Showing posts with label Communal Tension. Show all posts
Showing posts with label Communal Tension. Show all posts

बिहार : हसीना खातून मत घबराना, तेरे साथ सारा जमाना… औरंगाबाद जिले में 3 मंदिरों में फेंके गए मांस के टुकड़े, पोस्टर में मोदी-शाह और ‘बजरंग दल’ को धमकी

औरंगाबाद में 3 मंदिरों में मांस फेंक कर मोदी विरोधी पोस्टर लगाने के बाद इलाके में तनाव (चित्र साभार- jagranprabhat.com)
बिहार के औरंगाबाद जिले में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। बताया जा रहा है कि शनिवार (1 जुलाई, 2023) को यहाँ के 3 मंदिरों में मांस के टुकड़े फेंके गए हैं। एक दुकान पर भकड़ाऊ पोस्टर चिपकाया गया है जिसमें PM मोदी, अमित शाह और RSS से जुड़े लोगों को धमकी दी गई है। हिन्दू संगठनों ने इस हरकत पर नाराजगी जताई है। हालात को देखते हुए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

जब तक ऐसे मुद्दों पर सख्ती से कार्यवाही नहीं होगी, तब तक देश में कट्टरपंथी हिन्दू-मुसलमान कर लोगों में डर का वातावरण बनाते रहेंगे। क्यों नहीं ऐसे उपद्रवियों और इनके परिवारों चाहे वह हिन्दू है या मुसलमान को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा से वंचित नहीं किया जाता, ऐसी ओछी हरकते होती रहेंगी। कौन है ये हसीना खातून? 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना औरंगाबाद के अमझर शरीफ इलाके का है। शनिवार को यहाँ हसपुरा बाजार स्थित 3 धर्मस्थलों पर मांस के टुकड़े फेंके गए। इसके अलावा इसी बाजार के व्यापारी कुणाल कुमार की दुकान पर भी मांस का टुकड़ा फेंक कर एक पर्चा चिपका दिया गया। इस पर्चे में पीएम मोदी, अमित शाह, भाजपा के सभी विधायकों के साथ RSS और बजरंग दल वालों को मुर्दाबाद लिखा गया है। कुछ स्थानीय हिन्दू नेताओं के नाम भी चोर बताते हुए लिखे गए हैं। पर्चे में किसी अहले कोरैश नाम का संगठन लिखा हुआ है जिसे अहले कुरैश माना जा रहा है।

भड़काऊ पर्चे के बीच में ‘हसीना खातून मत घबराना, तेरे साथ सारा जमाना’ भी लिखा गया है। रविवार (2 जुलाई) को जब घटना की जानकारी स्थानीय निवासियों को हुई तो वो भड़क गए। मंदिरों में मांस का टुकड़ा मिलने की सूचना से आस-पास के गाँव में भी तनाव फ़ैल गया। नाराज लोगों ने हसपुरा बाजार बंद रखा। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुँची। DM और SP ने नाराज लोगों को समझाने की कोशिश की। भारी फ़ोर्स ने तनावग्रस्त इलाके में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने धर्म स्थल से मांस के टुकड़े भी साफ़ करवाए।

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। लोगों को समझा रहे मौके पर मौजूद सीनियर अधिकारियों ने इसे किसी शरारती तत्व की करतूत बताया है। पुलिस के मुताबिक यह घटना इलाके में तनाव फैलाने की करतूत थी जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जाँच के लिए डॉग स्क्वाड, FSL टीमों की मदद ली जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है।

घरों पर फेंका जाता है खून, गली में अवैध मस्जिद-मदरसे बन रहे: दावा- दिल्ली के ब्रह्मपुरी में हिन्दू पलायन को मजबूर, अमित शाह को पत्र लिखा

दिल्ली में साल 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों के शिकार रहे ब्रह्मपुरी के हिन्दुओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने नमाज़ और मदरसे के नाम पर गली में बाहरी मुस्लिमों के जमावड़े की शिकायत की है। पीड़ितों ने खुद को घरों से बाहर निकलने में भी दिक्कत बताते हुए पलायन को मजबूर होने की आशंका जताई है। बुधवार (5 अप्रैल 2023) को भेजे गए इस पत्र में आरोपित के रूप में खासतौर पर अब्दुल रफीक का नाम लिखा गया है।

इस शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता के तौर पर शीशपाल तिवारी हैं। उनके साथ इस चिट्ठी पर ब्रह्मपुरी के ही कई अन्य लोगों के भी दस्तखत हैं। चिट्ठी में विषय के तौर पर हिन्दुओं को भगाने के लिए गैरकानूनी मस्जिद और मदरसों को बनाने का जिक्र किया गया है। रफीक के खिलाफ साल 2018 में दिल्ली पुलिस के DCP द्वारा कराए गए समझौते को तोड़ने का भी आरोप है। इस समझौते में सिर्फ गली के लोगों को नमाज़ पढ़ने की अनुमित दी गई थी लेकिन शिकायत के अनुसार अब वहाँ बाहरी लोग नमाज़ पढ़ने पहुँच रहे हैं।

