास कहाँ से आई इसका खुलासा फिलहाल अभी नहीं हो पाया है। पुलिस को अभी तक सुंदर भाटी और अतीक अहमद के बीच किसी पुरानी दुश्मनी का भी सुराग नहीं मिल पाया है। सुंदर भाटी फिलहाल सोनभद्र जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

लॉरेंस गैंग से भी कनेक्शन की आहट

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि अतीक और उसके भाई अशरफ को मारने वाले हथियार लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दिए थे। इस आशंका को बल इसलिए भी मिलता है क्योंकि इन्हीं हथियारों से सिद्धू मूसेवाला की भी हत्या हुई थी। इस मर्डर में बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था।

गुड्डू मुस्लिम भी करा सकता है अतीक की हत्या

एक रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि अतीक अहमद के बाद उसकी गैंग का मुखिया गुड्डू मुस्लिम बनना चाहता था। हालाँकि अतीक की पसंद उसका भाई अशरफ था। आशंका जताई जा रही है कि यह बात गुड्डू मुस्लिम को रास नहीं आई होगी और उसने अतीक और अशरफ की हत्या करवा दी होगी। फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बमबाज गुड्डू उमेश पाल की हत्या में वांटेड है और उसकी तलाश STF लगातार कर रही है। दूसरे यह कि अतीक ने जैसे ही गुड्डू का नाम लिया, वैसे ही ताबरतोड़ गोलियां चल गयीं। 

दोनों हाथों से गोलियाँ चलाता है सनी

तीनों शूटरों को अतीक और अशरफ की लोकेशन व मूवमेंट आदि की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रहीं थी। सनी के करीबियों ने बताया कि हत्या के 4 दिन पहले उसने कुछ बड़ा करने की बात कही थी। तब उसने कहा था कि जल्द ही पूरे प्रदेश में लोग उसे जान जाएँगे। सनी सिंह 90 के दशक के उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े डॉन रहे और बाद में UP STF के द्वारा मारे गए श्रीप्रकाश शुक्ला का फैन है। बताया जा रहा है कि वह दोनों हाथों से गोलियाँ चला लेता है। सनी के पड़ोसियों के मुताबिक वह अक्सर साइबर कैफे जाकर बड़े अपराधियों के फोटो प्रिंट करवाकर लाता था। कक्षा 8 पास सनी क्रूड बम भी बना लेता है। साल 2021 में वह चित्रकूट जेल में बंद था। फ़िलहाल पुलिस शूटरों से जुड़े तमाम नेटवर्क को खंगाल रही है।
योगी बाबा को पता था कि कोई सुप्रीम कोर्ट में सिर पटकेगा, इसलिए पहले ही अतीक और अशरफ की "हत्या" पर न्यायिक जांच बिठा दी। 
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने घटना की न्यायिक जांच कराने के आदेश दे दिए थे क्योंकि उन्हें पता था कि कोई न कोई व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट जाएगा और ऐसी ही जांच की मांग करेगा। 
योगी जी ने 3 सदस्यीय आयोग का गठन भी कर दिया जिसके अध्यक्ष होंगे इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार त्रिपाठी और पूर्व पुलिस महानिदेशक सुबेष कुमार सिंह एवं पूर्व न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सोनी अन्य दो सदस्य होंगे। आयोग को अपनी जांच रिपोर्ट 2 महीने में पूरी करके सरकार को देने के लिए कहा गया है। 
वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी और अतीक अशरफ की ही नहीं, 2017 से अब तक हुए Encounters में 183 अपराधियों के मरने की भी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से जांच कराने की मांग की है। विशाल तिवारी का कहना है सजा देने का अधिकार पुलिस के पास होना लोकतंत्र के लिए खतरा है और ये अधिकार केवल न्यायपालिका के पास होना चाहिए। 
सवाल यह उठता है कि विशाल तिवारी इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने की बजाय सीधा सुप्रीम कोर्ट कैसे चले गए? क्या हाई कोर्ट में न्याय नहीं होता। तिवारी को पता था कि मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं लेकिन फिर भी सुप्रीम कोर्ट गए जैसे वहां उसके "रिश्तेदार' बैठे हैं।  इस तरह की हरकतें विषय को राजनीतिक रंग देने का ही प्रयास है। वकील मित्र पता करें किस पार्टी से पोषित हैं तिवारी जी क्योंकि अक्सर ये उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाते हैं।
विशाल तिवारी की बात ठीक है कि सजा देने का अधिकार न्यायपालिका का है लेकिन जब माफिया लोगों पर अत्याचार करके, हत्याएं, लूट जमीने हड़प कर अपना अपना साम्राज्य स्थापित कर लेते हैं और पुलिस उनके खिलाफ कुछ करने में पंगु होती है, जज कुर्सी छोड़ कर भाग जाते हैं, तब किस कानून और न्यायपालिका पर भरोसा कर सकते हो।अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, शहाबुद्दीन, आज़म खान और जो दाऊद जैसे लोग भाग लिए क्या उन्हें अंजाम तक कानून से पहुंचा सकते हो। विशाल तिवारी जैसे वकील ही उनके मुक़दमे 20-20 साल तक लटका कर अपराध बढ़ाने में मददगार होते हैं।
जो असद उमेश पाल और उसके 2 सुरक्षा अधिकारियों संदीप और राघवेंद्र सिंह की हत्या में शामिल था उसके लिए कपिल सिब्बल पूछता है कि वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा कैसे हो सकता था। वो पकड़ा जाता तो सिब्बल उसी का वकील होता।
यही अतीक था और इसी की समाजवादी पार्टी थी जिसने कांग्रेस सरकार को 2008 में बचाया था। इसलिए यही विधवा विलाप कर रहे हैं सबसे ज्यादा अतीक की मौत पर और जंगल राज बता रहे हैं उत्तर प्रदेश में। लेकिन वे लोग अतीक और अशरफ की लाश नोंचने का काम कर रहे हैं।  एक खूंखार अपराधी मारा जाए तो जंगल राज आ गया और यदि वही अपराधी लोगों का नरसंहार करे तो वह लोकतंत्र है। 
सुना है अतीक कुछ सूचना दे गया है कि कैसे पाकिस्तान से उसके हथियार आया करते थे।  पुलिस केवल बदनाम करने के लिए नहीं है, उसके हाथ बड़े लम्बे होते हैं और उत्तर प्रदेश पुलिस पता लगाने में सक्षम है कि अतीक को हथियारों की तस्करी में कौन मदद करता था -अलबत्ता उत्तर प्रदेश की वर्तमान पुलिस पंजाब की पुलिस नहीं है जो एक महीने से अमृतपाल का ठिकाना नहीं पता कर सकी। 

