Showing posts with label KCR. Show all posts
Showing posts with label KCR. Show all posts

तेलंगाना : केसीआर ने 1600 करोड़ में बनवाया ताजमहल से ऊंचा सचिवालय, बिल्डिंग का गुंबद मुस्लिम शैली

परिवारवादी पार्टियां जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे को किस तरह लुटाती हैं इसका ताजा उदाहरण है तेलंगाना में बना नया सचिवालय। यह नया सचिवालय ताजमहल से ऊंचा और देश के नए संसद भवन सेंट्रल विस्टा से क्षेत्रफल में बड़ा है। देश के नए संसद भवन पर जहां 1250 करोड़ रुपये खर्च हुए वहीं तेलंगाना के नए सचिवालय पर 1600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके भवन निर्माण के लिए पहले 617 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी और बाद में सचिवालय के आसपास सौंदर्यीकरण के नाम पर 1,000 करोड़ रुपये का बजट बढ़ा दिया गया। भवन का निर्माण 7,79,982 वर्ग फीट में किया गया और इसकी ऊंचाई 265 फीट है। नए सचिवालय की कुल क्षेत्रफल 28 एकड़ है। इतना लंबा सचिवालय किसी राज्य में नहीं है। इसके साथ ही मुस्लिम तुष्टिकरण में केसीआर ने इस भवन के गुंबद को मुस्लिम शैली का बना दिया। इसके बाद इस पर विवाद शुरू हो गया है। एआईएमआईएम नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नया सचिवालय भवन ताजमहल की तरह सुंदर है, वहीं भाजपा नेता बंदी संजय ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये से ताजमहल जैसा सचिवालय बनाया गया। एक बार भाजपा की सरकार बनने के बाद हम उन गुंबदों को गिरा देंगे। हम सचिवालय को इस तरह से बदलेंगे कि यह तेलंगाना और भारतीय संस्कृति को दिखाएगा।

नए सचिवालय का गुंबद मुस्लिम शैली का

तेलंगाना में बने नए सचिवालय का गुंबद मुस्लिम शैली का बनाया गया है। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने बीआरएस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सचिवालय निर्माण के अनुमानित खर्च को 400 करोड़ से बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये पहुंचा दिया है। 1,500 करोड़ रुपये से वह ताजमहल जैसा सचिवालय बना रहे हैं। एक बार भाजपा की सरकार बनने के बाद हम उन गुंबदों को गिरा देंगे। हम सचिवालय को इस तरह से बदलेंगे कि यह तेलंगाना और भारतीय संस्कृति को दिखाएगा।

तेलंगाना सरकार के नए सचिवालय की डिजायन को लेकर राजनीति गरमा गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया और कहा- बाबासाहेब अंबेडकर के नाम पर नए सचिवालय भवन के पूरी तरह तैयार होने पर तेलगांना को बधाई। इमारत को तेलंगाना की समावेशी विकास गाथा का प्रतीक बने रहना चाहिए।

ओवैसी ने कहा- सर, इमारत तो खूबसूरत है

ओवैसी ने आगे तंज कसते हुए कहा- एक वक्फ पंजीकृत मस्जिद को निर्माण के दौरान अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया गया था, जिसे अब फिर से बनाया गया है। जो फिर से एक ध्वस्त मस्जिद के पुनर्निर्माण का पहला उदाहरण है। सरकार ने तेलंगाना के हाई कोर्ट को भी आश्वासन दिया है। सर, इमारत तो खूबसूरत है। ये और बात है कि वजीर-ए-आजम नहीं बना सका।

बीजेपी ने पूछा – कहां गए 1000 करोड़ रुपए?

तेलंगाना राज्य सचिवालय के उद्घाटन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने केसीआर सरकार से योजना को लेकर सवाल पूछे हैं और स्ट्रक्चर को लेकर घेरा है। उन्होंने कहा- योजना के मुताबिक, पहले कहा गया कि निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये अनुमानित है, अब इसे बढ़ाकर 1600 करोड़ रुपये कर दिया। फिर 1000 करोड़ रुपये कहां गए? लोगों के पैसे का इस्तेमाल एक समुदाय के पक्ष में करना बिल्कुल ठीक नहीं है। सीएम ने ‘नल्ला पोचम्मा’ मंदिर को गिराने का आदेश दिया और फिर हमारी मांग पर उन्होंने लगभग 2 गुंटा आवंटित किया, जबकि अन्य धार्मिक स्ट्रक्चर्स के लिए 5 गुंटा आवंटित किया गया।

