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शेखर गुप्ता के ‘द प्रिंट’ के स्तंभकार ने ‘मुस्लिमों को बचाने’ के नाम पर भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की अपील की

भारत के प्रति नफरत और फेक न्यूज फैलाने के लिए मशहूर शेखर गुप्ता के ‘द प्रिंट’ के स्तंभकार सीजे वेरलेमैन (CJ Werleman) अपने विवादास्पद बयान के कारण सुर्खियों में हैं। स्वघोषित ‘इस्लामोफोबिया क्रूसेडर’ वेरलेमैन ने 23 नवंबर 2021 को ट्विटर पर अपने फॉलोअर्स से मुस्लिमों को बचाने के लिए भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत और कश्मीर में मुस्लिमों को बचाओ: भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करो।” वेरलेमैन ने एक पुराना वीडियो भी शेयर किया है, जो इस साल 13 अक्टूबर का है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय मुसलमानों की सुरक्षा का रोना-रोने वाले चीन द्वारा उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार, नमाज और रोजा पर पाबंदी, सुरक्षा कर्मियों द्वारा उइगर मुस्लिम महिलाओं का यौन शोषण करने पर, इनकी मस्जिदों को जमीदोज करने, तालिबान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में अत्याचार करने, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक -हिन्दू और सिखों - पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी लगाना स्पष्ट प्रमाण है कि इन भारत विरोधियों का असली मकसद भारत में अराजकता फैलाना है। किसी में चीन और पाकिस्तान से आने वाले किसी भी सामान का बहिष्कार करने की मांग करने की हिम्मत नहीं। जब कश्मीर में कश्मीरी महिलाओं का बलात्कार करने का मस्जिदों से ऐलान तब क्यों चुप थे? 1986 में मलियाना में ईद के मौके पर हुए मुस्लिमों के नरसंहार पर क्यों मुंह में दही जमाए बैठे रहे?इन्हें किसी हिन्दू, मुस्लिम या सिख से कोई मतलब नहीं।  

                                                  CJ Werleman के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

इससे पहले उन्होंने कहा था कि भारत और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले मुस्लिमों पर कथित ‘दुर्व्यवहार’ के लिए बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव और बहिष्कार भारत में अब कैंपेन का रूप ले चुका है। सीजे ने खेद व्यक्त किया था कि पश्चिमी लोकतंत्र और मुस्लिम बहुल देश भारतीय मुस्लिमों को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ले जाने की मोदी सरकार की कथित पहल के लिए मूकदर्शक बने हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि असम के दरांग जिले में बेदखली अभियान के दौरान विजय शंकर बनिया नाम के एक फोटो जर्नलिस्ट द्वारा एक अवैध अतिक्रमणकारी के शव पर कूदने के बाद भारत दुनिया भर की सुर्खियों में छा गया। द सियासत डेली के एक लेख का हवाला देते हुए, स्तंभकार ने कहा कि कुवैत ने ‘भारतीय अधिकारियों और हिंदू चरमपंथियों’ द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ किए गए कथित अत्याचारों की निंदा की थी। उन्होंने दोहराया कि भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का वैश्विक अभियान चल रहा है।

हिंदू कार्यकर्ता समूह पर आरोप लगाया गया

इससे पहले 21 अक्टूबर को फेक न्यूज पेडलर ने हिंदू कार्यकर्ता समूह श्री रमा सेने के प्रमुख प्रमोद मुतालिक का एक वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और कर्नाटक में एक मस्जिद को गिराने का आह्वान किया था। उन्होंने लिखा था, “हिंदुत्व समूह श्री राम सेना के नेता ने मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और कर्नाटक में जामा मस्जिद को गिराने का आह्वान किया।”

टेनिस दिग्गज भी CJ Werleman द्वारा फैलाई गई फर्जी खबरों की शिकार हुईं

टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा भी उनकी फर्जी खबरों की शिकार हो चुकी हैं। ऑपइंडिया ने पहले बताया था कि कैसे लेफ्ट-लिबरल न्यूज वेबसाइटों ने झूठा दावा किया था कि प्रमोद मुतालिक ने कर्नाटक के गडग में जामा मस्जिद का हाल ‘बाबरी मस्जिद‘ जैसा करने का आह्वान किया था। हालाँकि, हकीकत में उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया था।
वेरलेमैन एक आदतन फेक न्यूज पेडलर हैं, जो भारत के प्रति नफरत फैलाकर अपना टाईम पास करते हैं। इससे पहले सितंबर में, उन्होंने भारत के खिलाफ ‘regime decapitation‘ हड़ताल का आह्वान किया था।

