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नवरात्रि के नाम पर कॉन्डम की सेल: Nykaa पर कानूनी कार्रवाई की माँग, हिंदू त्योहारों का अपमान बंद करो

हिंदुओं के पावन नवरात्रियों में ई-कॉमर्स साइट ‘नाइका (Nykaa)’ की एक घटिया मार्केटिंग स्ट्रैटेजी उजागर हुई है। उन्होंने दुर्गा पूजा को समर्पित नवरात्रि के नाम पर कॉन्डम बेचने का प्रयास किया है। इसमें उन्होंने सेल (Sale) का टैग लगाया है और 40 % से ज्यादा ऑफ ऑफर किया है।

सुनैना होले नाम की ट्विटर यूजर ने इस ऑफर के स्क्रीनशॉट लेकर ट्विटर पर शेयर किए। उन्होंने नाइका को टैग करते हुए पूछा- नवरात्रि और सेक्स का क्या लॉजिक है। हिंदू, इस पावन त्योहार को मनाते हैं और 9 दिन 9 देवियों की पूजा होती है। दुर्गा पूजा नवरात्रि का पर्याय है, जहाँ देवी दुर्गा महिषासुर से युद्ध करके विजय प्राप्त करती हैं और धर्म को बहाल करती हैं।

वह आगे कहती हैं, “हिंदुओं के देवी-देवताओं और त्योहारों का अपमान करना बंद करो। बर्दाश्त की हद होती है नाइका। तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम कॉन्डम का प्रचार बंद करो नवरात्रि के नाम पर।” आगे उन्होंने लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी को टैग करके इस मामले को देखने को कहा।

इस ट्वीट के बाद नाइका को लेकर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने एप को डिलीट करने की बात कहते हुए कहा, “एक ऐसा एड रमजान, ईद, थैंक्सगिविंग, गुड फ्राइडे, क्रिसमस पर भी दे दो। हर बार हिंदुओं के त्योहारों पर ही ऐसी छूट क्यों?”

संतोष नाम के यूजर लिखते हैं, “हमें इसका पूर्ण बहिष्कार करना होगा। ये बेहद घटिया और अपमानजनक है। मेरा कहना है कि आप ऐसे अपमानजनक बात ऐसे पावन सप्ताह में कैसे कर सकते हैं। वाकई ये घटिया है और इस पर लीगल एक्शन लिया जाना चाहिए। बहुत ज्यादा आजादी स्वतंत्रता खतरा होती है।”

इशिता अग्रवाल पूछती हैं, “नाइका ये सब क्या है? क्या ये ऐड इसलिए हैं ताकि आपके बारे में लोगों को पता चले और सेल बढ़े। अगर ऐसा है तो तुम्हें इसका अफसोस होगा।”

एक यूजर कहते हैं, “ये नाइका या अन्य के बारे में नहीं है। वह इस भारत को जानते हैं कि वो हिंदुओं के पर्व और देवताओं को बदनाम कर सकते हैं और हम ये सहकर भी उनके प्रोडक्ट खरीदते रहेंगे।”

ये पहली बार नहीं है जब कंपनी या किसी संगठन ने प्रचार के नाम पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया हो। दिवाली से लेकर होली और तमाम त्योहारों पर बड़ी-बड़ी कंपनियाँ ऐसी विज्ञापन दे डालती हैं जिससे हिंदू होने के नाते किसी को भी ठेस पहुँचे। पिछले दिनों मान्यवर ने ‘कन्यादान’ रीति को नई परिभाषा देने के नाम पर ऐसा ही काम किया था, उस समय उनका भी विरोध हुआ था।

कर्नाटक : दानपेटी में कंडोम डालने वाले कट्टरपंथियों को खून की उल्टियां, मल से खून, फिर घर की दीवारों से सिर मारते पहुँच गए हूरों के पास