नए संसद भवन पर कुल खर्च 1,250 करोड़ रुपये

देश के नए संसद भवन को बनाने का खर्च करीब 29 प्रतिशत बढ़कर 1,250 करोड़ रुपए हुआ। पहले इसे 971 करोड़ रुपये में बनाया जाना था। खर्च बढ़ने की वजह एडिशनल वर्क, कंस्ट्रक्शन प्लान में बदलाव और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन है। प्रस्तावित चार मंजिला इमारत 13 एकड़ में बन रही है। सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नया त्रिकोणीय संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, PMO, उप राष्ट्रपति भवन, एक कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बनाने के साथ ही राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक कॉरिडोर को नए सिरे से संवारा जा रहा है।

नए संसद भवन की जितनी लागत, उसकी 50 फीसदी राशि 3 साल में बचाई

लोकसभा को पिछले तीन साल में करीब 2500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बेहतर वित्तीय प्रबंधन से इसमें से करीब 700 करोड़ रुपए की बचत की गई। लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही बिरला ने फिजूलखर्ची रोककर बचत पर ध्यान दिया। तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया। कागज की संख्या के उपयोग में खासी कमी की गई। इसके साथ ही लोकसभा सचिवालय की खरीदारी में सरकार के जेम पोर्टल को प्रोत्साहित करने जैसे कदमों ने सरकारी धन की बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि लोकसभा के अधिकारिक सूत्र कहते हैं कि भले ही बचत की गई राशि से संसद का नया भवन नहीं बन रहा हो, लेकिन कहीं न कहीं यह राशि सरकार के खजाने में ही रही है।

तेलंगाना में सचिवालय के भवन निर्माण का बजट 617 करोड़ से 1600 करोड़ किया

तेलंगाना में नए सचिवालय के लिए प्रशासन ने भवन निर्माण के लिए 617 करोड़ रुपये स्वीकृत किये। जीएसटी के बाद जो उस समय 6 प्रतिशत था, वह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। निर्माण सामग्री का काम बढ़ा है। नतीजतन, निर्माण लागत में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। और बाद में बजट 1000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया।

तेलंगाना का नया सचिवालयः 635 कमरे, 34 गुंबद, 300 सीसीटीवी कैमरे

तेलंगाना राज्‍य को अब अपना अलग नया सच‍िवालय म‍िल गया है। इसमें 635 कमरे, 34 गुंबद, 300 सीसीटीवी कैमरे हैं। तेलंगाना के नए सचिवालय की भव्यता हैरान कर देगी। मुख्‍यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने नवन‍िर्म‍ित छह मंज‍िला राज्य सचिवालय का 30 अप्रैल 2023 को उद्घाटन क‍िया। नये सचिवालय भवन को भारत रत्‍न डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के नाम से जाना जाएगा। तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से केसीआर के नेतृत्व वाली पहली सरकार ने संयुक्त राज्य के सचिवालय में प्रशासन की शुरुआत की थी जिससे कामकाज में कर्मचार‍ियों और व‍िज‍िटर्स को बहुत परेशानी हो रही थी। इसको दूर करने के ल‍िए योजनाबद्ध तरीके से नए भवन का न‍िर्माण किया गया है।

तेलंगाना के नए सचिवालय के कुछ प्रमुख बिंदूः

♦ इसका निर्माण 26 महीने में पूरा किया गया है। आमतौर पर इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा करने में पांच        साल लग जाते हैं।
♦ 300 सीसीटीवी कैमरे और 300 पुलिसकर्मियों से निगरानी।
♦ गुंबदों और खंभों को बनाने के लिए गैल्वेनाइज्ड रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (जीआरसी) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
♦ खंभे खड़ा करने में छह महीने का समय लगा।
♦ रोजाना तीन हजार से ज्यादा मजदूर काम करते थे।
♦ लाल बलुआ पत्थर के कुल 1,000 लॉरी का इस्तेमाल किया गया।
♦ भवन निर्माण के लिए 617 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है।
♦ अब तक 550 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण लागत में अनुमान से 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
♦ इस छह मंजिला सचिवालय में 635 कमरे हैं। इसमें विशेष 30 सम्मेलन कक्ष हैं। इसमें 24 लिफ्ट लगाई गई हैं।
♦ भवन का निर्माण कुल 28 एकड़ क्षेत्रफल में से ढाई एकड़ में किया गया है।

