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आंध्र प्रदेश : आखिर कब तक हिन्दू मंदिरों, देवी-देवताओं पर जेहादी प्रहार होते रहेंगे?

पिछले कुछ समय से लगातार आंध्र प्रदेश में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कहीं मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है, तो कहीं रथों को आग में जलाकर राख किया जा रहा है। हम ऐसे 5 मामले लेकर आए हैं जिनमें आंध्र प्रदेश में हाल में मंदिरों को निशाना बनाया गया है।

आंध्र में होते हिन्दू मंदिरों पर होते जेहादी प्रहारों पर #intolerance, #awardvapasi, #not in my name, हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई और गंगा-जमुनी तहजीब का राग अलापने ने वाले बिकाऊ छद्दम सेक्युलरिस्ट्स गैंग सबको सांप सूंघ गया। यदि स्थिति विपरीत होती ये जितने भी बिकाऊ गैंग हैं, सब सडकों पर आकर विधवा विलाप कर रहे होते।    

चित्तूर में नंदी की मूर्ति तोड़ी

27 सितंबर 2020 यानी कल गंगाधारा नेल्लोर पुलिस स्टेशन को एक शिव मंदिर पर हमले की खबर मिली। यह घटना चित्तूर जिले के गंगाधारा नेल्लोर मंडल में अगारा मंगलम गाँव में घटी। रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में नंदी की मूर्ति को 26 और 27 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने तोड़ा। मूर्ति के टुकड़े पास रखी कुर्सी पर बिखरे हुए पाए गए। इस घटना की शिकायत होने के बाद पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे कौन था।

कृष्णा में काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर पर हमला

चित्तूर से पहले 16 सितंबर को कुछ बदमाशों ने प्रदेश के कृष्णा जिले के मक्कापेटा गाँव में काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर पर हमला किया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में हमलावरों ने 12 वीं शताब्दी से मंदिर में स्थापित नंदी की मूर्ति के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बारे में मंदिर के केयरटेकर को भी 17 सितंबर की सुबह पता चला, वो भी तब जब उन्होंने मंदिर में दर्शन के लिए दरवाजे खोले।

कहीं देवी-देवताओं की मूर्ति पर हथौड़े से वार, कहीं आग में जलता रथ

पुलिस ने इस घटना की सूचना पाते ही सीआरपीसी की धारा 427, 457 और 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया था और मामले में जाँच शुरू कर दी थी। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि काकतीय शासकों ने 12 वीं शताब्दी में मंदिर में वीरभद्र स्वामी की मूर्ति स्थापित की थी।

इसी घटना के एक दिन बाद येलश्वरम के एक मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को तोड़ दिया गया था। वहीं विजयवाड़ा में कनक दुर्गा मंदिर के रथ से उच्च मूल्य की चाँदी की मूर्तियाँ चोरी हो गईं थी। उन मूर्तियों का वजन 3.3 किलोग्राम था।

अंतरवेदी में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर

6 सितंबर 2020 को अंतरवेदी में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में एक सदी से भी पुराना रथ जलकर राख हो गया था। इस घटना पर कई लोगों ने संदेह जताया था कि रथ में लगी आग एक साजिश का परिणाम थी। हालाँकि, प्रदेश सरकार ने लोगों की नाराजगी देखने के बाद मंदिर के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को निलंबित कर दिया था। साथ ही नया रथ बनाने के लिए 95 लाख रुपए की मँजूरी दी थी। इस घटना के बाद वहाँ कुछ साम्प्रदायिक हिंसा के भी मामले आए थे। मंदिर से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया था कि जब वे विरोध कर रहे थे, तब कुछ बाहरी लोगों ने पथराव किया जिससे तनाव पैदा हुआ।

नेल्लोर में श्री प्रसन्ना वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का रथ

14 फरवरी 2020 को नेल्लोर में श्री प्रसन्ना वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के रथ को कुछ उपद्रवियों ने देर रात जलाया। मगर, तभी स्थानीय लोगों ने जलते रथ को देख लिया और अधिकारियों को तुरंत बुलाया। हालाँकि, फिर भी आग बुझाते-बुझाते रथ कोयले के टुकड़ों में बदल चुका था। इस मामले को भी शुरू में दुर्घटना बताने का प्रयास हुआ किंतु स्थानीय लोगों ने बात मानने से इनकार कर दिया। मामले के तूल पकड़ने पर जाँच शुरू हुई।