                                           मंगलुरु में मंदिर की दानपेटी में मिला कंडोम (साभार: Public TV)
इतिहास साक्षी है कि ऊपर वाले की आवाज़ बेआवाज़ होती है, उसके प्रहार से कोई नहीं बच सकता। हिन्दुत्व पर अत्याचार करने वालों को परमपिता परमेश्वर ने दंड ही दिया है, क्षमा नहीं किया। मुग़ल जिन्हें भारत में वोट के भूखे एवं तुष्टिकरण पुजारियों के ही कारण जाना जाता है, अन्यथा उनके देशों में कोई याद तक नहीं करता। फिर कांग्रेस जिसने आतंकवादियों को बचाने एवं संरक्षण देने बेकसूर हिन्दू साधु/संत और साध्वियों को जेलों में डाला, आज वही कांग्रेस सत्ता से दूर होकर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।   

खैर, अब कर्णाटक से भी ऐसा समाचार आ रहा है। फिर भी अगर हिन्दुत्व विरोधियों की आंखें न खुले उसका कोई इलाज नहीं। कर्नाटक के मंगलुरू में स्वामी कोरगज्जा को लेकर स्थानीयों के मन में असीम आस्था है। लोग उन्हें भगवान शिव का अवतार मानते हैं। पिछले दिनों कोरगज्जा के मंदिर में कई अभद्र घटनाएँ हुईं। मंदिर की दानपेटी में कंडोम तक डाल दिया गया।

ऐसे घृणित वाकये के बावजूद पुलिस आरोपितों को ढूँढने में असमर्थ थी। निराश श्रद्धालु लगातार कोरगज्जा भगवान से ऐसे विधर्मियों को सजा देने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। कुछ दिन पहले भगवान ने अपने श्रद्धालुओं की सुनी और ऐसी स्थिति पैदा हो गई कि विधर्मी स्वयं मंदिर में आकर माफी माँगने लगे।

ये बिलकुल वास्तविक घटना है। इसी साल जनवरी में मंदिर की दानपेटी से एक कंडोम निकला था, जिसके बाद से वहाँ हड़कंप था। लेकिन तीन दिन पहले अचानक दूसरे समुदाय के दो लड़के मंदिर में आए और पुजारी के सामने माफी के लिए गिड़गिड़ाने लगे।

पहले पुजारी को लगा कि वह मजाक कर रहे हैं। लेकिन नहीं! वह गंभीर थे। उन दोनों ने पुजारी को बताया कि अपने साथी नवाज के साथ मिल कर उन्होंने ही कुछ दिन पहले मंदिर की दानपेटी में कंडोम डाला था।

नवाज माफी माँगने के लिए जिंदा नहीं था। दानपेटी में कंडोम डालने के बाद उसे एक दिन खून की उल्टियाँ हुईं और फिर पेचिश से उसके मल से खून निकला। अंत में वह अपने घर की दीवारों पर सिर मारते हुए मर गया। मरते समय उसने उन्हें बताया कि कोरगज्जा उन सब पर नाराज हैं।

अब सिर्फ़ वही दोनों यानी अब्दुल रहीम और अब्दुल तौफीक ही जिंदा हैं। लेकिन वक्त बीतने के साथ रहीम को भी खून की उल्टियाँ शुरू हो गई हैं। बिलकुल वैसे ही जैसे नवाज को हुई थी। उसके बाद दोनों अपनी जान जाने के डर से घबराकर पुजारी की शरण में जाकर माफी की भीख माँग करने लगे। भगवान के सामने खड़े होकर दोनों ने सब स्वीकार कर लिया और दया की भीख माँगने लगे।

पुलिस ने कहा है कि दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। दोनों अब भी डरे हुए हैं। मीडिया से बात करते हुए पुलिस ने भी कहा कि ये एक रहस्यमयी केस था। आरोपितों के जुर्म कबूलने के बाद सबूत जुटाने की कोशिश हो रही है। हालाँकि, कृत्य के पीछे का उद्देश्य साफ नहीं हो पाया है। जाँच चल रही है। अभी तक की जाँच में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने 3 जगह ऐसा किया था।

