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पंजाब के CM Channi के ‘दिवाली गिफ्ट’ का सिद्धू ने निकाल दिया दिवाला; गरजे-यह सब झूठ और फरेब

अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है : सिद्धू

सलामी बल्लेबाज रहे नवजोत सिंह सिद्धू के चलते पंजाब में पॉलिटिक्स बेहद दिलचस्प हो रही है। सिद्धू जैसे धुरंधर के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री को विपक्ष की जरूरत नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हिट विकेट कर चुके सिद्धू के निशाने पर अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने फिर अपनी ही पंजाब सरकार पर बड़ा हमला किया है।
पंजाब में बिजली 3 रुपए सस्ती कर मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने इसे दिवाली गिफ्ट बताया था। उसे ही सिद्धू बुलंद आवाज में झूठ और फरेब बता रहे हैं। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है। सिद्धू के करारे शॉट पर चन्नी सरकार बगलें झांकने को मजबूर हो गई है। चरणजीत चन्नी के दिवाली गिफ्ट का सिद्धू ने दिवाला निकाल दिया है।
पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही सीएम चरणजीत चन्नी ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद कहा कि पंजाब में घरेलू बिजली की दरें 3 रुपए सस्ती कर दी गई हैं। 100 यूनिट तक बिजली का रेट 4.19 पैसे से घटकर 1.19 रुपए रह जाएगा। वहीं 100 से 300 यूनिट तक 7 रुपए से घटकर 4.01 रुपए और इसके ऊपर के लिए 5.76 रुपए प्रति यूनिट रेट रह गया है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और करीब डेढ़ या दो महीने में इसकी घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में पंजाब के सीएम ने बिजली की कम दरों को दिवाली का गिफ्ट बताकर सियासी दांव खेलने की कोशिश की है।
पौने 5 साल मौज, अब आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप

सीएम के इस दिवाली गिफ्ट की हवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू ने निकाल दी है। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बगैर नाम लिए मुख्यमंत्री से पूछा कि जो सब्सिडी दोगे, वह पैसा कहां से आएगा ? सिद्धू ने कहा कि पंजाब के विकास का रोड मैप क्या है? यह नेताओं को बताना चाहिए। सिद्धू ने सीएम चन्नी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ देर पहले ही यह निशाना साधा। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम चन्नी ने कहा कि कुछ लोग जरूर सोचेंगे कि यह सब चुनाव की वजह से किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।
शिरोमणि अकाली दल ने भी बिजली सस्ती करने के ऐलान को लोगों से धोखाधड़ी बताया है। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सिर्फ एक बार के बिजली बिल के लिए यह ऐलान किया है। मुख्यमंत्री चन्नी और उनकी सरकार भी जानती है कि जनवरी से चुनाव आचार संहिता लग जानी है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के नेता चाहते हैं कि आचार संहिता लग जाने से पहले लोगों को एक बिजली बिल मिल जाएं और उन्हें लगने लगे कि बिजली सस्ती कर दी गई है।
‘अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है’
उधर चंडीगढ़ में संयुक्त हिंदू महासभा के कार्यक्रम में सिद्धू ने सरकार से पूछा कि पंजाब का कल्याण कैसे होगा? कोई नहीं बताता। पौने 5 साल सब एक-दूसरे को नीचे गिराने में लगे रहे। जुल्म करते रहे। आखिरी 2 महीने में आसमान जमीन पर ला रहे। तारे तोड़कर दे रहे। कोई बताएगा कि यह सब कहां से देंगे? सिद्धू ने कहा कि क्या पंजाब में मकसद सिर्फ सरकार बनाना है। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है।
सिद्धू ने पूछा कि अगर पंजाब के पास खजाना है तो इंडस्ट्री को सब्सिडी दो। उन्होंने कहा कि पंजाब में 5.40 लाख करोड़ टैक्स आता है। इनमें 75% सिर्फ इंडस्ट्री से मिलता है। फिर पंजाब में इंडस्ट्री क्यों नहीं आ रही। हिमाचल प्रदेश में क्यों जा रही है? पंजाब 17-18वें नंबर पर क्यों है? सिद्धू ने कहा कि अगर कोई आपको कहता है कि पंजाब का खजाना भरा है तो यह झूठ है। अगर ऐसा है तो ईटीटी टीचरों को 50-50 हजार वेतन दे दो। 2004 से जिन्हें पेंशन नहीं मिली, उन्हें पेंशन दे दो। क्या पंजाब के पास 50 हजार करोड़ रुपए सरप्लस है। दिल्ली और तमिलनाडु के पास है। सिद्धू ने कहा कि एजेंडों पर वोट डालो, किसी के लॉलीपॉप पर नहीं। सिद्धू ने कहा कि हम कर्जा लेकर कर्जा भर रहे हैं।
सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी नहीं बख्शा। सिद्धू ने कहा कि जो कहते थे, मेरी सरकार और मेरा पंजाब है, उन्हें उठाकर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि सीएम और मंत्री एक्स हो जाते हैं, लेकिन कार्यकर्ता हमेशा ताकतवर रहता है। सिद्धू ने इशारों में यह भी स्पष्ट किया कि अगले चुनाव में वह पंजाब के सीएम पद के दावेदार होंगे। सिद्धू ने कहा कि लोगों को फैसला करना है कि किसी चोर को बिठाना है या फिर ईमानदार को। उन्होंने कहा कि इस बार पंजाब को पार्टियों से ऊपर उठकर वारिस को चुनना होगा।
अकाली दल ने कहा-सिद्धू के मुद्दों पर जवाब दें चन्नी
अकाली दल प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के सोमवार को दिए गए एक भाषण की क्लिप सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रधान तो खुद बोल रहा है कि साढ़े चार साल कोई काम नहीं किया। एक-दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहे और अब चुनाव से पहले दो महीने में लोगों को खैरात देकर क्या सरकार बनाना चाहते हैं? चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस को सिद्धू की ओर से उठाए गए मुददों का जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि वह सही बोल रहे हैं या नहीं?

