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‘आपको कितने पैसे मिले थे लड़की को बदनाम करने के लिए’: जब पत्रकारों के सवाल से हुआ अजीत अंजुम का सामना तो चिचियाकर भागे, Video वायरल

अजीत अंजुम अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ YouTube पर प्रोपेगंडा फैलाने के लिए जाने जाते हैं। वो उस गिरोह का हिस्सा हैं, जो पीएम मोदी को ‘तानाशाह’ बता कर अपनी प्रासंगिता बनाए रखने की चेष्टा करता रहता है। हालाँकि, जब इस गिरोह के लोगों का खुद सवालों से सामने होता है तो वो भाग निकलते हैं। अजीत अंजुम से जब किसी पत्रकार ने सवाल पूछा तो उन्होंने उस पर ही जेल में बंद आसाराम से पैसे लेने का आरोप लगा दिया।

ये वह दौर था जब सारा मीडिया कांग्रेस/यूपीए के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पता था, तत्कालीन सरकार के इशारे पर सारा मीडिया नचा करता था। आज तो जिसे देखो गोदी मीडिया कह सकता है, लेकिन उस समय सब भीगी बिल्ली बने रहते थे। जिसका फायदा मीडिया भी अपनी TRP बढ़ाने के लिए उल्टे-सीधे स्टिंग ऑपरेशन करते रहते थे। 

याद करिये, दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास एक सरकारी स्कूल की अध्यापिका की होती दुर्गति। बेचारी इतना ज्यादा बेइज्जत हुई थी कि निर्दोष साबित होने के बावजूद नौकरी पर वापस करने की हिम्मत नहीं कर पायी। कौन महिला पब्लिक द्वारा बुरी तरह पीटते कपडे चिथड़े कर दिए जाएँ, लेकिन वही बेशर्म पत्रकार आज भी बहुत निर्भीक पत्रकार बन टीवी पर आता है। काश, ऐसा उसके परिवार की किसी महिला के साथ हुआ होता। कहाँ सो गया था मानव अधिकार और महिला आयोग? 

उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार को ‘आसाराम का चेला’ बता दिया। बदले में पत्रकारों ने भी उनसे पूछा कि उन्हें कितने पैसे मिले थे? एक पत्रकार ने पूछा, “आपको कितने पैसे मिले थे लड़की को बदनाम करने के लिए?” इस दौरान अजीत अंजुम पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार करते हुए लगातार उँगली बता-बता कर कुछ कुछ उलटा-सीधा बोलते रहे। इसके बाद वो कार में बैठ गए और ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इस तरह बार-बार पीएम मोदी से सवालों के जवाब की अपेक्षा रखने वाले अजीत अंजुम खुद एक सवाल से भाग खड़े हुए।

एक तरह से 2-4 पत्रकारों ने मिल कर अजीत अंजुम को वास्तविकता का भान करा दिया। ये वीडियो कब का है, ये अभी तक सामने नहीं आया है। हालाँकि, ऐसा लग रहा है जैसे ये हाल का ही वीडियो है। एक ट्विटर यूजर ने तो दावा कर दिया कि अजीत अंजुम को चिकेन-पकौड़ा की दुकान से खदेड़ दिया गया। असल में अजीत अंजुम का एक अपुष्ट ट्वीट वायरल होता है जिसमें उन्होंने योगी आदित्यनाथ के दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद पत्रकारिता छोड़ चिकेन-पकौड़ा का दुकान खोलने की बात कही थी।

हालाँकि, अजीत अंजुम दावा करते हैं कि उन्होंने कभी इस तरह का ट्वीट किया ही नहीं। लोगों ने उनके ताज़ा वीडियो को ‘पकौड़ी माफिया पर जनता की स्ट्राइक’ कह कर भी चलाया। 2020 में भी एक वीडियो सामने आया था, जिसके आधार पर दावा किया गया था कि किसान आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने अजीत अंजुम की पिटाई की। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा मतदान के दौरान उन्होंने एक महिला से जबरन अपने सवाल का जवाब लेना चाहा, जिसके बाद लोगों ने उन्हें खदेड़ा था।