इस पूरे विषय के ऊपर ट्विटर पर चीरू भट्ट नाम के यूजर ने एक थ्रेड डाला है। इसके मुताबिक कोरगज्जा भगवान को लेकर लोगों का मानना है कि वह अपने न्याय के लिए जाने जाते हैं। उनके पास से जल्द से जल्द फैसला आता है और दोषी को 100% सजा मिलती है।

ये पहली दफा नहीं है जब स्वामी कोरगज्जा की शरण में इस तरह कोई माफी माँगने पहुँचा हो। 4 साल पहले मनोज पंडित नाम के एक आदमी ने स्वामी कोरगज्जा को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। लेकिन बाद में उसकी हालत ऐसी हो गई कि वो गुरपुर के वज्रदेही मठ में माफी माँगने चला आया। मनोज ने स्वीकारा की उसे कोरगज्जा की आस्था के बारे में नहीं पता था।

दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगे :सफूरा जरगर को गर्भवती से बचने के लिए कंडोम इस्तेमाल करने की सलाह देने वाली MBBS छात्रा को कट्टरपंथी दे रहे गाली

सफूरा जरगर प्रेगनेंसी
डॉक्टर जेली (बाएँ) ने सफूरा जरगर (दाएँ)
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्र नेता सफूरा जरगर दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद हैं। मीडिया के एक गिरोह विशेष ने सफूरा जरगर की प्रेगनेंसी की बात करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। सफूरा जरगर के बारे में ट्विटर यूजर डॉक्टर जेली ने ट्वीट किया था कि उन्हें किसने कहा था कि वो कंडोम के बिना सेक्स करें? इसके बाद से जेली के इनबॉक्स में गालियों की बौछार हो गई है।
दिल्ली में हुई हिन्दू विरोधी हिंसा में मीरान हैदर के साथ सफूरा जरगर को साजिश करने के आरोप में आरोपित बनाया गया है। जिसमें उस समय 50 से ज्यादा निर्दोष लोगों की लाशें गिरी थीं और राष्ट्रीय राजधानी ने 1984 में सिखों नरसंहार के बाद मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनते देखा था। जिसमें दिलबर नेगी के हाथ-पाँव काटकर नृशंस हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था और आईबी के अंकित शर्मा को सुनियोजित ढंग से मारा गया था।
दरअसल, सलमान निजामी ने सफूरा जरगर को एक्टिविस्ट बताते हुए ट्वीट किया था कि वो प्रेगनेंसी के दौरान और रमजान के महीने में जेल में हैं जबकि कपिल मिश्रा जैसे ‘घृणा फैलाने वाले लोग’ खुले घूम रहे हैं। उन्होंने लिखा था कि भारत में मुस्लिम होना ही अपराध है, सरकार को कुछ तो शर्म करना चाहिए।
ये आपत्तिजनक क्या कपिल मिश्रा के बयान
के बाद आया? किसको पागल बना रहे हो?
कपिल शर्मा को दोषी बताने वाले उस समय कहाँ थे, जब CAA विरोध की आड़ में हिन्दुत्व, मोदी और योगी की कब्र खोदने के नारे लग रहे थे? साम्प्रदायिक रंग कौन दे रहा था? कहाँ था #mob lynching, #award vapasi, #not in my name, #intolerence और एमनेस्टी आदि गैंग? विरोध CAA का था या हिन्दुत्व का? दंगाई चाहे जो बोले और करें, लेकिन प्रतिक्रिया होने पर अपना दामन बचाकर सारा दोष दूसरे पर डाल दो, कहाँ का इंसाफ है? कहते थे "कागज नहीं दिखाएंगे", लेकिन आज कोरोना के कारण लॉक डाउन में बंट रहे राशन को लेने के लिए कागज हाथों में लिए लाइनों में खड़ा हो रही एवं रहे हैं। 
सलमान निजामी सहित अन्य इस्लामी कट्टरपंथियों ने भी सफूरा जरगर को जेल से रिहा करने की माँग की थी। इस पर डॉक्टर जेली ने पूछा था कि उन्होंने बिना कंडोम का प्रयोग किए सेक्स किया ही क्यों?
बस इसके बाद खेल शुरू हुआ। उनके इनबॉक्स में इस्लामी कट्टरपंथी घुस आए। कादरी नायड नामक व्यक्ति ने अपशब्द कहे। मोहम्मद मुहीउद्दीन ने लिखा कि तुम डॉक्टर बनने लायक नहीं हो। अज़हरुद्दीन ने तो यहाँ तक लिख दिया कि काश आपके पैरेन्ट्स ने भी सेक्स करते वक़्त कंडोम का प्रयोग किया होता। सैयद अबरार ने तो माँ की गाली दी। इमरान मिर्जा ने तो पूछा कि क्या हम कंडोम के साथ सेक्स कर सकते हैं, मैं आपको इसके बदले रुपए दूँगा। सोहैब खान ने ‘कुतिया’ शब्द का प्रयोग किया।