पंजाब : कांग्रेस ने अपने वादे पूरे करने के बजाए जनता को पकड़ाया झुनझुना

उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन खो चुकी कांग्रेस मनलुभावन प्रलोभन अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। प्रियंका वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को सत्ता से दूर करने स्मार्टफोन आदि देने का वायदा किया, लेकिन वह भूल गयी कि राजस्थान में किसानों का कर्ज माफ़ी का वायदा पूरा नहीं हुआ, सत्ता में आने के लिए आतुर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आजकल उत्तर प्रदेश में वादों की लॉलीपॉप दे रही हैं, लेकिन हकीकत में जनता के हाथ में झुनझुना ही आता है। दरअसल, कांग्रेस की यही परंपरा रही है। कांग्रेस के पंजाब में साढ़े चार साल के कार्यकाल में हुए कामों और जनता के किए गए वादों की पड़ताल करें तो वास्तविकता बेहद चौंकाती है। जनता ने जिन उम्मीदों के साथ कांग्रेस को सत्ता सौंपी, वह तो पूरी हुई नहीं…मुश्किलें और बढ़ती गईं। दिग्गज कांग्रेस नेता जनता का भला करने के बजाए, आपस में ही लड़ते रहे। आइये,  2017 में कांग्रेस द्वारा पंजाब के लोगों से किए टॉप टेन वादों और उसके नतीजों की पड़ताल करते हैं…

1. वादा – चार हफ़्ते में नशे का खात्मा..
नतीजा : साढ़े चार साल में और बढ़ गया
नशा पंजाब में बड़ा मुद्दा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भटिंडा में प्रचार के दौरान हाथ में गटका साहिब उठा कर सरकार बनने पर चार हफ़्तों में नशा खत्म करने का वादा किया था…पर हकीकत यह है कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबार अब भी जारी है. नवजोत सिंह सिद्धू और डिप्टी सीएम बने सुखजिंदर रंधावा तो पंजाब में नशे खासकर चिट्टे के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को सीधे दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल में डालने की मांग करते रहे हैं। सिद्धू खेमा कैप्टन अमरिंदर सिंह पर आरोप लगाता रहा है कि उन्होंने जानबूझकर मजीठिया के खिलाफ सख्ती बरतने के ऑर्डर नहीं दिया। कैप्टन के कार्यकाल के दौरान विभिन्न जिलों में 50 से ज्यादा युवाओं की नशे से मौत के मामले दर्ज हुए हैं। यह संख्या और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि ऐसे ज़्यादातर मामलों में पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं होती। कांग्रेस सरकार ने ड्रग्स के ख़िलाफ़ बड़ी मुहिम कभी छेड़ी ही नहीं।

