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FREE bees के नाम पर राहुल गाँधी करते हैं झूठे वादे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ही खोल दी पोल: BJP ने कहा- जनता से माफी माँगें


2024 लोकसभा चुनावों में 'खटाखट' के नाम पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी द्वारा जो सीटें मिलने पर इतने खुश हो रहे है, भूल रहे है कि अगर 
'खटाखट' का लॉलीपॉप नहीं दिया होता, इन दोनों पार्टियों की प्रतिष्ठा धूमिल हो गयी होती। विदेशी चंदे से कभी चुनाव नहीं जीते जाते, जमीन पर काम करना पड़ता है। किसी भी विपक्षी को मोदी को हराने किसी विदेशी भीख की बजाए सरकार की कमियों को लेकर सड़क पर आना चाहिए था। लेकिन विदेशी भीख जो लेनी थी। CAA विरोध से लेकर तथाकथित किसान आंदोलन और पहलवान महिलाओं का प्रायोजित आंदोलनों आदि का पर्दाफाश हो गया। जनता को गुमराह करना चाहा लेकिन पांसा सच्चाई सामने आने पर उल्टा पड़ गया। संभावनाएं व्यक्त की जा रही है कि महाराष्ट्र और झारखण्ड हारने पर कांग्रेस में दो फाड़ हो सकते हैं।     

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने हमला बोल दिया है। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस सरकार की योजनाओं की आलोचना करते हुए सुझाव दिया कि वादे उतने ही किए जाएँ, जितने पूरे हो सकें।

खरगे का ये बयान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के एक बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक की “शक्ति योजना” की समीक्षा करने का संकेत दिया था। इस योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ दिया जाता है, लेकिन कुछ महिलाओं की ओर से इसके लिए भुगतान करने की इच्छा जताने के बाद इसकी समीक्षा की बात कही गई।

खरगे के बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का बयान इस बात को साबित करता है कि कांग्रेस चुनावी वादों के जरिए जनता को मूर्ख बनाती है। प्रसाद ने खरगे के बयान को कांग्रेस की स्वीकारोक्ति बताया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही झूठे वादों के बल पर जनता को गुमराह किया है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने “गरीबी हटाओ” नारे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 1971 में ये नारा दिया था, लेकिन गरीबी हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।

बीजेपी ने कांग्रेस पर केवल कर्नाटक ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में भी झूठे वादों के आधार पर वोट लेने का आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस की ऐसी घोषणाओं का असलियत से कोई लेना-देना नहीं होता और ये केवल कागजों पर ही रहती हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक की जनता को पांच गारंटी का वादा किया था, लेकिन अब “शक्ति योजना” की समीक्षा की बात कहकर एक गारंटी पर पुनर्विचार कर रही है। बीजेपी के मुताबिक, कांग्रेस को अपने वादों पर कायम रहने की सीख लेनी चाहिए और जनता के सामने माफी माँगनी चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि कांग्रेस को अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और झारखंड में भी झूठे वादों से जनता को गुमराह करने से बचना चाहिए। उन्होंने बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अपने वादों को पूरा करती है। प्रसाद ने लाडली लक्ष्मी योजना, किसान सम्मान निधि, गरीब कल्याण, और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं का उदाहरण दिया और कहा कि ये योजनाएं कांग्रेस के चुनावी वादों से अलग हैं जो पूरी की जाती हैं।

केजरीवाल गुजरात में कह रहे भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे, पहले दिल्ली तो सुधार लें, दिल्ली के ज़्यादातर मंत्री, MLA भ्रष्टाचार मामले में अभियुक्त

केजरीवाल की पार्टी अब तक कई विवादों, भ्रष्टाचार एवं घोटालों की वजह से चर्चा में आ चुकी है। AAP के अब तक 4 मंत्रियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो मंत्री तो रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए जबकि एक मंत्री को फर्जी डिग्री के मामले में पकड़ा गया। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन चौथे मंत्री हैं, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, AAP के विधायक भी कई मामलों में विवादों में आए और जेल भेजे गए। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। लेकिन अब गुजरात में केजरीवाल जनता को गारंटी का झुनझुना थमा रहे हैं। वो कह रहे हैं CM, मंत्री, MLA, अफ़सर किसी को भ्रष्टाचार नहीं करने देंगे। 

