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उत्तर प्रदेश : समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ले में संभल पुलिस की रेड, महबर और ताजवर के घर से मिले तमंचे: मुल्ला के घर से स्मैक बरामद

संभल में हिंसा के बाद पुलिस की छापेमारी में घरों से बरामद हुए अवैध हथियार और नशीले पदार्थ (साभार- दैनिक भास्कर)
संभल में 24 नवंबर 2024 को मुस्लिमों की भीड़ द्वारा पुलिस पर किए गए हमले के बाद दंगाइयों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने सोमवार (9 दिसंबर) को सांसद जियाउर्रहमान के मोहल्ले में दबिश दी। दबिश के दौरान अवैध हथियारों के साथ नशीले पदार्थों की भी खेप बरामद हुई है। इस दौरान 36 बाइकों का चालान किया गया और 4 को सीज कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल हिंसा में कार्रवाई के तहत पुलिस ने नखासा थाना क्षेत्र के तिमरदास सराय इलाके में सोमवार को करीब 3 बजे छापेमारी की। इस दौरान 13 घरों की सघन तलाशी ली गई। इनमें से मुल्ला आसिफ के घर से स्मैक की 93 पुड़िया बरामद हुईं। वहीं, ताजवर और महबर के घरों से 315 बोर के तमंचे बरामद किए गए। पुलिस ने महबर को हिरासत में लिया, जो 1999 में हत्या के एक मामले में जेल की सजा काट चुका है।

पुलिस का दावा है कि 315 बोर की गोलियाँ हिंसा के दौरान मारे गए उपद्रवियों के शवों से भी बरामद हुई थीं। फ़िलहाल महबर, मुल्ला आसिफ और ताजवर के घरों में मिले लोगों को पुलिस थाने ले कर गई। पूरे मामले की न्यायिक जाँच जारी है, और प्रशासन दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

सपा सांसद जियाउर्रहमान के घर के आगे भी पुलिस ने दो बार पैदल मार्च किया। जिले भर में वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। सोमवार को ही कुल 36 बाइकों का चालान किया गया। इसमें से 4 को सीज कर दिया गया है।

संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि तलाशी अभियान जनपद में बाहरी लोगों की मौजूदगी की सूचना पर चलाया जा रहा है। बाहर से कौन लोग किस वजह से आए हैं इसकी तस्दीक करवाई जा रही है। बकौल SP तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। बरामद सामान सील कर जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

24 नवंबर को संभल की जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए न्यायालय के आदेश पर एक टीम पहुँची थी। इस टीम को मुस्लिम भीड़ घेरने लगी। पुलिस ने भीड़ को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर दी। हिंसा में डिप्टी कलेक्टर, DSP और लगभग 2 दर्जन अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बल प्रयोग कर के भीड़ को तितर-बितर किया था। पूरे मामले की न्यायिक जाँच जारी है।

योगी को धमकी देने वाली निकली फातिमा खान, महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ा

उत्तर प्रदेश  के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले का पता लगा गया है। मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र के ही उल्हासनगर से फातिमा खान नाम की महिला एक को गिरफ्तार किया है। फातिमा B.Sc (IT) की छात्रा है और उसके अब्बू फर्नीचर का काम करते हैं।

गौरतलब है कि शनिवार (2 नवम्बर, 2024) को मुंबई ट्रैफिक पुलिस को CM योगी के नाम धमकी मिली थी। इसमें कहा गया था कि योगी 10 दिन में इस्तीफ़ा दें या फिर उन्हें बाबा सिद्दीकी की तरह मार दिया जाएगा। इसके बाद मुंबई और यूपी पुलिस ने तलाश चालू की थी।

अवलोकन करें : -

उत्तर प्रदेश : 10 दिन में इस्तीफा दें योगी आदित्यनाथ, नहीं तो बाबा सिद्दीकी की तरह हत्या कर देंगे:

मुंबई पुलिस ने ATS के साथ मिलकर नम्बर ट्रैक करके फातिमा खान को गिरफ्तार किया है। अभी यह नहीं साफ़ हुआ है कि वह किसी गैंग से जुड़ी है या फिर ऐसे ही उसने धमकी दी है।

उत्तर प्रदेश : अनेकों को ठगने वाली जमीला खातून का पूजा शर्मा के नाम से फर्जी आधार कार्ड किसने बनाया/बनवाया?

                                   जमीला खातून और उसके साथी एवं कागजात (साभार: स्वराज्य मैगजीन)
फर्जी हिंदू महिला बनकर कई लोगों के साथ ठगने वाली जमीला खातून और उसके दो साथियों को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जमीला ने पूजा शर्मा के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। वह मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ रिलेशनशिप में जाती और फिर बलात्कार एवं जबरन धर्मांतरण का मुकदमा करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलती थी।

जमीला खातून मूल रूप से असम की रहने वाली है। वह यूपी के बिजनौर के कोतवाली देहात इलाके में पूजा शर्मा बनकर रह रही थी। पुलिस ने जमीला खान के साथ-साथ उसके दो साथियों- मोहम्मद जहीर और आसिफ को भी गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके अन्य साथी- सलमान, अमजद और खालिद पुलिस के चंगुल से बाहर हैं। ये सभी बिजनौर के रहने वाले हैं।

इस मामले का खुलासा पूजा शर्मा बनी जमीला खातून के एक तहरीर से हुआ। जमीला ने 6 जुलाई 2023 को कोतवाली देहात में एक तहरीर दी। इस तहरीर में उसने अपना नाम पूजा शर्मा, पिता का नाम स्वर्गीय राजू शर्मा और निवासी महावीर कॉलोनी तिलक नगर दिल्ली बताया था।

तहरीर में जमीला खातून ने कहा था कि 29 मई 2023 को उसका निकाह जिले के अकबराबाद गाँव के रहने वाले एहतेशाम पुत्र मोहम्मद फरीद के साथ हुआ था। पूजा शर्मा ने आरोप लगाया था कि उसका शौहर उसे छोड़कर चला गया है और उसके सास-ससुर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं।

महिला की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी। जाँच के दौरान पता चला कि जो महिला खुद को पूजा शर्मा बता रही है, उसका असली नाम जमीला खातून है। वह दिल्ली की नहीं, बल्कि असम के जिला दर्रांग के थाना डलगाँव के अंतर्गत आने वाले कस्बा लालबरी सीलबोरी की रहने वाली है।

जमीला के अब्बू का नाम रजब अली और अम्मी का खालीदा बेगम है। रजब अली और खालीदा बेगम ने जमीला खातून की पहचान अपनी बेटी के रूप में की है। यूपी पुलिस को जमीला के पास से उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और बैंक खाता मिला है।

पुलिस ने पाया कि जमीला ने आधार कार्ड पूजा शर्मा के नाम से बनवा रखा है। वहीं, पैन कार्ड, वोटर आईडी और बैंक खाता पासबुक जमीला खातून के नाम से ही हैं। पुलिस ने इन सारे कागजातों की जाँच कराई तो ये सही पाए गए, जबकि पूजा नाम का आधार कार्ड फर्जी मिला।