शिकायतकर्ताओ ने इसे जानबूझ कर की जा रही हरकत बताया है। उनका कहना है कि हिन्दू परिवारों का घर से बाहर निकलना भारी पड़ रहा है जिस से वो घर छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। शिकायत में आगे बताया गया है कि गली नंबर 8 ले मकान C-76/4,में साल 2017-2018 में हिन्दुओ को भगाने के लिए मस्जिद व मदरसों का निर्माण शुरू किया गया था। इस निर्माण का हिन्दू समाज ने काफी विरोध किया था। तब स्थानीय प्रशासन ने साल 2018 में दोनों समुदायों को बुला कर आपसी समझौता लिखित करवा दिया था। शिकायतकर्ताओं ने इस समझौते की कॉपी भी अटैच की है। सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार सागर कुमार ने इस पत्र को शेयर किया है।

शीशपाल तिवारी व अन्य लोगों के मुताबिक उनके घरों में आरोपितों द्वारा खून तक डाल दिया जाता है। तब इसकी शिकायत न्यू उस्मानपुर थाने में की जाती है। नए आरोप में गली के निवासियों ने कहा है कि मास्टरमइंड अब्दुल रफीक 2018 में पुलिस द्वारा कराए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। रफीक पर बाहरी लोगों को बुला कर गली में नमाज़ पढ़वाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने रफीक की इस हरकत के पीछे हिन्दुओं को पलायन करवाने की साजिश की आशंका जताई है।

नमाज़ के नाम पर जुटने वाले बाहरी लोगों में कई असामाजिक तत्व होने की भी शिकायत की गई है। साथ ही गली में एक नए मदरसे के निर्माण की तैयारी की तरफ भी इशारा किया गया है। अंत में अब्दुल रफीक और उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई। इस कार्रवाई को अपने पलायन रोकने के लिए बेहद जरूरी बताया गया है। पत्र की प्रतियाँ केंद्रीय गृहमंत्रालय के साथ दिल्ली के उपराज्यपाल, पुलिस कमिश्नर, इलाके के SHO, ACP और DCP को भी भेजी गईं हैं। पत्र में ACP सीलमपुर की मुहर भी लगी है और तारीख 5 अप्रैल 2023 की है।

8-10 साल से चल रही ये साजिश

ऑपइंडिया ने इस शिकायत की पुष्टि के लिए शिकायतकर्ता रामनाविवास शर्मा से बात की। उन्होने पत्र भेजने की पुष्टि करते हुए बताया कि नमाज़ के नाम पर उन्हें और गली वालों को कुछ मुस्लिमों द्वारा काफी परेशान किया जा रहा है। शर्मा ने आरोप लगाया कि गली में जगह बदल-बदल कर नमाज़ पढ़ी जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ऑपइंडिया ने इस मामले पर हुई कार्रवाई आदि की जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस के DCP नार्थ ईस्ट को सम्पर्क किया तो एक बार उनका फोन व्यस्त बताया और दूसरी बार उन्होंने कॉल नहीं उठाई। ACP सीलमपुर का ऑफिसियल नंबर स्विच ऑफ बताया। मामले में पुलिस का वर्जन आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।(साभार)

छत्तीसगढ़ : ‘मैं गाय का मांस खाऊँगा, जो करना है कर लो’: साजिद खान ने खाते हुए वीडियो किया अपलोड, हिंदू संगठनों को दी गालियाँ

                                 आरोपित साजिद खान और थाने में हिंदू समाज के लोग (साभार: नई दुनिया)
छत्तीसगढ़ में साजिद खान नाम का एक शख्स गोमांस दिखाकर हिंदू संगठनों और भाजपा को गाली दे रहा है। इसका उसने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। वीडियो में साजिद खान कह रहा है कि वह गाय का मांस खाएगा और अगर किसी में हिम्मत है तो उसका कोई कुछ बिगाड़ कर दिखाए।

मामला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 5 अप्रैल 2023 को अपलोड किए गए वीडियो में साजिद हिंदू संगठनों को गालियाँ दे रहा है और कह रहा है, “हिम्मत है तो मेरा जो करना चाहो कर लो।”

वीडियो वायरल होते ही शहर में तनाव फैल गया हो गया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में की। 5 अप्रैल 2023 की देर रात तक बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, गौ सेवक समेत अन्य हिंदू संगठनों के लोग थाने में बैठे रहे।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट हो गई। इसके बाद हालात को देखते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने साजिद खान को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

सुकमा जिले में रामनवनी के कुछ दिन पहले से ही हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि पुलिस ने लाठी चार्ज करना पड़ा था। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ अगले दिन हिंदू संगठनों ने शहर बंद करवाया था।

बाद में मामला शांत हो गया था। इसके बाद रामनवमी के दिन किसी तरह की अप्रिय घटना ना हो, इसके लिए सैकड़ों की संख्या में फोर्स को तैनात किया गया था। हालाँकि, फोर्स तैनात होने के बावजूद तनाव को महसूस किया जा सकता है।

