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पश्चिम बंगाल : ‘हमलोग भी महिला हैं, हमारी बेटियाँ कहाँ जाएँगी’: फूट-फूटकर रोईं बंगाल की बीजेपी MP, कहा- TMC के गुंडों ने हाथों में बंदूकें, उम्मीदवार को नंगा कर घुमाया

 

                                  BJP सांसद लॉकेट चटर्जी बंगाल की घटना का जिक्र करते हुए रो पड़ीं
हम लोग भी महिला हैं। हम लोग भी देश की बेटी हैं। हम लोग कहाँ जाएँगे।

यह सवाल है पश्चिम बंगाल से बीजेपी की सांसद लॉकेट चटर्जी का। शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को मीडिया से बात करते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगीं। वे पार्टी के बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के साथ पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर बात कर रहीं थी। 8 जुलाई को मतदान के दिन एक महिला उम्मीदवार को नंगा कर गाँव में घुमाने का मामला सामने आया है।

चटर्जी ने पत्रकारों से कहा, “आपलोग बताइए हम लोग कहा जाएँगे। हम भी महिलाएँ हैं। हम भी अपनी बेटियों को बचाना चाहते हैं। हम भी देश की बेटियाँ हैं। पश्चिम बंगाल देश का एक हिस्सा है। पीएम मोदी ने कल मणिपुर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि हर राज्य में महिला सुरक्षा के लिए कानून-व्यवस्था का काम होना चाहिए। हमारे लिए भी आप लोग कुछ बात करें। हमारी बेटियाँ कहाँ जाएँगी।” नीचे वीडियो में आप 10 मिनट 11 सेकेंड से चटर्जी का यह बयान सुन सकते हैं।

बंगाल की हिंसा पर कॉन्ग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चटर्जी ने कहा कि राज्य में यह सब कुछ तब हो रहा है जब एक महिला मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) हैं। उन्होंने पूछा कि महिला प्रत्याशी को नग्न कर जो अत्याचार किए गए क्या उसकी जाँच होगी? चटर्जी ने कहा कि साउथ पांचला की इस घटना का वीडियो नहीं है, क्योंकि सभी की हाथों में बंदूकें थीं। उन्होंने कहा, “बंगाल में पंचायत के चुनाव नहीं बल्कि खून के चुनाव हुए। इसमें बहुत हिंसा और महिलाओं के साथ अत्याचार हुए। ममता बनर्जी एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोक नहीं रही हैं।”

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा कि मणिपुर में जो घटना हुई, उसे लेकर उत्तेजना पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे दुःखद घटना बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि कहीं भी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित साउथ पांचला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ भाजपा के लिए पंचायत चुनाव लड़ने वाली एक महिला को नग्न कर घुमाया गया।

सुकांता मजूमदार ने पूछा कि क्या ये मणिपुर से कम दुःखद घटना है? उन्होंने कहा कि अंतर सिर्फ इतना है कि इसका वीडियो उपलब्ध नहीं है, क्योंकि ‘ममता बनर्जी के गुंडे’ किसी को वीडियो बनाने नहीं दे सकते। इस दौरान उन्होंने अख़बारों के हवाले से 2 घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें से एक उत्तरी बंगाल स्थित अलीपुरद्वार की है और एक दक्षिणी बंगाल के बीरभूम की। उन्होंने बताया कि एक महिला को नग्न कर के और गदहे की पीठ पर बिठा कर घुमाया गया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का कारण जो भी हो, लेकिन महिलाओं के सम्मान के साथ पश्चिम बंगाल में जिस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है वो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की रिपोर्ट में भी ये सामने आ चुका है। 

ANI की रिपोर्ट के अनुसार पांचला में महिला उम्मीदवार को पीटा गया। सरेआम छेड़छाड़ की गई। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला उम्मीदवार ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़ और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नामजद शिकायत की है। कहा है कि आठ जुलाई को उसे नंगा कर पूरे गाँव में घुमाया गया। महिला ने बताया है कि टीएमसी के करीब 40 से 50 गुंडों ने उसके साथ मारपीट की। उसके सीने और सिर पर डंडे से हमला किया। उसे मतदान केंद्र के बाहर फेंक दिया। रिपब्लिक की रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित महिला के अनुसार उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई। उसे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया। उसे गलत तरीके से छुआ गया और सरेआम छेड़छाड़ की गई। 

अवलोकन करे:- 

पश्चिम बंगाल : TMC गुंडों ने ‘साड़ी फाड़ी, अंडरवियर उतारा, नंगा घुमाया’