पुलिस जाँच में यह बात भी पता चला कि जमीला ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेल नगर थाने में जहीर अहमद नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ साल 2019 में मुकदमा दर्ज करा रखा है। उसने साल 2023 में ही देहरादून के रहने वाले के नौशाद कुरैशी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा रखा है। दोनों अभी जेल में हैं।

पुलिस ने पाया कि जमीला ने इस साल जनवरी में नौशाद कुरैशी नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ जबरन धर्मांतरण का मामला दर्ज कराया था। उसने अपने बयान में कहा था कि वह डेढ़ साल से नौशाद के साथ रह रही थी और उसने निकाह का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ रेप किया। जमीला ने आगे कहा था कि नौशाद ने उसका जबरन गर्भपात करा दिया।

पूजा शर्मा बनीं जमीला ने कहा कि जब भी वह इसका विरोध करती थी तो नौशाद अपने भाई और अब्बू के साथ मिलकर उसकी पिटाई करता था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने नौशाद, उसके भाई शाहनवाज और उनके अब्बू जहीर पर बलात्कार, मारपीट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया था।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि पूछताछ के दौरान जमीला ने खुलासा किया कि जहीर अहमद से पहले उसने दो बार निकाह किया था। उसने मोइदुल हसन इस्लाम और इनाम-उल-हक के साथ निकाह किया था। जमीला ने दोनों को छोड़ दिया था। उसने यह भी खुलासा किया कि एहतेशाम के साथ निकाह के लिए उसने अपना नाम पूजा शर्मा से बदलकर जैनब परवीन रख दिया गया।

हिन्दू बन हिन्दू लड़की से शादी करने वाले आमिर अली को बीवी ने जेल भिजवाकर बचा दिया हिन्दू लड़की को

हिन्दू लड़की से शादी के लिए अमित बन रहा आमिर गिरफ्तार (चित्र साभार- JKNEWS24x7)
उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने हिन्दू धर्म अपना कर एक लड़की से शादी का प्रार्थना पत्र देने वाले आमिर अली को गिरफ्तार कर लिया है। आमिर अली पर उसकी बीवी गुलफशा ने बुधवार (12 जुलाई, 2023) को दहेज़ माँगने, मारपीट और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस शिकायत में आमिर के अब्बा-अम्मी, सहित कुल 7 लोग नामजद हैं। आमिर की बीवी का आरोप है कि उसके शौहर का एक हिन्दू लड़की से साल 2014 से अफेयर है और दोनों मिल कर उसे रास्ते से हटाना चाहते हैं। आमिर की गिरफ्तारी शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को हुई है।

मुरादाबाद पुलिस के मुताबिक, आमिर अली पर उनकी बीवी ने धोखा देकर निकाह करने, दहेज़ माँगने और गाली-गलौज कर प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी मामले की जाँच करते हुए पुलिस टीम को फरार चल रहे आमिर अली की लोकेशन मुरादाबाद के मुगलपुरा में प्रिंस पब्लिक स्कूल के पास मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँच करआमिर अली को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आगे की जाँच चल रही है।

आमिर की बीवी गुलफशा के मुताबिक उनका निकाह 20 फरवरी 2022 को हुआ था। आरोप है कि निकाह से पहले ही आमिर एक हिन्दू लड़की के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था जिसे लड़की के घर वालों से छिपाया गया। इस हरकत को एक साजिश बताते हुए गुलफशा ने इसमें आमिर के अब्बा आरिफ, अम्मी हमीदा, बहन लुबना और उजमा के साथ उसके जीजा इमरान और आसिफ को भी इसमें शामिल बताया है। इन सभी 7 आरोपितों पर दहेज के लिए पीड़िता को मारने-पीटने के साथ धमकी और गालियाँ देने का आरोप है।

गुलफश का आरोप है कि आरोपितों द्वारा कई बार गर्भ गिराने के बाद भी उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पैसा होने के 3 माह बाद उसका शौहर दूसरे निकाह की जिद करने लगा। गुलफशां के अनुसार उसने अपने शौहर की इस जिद का विरोध करने के साथ उसका मोबाइल भी चेक किया। आरोप है कि चैटिंग में आमिर और उसकी लिव इन पार्टनर मिल कर गुलफ़शा की हत्या की साजिश रच रहे थे। शिकायत में आमिर को उसकी लिव इन पार्टनर के साथ साल 2014 से रिलेशन में बताया गया है।

आमिर की बीवी की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 498- A, 420, 323, 504 के साथ दहेज़ अधिनियम 3/4 के तहत 7 आरोपितों पर केस दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

3 जुलाई 2023 को आमिर अली ने मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिख कर हिन्दू बनने की अनुमति माँगी थी। तब उसने पत्र में अपनी आस्था हिन्दुओं में बताते हुए इसे बिना किसी दबाव के लिया गया निर्णय बताया था। अपने पत्र में आमिर ने अपना नया नाम अमित माहेश्वरी रखने की इच्छा जताई थी। इस पत्र के सामने आने के बाद आमिर की बीवी गुलफशा ने अपने शौहर पर गंभीर आरोप लगाए थे। तब उन्होंने इसे हिन्दू लड़की से शादी करने की आमिर की साजिश बताया था।


‘मैं ‘जय श्री राम’ का नारा लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले’: हिन्दू लड़के से शादी करने पर मुस्लिम लड़की को मिल रही धमकियाँ, CM योगी और बागेश्वर बाबा से लगाई गुहार

कुशीनगर में मुस्लिम युवती शादी कर बनी हिंदू को पुलिस कर रही टॉर्चर (फोटो साभार: Hindustan,TimesNow)
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मुस्लिम लड़की ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से शादी की थी। हालाँकि, अब लड़की ने पुलिस पर उसे व उसके पति के परिवार वालों को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही युवती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मदद की अपील की है।

पीड़ित युवती ने एक वीडियो जारी कर कुशीनगर जिले के रवींद्रनगर थाने के इंस्पेक्टर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। 6 मिनट 27 सेकंड के इस वीडियो में लड़की ने कहा है, “मैं मुस्लिम थी और भाग कर हिंदू लड़के से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म स्वीकार कर चुकी हूँ। लेकिन मुझे रवींद्र नगर थाने के इंस्पेक्टर मुझे परेशान कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मुस्लिम लड़की सनातन धर्म स्वीकार नहीं कर सकती। मैं सनातन धर्म में क्यों नहीं जा सकती, वह मुझे रोकने वाले कौन होते हैं?”

