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सनातन के संयम की अग्नि परीक्षा कब तक? राम मंदिर से सुलग रहे मुस्लिम बाबा बागेश्वर के दरबार से पहले हिंसा पर उतरे, ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए किया हमला: नेपाल में कर्फ्यू, भारत में अलर्ट

      बागेश्वर सरकार के कार्यक्रम से पहले नेपाल में मुस्लिमों का उपद्रव (फोटो साभार: FB/Namaste Bhaktapur)
नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद सीमा से सटे भारतीय इलाकों में अलर्ट है। सुनसरी के रामनगर भुटाहा में कर्फ्यू लगाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम का प्रचार कर रहे हिंदू संगठन के सदस्यों पर हमले के बाद माहौल बिगड़ा है। इसके बाद जीवन मेहता नाम के एक हिंदू युवक की बुरी तरह पिटाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही कट्टरपंथी भड़के हुए थे। अभी तक इस मामले में मुस्लिम समुदाय के दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है।

अब चर्चा है कि आखिर मुस्लिम कट्टरपंथी और इनके समर्थक नेता/पार्टियां सनातन के संयम की कब तक अग्नि परीक्षा लेते रहेंगे? आखिर कब तक जेहादी सनातन/हिन्दू पर जानलेवा हमले करते रहेंगे? क्या जेहादी और इनको समर्थन दे रहे नेता और पार्टियां सनातन के संयम की ज्वालामुखी के फटने का इंतज़ार कर रहे हैं? इन लोगों को इतना भी ज्ञान नहीं कि सनातन/हिन्दू भ्रमित करने वाले सेकुलरिज्म को कुचलने की ओर अग्रसर है। अब और अधिक सनातन/हिन्दू इस भ्रमित जाल में नहीं फंसने को तैयार। भारत का वास्तविक इतिहास बड़ी तेजी खुलना शुरू हो चुका है। सेकुलरिज्म को अपनाने से पहले इसका अर्थ इन छद्दम सेक्युलरिस्ट्स को समझना होगा। दंगों में हमेशा बेगुनाह मरता रहा है, किसी जेहादी और इनको समर्थन देने वाले नेता/पार्टियों के घर के पक्षी तक को कुछ नहीं होता। कर्फ्यू में परेशान जनमानस होता है, उसकी चिंता करो। 

आजकल चुनावी दौर चल रहा है, हर नेता/पार्टी आपसे वोट मांगने आने पर उनसे प्रश्न करिए कि जिस तरह जाति के आधार पर हिन्दुओं को विभाजित किया जाता रहा है, अगर 'माँ का दूध पीया है तो इसी तरह दूसरे धर्मों पर बोलकर दिखाओ' तुरंत साम्प्रदायिक तत्व कहकर धमकाने का प्रयास किया जाएगा। हिन्दू फिर एक ही मंदिर में जाता है, अंतिम संस्कार भी एक ही शमशान घाट पर होता है, लेकिन अन्य मजहबों में नहीं। मस्जिदें, चर्च और कब्रस्तान अलग है। क्या इसी का नाम सेकुलरिज्म है? 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बागेश्वर सरकार का कार्यक्रम 17 अप्रैल को सुनसरी के चतरा में होना है। इस कार्य्रकम का प्रचार कर रहे विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, जिसके बाद हालत तनावपूर्ण हो गए। नेपाली प्रशासन ने पीस कमेटी की मीटिंग बुलाई थी, लेकिन उसमें मुस्लिम समुदाय के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया। नेपाल में तनाव को देखते भारत की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

इस विवाद की शुरुआत 4 अप्रैल 2024 (गुरुवार) को हुई। जीवन मेहता नाम का युवक हरिनगर इलाके के रामनगर के एक स्कूल से अपनी बहन को घर ले जाने के लिए बाइक से गया था। यहाँ पर लगभग 150-200 की तादाद में मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। इन सभी ने जीवन मेहता को बेरहमी से मारा। जान बचाने के लिए जीवन मेहता स्कूल में घुस गया, लेकिन भीड़ ने वहाँ भी उसे नहीं छोड़ा। हमलावरों में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग शामिल थे।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि भीड़ ने जीवन मेहता को स्कूल से निकाल कर रामनगर भुटहा बाजार में दौड़ा-दौड़ा कर मारा। आरोप है कि इस दौरान पुलिस-प्रशासन सब कुछ देखते हुए भी मूकदर्शक बना रहा। बताया जा रहा है कि भीड़ ने जीवन मेहता को पुलिस से छीनने का भी प्रयास किया। उसे अस्पताल ले जाने के दौरान भी रास्ते में रुकावट डाली गई। जीवन मेहता को सुनसरी जिले के सरकारी अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती करवाया गया। मारने वाली भीड़ का नेतृत्व फय्याज अंसारी कर रहा था।

