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दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम : गोलीबारी के बाद 5 खालिस्तानी व कश्मीरी आतंकी गुरजीत, सुखदीप, अयूब, शब्बीर गिरफ्तार

किसान आंदोलन में उठ रहे खालिस्तानी, पाकिस्तान और जैसे इंदिरा को ठोका वैसे ही मोदी को भी ठोकेंगे आदि नारों पर इस आंदोलन को समर्थन दे रही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल को तुरंत अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए था, क्योकि किसानों की आड़ में उत्तेजक नारों के लगने पर भी अपनी आंखें नहीं खोलने का अर्थ है कि इन्हें देश की नहीं बल्कि लाशों पर अपनी तिजोरियों को भरने की चिंता है। यदि इन तीनों पार्टियों में से किसी एक को भी देश की चिंता होती, तुरंत अपना समर्थन वापस ले लेती, जो इस बात को प्रमाणित करती है कि इन्हें देश से अधिक अपनी तिजोरी और कुर्सी की फ़िक्र है। आने वाले चुनावों में इस तीनों पार्टियों से जनता को पूछना चाहिए, और इनका चुनावों में बहिष्कार करना चाहिए। 
दिल्ली में ‘किसान आंदोलन’ चल रहा है और इसकी आड़ में खालिस्तानी ताकतें फिर से सिर उठा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन 5 आतंकियों को गिरफ्तार किए जाने से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ इनकी मुठभेड़ भी हुई। दोनों तरफ से गोलीबार के बाद इन्हें धर-दबोचा गया। उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार के अलावा अन्य भड़काऊ मैटेरियल्स भी जब्त किए गए हैं। दो कश्मीरी आतंकियों की पहचान मोहम्मद अयूब और मोहम्मद शब्बीर के रूप में हुई है।

दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (दिसंबर 7, 2020) को शकरपुर क्षेत्र से 5 आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। अभी तक ये नहीं पता चल सका है कि ये आतंकी किस संगठन से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनमें से दो पंजाब के खालिस्तानी आतंकी हैं जबकि बाकी के 3 जम्मू कश्मीर के आतंकी हैं। ये किसी बड़े हमले की फिराक में थे।

 गिरफ्तार आतंकियों में से दो की पहचान गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह के रूप में हुई है। इन्होंने एक शौर्य चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी की हत्या की थी। बताया गया है कि इन आतंकियों को पाकिस्तान की ISI से फंडिंग मिल रही थी। इससे 20 दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने खान मार्केट से जैश-ए-मोहम्मद के 2 आतंकियों को गिरफ्तार कर के एक बड़े हमले की साजिश को नाकाम किया था।

हाल ही में खबर आई थी कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन और इसके इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की नई साजिश है कि अब जम्मू कश्मीर के साथ-साथ पंजाब के रास्ते चीन के ड्रोन्स के माध्यम से खतरनाक हथियार व अन्य दहशत का साजो-सामान भेजा जाएगा। पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तानी संगठनों को उनके आका पंजाब में हो रहे ‘किसान आंदोलन’ का फायदा उठाकर राज्य में दहशतगर्दी को दोबारा जिंदा करने के लिए तमाम तरह की साजिश रच रहे हैं।

हिन्दू विरोधी दंगा: तनवीर और गुलफाम गिरफ्तार, कई फोन बरामद ; मूसा की तलाश

अंकित शर्मा
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने हिंसा के दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तनवीर और गुलफाम के रूप में हुई है। इन पर दंगों में शामिल होने के आरोप हैं। दोनों आरोपितों के पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसे जाँच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार(मार्च 12, 2020) को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप में सलमान उर्फ हसीन उर्फ मुल्ला उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि मुल्ला ने न केवल अन्य दंगाइयों के साथ मिलकर अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के घर में खींचा, बल्कि उन्हें जान से मारने से पहले उनके मुँह पर काला कपड़ा डाला और साथ ही उन्हें निर्वस्त्र भी किया।