केसीआर का नया 50 करोड़ का घर

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव नवंबर 2016 में अपने नए गृह सह कार्यालय में गए जो बेगमपेट में नौ एकड़ के भूखंड में फैला हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरे कॉम्प्लेक्स पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस अत्यधिक सुसज्जित और किलेबंद इमारत को देश के सबसे बड़े आधिकारिक कार्यालय-घर परिसरों में से एक माना जाता है। परिसर का निर्माण मुंबई स्थित रियल्टी प्रमुख शापुरजी पालनजी द्वारा किया गया है। शुरुआत में घर की कीमत 35 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन फिनिशिंग बिल कथित तौर पर लगभग 50 करोड़ रुपये है।

बंगले पर केसीआर ने खर्च किए 50 करोड़, कमरे में बुलेट प्रूफ ग्लास

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 2016 में अपने 50 करोड़ रुपये के सपनों के घर में चले गए। जहां पुजारियों ने बुरी आत्माओं को भगाने के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण किया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर खदेड़ दिया। 100,000 वर्ग फुट का बंगला नौ एकड़ के भूखंड पर बनाया गया और सभी आधुनिक, हाई-टेक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें आधिकारिक कक्षों में बुलेट प्रूफ ग्लास और मुख्यमंत्री और उनके बेटे केटीआर का घर शामिल है। रिपोर्टों का कहना है कि स्नाइपर हमलों को रोकने के लिए बाथरूम की खिड़कियों में भी बुलेट-प्रूफ शीशे लगे हैं।

सचिवालय का ‘भूत’, वास्तु यज्ञ, न्यूमरोलॉजी का चक्कर

सीएम बनने के बाद केसीआर कभी सचिवालय नहीं गये। उन्‍हें किसी ने बताया क‍ि सचिवालय का वास्‍तु ठीक नहीं है। इसके लिए उन्‍होंने 2016 में 50 करोड़ की लागत से घर पर ही एक कार्यालय बनवाया। वे कभी सचिवालय नहीं गए जबकि उनकी सरकार के अध‍िकारी वहीं से काम करते हैं। उन्होंने बेगमपेट में अपने कैंप ऑफिस की मरम्मत कराई और इसे 5 मंजिल ऊंचा और 6 ब्लॉक्स तक बढ़ा दिया। इसके पीछे उन्‍होंने तर्क दिया क‍ि शासक को ऐसी जगह से काम करना चाहिए जो दूसरों की तुलना में ज्यादा ऊंचाई पर हो। पिछले 5 साल से केसीआर सचिवालय की बजाय अपने सरकारी आवास से काम कर रहे हैं।

तेलंगाना : मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की भाजपा नेताओं को धमकी, कहा- ‘भौंकने वाला कुत्ता’‘, 'हिम्मत है तो छू कर दिखाएँ… जुबान काट लेंगे’

भाजपा विरोध में विरोधी मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर रहे हैं। नेता होकर ऐसी अमर्यादित भाषा बोल रहे हैं, जैसे ये नेता नहीं कोई गली का गुंडा है। वास्तव आज राजनीति सफेदपोश गुंडों का अड्डा बन गयी है। जब नेता ही ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करेंगे, फिर किस आधार पर देश अथवा राज्य से गुंडागर्दी को समाप्त करेंगे? क्या ऐसी अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करने वाले एक भी वोट के हक़दार हैं? जनता को ऐसे नेताओं को आईना दिखाना चाहिए। 
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने 7 नवंबर 2021 को हुजूराबाद में हार का सामना करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेताओं को ‘भौंकने वाला कुत्ता’ बताते हुए धमकियाँ दीं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केसीआर ने चेतावनी दी, “यदि आप हम पर अनावश्यक टिप्पणी करते हैं तो हम आपकी जुबान काट देंगे।”

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को धमकी देते हुए केसीआर ने आगे कहा, “आप अपने बारे में क्या सोचते हैं? आप गटर के लेवल की बातें करते रहे, फिर भी मैं आपको माफ करता रहा हूँ। आप कह रहे हैं कि आप मुझे जेल भेज देंगे। भेज दो। हिम्मत है तो मुझे छूकर दिखाएँ, फिर देखिए कि आपके साथ क्या होगा।”