गुजरात का एक-एक पैसा लोगों पर खर्च होगा। सरकारी काम के लिए किसी को रिश्वत नहीं देनी होगी। सभी नेताओं के काले धंधे बंद करेंगे और पेपर लीक करने वालों को जेल भेजेंगे। केजरीवाल गुजरात में कुछ और कह रहे हैं और दिल्ली में कुछ और कर रहे हैं। दिल्ली में तो उनके ही मंत्री, MLA भ्रष्टाचार में लिप्त हैं लेकिन वे उन पर कार्रवाई करने की जगह उन्हें बचाने में लगे हुए हैं। सवाल यह है कि दिल्ली जैसे छोटे राज्य में जब उनसे भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पाया तो गुजरात जैसे बड़े राज्य में वह भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगाएंगे। दिल्ली में तो रक्षक ही भक्षक बने बैठे हैं तो जनता न्याय के लिए भला किसके पास जाएगी।

यहां समझने वाली बात यह है कि जब दिल्ली में सरकार के मंत्री ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तब वह गुजरात में इस तरह का वादा कैसे कर सकते हैं कि भ्रष्टाचार नहीं करने देंगे। केजरीवाल सरकार में तब स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन को ईडी ने 30 मई को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था कि उसके पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि जैन और उनका परिवार मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे और उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 1,62,50,294 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।

फिलहाल जैन जेल में हैं, लेकिन उन्हें बचाने के लिए केजरीवाल तमाम प्रयास कर रहे हैं। केजरीवाल सरकार में फूड प्रोसेसिंग मिनिस्टर आसिम अहमद खान को छह लाख की घूस लेने के आरोप में मंत्री पद से हटना पड़ा था। हालांकि आसिम ने केजरीवाल पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए उस समय कहा था- केरीजवाल उनसे एक करोड़ रुपये मांग रहे थे, नहीं दिया तो उनपर इस तरह के आरोप लगाने लगे। 2015 में जितेंद्र सिंह तोमर को अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट में कानून मंत्री बनाया था। इसके बाद तोमर पर अपनी शिक्षा को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगा। जांच के बाद पुलिस ने तोमर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 2020 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जितेंद्र सिंह तोमर के 2015 के चुनाव को रद्द कर दिया। वहीं 2013 में आम आदमी पार्टी से दिल्ली के मालवीय नगर सीट से विधायक चुने गए सोमनाथ भारती पर भी गंभीर आरोप लगे थे। चुनाव जीतने के बाद सोमनाथ को कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली थी। हालांकि, 2014 में भारती को इस्तीफा देना पड़ा था।

पंजाब के CM Channi के ‘दिवाली गिफ्ट’ का सिद्धू ने निकाल दिया दिवाला; गरजे-यह सब झूठ और फरेब

अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है : सिद्धू

सलामी बल्लेबाज रहे नवजोत सिंह सिद्धू के चलते पंजाब में पॉलिटिक्स बेहद दिलचस्प हो रही है। सिद्धू जैसे धुरंधर के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री को विपक्ष की जरूरत नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हिट विकेट कर चुके सिद्धू के निशाने पर अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने फिर अपनी ही पंजाब सरकार पर बड़ा हमला किया है।
पंजाब में बिजली 3 रुपए सस्ती कर मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने इसे दिवाली गिफ्ट बताया था। उसे ही सिद्धू बुलंद आवाज में झूठ और फरेब बता रहे हैं। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है। सिद्धू के करारे शॉट पर चन्नी सरकार बगलें झांकने को मजबूर हो गई है। चरणजीत चन्नी के दिवाली गिफ्ट का सिद्धू ने दिवाला निकाल दिया है।
पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही सीएम चरणजीत चन्नी ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद कहा कि पंजाब में घरेलू बिजली की दरें 3 रुपए सस्ती कर दी गई हैं। 100 यूनिट तक बिजली का रेट 4.19 पैसे से घटकर 1.19 रुपए रह जाएगा। वहीं 100 से 300 यूनिट तक 7 रुपए से घटकर 4.01 रुपए और इसके ऊपर के लिए 5.76 रुपए प्रति यूनिट रेट रह गया है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और करीब डेढ़ या दो महीने में इसकी घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में पंजाब के सीएम ने बिजली की कम दरों को दिवाली का गिफ्ट बताकर सियासी दांव खेलने की कोशिश की है।
पौने 5 साल मौज, अब आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप

सीएम के इस दिवाली गिफ्ट की हवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू ने निकाल दी है। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बगैर नाम लिए मुख्यमंत्री से पूछा कि जो सब्सिडी दोगे, वह पैसा कहां से आएगा ? सिद्धू ने कहा कि पंजाब के विकास का रोड मैप क्या है? यह नेताओं को बताना चाहिए। सिद्धू ने सीएम चन्नी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ देर पहले ही यह निशाना साधा। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम चन्नी ने कहा कि कुछ लोग जरूर सोचेंगे कि यह सब चुनाव की वजह से किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।
शिरोमणि अकाली दल ने भी बिजली सस्ती करने के ऐलान को लोगों से धोखाधड़ी बताया है। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सिर्फ एक बार के बिजली बिल के लिए यह ऐलान किया है। मुख्यमंत्री चन्नी और उनकी सरकार भी जानती है कि जनवरी से चुनाव आचार संहिता लग जानी है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के नेता चाहते हैं कि आचार संहिता लग जाने से पहले लोगों को एक बिजली बिल मिल जाएं और उन्हें लगने लगे कि बिजली सस्ती कर दी गई है।
‘अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है’
उधर चंडीगढ़ में संयुक्त हिंदू महासभा के कार्यक्रम में सिद्धू ने सरकार से पूछा कि पंजाब का कल्याण कैसे होगा? कोई नहीं बताता। पौने 5 साल सब एक-दूसरे को नीचे गिराने में लगे रहे। जुल्म करते रहे। आखिरी 2 महीने में आसमान जमीन पर ला रहे। तारे तोड़कर दे रहे। कोई बताएगा कि यह सब कहां से देंगे? सिद्धू ने कहा कि क्या पंजाब में मकसद सिर्फ सरकार बनाना है। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है।
सिद्धू ने पूछा कि अगर पंजाब के पास खजाना है तो इंडस्ट्री को सब्सिडी दो। उन्होंने कहा कि पंजाब में 5.40 लाख करोड़ टैक्स आता है। इनमें 75% सिर्फ इंडस्ट्री से मिलता है। फिर पंजाब में इंडस्ट्री क्यों नहीं आ रही। हिमाचल प्रदेश में क्यों जा रही है? पंजाब 17-18वें नंबर पर क्यों है? सिद्धू ने कहा कि अगर कोई आपको कहता है कि पंजाब का खजाना भरा है तो यह झूठ है। अगर ऐसा है तो ईटीटी टीचरों को 50-50 हजार वेतन दे दो। 2004 से जिन्हें पेंशन नहीं मिली, उन्हें पेंशन दे दो। क्या पंजाब के पास 50 हजार करोड़ रुपए सरप्लस है। दिल्ली और तमिलनाडु के पास है। सिद्धू ने कहा कि एजेंडों पर वोट डालो, किसी के लॉलीपॉप पर नहीं। सिद्धू ने कहा कि हम कर्जा लेकर कर्जा भर रहे हैं।
सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी नहीं बख्शा। सिद्धू ने कहा कि जो कहते थे, मेरी सरकार और मेरा पंजाब है, उन्हें उठाकर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि सीएम और मंत्री एक्स हो जाते हैं, लेकिन कार्यकर्ता हमेशा ताकतवर रहता है। सिद्धू ने इशारों में यह भी स्पष्ट किया कि अगले चुनाव में वह पंजाब के सीएम पद के दावेदार होंगे। सिद्धू ने कहा कि लोगों को फैसला करना है कि किसी चोर को बिठाना है या फिर ईमानदार को। उन्होंने कहा कि इस बार पंजाब को पार्टियों से ऊपर उठकर वारिस को चुनना होगा।
अकाली दल ने कहा-सिद्धू के मुद्दों पर जवाब दें चन्नी
अकाली दल प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के सोमवार को दिए गए एक भाषण की क्लिप सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रधान तो खुद बोल रहा है कि साढ़े चार साल कोई काम नहीं किया। एक-दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहे और अब चुनाव से पहले दो महीने में लोगों को खैरात देकर क्या सरकार बनाना चाहते हैं? चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस को सिद्धू की ओर से उठाए गए मुददों का जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि वह सही बोल रहे हैं या नहीं?