आखिर मस्जिदों के पास ही क्यों बरसते पत्थर : 7 राज्य, 12 शहर… रामनवमी शोभयात्रा में शामिल हिंदुओं को बनाया निशाना

साल 2023 की रामनवमी में देश के अलग-अलग इलाकों में हिंसा हुई। इस हिंसा से खास तौर पर बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा और उत्तर प्रदेश प्रभावित हुए हैं। इन घटनाओं में कुछ लोगों की मौत भी हुई हैं और कहीं-कहीं पर तो पुलिस को भी निशाना बनाया गया है। अलग-अलग हिस्सों में पुलिस केस दर्ज कर आरोपितों की धर-पकड़ कर रही है। कुछ स्थानों पर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के भी आरोप लगे हैं।

इसी विषय पर आज(4 अप्रैल,2023) Zee News पर एंकर दीपक चौरासिया ने अपने शो Taal Dhok Ke में जब ओवैसी की पार्टी के प्रवक्ता कलीमुद्दीन से प्रश्न पूछने पर कहा कि यात्रा में आतंकवादियों के शामिल होने के कारण ऐसा होता है। जिसका दीपक ने घोर विरोध भी किया, लेकिन मस्जिद में पत्थर और पेट्रोल बम कहां से आते हैं, उसका जवाब नहीं दे पाए। 

नालंदा (बिहार)

बिहार के नालंदा जिले का बिहार शरीफ। 31 मार्च को रामनवमी की शोभा यात्रा निकाली गई। जब यात्रा बिहारशरीफ के दीवानगंज इलाके की एक मस्जिद के पास पहुँची, तब इस पर पथराव कर दिया गया। आसपास के घरों और दुकानों में आगजनी और जमकर फायरिंग भी की गई। इस फायरिंग में चार लोगों को गोली लगी है। हमले में शोभायात्रा में शामिल छह युवक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। यहाँ 4 अप्रैल 2023 तक स्कूल और इंटरनेट सेवा बंद कर दिए गए हैं।

रोहतास (बिहार)

बिहार के रोहतास जिले का सासाराम। 31 मार्च 2023 को यहाँ रामनवमी शोभा यात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा खत्म होने के बाद सहजलाल, बस्ती मोर, चौखंडी, आदमखानी और सोना पट्टी जैसे इलाकों में हिंसा भड़क गई। यहाँ पथराव के साथ लाठी-डंडे भी चले। हालात काबू करने के लिए दूसरे जिलों से फ़ोर्स मँगाई गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई। जिले के मदरसों को 4 अप्रैल 2023 तक बंद रखने के आदेश हुए हैं।

संभाजी नगर (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र का संभाजी नगर। यहाँ 29-30 मार्च 2023 को किराड़पुरा के एक मंदिर के आगे हिंसा भड़क गई थी। हिंसा की शुरुआत 2 लोगों के कहासुनी से हुई थी। दंगाइयों ने पथराव किया और बम फेंके थे। पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी गई थी।
इस मामले में दर्ज FIR में शौकत, अरबा, रिज़वान, शेख मुनीरुद्दीन, अल्ताफ और हाशमी इतरवाले को नामजद करते हुए 400 से 500 अज्ञात की भीड़ पर FIR दर्ज हुई है। FIR में भीड़ द्वारा नारा-ए-तकबीर और अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाने का जिक्र है। पुलिस ने हिंसा में लगभग चार दर्जन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकियों की तलाश की जा रही है।

जलगाँव (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के जलगाँव में साम्प्रदायिक हिंसा की 2 अलग-अलग घटनाएँ हुईं हैं। पहली घटना मंगलवार (28 मार्च 2023) को पालधी गाँव की है। यहाँ रामनवमी का जुलूस लेकर एक मस्जिद के आगे जुटी भीड़ ने बज रहे DJ पर आपत्ति जताई तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि हिंसक भीड़ ने जुलूस में शामिल लोगों पर पत्थरबाजी की जिसमें लगभग 4 लोग घायल हो गए।
पुलिस ने इस मामले में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष की तहरीरों पर 2 अलग-अलग FIR दर्ज की है। एक केस में हिन्दू पक्ष के 9 लोगों को आरोपित किया गया है। वहीं दूसरी FIR में मुस्लिम पक्ष के 63 लोग नामजद हुए हैं। अब तक कुल 45 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
जलगाँव की ही एक अन्य घटना शनिवार (1 अप्रैल 2023) की है। यहाँ के अतरवाल गाँव में किसी अज्ञात व्यक्ति ने गाँव में लगी एक मूर्ति को तोड़ दिया। इस बात से गाँव के 2 पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में हालात तनावपूर्व हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। मामले में कुल 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

मलाड (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मलाड में भी रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला किया गया था। यहाँ रामनवमी की शोभायात्रा निकाल रहे हिंदुओं पर जामा मस्जिद और अली हजरत मस्जिद इलाके में पत्थरों और चप्पलों से हमला किया गया। हमले के दौरान दंगाइयों ने अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाए। पुलिस ने कुल 400 आरोपितों पर केस दर्ज करते हुए 21 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।

