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कांग्रेस Vs कांग्रेस : कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की लड़ाई का सोनिया गांधी बंद आंख से देख रही तमाशा

गाँधी परिवार को संरक्षण देने वाले नेताओं को कांग्रेस की कितनी चिंता होती है, उस ओर किसी का ध्यान नहीं। दो मुख्यमंत्रियों की लड़ाई में पार्टी और जनता को कितना नुकसान हो रहा है, किसी नेता को परवाह नहीं। 
कांग्रेस की ‘स्वयंभू’ अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने ही दो मुख्यमंत्रियों की लड़ाई का तमाशा बंद आंख से देखने में लगी हैं। गहलोत की चिट्ठी मिल जाने के बावजूद सोनिया गांधी ने न तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अनावश्यक रोड़े अटकाने के लिए डांट पिलाई है और न ही कोई बीच-बचाव का रास्ता सुझाया है। हालात यह हैं कि छत्तीसगढ़ में राजस्थान की पुरानी कोल माइंस में कोयला बिल्कुल खत्म हो गया है और नई माइंस में खनन की अनुमति छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दे नहीं रहे हैं। दो कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के झगड़े में कोयले की आपूर्ति न होने से राजस्थान में अब कभी भी बिजली संकट छा सकता है।

राजस्थान में कोयला संकट की स्थिति में छत्तीसगढ़ ने मदद से किया इनकार
कोयला खनन से जुड़े मुद्दे पर राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारें आमने-सामने हैं. कोयले की एक खान को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच ठन गई है। राजस्थान में कोयला संकट की स्थिति है लेकिन छत्तीसगढ़ ने मदद करने से इनकार कर दिया है. राजस्थान को छत्तीसगढ़ में अलॉट पारसा कोल ब्लॉक खान में माइनिंग के लिए छत्तीसगढ़ सरकार मंजूरी नहीं दे रही है, जबकि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी क्लीयरेंस पहले ही दे दी है।

बीजेपी सरकार के दो मंत्रालयों ने क्लीयरेंस दी, कांग्रेस सरकार ने अटकाई
बीते महीने कोयला संकट के दौर में मुख्यमंत्री गहलोत ने हाईलेवल की बातचीत कर 2 नवंबर को कोल मिनिस्ट्री से इस खनन के लिए क्लीयरेंस जारी करवाई थी। इससे पहले वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से 21 अक्टूबर को ही क्लीयरेंस ले ली गई थी। बीजेपी सरकार के दो केंद्रीय मंत्रालयों से राजस्थान 15 दिनों में दो महत्वपूर्ण क्लीयरेंस लेने में सफल रहा। अब अपनी ही पार्टी की कांग्रेस सरकार ने क्लीयरेंस फाइल अटका दी है और इस पर कोई स्पष्ट बातचीत भी नहीं की जा रही है।

सीएम गहलोत ने पहले बघेल को फिर सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर जरूरी स्वीकृतियां जारी करने का आग्रह भी किया था। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने टका सा जवाब दे दिया और अपने सियासी फायदे को देखते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुजारिश की थी, ताकि उनके कहने पर भूपेश बघेल खनन की अनुमति दे दें। लेकिन अब तक सोनिया गांधी ने इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है।

राजस्थान महंगी बिजली खरीद का भार उपभोक्ताओं पर ही डालेगा
इस बीच पुरानी माइंस में कोयला खत्म होने से राजस्थान में बहुत जल्द बिजली संकट उत्पन्न हो सकता है। अन्यथा राजस्थान को दूसरे राज्यों से ज्यादा महंगी बिजली खरीदनी होगी। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ेगा। बता दें कि कोयला की कमी से बिजली संकट झेल रहे राजस्थान के लिए यह माइन लाइफ लाइन की तरह है। इस कोल ब्लॉक से रोजाना 12 हजार टन यानी करीब 3 रैक कोयला मिलेगा। मोटे अनुमान के अनुसार यहां से 5 मिलियन टन कोयला हर साल निकाला जा सकेगा। इस नए ब्लॉक से सालाना 1 हजार रैक से ज्यादा कोयला मिलने की संभावना है। अगले 30 साल के लिए 150 मिलियन टन कोयले का भंडार है। इससे राजस्थान केंद्र की कोल इंडिया और सब्सिडियरी कंपनियों पर कम निर्भर रहेगा।

जयपुर में 12 दिसंबर को ही कांग्रेस की महंगाई के खिलाफ हुई रैली में छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत के बीच मुलाकात हुई थी। इस रैली में सोनिया-गांधी और राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। आपसी बातचीत में राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने कोल माइंस की मंजूरी का मुद्दा उठाया भी था। लेकिन तब बात नहीं बन पाई। दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद मामला फंसा हुआ है। दरअसल, बघेल स्थानीय सियासत के चलते नहीं दे रहे हैं मंजूरी। पारसा के सेकेंड ब्लॉक और एक दूसरे ब्लॉक में राजस्थान सरकार को माइंस अलॉट है। कोल माइंस का इलाका वन विभाग के अंडर आता है और वहां ग्रामीण-आदिवासी खनन का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय हल्के-फुल्के विरोध के कारण छत्तीसगढ़ सीएम बघेल कोल माइंस का मंजूरी देने में देरी कर रहे हैं।

हाथरस गैंगरेप पर हंगामा करने वाले रेपिस्ठान बन रहे राजस्थान पर मौन क्यों?