उत्तर प्रदेश : मदरसा रेप कांड : प्रयागराज का वो केस जब रात भर हुआ रेप; अतीक और अशरफ आरोपित थे

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 को 3 शूटरों ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी थी। मारे जाने के बाद इन्हें पीड़ित मुस्लिम बताकर कुछ लोग इनके जघन्य अपराधों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ज्यातादार चर्चित मामलों के पीड़ित भी मुस्लिम ही हैं। ऐसा ही एक मामला 2007 का है, जिसे मदरसा रेप कांड के नाम से जाना जाता है। 17 जनवरी को हुई गैंगरेप की इस वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। तब राज्य में मुलायम सिंह के नेतृत्व में सपा की सरकार थी।

इस घटना में बंदूकधारियों ने दो नाबालिग लड़कियों को मदरसे से उठाया था। उनके साथ रातभर रेप किया गया। अगली सुबह गैंगरेप पीड़िताओं को लहूलुहान मदरसे के गेट पर फेंक दिया गया। अतीक अहमद के भाई अशरफ पर भी रेप के आरोप लगे थे। उस वक्त अतीक खुद सांसद और अशरफ विधायक हुआ करता था।

क्या था मदरसा रेप कांड

यह मामला 17 जनवरी 2007 का था। प्रयागराज में अतीक अहमद के प्रभुत्व वाले इलाके करेली में एक मदरसा चला करता था। इस मदरसे का संचालक वाराणसी संकटमोचन मंदिर ब्लास्ट में फाँसी की सजा पाए आतंकी वलीउल्लाह का भाई था। देर रात इस मदरसे के दरवाजे पर दस्तक हुई और दबंगई से गेट खोलने के लिए कहा गया। अंदर 3 बंदूकधारी घुसे और सीधे वहाँ पहुँचे जहाँ लड़कियाँ सोती थीं। लड़कियों के नकाब हटवाए। यहाँ से 2 लड़कियाँ चुनी गईं और उन्हें उठाकर जंगल ले जाया गया।
आरोप है कि जंगल में 5 लोगों ने दोनों लड़कियों से रेप किया। सुबह लड़कियों को लहूलुहान हालत में मदरसे के गेट पर फ़ेंक दिया गया। तब पुलिस ने प्रयागराज में ही रिक्शा चलाने वाले और दर्जी का काम करने वाले इखलाख अहमद और नौशाद अहमद सहित कुल 5 लोगों की गिरफ्तारी दिखा दी थी। जमानत पाने के बाद पाँचों ने पुलिस पर खुद को बेवजह फँसाने का आरोप लगाया था। इस घटना में अशरफ और उसके साथियों के शामिल होने की बात कही जाती रही।
मुलायम सरकार में यह घटना हुई थी। उसके बाद मायावती की सरकार आई। मामले की सीबीसीआईडी जाँच भी हुई। लेकिन नतीजा सिफर रहा। अपने पहले कार्यकाल में दिसंबर 2021 में योगी सरकार ने इस मामले की फिर से जाँच करवाने के आदेश दिए थे। इस घटना से उठी नाराजगी के बाद अतीक और उसका परिवार दुबारा कभी चुनाव नहीं जीत पाया। स्थानीय मुस्लिमों में भी एक बड़ा धड़ा अतीक अहमद के खिलाफ हो गया था।
एक मीडिया रिपोर्ट में रिटायर्ड इंस्पेक्टर नारायण सिंह परिहार के हवाले से भी इस कांड के बारे में बताया गया है। उन्होंने बताया है कि 2007 में अतीक के भाई अशरफ ने मदरसे से लड़कियों को उठवाया और फिर उनके साथ घिनौनी हरकत की। मामला कोर्ट में गया। गवाही भी हुई। लेकिन बाद में गवाह पलट गए। रिटायर्ड इंस्पेक्टर के अनुसार अतीक अहमद और उसके गुर्गे पीड़िताओं के परिजनों को धमकी देते थे। इसके कारण बाद में गवाह पलट गए और केस नहीं बन पाया। उन्होंने यह भी बताया कि जाँच के दौरान उनको भी धमकियाँ दी गई थी।

 

उत्तर प्रदेश STF ने बमबाज गुड्डू मुस्लिम को भी नासिक से दबोचा

महाराष्ट्र के नासिक से गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार कर लिया
उत्तर प्रदेश पुलिस की STF ने बमबाज गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे महाराष्ट्र के नासिक से दबोचा गया है। बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद सामने आए सीसीटीवी वीडियो में बमबाज गुड्डू मुस्लिम का चेहरा भी दिखा था। ये भी जानने वाली बात है कि जब अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या हुई, उससे ठीक पहले उसका भाई अशरफ गुड्डू मुस्लिम का ही नाम ले रहा था। बात पूरी करने से पहले ही दोनों भाइयों की हत्या कर दी गई।

गुड्डू मुस्लिम पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है। वो इस पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस के सामने एक अहम कड़ी शामिल हो सकता है। उधर अब सामने आया है कि शौहर और देवर के जनाजे और उन्हें दफ़न किए जाने के बाद बीवी शाइस्ता परवीन भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेगी। इस मामले में वो भी आरोपित है। फॉरेंसिक टीम ने सैम्पल ले लिए हैं और अतीक-अशरफ के लिए कब्र भी खोद दी गई है। सीएम योगी ने अधिकारियों को हर दो घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण के अलावा अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। गुड्डू मुस्लिम के बारे में बता दें कि वो पुराना हिस्ट्रीशीटर है। वो गोली नहीं, बल्कि बम मार कर हत्या करता था। लखनऊ के नाका इलाके में भी उसने बम मार कर एक हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिसके बाद वो जेल भी गया था। लखनऊ के पीटर गोम्स हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। उत्तर प्रदेश के कई माफियाओं के साथ उसके संबंध रहे हैं।

गुड्डू मुस्लिम की तलाश के लिए यूपी STF की 10 टीमें लगी हुई थीं। बता दें कि लाइव कैमरे के सामने जैसे ही अशरफ ने कहा था, ‘मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम…’ तभी उसके बगल में खड़े अतीक अहमद को हमलावरों ने सिर से सटाकर गोली मार दी। फिर अशरफ की भी हत्या हो गई। इलाहाबाद का गुड्डू मुस्लिम लखनऊ में बाहुबलियों अभय सिंह और धनंजय सिंह के संपर्क में आकर बड़ा अपराधी बना था। हालाँकि, इससे पहले से वो अपराध करता रहा था। वो श्रीप्रकाश शुक्ल और ISI के भी संपर्क में रहा है।