डॉक्टर जेली ने ख़ुद सारे स्क्रीनशॉट्स शेयर करते हुए जानकारी दी कि उन्हें गालियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘सिंगल सोर्स पीपल’ नाम दिया है। सफूरा जरगर सीएए विरोधी प्रदर्शनों और लोगों को भड़काने में भी सक्रिय थीं। वो अप्रैल 10, 2020 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। पुलिस का कहना है कि वो दिल्ली में दंगे भड़काने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। सफूरा जामिया कोआर्डिनेशन कमिटी की मीडिया कोऑर्डिनेटर हैं।
सफूरा जरगर के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला चल रहा है। सफूरा जरगर ने जाफराबाद-सीलमपुर में 50 दिनों के हंगामा की साजिश रची थी और वहाँ महिलाओं-बच्चों को बिठाने के लिए पूरा जोर लगाया था। यहाँ तक कि कांग्रेस पार्टी के फिरोज ख़ान ने भी सफूरा जरगर को रिलीज करने की माँग की है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर अपनी शक्ति का दुरूपयोग करने और लोगों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी उन्हें रिलीज करने की माँग की है।
हिन्दू विरोधी दंगे की मुख्य साजिशकर्ता गर्भवती सफूरा जरगर को जेल में डालने पर लिबरल गिरोह कूट रहा छाती
दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में कट्टरपंथी समूह PFI का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने जामिया के 2 छात्रों को इस संबंध में गिरफ्तार किया। एक नाम मीरान हैदर और दूसरा प्रेग्नेंट सफूरा जरगर (Safoora Zargar)। दोनों पर उत्तरपूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है। जिसके कारण इनके खिलाफ़ गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि, हैदर की गिरफ्तारी को लेकर अप्रैल माह के शुरूआत में खूब सवाल उठाए गए थे। लेकिन संगीन आरोपों के कारण ये आवाज हल्की पड़ गई। इसके बाद सफूरा की गिरफ्तारी पर कट्टरपंथियों ने आवाज बुलंद की और दिल्ली पुलिस का क्रूर चेहरा दर्शाने के लिए उसकी प्रेग्नेंसी को लेकर बवाल खड़ा कर दिया।
सफूरा के लिए अलजजीरा के लिए रिपोर्टिंग 
हिन्दुओं पर अक्सर आक्रामक रिपोर्टिंग करने वाला अलजजीरा जैसे मीडिया संस्थान ने इस एंगल को लेकर बेहद मार्मिक रिपोर्ट पेश की। अपनी रिपोर्ट में अलजजीरा ने लिखा कि 27 वर्षीय गर्भवती (प्रेग्नेंट) महिला सफूरा जरगर को 10 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया और उस पर साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया।
इसके अलावा उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कुछ अन्य बातों का भी उल्लेख किया जैसे जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के बयान को, जिसमें उन्होंने सीएए को मुस्लिम विरोधी बिल बताया और जरगर के परिजनों के बयान को भी शामिल किया जिसमें उन्होंने कहा कि रमजान का पहला दिन सफूरा के बिन बहुत दुख में बीता।
इतना ही नहीं, रिपोर्ट में तिहाड़ के हालातों का भी उल्लेख किया गया कि और बताया गया है कि तिहाड़ जेल का परिसर भारत की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक है जिसमें लगभग दोगुने कैदी बंद हो सकते हैं।
सफूरा के समर्थन में कट्टरपंथी और लिबरल्स 
अब अलजजीरा की इस रिपोर्ट के बाद अगले चरण में मीडिया गिरोह के लोगों ने अपना काम करना शुरू किया। ये रिपोर्ट तेजी से शेयर की जाने लगी और सबा नकवी जैसे लोग ये सवाल करने लगे कि लोकतंत्र सीएए के खिलाफ प्रदर्शन का अधिकार देता है। तो एक प्रेग्नेंट महिला को एंटी टेरर चार्ज के नाम पर लॉकडाउन और महामारी के बीच क्यों गिरफ्तार किया गया? उसका बच्चा क्या जेल में पैदा होगा?