भाजपा शासित राज्यों में किसी अनहोनी होने पर चिखाचिल्ली करने वाले पंजाब में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। क्या राजस्थान में महिलाओं अस्मिता का कोई महत्व नहीं? अफ़सोस केवल इतना ही कि भाजपा विरोधी भाजपा के विरोध में इतना सबकुछ कर रहे हैं, लेकिन भाजपा खामोश है, क्यों? शायद इसलिए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में गहलोत नहीं सचिन पायलट का बहुत बड़ा योगदान था। इसीलिए भाजपा गहलोत के विरुद्ध आवाज़ नहीं उठा रही। 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को महिला होने के बावजूद लगता है महिलाओं की पीड़ा के कोई सरोकार नहीं है। न ही उनकी बेटी प्रियंका गांधी को राजस्थान की महिलाओं पर हो रहे अत्याचार नजर आते हैं। यह और बात है कि यदि यही अत्याचार उत्तर प्रदेश या अन्य किसी बीजेपी शासित राज्य में घटित हो जाएं तो वह सियासत करने का कोई मौका नहीं गंवाती हैे। महिलाओं की अस्मत लुटने के मामले में राजस्थान देशभर में शर्मसार हो रहा है, लेकिन राहुल-प्रियंका के कदम इस ओर नहीं उठ रहे हैे। क्योंकि यहां पर उनकी पार्टी की सरकार जो है। हाल ही में शिक्षा के मंदिरों में शिक्षकों के द्वारा छात्राओं के साथ यौैन अपराध सुर्खियों में हैं।

 रेप में राजस्थान देशभर में पहले नंबर पर

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की अस्मत लुटने के मामले में राजस्थान देशभर में पहले नंबर पर है। एनसीआरबी के मुताबिक साल 2020 में देशभर में कुल 28046 रेप के मामले दर्ज हुए। इनमें से अकेले राजस्थान में ही 5310 बलात्कार के केस दर्ज हुए। हैरानी की बात यह भी है कि दूसरे नंबर पर आने वाले राज्य की तुलना में गहलोत सरकार के कार्यकाल में दोगुने मामले दर्ज हुए।
देश में मासूमों से 49 फीसदी रेप अकेले राजस्थान में
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार नाबालिगों के साथ तो राजस्थान में और भी बुरा हाल हो रहा है। हवस के दरिंदे मासूमों को भी नहीं बख्श रहे हैं। उन्हें प्रदेश की पुलिस का कोई खौफ नहीं है। 18 वर्ष से कम उम्र की बलात्कार पीड़िताओं की संख्या देशभर में 2640 रही। अकेले राजस्थान में ही 49 फीसदी यानी 1279 नाबालिगों का बलात्कार हुआ।
कांग्रेस सरकार के बाद बढ़े बलात्कार
ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ पिछले साल में महिलाओं के साथ यह बर्बरता हुई। 2019 में भी राजस्थान में ऐेसे ही हालात थे। पुलिस की बजाए बलात्कारियों के हौसले बुलंद थे। इसी के कारण बेखौफ भूखे-भेड़ियों ने मासूम बच्ची, नाबालिग किशोरी, आदवासी महिला, बेटी और दलित विवाहिता किसी को भी नहीं बख्शा। गहलोत सरकार आने के बाद 2019 की पहली तिमाही में ही एक हजार से ज्यादा अबलाओं की अस्मत लुट चुकी थी।
हाथरस गैंगरेप पर हंगामा, राजस्थान पर मौन
आपको याद ही होगा कि पिछले साल सितंबर माह में यूपी के हाथरस में युवती के साथ बलात्कार के बाद पीड़िता की मौत का मामला कितना तूल पकड़ा था। हाथरस गैंगरेप की घटना के विरोध में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हाथरस कूच किया था। नेता द्वय ने इस घटना के लिए योगी सरकार को जिम्मेवार ठहराया। दिलचस्प तथ्य यह है कि उसी सितंबर माह में उनकी पार्टी द्वारा शासित राजस्थान में बलात्कार की एक नहीं, कई घटनाएं हुईं, लेकिन यहां राहुल-प्रियंका ने बलात्कारियों को सजा दिलवाने के लिए आवाज उठाना तो दूर पीड़िताओं और उनके परिजनों से मिलना तक जरूरी नहीं समझा। पिछले साल उसी समय की रेप की कुछ घटनाओं की बानगी ये है….
जयपुर – स्कूल जा रही किशोरी को उठाया, तीन दरिंदों ने किया गैंगरेप
सीकर – किशोरी के रेप, वीडियो भी बनाया, वायरल की धमकी देकर फिर रेप
बारां – दो नाबालिग बहनों को घर के उठाया, कोटा ले जाकर किया गैंगरेप
दलित हितैषी की खुली पोल, बढ़ रहे केस
पंजाब में दलित मुख्यमंत्री बनाकर दलित हितैषी होने का प्रपंच कर रही कांग्रेस के कार्यकाल में दलितों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। राजस्थान में वर्ष 2018 में अनुसूचित जाति के खिलाफ 4607 मामले दर्ज हुए थे। अगले साल यानी कि कांग्रेस की सत्ता आने के बाद 2019 में अनुसूचित जाति के खिलाफ केस बढ़कर 6794 हो गए। कोरोना काल के बावजूद साल 2020 में इनमें और वृद्धि हुई। यह बढ़कर 7017 मामले हो गए। महिलाओं के खिलाफ सर्वाधिक मामलों में भी राजस्थान देश में तीसरे नंबर पर है।

राजस्थान : प्रिंसिपल ने किया 7वीं की छात्रा से रेप, शिक्षिकाओं पर मदद के आरोप

हाथरस की घटना पर होहुल्ला करने वाले योगी विरोधी राजस्थान में हो रही घटनाओं पर कब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विरुद्ध हंगामा करेंगे? क्या इनको अपराध केवल योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में नज़र आते हैं, किसी गैर-भाजपाई सरकार के राज्य में कोई अपराध नज़र नहीं आता? राजस्थान और पंजाब में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज होने पर चुप्पी साधने वाले लखीमपुर पर क्यों शोर मचा रहे हैं?