हावड़ा (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल का हावड़ा के शिबपुर में भी रामनवमी के दिन 31 मार्च 2023 साम्प्रदायिक हिंसा हुई। इस दौरान कट्टरपंथियों की भीड़ ने सड़कों पर उतर कर पत्थरबाजी की थी। हिंसा रामनवमी का जुलूस खत्म होने के बाद भी जारी रही।
ममता बनर्जी ने इसका ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ा था और हिन्दू संगठनों पर ही जुलूस मुस्लिम बहुल इलाकों से ले जाने का आरोप लगाया था। भाजपा नेताओं ने मामले की जाँच NIA से करवाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। इस हिंसा में अब तक पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया है।

डालखोला (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल में उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर शहर के दालखोला इलाके में 31 मार्च को रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। मुस्लिम बहुल इलाके में हुई इस झड़प में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 5-6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। हालाँकि, बंगाल पुलिस युवक के मौत की वजह हार्ट अटैक बता रही है। बंगाल भाजपा का आरोप है कि इस मामले में पुलिस बेकसूर लोगों को गिरफ्तार करके उन पर अत्याचार कर रही है।

हुगली (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल के हुगली में भी 31 मार्च को रामनवमी पर हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान यहाँ के रिसड़ा क्षेत्र में एक भीड़ पर रामनवमी की शोभायात्रा पर हमले का आरोप है। रविवार (2 अप्रैल) को एक बार फिर से यहाँ हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना के बाद हुगली के कई हिस्सों में इंटरनेट बंद कर के धारा 144 लागू कर दी गई थी। पुलिस ने अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।

साहिबगंज (झारखंड)

झारखंड का जिला साहिबगंज में शनिवार (1 अप्रैल 2023) की शाम मूर्ति विसर्जन के जुलूस पर कृष्णानगर में कुलीपाड़ा रेलवे लाइन के पास पथराव हुआ। पत्थरबाजी छतों से की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान भड़की हिंसा में 1 बाइक को आग लगा दी गई थी।
जुलूस में शामिल 6 श्रद्धालुओं के साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस इस मामले में जाँच कर रही है। वहीं 3 अप्रैल 2023 को एक बार फिर से साहिबगंज में हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने पर हिन्दू संगठन विरोध प्रदर्शन करने लगे जिसके बाद पुलिस ने हिन्दू संगठनों पर ही लाठीचार्ज कर दिया।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी रामनवमी की शोभायात्रा पर हमला हुआ था। यहाँ के जानकीपुरम विस्तार इलाके में जब रामनवमी का जुलूस शाही मस्जिद के सामने से गुजरा, तब उस पर छतों से पत्थर फेंके जाने लगे थे। इस पथराव में कुछ श्रद्धालुओं को चोटें आईं और शोभायात्रा में शामिल वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। पुलिस कार्रवाई से नाराज हिन्दू संगठनों ने घटना के विरोध में थाने पर धरना दिया था। फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है।

वडोदरा (गुजरात)

गुजरात के वडोदरा जिले में गुरुवार (30 मार्च 2023) को रामनवमी की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की गई थी। जुलूस के फतेहपुरा गराना पुलिस चौकी क्षेत्र में एक मस्जिद के सामने से गुजरने के बाद उस पर पत्थर बरसाए गए थे। पुलिस ने हालत को को फ़ौरन संभाला और हमलावरों को तितर-बितर किया था।
पुलिस ने इस मामले में SIT गठित करते हुए 500 उपद्रवियों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में कुल 23 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 6 महिलाएँ भी शामिल हैं। पुलिस को इन सभी आरोपितों की 5 दिनों की कस्टडी रिमांड मिली है।

हासन (कर्नाटक)

कर्नाटक के हासन में गुरुवार (30 मार्च 2023) को रामनवमी के जुलूस पर कट्टरपंथियों ने हमला किया था। जब यह जुलूस चन्नारायणपटना इलाके की एक मस्जिद के सामने से गुजरा, तब उसके विरोध में भीड़ ने हंगामा किया। पत्थरबाजी के साथ हमलावरों ने चाकूबाजी भी की। इस चाकूबाजी में मुरली और हर्ष नाम के 2 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

‘जो बम 2014 से पहले फटा करते थे, वो कहाँ चले गए…’ – UP पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा पर दर्ज की FIR

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात मौलाना तौकीर रज़ा पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में FIR दर्ज कर ली गई है। यह केस तौकीर के मुस्लिम राष्ट्र वाले बयान पर दर्ज हुआ है। मामले में शिकायतकर्ता खुद पुलिस है। शिकायत में तौकीर रज़ा पर लोगों की भावनाएँ भड़काने और आम लोगों में डर फैलाने का आरोप है। रविवार (12 मार्च 2023) को यह केस दर्ज करते हुए पुलिस ने तौकीर द्वारा एक दिन पहले 11 मार्च को यह विवादित बयान देना बताया है।