इसके बाद, विजेता सिंह ने भी इस पर अपना दुख जाहिर किया। विजेता ने रिपोर्ट को शेयर करते हुए कहा, “तीन महीने की गर्भवती (प्रेग्नेंट) सफूरा जरगर तिहाड़ जेल में एकांत कारावास में है, उसका अपराध केवल सीएए का विरोध करना है।”
कांग्रेस की राष्ट्रीय संयोजक हसीबा आमीन ने लिखा, “27 वर्षीय जामिया की स्कॉलर ने, जो कि 3 माह की गर्भवती है, उसने अपने रमजान का पहला दिन तिहाड़ जेल में बिताया। क्यो? क्योंकि उसने सरकार द्वारा किए जा रहे गलत कामों के ख़िलाफ़ बोलने की हिम्मत दिखाई।”

इसके बाद सीएनएन की पत्रकार जेबा वारसी ने लिखा कि ये जामिया की मीडिया कॉर्डिनेटर है और ये जामिया के बाहर हुए शार्तिपूर्ण प्रोटेस्ट में शामिल थी। ये गर्भवती हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट कहती है कि इसे तिहाड़ में एकांत में रखा गया है।

इसी तरह अलजजीरा की इस खबर को दलित विरोधी इरेना अकबर समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया और एक माहौल बनाने की कोशिश की, क्योंकि जामिया की छात्र नेता सफूरा जरगर 3 महीने की गर्भवती हैं। इसलिए उस समय में जब उन्हें उचित देखभाल और चिकित्सकीय देख-रेख की आवश्यकता है। तब उन्हें गिरफ्तार किया गया है और तिहाड़ में अकेले रखा गया है। कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर इस खबर के आधार पर मानवता के मरने का दावा भी किया है। कुछ ने कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की है।
किसी भी महिला से संबंधित ऐसी खबर सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाना आम बात है। लेकिन दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाने से पहले, केंद्र सरकार को कोसने से पहले ये भी जानने की आवश्यकता है कि आरोपित महिला पर कैसे इल्जाम लगे हैं और मात्र प्रेगनेंसी का हवाला देकर उस पर लगे आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता और न ही इस बात से मुँह फेरा जा सकता है कि मीडिया गिरोह कैसे इस पूरे मामले को अलग कोण दे रहा है।
आज जब आरोपित महिला के ऊपर लगे आरोप इतने संगीन है उस समय उसके लिए रिपोर्ट में ‘छात्र’ और ‘स्कॉलर’ शब्द का प्रयोग हो रहा है। उसके प्रोफेसर उसे उसके अपराधों से निजात दिलाने के लिए उसके अकादमिक रिकॉर्ड का हवाला दे रहे हैं। उस समय सोचने वाली बात है कि सफूरा के लिए जो उसकी प्रेगनेंसी के नाम पर ट्रेंड चलाया जा रहा है उसमें उसके 3 महीने से प्रेग्नेंट होने की बात हैं, जबकि दिल्ली में हुई हिंसा 2 महीने पुरानी घटना है।
आज अगर वाकई ही इस एंगल से किसी के अपराध पर होने वाली कार्रवाई पर इतना फर्क पड़ता है, तो क्या जरूरत थी प्रेगनेंसी के दौरान सड़कों पर आने की, आंदोलनों में अपनी सक्रियता दिखाने की? अगर आज इस आधार पर सफूरा के लिए दया माँगी जाती है, उनकी जाँच को रोका जाता है, तो कल को क्या हर अपराधी महिला या अपराध करने के इल्जाम में गिरफ्तार हुई महिला प्रेगनेंसी के नाम पर अपने लिए छूट नहीं माँगेगी?
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आज मोदी विरोधी जिस तरह जनता को गुमराह कर पत्थरबाज़ी और आगजनी के लिए उकसा रहे हैं, पुलिस ....
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उत्तर प्रदेश के जिला बरेली में लॉकडाउन के बीच फरीदपुर के एक घर में गोवंश का कटान जारी था। इसकी सूचना पर पहुँची पुलि....
लोकतंत्र की बातें करने वाले ही ये बताएँ कि किस किताब में लिखा है कि गर्भवती होने के बाद लोगों को भड़काओ और जब पकड़े जाओ तो विक्टिम कार्ड(Victim Card) खेल लो? आज सोशल मीडिया पर गिरोह का दोहरापन देखकर ऐसे तमाम सवाल तैर रहे हैं। लेकिन अलजजीरा की तर्ज पर अन्य मीडिया संस्थान इस एंगल से रिपोर्ट पेश करके इसे और मार्मिक रूप देने में लगे हैं और ये बता रहे हैं कि उसे सफूरा को क्वारंटाइन के नाम पर कैसे अलग रख कर परेशान किया जा रहा है। जबकि सच क्या है? ये किसी से छिपा नहीं हैं। 