राजस्थान के झुंझनू जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसपिल पर सातवीं क्लास की छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। आरोपित प्रधानाचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का नाम केशव यादव बताया जा रहा है। आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि थाना सिंघाना जिला झुंझनू पुलिस ने की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़िता के परिजनों ने बताया कि आरोपित प्रधानाचार्य बहुत पहले से पीड़िता को अश्लील मैसेज भेज रहा था। पीड़िता की उम्र लगभग 11 वर्ष बताई जा रही है। कई बार उसने छेड़छाड़ की भी कोशिश की। जब इसकी जानकारी पीड़िता ने स्कूल की 2 महिला टीचरों को दी तो उन्होंने मदद के बजाय उल्टे छात्रा को ही धमकाया।

आरोप है कि दोनों शिक्षिकाओं ने पीड़िता का मोबाईल ले कर प्रिंसपिल द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक मैसेज भी डिलीट कर दिए। पीड़ित छात्रा को चुप रहने और किसी से कुछ भी न बताने के लिए दबाव बनाया गया। स्थानीय थाना प्रभारी का कहना है कि गिरफ्तार प्राध्यापक केशव यादव पर इस से पहले भी अन्य लड़कियों के साथ गलत हरकत करने के आरोप लग चुके हैं।

पीड़िता के अनुसार 5 अक्टूबर 2021 को प्रिंसिपल ने उसे स्कूल थोड़ा पहले आने को कहा। जब वो स्कूल पहुँची तो प्रिंसपिल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी के साथ बाहर कहीं भी मुँह न खोलने की धमकी भी दी। जब पीड़िता अपने घर पहुँची तो इस घटना के बारे में अपने परिवार वालों से बताया।

पीड़िता के परिजनों ने 13 अक्टूबर 2021 को इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन पर की। पीड़ित छात्रा को चाइल्ड हेल्पलाइन का नंबर (1098) सरकारी स्कूल की सिलेबस की किताब में मिला था। इस शिकायत पर बाल कल्याण समिति के सदस्य सक्रिय हुए। फ़ौरन ही झुंझनू जिले के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय थाने को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

पीड़िता से पूछताछ के बाद आरोपित प्रधानाचार्य को 14 अक्टूबर 2021 को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपित पर सबूत मिटाने की भी धाराएँ लगाई गई हैं। आरोपित केशव यादव मूल रूप से क़रीरीवास थाना खुशखेड़ा जिला अलवर राजस्थान का रहने वाला है। फ़िलहाल वो उसी गाँव में किराए का मकान ले कर रह रहा था जिस गाँव में स्कूल है।

मिल रही जानकारी के अनुसार आरोपित प्रिंसपिल को वर्ष 2020 में ही नौकरी मिली थी। आरोपित की पिछले ही वर्ष शादी भी हुई थी। प्रिंसपिल की पत्नी भी शिक्षिका हैं और दूसरे जिले में कार्यरत हैं। साथ ही इनके पिता भी शिक्षक थे जो फिलहाल रिटायर हो चुके हैं।

पुलिस द्वारा दर्ज रिपोर्ट में पीड़िता को धमकाने और चुप रहने का दबाव बनाने वाली दो शिक्षिकाएँ भी आरोपित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक मनोज कुमार ढाका ने आरोपित केशव यादव को सस्पेंड कर दिया है। आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए संयुक्त निदेशक चूरू से निर्देश मांगा है। साथ ही दोनों आरोपित शिक्षिकाओं की भी भूमिका की जाँच करवाई जा रही है।

इस घटना पर बात करते हुए बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशिका प्रिया चौधरी ने कहा कि पीड़िता और उसके परिजन डरे हुए थे। वो पुलिस के पास शिकायत करने नहीं जाना चाहते थे। पीड़िता ने सबसे पहली शिकायत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) में की थी। इसी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई करवाई गई। बच्ची की काउंसिल भी करवाई गई है।

राजस्थान : कांग्रेसी टूलकिट का हो रहा पालन, सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं की सिफारिश पर अस्पतालों में मिल रहे हैं वेड और वेंटिलेटर

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को बदनाम करने के लिए टूलकिट तैयार की थी, जिसका खुलासा होने के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। इस टूलकिट में कहा गया है कि सिर्फ उन लोगों की मदद कीजिए जो इंडियन यूथ कांग्रेस के ट्विटर पेज को टैग कर रहे हों। टूलकिट में अस्पतालों में बेड और अन्य सुविधाओं की जमाखोरी की बात भी कही गई है। यह भी कहा गया है कि कुछ

हॉस्पिटल में कुछ बेड ब्लॉक करके रखें और हमारे अनुरोध पर ही उसे रिलीज़ करें। टूलकिट में दिए गए इन निर्देशों का राजस्थान के कोटा के अस्पतालों मे पूरी तरह पालन हो रहा है। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद राजवर्धन सिंह राठौर ने कोटा के एमबीएस अस्पलात में एक महिला मरीज से साथ घटी घटना का जिक्र करते हुए ट्वीट किया है कि जैसा कांग्रेस टूलकिट में कहा गया,ठीक वैसा ही राजस्थान में हो रहा है। बेड ख़ाली है, लेकिन चाहे मरीज को कितनी भी जरूरत हो, वो सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओंं की सिफारिश के बिना नहीं मिल सकता है।

 

एमबीएस अस्पताल की आईसीयू में बेड व वेंटिलेटर खाली होने के बावजूद महिला मरीज को नहीं दिया गया। परिजनों ने आईसीयू में जाकर खाली बेड व वेंटिलेटर की फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाया और परिजन दो घंटे तक डॉक्टर के सामने बेड के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन फिर भी महिला मरीज को बेड नहीं दिया गया। आखिरकार महिला की सांस टूट गई।

मृतका के नाती चंदन ने बताया कि उसकी नानी बीना देवी महात्मा गांधी कॉलोनी की रहने वाली थी। उनकी 19 अप्रैल को रात 2 बजे तबीयत खराब हो गई। जांच में पॉजिटिव होने पर एमबीएस के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती काराया गया था। नानी का ऑक्सीजन सेच्युरेशन डाउन था। उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही थी। बुधवार रात 2 बजे नानी की तबीयत बिगड़ गई।

वार्ड में मौजूद डॉक्टर ने वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन अस्पताल में आईसीयू व वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कही। डॉक्टर ने साफ मान कर दिया और कहा कि हमारे पास वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। आप इनको ले जा सकते हैं। अगर आपकी किसी नेता से जान पहचान है तो आप उनका फोन करावा दो, आपका काम हो जाएगा।

चंदन ने बताया कि जब उन्होंने आईसीयू में जाकर देखा तो वहां बेड व वेंटिलेटर खाली था। बाकायदा उसका फोटो खींचकर लेकर आए और डॉक्टर को दिखाया। लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। मरीज को खाली पड़े वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने के लिए 2 घंटे तक डॉक्टर से गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिर तड़के करीब 4 बजे महिला मरीज ने दम तोड़ दिया।

घूँघट प्रथा ख़त्म करने पर गहलोत से पूछा : बुर्का प्रथा कब?