2. वादा– किसानों की कर्ज़ा-कुर्की ख़त्म, फ़सल की पूरी रकम

नतीजा : 90 हजार करोड़ में से सिर्फ सिर्फ 5 हजार करोड़ की माफी
कर्ज़ा-कुर्की ख़त्म, फसल की पूरी रकम का नारा लगाकर सत्ता में आई अमरिंदर सरकार ने न तो वादे के मुताबिक सभी किसानों का पूरा कर्ज़ा माफ किया और न ही प्रदेश में किसानों की कुर्की बंद हुई। इसके विपरीत कर्ज़ के बोझ तले किसान प्रदेश में ख़ुदकुशी कर रहे हैं. सरकार बनने से पहले सारे किसानों के सभी प्रकार के 90 हज़ार करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ करने के वादा किया गया, लेकिन इसका परिणाम ऊंट के मुंह में जीरे के समान आया। कैप्टन सरकार ने कर्ज माफी की दिशा में जो थोड़ा-सा काम किया, उसमें बहुत ज्यादा शर्तें लगा दीं। नतीजा-कांग्रेस सरकार के साढ़े 4 साल के कार्यकाल में मात्र 5.64 लाख किसानों का 4623 करोड़ रुपए का कर्ज माफ हो पाया। 2.68 लाख मजदूरों का भी सिर्फ 526 करोड़ रुपए का लोन माफ किया गया।

3. वादा – घर घर नौकरी, हर घर नौकरी, हर साल 1.61 नौकरी
नतीजा : नौकरियां न दे पाने पर कांग्रेस ने ही कैप्टन की क्लास लगाई
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनावी घोषणा पत्र में पंजाब के हर घर से एक व्यक्ति को नौकरी देने का वादा किया था. वादा किया गया था कि सरकार हर साल 1.61 लाख लोगों को नौकरियां देगी. पिछले साढ़े चार साल में घर घर नौकरी, हर घर नौकरी का वादा हवा-हवाई ही साबित हुआ है। दिखावे के लिए रोजगार मेले लगे, नियुक्ति पत्र भी बंटे, लेकिन लाखों की छोड़िए कुछ हजार युवाओं को ही नौकरी नसीब हो पाई। कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी सरकार पर ये वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगता रहा है। जुलाई-2021 में सोनिया गांधी के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे कैप्टन को जो 18 सूत्री कार्यक्रम दिया गया था, उसमें यह मुद्दा शामिल था। सिद्धू भी इसे लेकर कैप्टन सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।

4. वादा – खनन माफिया खत्म कर पंजाब का खजाना भरेंगे
नतीजा : माफिया हावी, रद्दी की टोकरी में सिद्धू की रिपोर्ट
पंजाब कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र की शुरुआत में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार को माफ़िया राज पर कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की थी। इसके साथ ही वादा किया था कि रेत माफ़िया, केबल माफ़िया, शराब माफ़िया, ड्रग्स माफ़िया औऱ ट्रांसपोर्ट माफ़िया को कांग्रेस सरकार बनने पर तुरंत खत्म किया जाएगा। लेकिन साढ़े चार साल में सरकार कुछ नहीं कर पाई। नवजोत सिंह सिद्धू और उनका खेमा इस बात को पूरी ताकत से उठाता रहा है कि पंजाब सरकार के पास रेत के अवैध खनन को रोकने के लिए न तो कोई पॉलिसी है और न ही सरकार ऐसी कोई पॉलिसी बनाना चाहती है। कांग्रेस सरकार ने खनन का खूनी खेल खेलने वाले किसी बड़े माफिया को जेल में नहीं पहुंचाया। इसके विपरीत कांग्रेस सरकार के ही एक मंत्री को गैरक़ानूनी खनन में नाम आने के कारण इस्तीफा देना पड़ा। 2017 में कैप्टन की कैबिनेट में मंत्री बनते ही सिद्धू, तेलंगाना और तमिलनाडू का मॉडल समझने के लिए खुद वहां गए और उसके बाद अपनी रिपोर्ट भी सरकार को दी, मगर कैप्टन ने उसे रद्दी की टोकरी के हवाले कर दिया।

