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राम मंदिर : भूमि पूजन से आहत केजरीवाल के नेता सैयद अब्बास ने लाइव डिबेट में भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा को दी गाली

सैयद अब्बास
AAP नेता और पैनलिस्ट डॉ सैयद अब्बास
जैसे-जैसे अगस्त 5 पास आ रही है, जितने भी छद्दम धर्म-निरपेक्ष हैं, जो कल तक मंदिर की तारीख पूछ रहे थे, सबकी रातों की नींद और रोटी हराम हो रही है। हैरानी की बात तो ये है कि जो अरविन्द केजरीवाल अपने को शिलापूजन के लिए निमंत्रण दिए जाने की आस लगाए बैठे हैं, उन्हें नहीं मालूम उन्ही की पार्टी में राम मंदिर विरोधियों की एक जमात भी विराजमान है। जो टीवी पर लाइव डिबेट में मंदिर समर्थक महिला को अपशब्दों से सम्बोधित करता है। क्या केजरीवाल ऐसे सिरफिरे मंदिर विरोधियों को पार्टी से बाहर निकाल सकने का साहस कर सकते हैं? या फिर निकट भविष्य में मात्र दिल्ली नगर निगम चुनावों में राहुल गाँधी की तरह अपने आपको हिन्दू सिद्ध कर वोट मांगेगे?
आम आदमी पार्टी में मंदिर विरोधी जमात चुनावों में बाबरी मस्जिद के लिए गुप्त प्रचार कर वोट मांगती थी, अब क्या मथुरा और काशी में बनी मस्जिदों को बचाने के लिए अपनी कौम को भड़काएंगे? 
अयोध्या-राम मंदिर
अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन कई लोगों को नागवार गुजरा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और इसकी प्रक्रियाओं से कुछ लोग कितने आहत हैं, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि AAP नेता और टीवी पैनलिस्ट डॉ. सैयद असद अब्बास ने अपना आपा खो दिया और लाइव टीवी पर ही भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा पर सेक्सिस्ट गालियाँ देते हुए उन्हें ‘बालाजी एक्ट्रेस, गुंडा और आंटी’ कहने लगे।
सैयद असद अब्बास ने साल 2018 में AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। यह घटना 24 जुलाई 2020 को रिपब्लिक टीवी पर एक डिबेट के दौरान हुई। डिबेट कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट से खारिज किए जाने पर हो रही थी।
साकेत गोखले ने अपनी याचिका में 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के ‘भूमि पूजन’ पर रोक की मॉंग की थी। इसे कोरोना वायरस महामारी के दौरान ‘अनलॉक-2’ दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया था।
शुक्रवार (जुलाई 24, 2020) को ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गोखले की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि पूरी याचिका कल्पना पर आधारित है।
इस विषय पर बहस करते हुए, डॉ. सैयद असद अब्बास, जो आम आदमी पार्टी के नेता हैं, लेकिन टेलीविजन पर एक ‘राजनीतिक विश्लेषक’ के रूप में जाने जाते हैं, ने अपना धैर्य खो दिया और भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा पर उनके महिला होने को लेकर तंज करने लगे।
AAP नेता ने पहले आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम का ‘बहुमत प्राप्त करने’ के लिए उपयोग कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि राम मंदिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनाया जा रहा है। ऐसे में पैनलिस्ट आश्चर्यचकित थे कि क्या डॉ. अब्बास यह आरोप लगा रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाकर हिंदुओं को खुश कर रहा है।
इसके अलावा, जब भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने AAP पैनलिस्ट सैयद अब्बास द्वारा उन पर की गई टिप्पणी – ‘राम नाम जपना पराया माल अपना’ पर जवाब दिया तो डॉ. अब्बास भड़क गए और नुपूर शर्मा को गालियाँ देने लगे।

उन्होंने कहा कि ‘तुम आरएसएस, तुम गुंडों, तुम उपद्रवियों’ के साथ एक समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि नूपुर शर्मा जैसे लोग ‘प्राइम टाइम की राखी सावंत’ के अलावा कुछ नहीं हैं। इतना ही काफी नहीं था, डॉ. अब्बास ने नुपुर शर्मा से कहा, “आंटी जी, जाकर एकता कपूर के धारावाहिक में शामिल हो जाइए’ और फिर उन्हें ‘एकता कपूर वैम्प’ कहने लिए।
बहस में शामिल कई लोगों ने डॉ. सैयद असद अब्बास के इस व्यवहार पर नाराजगी भी व्यक्त की। जहाँ रिपब्लिक न्यूज़ के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने अपशब्दों के इस्तेमाल की निंदा की, वहीं तौसीफ अहमद खान जैसे अन्य पैनलिस्टों ने भी डॉ. अब्बास के आचरण की निंदा की।

भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने ट्विटर पर कहा कि वह लाइव टीवी पर उनके चरित्र पर सवाल उठाने के लिए डॉ. सैयद असद अब्बास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि आप एक महिला के चरित्र पर सवालिया निशान नहीं लगा सकते और उसे सबक सीखना ही होगा।
भाजपा शासित राज्यों की आलोचना करने से पूर्व आप नेताओं से अपनी पार्टी नहीं देखी जाती :

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मजहब देख सियासत करने वाले केजरीवाल समय का पहिया बहुत तेजी से बदलता है। आज एक बार फिर यही कुछ होता दिख रहा है। कभी रथ ....
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रोहिंग्यों को संरक्षण देते अमानतुल्ला खान आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार देश में एनआरसी का विरोध किया जाता है। लेकि...
एक अन्य ट्वीट में नुपूर शर्मा ने कहा कि सिर्फ इस वजह से कि आप तथ्यों पर बात कर रहे हैं, आपको वैम्प, बालाजी एक्ट्रेस, गुंडा और राऊडी कहा जाता है।

महिलाओं की नग्न तस्वीरों के साथ Qraa Men ब्रांड ने किया पुरुष प्रॉडक्ट का प्रचार

ब्रांड
Women Bath Soap - Buy Women Bath Soap Online at Best Prices In ...पुरुषों को सजाने और सवारने वाले प्रॉडक्ट ब्रांड Qraa Men को अपने हालिया विज्ञापनों को लेकर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। 
BANNED TV ADS IN INDIA FOREVER AND PLEASE FOLLOW ME - video ...Deepika Padukone poses for the new LUX beauty soap ads | Deepika ...ऐसा नहीं है, Qraa Men ने पहली बार महिलाओं की अर्धनग्न तस्वीरों का इस्तेमाल किया हो, कुछ वर्ष पूर्व इसी ब्लॉग पर कंडोम एवं नहाने के साबुन के विज्ञापनों में हो रहे महिलाओं के शोषण पर लिखा था। उत्पादक अपने उत्पाद को चर्चित बनाने के लिए महिलाओं के आपत्तिजनक पोज़ करते हैं, जो कई वर्षों से चला आ रहा है। 
दरअसल, ब्रांड ने अपने उत्पादों के प्रचार के महिलाओं के ऐसी चित्रों का इस्तेमाल किया था। जिसमें उन्होंने सौंदर्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बिना कपड़ों की महिलाओं को प्रदर्शित करते हुए लिखा था, “ओह, हीरो! सिर्फ देखते रहने से कुछ नहीं मिलना। देखने लायक बना, बियर्ड को और खुद को, Qraa बियर्ड आयल के साथ।
जैसे ही उन्होंने अपने अपने विज्ञापनों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। सिर्फ इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर ही नहीं बल्कि लोगों ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी इसकी तीखी आलोचना की। वहीं रवलीन सभरवाल नाम की एक यूजर ने डिलीट किए गए पोस्ट के स्क्रीनशॉट डालते हुए कहा, “क्या यह किसी तरह का भद्दा मजाक है या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बुशफायर की तरह फैला हुआ विज्ञापन है… इस तरह की मार्केटिंग करके वे सीधे महिलाओं को लक्षित कर रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में NCW की चेयरपर्सन रेखा शर्मा को भी टैग किया।
ब्रांड ने एक समय के बाद उन सभी टिप्पणियों को अपने कमेंट बॉक्स से डिलीट करना शुरू कर दिया जिसमें लोगों ने ब्रांड और उसके विज्ञापनों की आलोचना की थी।




हालाँकि, लोगों की कड़ी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए Qraa Men हालही में पोस्ट किए विज्ञापन सामग्री को हटा दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं ऑब्जेक्टिफाई किया था। बता दें कई पॉपुलर महिलाओं और पुरूष इंफ्लुएंसर्स ने अतीत में Qraa Men ब्रांड के लिए प्रचार किया हैं। जिसमें फ्लाइंगबीस्ट भी शामिल है, जो सुरक्षा चिंताओं पर सवाल उठाने के बाद एयर एशिया में अपनी नौकरी से हाथ धो बैठे थे।

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 21वें राष्ट्रमंडल खेल में भारतीय खिलाडियों ने भी पदको.....
इस ब्रांड ने महिलाओं के ऐसी तस्वीरों को कुछ पुरुषों के दृष्टिकोण को देखते हुए चुना जो महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए वासना की वस्तु मानते है। जहाँ अभी तक ब्रांड के लिए यह तरीका काफ़ी काम आया था। लेकिन, इस बार सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा भेजे गए कठोर टिप्पणियों के चलते उन्हें अपने विज्ञापनों को हटाना पड़ा। जो उनके लिए एक गहरा सबक है।

