Showing posts with label London. Show all posts
Showing posts with label London. Show all posts

नंगा नाच के बीच में होगी नमाज, समलैंगिक भी लगाएँगे ठुमके… मस्जिद को लेकर क्यों हो रहा विरोध

लंदन की लोकप्रिय इमारत 'Trocadero' अब बनेगा मस्जिद
जिस इलाके को लंदन के मनोरंजन की दुनिया का का दिल कहा जाता है, अब वहाँ एक बड़ी इमारत मस्जिद में बदलने जा रही है। Trocadero में लंबे समय तक लोग मनोरंजन के लिए जाते रहे हैं, लेकिन अब ये 3 मंजिला इमारत मस्जिद में बदल जाएगी। बड़ी बात ये है कि इस मस्जिद के आसपास क्लब, बार, गे वेन्यू, नाइट क्लब और स्ट्रिप जॉइंट जैसी चीजें होंगी। यानी, चारों तरफ नंगा नाच और समलैंगिकों का डांस होगा और बीच में ये मस्जिद होगी।

मौलाना अक्सर इन चीजों को इस्लाम के हिसाब से हराम बताते रहे हैं। इस 3 मंजिला मस्जिद का अनाम ‘Piccadilly Prayer Space’ रखे जाने की योजना बनाई गई है। ये पिक्कैडिली सर्कस और सोहो के बीच में स्थित है। 56 वर्षीय मुस्लिम अरबपति आसिफ अजीज इसे मस्जिद में परिवर्तित करवा रहे हैं। उन्हें ‘मिस्टर वेस्ट एन्ड’ के रूप में भी जाना जाता है, जो संपत्तियों के खरीद-बेच के अग्रणी कारोबारियों में गिने जाते हैं।

1000 नमाजियों की सुविधा वाली इस मस्जिद के लिए 2020 में ही प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब इसे नकार दिया गया था। लेकिन, वेस्टमिंस्टर काउंसिल ने बाद में छोटे मस्जिद के लिए इजाजत दे दी। 2006 में यहाँ एक मेट्रो सिनेमा हुआ करता था, जिसके द्वारा खाली की गई जगह अब मस्जिद बन जाएगी। इसमें 390 नमाजी एक साथ फिट हो सकते हैं। कई मुस्लिमों ने इस इस लोकेशन को ‘अनैतिक’ करार देते हुए यहाँ मस्जिद बनाए जाने पर सवाल खड़ा किया है।

मूल रूप से दक्षिणी-पूर्वी अफ्रीका के मलावी के रहने वाले आसिफ अजीज अपनी कंपनी ‘अजीज फाउंडेशन’ के माध्यम से इस योजना को मूर्त रूप देने पर काम कर रहे हैं। Trocadero का निर्माण सन् 1896 में हुआ था, जहाँ 1997 में यूके का पहला 3D IMAX सिनेमा हॉल खुला। हालाँकि, कई बड़ी कंपनियों के कोशिशों के बावजूद यहाँ आने वाले लोगों की संख्या कम हो गई थी। आसिफ अजीज की कंपनी ‘Criterion Capital’ ने इसे 2011 में खरीद लिया।


लंदन भाग रही भगोड़े अमृतपाल सिंह की बीवी किरणदीप कौर अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार

                                  अमृतपाल की बीवी किरणदीप कौर (साभार: अमर उजाला एवं द वीक)
‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर को इंग्लैंड भागने के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस कार्रवाई के बीच अमृतपाल लापता है। वहीं, उसकी पत्नी किरणदीप अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से लंदन भागने की फिराक में थी। इस बीच पंजाब पुलिस ने उसे रोक लिया है और इमीग्रेशन विभाग उससे पूछताछ कर रहा है।

पुलिस सूत्रों के हवाले पहले ANI ने पहले खबर दी कि किरणदीप को हिरासत मेें लेे लिया गया है। हालाँकि, इसमें अपेडट करते हुए बाद में ANI ने कहा कि पंजाब पुलिस के सूत्र ने स्पष्ट किया है कि किरणदीप कौर को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन इमीग्रेशन विभाग द्वारा पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के हवाले से न्यूज 18 ने बताया कि है कि किरणदीप कौर पहले से ही पंजाब पुलिस के अधिकारियों के संपर्क में थी। उसे हिरासत में नहीं लिया गया है। इमीग्रेशन डिपार्टमेंट ने उसे रोक लिया है और उसके पति अमृतपाल की पृष्ठभूमि को देखते हुए उससे पूछताछ कर रही है।

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर गुरुवार (20 अप्रैल 2023) को लंदन (London) की फ्लाइट पकड़ने के लिए सुबह लगभग 11:30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुँची थी। उसके साथ उसके परिजन भी थे। करीब 1:30 बजे दोपहर में उसकी फ्लाइट थी।