पीड़िता ने आगे कहा, “वो मेरे घरवालों से पैसे लेकर वह मुझे रोक रहे हैं। मैं सनातन धर्म अपना चुकी हूँ, ‘जय श्री राम’ का नारा लगा रही हूँ और ये नारे लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले। मैं यूपी की हूँ, पुलिस वाले मुझे रोक रहे हैं योगी जी कहाँ हैं क्या वह मुझे सपोर्ट नहीं करेंगे। बागेश्वर बाबा कहाँ हैं, वह बहुत फेमस हैं क्या मेरी मदद नहीं करेंगे।”

उसने आगे कहा है, “मैं जिनसे शादी की है उसको भी टॉर्चर कर रहे हैं। उनकी क्या गलती है। मेरे हसबैंड की माँ घर में नहा रहीं थीं तब पुलिस वाले दरवाजा तोड़कर कर घुस गए थे। मेरी सास ने कपड़े नहीं पहने थे। जब वो कपड़े पहनने जा रहीं थीं तो पुलिस वालों ने उन्हें रोककर कहा कि कपड़े बाद में पहनिएगा। पहले ये बताइये लड़का-लड़की कहाँ हैं?”

वहीं, इस मामले में रवींद्र नगर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा का कहना है कि लड़का-लड़की 10 मई को घर से भागे थे। 16 मई को लड़की के पिता ने लड़की के अपहरण की शिकायत की थी। इसके बाद केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने लड़की के परिजनों से कहा है कि लड़की बालिग है। इसलिए थाने में आकर बयान दर्ज कराकर और केस निरस्त कराएँ। पुलिस युवक के घर नहीं गई थी, उसके रिश्तदार के घर गई थी। 


दिल्ली : शाहीन बाग से हर महीने 15 लाख रूपए वसूलती थी शाइस्ता परवीन

                                                                                                                              साभार: न्यूज 18
अतीक अहमद की भगोड़ी बीवी शाइस्ता परवीन और बहन आयशा नूरी की तलाशी में उत्तर प्रदेश की पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पिछले दो दिन से यूपी पुलिस प्रयागराज के कछार क्षेत्र की खाक छान रही है। हालाँकि, शाइस्ता का अभी तक पता नहीं चला है। वहीं, पुलिस को जानकारी मिली है कि दिल्ली के शाहीन बाग से शाइस्ता रंगदारी वसूल करती थी।

अब बात जब शाहीन बाग की आयी है, आवाज़ दूर तक जाएगी। अब इस बात की जाँच होनी चाहिए कि CAA विरोध में जो रूपए, बिरयानी, फलों का नाश्ता आदि पर खर्चा कहाँ से आया? इसकी जाँच भी शायद बहुत बड़ा रहस्य खोल सकती है।  

उमेश पाल हत्याकांड की प्रमुख सूत्रधार बताई जा रही शाइस्ता परवीन की खोज के लिए पुलिस प्रयागराज और पड़ोसी कौशांबी जिलों के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है। इन ठिकानों में शाइस्ता और अतीक के रिश्तेदारों के घरों सहित वो सभी संभावित ठिकाने शामिल हैं, जहाँ उसके छुपे होने की आशंका है।

19 अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने कौशांबी में कई जगहों पर छापेमारी की। यहाँ तक कि शाइस्ता की खोज के लिए पुलिस ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगा की तलहटी में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने करीब 2 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।

50,000 रुपए की इनामी भगोड़ी शाइस्ता का पता लगाना मुश्किल होता जा रहा है। यूपी एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव तिवारी ने कहा था कि बुर्का में होने के कारण उसे खोजने में पुलिस को परिशानी का सामना करना पड़ रहा है।

खबर ये भी है कि शाइस्ता के साथ अतीक की बहन नूरी और दर्जन भर बुर्के वाली महिलाएँ साथ में चल रही हैं। शूटर साबिर भी उनके साथ साए की तरह लगा रहता है। वे लोग हर समय अपना लोकेशन बदल रहे हैं। कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि शाइस्ता रोजाना अपना फोन और नंबर बदल रही है, ताकि वह पुलिस की पकड़ से बची रहे।

उधर, अतीक को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहीन बाग से हर महीने 15 लाख रुपए की वसूली की जाती थी। ये रकम अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को पहुँचती थी।

पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लिया था। उसने ही पुलिस को यह जानकारी दी है। इतना ही नहीं, शाहिद ने अतीक के बेटे असद का नया नंबर यूपी एसटीएफ को दिया था। इसके बाद सर्विलांस के जरिए UP STF झाँसी पहुँची थी। ये भी कहा जा रहा है कि असद को पनाह देने वालों ने ही पुलिस की हिरासत में आने के बाद असद के बारे में जानकारी दी थी।

बताते चलें कि यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल 2023 को अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम को झाँसी में एक एनकाउंटर में मार गिराया था। जिस दिन कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में असद को दफनाया गया, उसी दिन यानी 15 अप्रैल की रात को मेडिकल कराने के लिए ले जाते समय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी।

प्रयागराज में ही छिपी है शाइस्ता और आयशा, साथ में है ‘बुर्का गैंग’ और शूटर साबिर; अतीक अहमद का खास असद कालिया गिरफ्तार

                                                                                    शाइस्ता और कालिया (साभार: आजतक/जागरण)
उमेश पाल हत्याकांड की सूत्रधार कही जा रही 50 हजार की ईनामी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। कहा जा रहा है कि वह प्रयागराज में छुपी हुई है और उसके साथ कई शूटर भी हैं। वहीं, अतीक के गैंग के एक प्रमुख शूटर असद कालिया को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार (19 अप्रैल 2023) को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। 

दरअसल, काल‍िया गैंगस्टर अतीक अहमद का बेहद करीबी सदस्य बताया जाता है। असद कालिया कई मामलों में वांछित चल रहा था। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उस पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। प्रयागराज के धूमनगंज से कालिया के साथ-साथ उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है।

उधर, अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस को चकमा दे रही है। उसके बेटे असद के एनकाउंटर और फिर अतीक एवं अशरफ की हत्या के बावजूद वह पुलिस के सामने नहीं आई। पुलिस का मानना है कि शाइस्ता के साथ-साथ अतीक की बहन आयशा नूरी प्रयागराज में छिपी हुई है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, शाइस्ता और आयशा के साथ आधा दर्जन से अधिक महिलाएँ उसके साथ चल रही हैं। ये सभी महिलाएँ बुर्के में हैं। इतना ही नहीं, शाइस्ता और आयशा के साथ शूटर साबिर भी साए की तरह चल रहा है।

आजतक ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि शाइस्ता और आयशा प्रयागराज-कौशांबी के कछार इलाके में छिपी हुई है। दोनों लोकेशन के साथ-साथ अपने फोन और सिम कार्ड को भी लगातार बदल रही है। पुलिस लगातार उसका लोकेशन ट्रैस करने की कोशिश कर रही है।

यूपी एसटीएफ के डीआईजी आनंद देव तिवारी ने कहा था कि बुर्के की वजह से शाइस्ता को खोजने में मुश्किल पैदा हो रही है। वहीं, बम बनाने में माहिर गुड्डू मुस्लिम को लेकर तिवारी ने कहा कि वह छिपने में माहिर है, लेकिन पुलिस उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लेगी।

