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राहुल गाँधी के हाथ स्टेयरिंग देकर तेजस्वी यादव ने मार ली पैर पर कुल्हाड़ी, CM Face के लिए कांग्रेस ने दिखाई आंखें, जनता तय करेगी मुख्यमंत्री

पिता लालू यादव के रहते तेजस्वी ने राहुल के हाथ स्टेयरिंग क्यों थमा दिया? जमीन तुम्हारी, कार्यकर्ता तुम्हारे और मेहनत तुम्हारी होने पर भी हालाँकि राहुल ने अपने यानि कांग्रेस की जड़ें मजबूत करने की कोशिश जरूर की, लेकिन नरेंद्र मोदी की माँ को मंच से गाली दिलवाकर कांग्रेस अपनी ही नहीं राष्ट्रीय जनता दल को भी इतना नुकसान पहुंचाने से तेजस्वी के हाथ से सत्ता भी चली गयी। अगर तेजस्वी बिना राहुल के प्रचार करते सत्ता नहीं तो सत्ता के पास पहुँच सकते थे। अभी भी समय है कांग्रेस से पलड़ा झाड़ खुद प्रचार करें। INDI गठबंधन के टूटने की परवाह नहीं करनी चाहिए। 
 
  
बिहार में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर चलते राजद तेजस्वी यादव आधी बाजी तो हार गए हैं। दरअसल, यात्रा के बाद से कांग्रेस को लगता है कि बिहार की जनता उसके साथ है, इसलिए वह अब राजद से अपनी शर्तों पर ही गठबंधन करेगी। यानी कम से कम मनमाफिक 70 सीटें और NO सीएम फेस। बिहार के कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने सीएम फेस को लेकर पूछे गए सवाल पर दो टूक जवाब दे दिया कि चुनाव से पहले यह तय नहीं होगा और मुख्यमंत्री बिहार की जनता ही तय करेगी। इसके बाद कांग्रेस की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के पास अब कोई विकल्प नही रह गया है। कांग्रेस के तेजस्वी यादव को इस झटके के साथ ही बीजेपी ने भी तंज करते हुए कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की ड्राइविंग सीट अब तेजस्वी के हाथ से छूट गई है। चुनाव से पहले सीएम फेस बनने के तेजस्वी यादव के सपने हवा-हवाई हो गए हैं। उधर तेजस्वी पर लालू के दूसरे लाल ने भी हमले तेज कर दिए हैं।

कांग्रेस-राजद में मतभेद शुरू, दोनों दल अलग यात्रा निकालेंगे
कांग्रेस ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकालकर तेजस्वी को झटका दे दिया है। इसके चलते अब कांग्रेस और राजद के बीच मतभेदों की शुरुआत हो गई है। वोटर अधिकार यात्रा में जहां दोनों दलों के नेता एकसाथ दिखे, वहीं अब दोनों ही दलों ने अलग-अलग यात्रा निकालने का फैसला ले लिया है। बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर दिल्ली में हुए कांग्रेस के मंथन के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने कहा कि अब राज्य में हर घर अधिकार यात्रा निकाली जाएगी। हम फिर से जनता के बीच हर घर अधिकार यात्रा लेकर जाएंगे। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा निकालने का घोषणा की है। तेजस्वी की यात्रा 16 सितंबर से जहानाबाद से शुरू होगी और 20 सितंबर को वैशाली में खत्म होगी। यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव लोगों से संवाद करेंगे।

तेजस्वी यादव के सीएम फेस बनने के सपने को चकनाचूर किया
इधर दिल्ली में तेजस्वी यादव के सीएम फेस बनने के सपने को चकनाचूर करते हुए बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने साफ-साफ कहा कि जनता ही तय करेगी कि कौन बनेगा बिहार के मुख्यमंत्री। चुनाव से पहले किसी को सीएम फेस बनाने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। बता दें कि कुछ दिनों पहले राहुल गांधी भी महागठबंधन में सीएम फेस बनाने के सवाल को टाल गए थे। जबकि इससे पहले तेजस्वी यादव चापलूसी की सारी हदें पार करते हुए अभी से राहुल गांधी के अगले लोकसभा चुनाव का पीएम फेस बता रहे थे।

कम से कम मनमाफिक 70 सीटें और NO सीएम फेस- कांग्रेस
वहीं सीट शेयरिंग के सवाल पर अल्लावरू ने कहा कि, हम मानते हैं कि गठबंधन में नए साथी आएंगे तो सभी को कंप्रोमाइज करना होगा, तभी नए साथी को मौका मिलेगा। हर प्रदेश में अच्छी और खराब सीटें होती हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में बिहार के नेताओं के साथ 2 घंटे तक सीट शेयरिंग पर मंथन हुआ। जिसमें सूत्र के जरिए पता चला कि कांग्रेस बिहार में कम से कम 70 सीटों पर लड़ेगी। यह सीटें भी कांग्रेस की मनमाफिक होंगी। इसके साथ ही कांग्रेस ने अलग से कोई मेनिफेस्टो नहीं करने का निर्णय लिया है। भाजपा नेताओं ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस चूंकि जीतने के बाद भी मेनिफेस्टों में किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाती, इसलिए यहां घोषणा पत्र ही जारी नहीं करने जा रही है। कांग्रेस के कर्नाटक और हिमाचल के घोषणा पत्र इसके उदाहरण हैं।