जब इमीग्रेशन के अधिकारियों ने विदेश जाने वालों की लिस्ट में उसका नाम देखा तो उसे रोक लिया और उससे पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियाँ भी किरणदीप कौर से पूछताछ कर रही हैं। वहाँ पंजाब पुलिस के अधिकारी भी मौजूद है।

‘द वीक’ को हाल में दिए एक साक्षात्कार में किरणदीप कौर ने कहा था कि वह नहीं जानती है कि उसका पति अमृतपाल कहाँ है। किरणदीप ने कहा था कि अमृतपाल से उसका कोई संपर्क नहीं है और उसकी सुरक्षित घरवापसी की प्रतीक्षा कर रही है।

किरणदीप कौर ने इंटरव्यू के दौरान खालिस्तान समर्थक अमृतपाल का और उसके क्रिया-कलापों का बचाव किया था। उसने कहा था कि पंजाब पुलिस जिस तरह से अमृतपाल को पकड़ने की कोशिश कर रही है, वह गैर-कानूनी है। उसने कहा था कि वह अमृतपाल को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी।

किरणदीप कौर का इतिहास संदिग्ध है। वह ब्रिटिश नागरिक है। अमृतपाल ने 10 फरवरी 2023 को NRI किरणदीप कौर से शादी की थी। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए शादी के एक साल पहले से दोनों संपर्क में थे। शादी के बाद किरणदीप ब्रिटेन से पंजाब चली आई और अमृतपाल के साथ रह रही थी। किरणदीप की पारिवारिक जड़ें जालंधर के कुलारां गाँव में हैं। उसके दादा 1951 में यूके जाकर बस गए थे।

दैनिक भास्कर ने ब्रिटिश खुफिया अफसर के हवाले से बताया था कि किरणदीप अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के लिए फंड जुटाती थी। साल 2020 में उसे और 5 लोगों को ब्रिटेन पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। वह ब्रिटेन से खालिस्तान मूवमेंट के लिए फंडिंग करती थी।

चर्च में सेक्स पार्टी के बाद पादरी ने कर ली आत्महत्या

                    मृत पादरी मैककॉय (इनसेट), चर्च जहाँ सेक्स पार्टी हुई (फोटो साभार : FirstPost)
ब्रिटेन की राजधानी लंदन के एक चर्च में सेक्स पार्टी का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद पोप ने जाँच के आदेश दिए हैं। सेक्स पार्टी पादरी माइकल मैककॉय ने लॉकडाउन के दौरान आयोजित की थी। सेक्स पार्टी का आरोप जिस पादरी पर लगा है, उसने साल 2021 में आत्महत्या कर ली थी। मामले की जाँच लीवरपूल के आर्कबिशप को सौंपी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, सेक्स पार्टी का खुलासा पूर्व पादरी रॉबर्ट बयर्ने के इस्‍तीफे की जाँच के दौरान हुआ है। जाँच में सामने आया कि रॉबर्ट ब्रायन के इस्तीफे के बाद मैककॉय पादरी बनने जा रहा था।

हालाँकि, इस बीच दिसंबर 2020 में मैककॉय ने चर्च के अंदर बने अपने घर में कुछ ईसाइयों को कथित तौर पर सेक्‍स पार्टी के लिए तैयार किया। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लंदन में लॉकडाउन लगा हुआ था। ऐसे में चर्च खाली पड़ा था। मौके का फायदा उठाकर मैककॉय ने यह पार्टी आयोजित की थी।

दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में इससे पहले कोई भी शिकायत नहीं हुई थी। लेकिन, मामले का खुलासा होने के बाद मैककॉय के खिलाफ गवाही देने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं।

‘संडे टाइम्‍स’ ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि मामले का खुलासा होने के बाद कई लोगों ने इस मामले की शिकायत की है। मैककॉय के खिलाफ गवाही देने वालों का आरोप है कि उसने चर्च के अंदर बने अपने घर में सेक्‍स पार्टी आयोजित की थी।

हालाँकि,इस आरोप की पुष्टि नहीं हो पायी है। लेकिन, ये आरोप काफी हद सही इसलिए लग रहे हैं क्योंकि पादरी मैककॉय पर बच्चों के यौन शोषण करने का आरोप लगा था। इन आरोपों के बाद जब पुलिस ने उसके खिलाफ जाँच शुरू की तो 4 दिन बाद ही उसने आत्महत्या कर ली थी। बता दें कि ‘सेक्स पार्टी’ की जाँच कर रहे अधिकारियों को इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि मैककॉय से पहले चर्च के पादरी रहे रॉबर्ट ब्रायन इसमें शामिल हुए थे या नहीं। चर्च में हुई सेक्स पार्टी के इस खुलासे के बाद पूरी दुनिया में इसकी आलोचना हो रही है।