असद कालिया की गिरफ्तारी के बाद शाइस्ता के अन्य सहयोगियों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। असद कालिया पर दिसंबर 2021 से अब तक धमकाने और रंगदारी माँगने के चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ने उस पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

उत्तर प्रदेश : न्यूज एंकर ने मँगाया पनीर तो ‘नजीर फूड्स’ ने भेजा चिकन

'सुदर्शन न्यूज़' की एंकर कनिका अरोड़ा ने 'नज़ीर फूड्स' और Zomato के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत 
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुदर्शन न्यूज़ चैनल की एक एंकर ने जोमैटो और ‘नजीर फूड्स’ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में कनिका अरोड़ा नाम की एंकर ने इन दोनों पर को धोखे से खुद को मांसाहार खिलाने आरोप लगाया है। खुद को शाकाहारी बताते हुए पीड़िता का आरोप है कि उन्हें पनीर रोल के ऑर्डर के बाद भी चिकन रोल भेज दिया गया। एंकर ने इन दोनों कंपनियों को अपना धर्म भृष्ट होने का जिम्मेदार बताया है। घटना सोमवार (17 अप्रैल, 2023) की है।

मामला नोएडा के थाना क्षेत्र सेक्टर 49 का है। ‘सुदर्शन न्यूज़’ के सेक्टर 57 स्थित मुख्यालय में कनिका बतौर न्यूज़ एंकर काम करती हैं। पुलिस में मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार की रात लगभग 10:40 पर उन्होंने Zomato के माध्यम से ‘नजीर फूड्स’ को पनीर रोल का ऑर्डर दिया था। नजीर फूड्स द्वारा कनिका को पनीर रोल के बदले चिकन रोल भेज दिया। कनिका ने खुद को शुद्ध शाकाहारी बताते हुए ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर अपने धर्म को भ्रष्ट करने का आरोप लगाया है।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि पीड़िता द्वारा सवाल जवाब करने पर नजीर फूड्स ने उन्हें अपना किचन दिखाने से भी मना कर दिया। शिकायत के अंत में पीड़िता ने ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सुदर्शन न्यूज़ ने अपने एक शो में नजीर फूड्स और जोमैटो पर पहले भी अन्य ग्राहकों के साथ ऐसी हरकतें करने का आरोप लगाया है। सुदर्शन न्यूज़ द्वारा ‘नजीर फूड्स’ का लाईसेंस रद्द करने की भी माँग की जा रही है।

‘सुदर्शन न्यूज़’ ने अपने एक शो में कनिका द्वारा ऑर्डर की गई रसीद और भेजे गए खाने को भी दिखाया है। इस मामले में ऑपइंडिया ने जब ‘नजीर फूड्स’ का पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर सम्पर्क किया तो किसी ने कॉल नहीं उठाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए थाना सेक्टर 49 के प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि फ़िलहाल अभी तक उनके पास कोई भी पक्ष नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वो बाद में इस मामले पर कुछ बता पाएँगे।


अतीक अहमद के बेटे असद को UP एसटीएफ ने मार गिराया, झाँसी में हुआ एनकाउंटर


उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का आज (13 अप्रैल 2023) यूपी की एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया। ये एनकाउंटर झाँसी में हुआ। इस दौरान शूटर मोहम्मद गुलाम को भी ढेर किया गया।

उमेश पाल मर्डर केस में ये दोनों आरोपित थे। इनके ऊपर प्रयागराज में 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार जिस टीम ने इनका एनकाउंटर किया उसे DySP नवेंदु और DySP विमल झाँसी में लीड कर रहे थे। छानबीन में पुलिस को दोनों आरोपितों के पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।


इस एनकाउंटर की जानकारी होने पर अतीक अहमद के फूट-फूटकर पर रोने और चक्कर खाकर गिरने व बेहोश होने की भी खबर सोशल मीडिया में दी जा रही है। बताया जा रहा है कि असद के मारे जाने की सूचना पाकर अतीक खुद को संभाल नहीं पा रहा। वहीं कोर्ट में इस घटना के बाद ‘योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए हैं। उमेश पाल की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। जिस पर अतीक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “सरकार ने कहा है कि मिट्टी में मिला देंगे। मिट्टी में तो मिल चुके है। अब सरकार से से अपील है कि घर की औरतों-बच्चों को ना परेशान करे।” हालाँकि, असद के बारे में सवाल करने पर अतीक ने कहा, “मैं क्या जानूँ। मैं तो जेल में हूँ।”

उमेश पाल की माँ ने इस एनकाउंटर के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया और कहा कि आगे भी उनके साथ ऐसा ही न्याय किया जाए।

एनकाउंटर की खबर ऐसे वक्त में आई है जब अतीक अहमद और उसके भाई को आज कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले अतीक ने गिड़गिड़ाते हुए कहा था, “मेरा परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। मैं जेल में था। मैंने वहाँ से कोई साजिश नहीं रची है। मैंने वहाँ से कोई फोन नहीं किया। वहाँ जैमर लगे हुए हैं। प्रदेश से माफियागीरी पहले ही खत्म हो चुकी है। अब तो सिर्फ रगड़ा जा रहा है।”

उमेश पाल की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। जिस पर अतीक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “सरकार ने कहा है कि मिट्टी में मिला देंगे। मिट्टी में तो मिल चुके है। अब सरकार से से अपील है कि घर की औरतों-बच्चों को ना परेशान करे।” हालाँकि, असद के बारे में सवाल करने पर अतीक ने कहा, “मैं क्या जानूँ। मैं तो जेल में हूँ।”

अतीक अहमद की वैन पलटते-पलटते बची, टक्कर से गाय की मौत

उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन अतीक अहमद गुजरात की साबरमती जेल से यूपी के प्रयागराज लाने के दौरान बाल-बाल बचा। खबर है कि उसकी गाड़ी मध्यप्रदेश के शिवपुरी के रामनगर टोल प्लाजा से निकलने के बाद खराई चेकपोस्ट पहुँची थी जहाँ एक गाय पुलिस वैन के सामने आ गई। गाय के टकराते ही वैन पलटने वाली थी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं जबकि उस गाय की वहीं मौत हो गई। घटना की पूरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

उत्तर प्रदेश के नामी गुंडों को मीडिया ऐसे कवर कर रही, मानो प्रदेश के बहुत बड़े सुरमा भोपाली हों। सोशल मीडिया पर मीडिया के इस रयैवे की आलोचना भी खूब हो रही है। 

ये घटना उस समय घटी जब मीडिया पहले से ही ‘कार पलटने’ और एनकाउंटर की बातें हेडलाइन में लिख रहा है। ऐसे में अतीक अहमद के परिजन इस तरह उसकी जेल शिफ्ट किए जाने पर डरे हुए हैं। उन्होंने अतीक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है और काफिले के पीछे-पीछे अपनी गाड़ी लेकर आ रहे हैं। इसमें अतीक की बहन आयशा नूरी भी हैं। नूरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोर्ट का अतीक को लेकर जो भी निर्णय आएगा वो उसे मानने को तैयार हैं लेकिन फिलहाल उन्हें उसकी सुरक्षा की चिंता है।

