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आंध्र प्रदेश में लगातार हो रहे मंदिरों पर हमले: चंद्रबाबू नायडू

                                                   आंध्र प्रदेश में हो रहा मंदिरों पर हमला
आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर बढ़ रहे हमलों के मद्देनजर टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार (सितंबर 22, 2020) को प्रदेश के सीएम पर आरोप लगाया कि इतने मामले आने के बावजूद उन्होंने अभी तक एक भी मंदिर में जाने की ज़हमत नहीं उठाई। 

अपने पार्टी नेताओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम चाहे कोई भी धर्म का अनुसरण करता हो, मगर उसका फर्ज है कि वह हर धर्म के श्रद्धालुओं को समानता और न्याय दें। उन्होंने कहा कि ये आज की सरकार की जिम्मेदारी है वह हर धार्मिक स्थल की रक्षा करें।

आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कई मंदिरों पर हमले के मामले सामने आए हैं। अभी हाल की घटना में उपद्रवियों ने मकापेटा गाँव में प्राचीन काशी विश्वेश्वरा स्वामी मंदिर में नंदी की प्रतिमा को तोड़ दिया था। इसके अलावा मंदिर से आभूषण और कई कीमती चीजें चोरी हुई थी। 

इसी तरह प्रदेश के पूर्वी गोदावरी इलाके में अंतर्वेदी एक तीर्थस्थल है। वहाँ कुछ समय पहले एक 62 साल पुरानी श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा की मूर्ति को जलाकर राख करने का मामला सामने आया था। अजीब बात यह थी जिस समय घटना हुई, उस दौरान सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। इस घटना के उजागर होने के बाद कई हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन किया था और ईसाई मिशनरी ग्रुप्स पर आरोप लगाया था।

नेल्लोर में रथ पर जब हमला हुआ, तो पुलिस ने कहा कि यह काम मानसिक तौर पर अस्थिर इंसान ने किया है। जिस पर चिलकुर मंदिर के डॉ सीएस रंगाराजन ने कहा था कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में संयोजित रूप से हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं।

नेल्लोर के प्रसन्ना वेंकटेश्वर मंदिर में पिछली फरवरी को भी एक रथ जलाया गया था। उसी महीने, गुंटूर जिले के रोम्पीचर्ला गाँव में श्री वेणु गोपाल स्वामी मंदिर में देवताओं की मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया था। इसके अलावा श्री गणेश की मूर्ति भी वहाँ से कथित तौर पर चोरी हो गई थी।

फिर जनवरी में ही, अज्ञात उपद्रवियों ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के पीथापुरम शहर में हिंदू देवी-देवताओं की कई मूर्तियों को तोड़ दिया था। साथ ही उन्होंने उन बैनरों को भी जला दिया, जिन पर हिंदू देवताओं की तस्वीरें छपी थीं।

नायडू ने कल ऐसे ही मामलों का उल्लेख करते हुए वाईएसआरसी पर कई अन्य आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी झूठों की और जालसाजों की है। उनके नेता ब्लैकमेल करने, बरगलाने में माहिर हैं। अपनी पार्टी को सेकुलर कहते हुए कहा जब तक उनकी पार्टी सत्ता में थी उन्होंने हर धार्मिक स्थल की रक्षा की। वहीं वाईएसआरसी सिर्फ़ टीडीपी के ख़िलाफ झूठी जानकारी के साथ अभियान चलाती रही।

नायडू ने इस बात का भी जिक्र किया कि यह शर्म की बात है वाईएसआरसी सांसद, टीडीपी को निशाना साधने के लिए संसद परिसर में बैठें हैं न कि प्रदेश की जनता के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने कभी अपने आंदोलनों में किसानों का मुद्दा नहीं उठाया न कभी केंद्र से सवाल किए। उन्होंने पूर्व मंत्री अत्चन्नािदु को 80 दिन तक जेल में डाले जाने पर सत्ता पक्ष की निंदा की। साथ ही कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने लेबर मिनिस्टर गुम्मानुर जयाराम के ख़िलाफ़ एक्शन नहीं लिया जबकि  ईएसआई स्कैम में उनकी संलिप्ता के पर्याप्त सबूत थे।