5. वादा – सरकारी कर्मचारियों का रखेंगे पूरा ख्याल
नतीजा : लाखों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत
कैप्टन ने सत्ता में आने के लिए ठेका भर्ती बंद करने, कर्मचारियों को रेगुलर करने, खाली पदों को भरने, बकाया भत्ते जारी करने के लिए महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने के वादे किए थे. इनमें से वादे पूरे नहीं हुए. पंजाब में इस समय अध्यापक, आशा वर्कर, एएनएम, ठेका कर्मचारी, रोडवेज कर्मचारी और डीसी कार्यालय के कर्मचारी अपनी-अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की संख्या एक लाख से अधिक है। खुद सिद्धू का विरोध भी यही था कि कैप्टन सरकार को कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए।

6. वादा -नौजवानों, छात्रों को देंगा स्मार्टफ़ोन
नतीजा : प्रियंका गांधी के वादे जैसा ही लॉलीपॉप
प्रियंका गांधी अब यूपी स्मार्टफ़ोन देने का लॉलीपॉप दे रही हैं। पंजाब में चुनाव के दौरान स्मार्टफ़ोन देने का वादा करते हुए कांग्रेस ने युवाओं से फॉर्म तक भरवाए। अब तक उनमें से किसी को भी फ़ोन नहीं मिला है. सरकार के ख़िलाफ़ की जा रही पोल खोल रैलियों में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, कैप्टन के स्मार्टफ़ोन पर चुटकुले सुना रहे हैं..

7. वादा – आटा दाल के साथ चीनी चाय पत्ती
नतीजा : अब लोगों को केवल गेहूं ही मिल पा रहा है
कांग्रेस ने अकाली-भाजपा सरकार की प्रतिष्ठित आटा दाल योजना के साथ चाय पत्ती और चीनी देने का वादा किया था। लेकिन अब लोगों को केवल गेहूं ही मिल पा रहा है. इस योजना में दाल, चीनी और चायपत्ती अब तक नहीं मिली। 

8. वादा – शराब माफिया पर पूरी तरह के नकेल कसेंगे
नतीजा : घर-घर में नकली और अवैध शराब की फैक्ट्रियां
कांग्रेस का वादा शराब माफिया पर पूरी तरह के नकेल कसने का था। लेकिन विपक्ष की छोड़िए कैप्टन सरकार के कई कैबिनेट मंत्री और नवजोत सिंह सिद्धू कहते रहे हैं कि प्रदेश में शराब माफिया हावी है। जगह-जगह अवैध शराब बिक रही है। घर-घर में नकली फैक्ट्रियां लगाकर शराब निकाली और बेची जा रही है। इससे पंजाब का खजाना बर्बाद हो रहा है। कांग्रेस हाईकमान को शराब माफिया के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सिंह को काम करने के लिए कहना पड़ा, लेकिन कुछ हुआ नहीं। पंजाब में केबल कारोबार भी पहले जैसा ही चल रहा है और शराब और ट्रांसपोर्ट के कारोबार में भी कहीं कोई अंतर नहीं दिख रहा।

9. वादा- बेघर दलितों को देंगे अपने घर की सौगात
नतीजा : राज्य में दलितों के खिलाफ अपराध बढ़े
कैप्टन सरकार ने पंजाब में दलितों के सशक्तिकरण के लिए बेघरों को मकान, 50 हज़ार रुपये तक कर्ज़ माफ़ करने जैसे वादे किए थे जो जमीन पर पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। दलितों के खिलाफ अपराधों में जरूर बढ़ोतरी हुई है।

10. वादा- कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की जान बचाएंगे
नतीजा : कर्ज के कारण किसानों की खुदकुशी अब भी जारी
कृषि प्रधान प्रदेश पंजाब का भूमिपुत्र बुरी तरह के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। कर्ज पर कर्ज बढ़ने से परेशान किसान खुदकुशी को मजबूर है। कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए वादा किया कि वह किसानों की जान बचाने के लिए सारे जतन करेंगे। साढ़े चार साल के बाद भी न तो किसानों की कर्जमाफी हो पाई और न ही उन्हें अन्य मुश्किलों से छुटकारा मिल पाया है। इसके कारण पंजाब में किसानों की खुदकुशी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