अतीक अहमद को भारी सुरक्षा के बीच 1300 किलोमीटर का सफर तय करके साबरमती से प्रयागराज लाया जा रहा है। पुलिस वैन कहाँ पहुँची- इस बारे में मीडिया पल पल खबरें दे रहा है। कुछ लोग अतीक की वापसी के बाद गाड़ी पलटने की बात कह रहे थे और पुराने एनकाउंटर याद कर रहे थे। हालाँकि जब अतीक से इन विषयों पर पूछा गया तो उसने कहा कि उसे किसी चीज का डर नहीं है। इतना ही नहीं बीच रास्ते में पेशाब करने के लिए गाड़ी से उतरते टाइम भी उसे मूँछ पर ताव देते देखा गया।

‘जो बम 2014 से पहले फटा करते थे, वो कहाँ चले गए…’ – UP पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा पर दर्ज की FIR

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात मौलाना तौकीर रज़ा पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में FIR दर्ज कर ली गई है। यह केस तौकीर के मुस्लिम राष्ट्र वाले बयान पर दर्ज हुआ है। मामले में शिकायतकर्ता खुद पुलिस है। शिकायत में तौकीर रज़ा पर लोगों की भावनाएँ भड़काने और आम लोगों में डर फैलाने का आरोप है। रविवार (12 मार्च 2023) को यह केस दर्ज करते हुए पुलिस ने तौकीर द्वारा एक दिन पहले 11 मार्च को यह विवादित बयान देना बताया है।

यह FIR मुरादाबाद जिले के नागफनी थाने में दर्ज हुई है। मामले में शिकायत सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह द्वारा दी गई है। पुलिस ने दर्ज FIR का आधार तौकीर के विवादित बयान का वायरल वीडियो बताया है। पुलिस के मुताबिक 11 मार्च को तौकीर रज़ा खान तिरंगा यात्रा लेकर बरेली से निकलकर रामपुर होते हुए मुरादाबाद पहुँचे थे। यहाँ तौकीर ने मदरसा जामिया अशरफिया तहजीबुल इस्लाम कोहना के पास मौजूद एक मजार पर चादर चढ़ाई थी। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में हिस्सा लिया था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि मौलाना तौकीर ने अपनी इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में समुदाय विशेष में नफरत फैलाने वाले शब्दों का प्रयोग किया। मौलाना तौकीर के शब्दों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की बात लिखी गई है। साथ ही मौलाना के उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्र वाले वाले इतनी नफ़रतें बढ़ा दें कि अफरातफरी का माहौल बना दें। इसी शिकायत में तौकीर के मुस्लिम राष्ट्र वाले बयान का भी जिक्र है। शिकायत में कहा गया कि मौलाना ने कहा कि उनके नौजवान खड़े हो जाएँ और ऐलान करें कि मुसलमान देश चाहिए।

पुलिस की इस शिकायत में नवभारत चैनल पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज़ का हवाला दिया गया है। इसी हवाले से बताया गया कि तौकीर रज़ा कह रहा, “जो बम 2014 से पहले फटा करते थे, वह बम आज कहाँ चले गए। वह बम अब क्यों नहीं फट रहा है, अगर मुसलमान उस समय फोड़ रहा था? आज मुसलमान ज्यादा परेशान है। आज मुसलमान को आतंकवादी बनना चाहिए और बम फोड़ना चाहिए। मुसलमान न उस समय बम मार रहे थे, न आज बम मार रहा है। जो बम मार रहे थे, वो हिन्दू समाज को बहकाने का काम कर रहे थे।”

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस FIR में अकेले मौलाना तौकीर रज़ा को नामजद किया है। उनके खिलाफ IPC की धारा 153- A, 295- A और 505 (2) के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

तौकीर रज़ा ने उस दिन यह भी कहा था कि अगर हिन्दू राष्ट्र की माँग जायज है तो खालिस्तान की भी माँग सही है। उन्होंने आगे कहा था कि अगर मुस्लिम नौजवान भी इस्लामी मुल्क की माँग करने लगें तो क्या होगा।


एक केस में ‘अहंकार की बू’, दूसरे में निष्पक्ष जाँच की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ऑल्ट न्यूज (AltNews) के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जुबैर पर दर्ज सभी मामलों को क्लब करने का आदेश दिया है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने जुबैर के खिलाफ उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी 6 मामलों में अंतरिम जमानत दी है। साथ ही उस पर दर्ज सभी मामलों को क्लब कर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुबैर पर जमानत के लिए शर्तों करने की माँग को भी खारिज कर दिया।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “हम एक पत्रकार को कैसे बता सकते हैं कि वे क्या लिखे?” उधर कोर्ट में UP पुलिस ने कहा कि जुबैर कोई पत्रकार नहीं है, वो एक फैक्ट चेकर है। जुबैर ऐसा ट्वीट पोस्ट करता जो, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो। जो ट्वीट सबसे ज्यादा वायरल होता है, उसका पैसा अधिक मिलता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस तमाम दलीलों को इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने अपने शो में रखा। शिव अरूर ने बताया कि जब नूपुर शर्मा का मामला कोर्ट पहुँचा तो कोर्ट ने क्या और जब जुबैर के मामले में कोर्ट ने क्या कहा। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि उसे जस का तस लोगों तक पहुँचाना है।

शिव अरूर ने अपने शो में बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा में मामले कहा था कि शर्मा को टिप्पणी करने की जरूरत क्या थी। वहीं, जुबैर के मामले में उसी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जुबैर को ट्वीट करने से रोका नहीं जा सकता। यहाँ जानना जरूरी है कि नूपुर शर्मा ने जो हदीस में बातें लिखी गई हैं, उसे टीवी में बहस के दौरान बताया था, जिसे ईशनिंदा करार दिया गया था। वहीं, जुबैर पर हिंदू धर्म के लोगों की भावनाएँ आहत करने का आरोप है।

नूपुर शर्मा के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था उनका बयान लोगों (मुस्लिमों) को भड़काने के लिए दिया गया था। नूपुर की कोर्ट में सुनवाई के दौरान उस इस्लामिक किताब या किताबों को मंगवाकर मौलवियों को बुलवाकर उन पृष्ठों एवं आयतों की व्याख्या करने को कहना चाहिए। और नूपुर वाली बात सत्य होने पर उन मौलवियों को फटकार लगानी चाहिए कि जब तुम्हारी ही किताबों में यह लिखा है, फिर नबी का अपमान कैसे? क्यों नहीं 'सर तन से अलग' की आवाज़ लगाने वालों के विरुद्ध आवाज़ बुलंद की? देश का माहौल ख़राब करने में जेहादी ही नहीं, मौलवी जिम्मेदार हैं। वहीं, जुबैर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अप्रत्याशित रूप से रोक नहीं लगाई जा सकती।

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‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’; कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं : इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो ट