देश के आज़ाद होने से लेकर आज तक समय-समय पर केवल हिन्दू संस्कारों पर ही प्रहार होते हैं, किसी दूसरे धर्म पर नहीं, आखिर क्यों? हिन्दू होते हुए, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घूँघट के महत्व को समझना चाहिए। घूँघट किस से और कहां-कहां किया जाता है, इस बात की गहलोत को समझ होनी चाहिए। आखिर भारतीय संस्कृति ही क्यों आँखों में खटक रही है? आखिर भारतीय संस्कृति को त्याग पश्चिमी संस्कृति की ओर क्या इतना आकर्षण क्यों? 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा हैं। कांग्रेस नेता गहलोत ने एक ट्वीट में लिखा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए घूंघट प्रथा को बंद करना जरूरी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के लिए ये पांच पॉइंट्स आवश्यक हैं:

1. घूंघट प्रथा दूर हो।
2. छुआछूत खत्म हो।
3. सैनेटरी नेपकिन्स के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़े।
4. महिला शिक्षा को बढ़ावा मिले, गांव-कस्बों तक महिला कॉलेज खुलें।

5. मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आए।

गहलोत के यह ट्वीट करते ही यूजर्स ने उन्हें खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। लोगों ने पूछना शुरू कर किया की घूंघट पर तो बोल दिया, बुर्का पर कब बोलोगे। आप भी देखिए…


 

बीकानेर : ‘नाबालिग से 1 महीने तक रेप, गुप्तांग में पेट्रोल, सिगरेट से शरीर दागा’: राजस्थान पुलिस ने कहा – ‘मामूली चोट’

                                                                                                        प्रतीकात्मक 
उत्तर प्रदेश या फिर किसी भाजपा शासित राज्य में बलात्कार होने पर समस्त मोदी एवं भाजपा विरोधी सड़क पर आकर सियापा करते हैं, लेकिन कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित राज्य में बलात्कार होने पर सभी को सांप सूंघ जाता है, क्यों? कुछ ही दिन पूर्व राजस्थान के ही नागौर में निर्भय की तरह भयंकर कांड होने पर भी मुंह में दही जमाये बैठे रहे, क्यों? 

राजस्थान से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को तार-तार कर दिया है। यहाँ एक नाबालिग लड़के के साथ बलात्कार किए जाने का आरोप लगा है। ये घटना बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र की है। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके ही 4 पड़ोसियों ने मिल कर 15 साल के बच्चे का न सिर्फ अपहरण किया, बल्कि 1 महीना तक बँधक बना कर रखा। साथ ही उन पर नाबालिग के साथ कई बार रेप करने का भी आरोप लगाया।

पीड़ित की माँ ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा दिसंबर 15, 2020 को अपने ननिहाल जाने के लिए घर से निकला था। तभी, रास्ते में ही उसके पड़ोसी जसराज बिश्नोई, उसके रिश्तेदार हरीश, सोमराज और विकास ने मिल कर उसका अपहरण कर लिया। आरोप है कि इसके बाद चारों ने पिकअप में पीड़ित बच्चे को बिठा लिया और लूणकरणसर चले गए। वहाँ उसे जबरन शराब पिलाई गई और जम कर मारपीट भी हुई।

पीड़ित परिजनों की शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने बच्चे के गुप्तांग में पेट्रोल डाला और साथ ही उसके शरीर को सिगरेट से भी दागा। जंभेश्वर भादू भाई होटल में नाबालिग के साथ बलात्कार की बात कही गई है। परिजनों ने बताया कि जनवरी 4, 2021 को नाबालिग बच्चा किसी तरह आरोपितों के चंगुल से छूट कर निकला और अपने परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। फिर वो लोग सीधे पुलिस के पास पहुँचे।

बज्जू पुलिस थाने में माँ की शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया है कि जाँच जारी है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं बीकानेर की एसपी प्रीति चंद्रा ने आरोपित व पीड़ित परिजनों के बीच लम्बे समय से दुश्मनी की बात कही है। पुलिस का कहना है कि बच्चे के गुप्तांग पर व शरीर के अन्य हिस्सों पर ‘मामूली चोटें’ हैं। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की माँग की है।

अवलोकन करें:-

बदायूँ पर योगी का ‘जनाजा’ निकालने वाले नागौर की हैवानियत पर चुप, क्यों?

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बदायूँ पर योगी का ‘जनाजा’ निकालने वाले नागौर की हैवानियत पर चुप, क्यों?

राजस्थान में पिछले कुछ महीनों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं। अक्टूबर 2020 में आए एक मामले में एक 19 वर्षीय युवती के साथ 8 दिन तक बलात्कार किया गया था। चूरू की इस घटना में 9 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया था। इसी महीने में आए एक अन्य मामले में भीनमाल क्षेत्र के एक गाँव की दो नाबालिग चचेरी बहनों का अपहरण कर के 4 युवकों ने गैंगरेप किया था। आरोपित दोनों को पहाड़ियों पर फेंक कर भाग गए थे।

बदायूँ पर योगी का ‘जनाजा’ निकालने वाले नागौर की हैवानियत पर चुप, क्यों?