लॉक डाउन के चलते पुरी दुनिया में कंडोम की कमी, सप्लाई में 50% तक की गिरावट

Afraid to buy condom, couple uses plastic bag during sex, suffer ...
जब पूरी दुनिया कोरोना की महामारी से जूझ रही है, तो इसी बीच कंडोम की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी ने वैश्विक कमी की चेतावनी दी है। कंपनी का कहना है कि आपूर्ति में लगभग 50% की गिरावट आई है, जबकि इसका भंडार केवल दो महीने तक और चल सकता है।
मलेशिया स्थित कंपनी कैरेक्स, जो दुनिया भर में हर पाँच में से एक कंडोम बनाती है, ने एक सप्ताह तक लगातार बंद होने के बाद शुक्रवार(मार्च 27) को अपने कारखानों को फिर से चालू कर दिया है। वहीं कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का पालन करते हुए कंपनी मात्र आधे कर्मचारियों के साथ काम कर रही है। कंपनी ने कहा कि कंडोम मुख्य रूप से चीन और भारत में बनाए जाते हैं, जबकि दोनों ही देश महामारी से बुरी तरह से जूझ रहे हैं।
इस बीच कंडोम की माँग बढ़कर दहाई में पहुँच रही है, क्योंकि दुनिया भर की सरकारें लॉकडाउन घोषित कर लोगों को घरों में रहने के निर्देश दे रही है। ऐसे में लोग घरों में रहकर भविष्य के ताने बाने में और अधिक बच्चे पैदा करने से परहेज कर रहे हैं।

दरअसल यह कंपनी ड्यूरेक्स जैसे ब्रांडों के लिए उत्पादन करती है और साथ ही ड्यूरियन-फ्लेवर्ड वाले अपने खुद के विशेष कंडोम का भी उत्पादन करती है। वहीं यह कंपनी प्रति वर्ष 5 बिलियन से अधिक कंडोम का उत्पादन करती है और उन्हें 140 से अधिक देशों को निर्यात करती है। अब यह और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि सरकारें अपने देशों की सीमाओं को बंद कर रही हैं, साथ ही विभिन्न एयरलाइंस जहाजों की उड़ानें रद्द कर रही हैं।
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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया तंत्र की हमारे देश में मज़बूत उपस्थिति है। ऐसे में मीडिया से अपेक्षा क...
गोह ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा, “मैं निश्चित रूप से कहूँगा कि यह एक अभूतपूर्व स्टेज है क्योंकि हमने कभी इस तरह की मुश्किल पहले नहीं देखी। कंडोम और भी महँगा हो सकता है। हम अभी भी अपने सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन दे रहे हैं, जबकि कंपनी के कर्मचारी केवल आधे समय ही काम कर रहे हैं। इसलिए आगामी समय में कंडोम की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।”