सलमान के मुताबिक दंगाइयों ने उनका मजहब जानने के लिए उनके कपड़े उतारे। धर्म पुख्ता कर उन्हें चाकूओं से गोद डाला। सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित पर 14 बार चाकू से वार किए। इस मामले में क्राइम ब्रांच आम आदमी पार्टी के निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ अंकित शर्मा की हत्या समेत तीन अन्य केस भी दर्ज हैं।
गुरुवार को ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने बताया था कि हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के मामले में सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद युनूस, आरिफ व मुहम्मद सलीम खान को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपित चाँद बाग के रहने वाले हैं। इसके अलावा गिरफ्तार एक अन्य आरोपित मोहम्मद दानिश गाजियाबाद के लोनी का रहने वाला है।
कॉन्स्टेबल रतनलाल पर जब भीड़ ने हमला किया था तो वे उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के गोकुलपुरी क्षेत्र के मौजपुर इलाके में तैनात थे। पत्‍थरबाजी में रतनलाल बुरी तरह से घायल हो गए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उन्हें गोली भी मारी गई थी।
जाँच में यह सामने आया कि दंगाइयों ने साजिश के तहत पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। घटना वाले दिन चाँद बाग इलाके में धरनास्थल के समीप अधिकांश सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए थे। ताकि, दंगाइयों की तस्वीर कैमरे में कैद न हो सके।
अंकित शर्मा, हत्या, सलमान गिरफ्तार
 ‘हमने एक को गोद दिया’: वो फोन कॉल जिससे पकड़ा गया मुल्ला, मूसा की तलाश
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार मुल्ला एक फोन कॉल से गिरफ्त में आया। असल में पुलिस ने चॉंदबाग में दंगों के दौरान एक अपराधी मूसा के फोन को सर्विलांस पे रखा था। उसी बातचीत में मुल्ला का नाम सामने आया था। इसके बाद जब मुल्ला का फोन सर्विलांस पर लिया गया तो वह किसी से बात करते हुए सुनाई पड़ा- हमने एक को गोद दिया। मूसा की भी तलाश की जा रही है। अंकित की हत्या में उसके शामिल होने का भी संदेह है।
पहले उन्हें घसीटकर ताहिर हुसैन के घर ले गए और फिर 1 दर्जन से भी ज्यादा लोगों ने चाकुओं से वार किया।” सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित के शरीर पर करीब 14 वार किए थे। उसके मुताबिक अंकित को बहुत क्रूरता से तड़पा-तड़पाकर मारा गया और फिर शव नाले में फेंक दिया गया।

मुल्ला मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है। 2005 से वह दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में रह रहा है। वह प्याज की रेहड़ी लगाने का काम करता है। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने उपद्रवियों से सैकड़ों फोन भी बरामद किए हैं। इनकी फोरेंसिक जॉंच के बाद कई और राज सामने आ सकते हैं।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार संसद में मार्च 11 को दिल्ली में हुए दंगों को लेकर काफी तीखी बहस हुई, जहां सांसद तेजस्वी .....
अंकित शर्मा की नृशंस हत्या का अंदाजा हम उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगा सकते हैं। जिसके मुताबिक अंकित शर्मा के शरीर का एक भी हिस्सा ऐसा नहीं था जिसमें चाकू के गहरे घाव न हों। डॉक्टर ने इस रिपोर्ट में लिखा था कि 400 से ज़्यादा बार अंकित को चाकुओं से गोदा गया।

अंकित शर्मा की जघन्य हत्‍या के मामले में सलमान गिरफ्तार

सलमान गिरफ्तार
अंकित शर्मा की जघन्य हत्या के मामले में आरोपित सलमान गिरफ्तार (फोटो साभार-ANI)
दिल्ली दंगों के दौरान आइबी (IB) कॉन्सटेबल अंकित शर्मा की जघन्य हत्‍या के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने सलमान नाम के शख्‍स को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने की है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार, इंटरसेप्शन के बाद पुलिस की स्पेशल सेल ने सलमान उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, उससे दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित को पाँच नामों से जाना जाता है, जो मोमिन उर्फ सलमान उर्फ हसीन उर्फ मुल्ला उर्फ नन्हें है। अंकित शर्मा की जघन्य हत्या में आरोपित सलमान को सुंदर नगरी से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने पार्षद ताहिर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था। ताहिर हुसैन का नाम एफआईआर में दर्ज है।
कल गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में खुलासा किया था कि आईबी के अफसर अंकित शर्मा की हत्या की जाँच में जुटी एसआईटी को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसआईटी को वह वीडियो भी हाथ लगा है, जिसमें अंकित शर्मा की हत्या के कई राज छिपे हैं। यह वीडियो एक आम नागरिक ने पुलिस के पास भेजा है।
अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के बारे में पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद लगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित शर्मा के शरीर का एक भी हिस्सा ऐसा नहीं था जिसमें चाकू के गहरे घाव न हों। डॉक्टर ने लिखा है कि 400 से ज़्यादा बार उन्हें चाकुओं से गोदा गया था।

 
इस क्रूर अमानुषिक हत्याकांड और यातना को अंजाम देने में कम से कम 6 लोगों के शामिल होने की बात डॉक्टर बताते हैं। उन्होंने कहा है कि अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा। 
अंकित शर्मा के पिता रविन्द्र शर्मा ने दिल्ली के दयालपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए AAP नेता और नगर पार्षद ताहिर हुसैन के अलावे कई अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया था। रविन्द्र शर्मा ने दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि अंकित शर्मा के शव को मस्जिद से नाले में फेंका गया था। FIR के बाद फॉरेंसिक टीम उस स्थान का निरीक्षण करने में लगी हुई थी, जहाँ 26 फरवरी को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अंकित शर्मा का शव मिला था। दरअसल उनका शव नार्थ-ईस्ट दिल्ली के चाँद बाग इलाके में मिला था।
ताहिर मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र से आप का पार्षद है। हालाँकि, पार्टी ने उसे पहले ही निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जाँच एजेंसी ने हुसैन के खिलाफ इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) के अधिकारी की हत्या का आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया है। ताहिर हुसैन इस समय दिल्ली पुलिस की हिरासत में है।
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दिल्ली दंगों में शामिल लोगों को मिला था राजनीतिक संरक्षण? आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आज गुरुवार (मार्च 12, 2020) को दिल...
अंकित के पिता रविन्द्र शर्मा की तहरीर पर दिल्ली पुलिस ने हिंसा को बढ़ावा देने, आगजनी और अंकित की हत्या सहित कई मामलों नगर पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद ताहिर हुसैन के खजूरी इलाके में स्थित घर को सील कर दिया गया था। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी इसके बाद कार्रवाई करते हुए ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था। दरअसल, हिंसा वाले दिन ताहिर हुसैन के घर से दंगाइयों ने नीचे खड़े लोगों पर और आस-पास में मौजूद हिंदुओं के मकानों पर पेट्रोल बम, ईंट-पत्थर बरसाए थे।