'मुसलमान अगर एकजुट होकर वोट करेंगे तो.....: नवजोत सिंह सिद्धू

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने यहां अप्रैल 16 को एक चुनावी सभा में मुस्लिम समुदाय को एकजुट होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मुसलमान अगर एकजुट होकर वोट करेंगे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सलट जाएगा। इस बार के चुनाव में ऐसा छक्का मारो को मोदी बाउंड्री के पार चला जाए।'
कटिहार संसदीय क्षेत्र के बारसोई प्रखंड में एक चुनावी जनसभा में सिद्धू ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी तारिक अनवर के समर्थन में हुई जनसभा में कहा, 'आप यहां अल्पसंख्यक होकर भी बहुसंख्यक हो। आप अगर एकजुटता दिखाएंगे तो आप के प्रत्याशी तारिक अनवर को कोई भी नहीं हरा सकता।'


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Bihar:N Sidhu says in Katihar 'Main aapko chetavni dene aya hun Muslim bhaiyon,ye baant rahe hain apko,ye yahan Owaisi jaise logon ko la ke,ek nai party khadi kar aap logon ka vote baant ke jitna chahte hain.Agar tum log ikathe hue,ekjut hoke vote dala to Modi sulat jaega'
सिद्धू ने कहा, 'आप यहां 64 प्रतिशत की आबादी हो। यहां के मुसलमान हमारी पगड़ी हैं। आप पंजाब भी काम करने जाते हो, अगर आपको कोई दिक्कत हो तो मुझे याद करना, मैं पंजाब का मंत्री हूं, वहां भी आपका साथ दूंगा।' सिद्धू ने प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यहां जात-पात की राजनीति हो रही है। बांटने की राजनीति हो रही।'
कभी बीजेपी के सांसद रहे सिद्धू ने लोगों को बीजेपी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा, 'बीजेपी के लोग यहां आकर आपके वोट को बांटने की कोशिश करेंगे। अगर आप इकट्ठे रहे तो कांग्रेस को कोई नहीं हरा सकता।'
चुनाव आयोग में भी मचा हडकंपन 
जिस तरह आतंकवाद को उसी की भाषा में भारत द्वारा एयर स्ट्राइक और बालाकोट करने पर पाकिस्तान और भारत में छद्दम धर्म-निरपेक्षों में हड़कंप मचा हुआ है, उसी भाँति मुस्लिम क्षेत्रों में जनसंघ वर्तमान भाजपा के विरुद्ध डर दिखाकर चुनाव जीते जाते थे, लेकिन कभी भाजपा ने पलटवार करने का प्रयास ही नहीं करने के कारण चुनाव आयोग भी नींद में रहता था, लेकिन अब भाजपा के पलटवार ने चुनाव आयोग को नींद से जगा दिया यानि पलटवार से चुनाव आयोग में भी हड़कंप मच गया। 
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राजनेता चाहे जिस तरह की राजनीति खेले, लेकिन जनता उनसे दस कदम आगे ही चलती है। आज नेता समाज जिस तरह तुष्टिकरण नीति अपन...


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लोकसभा चुनाव 2019 में आचार संहिता के उल्लंघन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर प्रचार करने पर रोक लगा...