लल्लनटॉप के सौरभ द्विवेदी BJP वालों को बाँट रहे थे कंडोम

इंडिया टुडे मीडिया समूह की छत्र-छाया में डिजीटल प्लेटफॉर्म पर नाम कमाने वाले ‘दी लल्लनटॉप’ के संपादक सौरभ द्विवेदी की एक छोटी सी चूक से उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता वाले मुखौटे की कल बखिया उधड़ गई। दरअसल, सोशल मीडिया पर कल सौरभ द्विवेदी को भाजपा समर्थकों को नीचा दिखाने के लिए ड्यूरेक्स कंडोम के विज्ञापन के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी शेयर करते पकड़ा गया।
स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि सौरभ द्विवेदी के ट्वीट में ड्यूरेक्स कंडोम के विज्ञापन के साथ एडिटिंग करके लिखा है- ” ये उन लोगों के लिए है जो अब भी भाजपा को समर्थन दे रहे हैं। कृपया इसका इस्तेमाल करें। हम आप जैसे और लोग इस दुनिया में नहीं चाहते।” जिसे शेयर करते हुए वह अपने फॉलोवर्स से पूछते हैं ” HASHTAG चलाना चाहिए कि नहीं मित्रों।”
हालाँकि, भाजपा और भाजपा समर्थकों को अपमानित करने के लिए अतिउत्साह में डाले गए इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें फौरन आड़े हाथों ले लिया। जिसके कारण थोड़ी ही देर में सौरभ ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन, उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर इस बीच तेजी से वायरल होने लगा और लोग जोर-शोर से दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी को उसकी पत्रकारिता और विचारधारा के लिए सवालों के घेरे में घेरने लगे।

भाजपा के प्रति खुलेआम नफरत पेश करने पर कई लोगों ने इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए इंडिया टुडे समूह और अरुण पुरी को टैग किया। साथ ही दी लल्लनटॉप को पॉलिटिकल प्रॉपगेंडा वेबसाइट घोषित करने की माँग उठाई।

कुछ यूजर्स ने इसे प्रत्यक्ष रूप से भाजपा और उसके समर्थकों का अपमान बताया और कुछ ने सौरभ को अपना अजेंडा चलाने वाला तथाकथित संपादक तक घोषित कर दिया।
इतने सबके बाद, यूजर्स की प्रतिक्रिया देख सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर अपनी गलती के लिए आज माफी माँगी। लेकिन माफी में भी वे अपनी हरकत को जस्टिफाई करते दिखे। उन्होंने खुद माना कि जो तस्वीर शेयर की वो किसी एक राजनीतिक पार्टी को लेकर थी। लेकिन उसमें एक व्यंग्य संदेश था और उसे गलत तरीके से लिया गया। अपने ट्वीट में उन्होंने अपने संस्थान को बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी हरकत करना दी लल्लनटॉप की संपादकीय नीति नहीं है। इसलिए वे इसके लिए माफी माँगते हैं।

आज भाजपा के प्रति लोगों में सरेआम जहर फैलाने का करने वाले सौरभ द्विवेदी के पिता (रविकांत द्विवेदी) खुद भाजपा के टिकट पर विधायकी का चुनाव लड़कर दो बार हार चुके हैं।(साभार)