‘रेप-सेक्स को लेकर हिन्दू राष्ट्रवादी सबसे ज्यादा जुनूनी’: पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी ने दिखाई हिन्दू घृणा

जब हिन्दू स्वयंसेवी संस्थानों, लेखक एवं पत्रकारों द्वारा मुस्लिम मानसिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाने पर तुष्टिकरण एवं छद्दम धर्म-निरपेक्षों को लोकतंत्र, संविधान और गंगा-जमुनी तहजीब पर संकट के बादल मंडराने दिखने पड़ते हैं, लेकिन जब यही हिन्दू विरोधी गिरोह हिन्दुओं की आस्था पर अपनी प्रक्रिया व्यक्त करता है, सबको सांप सूंघ जाता है।यूपीए के समय में इस्लामिक आतंकवाद को संरक्षण देने हिन्दू आतंकवाद और भगवा आतंकवाद के नाम हिन्दू धर्म को बदनाम किया जा रहा था।    

दूसरे, हिन्दुओं को भी अपनी आंखें और दिमाग खोल कर गंगा-जमुनी तहजीब की बात बोलनी चाहिए। हिन्दुओं को क्या इतना भी नहीं मालूम की यमुना का नाम बिगाड़ कर जमुना करने वाले यही हिन्दू विरोधी है? 
खुद को इस्लामोफोबिया के विरुद्ध काम करने वाला एक्टिविस्ट बताने वाले ऑस्ट्रेलियाई लेखक सीजे वर्लमैन ने एक बार फिर से अपनी हिन्दू घृणा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “दुनिया का कोई भी जाति-मजहब-राष्ट्रवादी समूह सेक्स और रेप को लेकर उतना जुनूनी नहीं है, जितने कि हिन्दू राष्ट्रवादी।” उनके इस ट्ववीट को राज्यसभा के पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी ने आगे बढ़ाया। उन्होंने इसे लाइक और रीट्वीट किया।

                              सीजे वर्लमैन का हिन्दू घृणा वाला ट्वीट, शाहिद सिद्दीकी ने आगे बढ़ाया
पाकिस्तान सहित कई देशों के मुस्लिमों ने सीजे वर्लमैन के इस ट्वीट का समर्थन किया। खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताने वाले मीर रसूल ने दावा किया कि हिन्दुओं के पुस्तकों में रेप के बारे में लिखा हुआ है। हालाँकि, कई लोगों ने उन्हें आईना भी दिखाया। लोगों ने उन्हें ऐसी कई घटनाएँ दिखाईं, जहाँ मदरसों में मौलवियों द्वारा रेप किया गया। साथ ही ऑस्ट्रेलिया में रेप की घटनाओं पर भी लोगों ने सवाल दागे।

वैसे, ये पहली बार नहीं है जब सीजे वर्लमैन ने इस तरह की हरकत की हो। कुछ ही हफ़्तों पहले सीजे वर्लमैन ने लिखा था, “मैं ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड का समर्थन कर रहा हूँ। ऐसा इसीलिए, क्योंकि 50 करोड़ हिंदुत्व कट्टरपंथियों को मैं एक सेकेंड के लिए भी खुश नहीं देख सकता। उनके खुश होने से मैं असहज महसूस करता हूँ।” भारत-न्यूजीलैंड में होने वाले WTC फाइनल से पहले उनका ये ट्वीट आया था।

जहाँ तक शाहिद सिद्दीकी की बात है, हाल ही में वायरल हुए उनके एक वीडियो में वो कहते दिखे थे कि उनके जितने भी फंड्स थे, उनमें से एक-एक पैसा उन्होंने मदरसों, स्कूलों और कॉलेजों को दिया। 90 के दशक के अंत में वो कॉन्ग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हुआ करते थे। पेशे से पत्रकार 71 वर्षीय शाहिद सिद्दीकी अभी भी ‘नई दुनिया’ नाम की साप्ताहिक उर्दू पत्रिका के संपादक हैं। वो सपा-बसपा का भी हिस्सा रहे हैं।

अवलोकन करें:-

‘एक-एक पैसा मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के मदरसों को दिया’: शाहिद सिद्दीकी, पूर्व सांसद, समाजवादी पार
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‘2000+50 मुस्लिमों के हत्यारे PM मोदी का ट्विटर हैंडल सस्पेंड करो’ – कट्टरपंथी इस्लामी और वामपंथियों ने चलाया ट्रेंड