Aap kisko jod rahe the itne saal jab aap BJP mein the? Party zaroor nai hai, lekin Seemanchal ka pichdapan purana hai. Hum isko door karenge inshallah. I've introduced a Bill for a Seemanchal Development Council for ALL of Seemanchal: Hindu, Muslim, Dalit, Sikh [1/3]
3:33 PM - Apr 16, 2019
अपने होश से लेकर आज 2019 चुनाव तक देखता रहा हूँ कि ये छद्दम धर्म-निरपेक्ष मुस्लिम क्षेत्रों में क्या-क्या बोलते रहे हैं, लेकिन शायद तत्कालीन भाजपा शीर्ष नेतृत्व पलटवार की इजाजत नहीं देता था, जिस कारण चुनाव आयोग कभी हरकत में नहीं आया। यह आरोप नहीं, कटु सत्य है। जिसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रहने वाला(हिन्दू अथवा मुस्लिम) झूठला नहीं सकता। यही कारण है कि भाजपा उम्मीदवार हिन्दू बहुल क्षेत्रों से जीत का परचम फहराता हुआ, जैसे ही मुस्लिम क्षेत्र में घुसता है, अपनी जमानत तक नहीं बचा पाता। वैसे गलती भाजपा उम्मीदवारों की भी है, कि अपनी हार को सुनिश्चित मान जीतने वाली पार्टी से समझौता कर भाजपा के विरुद्ध काम करते हैं।
इतना ही बंगाल में बांग्लादेश से लोगों को त्रिमूल कांग्रेस किस आधार पर बुला रही है?
1992 में अयोध्या काण्ड होने उपरान्त मुस्लिम क्षेत्रों में खुलेआम भाजपा के विरुद्ध जहर उगला जाता था। भाजपा द्वारा चुनाव आयोग तक को शिकायत करने का साहस नहीं था, इतना ही नहीं, भाजपा और संघ द्वारा पाले जा रहे अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में मालपुए और 56 भोगों का आनन्द लेने वाले भाजपा के विरुद्ध वोट करने के लिए कहते हैं, जिसका मण्डल स्तर से लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व तक को भी मालूम है। हालाँकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तब भी था, लेकिन उस समय किसी मीडिया में भाजपा का पक्ष रखने का साहस नहीं था। आतंकवादियों को बचाने के लिए "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से हिन्दू समाज को कलंकित किया जा रहा था, किसी खोजी पत्रकार ने वास्तविकता को जगजाहिर करने का साहस नहीं था। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही कार्यशैली के ही कारण मीडिया में वास्तविकता को उजागर करने की हिम्मत कर रहे हैं।      
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग को अपने जवाब में बिलकुल ठीक ही लिखा है कि "उन्होंने छद्दम धर्म-निरपेक्षता को उजागर किया था। उन्होंने कभी भी धर्म-जाति के नाम पर वोट नहीं माँगा था। विपक्ष जाति-धर्म के नाम पर वोट माँगता है। देश में हर नागरिक को धर्म और आस्था की स्वतन्त्रता है।" चुनाव आयोग अगर सतर्क रहते मायावती द्वारा मुस्लिम बहुल क्षेत्र में एकतरफा वोट करने की अपील करते ही तुरन्त कार्यवाही की होती कोई योगी यह नहीं कहता "यदि उनको अली पर भरोसा है तो हमें बजरंगबली पर भरोसा है..."  लेकिन किसी को लेशमात्र भी उम्मीद नहीं थी कि पलटवार भी हो सकता है।   

ये 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' गैंग के लोग हैं शबाना आजमी-जावेद अख्तर पर भड़कीं कंगना

kangana ranaut slams shabana azmi javed akhtar
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में फरवरी 14 की शाम को हुए हमले में जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले से पूरा देश गुस्से में है, देशभर में लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से लेकर सलमान खान तक इस हमले की निंदा कर चुके हैं। इसी बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ना केवल हमारे देश के सैनिकों पर हमला किया है बल्कि उन्होंने हमारे आत्म सम्मान को चोट पहुंचाई है और हमें खुली चुनौती दी है। हमें इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है नहीं तो हमारी चुप्पी को हमारी कायरता समझ लिया जाएगा। 
I am filled with pain and grief and all else ..by the dastardly attack . For the 1st time in all these years I feel weakened in my belief that people to people contact can force the Establishment to do the right thing.We will need to call halt to cultural exchange
But lets not lose sight of d fact dat there is a difference between d Pakistani Establishment n d people of Pakistan n vice versa. On both sides of d border stand sisters n brothers divided by circumstances with which they had nothing 2 do.
Read in continuity of previous tweets
कंगना ने कहा कि भारत आज लहूलुहान है आतंकी हमारे देश के बेटों को मार रहे हैं, यह हमारी आंत में खंजर की तरह है। इस समय जो अहिंसा और शांति की बात करता है उसके मुंह पर कालिख पोती जानी चाहिए, उसे गधे पर बैठा कर घुमाना चाहिए और तमाचे लगाने चाहिए। 
इस दौरान कंगना से जब शबाना आजमी और जावेद अख्तर के कराची नहीं जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, 'शबाना आजमी जैसे लोग सांस्कृतिक आदान प्रदान की बात कर रहे हैं, ये उन लोगों में से हैं जो भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग के समर्थक हैं। जब उरी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों को बैन कर दिया गया था तो उन्होंने कराची में कार्यक्रम क्यों आयोजित किया?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 15 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में विकास परियोजना का उद्घाटन किया. विकास परिय.....