यह FIR मुरादाबाद जिले के नागफनी थाने में दर्ज हुई है। मामले में शिकायत सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह द्वारा दी गई है। पुलिस ने दर्ज FIR का आधार तौकीर के विवादित बयान का वायरल वीडियो बताया है। पुलिस के मुताबिक 11 मार्च को तौकीर रज़ा खान तिरंगा यात्रा लेकर बरेली से निकलकर रामपुर होते हुए मुरादाबाद पहुँचे थे। यहाँ तौकीर ने मदरसा जामिया अशरफिया तहजीबुल इस्लाम कोहना के पास मौजूद एक मजार पर चादर चढ़ाई थी। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में हिस्सा लिया था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि मौलाना तौकीर ने अपनी इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में समुदाय विशेष में नफरत फैलाने वाले शब्दों का प्रयोग किया। मौलाना तौकीर के शब्दों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की बात लिखी गई है। साथ ही मौलाना के उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्र वाले वाले इतनी नफ़रतें बढ़ा दें कि अफरातफरी का माहौल बना दें। इसी शिकायत में तौकीर के मुस्लिम राष्ट्र वाले बयान का भी जिक्र है। शिकायत में कहा गया कि मौलाना ने कहा कि उनके नौजवान खड़े हो जाएँ और ऐलान करें कि मुसलमान देश चाहिए।

पुलिस की इस शिकायत में नवभारत चैनल पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज़ का हवाला दिया गया है। इसी हवाले से बताया गया कि तौकीर रज़ा कह रहा, “जो बम 2014 से पहले फटा करते थे, वह बम आज कहाँ चले गए। वह बम अब क्यों नहीं फट रहा है, अगर मुसलमान उस समय फोड़ रहा था? आज मुसलमान ज्यादा परेशान है। आज मुसलमान को आतंकवादी बनना चाहिए और बम फोड़ना चाहिए। मुसलमान न उस समय बम मार रहे थे, न आज बम मार रहा है। जो बम मार रहे थे, वो हिन्दू समाज को बहकाने का काम कर रहे थे।”

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस FIR में अकेले मौलाना तौकीर रज़ा को नामजद किया है। उनके खिलाफ IPC की धारा 153- A, 295- A और 505 (2) के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

तौकीर रज़ा ने उस दिन यह भी कहा था कि अगर हिन्दू राष्ट्र की माँग जायज है तो खालिस्तान की भी माँग सही है। उन्होंने आगे कहा था कि अगर मुस्लिम नौजवान भी इस्लामी मुल्क की माँग करने लगें तो क्या होगा।


मध्य प्रदेश : महाशिवरात्रि पर रोकी शिव बारात, कट्टर मुस्लिमों ने दी भक्ति गाने पर माँ-बहन की गालियाँ; हिन्दुओं के संयम की परीक्षा कब तक?

                            छिंदवाड़ा में मुस्लिमों द्वारा महाशिवरात्रि का जुलूस रोके जाने से तनाव 
महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा (Chhindwara, Madhya Pradesh) में साम्प्रदायिक तनाव हो गया। शिव बारात में बज रहे DJ को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने जबरन बंद करवा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में गाली-गलौच और झड़प भी हुई।

शिव बारात निकालने के दौरान किए गए हंगामे से नाराज हिंदूवादी संगठनों ने थाने के आगे धरना दिया। उन्होंने आरोपितों के कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी अविलंब गिरफ्तारी की माँग की। घटना शनिवार (18 फरवरी 2023) की है। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है।

हनुमान जयंती से निरंतर आज तक कट्टरपंथियों द्वारा हिन्दू त्योहारों पर दंगा करने से हिन्दुओं में भी अब बदले की भावना घर करने लगी है। जो इन कट्टरपंथियों के कारण समस्त मुस्लिम समाज के लिए दुःखदायी होगी। फिर जितने भी तुष्टिकरण कर जनता को गुमराह करने वाला गिरोह संविधान का रोना रोते, गंगा-जमुनी तहजीब बर्बाद हो गयी जैसे ठोंगी नारे और भारत में मुसलमानों पर अत्याचार आदि आदि भड़काऊ बयानों से माहौल ख़राब करेंगे, लेकिन हिन्दू त्योहारों में किए जा रहे दंगे दरकिनार कर देंगे। केंद्र, राज्य सरकारों और दंगाइयों के आकाओं को हिन्दुओं की इस पीड़ा को समझना होगा। आखिर संयम की भी सीमा होती है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला छिंदवाड़ा के थाना क्षेत्र चाँद का है। यहाँ स्थित लालगाँव क्षेत्र को मिश्रित आबादी वाला है। बताया जा रहा है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्तों ने एक बड़ी रैली निकाली थी, जो छिंदवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजर रही थी।

जुलूस में आगे चल रहे DJ पर धार्मिक गाने बज रहे थे। आरोप है कि लालगाँव में कुछ मुस्लिम युवकों ने जुलूस को रोक लिया और DJ वाले व्यक्ति से गाली-गलौज करने लगे। जब जुलूस में शामिल अन्य श्रद्धालुओं ने इस हरकत का विरोध किया तब उनके साथ भी अभद्रता की गई।