‘ISIS की दुल्हन’ सामिया हुसैन को UK दे रहा 5 करोड़ रूपए का घर, इलाज का पूरा खर्चा

                                         सामिया हुसैन आतंकी हमलों का करती है बचाव (फोटो साभार: Mirror UK)
यूनाइटेड किंगडम ने ‘ISIS की दुल्हन’ सामिया हुसैन को £500,000 (5.17 करोड़ रुपए) का एक घर दिया है। साथ ही उसे वहाँ की राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (NHS) के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा भी दी गई। इस ‘ISIS की दुल्हन’ ने मेनचेस्टर में हुए बम धमाके में मारे गए बच्चों को ‘युद्ध का शिकार’ बताया था। याद हो कि मई 2017 में मेनचेस्टर में हुए आत्मघाती धमाके में 23 लोगों की मौत हो गई थी और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

सामिया हुसैन नाम की ये महिला पश्चिमी लंदन के साउथॉल की रहने वाली है। महिला ने दावा किया था कि जनवरी 2015 में जब सीरिया में सिविल वॉर अपने चरम पर था, तब उसे ऑनलाइन फँसा के (Groom) वहाँ बुलाया गया था और युद्ध में हिस्सा लेने के लिए बाध्य किया गया था। इसके बाद एक बम धमाके में वो घायल हो गई। 1 साल के भीतर हुए इस हमले की चपेट में आकर उसका एक बाँह और स्तन गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

इसके बाद वो कई महीनों तक बिस्तर पर पड़ी रही। उसका इलाज चल रहा था। 7 महीने तक इलाज के बाद वो फरवरी 2020 में ब्रिटेन पहुँची। वहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया गया। उसकी एक बाँह धमाके में कट कर अलग हो गई थी। NHS की मदद से उसे एक कृत्रिम बाँह लगाई गई है। इसकी कीमत £3,000 (3.10 लाख रुपए) है। एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि उसे तो कटे हुए सिर देख कर भी कोई हैरानी नहीं होती है, क्योंकि वो इसकी आदी रही है।

डॉक्टरों की फी से लेकर इलाज के बाद के अन्य खर्च भी है, जो इसके अतिरिक्त हैं। अब ‘ISIS की दुल्हन’ सामिया हुसैन पश्चिमी लंदन में सरकार द्वारा दिए गए घर में रह रही है। मैनचेस्टर में हुए बम धमाके में मारे गए लोगों में 10 ऐसे थे, जिनकी उम्र 20 से कम थी। शामिया हुसैन ने इन किशोरों की हत्या की निंदा करने से इनकार कर दिया था। साथ ही इसे आतंकी हमले की बजाए ‘युद्ध’ बताया था। उसने सीरिया में बमबारी से महिलाओं और बच्चों के मारे जाने का दावा करते हुए कहा था कि सब, सबको मार रहे हैं।

उसने इस घटना को एक ‘दुष्ट साइकिल’ का हिस्सा बताया था। साथ ही कहा था कि इसमें मारे जाने वाले दोनों तरफ के लोग ‘युद्ध के शिकार’ हैं। उसने कहा था कि वो इसके पक्ष में नहीं है कि ISIS के विरोध में बना सैन्य गठबंधन सीरिया में जाकर महिलाओं व बच्चों की ‘हत्या’ करे। सीरिया में एक हमले में जब शामिया हुसैन की बाँह कट गई थी, उस दौरान उसके पाँव भी जख्मी हो गए थे। लेकिन, अब NHS की मदद से इलाज हुआ है।

भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से हुई थी मुलाकात--विजय माल्या