                                योगी आदित्यनाथ के लिए कांग्रेस ने किया जनाजा शब्द का इस्तेमाल
लगता है कांग्रेस का जनाजा यूथ कांग्रेस ही निकालेगी। जिस तरह की भाषाशैली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए प्रयोग की जा रही, लगता है यूथ कांग्रेस का रही रवैया रहा, निश्चितरूप योगी उत्तर प्रदेश से कांग्रेस का जनाजा जरूर निकाल देंगे।    
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपनी कुंठा व्यक्त करने के लिए कांग्रेस अब खुल कर जहर उगलने लगी है। पार्टी की यूथ विंग ने बदायूँ कांड पर मुख्यमंत्री योगी को घेरने के लिए ‘जनाजा’ शब्द का प्रयोग किया है।

यूथ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “योगी जी, कुर्सी है ये तुम्हारा जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।” यह ट्वीट यूथ कांग्रेस ने बदायूँ में घटी घटना पर योगी को जिम्मेदार ठहराने के लिए किया था। लेकिन इसमें इस्तेमाल की गई अमर्यादित भाषा ने इसे नैतिकता का मुद्दा बना दिया।

सबसे हैरानी की बात यह देखने को मिली जिस कांग्रेस ने बदायूँ पर योगी आदित्यनाथ के लिए ऐसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, उसी पार्टी ने राजस्थान के नागौर में महिला के साथ हुई हैवानियत पर चुप्पी साधी रखी। इसे उजागर करते हुए यूजर्स ने कहा है कि पार्टी को इससे कोई तकलीफ नहीं है क्योंकि वहाँ मुख्यमंत्री योगी, नहीं बल्कि अशोक गहलोत हैं।

राजस्थान के नागौर में हुई घटना में युवती के मुँह और हाथ-पैर को टेप से बाँधकर क्रूरता से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में उसकी कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी गई। मगर, कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर आपको इस घटना का जिक्र नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने के मामले में मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी लिखते हैं, “जिन्होंने पिता के निधन के बेहद कष्टकारी वक़्त भी पिता को आख़िरी बार देखने की बजाय UP की जनता को कोविड से बचाने के लिए अपना दफ़्तर चुना, ऐसे सच्चे संत के लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की कांग्रेस की भाषा देखिए, ये मानवता का अपमान है, इसका परिणाम आपको चुकाना ही पड़ेगा।”

प्रणय विक्रम सिंह लिखते हैं, “हत्याओं का अमानवीय खेल जिनका शौक-ए-सियासत हो उन कांग्रेस के लोगों के मुँह से किसी के लिए ‘जनाजा’ सम्बोधन सामान्य बात है। 1984 का सिखों का नरसंहार, 1975 में लोकतंत्र की हत्या सब तुम्हारी उपलब्धियाँ हैं ‘जनाजा’ प्रेमियों। आज लग रहा है कि एक ‘योगी’ से ‘लंकेश दल’ डर गया।”

सनातनी जिज्ञेश लिखते हैं, “राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा आप की पार्टी के लोग तमीज भूलकर बदतमीजी पर उतर चुके हैंl अब इन्हें आप लोगों ने कुछ नहीं कहा तो कांग्रेस का जनाजा भी निकलेगा और कब्र के लिए जगह भी ढूँढने आप को ही निकलना पड़ेगा। श्री राम आप को सद्बुद्धि दें, अगर आप उनको मानते हैं तो।”

बात यही समाप्त नहीं होती ट्विटर पर लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है:-

राजस्थान: 2 नाबालिग बहनों को 4 युवकों ने गैंगरेप के बाद पहाड़ियों पर फेंका


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राजस्थान से आए दिन बलात्कार की घटनाएँ सामने आ रही हैं
। ताजा मामला जालोर के भीनमाल थाना क्षेत्र का है। यहाँ दो नाबालिग बहनों का अपहरण करके 4 युवकों (कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 युवक) ने उनके साथ गैंगरेप किया। बाद में पहाड़ की झाड़ियों में घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर ऑटोरिक्शा से लड़कियों को अस्पताल पहुँचाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीनमाल क्षेत्र के एक गाँव से इन दोनों चचेरी बहनों का अपहरण शनिवार रात (अक्टूबर 17, 2020) उस समय हुआ जब वह अपने घर सो रही थी। चार युवकों ने इनका पहले अपहरण किया फिर बच्चियों को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित इन दोनो बच्चियों को राजपुरा की पहाड़ियों पर फेंककर फरार हो गए। वहीं परिजन पूरी रात बच्चियों की खोजबीन करते रहे। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियाँ पहाड़ियों पर मिलीं। इन्हें इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया। वहाँ एक पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी वारदात के मद्देनजर लड़कियों के परिजनों ने 4 युवकों (चेतनराम, अशोक, तेजाराम, पीराराम) को नामजद किया है। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल, उनका कोई सुराग नहीं है।

राजस्थान पुलिस को इस संबंध में सूचना अक्टूबर 18 की सुबह-सुबह ही मिल गई थी, लेकिन पुलिस पहले तो लड़कियों को तलाशने की बात कहकर इधर-उधर करती रही। फिर करीब 11 बजे जाकर लड़कियाँ राजपुरा की पहाड़ियों पर खून से लथपथ हालत में मिली। इनमें एक बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी कि वह अपने पैरों पर भी नहीं उठ पा रही थी।

चुरू विधायक राजेंद्र राठौर ने इस घटना के मद्देनजर लिखा, “जालोर के भीनमाल में दो नाबालिग लड़कियों को अगवा कर आधा दर्जन युवकों द्वारा गैंगरेप की घटना को अंजाम देना मानवता को शर्मसार करने वाला है। ऐसे कृत्य स्वयं ही प्रदेश में सरकार द्वारा राज्य में महिलाओं और बच्चियों के लिए किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान है।”

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लिखती हैं, “राजस्थान में हर रोज़ हो रहे दुष्कर्म की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। भीनमाल (जालोर) में दो नाबालिग बच्चियों के साथ किए गए गैंगरैप ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान में ना कोई कानून – व्यवस्था दिखाई देती और ना ही कोई सरकार।”