इस हरकत से माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग उस वाहन वाले को गंदी-गंदी गालियाँ देते देखे जा सकते हैं, जिस पर DJ और जेनरेटर बँधा हुआ है।

वीडियो में एक आरोपित ने नीली टी-शर्ट पहन रखी है। वहीं, दूसरा आरोपित सफेद शर्ट में दिखाई दे रहा। ये सभी श्रद्धालुओं को फ़ौरन वहाँ निकल जाने के लिए कह रहे हैं। पुलिस इन दोनों की पहचान करने की कोशिश कर रही है

इसी घटना से संबंधित एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। इसमें कई लोगों की भीड़ को पुलिस स्टेशन के आगे देखा जा सकता है। भीड़ में शामिल हिन्दू संगठन आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

इसके अलावा, एक और वीडियो में हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों द्वारा रविवार (19 फरवरी 2023) को दोपहर 12 बजे शिव की अधूरी यात्रा उसी लालगाँव से पूरी करने का आह्वान किया जा रहा है। इस आह्वान में हर गाँव और कस्बे के लोगों को अपने-अपने साधनों से शामिल होने के लिए कहा गया है।

मौके पर भारी पुलिस बल लगा दिया गया है। छिंदवाड़ा में ही आज रविवार (19 फरवरी 2023) को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के आने का भी कार्यक्रम है।

उत्तर प्रदेश : भगवा गमछा बांध जेहादियों ने मजार में लगाई आग

                                 बिजनौर की मजारों में हुई तोड़फोड़ पर पुलिस का खुलासा 

'सर से तन जुदा' जेहादी गैंग जिस सच्चाई को झूठ और नबी की शान में तौहीन बताकर हिन्दुओं में डर बैठाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें नहीं मालूम कि उनका यह पैंतरा उल्टा पड़ रहा है। इनका मकसद देश में अशांति फैलाना है। जिसके सबूत बार-बार सामने आ रहे हैं, जैसे मंदिरों में तोड़-फोड़ करना, कांवड़ पर थूकना और अब भगवा गमछा बांधकर मजार में आग लगाना आदि  आदि, फिर भी अगर लोग नहीं समझे, उसका कोई इलाज नहीं। अगर मजार में आग लगाने का काम हिन्दुओं ने किया होता, अब तक #intolerance, #award vapsi, #not in my name और 'गंगा-जमुना तहजीब' आदि गैंगस्टर मजार में आग लगाने वालों को फांसी की मांग लेकर सड़क पर आ चुके होते, लेकिन अब वही काम हिन्दू बन मुसलमानों ने किया है, सब पता नहीं किस बिल में छुपे बैठे हैं? योगी सरकार को चाहिए गिरफ्तार इन जेहादियों से ब्याज सहित दी गयी सरकारी सुविधाएं वापस ही नहीं ले, बल्कि पूरे परिवार को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए।   

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र में 24 जुलाई 2022 को तीन मजारों पर तोड़फोड़ और आगजनी करने का मामला प्रकाश में आया। पुलिस ने सूचना होने के बाद घटना में शामिल दो आरोपितों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि इस गिरफ्तारी से बड़ी सांप्रदायिक साजिश को अंजाम देने से रोका गया है।

दोनों आरोपित मुस्लिम समुदाय के हैं जिन्हें मजार क्षतिग्रस्त करते हुए पहले स्थानीयों ने देखा। फिर पुलिस में शिकायत दी। सूचना होने पर पुलिस मौके से पहुँची। मजहबी उलेमाओं के सामने घटनास्थल का मुआएना करने के बाद बताया गया कि मजहबी पुस्तकों को कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन मजार की चादर और पर्दे जलाकर खाक कर दिए गए हैं।

पुलिस की जाँच पड़ताल के बाद दोनों आरोपित पकड़े गए। इनकी पहचान कमाल और आदिल के तौर पर हुई है। ये दोनों सगे भाई हैं। इन्होंने सिर पर भगवा रंग का गमछा बाँध कर घटना को अंजाम दिया, जिसे देख अंदाजा लग रहा है कि काँवड़ियों को बदनाम करने के लिए ये सब किया गया।

पूछताछ में इन्होंने बताया कि इन लोगों ने न केवल जलाल शाह की मजार और भूरे शाह की मजार पर आगजनी की बल्कि कुतुब शाह की मजार को भी तोड़ा था। इसके अलावा ये यह भी कह रहे थे कि ये अभी और मजारों को भी तोड़ेंगे। इनका लोगों से कहना था कि ऐसी मजारों का कोई फायदा नहीं होता है, इसलिए इन्होंने ऐसा किया।