Vijay Mallya says he met Finance Minister before leaving India
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भारत में भगोड़ा घोषित अरबपति कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि बीते साल देश छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। माल्या ने कहा कि उन्होंने जेनेवा से निकलने से पहले बैंकों के साथ सेटलमेंट करने का ऑफर दिया था, बस यही हकीकत है। वह बुधवार को यूके की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख रहे थे। भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए के कर्जदार माल्या बैंकों के साथ फ्रॉड और मनीलॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। माल्या बीते साल अप्रैल से जमानत पर हैं।
वित्त मंत्री को दिया था ऑफरः माल्या
रिपोर्टर्स ने पूछा कि क्या उन्होंने देश से भागने की ‘सलाह’ दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘मेरी जेनेवा में मीटिंग तय थी, इसलिए देश से निकला था। मैंने उससे पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की और दोबारा बैंकों के साथ सेटलमेंट का ऑफर दिया। सिर्फ यही सच है।’ माल्या के भारत छोड़ते समय वर्ष 2016 में अरुण जेटली वित्त मंत्री थे।
पॉलिटिकल फुटबॉल बनाने का लगाया आरोप
उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, ‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं एक पॉलिटिकल फुटबॉल बन चुका हूं। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता हूं। मेरा रुख साफ है और मैं कर्नाटक हाईकोर्ट में अपनी 15 हजार करोड़ रुपए की एसेट के बारे में बता चुका हूं।’ उन्होंने कहा कि मीडिया को बैंकों से सवाल करने चाहिए कि वे क्यों रिपेमेंट में उन्हें सहयोग नहीं दे रहे हैं।
बनाया जा रहा है बलि का बकरा
उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित तौर पर एक बलि का बकरा हूं। मैं खुद को बलि का बकरा महसूस कर रहा हूं। दोनों ही पॉलिटिकल पार्टी मुझे पसंद नहीं करती हैं।’ उन्होंने मुंबई की आर्थर रोड की बैरक 12 के वीडियो पर कटाक्ष किया और कहा, ‘वह बेहद प्रभावशाली है।’ सरकार की इसी जेल में माल्या को रखे जाने के लिए तैयार किया गया है।
आर्थर रोड जेल में रखे जाएंगे माल्या
वेस्टमिंस्टर कोर्ट में इससे पहले जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान जज ऐम्मा अर्बथनॉट ने भारतीय अधिकारियों से आर्थर रोड जेल की बैरक 12 का ‘स्टेप बाई स्टेप वीडियो’ था, जहां उन्हें मुकदमे के दौरान रखे जाने का अनुमान है। भारत सरकार की तरफ से केस लड़ क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने अनुरोध को स्वीकार किया और कोर्ट को वीडियो सौंप दी थी।
माल्या की टीम ने जेल के निरीक्षण की मांग
माल्या की डिफेंस टीम ने यूके के मानवाधिकारों को पूरा करने के लिए जेल की सेल का निरीक्षण किए जाने की भी मांग की थी। सीपीएस ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार ‘पर्याप्त मैटेरियल’ उपलब्ध करा दिया है, जिससे निरीक्षण की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने वीडियो के रिव्यू की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
विजय माल्या के दावे पर अरुण जेटली ने कहा- झूठ बोल रहे हैं माल्या
झूठ बोल रहे हैं माल्या--अरुण जेटली 
लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में विजय माल्या के प्रत्यर्पण के संबंध में निर्णायक सुनवाई चल रही है। अदालत में सुनवाई से पहले धुएं का छल्ला उड़ाते हुए वो पत्रकारों से मुखातिब हुआ और बड़ा बयान दे डाला जिसके बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि वो बैंकों के कर्ज को चुकाने के लिए ऑफर दिए थे। लेकिन वो भारतीय राजनीतिक दलों के लिए फुटबॉल बन चुके हैं। इससे भी बड़ी बात माल्या ने कही कि लंदन जाने से पहले( भागने से पहले) वो वित्त मंत्री से मिले थे। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पूरी बात को पब्लिक डोमेन में रखी की आखिर सच क्या है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली लिखते हैं कि उनके संज्ञान में ये बात आई है कि विजय माल्या ने लंदन में बैंकों से सेटलमेंट के संबंध में कुछ कहा है। जेटली लिखते हैं कि विजय माल्या का बयान सच से परे हैं। उसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं है। 2014 के बाद उन्होंने माल्या को मिलने के लिए अप्वाइंटमेंट नहीं दिया था, लिहाजा उनसे मिलने का सवाल ही नहीं उठता है। विजय माल्या चूंकि राज्यसभा के सदस्य थे और वो कभी कभी संसद आया करते थे।
My attention has been drawn to a statement made to the media by Vijay Mallaya on having met me with an offer of settlement.
The statement is factually false in as much as it does not reflect truth. Since 2014, I have never given him any appointment to meet me and the question of his having met me does not arise. However, since he was a Member of Rajya Sabha and he occasionally attended the House, he misused that privilege on one occasion while I was walking out of the House to go to my room. He paced up to catch up with me and while walking uttered a sentence that ”I am making an offer of settl...
एक मौके पर उन्होंने विशेषाधिकार का उल्लंघन किया। एक बार मैं (अरुण जेटली) सदन की कार्यवाही में शामिल होने के बाद वो अपने कमरे में जा रहे थे। विजय माल्या तेजी से उनकी तरफ आगे बढ़े, और बोले की उन्होंने सेटलमेंट के लिए ऑफर दिया है। लेकिन पहले के उनके इस तरह के झूठे वादों को मैं जानता था और बोला कि इस मुद्दे पर उनसे बातचीत का कोई मतलब नहीं है, बेहतर है कि वो बैंकों के पास जाकर अपने मुद्दे को सुलझाएं। उस वक्त मैंने उनसे किसी तरह का पेपर नहीं लिया जो विजय माल्या के हाथों में था। सिर्फ इस वाक्य के अलावा किसी तरह की बात नहीं हुई। जहां तक विजय माल्या को अप्वाइंटमेंट देने की बात थी तो उसका सवाल ही नहीं पैदा होता था।