AAP सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता उदित राज के संपर्क में था दिल्ली दंगे कराने वाला PFI सरगना: दिल्ली पुलिस सूत्र

संजय सिंह, उदित राज
दिल्ली दंगों में शामिल लोगों को मिला था राजनीतिक संरक्षण? 
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आज गुरुवार (मार्च 12, 2020) को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कट्टरपंथी संगठन पीएफआई के सरगना परवेज़ और सेक्रेटरी इलियास को धर-दबोचा। दोनों पर शाहीन बाग प्रदर्शन की फंडिंग और दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों को भड़काने का आरोप है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस से जुड़े दंपति के लगातार संपर्क में भी दोनों थे। अब जाँच की आँच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तक पहुँच रही है। आप के सांसद संजय सिंह और ख़ुद को सबसे बड़ा दलित नेता बताने वाले कांग्रेस के उदित राज से भी परवेज़ लगातार संपर्क में था। पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि संजय सिंह के तार दंगाइयों से जुड़े हैं।
इसके अलावा पीएफआई और दंगाइयों की फंडिंग की भी जाँच की जा रही है। पीएफआई ने 73 बैंक एकाउंट्स खोल रखे थे, जिनमें 120.5 करोड़ रुपए जमा किए गए। रेहाब इंडिया फाउंडेशन से भी इसके लिंक जुड़े हुए हैं। 17 विभिन्न बैंकों में एकाउंट्स खोले गए थे। पीएफआई के बारे में ये बात भी पता चली है कि पिछले कुछ महीनों में उसे अधिकतर डोनेशन कैश के रूप में मिले हैं। इनमें से दो तिहाई धन बैंक में जमा किया गया था। चौंकाने वाली बात ये है कि एक तिहाई धन पीएफआई के शाहीन बाग़ स्थित मुख्यालय में रखा गया था।
पीएफआई के लोग देश भर में घूम कर अपने लोगों से डोनेशन के रूप में कैश पेमेंट लेते थे। इसके बाद इन रुपयों को वो हर क्षेत्र में अपने ख़ास हैंडलर्स के हवाले कर दिया करते थे। वो सभी एरिया हैंडलर्स दिल्ली के शाहीन बाग़ स्थित पीएफआई के मुख्यालय आकर उन रुपयों को जमा कर देते थे। मोहम्मद परवेज़ आलम पीएफआई दिल्ली का सरगना है और उसने सीएए विरोधी प्रदर्शनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। पीएफआई की फंडिंग का अधिकतर हिस्सा सीएए के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन, उपद्रव और दंगों पर खर्च करने की बात कही जा रही है।


दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और कांग्रेस नेता उदित राज से पीएफआई के सरगना की लगातार बातचीत होती थी। इसके लिए कॉल, मैसेज और व्हाट्सप्प का इस्तेमाल किया जाता था। कपिल मिश्रा कई बार कहते रहे हैं कि अगर दंगाई ताहिर हुसैन के कॉल डिटेल की जाँच हो तो ये साफ़ हो जाएगा कि दंगों के समय वो संजय सिंह से लगातार संपर्क में था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि मोहम्मद परवेज़ कांग्रेस के कई नेताओं से संपर्क में था। मोहम्मद परवेज़ कई भड़काऊ व्हाट्सप्प ग्रुप्स से भी जुड़ा हुआ है, जो दंगा फैलाने का काम करते हैं।
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दिल्ली हिन्दू विरोधी हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की पूछताछ में एक आरोपित से बड़ा खुलासा हुआ है। PFI के सदस्य दानिश ने ....
परवेज़ एक ‘भीम आर्मी टॉप-100’ नामक व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा वो एक ‘यूनिफिकेशन ऑफ मुस्लिम लीडरशिप’ नाम के ग्रुप से भी जुड़ा हुआ था। अब देखना ये है कि ताबड़तोड़ हुई गिरफ़्तारियों के बाद और कितने राज़ खुलते हैं और कितने सफेदपोशों की पोल खुलती है। ये तो स्पष्ट हो गया है कि इन दंगो के पीछे एक बहुत बड़ा राजनीतिक संरक्षण था, जो सीएए विरोध से उपजा था।