अब पुलिस इन्हें पकड़कर पूछताछ कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि इनका इस तरह भगवा पहनकर मजार तोड़ने का क्या मकसद था। जरूरत पड़ने पर एटीएस भी जाँच में शामिल होगी।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने घटना के संबंध में बताया, “बिजनौर के अंतर्गत थाना शेरकोट में पुलिस को शाम 5 बजे सूचना मिली कि दो लोगों ने जलाल शाह की मजार पर तोड़फोड़ करके कुछ चादर जलाई हैं। जिसके बाद पुलिस वहाँ पहुँची, तभी सूचना मिली कि उसी थाना क्षेत्र के भूरे शाह की मजार पर भी आगजनी और तोड़फोड़ हुई है।”

पुलिस ने फौरन इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद एडीजी ने कहा कि शेरकोट में एक बड़ी सांप्रदायिक साजिश को होने से रोक लिया गया। मजहबी स्थलों में तोड़फोड़ करने के आरोप में दो आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जमीनी स्तर पर अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है और सोशल मीडिया पर निगरानी बनी हुई है।

एडीजी के मुताबिक, “अभियुक्तों ने बताया कि शेरकोट थाना में 11:30 बजे कुतुब शाह की मजार पर भी तोड़फोड़ की गई थी, जो संज्ञान में नहीं आई। घटना दर्शाती है कि काँवड़ यात्रा के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। सभी फील्ड अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।”

राजस्थान : करौली में हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर हमला ; गंगा-जमुनी तहजीब किसके इशारों पर हुई तार-तार ;4 पुलिस वाले सहित 43 घायल

                                                                 करौली में इंटरनेट बंद... पुलिस कह रही - हालात काबू में
राजस्थान के करौली में हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी तक कुल 43 लोग घायल हुए हैं।

प्रशासन ने अब तक लगभग 30 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। राजस्थान पुलिस के अनुसार अब हालात काबू में है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस को उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील भी की है।

करौली की घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “असामाजिक तत्व किसी भी धर्म में हो सकते हैं। उनके चलते बेचारे निर्दोष और बेगुनाह लोग परेशान होते हैं। करौली में ये सभी धर्म के लोगों की जिम्मेदारी है कि वो निकल कर आएँ और शांति व्यवस्था कायम करने में हमारा सहयोग करें। मैंने गृह विभाग से मीटिंग करके ऐसे असमाजिक तत्वों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।”

राजस्थान के ADG लॉ एन्ड आर्डर IPS हवा सिंह घुमरिया ने 2 अप्रैल (शनिवार) की रात में कहा, “करौली में हिन्दू नववर्ष पर बाईक रैली निकली थी। उस पर बाजार में पथराव हुआ। इसके बाद से दोनों तरफ से पथराव हुआ और कुछ आगजनी की भी घटनाएँ हुईं। इस पूरे विवाद में लगभग 2 दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 1 की हालत गंभीर है। उसे जयपुर रेफर किया गया है। इस घटना के तुरंत बाद करौली में मौजूद फ़ोर्स के अलावा IG भरतपुर, IG कानून व्यवस्था करौली पहुँच गए हैं। बाहर से लगभग 600 फ़ोर्स के लोग हमने करौली के लिए रवाना किया है। अभी के हालात काबू में हैं।”

ADG लॉ एन्ड आर्डर ने आगे कहा, “करौली में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बात के सख्त निर्देश हैं कि उपद्रवी कोई भी हो, उसको किसी भी हालत में बख्शा न जाए। पुलिस मुख्यालय से एडिशनल DG और DIG क्राइम को करौली भेजा गया है। लगभग 50 की संख्या में DYSP और इंस्पेक्टर हमने करौली भेजे हैं। जिन दुकानों में आगजनी हुई थी, उन पर दमकल विभाग काबू पाने का प्रयास कर रहा है। करौली और प्रदेश की जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में हमारी मदद करें।”

                                                        करौली जिले के DM का ऑर्डर

DM का आदेश, “घर से न निकले कोई व्यक्ति”

करौली जिले के DM राजेंद्र सिंह शेखावत ने 2 अप्रैल (शनिवार) को शाम 6.30 पर कर्फ्यू का आदेश जारी करते हुए लिखा, “करौली नगर परिषद क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना आवश्यक समझता हूँ। हालात को देखते हुए इसे बढ़ाया जा सकता है। यह कर्फ्यू 4 अप्रैल (सोमवार) रात 12 बजे तक लागू है। धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षाकर्मियों को छोड़ कर कोई भी अपनी घर की सीमा से बाहर न निकले। इस आदेश का पालन न करने वालों पर IPC की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

करौली में इंटरनेट बंद

एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में करौली जिले के DM और SP ने बताया, “करौली में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। लगभग 30-32 लोगों को चोटें आई हैं। अभी 9 घायल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं। 1 को जयपुर रेफर कर दिया गया है। लगभग 20-25 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद भेज दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में 3 SDM की तैनाती की गई है। लोगों से बातचीत कर के हालत को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।”