फय्याज अंसारी के अब्बा गफ्फार हरिनगर गाँवपालिका का अध्यक्ष है। हरिनगर गाँवपालिका भारत से सटा हुआ मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। इस घटना के विरोध में अगले दिन शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) को हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर के हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। हमलावरों की तादाद 500 के आसपास थी। हिंसक भीड़ ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रही थी। दोनों पक्षों की भिड़ंत में दर्जनों लोग घायल हो गए।

हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस फायरिंग में 2 हिन्दू युवकों को गोली लग गई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल दोनों की हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है। हिंसक भीड़ ने ब्रह्मदेव मेहता नाम के एक नेपाली पत्रकार पर भी हमला किया। उन्हें पत्थरों और लाठियों से पीटा गया। ब्रह्मदेव का कैमरा छीन कर मोबाइल को तोड़ दिया गया। पत्रकार पर हमले का मास्टरमाइंड सज्जाद को बताया जा रहा है। सज्जाद अंसारी गाँवपालिका अध्यक्ष गफ्फार का दायाँ हाथ बताया जाता है।

इस हिंसा के बाद सुनसरी जिले के हिन्दू समुदाय एकजुट हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित करने का काम कर रही है। हिंसा को काबू करते हुए 17 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि कुछ स्थानीय मुस्लिम पत्रकार अपने ही समुदाय को प्रताड़ित बताने का प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।पीड़ित के तौर पर हिन्दुओं के बजाय मुस्लिमों को बता रहे हैं। इन पत्रकारों में ताबिल अंसारी, नसीम, अजमल नेपाली और मोहसीम अंसारी के नाम प्रमुख बताए गए। इन सभी पर हिन्दुओं के ही खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप है।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि मामले की शुरुआत अयोध्या में राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के समय से हुई थी। तब हरिनगर के ही गौतमपुर इलाके में वार्ड नंबर 3 में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हिन्दू युवकों द्वारा लगाए गए भगवा ध्वज को नोंच कर फेंक दिया था। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा कर मामले को दबा दिया था। इस घटना के विरोध में जीवन मेहता ने एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में जीवन मेहता ने भगवा झंडा के अपमान पर मुस्लिमों की आलोचना की थी। इसके बाद से ही वे मुस्लिमों के निशाने पर थे।


करौली हिंसा : क्या जिन मस्जिद-घरों की छत पर मिले ईंट-पत्थर उन्हें सील किया जायेगा?

करौली हिंसा में छतों से फेंके गए पत्थर
(तस्वीर साभार: रिपब्लिक टीवी का वीडियो)
राजस्थान के करौली में हिंदू नव वर्ष के मौके पर निकलने वाली भगवा यात्रा पर जो पत्थरबाजी की गई उसे लेकर नई जानकारी सामने आई है। मालूम चला है कि जिस मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदुओं पर पत्थर बरसाए गए वहाँ के मस्जिद पर, घरों पर पहले से भारी-भारी ईंट-पत्थर इकट्ठा किए गए थे। अब चर्चा यह हो रही है कि क्या जिन मस्जिद और घरों की छतों से जलूस पर पत्थराव हुआ, क्या उन्हें सील किया जायेगा? फिलहाल इस पूरी घटना के संबंध में 46 लोग पकड़े गए हैं। हालात देखते हुए 7 अप्रैल तक कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।

रिपब्लिक भारत ने हिंसा के संबंध में खुलासा करते हुए उस मस्जिद उस जिम और उन घरों की छतों को दिखाया जहाँ से पत्थरबाजी को अंजाम दिया गया। विजुअल्स में साफ दिख रहा है कि कितनी भारी मात्रा में ईंट पत्थर इकट्ठा किए गए थे। भारी-भारी पट्टियाँ एक जगह इकट्ठा थीं जिन्हें बाद में भगवा रैली निकालने वाले हिंदुओं पर दो-दो लोगों ने मिल कर फेंका। पत्रकार अनुमान लगाते हैं कि ये पट्टी कम से 10 किलो की तो होंगी ही। रिपोर्ट में मस्जिद की छत भी जूम करके दिखाई गई है। इसके अलावा आस-पास घरों की जो छत हैं वहाँ भी पत्थर दिखाई पड़ रहे हैं।

रिपब्लिक भारत के पत्रकार ने बताया कि जिस जिम से पत्थरबाजी हुई उसे चलाने का काम कॉन्ग्रेस पार्षद मतलूब अहमद करते हैं। उनका नाम इस पूरी हिंसा की एफआईआर में भी हैं। लेकिन वह घटना के बाद से पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

