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‘प्रधानमंत्री के आवास में घुस जाएँगे लोग’: ओवैसी ने दिखाया श्रीलंका वाला डर

AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने भारत में श्रीलंका वाले हालात का डर दिखाते हुए कहा है कि लोग पीएम मोदी के घर में भी घुस सकते हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक टॉक शो में शामिल हुए हैदराबाद के सांसद ने कहा कि देश के मौजूदा हालात को देख कर लगता है कि श्रीलंका की तर्ज पर यहाँ भी लोग प्रधानमंत्री आवास में घुस जाएँगे। उन्होंने दावा किया कि भारत में हिन्दू-मुस्लिम राजनीति हो रही है, जिसमें नुकसान मुस्लिमों का हो रहा है।

असदुद्दीन स्वयं एक वकील नहीं बैरिस्टर हैं और इतना भी नहीं जानते कि मुसलमानों को बलि का बकरा बनाने वाले कौन हैं? श्रीलंका वाला डर दिखाकर क्या कहना चाहते हैं? अगर ऐसी नौबत आयी तो प्रधानमंत्री आवास पर कूच करने वालों का नेतृत्व करेंगे या बेकसूर लोगों को मरवाने के लिए खुद संसद में छुप कर बैठ जाएंगे। आखिर मुसलमानों को कब तक बलि का बकरा बनाया जाता रहेगा? ओवैसी साहब तस्लीम रहमानी वाला भड़काने का खेल मत खेलो। भड़काऊ लोगों की ही वजह से आज इस्लाम और कुरान पर बहस हो रही है, आंखें खोलो और देखो News Nation का यह वीडियो:   

दूसरे, TimesNow नवभारत चैनल पर सुशांत सिन्हा के न्यूज़ की पाठशाला में एक इस्लामिक विद्वान वकील ज्ञानवापी में त्रिशूल पर यह बोल गए कि "क्या मस्जिद में त्रिशूल नहीं हो सकता?" उनके यह कहते ही शो में उपस्थित सभी हिन्दू मुसलमान हंसने लगे और जिस पर एंकर सुशांत सिन्हा को कहना पड़ा कि "वकील की वकालत का रिकॉर्ड चेक करना पड़ेगा।"  

असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि आजकल राजनीतिक पार्टियाँ अप्रासंगिक हो रही हैं। उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन, CAA विरोधी दंगों, दिल्ली में वकीलों के प्रदर्शन और ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ उपद्रव – इन सबको जनता का आंदोलन बताते हुए कहा कि नेताओं के बिना ही लोग सड़क पर उतर रहे हैं। ओवैसी ने राजनीतिक पार्टियों को इस पर गंभीरता से सोचने की सलाह देते हुए बदलाव की बात कही।

इस दौरान उन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहलकर (NSA)’ अजीत डोभाल का भी नाम लेकर उन पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि डोभाल को बताना चाहिए कि कट्टरता कौन फैला रहा है और कट्टर कौन है। बता दें कि NSA डोभाल ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बयान दिया था कि कुछ लोग धर्म एवं विचारधारा के नाम पर कटुता फैला रहे हैं। ओवैसी ने राजस्थान के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत से लड़ने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि AIMIM चुनाव नहीं लड़ती है फिर भी कॉन्ग्रेस हार जाती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान किसी एक पार्टी का नहीं है और उनका भी उतना ही है, जितना दूसरे दलों का। ओवैसी इससे पहले भारत में एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत होने का दावा कर चुके हैं। उन्होंने RSS पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इंद्रेश कुमार से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, उन्हें ये बताना चाहिए कि संघ की शाखाओं में किसके नाम पर और क्या शपथ ली जाती है।