केंद्रीय मंत्री ने घटना को बताया साजिश

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस घटना को साजिश बताया है। उन्होंने लिखा, “हिंदू नववर्ष पर रैली निकालना किसी के लिए अप्रिय कैसे हो सकता है? करौली में हिंदू संगठनों पर पथराव इस महा दिवस की पवित्रता भंग करने का षड्यंत्र है। इसके पीछे नफरत की भावना भड़काने वाले लोग हैं।”
इस ट्वीट पर करौली पुलिस ने जवाब दिया, “स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर उच्च अधिकारी मौजूद हैं। दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

फारुख ने खुद कटवाई दाढ़ी, लेकिन धर्म के डर से फैलाई अफवाह – मुझे ट्रेन में मारा, काट डाली दाढ़ी

सच सामने आने पर फारुख ने कबूला जुर्म
वैसे आज दाढ़ी रखना भी एक फैशन बन गया है। इससे पूर्व फ्रेंच कट का बहुत फैशन था, उसे पूर्व जाने पर लम्बी कलमें आदि आदि। लेकिन जब दाढ़ी रख हुए कुछ समय बाद किसी भी कारणवश कटवाए, उसे साम्प्रदायिक रंग देना गलत है, और अगर ऐसा होता है, निश्चित रूप से वह व्यक्ति किसी साम्प्रदायिक ताकतों से मोटा धन लेकर देश का वातावरण बिगड़ रहा है, और जब सच्चाई सामने आ जाए, उस दशा में इस पर रहम दर्शाने की बजाए सख्ती से पेश आना चाहिए, क्योकि इन्ही बिकाऊ लोगों के कारण देश में साम्प्रदायिक दंगे होते हैं। 
गनीमत है, प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं, और अगर होते, कोई अन्य दंगे हो गए होते और न जाने कितने बेगुनाह मारे जाते, ऐसे लोगों को ब्लैकलिस्ट में सम्मिलित करना चाहिए। ऐसे लोगों को जेल में डालने की बजाए सरकार को इनके बैंक खातों की जाँच कर, समस्त धन सरकारी खाते में हस्तांतरित करना चाहिए। मकान दुकान सब जब्त करनी चाहिए। ऐसे लोगों पर कोई रहम नहीं दिखाना चाहिए, ये लोग रहम के काबिल ही नहीं। जब भूख से इन लोगों के बीबी-बच्चे तड़पेंगे, तब इनको अहसास होगा कि दंगे लपेटे में आने वाले बेगुनाहों को कितना कष्ट झेलना पड़ता है।   
उत्तर प्रदेश में झूठी कहानी बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बागपत का है, जहाँ एक मुस्लिम युवक ने सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिश की। मुस्लिम युवक ने उसके साथ ट्रेन में मारपीट करने और जबरदस्ती दाढ़ी को काटने की अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की। जिसकी जाँच में जुटी पुलिस ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
लेकिन उस समय विधवा-विलाप करने वाले समस्त #intolerance, #mob lynching, #award vapsi और #not in my name आदि गैंगस्टर कहाँ मुँह छुपाए बैठे हैं? राज्य और केंद्र सरकारों को इन गैंगस्टरों के भी बैंक खाते खंगालने चाहिए, यह भी संभव हो सकता है, इन गैंगस्टरों की पत्नी, बच्चों को धन अथवा किसी अन्य रूप में कोई प्रलोभन दिया गया हो।      

दरअसल, बागपत के मुगलपुरा मोहल्ले के रहने वाले मुस्लिम युवक फारुख ने जबरन दाढ़ी काटने की अफवाह फैलाने की कोशिश की। फारुख ने वीडियो बनाया और उसके एक दोस्त साजिद ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। उसने वीडिया के साथ लिखा कि फारुख को बागपत में ट्रेन में खींचकर पीटा गया और जबरन उसकी दाढ़ी काट दी गई। साजिद ने पीड़ित के लिए मदद माँगी थी। पोस्ट में यूजर ने यूपी पुलिस, बागपत पुलिस, रेल मंत्रालय, सीएम योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को टैग किया था। इसके अलावा पोस्ट में एक फोन नंबर भी लिखा था, जो पीड़ित के भाई का बताया गया था। 
दैनिक जागरण में छपी खबर का स्क्रीनशॉट
जब पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की जाँच शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। बागपत के एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि फारुख को विश्वास में लेकर जब पूछताछ की गई तो उसने झूठी अफवाह फैलाने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह कुछ साल पहले एक इज्तमा में शामिल हुआ था। इसमें तकरीर से प्रभावित होकर उसने दाढ़ी बढ़ा ली थी। अब कुछ दिन से गर्मी अधिक होने के कारण वह दाढ़ी से परेशान था और दाढ़ी कटवाना चाह रहा था। लेकिन, समाज व धर्म का भय था। इसलिए उसने जबरदस्ती दाढ़ी कटवाने की झूठी कहानी बनाई। फारुख ने बताया कि उसने लोनी में रहने वाले अपने एक दोस्त के पास पहुँचकर अपनी दाढ़ी कटवा ली और घर लौटते वक्त खुद ही अपने कपड़े फाड़कर ये अफवाह फैलाई कि ट्रेन में उसके साथ मारपीट की गई और दाढ़ी काट दी गई।