उत्तर प्रदेश के हाथरस मुद्दे को जिस तरह गैर-भाजपाई उछाल कर भाजपा की छवि को धूमिल करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे, विपरीत इसके भाजपा राजस्थान में हो रहे बलात्कारों पर चुप्पी साधे हुए हैं। मीडिया भी राजस्थान में हो रहे बलात्कारों को उतना महत्व नहीं दे रही, मानो राजस्थान महिलाओं का कोई सम्मान नहीं। काश! राजस्थान में भाजपा होती, भाजपा को जवाब देना भारी पड़ गया होता। और अपने बचाव में भाजपा बलात्कारों के लिए विरोधियों को दोषी ठहरा रही होती। राजस्थान हो या दिल्ली, यहाँ का भाजपा संगठन केवल योगी और मोदी के कंधे सवार सियासत कर रहा है। इतने होते बलात्कारों पर राजस्थान भाजपा की चुप्पी इसको प्रमाणित कर रहा है। वसुंधरा के ट्वीट पर भी जबरदस्त प्रक्रिया सामने आ रही है, जिसका भाजपा केन्द्रीय शीर्ष नेतृत्व को संज्ञान लेना चाहिए:-

पिछले दिनों राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती की पोल खोलती एनसीआरबी की रिपोर्ट सामने आई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि राजस्थान में महिलाएँ सबसे ज्यादा बलात्कार का शिकार होती हैं। इसमें दिए आँकड़ों के अनुसार वहाँ पिछले साल 5997 मामले दर्ज किए गए थे। यानी प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो प्रदेश में हर दिन 16 रेप की घटना हुईं। सूची, रेप पीड़िताओं की संख्या भी प्रदेश में 6051 बताती है। इतना ही नहीं प्रदेश में प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध की दर 15.9 है। 

कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता, गहलोत ने माना बारां रेप को छोटी घटना

कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता एक बार फिर सामने आ गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया है। राजस्थान के बारां जिले में दो नाबालिग दलित बहनों के साथ गैंगरेप को छोटी घटना मानते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हाथरस और बारां केस की तुलना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हाथरस में हुई घटना बेहद निंदनीय है। उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है, लेकिन दुर्भाग्य से राजस्थान के बारां में हुई घटना की तुलना हाथरस की घटना से की जा रही है।

बारां जिले के छबड़ा निवासी दलित बहनों का गांव के ही चार युवकों ने गत 18 सितंबर को उस समय अपहरण किया, जब वे खेत जा रही थी। 18 से 21 सितंबर तक आरोपी युवक दोनों नाबालिग लड़कियों को कोटा, जयपुर और अजमेर तक ले गए। जहां दोनों के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। दैनिक भास्कर के अनुसार आरोपियों ने नाबालिग लड़कियों को पुलिस के सामने कुछ बोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान लड़कों के पकड़े जाने के बावजूद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, लड़कियों को सखी केंद्र भेजा गया। ऐसे में गहलोत के बयान को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।

आपको दिखाते हैं कि किस तरह से कांग्रेस पार्टी महिलाओं के नाम पर सिर्फ नौटंकी करती है। नीचे दिए गए बयानों और कांग्रेस नेताओं की हरकतों से साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है।

सिद्धारमैया ने सरेआम खींची महिला की चुन्नी
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता सिद्धारमैया ने सरेआम एक महिला के साथ दुर्व्यवहार किया था। मैसूर में एक महिला सिद्धारमैया के पास उनके विधायक बेटे की शिकायत करने आई थी। महिला की शिकायत सुनते ही सिद्धारमैया भड़क गए और महिला से अभद्रता करने लगे। सिद्धारमैया ने मर्यादा की सभी सीमाओं को पार करते हुए महिला की चुन्नी खींच ली और गाली-गलौच करते हुए हाथापाई तक करने लगे।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने महिलाओं को कहा सजावट का सामान
कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता दो महीने पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भी नजर आई थी। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया था। कमलनाथ महिलाओं को सजावट का सामान कहा था। दरअसल, पत्रकारों ने जब उनसे विधानसभा चुनाव में कम महिला प्रत्याशी उताने के बारे में सवाल पूछा तो, कमलनाथ ने कह दिया कि उन्होंने महिलाओं को सजावट और कोटे के आधार पर टिकट नहीं दिए गए हैं।

राहुल के दफ्तर में महिला से अश्लील हरकत
महिलाओं के प्रति कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नीच सोच का पता कुछ दिन एक बार फिर लगा था। हाल ही में कांग्रेस के नेताओं पर दिल्ली में राहुल गांधी के दफ्तर में ही सोशल मीडिया सेल में काम करने वाली महिला से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया था। महिला ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर से की थी। इस मामले में राहुल गांधी ने पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, बाद में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जाहिर है कि जब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के दूसरे बड़े नेता ही महिलाओं से दुर्व्यवहार करते रहे हों, उन पर अभद्र टिप्पणियां करते रहे हों तो फिर नीचे के कार्यकर्ता भी इसमें अपनी शान समझेंगे।

राहुल गांधी – क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं छोटे कपड़े (शॉर्ट्स) पहने दिखती हैं।
राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर,2017 को वडोदरा में महिलाओं को लेकर अमर्यादित बयान दिया। उन्होंने पूछा था कि क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं छोटे कपड़े (शॉर्ट्स) पहने दिखती हैं। इस बयान पर महिलाओं ने आपत्ति जताई थी।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस सांसद को टंच माल कहा
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 27 जुलाई,2013 को इंदौर में अपनी पार्टी की सांसद मीनाक्षी नटराजन पर sexist remark दिया। उन्होंने नटराजन को टंच माल कहकर संबोधित किया था।

शशि थरूर ने मिस वर्ल्ड का मजाक उड़ाया
मानुषी छिल्लर के मिस वर्ल्ड बनने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उन्हें चिल्लर कह कर मजाक उड़ाया। 19 नवंबर, 2017 को ट्विट कर उन्होंने लिखा, ‘हमारी मुद्रा का विमुद्रीकरण करना कितनी बड़ी भूल थी! बीजेपी को इस बात का अहसास होना चाहिए कि भारतीय मुद्रा का विश्व भर में वर्चस्व है, देखिए हमारी चिल्लर भी मिस वर्ल्ड बन गई है.’