पूर्वी गोदावरी जिले में मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त

21 जनवरी 2020 को कुछ उपद्रवियों ने पूर्वी गोदावरी जिले के पीथापुरम शहर में देवी-देवताओं की मूर्तियों और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। रिपोर्ट्स में बताया गया कि हमलवारों ने हथौड़ों का इस्तेमाल कर भगवान गणेश, हनुमान जी, साईबाबा, दुर्गा माता की मूर्ति को मंदिर में तोड़ा। यह मंदिर अग्रहरम के सुरवरपु सड़क (Suravarapu street ) पर खुले में बना था। इसके साथ हमलावरों ने भगवानों की तस्वीर वाले बैनर को भी नष्ट कर दिया था। पुलिस ने मामले की सूचना पाकर केस को दर्ज किया था और आस-पास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए थे।

आंध्र प्रदेश में लगातार हो रहे मंदिरों पर हमले: चंद्रबाबू नायडू

                                                   आंध्र प्रदेश में हो रहा मंदिरों पर हमला
आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर बढ़ रहे हमलों के मद्देनजर टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार (सितंबर 22, 2020) को प्रदेश के सीएम पर आरोप लगाया कि इतने मामले आने के बावजूद उन्होंने अभी तक एक भी मंदिर में जाने की ज़हमत नहीं उठाई। 

अपने पार्टी नेताओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम चाहे कोई भी धर्म का अनुसरण करता हो, मगर उसका फर्ज है कि वह हर धर्म के श्रद्धालुओं को समानता और न्याय दें। उन्होंने कहा कि ये आज की सरकार की जिम्मेदारी है वह हर धार्मिक स्थल की रक्षा करें।

आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कई मंदिरों पर हमले के मामले सामने आए हैं। अभी हाल की घटना में उपद्रवियों ने मकापेटा गाँव में प्राचीन काशी विश्वेश्वरा स्वामी मंदिर में नंदी की प्रतिमा को तोड़ दिया था। इसके अलावा मंदिर से आभूषण और कई कीमती चीजें चोरी हुई थी। 

इसी तरह प्रदेश के पूर्वी गोदावरी इलाके में अंतर्वेदी एक तीर्थस्थल है। वहाँ कुछ समय पहले एक 62 साल पुरानी श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा की मूर्ति को जलाकर राख करने का मामला सामने आया था। अजीब बात यह थी जिस समय घटना हुई, उस दौरान सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। इस घटना के उजागर होने के बाद कई हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन किया था और ईसाई मिशनरी ग्रुप्स पर आरोप लगाया था।

नेल्लोर में रथ पर जब हमला हुआ, तो पुलिस ने कहा कि यह काम मानसिक तौर पर अस्थिर इंसान ने किया है। जिस पर चिलकुर मंदिर के डॉ सीएस रंगाराजन ने कहा था कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में संयोजित रूप से हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं।

नेल्लोर के प्रसन्ना वेंकटेश्वर मंदिर में पिछली फरवरी को भी एक रथ जलाया गया था। उसी महीने, गुंटूर जिले के रोम्पीचर्ला गाँव में श्री वेणु गोपाल स्वामी मंदिर में देवताओं की मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया था। इसके अलावा श्री गणेश की मूर्ति भी वहाँ से कथित तौर पर चोरी हो गई थी।

फिर जनवरी में ही, अज्ञात उपद्रवियों ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के पीथापुरम शहर में हिंदू देवी-देवताओं की कई मूर्तियों को तोड़ दिया था। साथ ही उन्होंने उन बैनरों को भी जला दिया, जिन पर हिंदू देवताओं की तस्वीरें छपी थीं।

नायडू ने कल ऐसे ही मामलों का उल्लेख करते हुए वाईएसआरसी पर कई अन्य आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी झूठों की और जालसाजों की है। उनके नेता ब्लैकमेल करने, बरगलाने में माहिर हैं। अपनी पार्टी को सेकुलर कहते हुए कहा जब तक उनकी पार्टी सत्ता में थी उन्होंने हर धार्मिक स्थल की रक्षा की। वहीं वाईएसआरसी सिर्फ़ टीडीपी के ख़िलाफ झूठी जानकारी के साथ अभियान चलाती रही।

नायडू ने इस बात का भी जिक्र किया कि यह शर्म की बात है वाईएसआरसी सांसद, टीडीपी को निशाना साधने के लिए संसद परिसर में बैठें हैं न कि प्रदेश की जनता के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने कभी अपने आंदोलनों में किसानों का मुद्दा नहीं उठाया न कभी केंद्र से सवाल किए। उन्होंने पूर्व मंत्री अत्चन्नािदु को 80 दिन तक जेल में डाले जाने पर सत्ता पक्ष की निंदा की। साथ ही कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने लेबर मिनिस्टर गुम्मानुर जयाराम के ख़िलाफ़ एक्शन नहीं लिया जबकि  ईएसआई स्कैम में उनकी संलिप्ता के पर्याप्त सबूत थे।