तेजस्वी नहीं बनेंगे सीएम, कांग्रेस क्वालिटी सीटों पर ही लड़ेगी- पप्पू
बिहार के पूर्णिया सांसद और जन अधिकार पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला है। पप्पू यादव ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की सीटों और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी पर बड़ा बयान दे दिया है। पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के उम्मीदवार नहीं है। तेजस्वी यादव के सीएम फेस के दावे पर उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव सिर्फ महागठबंधन के संयोजक हैं। महागठबंधन का सीएम फेस जनता तय करेगी कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा। विधायक अपने-अपने दल का नेता चुनेंगे, और फिर गठबंधन मिलकर अपने दल के नेता को तय करेगा। पिछले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, “पिछली बार कांग्रेस को क्वालिटी वाली सीटें नहीं मिली थीं। इस बार कांग्रेस किसी भी सूरत में क्वालिटी सीटों पर समझौता नहीं करेगी।

तेजस्वी यादव के हाथ से बिहार चुनाव की स्टेयरिंग छिनी- गिरिराज
इस बीच बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव पर तगड़ा प्रहार किया है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि तेजस्वी यादव के हाथ से स्टेयरिंग छिन गई है। इतना ही नहीं अब तेजस्वी यादव को उसके बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी आंखें दिखाने लगे हैं। उन्होंन राजद-कांग्रेस के बारे में कहा कि महा-अंतर्कलह का शिकार महागठबंधन में अब सिर फुटौव्वल अपने चरम पर पहुंच गया है। तेजस्वी यादव मानें न मानें पर कांग्रेस ने इशारों में साफ कह दिया है कि उसकी नजर में तेजस्वी और राजद की क्या हैसियत है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार की राजनीति में एक बार फिर महागठबंधन की अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि वह कम से कम 70 सीटें अपने हिस्से में चाहती है।

महागठबंधन ऐसी ट्रेन है, जिसकी हर बोगी इंजन बनना चाहती है
कांग्रेस ने राजद के खिलाफ अपना दांव चल दिया है। कांग्रेस इन सीटों का चयन खुद करेगी और केवल “जिताऊ सीटें” ही लेगी। उधर, सहनी की VIP पार्टी 60, माले 40 और जेएमएम व रालोजपा (पारस गुट) जैसी पार्टियां भी कम से कम 10-15 सीटों की मांग कर रही हैं। ऐसे हालात में राजद के हिस्से मुश्किल से 50-55 सीटें ही बचेंगी। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि महागठबंधन दरअसल वह ट्रेन है जिसकी हर बोगी इंजन बनने की कोशिश में है। यही वजह है कि इस गठबंधन में एकजुटता कम और गड़बड़झाला ज्यादा है। सिंह ने कहा कि यह वही राजद है जो बाहर से खुद को विपक्ष का अगुआ दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन भीतर से उसके सहयोगी ही उसके पैरों तले ज़मीन खींच रहे हैं। इसलिए तेजस्वी का कद लगातार बौना होता जा रहा है।

केजरीवाल की याचिका तत्काल सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब CJI चंद्रचूड़ करेंगे फैसला: 2 जून को करना है सरेंडर

जैसी शंका की जा रही थी कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला अरविन्द केजरीवाल जून 2 को सरेंडर नहीं करना का कोई न कोई बहाना निकालेगा। वैसे भी अपनी चुनावी रैलियों में कह रहा है कि 'अगर झाड़ू और INDI गठबंधन को वोट दिया तो 5 जून को बाहर आ जाऊंगा'। दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में health check up क्यों करवाया? जबकि रैलियों में अपने मौहल्ला क्लिनिक और सरकारी हॉस्पिटलों को उच्च स्तरीय बताते हैं, यानि खुद ही साबित कर दिया कि  जनता को पागल बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने का ड्रामा। जब स्वास्थ्य ठीक नहीं, रोज प्रदर्शन क्यों किये जा रहे हैं? जब जेल से बाहर आकर शेरों की तरह दहाड़ने से नहीं लगता जेल में 7 किलो वजन कम हुआ हो। 

केजरीवाल को नहीं मालूम कि द्वापर युग में दुर्योधन का राज गया द्रौपदी चीरहरण के कारण, वही हाल पार्टी का स्वाति मालीवाल के कारण होने वाला है। दोनों महिलाएं माहवारी से थीं, दोनों के केशों को खिंचा गया था, और इस दौरान महिला के साथ की पर-पुरुष द्वारा उत्पीड़न उसके पतन का आधार बन जाता है। दोनों ने ही अपनी रजस्वला को बता दिया था। जब दिमाग छल-कपट में हो सनातन धर्म का ज्ञान कहाँ से होगा? अयोध्या राममन्दिर के विरुद्ध बहुत कहते फिरते थे कि 'मेरी नानी ऐसे कहती थी, वैसे कहती थी' लेकिन नानी ने संस्कारी बातें नहीं बताईं?     

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी को लेकर CJI डीवाई चंद्रचूड़ फैसला करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच ने इस मामले को तत्काल सुनने से मना कर दिया है। केजरीवाल ने 7 दिन की जमानत स्वास्थ्य आधार पर माँगी है।

28 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट की जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की अवकाश बेंच ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। बेंच के सामने अरविन्द केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर लगाई गई याचिका की तत्काल सुनवाई की माँग की। उन्होंने दावा किया कि यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं बल्कि केवल एक छोटी सी माँग है।

अवकाश बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले को CJI चंद्रचूड़ के सामने रखा जाए, वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे कि याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए या नहीं। CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था । अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।