केसीआर का बयान तब आया जब तेलंगाना में भाजपा नेताओं ने केसीआर की पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि जब राज्य में भाजपा सत्ता में आएगी तो तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख चंद्रशेखर राव को जेल भेज दिया जाएगा।

केसीआर ने बीजेपी नेताओं को कहा ‘भौंकने वाला कुत्ता’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं को ‘भौंकने वाला कुत्ता’ बताया। केसीआर ने बीजेपी के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए कहा, “अब तक मैंने उनकी टिप्पणियों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। यह हाथी के गुजरने पर गली में भौंकने वाले कुत्ते की तरह हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर भाजपा नेताओं ने ‘शालीनता की रेखा पार’ की तो वह कुमार और अन्य के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
केसीआर ने कहा, “हमारी एक पार्टी है, जिसने तेलंगाना आंदोलन का नेतृत्व किया। आखिर आप कौन हैं? हम आपको कुछ ही समय में बाहर निकाल सकते हैं।”। टीआरएस प्रमुख केंद्र द्वारा धान खरीद को लेकर से नाराज थे। केसीआर ने कहा कि TRS किसानों के अधिकारों के लिए केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।

मुग़ल प्रिंस तुसी का KCR-ओवैसी पर फूटा गुस्सा : ‘गधा ओवैसी जोकर जहाँ दिखे उसे चप्पलों से मारना चाहिए’

हैदराबाद में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान पर संवेदना जताते हुए मुगल वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने अपने एक बयान में तेलंगाना की मुख्यमंत्री KCR और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी को जमकर लताड़ लगाई है। भावनाओं में बहते हुए उन्होंने ओवैसी को जोकर, गधा कहते हुए कहा कि आवाम उसे चप्पलों से मारने वाली है। उल्लेखनीय है कि ये वही हबीबुद्दीन तुसी हैं जो खुद को अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के वंश का बताते हैं।

वीडियो की शुरुआत में प्रिंस तुसी कहते हैं कि इस बयान को जारी करने की ख़ास वजह यह है कि हैदराबाद में बाढ़ के कारण एक ओर लोगों के घर और सामान बह रहे हैं जबकि हैदराबाद के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने आज तक बयान नहीं दिया है। प्रिंस तुसी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने बेटे या बाकी लोगों को भेजकर जायजा ले रहे हैं लेकिन खुद जनता के बीच नहीं जा रहे हैं।

हैदराबाद के सीएम केसीआर की कड़ी निंदा करते हुए तुसी कहते हैं, “चंद्रशेखर राव से कहना चाह रहा हूँ कि आवाम ने आपको फुटपाथ से उठाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया। आप उस जोकर असदुद्दीन की बेटी की शादी में जाकर फोटो खिंचा रहे हैं। क्या आवाम आपको इसलिए लेकर आई थी? आज ओल्ड सिटी की आवाम के पास पीने के लिए पानी नहीं है।”

“..एक ही घर के आठ लोग मर गए और आपका बेटा और वो जोकर 5 लाख रूपए देकर फोटो सेशन करा रहे हैं। और खासतौर पर, मैं आवाम से माफ़ी चाहता हूँ.. मैं इस छिछोरे जोकर की बात कर रहा हूँ..नौकर से भी बड़ी तहजीब से बात करते हैं.. कुत्तों से ‘आइए-जाइए’ से बात नहीं कहते, तो मैं उस असदुद्दीन ओवैसी जोकर से कह रहा हूँ.. जो बिहार में जाकर नीतीश कुमार पर कह रहा है कि तुम दस-पाँच साल से क्या कर रहे हैं? 50 साल से हैदराबाद की आवाम तुझे वोट डाल रही है, तीन बार तेरे डेप्युटी मेयर थे.. सब लोग तेरे थे, तू हैदराबाद की बस्तियों में तू आवाम के लिया क्या करा?”