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‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’; कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं : इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो ट
इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान ने कहा है कि नूपुर 

उसी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नूपुर शर्मा की याचिका में अहंकार की बू आ रही है, जबकि जुबैर मामले में यह पुलिस द्वारा उचित एवं निष्पक्ष जाँच का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने यहाँ तक कह दिया था कि देश में जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ नूपुर शर्मा जिम्मेदार हैं। वहीं, जुबैर मामले में उसी कोर्ट ने कहा कि उसे लगातार हिरासत में रखना उचित नहीं है।

शिव अरूर ने अपने शो में आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या के लिए नूपुर शर्मा को जिम्मेदार बताया था, जबकि जुबैर के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे स्वतंत्रता से वंचित रहने का कोई कारण नहीं है।

वहीं, नूपुर शर्मा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उनकी टिप्पणी उनके अहंकार को दिखाता है, जबकि जुबैर के मामले में कोर्ट ने कहा कि जुबैर कानून के तहत जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के मामले में कहा था कि उन्हें टीवी पर आकर पूरे देश से माफी माँगनी चाहिए। जुबैर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह यह नहीं कह सकता कि वह आगे ट्वीट नहीं करेगा।

एक ही तरह के दो मामलों ने सुप्रीम कोर्ट ने किस तरह की टिप्पणी ये ऊपर दिए गए बातों से स्पष्ट है।

‘500 रूपए देकर हमें वोट देने से रोका गया’: पुराना वीडियो शेयर कर ‘जनसत्ता’ के पूर्व संपादक ने फैलाया झूठ

                                         जनसत्ता के पूर्व संपादक ओम थानवी ने फैलाई फेक न्यूज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बीच योगी सरकार की छवि धूमिल करने के लिए रोज सोशल मीडिया पर अलग-अलग हथकंडे आजमाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनसत्ता के पूर्व संपादक व लेखक ओम थानवी ने भी ट्विटर पर वीडियो डालकर भारतीय लोकतंत्र पर तंज कसा है, जिसकी पोल चंदौली पुलिस ने खोली।

वीडियो में दिखता है कि एक शख्स कुछ लोगों के साथ इकट्ठा होकर आरोप लगा रहा है कि भाजपा के कुछ लोग उन्हें जबरन स्याही लगाकर, पैसे देकर वोट देने से मना कर रहे हैं। वीडियो में युवक को स्पष्ट तौर पर भारतीय जनता पार्टी का नाम लेते भी सुना जा सकता है। इसके बाद इसी वीडियो में एक अन्य शख्स बताता है कि बीजेपी प्रत्याशी महेंद्र द्वारा लोगों को पैसे बाँटे जा रहे हैं, उन लोगों की उंगलियों पर निशान लगाया जा रहा है और वोट देने से उन्हें रोका जा रहा है। ऐसी घटना कई जगहों से सामने आई है। इसलिए वो ऐसे लोगों के साथ धरने पर बैठे हैं जिनकी उंगलियों पर जबरन इंक लगाया गया और वोट देने से रोका गया। वीडियो में एक महिला ने भी आरोप लगाया कि उनके हाथ में भी जबरन स्याही लगाई गई और 500 रुपए देकर कहा गया कि वो वोट देने न जाएँ।

इसी वीडियो को ओम थानवी ने अपने ट्वीट पर 4 मार्च को 8:30 बजे शेयर किया और इस पर लिखा- ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र।’ इसके बाद इसी वीडियो के मद्देनजर यूपी पुलिस फैक्ट चेक टीम का ट्वीट आया। इस ट्वीट में उन्होंने बताया प्रकरण लोकसभा चुनाव 2019 से संबंधित है जिसमें तत्समय आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा चुकी है। चंदौली पुलिस  द्वारा इस भ्रामक पोस्ट का खंडन किया गया है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएँ। पुलिस ने इकोनॉमिक टाइम्स की खबर का लिंक भी शेयर किया। देख सकते हैं कि ये खबर 19 मई 2019 को पब्लिश हुई थी।

ओम थानवी द्वारा शेयर वीडियो के पुरानी होने की पुष्टि के बाद लोग अब बेवजह अफवाह उड़ाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। यूजर्स की माँग है कि इस मामले में कार्रवाई हो क्योंकि हजारों की संख्या के बीच भ्रामकता फैलाई गई है। दिलचस्प बात ये है कि यूपी पुलिस द्वारा फैक्ट चेक किए जाने के बाद और सैंकड़ों लोगों की आलोचना के बाद भी ये वीडियो ओम थानवी द्वारा डिलीट नहीं किया गया है।

अय्याश है तबरेज, उसे महँगी गाड़ियों और पैसे उड़ाने का शौक

                                                           मुनव्वर राणा-तबरेज राणा
मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज पर फायरिंग की घटना नया मोड़ ले चुकी है। यूपी पुलिस बता चुकी है कि तबरेज ने खुद अपने उपर हमले की प्लानिंग की थी। इसके बाद से वह फरार है। वहीं मुनव्वर राणा के छोटे भाई शकील ने तबरेज को अय्याश बताया है। उन्होंने कहा है कि वह गलत संगत में पड़ कर बिगड़ा चुका है।

शकील ने इस मामले में मुनव्वर राणा को निर्दोष बताया है। कहा है कि उनका दोष नहीं है क्योंकि उनका दिमाग थोड़ा कम काम करता है। शकील के अनुसार जमीन और पैसे को लेकर किसी ने तबरेज को बहकाया होगा। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया, “तबरेज अय्याश टाइप का है। महँगी गाड़ियाँ और पैसे उड़ाना उसका शौक है। कुल मिलाकर पूरा मामला जमीन और पैसे का था।” उन्होंने यह भी बतया कि तबरेज राजनीति में कदम रखने की सोच रहा था।

वहीं मुनव्वर के भाई इस्माइल राणा ने कहा कि बेटे और बेटियों ने एक तरह से उनके भाई को कांशीराम बना दिया है। तबरेज गलत संगत में बिगड़ गया है। शहर के कुछ आवारा लोगों और प्रॉपर्टी डीलरों ने उसे बरगला दिया है। इधर एबीपी न्यूज पर भाई इस्माइल राणा को मुनव्वर राणा ने ड्राइवर का बेटा बताते हुए कहा कि वे उनके नाम का फायदा उठा रहे हैं। उनके भाई कितने बड़े गुंडे रहे हैं, यह बात सबको पता है। कोलकाता की पुलिस आज भी खोज रही है। उनके खिलाफ कई जगहों पर केस दर्ज हैं।

उल्लेखनीय है कि मुनव्वर और उनके भाइयों के बीच 8 करोड़ की कीमत वाली पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 28 जून को तबरेज पर रायबरेली के त्रिपुला चौराहे के पास हमने की घटना से हल्ला मच गया था। बाद में 29 जून को इस संबंध में शिकायत हुई जिसमें दावा किया गया कि हमलावरों ने तबरेज की सफेद गाड़ी पर कई राउंड फायरिंग की। हमले में वे बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तबरेज राणा ने इस मामले में अपने ही परिवार के पाँच लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। देर रात पुलिस ने उसके चाचा समेत पाँचों आरोपितों इस्माइल राणा, राफे राणा, जमील राणा, शकील राणा (सभी चाचा) और यासर राणा (चचेरे भाई) के खिलाफ केस दर्ज किया था।