कण्डोम विज्ञापन से चर्चित होते फिल्म कलाकार

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एक समय था जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज कंडोम एड करने से बचा करते थे लेकिन अब बड़े-बड़े कलाकार इस तरह के विज्ञापन को करने से झिझक नहीं रहे हैं। रणवीर सिंह, सनी लियोनी, बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर इंडस्ट्री के कुछ ऐसे नाम है, जिन्होंने इस तरह के एड्स किए हैं और खूब तारीफें बटोरी है। 
बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत और बिपाशा बसु अपने बोल्ड लुक्स और अवांछित हरकतों के चलते कई बार विवादों में आ चुकी हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड स्टार्स तकरीबन हर तरह के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का विज्ञापन करते हैं। हालांकि जब बात कंडोम या किसी कॉन्ट्रासेप्टिव का विज्ञापन करने की होती है तब मामला कुछ और होता है। भारत की जनता का एक बड़ा तबका आज भी कंडोम और सेक्स जैसे विषयों पर बात करना 'टैबू' समझता है। तो चलिए आपको बताते हैं कुछ ऐसे बॉलीवुड स्टार्स के बारे में जिन्होंने कंडोम का विज्ञापन किया और इसके चलते सुर्खियों में आ गए।
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बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत हाल ही में एक क्ंडोम ब्राड का विज्ञापन करते हुए चर्चा में आ गई थीं। इस ऐड को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया था और उन्हें इसके लिए ट्रोल भी किया था।
बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बसु हाल ही में अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ कंडोम के लिए विज्ञापन करती नजर आई थीं। हालांकि इस ऐड में एक्सपोजर कम से कम रखा गया।
हैरान मत होइए अर्जुन रामपाल भी कंडोम के विज्ञापन में नजर आ चुके हैं। खबरें तो यह भी है कि अर्जुन ने इस ऐड के लिए कंपनी से तकरीबन 6 करोड़ रुपए फीस ली थी।
बॉलीवुड के पावर हाउस कहे जाने वाले रणवीर सिंह ने ड्यूरेक्स ब्रांड के लिए कंडोम ऐड किया था।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी अपने बोल्ड लुक्स और हिट आइटम नंबर्स के लिए मशहूर हैं। सनी लियोनी कभी भी कंडोम का विज्ञापन करने से पीछे नहीं हटीं। मैनफोर्स के विज्ञापन में उन्होंने साड़ी पहन कर ऐड किया था।

सनी लियोन और ईशा गुप्ता दोनों को कंडोम के एड के लिए साइन किया जाना था। लेकिन ईशा की फीस सुनकर यह विज्ञापन बनाने का इरादा टल गया है। दरअसल, एक कंडोम निर्माता कंपनी ने ईशा गुप्ता को अपने ब्रांड के लिए अप्रोच किया था। बता दें, इस ब्रांड के साथ सनी लियोनी पहले से एड करती आ रही हैं।कंपनी चाहती थी एक ऐसा विज्ञापन बनें जिसमें ईशा और सनी लियोनी साथ में हो।
जब इस मामले में ईशा गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने भी इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई। लेकिन उन्होंने एड करने के लिए सनी लियोनी से डबल फीस की मांगी। जो कि कंपनी के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा था। बस फिर क्या था, ईशा की भारी भरकम फीस सुनने के बाद कंपनी ने उन्हें एड में लेने का विचार छोड़ दिया। 
इस ट्विटर देखिए :--
https://twitter.com/i/status/1024181535363264512
मुसाफिर, रेस और नो एंट्री जैसी फिल्मों से सुर्खियां बटोर चुकीं समीरा रेड्डी ने एक्टर शाइनी आहूजा के साथ एक कॉन्डम विज्ञापन में काम किया था।
पूनम पांडेरणवीर सिंह 
रणवीर सिंह ने भी ड्यूरेक्स का एड किया है। पूजा बेदी 90 के दशक में मार्क रॉबिन्सन और पूजा बेदी ने काफी हॉट कामसूत्र का एड किया था। समीरा रेड्डी समीरा रेड्डी भी शाईनी आहूजा के साथ एक कंडोम एड कर चुकी है। 
समीरा रेड्डी 
समीरा रेड्डी भी शाईनी आहूजा के साथ एक कंडोम एड कर चुकी है।
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' में अहम भूमिका निभाने वाली पूजा बेदी ने 1991 में कंडोम का विज्ञापन किया था। यह विज्ञापन इसके कंटेंट के चलते विवादों में आ गया था।