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सबा नकवी के लिए राम मंदिर बकवास चीज: कहा- सब अयोध्या में माथा टेक रहे, हमारा मजाक बन रहा

                                         टीवी पर राम मंदिर कार्यक्रम की बातें सुन सबा नकवी तिलमिलाईं
स्वयंभू पत्रकार सबा नकवी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को और टीवी पर श्रीराम की तस्वीरों को ‘बकवास’ चीज कहा है। उनकी इच्छा है कि न्यूज चैनलों पर गाजा की हालत दिखाई जानी चाहिए, लेकिन दिखाया जा रहा है कि कोई कैसे मंदिर में माथा टेक रहा है। इस वीडियो में सबा नकवी की बौखलाहट देखते ही बनती है। उन्होंने ये कुंठा सत्य हिंदी पर आशुतोष कुमार के साथ चर्चा करते हुए निकाली। इस चर्चा में राम मंदिर का नाम आने से उन्होंने अपने मित्र आशुतोष के शो की भी आलोचना की।

सबा और अन्य सनातन विरोधियों की बौखलाहट तो जनवरी 22 को/के बाद देखने वाली होगी, संभव है कुछ ऐसी उकसाने वाली बातें भी हो सकती है, जिससे हिन्दू समुदाय उत्तेजिक होकर इस्लाम या किसी पैगंम्बर के विरुद्ध बोल देश का माहौल बिगड़ने भरसक प्रयास हो सकता है। हिन्दू को बहुत ही संयम से काम लेना है। मुग़ल आक्रांताओं के नामलेवा समस्त विश्व में नहीं बल्कि केवल भारत में ही मिलेंगे। कुछ दिन पहले एक चैनल शायद टीवी9 पर अयोध्या मुद्दे पर चर्चा में 5 मुस्लिमों पर एकमात्र हिन्दू शेर ठाकुर देवकीनंदन जी महाराज भारी थे। महाराज जी ने उनसे पूछा कि मुग़ल आक्रांता कहाँ से आये थे, जहाँ से आये थे क्या वहां कोई उनका नामलेवा है? किसी के पास कोई जवाब नहीं। उनके द्वारा जब औरंगज़ेब द्वारा मंदिर बनवाने की बात कहते ही, महाराज जी पूछा प्रमाण है? प्रमाण दिखाने के नाम पर सभी की सिट्टीपिट्टी गुल। महाराज जी उनको शिक्षा दी कि व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी नहीं बल्कि वास्तविक इतिहास पर बात करो। झूठ मत फैलाओं।  

जहाँ तक गाज़ा की बात है, तो कोई हमास को यह नहीं बोलता कि क्यों हॉस्पिटल में सुरंगे बनाई जा रही हैं? क्यों मस्जिद और मदरसों को अड्डा बनाया जा रहा है? फिर जब इजराइल इन अड्डों और सुरंगों पर हमला करेगा, बेगुनाहों को मरने से कोई नहीं रोक सकता। 

सबा की बात को 22 मिनट के स्लॉट के बाद सुना जा सकता है। यहाँ आशुतोष उनसे सवाल करते हैं कि अगर कॉन्ग्रेस को खुद को हिंदू विरोधी नहीं साबित करना है तो क्यों वो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने से बच रहे हैं? इस पर सबा ने कहा कि आशुतोष के चर्चा का फॉर्मेट थोड़ा अलग है लेकिन गोदी मीडिया वाला है। जैसे ये पूछना- आप राम मंदिर क्यों नहीं जा रहे हो, हिंदू विरोधी हो। सबा ने आशुतोष को कहा- “बस आप राम के दृश्य नहीं दिखा रहे हैं कि ये भक्ति चैनल बन गया है।”

उन्होंने कहा कि कोई संविधान की बात नहीं कर रहा है। लेकिन वो संविधान की बात करेंगी। उन्होंने ये पढ़ा है कि हिंदुस्तान धार्मिक मुल्क नहीं है। लेकिन अब इसे ऐसा बनाया जा रहा है। उन्होंने आशुतोष की किताब हिंदू राष्ट्र के नए संस्करण पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ घबराते हैं कि इस पार रहें या उस पार, इसलिए हो सकता है कि वो चले जाएँ या कोई प्रतिनिधि मंडल जाए लेकिन सवाल है कि ये लोग जाएँ ही क्यों? उन्होंने कहा कि बेचारा मुसलमान वोटर तो बहुत कमजोर हो गया है। जहाँ है वहाँ भी उसके नाम वोटर लिस्ट से गायब हो रहे हैं।

वह आशुतोष को बोलीं- “मैं दोस्ती में आपके चैनल की आज आलोचना कर रही हूँ। आपने जो टॉपिक उठाया है कि वो गोदी मीडिया वाला है। जहाँ पूछा जा रहा है कि आप क्यों नहीं अयोध्या जा रहे।”

उन्होंने कहा- “देखो तो हिंदू क्या है मुस्लिम क्या है हमारा मुल्क क्या है आशुतोष, क्या था क्या हमने सोचा। पूरे मुल्क को इतनी बकवास में फँसाया गया है। वहाँ एक बड़ा सा युद्ध हो रहा है गाजा में। दुनिया बदल रही है। हम राम मंदिर, अयोध्या जाकर माथा टेक रहे हैं। हम मजाक बन रहे हैं। हम बस जाकर धर्म-आस्था-500 साल इसमें लगे हैं…टीवी की हेडलाइन बता रही हूँ मैं।”

उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि साध्वियों के साक्षात्कार हो रहे हैं। आडवाणी को सब भूल गए हैं। ये राजनैतिक खेल है जिसे बीजेपी जीत चुकी है। अब भाजपा के फँक्शन में जाकर कहोगे हम भी हिंदू हैं। सिर्फ इसलिए कहीं हिंदू नाराज न हो जाए?