अभिजीत मुखर्जी – दिन में प्रदर्शन और रात में मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी
कांग्रेस सांसद और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी महिलाओं के मेकअप और पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। 28 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में निर्भया गैंगरेप कांड के बाद महिला प्रदर्शनकारियों का मजाक उड़ाते हुए अभिजीत ने कहा था कि ये महिलाएं अब प्रदर्शन कर रही हैं और रात को मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी। हालांकि उनकी इस टिप्पणी पर उनकी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ही आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने भी माफी मांगी।

बोत्सा सत्य नारायण – रेप से बचने के लिए औरतें घर पर रहें
27 दिसंबर, 2012 को दिल्ली गैंगरेप मामले में कांग्रेस के आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने कहा था कि रेप से बचने के लिए औरतों को घर के अंदर ही रहना चाहिए।

दामादोर राउत की अभद्र टिप्पणी
कांग्रेस के पूर्व मंत्री दामोदर राउत ने कांग्रेस प्रवक्ता सुलोचना दास पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुझे पता है किसे खुश करके आप कांग्रेस की प्रवक्ता बनी हैं।

राज्यसभा में सुशील कुमार शिंदे की अभद्र टिप्पणी
राज्यसभा में चर्चा के दौरान सुशील कुमार शिंदे ने एसपी सांसद जया बच्चन पर कहा था कि…बहन यह गंभीर मामला है इसे गंभीरता से सुनो, यह कोई फिल्म का विषय नहीं है।

श्रीप्रकाश जायसवाल का विवादित बयान
श्रीप्रकाश जायसवाल ने पाकिस्तान पर टी-20 की जीत पर कहा था ..जैसे जैसे समय के साथ जीत की खुशी कम हो जाती है वैसे ही समय के साथ पत्नी के चार्म में भी कमी आ जाती है।

शीला दीक्षित – महिलाओं का ज्यादा एडवेंचरस नहीं होना चाहिए
2008 में युवा पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के बाद एक सवाल के जवाब में दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था: “महिलाओं को ज़्यादा एडवेंचरस नहीं होना चाहिए।” तब हेडलाइंस टुडे में काम करने वाली सौम्या विश्वनाथन दफ्तर से घर लौट रही थीं जब वसंत कुंज में उन्हें कार में गोली मारी गई थी।

NSUI अध्यक्ष पर महिला कार्यकर्ता ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया
25 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ में NSUI की एक कार्यकर्ता ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर NSUI अध्यक्ष फैरोज खान के ऊपर महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। महिला कार्यकर्ता ने लिखा कि फैरोज राजनीतिक तरक्की के लिए महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है।

राहुल गांधी की मौजदूगी में पत्रकार मौसमी सिंह के साथ बदसलूकी
13 अप्रैल, 2018 को जब कठुआ कांड को लेकर राहुल गांधी ने इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला तो एक टीवी पत्रकार मौसमी सिंह के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी की। आजतक की पत्रकार मौसमी सिंह ने रो रोकर अपनी बदसलूकी के बारे में जानकारी दी।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ पुरुष कार्यकर्ताओं ने की छेड़खानी
मुंबई में 15 अप्रैल, 2018 को कठुआ और उन्नाव बलात्कार के विरोध में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी इकाई को लिखित में दिए शिकायत में कहा कि कैंडल मार्च के दौरान पुरुष सहयोगियों ने उनके साथ भीड़ का फायदा उठाया है और उनके साथ बदसलूकी की।

सत्यदेव कटारे – जब तक महिला तिरछी नजर से नहीं देखेगीपुरुष नहीं छेड़ेगा
24 अप्रैल, 2013 को भिंड में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सत्यदेव कटारे ने विवादित बयान दिया। कटारे ने कहा कि जब तक महिला तिरछी नजर से नहीं देखेगी, तब तक पुरूष उसे नहीं छेड़ेगा।

संजय निरुपम का स्मृति इरानी पर विवादित बयान
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी को पैसे के लिए ठुमके लगाने वाली कहा था। एक टीवी बहस के दौरान उन्होंने ईरानी पर ये अमर्यादित टिप्पणी की थी।

रेणुका चौधरी – रेप तो चलते रहते हैं
रेप जैसे जघन्य अपराध को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी ने बुलंदशहर में विवादित बयान दिया। रेणुका ने कहा कि “रेप तो चलते ही रहते हैं (रेप इज कॉमन)।”

कांग्रेस नेता का दलित महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान
कानपुर प्रदेश उपाध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजाराम पाल ने 4 नवंबर, 2016 को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “पार्टी में दलित महिलाओं से भेदभाव नहीं किया जाता है। इन महिलाओं को हमारे घर के अंदर ही नहीं, बेडरूम तक आने की इजाजत है। यहां ऐसी कोई महिला नहीं है, जो हमारे बेडरूम तक न आई हो।”

केरल के कांग्रेस नेता का विवादित बयान
28 मार्च, 2017 – केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने के बाद एमएम हसन ने कहा कि मासिक धर्म अपवित्र होता है और महिलाओं को उन दिनों में किसी भी पूजा या इबादत की जगह पर नहीं जाना चाहिए।

सुभाष चौधरी बलात्कार मामला
हरियाणा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी पर अक्टूबर, 2017 में दिल्ली के तुगलग रोड पुलिस स्टेशन पर रेप का एक मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि सुभाष चौधरी ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के घर की नौकरानी के साथ दुष्कर्म किया। मामला चर्चा आने के बाद भी, इस मामले में राहुल गांधी ने चुप्पी साध ली। तब वह कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे।