लेकिन पुलिस की छानबीन में पता चला कि तबरेज ने अपने चाचा और उनके बेटों को फँसाने के लिए खुद के ऊपर अपने दोस्तों से हमला करवाया और बाद में झूठा आरोप लगाते हुए एफआईआर करवा दी। तबरेज की तलाश में गुरुवार (जुलाई 1, 2021) देर रात लखनऊ और रायबरेली पुलिस ने मुनव्वर के घर छापेमारी की। इस मामले में अब तक 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इनमें तबरेज़ की दोनों शूटर दोस्त भी हैं।

इस खुलासे के बाद भी मुनव्वर राणा पुलिस को ही दोषी दिखाने की कोशिश में हैं। उनके कहना है कि इस केस को बिकरु कांड बनाने की कोशिश चल रही है। पुलिस की छापेमारी के बाद एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा, “एक दिन हमारी जंगल में लाश पड़ी मिलेगी, बिकरु कांड की तरह। इसमें इतना हंगामा करने की क्या जरूरत है? अब ये मुनव्वर राना बिकरु कांड हो गया है। पुलिस ने कहा कि हम इनको जेल ले जाएँगे… उनको जेल ले जाएँगे। मैंने वारंट के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे हटने के लिए बोल दिया।”

राणा अयूब का झूठ बेनकाब : मुस्लिमों को घर में घुस कर मार रहे हैं RSS कार्यकर्ता और UP पुलिस

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प्रोपेगेंडा पत्रकार राणा अयूब ने उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रोटेस्ट की आड़ में झूठ फैलाया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में लेख लिख भारत की नकारात्मक छवि बनाने का प्रयास करने वाली राणा अयूब वेस्टर्न मीडिया के लिए नई अरुंधति राय बन बनती जा रही हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से वो झूठ और अफवाहों का ऐसा जाल बिछाती हैं कि लोगों को उनकी बातें सच लगने लगती हैं। अबकी उन्होंने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा अयूब ने लिखा कि मुज़फ्फरनगर और कानपुर से कुछ हृदय विदारक ख़बरें आ रही हैं।
बकौल राणा अयूब, इन दोनों जिलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और और पुलिस साथ मिल कर मुस्लिम बहुल इलाक़ों में हमला कर रही है। घरों में घुस कर मुसलमानों को मारा जा रहा है। राणा अयूब ने दावा किया कि ऐसा ख़ुद स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुस्लिमों के घर और गाड़ियों को आग के हवाले किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व संघ कार्यकर्ताओं की क्रूरता के कारण मुस्लिम पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। राणा अयूब ने इस घटना की तुलना 2002 के गुजरात दंगों से की।
राणा अयूब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रामलीला मैदान में हुई विशाल रैली पर भी तंज कसा। उन्होंने पूछा कि क्या धारा-144 सिर्फ़ प्रदर्शनकारियों के लिए है? बाद में लोगो ने उन्हें याद दिलाया कि न तो दिल्ली के सभी क्षेत्रों में धारा-144 लागू है और न ही रामलीला मैदान या उसके आसपास वाले इलाक़ों में।

इसके बाद राणा अयूब को यूपी पुलिस ने फटकार लगाई। उत्तर प्रदेश पुलिस ने साफ़ कहा कि वो ऐसे किसी को आरोप का खंडन करती है। साथ ही पुलिस ने अयूब को एक ‘जिम्मेदार रिपोर्टर’ की परिभाषा भी समझाई और कहा कि वो अपने बयान की पुष्टि के लिए सबूत पेश करें। इसके बाद राणा अयूब ने दावा किया कि खंडन करने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने पुलिस को कोई सबूत नहीं दिया और कहा कि उनकी टाइमलाइन पर सबूत पड़े हुए हैं। अयूब ने कहा कि और नए एविडेंस भी आएँगे।
हालाँकि, यूपी पुलिस ने जब राणा अयूब की टाइमलाइन को खँगाला तो उसमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे पता चल सके कि उन्होंने पुलिस व आरएसएस पर जो आरोप लगाए हैं, वो सही हैं। यूपी पुलिस ने कहा कि राणा अयूब की टाइमलाइन पर जो भी है, वो दिखाता है कि पुलिस क़ानून-व्यवस्था कायम करने के लिए कार्रवाई कर रही है और इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है। यूपी पुलिस ने कहा:
“आपकी टाइमलाइन को देख कर ये पता चलता है कि उपद्रवियों की भीड़ ने एक पुलिस चौकी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। अगर आप कोई स्पष्ट सबूत दे पाती हैं तो आपका स्वागत है।”

जैसा कि अपेक्षित था, राणा अयूब के पास अपने झूठे बयान की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं था। फिर भी, हारून रियाज सहित कई बुद्धिजीवियों ने उनकी बातों का समर्थन किया और इस अफवाह को आगे बढ़ाया। हारून ने तो यहाँ तक दावा किया कि यूपी में भाजपा सांसद संजीव बालियान ने ही मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा की शुरुआत की है।

अयोध्या पर फैसले से पहले राणा अयूब ने उगला जहर

राणा अयूबवाशिंगटन पोस्ट की ग्लोबल ओपिनियंस राइटर राणा अयूब ने अयोध्या मामले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद यूपी पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी। हिन्दुओं व भारत के ख़िलाफ़ अक्सर बयान देने वाली राणा अयूब जम्मू-कश्मीर को लेकर भी ज़हर उगलती रहती हैं। अयोध्या विवाद पर फैसला आने से पहले उन्होंने ट्वीट किया:

“शनिवार (नवंबर 9, 2019) का दिन भारत के लिए बहुत बड़ा दिन होगा। बाबरी मस्जिद भारतीय मुस्लिमों की आस्था का स्मारक था। इसे दिसंबर 6, 1992 को उन्हीं लोगों ने ध्वस्त कर दिया, जो आज सत्ता में हैं। इसने मेरी ज़िंदगी बदल दी। इस घटना ने मेरे जैसी करोड़ों मुस्लिमों की ज़िंदगी बदल दी, जिन्हें रातोंरात बेदखल कर दिया गया। मुझे उम्मीद है कि मेरा देश फ़ैसले के दिन मुझे निराश नहीं करेगा।”
राणा अयूब ने इस ट्वीट में सीधा-सीधा आरोप लगाया कि आज जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने ही मस्जिद को ध्वस्त किया था। इसके बाद अमेठी पुलिस ने उन्हें तुरंत अपना ट्वीट डिलीट करने को कहा। अमेठी पुलिस ने राणा अयूब से कहा कि उन्होंने एक राजनीतिक टिप्पणी की है। साथ ही पुलिस ने कहा कि अगर अयूब ने तुरंत अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया तो उनके ख़िलाफ़ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राणा अयूब अक्सर अपने भारत-विरोधी रुख का प्रदर्शन करते रहती हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों बच्चों को गिरफ़्तार कर रखा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि सुरक्षा बलों ने एक 92 वर्षीय वृद्ध महिला पर हमला किया। राणा अयूब गैंग के अन्य पत्रकारों ने आरोप लगाया कि अयूब के उपर्युक्त ट्वीट के कारण अमेठी पुलिस एक पत्रकार को धमकाने का कार्य कर रही है। जॉय अयूब ने लिखा कि राणा अयूब के इस ट्वीट के जवाब में नरसंहारक प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।