करौली में कर्फ्यू बढ़ाया गया

जिले के बिगड़े हालात देखते हुए जिला अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत ने करौली में 7 अप्रैल तक कर्फ्यू लगा दिया है। पहले ये कर्फ्यू केवल 4 अप्रैल की मध्यरात्रि तक था, पर कल इसे बढ़ा दिया गया। मोबाइल इंटनेट सेवाएँ अब भी सुरक्षा लिहाज से बंद रखी गई हैं।
करौली में हिंदू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई थी। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए थे। कुल 43 लोगों के घायल होने की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद मामले में जाँच शुरू हुई और पीएफआई का एक पत्र सामने आया जिसने इस हिंसा के सुनियोजित होने की ओर इशारा किया। बाद में कॉन्ग्रेसी नेता मतबूल की भूमिका भी पूरी हिंसा में पाई गई। मीडिया  ने जब इस बाबत प्रदेश मुख्यमंत्री से सवाल किया तो उन्होंने इसका सारा ठीकरा पीएम मोदी पर फोड़ा और कहा कि वो सामने आएँ, जिम्मेदारी लें और घटना की निंदा करें।

राजस्थान : करौली में हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर हमला ; गंगा-जमुनी तहजीब किसके इशारों पर हुई तार-तार ;4 पुलिस वाले सहित 43 घायल

                                                                 करौली में इंटरनेट बंद... पुलिस कह रही - हालात काबू में
राजस्थान के करौली में हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी तक कुल 43 लोग घायल हुए हैं।

प्रशासन ने अब तक लगभग 30 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। राजस्थान पुलिस के अनुसार अब हालात काबू में है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस को उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील भी की है।

करौली की घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “असामाजिक तत्व किसी भी धर्म में हो सकते हैं। उनके चलते बेचारे निर्दोष और बेगुनाह लोग परेशान होते हैं। करौली में ये सभी धर्म के लोगों की जिम्मेदारी है कि वो निकल कर आएँ और शांति व्यवस्था कायम करने में हमारा सहयोग करें। मैंने गृह विभाग से मीटिंग करके ऐसे असमाजिक तत्वों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।”

राजस्थान के ADG लॉ एन्ड आर्डर IPS हवा सिंह घुमरिया ने 2 अप्रैल (शनिवार) की रात में कहा, “करौली में हिन्दू नववर्ष पर बाईक रैली निकली थी। उस पर बाजार में पथराव हुआ। इसके बाद से दोनों तरफ से पथराव हुआ और कुछ आगजनी की भी घटनाएँ हुईं। इस पूरे विवाद में लगभग 2 दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 1 की हालत गंभीर है। उसे जयपुर रेफर किया गया है। इस घटना के तुरंत बाद करौली में मौजूद फ़ोर्स के अलावा IG भरतपुर, IG कानून व्यवस्था करौली पहुँच गए हैं। बाहर से लगभग 600 फ़ोर्स के लोग हमने करौली के लिए रवाना किया है। अभी के हालात काबू में हैं।”

ADG लॉ एन्ड आर्डर ने आगे कहा, “करौली में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बात के सख्त निर्देश हैं कि उपद्रवी कोई भी हो, उसको किसी भी हालत में बख्शा न जाए। पुलिस मुख्यालय से एडिशनल DG और DIG क्राइम को करौली भेजा गया है। लगभग 50 की संख्या में DYSP और इंस्पेक्टर हमने करौली भेजे हैं। जिन दुकानों में आगजनी हुई थी, उन पर दमकल विभाग काबू पाने का प्रयास कर रहा है। करौली और प्रदेश की जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में हमारी मदद करें।”

                                                        करौली जिले के DM का ऑर्डर

DM का आदेश, “घर से न निकले कोई व्यक्ति”

करौली जिले के DM राजेंद्र सिंह शेखावत ने 2 अप्रैल (शनिवार) को शाम 6.30 पर कर्फ्यू का आदेश जारी करते हुए लिखा, “करौली नगर परिषद क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना आवश्यक समझता हूँ। हालात को देखते हुए इसे बढ़ाया जा सकता है। यह कर्फ्यू 4 अप्रैल (सोमवार) रात 12 बजे तक लागू है। धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षाकर्मियों को छोड़ कर कोई भी अपनी घर की सीमा से बाहर न निकले। इस आदेश का पालन न करने वालों पर IPC की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

करौली में इंटरनेट बंद

एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में करौली जिले के DM और SP ने बताया, “करौली में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। लगभग 30-32 लोगों को चोटें आई हैं। अभी 9 घायल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं। 1 को जयपुर रेफर कर दिया गया है। लगभग 20-25 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद भेज दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में 3 SDM की तैनाती की गई है। लोगों से बातचीत कर के हालत को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।”

केंद्रीय मंत्री ने घटना को बताया साजिश

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस घटना को साजिश बताया है। उन्होंने लिखा, “हिंदू नववर्ष पर रैली निकालना किसी के लिए अप्रिय कैसे हो सकता है? करौली में हिंदू संगठनों पर पथराव इस महा दिवस की पवित्रता भंग करने का षड्यंत्र है। इसके पीछे नफरत की भावना भड़काने वाले लोग हैं।”
इस ट्वीट पर करौली पुलिस ने जवाब दिया, “स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर उच्च अधिकारी मौजूद हैं। दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”