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अमेरिका के बाद सऊदी अरब ने भी दिया झटका

saudi arabiaअमेरिका के ईरान प्रतिबंधों से भारत को राहत देने से इनकार के बाद अब सऊदी अरब ने भी बड़ी झटका दिया है। दरअसल सऊदी अरब ने ऐसे हालात के बावजूद क्रूड का प्रोडक्शन बढ़ाने से इंकार कर दिया है। सऊदी के इस ऐलान से दुनिया में क्रूड की कीमतें बढ़ सकती हैं और इस क्रम में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर महंगाई की मार पड़ सकती है।

उत्पादन बढ़ाने की योजना नहींः सऊदी अरब

बुधवार को सऊदी अरब के एनर्जी मिनिस्टर खालिद अल-फलीह (Khalid al-Falih) ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरानी क्रूड के खरीदारों को प्रतिबंध से छूट वापस लिए जाने के बाद तत्काल तेल उत्पादन बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। रियाद में एक फाइनेंस कांफ्रेंस के दौरान फलीह ने कहा, ‘वेनेजुएला संकट और ईरान पर सख्ती के बावजूद ग्लोबल इन्वेंट्रीज बढ़ रही हैं। इसलिए तत्काल कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है।’

फिलहाल अच्छी है आपूर्ति

उन्होंने कहा कि मार्केट में फिलहाल अच्छी आपूर्ति है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने कस्टमर्स से बात कर रहे हैं। हमारी इन्वेंट्रीज पर नजर है और साथ ही अन्य प्रोड्यूसर्स से भी बात कर रहे है।’
अमेरिका ने इस हफ्ते अपनी कार्रवाई को वाजिब ठहराते हुए कहा कि मार्केट में पर्याप्त सप्लाई है। डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने कहा कि उसने सऊदी अरब और यूएई से भी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए बात की है।

सऊदी अरब का बाजार आकलन पर जोर

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी किंगडम के अधिकारियों ने निजी बातचीत में कहा कि वे ईरान तेल के बाजार पर असर का आकलन किए बिना तेल उत्पादन बढ़ाने को उत्सुक नहीं है।
बीते साल सऊदी अरब ने अमेरिका के कहने पर तेल उत्पादन रिकॉर्ड लेवल तक बढ़ा दिया था। साथ ही अमेरिका ने चीन और भारत जैसे देशों को ईरान से तेल की खरीद की छूट दिए जाने से ग्लोबल मार्केट में क्रूड की कीमतें गिर गई थीं।
इसके चलते तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (Opec) और रूस की अगुआई वाले उसके सहयोगियों 2019 की शुरुआत में सप्लाई में कटौती कर दी थी। इसके पीछे उन्होंने बाजार को संतुलित करने की वजह बताई थी।

मोदी सरकार का अरब देशों को बड़ा झटका, अब अमेरिका से खरीदेगा करोड़ों का तेल

narendra modi- indian oilसऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (saudi prince Mohammad Bin Salman Al Saud) पाकिस्तान को अरबों डॉलर की सौगात देने के बाद आज(फरवरी 19) को भारत आ रहे हैं। लेकिन उससे एक दिन पहले ही भारत ने अरब देशों को तगड़ा झटका दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगुआई वाली सरकार ने क्रूड ऑयल के लिए अरब देशों से निर्भरता कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल (Indian Oil) ने रोजाना 60 हजार बैरल या कुल 30 लाख टन तेल खरीदने के लिए अमेरिका के साथ बड़ा समझौता किया है। 

भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मिलेगी मजबूती

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सबसे बड़ी रिफाइनर आईओसी (IOC) भारत की पहली सरकारी ऑयल कंपनी है, जिसने अमेरिका के साथ सालाना डील की है। इससे भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड रिलेशंस को भी मजबूती मिलेगी। पहले कंपनी स्पॉट मार्केट से अमेरिका ऑयल खरीदती रही है और इससे नवंबर और जनवरी के बीच 60 लाख बैरल तेल खरीदने के लिए एक मिनी-टर्म डील की थी।

अप्रैल से शुरू होगी सप्लाई

आईओसी (IOC) संजीव सिंह ने कहा कि सालाना कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल, 2019 से शुरू होगा और मार्च, 2020 में खत्म होगा। हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए उन्होंने सेलर कंपनी या प्राइसिंग का ब्योरा देने से इनकार कर दिया। एक इंडस्ट्री सोर्स ने कहा कि आईओसी (IOC) ने नॉर्वे की ऑयल कंपनी इक्विनोर के साथ डील की है, जो अमेरिकी क्रूड ग्रेड की कई वैरायटी की सप्लाई करेगी। इक्विनोर ने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

अरब देशों पर निर्भरता होगी कम

इंडियन ऑयल अपनी तेल जरूरतों का अधिकांश तेल लॉन्ग टर्म डील्स के माध्यम से खरीदती है, जो ज्यादातर ओपेक (OPEC) देशों के साथ होती है। ओपेक के सदस्यों में अधिकांश अरब देश शामिल हैं। टर्म डील से आईओसी को ओपेक देशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
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