                                वामपंथियों ने CEO जैक से की माँग - सस्पेंड हो पीएम मोदी का ट्विटर हैंडल
अमेरिका में जिस तरह से फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने वहाँ के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ कार्रवाई की है, उसके बाद से ही वामपंथियों के एक धड़े में खासा उत्साह है। अब वो चाहते हैं कि ट्विटर इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैंडल को हमेशा के लिए सस्पेंड कर दे। ऑस्ट्रेलिया के लेखक सीजे वर्लमन (CJ Werleman) से लेकर प्रोफेसर खालिद बेयदौन जैसों ने ‘मोदी नेक्स्ट’ ट्वीट के साथ जैक से पीएम मोदी का हैंडल सस्पेंड करने की माँग की।

दुनिया भर में मुस्लिमों पर तथाकथित अत्याचार को लेकर आवाज़ उठाने का दावा करने वाले सीजे वर्लमन ने लिखा कि नरेंद्र मोदी को ट्विटर से प्रतिबंधित करना एकदम जायज है। उन्होंने दावा किया कि 2002 में मोदी ने ही गुजरात में 2000 मुस्लिमों के नरसंहार के लिए भड़काया था। साथ ही दिल्ली में 2019 में ’50 मुस्लिमों की हत्या’ का आरोप भी उन पर मढ़ा। उन्होंने पीएम मोदी पर भारतीय समाज को कट्टरवादी बनाने का आरोप लगाया।

मोदी पर इस तरह कर रहे प्रहारों से पूर्व उन सभी का ट्विटर सस्पेंड होना चाहिए जो साबरमती ट्रेन की S6 को जलाने वालों का समर्थन करते हैं, क्योकि न उसमें आग लगाई जाती, न गोधरा होता। दूसरे, मुग़ल काल से लेकर आज तक हिन्दू एवं हिन्दुत्व को कलंकित करने वालों का और तीसरे, सीसीए के विरोध में हिन्दू विरोधी दंगा करवाने और उन दंगों का बचाव करने वालों का ट्विटर पहले सस्पेंड होना चाहिए। अन्यथा एकतरफा कार्यवाही का अंजाम निम्न ट्वीट्स से स्पष्ट झलक रहा है:- 

उधर प्रोफेसर खालिद बेयदौन ने लिखा कि ट्विटर के CEO जैक डॉर्सी को अब नरेंद्र मोदी का हैंडल सस्पेंड कर देना चाहिए, क्योंकि ये तार्किक है और अगला कदम यही उठाया जाना चाहिए। तथाकथित इस्लामोफोबिया को लेकर रिसर्च करने वाले प्रोफेसर के अनुसार, किसी देश के मुखिया द्वारा सत्तावादी ढंग से लोगों को भड़काने का काम सिर्फ अमेरिका में ही नहीं हो रहा है। उन्होंने ‘मोदी नेक्स्ट’ ट्वीट करने की भी अपील की।

इसी तरह कई मुस्लिमों ने भी ऐसा ट्रेंड चलाया। राना सरफराज नामक यूजर ने ट्विटर को ‘मानवता और शांति’ के लिए ऐसा करने की अपील की। हामजा ज़फर ने आरोप लगाया कि भारत में पीएम मोदी और ‘RSS के शासन’ के अंतर्गत मुस्लिमों के खिलाफ अत्याचार में वृद्धि हुई है। उसने जम्मू कश्मीर के लोगों और भारतीय मुस्लिमों के लिए पीएम मोदी को खतरा करार दिया। रमील खान और राहील शरीफ नामक यूजर ने भी इससे सहमति जताई।

तंजीम मोहम्मद नामक वामपंथी ने आइडिया दिया कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी को बैन कर दिया जाए। हालाँकि, इस दौरान भारत के कई लोग प्रधानमंत्री के समर्थन में भी आए और कहा कि जिस दिन ट्विटर ने नरेंद्र मोदी के हैंडल को सस्पेंड किया या उनके हैंडल के साथ कुछ भी किया, तो वो तुरंत ही इस प्लेटफॉर्म को छोड़ देंगे। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी स्थिति में हिन्दू ट्विटर का संपूर्ण बहिष्कार करेंगे।

ट्विटर और फेसबुक के बाद गूगल और एप्पल ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर शिकंजा कसा है। गूगल ने सोशल नेटवर्किंग एप्लीकेशन पार्लर (Parler) को प्ले स्टोर से हटा दिया और आरोप लगाया कि वो भड़काऊ कंटेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने में असफल रहा। एप्पल ने भी नोटिस थमाया। डोनाल्ड ट्रम्प और उनके समर्थकों ने भी सोशल मीडिया से प्रतिबंधित किए जाने के बाद ‘Parler’ को ही अपनी बात रखने का जरिया बनाया था।