“..आवाम तेरे को आज खोज रही है.. जहाँ भी तेरे लोग जा रहे, लोग आज तुझे गालियाँ दे रहे हैं? आज भी तेरे को बोल रहा, तू लोगों को बेवकूफ बनाना छोड़.. तूने आवाम के लिए क्या किया? तुझे आज लोग गालियाँ दे रहे हैं.. तुझे खोज रहे हैं.. लोग तुझे चप्पल से मारने वाले हैं।”

भावना में बहते हुए वीडियो में तुसी ने आवाम को संदेश देते हुए कहा कि जो जोकर ओवैसी पचास सालों से डेवलप नहीं कर सका वो पट्टों की शेरवानी पहनकर फोटोशूट करवा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग ओवैसी और केसीआर को गालियाँ दे रहे हैं और ये जोकर ओवैसी को चप्पल से मारने वाले हैं।

वीडियो में तुसी आगे कहते हैं, “खासकर मैं आवाम से कह रहा हूँ कि जो आदमी इसके बहकावे में आ रहे हैं, जो सिटी को पचास साल में डेवलप नहीं कर सका.. जहाँ जहाँ आज पानी आ रहा है इसके लोग इलीगल तरीके से बेचे हैं।”

“..KCR साहब 13 सौ करोड़ रूपए केंद्र की भाजपा सरकार से माँग रहे हैं, भाजपा सरकार ने इससे पहले हजारों-करोड़ अल्पसंख्यकों के लिए भेजे, आज तक वो रुपया माइनोरिटी को नहीं मिला। उसमें से 5% भी नहीं मिला। अब 13 सौ करोड़ किसके लिए मँगाए?”

“ये जोकर खुद पचास साल में खुद दो सौ करोड़ के मकान में बैठा हुआ है. इसका भाई- छोटा जोकर, शेरवानी पेंट में उस मकान में बैठा हुआ। असद तू सुन रे, कॉन्ग्रेस जे लोग, मैं किसी की पार्टी को सपोर्ट नहीं कर रहा लेकिन तेरे लोग उनको मार रहे। कमीने तुझे शर्म आनी चाहिए, तू शर्म से मर जा रहे कमीने तू, गधे बेवकूफ। मैं आवाम से कहूँगा कि चप्पल से मारें इसको।”

 हैदराबाद और तेलंगाना के हिस्सों में हुई भारी बारिश और बाढ़ के मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है। भारी तबाही और नुकसान के बीच दो और लापता लोगों के शव हैदराबाद में मिले हैं।

बचाव के लिए हैदराबाद राज्य सरकार पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से भी 30 नावों का इंतजाम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) और इसके पड़ोसी इलाकों में 33 लोगों की मौत हो गई तथा आसपास के जिलों में 37 लोगों की मौत हुई है। सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र से 1,380 करोड़ रुपए की माँग की गई है।

'Tere Baap ko Bolunga', KCR Loses Cool at Voter Who Queried About 12% Quota For Muslims

Telangana Assembly Election 2018: KCR Loses Cool, Abuses Voter at Rally Who Queried About 12% Quota For Muslims; Faces FlakTelangana caretaker Chief Minister K Chandrasekhar Rao on Friday faced flak from Opposition parties for losing cool on a man, who asked him about the proposed 12 per cent reservation for Muslims during an election rally in Komaram Bheem Asifabad district of the poll bound state.
Insisting the man to remain silent, Rao reportedly said,”What are you talking? Sit silent. What about 12 per cent? Why are you in hurry? Tere baap ko bolunga na (I will tell your father). Are you doing tamasha.” The TRS leader had earlier accused Prime Minister Narendra Modi of not clearing the proposed reservation for Muslims.
If reports are to be believed, the man asked Rao about the status of the proposed quota which was passed by the State Assembly and sent to the Centre for approval.
Reacting sharply to this, Congress’ Telangana unit tweeted,”Drunk with power, KCR acts like a dictator. KCR, you are answerable to the people of Telangana. Arrogance and dictatorship have no space in a democracy!”
Former India cricketer and senior Congress leader Mohammed Azharuddin said KCR should tender an apology and also answer the question about the 12 per cent reservation he promised for Muslims.  “He should tender an apology. He should not have said that. Why should he make such promises when he knows very well that it cannot be fulfilled,” Azharuddin, who is the Congress’ Telangana unit working president, said.
A few days back, at an election rally at Mahabubnagar district of the state, Prime Minister Narendra Modi had attacked KCR over the issue saying,”TRS’s talk of (raising) Muslim reservations is vote bank politics which the Congress has been doing for a long time.”
Telangana will go to polls to choose a new government on December 7, 2018 with the Telangana Rashtra Samithi (TRS) bidding to retain power and the Congress-led alliance ready for a no-holds-barred contest. The 119-member Assembly was dissolved on September 6 on the recommendation of the K Chandrasekhar Rao-led TRS government, more than eight months ahead of the expiry of its term, paving the way for early elections.