शिमला का गुड़िया गैंगरेप कांड
हिमाचल प्रदेश में शिमला का जघन्य गुड़िया गैंग रेप कांड काफी दिनों तक लोगों को विचलित किए हुए था। इस मामले में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में बनी राज्य सरकार के मुखिया वीरभद्र सिंह ने जो बयान दिया वह बहुत ही आपत्तिजनक था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई देश या प्रदेश नहीं है, जहां अपराध नहीं होता।

सैन्य अफसर की पत्नी ने किया अहमद पटेल पर बलात्कार का केस
वर्ष 2005 में सेना के एक अफसर की पत्नी सुनीता सिंह ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की कि कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता का कहना था कि वह पति की पिटाई से परेशान होकर घर से भाग गई और दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग में न्याय की गुहार लगाने आई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने उसे नारी निकेतन भेज दिया। नारी निकेतन से राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य यास्मीन अबरार उसे अपने साथ घर ले गईं। उसी के घर में कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने उसके साथ बलात्कार किया।

शादी लाल बत्रा बलात्कार मामला
27 सितंबर, 2016 – दिल्ली में राज्यसभा सांसद के खिलाफ रेप का यह मामला दर्ज किया गया। पेशे से वकील एक महिला ने हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शादीलाल बत्रा के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया।

विधायक पर रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
22 जुलाई, 2017 – केरल के कांग्रेस विधायक एम विंसेंट को रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। केरल पुलिस के अनुसार, 51 वर्षीय महिला ने विधायक के खिलाफ रेप के आरोप लगाए। घटना के बाद महिला ने सुसाइड की भी कोशिश की थी।

विधायक हेमंत कटारे बलात्कार मामला
2 फरवरी, 2018 – मध्यप्रदेश के भिंड जिले के अटेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण का प्रकरण दर्ज हुआ है। कटारे के खिलाफ एक महिला और उसकी बेटी प्रयांशु सिंह के द्वारा अलग-अलग दर्ज कराई गई। शिकायतों के आधार पर अपहरण और दुष्कर्म का अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किया गया है।

बिहार कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने यौन शोषण के आरोप के बाद दिया इस्तीफा
23 फरवरी, 2017 – बिहार कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे पर एक नाबालिग ने यौन शोषण का आरोप लगाया, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

कर्नाटक के कांग्रेस नेता पर यौन शोषण का आरोप
सितंबर, 2015 – कर्नाटक में कांग्रेस के बड़े नेता B S Thammaiah पर Karnataka Kodava Sahitya Academy की अध्यक्ष ने यौन शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया। महिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जिसे डिलीट कर दिया गया।

अजमेर रेप केस
कुख्यात अजमेर रेप कांड के 26 साल बाद मुख्य आरोपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष फारुख चिश्ती, उपाध्यक्ष नफीस चिश्ती और संयुक्त सचिव अनवर चिश्ती के खिलाफ यौन शोषण का गंभीर मामला दर्ज हुआ। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर स्कूल की सैकड़ों बच्चियों का यौनशोषण किया था। यौनशोषण से पीड़ित बच्चियों में ज्यादातर बच्चियां हिन्दु समुदाय की थी। मामला उजागर होने के बाद, 8 स्कूली बच्चियों ने आत्महत्या कर ली।

NSUI नेता ने बलात्कार की पीड़ित की जगह बलात्कारी का दिया साथ
अप्रैल, 2018 – दिल्ली में गायब 10 साल की बच्ची के साथ जब मदरसा में बलात्कार होने की खबर सामने आई तो NSUI नेता ने ट्वीट कर विवादित टिप्पणी की। उत्तराखंड में NSUI के सोशळ मीडिया कोऑर्डिनेटर गौरव भारती बलात्कारी को सपोर्ट किया।

यूथ कांग्रेस के नेता पर बलात्कार का आरोप
27 दिसंबर, 2017 – आनंदपुर साहिब में एक महिला ने यूथ कांग्रेस के नेता डॉक्टर आचार शर्मा पर यौन शोषण का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि डॉक्टर ने क्लिनिक में उनके साथ यौन शोषण किया।

अभिषेक मनु सिंघवी का सीडी कांड
2012 में अभिषेक मनु सिंघवी का सीडी कांड पहली बार सबके सामने आया। इसमें किसी कोर्ट जैसे चैम्बर में सिंघवी एक महिला वकील के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही सिंघवी महिला वकील को कह रहे हैं कि वे उसे जज बना देंगे।

राजस्थान के कांग्रेसी मंत्री पर नौकरी देने के लिए यौन उत्पीड़न का आरोप
2013 – राजस्थान में कांग्रेस के पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर पर 35 साल की एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि बाबूलाल नागर ने सरकारी नौकरी देने के नाम पर उसका यौन उत्पीड़न किया।

हरियाणा के कांग्रेस मंत्री पर यौन उत्पीड़न का आरोप
2012 – हरियाणा के कांग्रेस मंत्री गोपाल कांडा के खिलाफ एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। गीतिका गोपाल कांडा के MLDR airlines में ही कार्यरत थी। आरोप लगाने के बाद गीतिका ने 5 अगस्त 2012 को खुदकुशी कर ली।

राजस्थान का भंवरी देवी कांड
2011 भंवरी देवी सेक्स स्कैंडल में राजस्थान के कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री महिपाल मदरेणा पर आरोप लगा। मदरेणा के खिलाफ भंवरी देवी के अपहरण, बलात्कार और फिर हत्या करने का आरोप लगा।

नारायण दत्त तिवारी का सेक्स स्कैंडल
कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण दत्त तिवारी पर राजभवन में ही तीन महिलाओं के साथ सैक्स का वीडियो एक तेलुगु न्यूज चैनल ने ब्रॉडकास्ट कर दिया। इसके बाद उन्हें राज्यपाल का पद छोड़ना पड़ा। नारायण दत्त तिवारी के खिलाफ ही एक शख्स ने पिता होने का दावा किया था, जो बाद में डीएनए टेस्ट के बाद न्यायालय ने भी सही पाया।