इस चर्चा में सबा नकवी ने गाली देने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ गालियाँ होती हैं न वो देनी चाहिए, लेकिन वो आशुतोष के शो में नहीं देंगी। आशुतोष के ज्यादा सवाल करने पर सबा ने कहा कि कॉन्ग्रेस को कमलनाथ को तो राम मंदिर भेज ही देना चाहिए क्योंकि उन्होंने ज्यादा खुद खुद को हिंदू हिंदू कहा था। उन्हें खास निमंत्रण देकर बुलाया जाना चाहिए।

पत्रकार ने जब सबा नकवी से पूछा कि क्या अगर सोनिया गाँधी और खड़गे राम मंदिर के कार्यक्रम में नहीं जाते हैं तो उनका वोटर नाराज हो जाएगा। इस पर सबा ने कहा कि यूपी बिहार में तो वैसे भी अब कॉन्ग्रेस को ज्यादा वोट नहीं मिलता। वहाँ बीजेपी को फायदा मिलता है। सबा पत्रकार से पूछती हैं कि क्या राम के दृश्य टीवी पर दिखाना ही अब हमारा मुल्क है।

किसान आंदोलन में चोरी हुआ सबा नकवी का आईफोन

                                                                सबा नकवी
दिल्ली की सीमाओं पर कृषि सुधार क़ानूनों का विरोध जारी है। ऐसा विरोध-प्रदर्शन जिसमें मुफ्त पिज्जा, मसाज, पार्लर, वाईफाई समेत विलासिता भरी तमाम सुविधाएँ उपलब्ध हैं। अब वहाँ चोरों ने भी घुसपैठ कर दी है। स्वघोषित ‘पत्रकार’ सबा नकवी ने जानकारी दी है कि सिंघु बॉर्डर पर उनका फोन चोरों ने चुरा लिया। उन्होंने अपने फोन का नाम “I phone 11 pro” बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि चोरों ने उन्हें धक्का दिया, फोन छीना और गायब हो गए। 

Dear friends, my I phone 11 pro invaluable for my work got stolen today at Singhu border. Professional thieves. Pushed , grabbed and disappeared. So not available on phone tonight. will sort out.

— Saba Naqvi (@_sabanaqvi) December 31, 2020

हालाँकि नकवी ने ट्वीट यह बताने के लिए किया था कि इस घटना की वजह से वह फोन पर उपलब्ध नहीं रहेंगी। लेकिन ‘ट्रोल्स ’ ने इस बात को मौके की तरह देखा। इस घटना पर संवेदना जताने या फोन की अहम जानकारी रिकवर करने का तरीका बताने की बजाय ‘ट्रोल्स ’ ने पत्रकार और उनकी विचारधारा की ब्रांड का मज़ाक बनाना शुरू कर दिया। इस घटना से एक और बात साफ़ हुई कि सबा नकवी ‘ट्रोल्स ’ के बीच कितनी ‘मशहूर’ हैं।

मशहूर ट्विटर हैंडल BefittingFacts ने नकवी को याद दिलाते हुए कहा कि इस विचारधारा का ही तो वह समर्थन करती हैं, अमीरों से लिया और गरीबों को दिया। 

मौज लेते हुए ट्विटर की बाकी जनता ने भी कुछ ऐसी ही सूरत के विचार पेश किए।

 

कुछ ट्विटर यूज़र्स ने नकवी पर आरोप लगाया कि वह किसानों को चोर कह रही हैं, क्योंकि उनके हिसाब से तो वहाँ पर सिर्फ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

कुछ ट्विटर यूज़र्स ने चोरी की इस घटना को हाल ही में हुई घटना से जोड़ दिया, जिसमें ‘प्रदर्शनकारियों’ ने जियो मोबाइल टावर से जेनरेटर उखाड़ कर पंजाब के स्थानीय गुरुद्वारे को दान कर दिया था। लोगों की कल्पना कि शायद इसी तरह आईफोन भी किसी गुरुद्वारे में दान कर दिया गया होगा।

 वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी ही असली चोर हैं।

 

कुछ ने तो सबा नकवी को कहा कि चोरी पर विलाप करने की ज़रूरत नहीं है और सुझाव दिया कि उन्हें इसको किसानों की पहल में योगदान समझना चाहिए।

 

कई लोग यहाँ तक कहने लगे कि ‘भाजपा की अगुवाई वाली अर्थव्यवस्था’ में पत्रकार लगभग लाख रुपए के महँगे फोन कैसे रख सकते हैं, जैसा कि लिबरल गैंग अक्सर आरोप लगाती रहती है।

 

आईफोन 11 प्रो सितंबर 2019 में भारत में लॉन्च हुआ था और इसकी शुरुआती कीमत 99,900 रुपए था। अब दाम में गिरावट आई है, जब एप्पल ने इस साल आईफोन 12 श्रृंखला के फोन लॉन्च किए। फिर भी बाज़ार में मौजूद तमाम फोन में सबसे महँगा आईफोन ही है।