लेफ्ट लिबरल और इस्लामिक गैंग प्रोपेगेंडा के साथ लौटा : महिलाओं के साथ ‘छेड़छाड़’ के लिए होली है

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
रंगों का त्योहार होली आते ही वामपंथियों, लिबरलों और इस्लामवादियों का प्रोपेगेंडा भी शुरू हो गया है। वो हमेशा की तरह हिन्दू त्यौहार को नीचा दिखाने की अपनी हरकत में लग गए हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक करवाचौथ पर 'मै क्यों भूखी रहूं', शिवरात्रि पर 'शिवलिंग पर दूध चढ़ाने की बजाए किसी गरीब को दूध दो', और दीपावली पर आतिशबाज़ी से प्रदुषण होता है' आदि आदि। लेकिन किसी ने यह नहीं कहा कि कब्रों पर चादर चढ़ाने की बजाए किसी गरीब को दे दी जाये, और जिस दिन यह बात हिन्दुओं ने उछाल दी यही गैंग संविधान और गंगा-यमुना तहजीब का स्वांग इस्लामवादियों और उनके वैचारिक कॉमरेडों ने एक बार फिर से हिन्दू पर्व की छवि को खराब करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने होली के पर्व को महिलाओं के खिलाफ दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि होली के त्योहार के दौरान हिन्दू पुरुष, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं और उनका उत्पीड़न करते हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने ट्विटर पर सेक्सिस्ट टिप्पणी करते हुए लिखा कि होली के नाम पर पूरे देश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ किया जाता है।

मिनी नायर नाम की एक महिला, जो कि लेखक होने का दावा करती है, लिखती है कि होली उसके लिए काफी भयानक थी, क्योंकि पिछले साल वह केरल में इस त्योहार के दौरान बेचैनी महसूस कर रही थी। ‘फेमिनिस्ट’ मिनी नायर पुरुषों को ‘राक्षस’ बुलाते हुए कहती है कि भांग उसकी परेशानी का सबब बना था।
शची नेली नाम की एक अन्य हिंदूफोबिक सोशल मीडिया यूजर ने शनिवार को ट्विटर पर दावा किया कि वह होली नहीं खेलती है, क्योंकि अतीत में होली खेलने खेलने के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी। नेली यह भी कहती है कि इस त्योहार को मनाते समय जब ‘होली है’ का उद्घोष किया जाता है, तो ये उसे एक युद्ध की तरह लगता है।
सोशल मीडिया पर एक इस्लामिक ट्रोल Opus of Ali ने भी इसी तरह के हिंदूफोबिक ट्वीट्स का सहारा लिया है, जिसमें कहा गया कि होली छेड़छाड़ का त्योहार है। कट्टरपंथी इस्लामवादी ने लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए लिखा कि छेड़छाड़ से बचने के लिए लोगों को होली को ना कहना चाहिए।
एक अन्य ट्वीट में Opus of Ali ने होली मनाने वाले हिंदुओं पर झूठे दावे करते हुए कहा कि इस दौरान महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया जाता है।
इसके साथ ही ‘Baudhkaro’ नामक एक अल्ट्रा-लेप्ट समूह ने होली पर हमला किया। ये खुद को डॉ. बीआर अंबेडकर की शिक्षाओं का फॉलोवर होने का दावा करता है। इसमें दो वामपंथी कट्टरपंथी द्वारा ‘त्योहार- द एंटी होली सॉन्ग’ गाया जाता है। इसमें से एक कट्टरपंथी विवादास्पद वामपंथी विश्वविद्यालय जेएनयू से पीएचडी छात्र है, जो भड़काऊ टिप्पणी करता है और दावा करता है कि होली एक जातिवादी त्योहार है, जिसमें ऊँची जाति के हिंदुओं द्वारा निचली जातियों की महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया जाता है।

इनका रीति-रिवाजों और परंपराओं को कोसना केवल हिंदू त्योहारों तक ही सीमित है। गैर-हिंदू त्योहारों की प्रतिगामी प्रथाओं की बात आते ही ये आँखें मूंद लेते हैं। हकीकत यह है कि लिबरल देश की गैर-स्वदेशी संस्कृति के सभी पहलुओं को छुपाते हैं, जबकि वे सभी हिंदू त्योहारों को खत्म करने का प्रयास करते हैं।
लेफ्ट मीडिया ने पिछले साल भी होली पर निशाना साधा था। फेक न्यूज वेबसाइट ‘द क्विंट’ ने हिंदुओं के रंगों के त्योहार की छवि को खराब करने के लिए इस पर्व को बच्चों द्वारा सड़कों पर आतंक फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अवसर के रूप में ब्रांड बनाने के लिए आगे बढ़ाया था। इसी तरह से वामपंथी मीडिया पोर्टल स्क्रॉल ने भी होली के खिलाफ जहर उगले थे।