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बदायूँ पर योगी का ‘जनाजा’ निकालने वाले नागौर की हैवानियत पर चुप, क्यों?

                                योगी आदित्यनाथ के लिए कांग्रेस ने किया जनाजा शब्द का इस्तेमाल
लगता है कांग्रेस का जनाजा यूथ कांग्रेस ही निकालेगी। जिस तरह की भाषाशैली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए प्रयोग की जा रही, लगता है यूथ कांग्रेस का रही रवैया रहा, निश्चितरूप योगी उत्तर प्रदेश से कांग्रेस का जनाजा जरूर निकाल देंगे।    
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपनी कुंठा व्यक्त करने के लिए कांग्रेस अब खुल कर जहर उगलने लगी है। पार्टी की यूथ विंग ने बदायूँ कांड पर मुख्यमंत्री योगी को घेरने के लिए ‘जनाजा’ शब्द का प्रयोग किया है।

यूथ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “योगी जी, कुर्सी है ये तुम्हारा जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।” यह ट्वीट यूथ कांग्रेस ने बदायूँ में घटी घटना पर योगी को जिम्मेदार ठहराने के लिए किया था। लेकिन इसमें इस्तेमाल की गई अमर्यादित भाषा ने इसे नैतिकता का मुद्दा बना दिया।

सबसे हैरानी की बात यह देखने को मिली जिस कांग्रेस ने बदायूँ पर योगी आदित्यनाथ के लिए ऐसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, उसी पार्टी ने राजस्थान के नागौर में महिला के साथ हुई हैवानियत पर चुप्पी साधी रखी। इसे उजागर करते हुए यूजर्स ने कहा है कि पार्टी को इससे कोई तकलीफ नहीं है क्योंकि वहाँ मुख्यमंत्री योगी, नहीं बल्कि अशोक गहलोत हैं।

राजस्थान के नागौर में हुई घटना में युवती के मुँह और हाथ-पैर को टेप से बाँधकर क्रूरता से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में उसकी कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी गई। मगर, कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर आपको इस घटना का जिक्र नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने के मामले में मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी लिखते हैं, “जिन्होंने पिता के निधन के बेहद कष्टकारी वक़्त भी पिता को आख़िरी बार देखने की बजाय UP की जनता को कोविड से बचाने के लिए अपना दफ़्तर चुना, ऐसे सच्चे संत के लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की कांग्रेस की भाषा देखिए, ये मानवता का अपमान है, इसका परिणाम आपको चुकाना ही पड़ेगा।”

प्रणय विक्रम सिंह लिखते हैं, “हत्याओं का अमानवीय खेल जिनका शौक-ए-सियासत हो उन कांग्रेस के लोगों के मुँह से किसी के लिए ‘जनाजा’ सम्बोधन सामान्य बात है। 1984 का सिखों का नरसंहार, 1975 में लोकतंत्र की हत्या सब तुम्हारी उपलब्धियाँ हैं ‘जनाजा’ प्रेमियों। आज लग रहा है कि एक ‘योगी’ से ‘लंकेश दल’ डर गया।”

सनातनी जिज्ञेश लिखते हैं, “राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा आप की पार्टी के लोग तमीज भूलकर बदतमीजी पर उतर चुके हैंl अब इन्हें आप लोगों ने कुछ नहीं कहा तो कांग्रेस का जनाजा भी निकलेगा और कब्र के लिए जगह भी ढूँढने आप को ही निकलना पड़ेगा। श्री राम आप को सद्बुद्धि दें, अगर आप उनको मानते हैं तो।”

बात यही समाप्त नहीं होती ट्विटर पर लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है:-