वहीं, फ़ाय डिसूजा ने पुलिस से पूछा कि उक्त ट्वीट के माध्यम से राणा अयूब ने आईपीसी की कौन सी धारा का उल्लंघन किया है? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अयोध्या पर फ़ैसले के दिन डिबेट करने वाले सभी पत्रकारों को सावधान रहना चाहिए। ‘फॉरेन पॉलिसी’ के मैनेजिंग एडिटर रवि अग्रवाल ने लिखा कि पुलिस राणा अयूब को चुप कराने की कोशिश कर रही है। रेबेका विन्सेंट ने तो ट्विटर के सीईओ जैक को टैग कर के उन्हें यूपी पुलिस को रोकने को कहा।अयोध्या विवाद में आज (9 नवंबर 2019) सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। पाँच सदस्यीय पीठ ने छह अगस्त से लगातार 40 दिन इस मामले की सुनवाई की थी। पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नजीर शामिल हैं।

BSP नेता मुख्तार अंसारी के बेटे के घर में छापेमारी, 6 विदेशी बंदूकों सहित 4431 कारतूस बरामद

अब्बास अंसारी
अब्बास अंसारी के घर से मिले कई अवैध हथियार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अभी दो ही दिन पूर्व लेख शीर्षक "जनसेवा के नाम लूट मचाते नेता" लिखा था, लेकिन अभी प्राप्त समाचार के अनुसार नेता गुण्डागर्दी भी करते हैं, क्या ऐसे नेताओं से देश अथवा जनसेवा की कामना की जा सकती है? वैसे अक्सर जमीन से जुड़े मुद्दों पर लिखता ही रहता हूँ, उसमें से कुछ का लिंक नीचे दे रहा हूँ।  
लगभग तीन दशक निस्स्वार्थ भाव से जनसेवा एवं राजनीति में आते थे, परन्तु आज स्थिति एकदम विपरीत है। इसमें दोषी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ चुनाव आयोग भी बराबर के दोषी हैं। 
चुनाव आयोग आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के नामांकन रद्द क्यों नहीं करता?
अगर किसी पार्टी ने सत्ता के लालच में किसी आपराधिक छवि वाले को टिकट दिया है, चुनाव ऐसे अपराधियों के नामांकन रद्द क्यों नहीं करता? क्या चुनाव आयोग जनता की बजाए राजनीतिक दलों के हित में काम करता है? चुनाव में ऐसे ही लोग बूथ कैप्चर कर भरी मतों से जीत कर जनता और सरकार पर अपना राज चलाते हैं। ऐसे में एक और ज्वलंत प्रश्न होता है जब आपराधिक छवि वाले सरकारी सदन पहुँच सकते हैं, फिर आपराधिक छवि वाले सरकारी नौकरी में क्यों नहीं नियुक्त हो सकते? फिर किस कारण आपराधिक छवि वालों को सरकारी नौकरी क्यों नहीं मिलती? यह बात इस बात को भी प्रमाणित करती है कि देश में दो कानून चलते हैं, एक जनमानस के लिए और दूसरा राजनीतिक पार्टियों के लिए। 
उत्तर प्रदेश के बहुजन समाजवादी पार्टी के नेता मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित घर पर लखनऊ पुलिस ने गुरुवार (अक्टूबर 17, 2019) को छापेमारी करके 6 बंदूक और 4,431 कारतूस बरामद किए।
बरामद हथियारों की कीमत लाखों में बताई जा रही है। इनमें इटली, ऑस्ट्रिया और स्लोवेनिया मेड रिवॉल्वर, बंदूक और कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा अब्बास के पास से मैंग्नम की रायफल, अमेरिका मेड रिवॉल्वर, ऑस्ट्रिया की स्लाइड और ऑटो बोर पिस्टल भी इस छापेमारी में जब्त हुई है।
जानकारी के मुताबिक अभी हाल ही अब्बास पर एक लाइसेंस पर एक से ज्यादा हथियार खरीदने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे यूपी पुलिस ने महानगर कोतवाली में दर्ज किया था। इसके अलावा उस पर फर्जी तरीके से आर्म्स लाइसेंस को दिल्ली ट्रांसफर कराने का भी मुकदमा दर्ज था।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट
इन शिकायतों के आधार पर ही लखनऊ पुलिस ने अब्बास के दिल्ली में वसंत कुंज स्थित घर पर छापेमारी की और विदेशी हथियारों के साथ 4,431 के करीब कारतूसें बरामद कीं। इसके अलावा कई अन्य प्रकार के संदिग्ध उपकरण भी अब्बास के घर से बरामद हुए हैं।
मामले से संबंधित जारी प्रेस नोट के अनुसार पुलिस ने मुख्तार अंसारी के बेटे पर धारा 420, 467, 468, 471, और 30 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इन नोट में हथियार बरामदगी के संबंधित सभी जानकारी दी गई हैं।
इसके अनुसार पुलिस ने इस छापेमारी में इटली से लाई गई एक 12 बोर की डबल बैरल, स्लोवेनिया से लाई गई 12 बोर सिंगल बैरल गन, इंडियन आर्म्स कॉर्प लखनऊ से खरीदी हुई 300 बोर रायफल, दिल्ली से खरीदी हुई 12 बोर डबल बैरल गन, शस्त्रागार मेरठ से खरीदी गई 357 बोर रिवॉल्वर Ruger, GP100 भी शामिल है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार अब्बास अंसारी ने साल 2012 में लखनऊ से ही डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस प्राप्त किया था। इसके बाद उसने इसी के आधार पर अन्य हथियारों का भी सौदा किया और पुलिस को सूचित किए बिना दिल्ली पहुँच गया।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आज हर कांग्रेस विरोधी कांग्रेस का विरोध करता नज़र आता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि कांग्रेस...



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मतदान वाले दिन सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा इतनी अधिक भीड़ होती है कि जनता को इधर से उधर जाने में बड़ी कठिनाई होती है। ....

लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद अब्बास के ख़िलाफ कार्रवाई करने के लिए विभिन्न टीमें गठित की गई और जानकारी के आधार पर अब्बास के निवास स्थान पर छापेमारी हुई। जिसमें अब्बास पर लगाए आरोप सही मिले।