उमर अब्दुल्ला के ट्वीट पर राष्ट्र जवाब मांगता है कि आतंकवादियों पर जब सुरक्षाकर्मी कोई कार्यवाही होने पर पत्थरबाज़ी क्या पाकिस्तानी आकर करते थे एवं करते हैं। वो पत्थरबाज क्या कश्मीरी नहीं है? राष्ट्रहित में आपका राष्ट्रधर्म था कि कहते "आतंकवादी को संरक्षण देने वाले भी अप्रत्यक्षरूप से आतंकवादी ही हैं, उन पर भी सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।" फिर कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से भगाने वाले भी कश्मीरी भी थे, क्या यह सच्चाई नहीं, बताइये। कश्मीरियों को बोलिए गैर-कश्मीरियों को गले लगाओ और विस्थापित कश्मीरी पंडितों को आदर और प्रेम से पुनः स्थापित करो। जिन लोगों ने आतंकवादियों को छुपा रखा है, उन्हें सुरक्षाकर्मियों के सुपुर्द करने के लिए कहने का साहस कर सकते हो?

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जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में फरवरी 14 की शाम हुए हमले में जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ .....

कंगना ने कहा- अब ये लोग खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं? फिल्म इंडस्ट्री ऐसे देशद्रोहियों से भरी हुई है जो दुश्मनों को बढ़ावा देते हैं। लेकिन इस समय पाकिस्तान पर बैन लगाने के बारे में नहीं बल्कि उसे खत्म करने के बारे में सोचना चाहिए। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद कंगना ने अपनी फिल्म मणिकर्णिका की सक्सेस पार्टी को रद्द कर दिया था।
Navjot Singh Sidhu to be sacked from Kapil Sharma Showकपिल शर्मा के शो से सिद्धू बाहर 
सोनी चैनल पर प्रसारित होने वाला द कप‍िल शर्मा एक बार फिर चर्चा में है और इस बार वजह हैं नवजोत सिंह सिद्धू। खबर आ रही है कि कॉमेड‍ियन कप‍िल शर्मा के शो से नवजोत सिंह सिद्धू को बाहर कर द‍िया गया है। 14 फरवरी को जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धू ने कहा था कि हमले के लिए पूरे देश को या किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा था कि पुलवामा हमला एक निंदनीय और कायरतापूर्ण कार्य है, इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। आतंकवाद का ना कोई मजहब होता है, ना कोई जात होती है, ना ही कोई पार्टी, ना देश, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। 
नवजोत सिंह सिद्धू के इस बयान के बाद यह मांग उठी थी कि उन्हें कपिल शर्मा के शो से बाहर किया जाए। ट्व‍िटर पर बायकॉट स‍िद्धू कैंपेन भी चल रहा है। कुछ वक्‍त पहले स‍िद्धू पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे और यहां आर्मी चीज कमर जावेद वाजवा से गले मिले थे। इसके बाद पाक सेना चीफ से गले मिलने पर सिद्धू पर लोगों ने नाराजगी जताई थी। Zoom TV से बातचीत में शो के एक सूत्र ने बताया कि चैनल ने प्रोडक्शन हाउस से कहा है कि शो से तुरंत सिद्धू को रिप्लेस किया जाए और यह अस्थायी नहीं होगा। वो चाहते हैं कि सिद्धू को पर्मानेंट बाहर किया जाए।
अर्चना पूरन स‍िंह ले सकती हैं जगह
सूत्रों की मानें तो शो में सिद्धू की जगह अर्चना पूरन सिंह को लाया जा सकता है। मालूम हो कि वो पहले भी कुछ एपिसोड शूट कर चुकी हैं। र्चना के साथ पहले जो एपिसोड शूट किए गए थे वो इस घटना के तहत नहीं किए गए थे लेकिन सिद्धू के इस बयान के बाद चैनल उन्हें शो से हटाने के बारे में विचार कर रहा है। उनसे कुछ चीजों पर बात फाइनल होनी बाकी है जिसके बाद उन्हें शो के लिए साइन किया जा सकता है। (एजेंसीज इनपुट)