पीड़िता के अनुसार जब टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता उसके साथ मारपीट कर रहे थे तो उनके एक नेता ने उन्हें उनके कपड़े फाड़ने के लिए उकसाया। बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर दावा किया है इस मामले में एफआईआर भी तब दर्ज की गई, जब बीजेपी ने इसके लिए दबाव बनाया।

पंजाब पुलिस : तुम्हारी जाति क्या है, दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाओ… : भावना किशोर, महिला पत्रकार

टाइम्स नाउ की महिला पत्रकार भावना किशोर (Bhawana Kishore) को 5 मई 2023 को पंजाब पुलिस ने उनके सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इन्हें जमानत दे दी है। 9 मई को टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर नविका कुमार और एंकर सुशांत सिन्हा के साथ बातचीत में हिरासत के दौरान पंजाब पुलिस की प्रताड़ना का जिक्र करते हुए किशोर फूट-फूटकर रो पड़ीं।

भावना ने बताया कि हिरासत के दौरान उनसे दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाने को कहा गया। उनकी जाति को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने बताया, “पुलिस ने बोला रात के एक बजे आपका मेडिकल होगा। आपको मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना है। मुझे कानून का इतना दांवपेंच नहीं पता था। मेरी तबीयत खराब हो रही थी। घबराहट हो रही थी। जो उन्होंने दिया मैंने खाया। ड्राइवर और कैमरापर्सन ने भी थोड़ा सा खाया। मैं बहुत पानी पी रही थी, क्योंकि मैं नर्वस महसूस कर रहा था। जब मैं वॉशरूम गई तो मेरे साथ 2-3 महिला कॉन्स्टेबल भी थीं। पुलिस स्टेशन में बिजली या पानी नहीं था।”

इसके बाद अपनी प्रताड़ना के बारे में बताते हुए भावना रोने लगीं। उन्होंने बताया, “मुझे वाॅशरूम दरवाजा खोलकर जाने को कहा गया। मैंने दरवाजा खोलकर वाॅशरूम किया। मुझे नहीं आई शर्म, क्योंकि उस वक्त मैं इतने प्रेशर में थी…”

पुलिस अफसर ने कहा- बहुत प्रेशर है

भावना ने यह भी बताया कि उन्हें नहीं बताया गया था कि वह गिरफ्तार हो चुकीं हैं। इसलिए वह एक पुलिस अफसर से बार-बार विनती कर रहीं थीं कि उन्हें घर जाने दिया जाए। इस पर पुलिस अफसर ने कहा, “भावना मैं हाथ जोड़कर तुमसे माफी माँगता हूँ। तुमने अब तक बहुत हिम्मत दिखाई है। मेरी दो बेटियाँ हैं। मैं घर जाकर उनसे क्या बोलूँगा मुझे यह नहीं पता। लेकिन मुझे पता है कि मैं अपनी ड्यूटी के साथ ईमानदारी नहीं कर रहा हूँ। भावना तुमने जो खबर चलाई है उसे हटाओ बात करके। ये सरकार है, तुम कभी जीत नहीं पाओगी।”
भावना का दावा है कि पुलिस अफसर ने उनसे कहा था कि उनके ऊपर बहुत प्रेशर है। साथ ही उनसे दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर किए गए खुलासे ‘ऑपरेशन शीशमहल’ को हटाने के लिए कहा था। भावना का यह भी दावा है कि पुलिस ने उनसे और उनके दोनों सहयोगियों से उनकी जाति भी पूछी थी। जब भावना ने उन्हें बताया कि वह ओबीसी वर्ग से हैं तो पुलिस ने उनसे कहा कि नहीं तुम सामान्य वर्ग से हो।
उन्होंने आगे कहा है कि इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन पर एससी/ एसटी एक्ट लगाने की तैयारी हो रही है। भावना किशोर का यह भी कहना है कि उन्हें पहले कहा गया था कि चाय-पानी के लिए ले जाया जा रहा है। सीएम भगवंत मान के जाने के बाद छोड़ दिया जाएगा। लेकिन फिर सारी चीजें बदल गईं। टाइम्स नाउ का दावा है कि पंजाब सरकार ने यह सब ‘ऑपरेशन शीशमहल’ का बदला लेने के लिए किया।

हाई कोर्ट ने लगाई पंजाब पुलिस को फटकार

टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर की गिरफ्तारी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि भावना और उनके दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों को अंतरिम जमानत दे दी थी। आम आदमी पार्टी के एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान इनलोगों की गिरफ्तारी हुई थी। कथित एक्सीडेंट और जातिगत टिप्पणी को लेकर यह कार्रवाई की गई थी।