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रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम में 3.5 एकड़ जमीन रिश्वत में मिली, सोनिया गाँधी के दामाद होने का फायदा: ED, संपत्ति छिपाने में कांग्रेस MP प्रियंका वाड्रा भी नपेंगी?

                               कांग्रेस सांसद पत्नी प्रियंका के साथ रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो, साभार: न्यूज18)
जब से हरियाणा से कांग्रेस सत्ता गयी है तब से आज तक कोई रॉबर्ट वाड्रा ने कोई भूमि सौदा नहीं किया, ये अपने आपमें बहुत बड़ी खबर है। दूसरे यह कि आखिर चुनाव दिनों में ही क्यों घोटालों सामने आते हैं? शेष दिनों में क्या ED और अन्य संस्थाएं आराम फरमाने चली जाती हैं? इतने सालों में अभी कोई सख्त कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की? अगर यही घोटाला किसी आम नागरिक किया होता क्या उसका केस भी इसी तरह तारीख पे तारीख मिल रही होती?     

कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम में 3.5 एकड़ जमीन रिश्वत में मिली थी। बाद में यह जमीन वाड्रा ने 58 करोड़ रुपए में रियल एस्टेट कंपनी DLF को बेच दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया है।

यह जमीन गुरुग्राम के सेक्टर 83 में है। वाड्रा ने जमीन के बदले 7.5 करोड़ रुपए भुगतान का दावा किया था। लेकिन यह चेक कभी क्लियर ही नहीं हुआ। चार्जशीट में कहा गया है कि सोनिया गाँधी के दामाद होने का फायदा वाड्रा को मिला। इसके कारण हरियाणा के तत्कालीन कांग्रेसी  मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा उनके प्रभाव में थे।

रॉबर्ट वाड्रा पर ED की चार्जशीट

ED ने 17 जुलाई 2025 को यह चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि ओंकारेश्वर प्रॉप्रटीज प्राइवेट लिमिटेड (OPPL) ने जमीन स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (SLHPL) को रिश्वत के तौर पर दी थी ताकि SLHPL के निदेशक रॉबर्ट वाड्रा अपनी व्यक्तिगत पहुँच का इस्तेमाल कर हरियाणा के तत्कालीन ‘नगर एवं ग्राम नियोजन’ मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से OPPL को उसी गाँव में हाउसिंग लाइसेंस दिला सकें।

इससे पहले ED ने बताया था कि उन्होंने वाड्रा से जुड़ी 37 करोड़ रुपए की संपत्तियाँ अटैच की थी। इसमें वाड्रा और 10 अन्य लोगों पर 58 करोड़ रुपए की ‘अपराध की कमाई’ को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद करने का आरोप है।

प्रियंका गाँधी तक पहुँची जाँच की आँच

इस मामले में वायनाड की सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा तक भी जाँच की आँच पहुँच गई है। ED की चार्जशीट में फरीदाबाद के अमीपुर गाँव में 39.7 एकड़ की 3 हाई-वैल्यू संपत्तियों का जिक्र है, जिनकी जानकारी प्रियंका ने चुनावी हलफनामे में नहीं दी है। यह मामला केरल हाई कोर्ट में है और अदालत ने नोटिस भी जारी किया है। गौरतलब है कि चुनावी हलफनामे में झूठी या अधूरी जानकारी देने को ‘भ्रष्ट आचरण’ के तौर पर देखा जाता है और इसमें अयोग्यता और जेल की सजा हो सकती है।

कैसे खुला रॉबर्ट वाड्रा का फर्जीवाड़ा?

ED की जाँच के दौरान हरियाणा सरकार के अधिकारियों और OPPL के प्रमोटरों सहित कम से कम 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने शुरू में दावा किया था कि वाड्रा ने जमीन के लिए 7.5 करोड़ रुपए का भुगतान किया था, लेकिन ED ने इस बयान को झूठा बताया है।

ED ने गुरुग्राम पुलिस से वाड्रा के इस कथित भुगतान की जाँच करने को कहा। जाँच में पुलिस उपायुक्त ने पाया कि SLHPL ने OPPL से 3.53 एकड़ ज़मीन 12 फरवरी 2008 को सेल डीड नंबर 4928 के जरिए खरीदी थी। कागजों में दिखाया गया कि भुगतान चेक नंबर 607251 से किया गया है, लेकिन यह चेक कभी क्लियर ही नहीं हुआ। इसके 6 महीने बाद एक और चेक से रकम दी गई।

यह चेक Skylight Realty Pvt Ltd (SLRPL) का था, न कि खरीददार कंपनी SLHPL का। SLHPL की पूँजी केवल 1 लाख थी और SLRPL के खाते में भी 7.5 करोड़ रुपए नहीं थे। 45 लाख का स्टांप ड्यूटी भी बेचने वाले ने दी थी, न कि वाड्रा की कंपनी ने। ईडी के अनुसार, रजिस्ट्री में झूठा भुगतान दिखाकर सौदा बेनामी तरीके से किया गया।

केरल : ‘ओरल सेक्स’ वाले प्रोफेसर इफ्तिखार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल: पढ़ाता था – मुख मैथुन मतलब कम्युनिकेशन, चौड़ी ललाट वाली लड़कियाँ कामातुर

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्राओं को कविता और साहित्य के नाम पर ‘ओरल सेक्स’ को बेस्ट बताने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। केरल पुलिस ने छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में बेकल पुलिस ने कान्हागंज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आईपीसी की धारा 354 के तहत चार्जशीट अदालत को सौंपी गई।

ये चार्जशीट 13 नवंबर वाले मामले में दाखिल की गई, जब परीक्षा के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई थी। उस छात्रा को उठाने के बहाने इफ्तिखार अहमद ने उसकी छाती व अन्य अंगों को अनुचित तरीके से छुआ। लेकिन इस मामले में केरल सेंट्रल वूनिवर्सिटी की आंतरिक टीम ने जाँच की खानापूर्ति की और आरोपित इफ्तिखार अहमद को आरोपों से बरी कर दिया। इस दौरान इफ्तिखान अहमद के खिलाफ क्लास की सभी छात्राओं ने उत्पीड़न के आरोप लगाए और कहा कि क्लासरूम में कविता और साहित्य के नाम पर इफ्तिखार अहमद घटिया बाते करता है।

इफ्तिखार अहमद पर 34 छात्राओं ने आरोप लगाए थे। इसके बावजूद आंतरित जाँच समिति ने आरोपों को खारिज कर दिया। इसके बाद चार छात्राओं के परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। जानकारी के मुताबिक, 23 नवंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निलंबित कर दिया, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी। लेकिन जब चार छात्राओं के परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत की, तो कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जब जाकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस ने इस मामले में इफ्तिखार अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए(1) और आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला दर्ज किया। हालाँकि पुलिस ने सभी छात्राओं के आरोपों को खारिज करते हुए सिर्फ एक छात्रा के यौन उत्पीड़न का ही मामला पाया। बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की जाँच समिति आईसीसी ने इफ्तिखार अहमद को यौन उत्पीड़न की जगह सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया, इसके बाद 23 फरवरी को कुलपति ही उसका निलंबन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पूरे यूनिवर्सिटी में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके 6 दिन बाद 29 फरवरी को कुलपति ने इफ्तिखार अहमद को फिर से निलंबित कर दिया। इस बार इफ्तिखार अहमद की जमानत की शर्तों को लेकर पेंच था।

छात्राओं के आरोप

छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।” क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।”
अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी। अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।
इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।
एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।